खिलाड़ियों और उनके परिवारों के साथ एक अनौपचारिक, स्वाभाविक सत्र साझा किया
135 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं आप सभी के लिए देश का आशीर्वाद हैं: प्रधानमंत्री
खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण शिविर, उपकरण व अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्रदान किए गए हैं: प्रधानमंत्री
एथलीट इस बात को अनुभव कर रहे हैं कि कैसे देश, आज उनमें से प्रत्येक के लिए नयी सोच और नयी दृष्टि के साथ खड़ा है: प्रधानमंत्री
पहली बार इतनी बड़ी संख्या में और इतने खेलों के लिए खिलाड़ियों ने ओलंपिक में क्वालीफाई किया है: प्रधानमंत्री
ऐसे कई खेल हैं, जिनमें भारत ने पहली बार क्वालीफाई किया है: प्रधानमंत्री
देशवासियों पर ‘चीयर4इंडिया' की जिम्मेदारी है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से टोक्यो ओलंपिक जाने वाले भारतीय एथलीटों के दल के साथ बातचीत की। प्रधानमंत्री द्वारा किया गया संवाद, एथलीटों को खेलों में भाग लेने से पहले प्रेरित करने का एक प्रयास है। इस अवसर पर केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर, युवा कार्य और खेल मंत्री राज्य मंत्री श्री निसिथ प्रमाणिक तथा विधि मंत्री श्री किरेन रिजिजू भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने एक अनौपचारिक एवं अत्‍यंत सहज संवाद के दौरान इस अवसर पर उपस्थित समस्‍त एथलीटों को प्रेरित किया और उनके परिवारों के अमूल्‍य त्‍याग के लिए उनका धन्यवाद किया। प्रधानमंत्री ने दीपिका कुमारी (तीरंदाजी) से बात करते हुए उन्हें विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी अद्भुत यात्रा तीरंदाजी के जरिए आम तोड़ने से शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री ने एक खिलाड़ी के रूप में उनकी अब तक की यात्रा के बारे में उनसे जानकारी प्राप्‍त की। प्रधानमंत्री ने अत्‍यंत कठिन हालात के बावजूद अपने पूर्व निर्धारित पथ पर निरंतर अडिग रहने के लिए प्रवीण जाधव (तीरंदाजी) की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार से भी बातचीत की और उनके अथक प्रयासों की सराहना की। श्री मोदी ने उनके परिवार के साथ मराठी में बातचीत की।

प्रधानमंत्री ने नीरज चोपड़ा (जैवलिन थ्रो या भाला फेंक) से बात करते हुए भारतीय सेना में काम करने के उनके अनुभवों के साथ-साथ कुछ समय पहले लगी चोट से उबरने के बारे में भी उनसे जानकारी ली। श्री मोदी ने इस एथलीट से चिर-परिचित व्‍यापक अपेक्षाओं के बारे में कुछ भी सोचे बिना अपना सर्वश्रेष्ठ देने को कहा। श्री मोदी ने दुती चंद (स्प्रिंट) के साथ अपने संवाद की शुरुआत उनके नाम के अर्थ के साथ की जो कि दरअसल ‘चमक’ है। इसके साथ ही श्री मोदी ने उनके खेल कौशल के माध्यम से प्रकाश फैलाने के लिए उनकी सराहना की। प्रधानमंत्री ने उनसे निडर होकर आगे बढ़ने को कहा क्योंकि पूरा भारत एथलीटों के साथ है। प्रधानमंत्री ने आशीष कुमार (मुक्केबाजी) से पूछा कि उन्होंने आखिरकार बॉक्सिंग को ही क्यों चुना। प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि उन्होंने कोविड-19 और अपने प्रशिक्षण को निरंतर जारी रखने दोनों ही लड़ाई किस तरह से लड़ी। पिता का निधन हो जाने के बावजूद अपने लक्ष्य से न डगमगाने के लिए प्रधानमंत्री ने उनकी काफी प्रशंसा की। एथलीट ने इससे उबरने के दौरान अपने परिवार और दोस्तों से मिले व्‍यापक सहयोग को याद किया। श्री मोदी ने उस अवसर को स्‍मरण किया जब क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने इसी तरह की परिस्थितियों में अपने पिता को खो दिया था और फि‍र किस तरह से उन्होंने अपने विशिष्‍ट खेल के माध्यम से अपने पिता को श्रद्धांजलि दी थी।

प्रधानमंत्री ने इस बात को लेकर मैरी कॉम (मुक्केबाजी) की प्रशंसा की कि वे बहुत सारे एथलीटों की आदर्श हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि मैरी कॉम अपना खेल जारी रखने के साथ-साथ परिवार की देखभाल कैसे कर पाईं, खासकर इस महामारी के दौरान। प्रधानमंत्री ने उनसे उनके पसंदीदा पंच और पसंदीदा खिलाड़ी के बारे में भी पूछा और उन्हें शुभकामनाएं दीं। पीवी सिंधु (बैडमिंटन) से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने हैदराबाद के गाचीबोवली में उनकी प्रैक्टिस के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उनकी ट्रेनिंग में आहार के महत्व के बारे में भी पूछा। प्रधानमंत्री ने पीवी सिंधु के माता-पिता से पूछा कि वे उन माता-पिता को क्या सलाह और सुझाव देना चाहेंगे जो अपने बच्चों को खिलाड़ी बनाना चाहते हैं। ओलंपिक में सिंधु की सफलता की कामना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वे एथलीटों की वापसी पर उनका स्वागत करेंगे तो वे उनके साथ आइसक्रीम खाएंगे।

प्रधानमंत्री ने इलावेनिल वलारिवन (निशानेबाज़ी) से पूछा कि उन्हें खेल में दिलचस्पी क्यों है। एक व्यक्तिगत मामले में, श्री मोदी ने उस निशानेबाज़ से बातचीत की, जो अहमदाबाद में, गुजराती में पली-बढ़ी थी और उनके माता-पिता को तमिल में बधाई दी और उसके शुरुआती वर्षों को याद किया क्योंकि श्री मोदी उनके क्षेत्र मणिनगर से विधायक थे। उन्होंने पूछा कि वह अपनी पढ़ाई और खेल प्रशिक्षण दोनों में कैसे संतुलन बना पाती हैं।

प्रधानमंत्री ने सौरभ चौधरी (निशानेबाज़) से एकाग्रता और मानसिक संतुलन में सुधार लाने में योग की भूमिका के बारे में बातचीत की। प्रधानमंत्री ने अनुभवी खिलाड़ी अचंत शरत कमल (टेबल टेनिस) से पिछले और इस ओलंपिक के बीच अंतर के बारे में पूछा और इस अवसर पर महामारी के प्रभाव के बारे में बातचीत की। श्री मोदी ने कहा कि उनका विशाल अनुभव पूरे दल की मदद करेगा। एक अन्य टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा (टेबल टेनिस) के साथ, प्रधानमंत्री ने गरीब बच्चों को खेल में प्रशिक्षण देने के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने खेलते समय हाथ में तिरंगा पहनने की उनकी प्रथा के बारे में बातचीत की। उन्होंने पूछा कि क्या नृत्य के प्रति उनका जुनून उनके खेल में तनाव घटाने का काम करता है।

प्रधानमंत्री ने पूछा कि विनेश फोगाट (कुश्ती) अपनी पारिवारिक विरासत के कारण बढ़ी हुई उम्मीदों का सामना कैसे करती हैं। प्रधानमंत्री ने उनकी चुनौतियों का जिक्र करते हुए पूछा कि वह उनसे कैसे निपटती हैं। उन्होंने विनेश के पिता से भी बातचीत की और ऐसी शानदार बेटियों को संवारने के तरीकों के बारे में पूछा। उन्होंने साजन प्रकाश (तैराकी) से उनकी गंभीर चोट के बारे में पूछा और यह भी पूछा कि वे इससे कैसे ठीक हुए।

प्रधानमंत्री ने मनप्रीत सिंह (हॉकी) से बात करते हुए कहा कि उनके साथ बातचीत करने से उन्हें मेजर ध्यानचंद जैसे हॉकी के दिग्गजों का स्मरण हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मनप्रीत सिंह की टीम देश की विरासत को जिंदा रखेगी।

भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा के साथ प्रधानमंत्री ने टेनिस के खेल की बढ़ती लोकप्रियता के बारे में बात की और इस वरिष्ठ खिलाड़ी से उभरते खिलाड़ियों को सलाह देने और अपने अनुभव साझा करने के लिए कहा। उन्होंने टेनिस के खेल में डबल्स मुकाबलों में अपने साथी के साथ तारतम्यता और समीकरण के बारे में भी उत्सुकता से बात की। साथ ही प्रधानमंत्री ने पिछले 5-6 वर्षों के दौरान खेलों में उनके द्वारा देखे गए बदलावों के बारे में भी पूछा। सानिया मिर्जा ने कहा कि भारत में हाल के वर्षों में आत्मविश्वास देखा जा रहा है और यह खिलाड़ियों के प्रदर्शन में भी दिखाई देगा।

भारतीय खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि वह महामारी के चलते टोक्यो ओलंपिक्स में हिस्सा लेने जा रहे खिलाड़ियों की मेजबानी नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि महामारी ने खिलाड़ियों के अभ्यास के तरीके और यहां तक ​​कि ओलंपिक वर्ष को भी बदल दिया है। उन्होंने अपने मन की बात संबोधन को याद किया जब उन्होंने नागरिकों से ओलंपिक में अपने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने का आह्वान किया था। उन्होंने #Cheer4India की लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रहे सभी खिलाड़ियों के पीछे पूरा देश है और सभी देशवासियों का आशीर्वाद उनके साथ है। उन्होंने बताया कि लोग नमो ऐप में लॉग इन कर अपने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा कर सकते हैं। इस ऐप में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "135 करोड़ भारतीयों की ये शुभकामनाएं टोक्यो ओलंपिक्स में हिस्सा लेने से पहले आप सभी के लिए देश के आशीर्वाद का रूप हैं।"

प्रधानमंत्री ने सभी एथलीटों में सामान्य लक्षणों यानी साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सभी एथलीटों में अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प के समान गुण होते हैं। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों में प्रतिबद्धता और प्रतिस्पर्धा की भावनाओं का उल्लेख किया। नए भारत में भी यही सारे गुण पाए जाते हैं। सभी एथलीट नए भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे देश के भविष्य का प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि सभी एथलीट इस बात के गवाह हैं कि आज देश कैसे अपने प्रत्येक खिलाड़ी के साथ नई सोच और नए दृष्टिकोण के साथ खड़ा है। आज आपकी प्रेरणा देश के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एथलीटों को अपनी पूरी क्षमता के साथ खुलकर खेलने और उन्हें अपने खेल एवं तकनीक में सुधार करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को समर्थन देने के लिए हाल के वर्षों में किए गए विभिन्न बदलावों को भी रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण शिविर लगाने और उन्हें बेहतर उपकरण देने का प्रयास किया गया। आज खिलाड़ियों को ज्यादा इंटरनेशनल एक्सपोजर भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि खेल से जुड़ी संस्थाओं ने खिलाड़ियों के सुझावों को प्राथमिकता दी है, इसलिए इतने कम समय में काफी सारे बदलाव हुए हैं। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है। उन्होंने कहा कि 'फिट इंडिया' और 'खेलो इंडिया' जैसे अभियानों ने इसमें योगदान दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार भारतीय खिलाड़ी बहुत सारे खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे कई खेल हैं, जिनमें भारत ने पहली बार क्वालीफाई किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा भारत के आत्मविश्वास और ऊर्जा को देखकर, वे आशान्वित हैं कि वह दिन दूर नहीं, जब जीत ही नए भारत की आदत बन जाएगी। उन्होंने खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने की सलाह दी और देशवासियों को ''चीयर4इंडिया'' के लिए कहा।

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प्रधानमंत्री ने एकता, पारस्परिक सहयोग और सामूहिक संकल्प की शक्ति पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 03, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today shared a Sanskrit Subhashitam, observing that when citizens are bound by the threads of unity and mutual cooperation, the strength of the nation multiplies manifold. Shri Modi highlighted that it is through this collective resolve of the people of India that the country is continuously scaling new heights of progress.

The Prime Minister posted on X:

"जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प से आज देश उन्नति की नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च।
धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥"

Just as pieces of wood cannot fully display their energy when separated, but burn brightly and produce light and warmth when brought together, in the same way, the progress, prosperity, and strength of a state depend on the unity, mutual cooperation and collective determination of its people.