भारत अपनी दोस्ती, पूर्ण समर्थन और दृढ़ता से म्यांमार के साथ खड़ा रहेगा: प्रधानमंत्री
भारत का म्यांमार के साथ एक मजबूत विकास सहयोग की योजना है: प्रधानमंत्री
ऊर्जा क्षेत्र में हुआ समझौता इस क्षेत्र में भारत-म्यांमार के संबंधों को बढ़ावा देने की आधारशिला रखेगा: प्रधानमंत्री
घनिष्ठ एवं मैत्रीपूर्ण पड़ोसी के रूप में, भारत और म्यांमार के सुरक्षा हितों का बेहद करीबी रिश्ता है: नरेंद्र मोदी
भारत-म्यांमार के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक संबंध है: नरेंद्र मोदी

महामहिम स्‍टेट काउंसलर,

प्रतिनिधिमंडल के गणमान्‍य सदस्‍यो,

प्रेस के मित्रो,

महामहिम डाव आंग सान सू ची का भारत के उनके प्रथम राजकीय दौरे पर उनका स्‍वागत करते हुए वास्‍तव में मुझे काफी प्रसन्‍नता हो रही है। महामहिम, भारत के लोगों के लिए आप कोई अपरिचित नहीं हैं। भारत के नजारे, यहां की ध्‍वनियां और गूंज आपके लिए सुपरिचित है। महामहिम आपके दूसरे घर में आपका स्‍वागत है, आप एक प्रतिष्ठित नेता है।

आपके स्‍पष्‍ट दृष्टिकोण, परिपक्‍व नेतृत्‍व, संघर्ष और म्‍यांमा में लोकतंत्र की स्‍थापना करने में आपकी सफलता ने विश्‍वभर के लोगों को प्रेरित किया है। भारत में आपका स्‍वागत करना वास्‍तव में हमारे लिए सम्‍मान की बात है। कुछ दिन पहले गोवा में आयोजित बिम्‍सटेक और ब्रिक्‍स-बिम्‍सटेक सम्‍मेलन में आपकी भागीदारी के लिए भी हम आपके आभारी हैं।

महामहिम,

आपके सक्षम नेतृत्‍व में म्‍यांमा ने एक नई यात्रा शुरू की है। यह उम्‍मीद और उससे अधिक प्रतिज्ञा की यात्रा है। आपकी मजबूती और लोकप्रियता आपके देश को इन क्षेत्रों में विकास की ओर ले जा रही है ;

· कृषि, बुनियादी सुविधा और उद्योग ;

· शिक्षा की मजबूती और युवाओं के कौशल ;

· शासन की आधुनिक संस्‍थाओं का निर्माण ;

· दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ और अधिक मजबूती से जोड़ना है ; और

· अपने नागरिकों की सुरक्षा।

महामहिम, मैं आपको आश्‍वासन देता हूं कि जिस प्रकार आप म्‍यांमा को एक आधुनिक, सुरक्षित, आर्थिक रूप से समृद्ध और बेहतर संपर्कता वाला राष्‍ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, भारत और इसके मित्र पूरे समर्थन और दृढ़तापूर्वक आपके साथ खड़े होंगे।

मित्रो,

स्‍टेट काउंसलर और मैंने अभी तुरत हमारी साझेदारी के संपूर्ण पहलुओं पर व्‍यापक और सकारात्‍मक विचार-विमर्श पूरे किए हैं। भारत और म्‍यांमा के बीच विकास के क्षेत्र में काफी जोरदार सहयोग कार्यक्रम कायम है। कलादन और ट्रायलेटरल हाइवे जैसी वृहद् संपर्कता परियोजनाओं से लेकर मानव संसाधन विकास, स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं के लिए हम म्‍यांमा के साथ अपने संसाधन और अपनी विशेषज्ञता साझा करते हैं। भारत की ओर से लगभग 1.75 बिलियन अमरीकी डॉलर मूल्‍य की विकास सहायता लोगों के लिए दी जा रही है और यह सहायता म्‍यांमा सरकार और वहां की जनता की प्राथमिकताओं के अनुसार है। अपनी आज की बातचीत के दौरान हमने कृषि, बिजली, अक्षय ऊर्जा और सहित कई क्षेत्रों में समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति कायम की है। बीजों की गुणवत्‍ता बढ़ाने के क्रम में भारत म्‍यांमा के येजिन में किस्‍म विकास और बीज उत्‍पादन केंद्र विकसित करेगा। हम दलहनों के व्‍यापार के लिए परस्‍पर लाभदायक प्रणाली विकसित करने के लिए भी काम करेंगे। हमने मणिपुर के मोरेह से म्‍यांमा के टामू में बिजली आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश की है। हम म्‍यांमा सरकार द्वारा निर्धारित स्‍थल पर एक एलईडी बिजली परियोजना में साझेदारी भी करेंगे। बिजली क्षेत्र में अभी तुरत जिस समझौते पर हस्‍ताक्षर किए गए है, उससे इस महत्‍वपूर्ण क्षेत्र में हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कार्यक्रम तैयार होने में मदद मिलेगी।

मित्रो,

निकट और मित्रवत पड़ोसियों के रूप में भारत और म्‍यांमा के सुरक्षा संबंधी हित आपस में अत्‍यधिक जुड़े हुए हैं। हमने इस बात पर भी सहमति कायम की है कि दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और एक-दूसरे के रण‍नीतिक हितों की संवेदनशीलता को ध्‍यान में रखते हुए निकट सहयोग कायम हो। हमारे समाजों के बीच सदियों पुराने सांस्‍कृतिक संबंध कामय हैं। म्‍यांमा में हाल के भूकंप में क्षतिग्रस्‍त पगोडे के पुनर्निर्माण के लिए हमने सहायता की पेशकश की है। भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण जल्‍द ही दो पुराने मंदिरों तथा बोधगया में किंग मिंडन और किंग बाइगिडॉ के शिलालेखों को पुनर्स्‍थापित करने के लिए काम शुरू करेगा।

महामहिम,

मैं एक बार फिर म्‍यांमा को शांति, राष्‍ट्रीय सामंजस्‍य और आर्थिक तथा सामाजिक विकास की दिशा में आगे ले जाने के प्रति आपके नेतृत्‍व और आपकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं। एक विश्‍वसनीय साझेदार और मित्र के रूप में भारत आपके साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर खड़ा है। मैं आपकी और म्‍यांमा की जनता की सभी सफलताओं की कामना करता हूं।

धन्‍यवाद। बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा के लिए सीसीएस की बैठक की अध्यक्षता की
April 01, 2026
कृषि, उर्वरक, शिपिंग, विमानन, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई
जरूरी सामानों की आपूर्ति में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में कटौती और बिजली क्षेत्र के उपायों की समीक्षा की गई
आवश्यक सामानों की कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करने और जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं
कीमतों और आवश्यक वस्तु अधिनियम के पालन पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार निगरानी और बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं
उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यूरिया का उत्पादन बनाए रखना और डीएपी/एनपीकेएस के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना जैसे कई प्रयास किए जा रहे हैं
प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिए आवश्यक सामानों की उपलब्धता का जायजा लिया
प्रधानमंत्री ने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी मौसमों में इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए
प्रधानमंत्री ने गलत सूचना और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए, जनता तक सही जानकारी समय पर और सुचारू रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया
कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जो आने वाले महीनों में बिजली की जरूरतों को पूरा करेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और साथ ही, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा हुई। इस मुद्दे पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी।

कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी/एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। एलपीजी की खरीद के लिए स्रोतों में विविधता लाई जा रही है, जिसके तहत विभिन्न देशों से नई आपूर्ति शुरू की गई है। इसी तरह, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी अलग-अलग देशों से प्राप्त की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं, और एलपीजी की जमाखोरी तथा कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए 'एंटी-डायवर्जन' (गलत इस्तेमाल रोकने संबंधी) प्रवर्तन अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं।

पाइप द्वारा प्राकृतिक गैस के कनेक्शनों का विस्तार करने के लिए भी पहल की गई है। भारी गर्मियों के महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, 7-8 जीडब्ल्यू क्षमता वाले गैस-आधारित बिजली संयंत्रों को गैस पूलिंग तंत्र से छूट देने और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयला पहुंचाने के लिए रेक की संख्या बढ़ाने जैसे उपाय भी किए गए हैं।

इसके अलावा, कृषि, नागर विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई।

उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, जरूरतों को पूरा करने हेतु यूरिया का उत्पादन बनाए रखने और डीएपी/एनपीकेएस आपूर्तिकर्ताओं के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय करने जैसे विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे दैनिक निगरानी, ​​छापेमारी और कड़ी कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाएं।

पिछले एक महीने से खाद्य पदार्थों की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। कीमतों की लगातार निगरानी करने और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बातचीत करने, तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू करने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों की कीमतों की भी निगरानी की जा रही है।

ऊर्जा, उर्वरकों और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए हमारे स्रोतों में वैश्विक स्तर पर विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं; साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहलें और निरंतर कूटनीतिक प्रयास भी किए जा रहे हैं।

संकट में बढ़ोतरी के बीच प्रभावी जानकारी के प्रसार और जन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तरों पर बेहतर समन्वय, रीयल-टाइम संचार और सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिए आवश्यक सामानों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ और रबी मौसमों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत जानकारी और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी के सुचारू प्रवाह पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करें।