प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉब जेटन के साथ आज ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी डच कंपनियों के प्रमुख मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ चर्चा की। व्यापारिक नेताओं ने तीन समूहों — सेमीकंडक्टर, प्रौद्योगिकी और नवाचार; अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स और समुद्री क्षेत्र; तथा सततता, ऊर्जा और कृषि — पर प्रस्तुतियाँ दीं और भारत के लिए अपनी रणनीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

बैठक से पहले, एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच एक समझौते पर दोनों नेताओं की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने गुजरात के धोलेरा में भारत की पहली फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब (एफएबी) के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल द्वारा साझेदारी किए जाने के निर्णय का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार-से-व्यापार संबंधों के गहरे होने का स्वागत किया और भारत की आर्थिक गतिशीलता में डच कंपनियों की बढ़ती रुचि की सराहना की। हाल के सुधारों और पहलों का उल्लेख करते हुए, उन्होंने व्यापार सुगमता में सुधार तथा एक स्थिर, दक्ष और पूर्वानुमेय नीतिगत वातावरण स्थापित करने के प्रयासों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों को भारत में विशेष रूप से समुद्री, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में अवसर तलाशने हेतु प्रोत्साहित किया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के शीघ्र कार्यान्वयन का आह्वान किया। यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ को खुले बाज़ारों, समावेशी विकास और सुदृढ़ आपूर्ति शृंखलाओं के प्रति वचनबद्ध विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदारों के रूप में और सशक्त बनाता है।

​उद्योग जगत के नेताओं ने भारत सरकार के सुधार एजेंडा की सराहना की और भारत के लिए अपनी भावी योजनाओं को साझा किया। उन्होंने भारत में अपनी उपस्थिति को और सुदृढ़ करने के अवसर तलाशने में रुचि व्यक्त की। बैठक में निम्नलिखित मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भाग लिया:


1. एपीएम टर्मिनल्स
श्री कीथ स्वेन्डसन – मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति शृंखला अवसंरचना
2. एएसएमएल
श्री क्रिस्टोफ फाउके — अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी

क्षेत्र: सेमीकंडक्टर
3. डामेन शिपयार्ड्स ग्रुप
श्री अर्नाउट डामेन — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: जहाज़ निर्माण
4. हाइनेकेन
श्री डोल्फ वान डेन ब्रिंक — कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: ब्रूइंग उद्योग
5. केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस
सुश्री मारयॉन रिन्टेल — अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: विमानन
6. एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स

श्री मॉरिस गेराट्स — मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स नीदरलैंड्स

क्षेत्र: सेमीकंडक्टर
7. फिलिप्स
श्री रॉय याकोब्स — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: स्वास्थ्य सेवा


8. पोर्ट ऑफ रॉटरडैम
श्री बाउडवेन सीमोंस — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: लॉजिस्टिक्स / बंदरगाह प्रबंधन

9. पावर2एक्स

श्री ओक्को रोलोफ्सेन— मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: क्‍लीन एनर्जी और एनर्जी ट्रांज़ीशन

10. प्रोसस
श्री फाब्रिसियो ब्लोइज़ी — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: उपभोक्ता इंटरनेट और प्रौद्योगिकी निवेश क्षेत्र

11. रैंडस्टैड

श्री सान्दर वान ’ट नोर्डेन्डे— मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: मानव संसाधन (एचआर) सेवाएँ

12. राइक ज़्वान ज़ाडटील्ट एन ज़ाडहांडेल
श्री मार्टेन एगिंक — प्रबंध निदेशक
क्षेत्र: कृषि व्यवसाय

13. रॉयल एचज़ेडपीसी ग्रुप
श्री हांस हाउस्त्रा — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: कृषि व्यवसाय एवं बीज क्षेत्र

14. रॉयल आईएचसी
श्री डर्क ते बोक्कल — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: जहाज़ निर्माण

15. रॉयल वोपाक
श्री डिक रिशेल — कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स

16. वान ओर्ड
श्री गोवर्ट वान ओर्ड — मुख्य कार्यकारी अधिकारी
क्षेत्र: अवसंरचना

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मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एनएच-34 के कानपुर-कबराई खंड के 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड के निर्माण को बीओटी (टोल) मोड पर 7145.14 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से मंजूरी दी
July 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग (ओ) कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे के एक महत्वपूर्ण खंड के रूप में 117.7 किलोमीटर लंबे कानपुर-कबराई एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह चार लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड गलियारा है जिसमें भविष्य में छह लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था भी है। 7145.14 करोड़ रुपये की अनुमानित कुल पूंजी लागत वाली इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बीओटी (टोल) मोड पर कार्यान्वित किया जाएगा, साथ ही एनएच-34 के मौजूदा कानपुर-कबराई खंड का संचालन और रखरखाव भी किया जाएगा।

यह परियोजना कानपुर और कबराई के बीच निर्बाध, उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, साथ ही सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों तक आगे की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को मध्य प्रदेश के खनिज-समृद्ध, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक आधुनिक पहुंच नियंत्रित आर्थिक गलियारा बनेगा और इस प्रकार इसमें सुधार होगा।

80-100 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया यह कॉरिडोर कानपुर और कबराई के बीच यात्रा समय को 3.5 घंटे से घटाकर 1.5 घंटे (58 प्रतिशत) कर देगा, साथ ही सड़क सुरक्षा में सुधार करेगा, वाहन परिचालन लागत को कम करेगा और यात्री एवं माल यातायात की कुशल आवाजाही को सुगम बनाएगा। यह परियोजना एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और राज्य राजमार्ग एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 के साथ रणनीतिक संपर्क भी प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण मजबूत होगा। यह कॉरिडोर कबराई खनन क्षेत्र से संपर्क को और मजबूत करेगा, खनिजों, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की आवाजाही में सुधार करेगा, जिससे रसद दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप, यह परियोजना 16 आर्थिक नोड से कनेक्टिविटी में सुधार करेगी, जिनमें उन्नाव, बंथर, पंखी, रनिया, जैनपुर, रूमा, चकेरी, सुमेरपुर और भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांस गंगा इंटीग्रेटेड टाउनशिप, ग्रोथ सेंटर जयपुर, कानपुर नगर नोड और बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं। यह 9 सोशल नोड, अर्थात् फतेहपुर, महोबा, कानपुर जूलॉजिकल पार्क, बुद्ध पार्क, जेके मंदिर और जेके मंदिर से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। गार्डन, राधा कृष्ण मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, गोपेश्वर मंदिर और महोबा पर्यटक स्थल, और 10 लॉजिस्टिक नोड, जिनमें कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर, महोबा, कबरई, भरवा सुमेरपुर और बांदा रेलवे स्टेशन, साथ में कानपुर, चकेरी और खजुराहो हवाई अड्डे शामिल हैं।

कुल मिलाकर, पीएम गतिशक्ति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए, बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में रसद प्रतिस्पर्धात्मकता, औद्योगिक विकास और आर्थिक विकास में सुधार करना इसका लक्ष्‍य है।

इस परियोजना से निर्माण के दौरान प्रति लेन प्रति किलोमीटर लगभग 11,188 प्रत्यक्ष और 13,985 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2028 तक इसकी वार्षिक औसत दैनिक यातायात (एएडीटी) लगभग 18,069 यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) तक पहुंचने का अनुमान है, जो इसके दीर्घकालिक आर्थिक, रसद और परिवहन महत्व को दर्शाता है। इस प्रकार प्रस्तावित परियोजना से लगभग 1.2 करोड़ मानव-दिवस प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

कॉरिडोर का नक्शा: