मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म दादा सोमनाथ की धरती गुजरात में हुआ, बाबा विश्वनाथ की धरती काशी की सेवा का अवसर मिला, आज श्रीशैलम का आशीर्वाद मिल रहा है: प्रधानमंत्री
मुझे श्री शिवाजी स्पूर्ति केंद्र जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिला, मैं छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन करता हूं: प्रधानमंत्री
आंध्र प्रदेश 'स्वाभिमान' और 'संस्कृति' की धरती है, साथ ही यह विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है: प्रधानमंत्री
आज, क्लीन एनर्जी से लेकर देश के कुल ऊर्जा उत्पादन तक, भारत हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बना रहा है: प्रधानमंत्री
आज देश में मल्टी-मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है और हम कनेक्टिविटी पर जोर दे रहे हैं: पीएम
आज दुनिया भारत और आंध्र प्रदेश दोनों की स्पीड और स्कोप को देख रही है; गूगल आंध्र प्रदेश में भारत का पहला एआई हब स्थापित करने जा रही है: पीएम
आज, दुनिया भारत को 21वीं सदी के नए विनिर्माण केंद्र के रूप में देख रही है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार का विजन है - नागरिक केंद्रित विकास, हम लगातार नए सुधारों के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश के कुरनूल में लगभग 13,430 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने अहोबिलम के भगवान नरसिंह स्वामी और महानंदी के श्री महानंदीश्वर स्वामी की वंदना की। उन्होंने मंत्रालयम के गुरु श्री राघवेंद्र स्वामी से सभी की भलाई के लिए आशीर्वाद भी मांगा।

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम - "सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैल मल्लिकार्जुनम्" का एक श्लोक का जाप करते हुए, श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बारह ज्योतिर्लिंगों में, भगवान सोमनाथ और भगवान मल्लिकार्जुन का नाम आरंभ में एक साथ आता है। श्री मोदी ने कहा, "यह मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म दादा सोमनाथ की पावन धरती गुजरात में हुआ, बाबा विश्वनाथ की धरती काशी की सेवा का अवसर मिला और अब श्रीशैलम का आशीर्वाद मिल रहा है।" श्रीशैलम की अपनी यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री ने शिवाजी स्पूर्ति केंद्र में श्रद्धांजलि अर्पित की और मंच से छत्रपति महाराज को नमन किया। उन्होंने अल्लामा प्रभु और अक्कमहादेवी जैसे श्रद्धेय शैव संतों को नमन किया। उन्होंने श्री उय्यालवाड़ा नरसिम्हा रेड्डी गारू और श्री हरि सर्वोत्तम राव सहित महान स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री ने राज्य की असीम क्षमता और इसके युवाओं की असीम क्षमताओं पर जोर देते हुए कहा, "आंध्र प्रदेश स्वाभिमान और समृद्ध संस्कृति की धरती होने के साथ-साथ विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है।" उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को सही दृष्टि और नेतृत्व की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज, श्री चंद्रबाबू नायडू गारु और श्री पवन कल्याण गारु जैसे नेताओं के साथ, आंध्र प्रदेश के पास केंद्र सरकार के पूर्ण समर्थन के साथ-साथ दूरदर्शी नेतृत्व भी है।

पिछले सोलह महीनों में आंध्र प्रदेश में हुए तेज विकास पर प्रकाश डालते हुए, केंद्र और राज्य सरकारों के तहत अभूतपूर्व प्रगति के बारे में बताते हुए, श्री मोदी ने कहा कि दिल्ली और अमरावती मिलकर विकास को गति देने के लिए काम कर रहे हैं। श्री मोदी ने दोहराते हुए कहा कि 2047 तक भारत निश्चित रूप से एक विकसित राष्ट्र होगा और 21वीं सदी भारत और उसके 140 करोड़ नागरिकों की है। उन्होंने सड़क, बिजली, रेलवे, राजमार्ग और व्यापार से संबंधित कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास की घोषणा की। ये पहल पूरे राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देंगी और नागरिकों के जीवन को आसान बनाएंगी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं से कुरनूल और आसपास के क्षेत्रों को बहुत लाभ होगा। इसके लिए उन्होंने राज्य के लोगों को बधाई दी।

किसी भी राष्ट्र या राज्य के विकास के लिए ऊर्जा सुरक्षा को आवश्यक बताते हुए, प्रधानमंत्री ने बिजली क्षेत्र में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत वाली एक ट्रांसमिशन परियोजना के शुभारंभ की घोषणा की, जो देश की ऊर्जा क्षमता को और बढ़ाएगी। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे तेज विकास के बीच अतीत की स्थितियों को न भूलें। श्री मोदी ने कहा कि ग्यारह साल पहले, विपक्ष के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तहत, प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 1,000 यूनिट से भी कम थी और देश को ब्लैकआउट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। हजारों गांवों में बिजली के खंभे भी नहीं थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज, स्वच्छ ऊर्जा से लेकर कुल ऊर्जा उत्पादन तक, भारत सभी क्षेत्रों में नए रिकॉर्ड बना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर गांव तक बिजली पहुंच गई है, प्रति व्यक्ति खपत बढ़कर 1,400 यूनिट हो गई है। उद्योगों और घरों, दोनों को पर्याप्त बिजली मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आंध्र प्रदेश भारत की ऊर्जा क्रांति का एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने श्रीकाकुलम से अंगुल तक प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना के शुभारंभ की घोषणा की, जिससे लगभग पंद्रह लाख घरों को गैस की आपूर्ति होगी। उन्होंने चित्तूर में एक एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का भी उद्घाटन किया, जिसकी प्रतिदिन बीस हजार सिलेंडर भरने की क्षमता होगी। इस सुविधा से स्थानीय परिवहन और भंडारण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "देश भर में मल्टी-मॉडल इन्फ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो रहा है और हम गांवों से शहरों और शहरों से बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी पर जोर दे रहे हैं।" उन्होंने घोषणा करते हुए यह भी कहा कि सब्बावरम और शीलानगर के बीच नवनिर्मित राजमार्ग कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नई रेल लाइनों के शुभारंभ और रेल फ्लाईओवर के निर्माण के साथ एक नए युग की शुरुआत हुई है, जिससे यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और क्षेत्र में उद्योगों को नई गति मिलेगी।

इस बात की ओर ध्यान दिलाते हुए कि राष्ट्र 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है, और इस संकल्प को स्वर्ण आंध्र के दृष्टिकोण से ऊर्जा मिल रही है, प्रधानमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश और इसके युवा हमेशा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं और केंद्र तथा राज्य में उनकी सरकारों के तहत इस क्षमता का और अधिक दोहन तथा विस्तार किया जा रहा है।

श्री मोदी ने कहा, "आज भारत की और आंध्र प्रदेश की में प्रगति की गति और संभावना को पूरी दुनिया देख रही है।" उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि दो दिन पहले ही गूगल ने आंध्र प्रदेश में एक बड़े निवेश की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि गूगल राज्य में भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब बनाने जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नए एआई हब में शक्तिशाली एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर क्षमता, बड़े पैमाने पर ऊर्जा स्रोत और एक विस्तारित फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क होगा।

प्रधानमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि गूगल के एआई हब निवेश में एक नए इंटरनेशनल सबसी गेटवे का विकास शामिल होगा। उन्होंने कहा कि इस गेटवे में भारत के पूर्वी तट विशाखापत्तनम तक पहुंचने वाले कई अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विशाखापत्तनम को एआई और वैश्विक कनेक्टिविटी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी, जो न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व की सेवा करेगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए आंध्र प्रदेश के लोगों को विशेष बधाई दी।

इस बात पर जोर देते हुए कि भारत की प्रगति के लिए आंध्र प्रदेश का विकास आवश्यक है और आंध्र की उन्नति के लिए रायलसीमा का विकास महत्वपूर्ण है, श्री मोदी ने कहा कि आज कुरनूल की धरती पर शुरू की गई परियोजनाएं रायलसीमा के प्रत्येक जिले में रोजगार और समृद्धि के नए द्वार खोलेंगी तथा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के विकास को गति देने के लिए नए औद्योगिक गलियारों और केंद्रों की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ओर्वाकल और कोप्पर्थी को राज्य की नई औद्योगिक पहचान के रूप में विकसित कर रही है। इन क्षेत्रों में बढ़ते निवेश से लगातार रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "आज, दुनिया भारत को 21वीं सदी के नए विनिर्माण केंद्र के रूप में देख रही है, और आत्मनिर्भर भारत का विजन इस सफलता का आधार है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंध्र प्रदेश आत्मनिर्भर भारत की सफलता में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने आंध्र प्रदेश की क्षमताओं की उपेक्षा की, जिससे पूरे देश को झटका लगा। एक ऐसा राज्य जो राष्ट्रीय प्रगति को गति दे सकता था, उसे अपने विकास के लिए संघर्ष करने के लिए छोड़ दिया गया। प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि उनकी सरकार के तहत, विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से वृद्धि के साथ, आंध्र प्रदेश की प्रगति की दिशा बदल रही है। उन्होंने निम्मलुरु में एक उन्नत नाइट विजन फ़ैक्टरी शुरू करने की घोषणा की, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा नाइट विजन उपकरण, मिसाइल सेंसर और ड्रोन गार्ड सिस्टम के उत्पादन में भारत की क्षमता को बढ़ाएगी और देश के रक्षा निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी दुनिया ने स्वदेशी हथियार प्रणालियों की सफलता देखी है।

आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा कुरनूल को भारत के ड्रोन हब के रूप में विकसित करने के संकल्प पर संतोष व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रोन उद्योग के माध्यम से, कुरनूल और पूरे आंध्र प्रदेश में भविष्य की तकनीकों से जुड़े कई नए क्षेत्र उभरेंगे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन की सफलता का हवाला दिया और कहा कि आने वाले वर्षों में कुरनूल ड्रोन क्षेत्र में एक राष्ट्रीय ताकत बन जाएगा। श्री मोदी ने नागरिक-केंद्रित विकास के सरकार के दृष्टिकोण को दोहराया और नागरिकों के जीवन को सरल बनाने के उद्देश्य से चल रहे सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 12 लाख रुपये तक की आय अब पूरी तरह से कर-मुक्त है और सस्ती दवाएं, कम लागत वाली स्वास्थ्य सेवा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान कार्ड जैसी पहलों ने जीवन को आसान बनाने में एक नया अध्याय जोड़ा है।

प्रधानमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से ही जीएसटी में महत्वपूर्ण कटौती लागू कर दी गई है। उन्होंने नारा लोकेश गारु के नेतृत्व में जीएसटी बचत उत्सव के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और "सुपर जीएसटी - सुपर बचत" अभियान के सफल क्रियान्वयन की सराहना की। उन्होंने बताया कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों से आंध्र प्रदेश के लोगों को 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने की उम्मीद है, जिससे उत्सव का उत्साह और बढ़ेगा। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि जीएसटी बचत उत्सव को 'वोकल फॉर लोकल' संकल्प के अनुरूप मनाया जाए। उन्होंने यह कहते हुए समापन किया कि एक विकसित आंध्र प्रदेश के माध्यम से ही एक विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने एक बार फिर राज्य के लोगों को नई परियोजनाओं के लिए बधाई दी।

इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल श्री सैयद अब्दुल नजीर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री श्री राममोहन नायडू किंजरपु, डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी, श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लगभग 13,430 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। ये परियोजनाएं उद्योग, विद्युत ट्रांसमिशन, सड़क, रेलवे, रक्षा विनिर्माण, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सहित प्रमुख क्षेत्रों में फैली हुई हैं, जो क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने, औद्योगीकरण को गति देने और राज्य में समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

प्रधानमंत्री ने 2,880 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कुरनूल-III पूलिंग स्टेशन पर ट्रांसमिशन सिस्टम सुदृढ़ीकरण परियोजना की आधारशिला रखी। इस परियोजना में 765 किलोवाट की डबल-सर्किट कुरनूल-III पूलिंग स्टेशन-चिलकलुरिपेटा ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल है, जिससे परिवर्तन क्षमता में 6,000 एमवीए की वृद्धि होगी और देश के विकास को गति देने के लिए अक्षय ऊर्जा बड़े पैमाने पर संभव होगा।

प्रधानमंत्री ने कुरनूल में ओर्वाकल औद्योगिक क्षेत्र और कडप्पा में कोप्पार्थी औद्योगिक क्षेत्र की आधारशिला भी रखी, जिनका कुल निवेश 4,920 करोड़ रुपये से अधिक होगा। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) और आंध्र प्रदेश औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर निगम लिमिटेड (एपीआईआईसी) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित, ये आधुनिक, बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्र प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और वॉक-टू-वर्क अवधारणा पर आधारित हैं। इनसे 21,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने और लगभग एक लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जिससे आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।

सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए, प्रधानमंत्री ने 960 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले सब्बावरम से शीलानगर तक छह लेन वाले ग्रीनफील्ड राजमार्ग की आधारशिला रखी, जिसका उद्देश्य विशाखापत्तनम में भीड़भाड़ कम करना और व्यापार और रोजगार को सुविधाजनक बनाना है। इसके अलावा, लगभग 1,140 करोड़ रुपये की छह सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें पिलेरू-कलूर खंड को चार लेन का बनाना, कडप्पा/नेल्लोर सीमा से सीएस पुरम तक चौड़ीकरण, एनएच-165 पर गुडीवाड़ा और नुजेला रेलवे स्टेशनों के बीच चार लेन का रेल ओवर ब्रिज (आरओबी), एनएच-716 पर पापाग्नि नदी पर प्रमुख पुल, एनएच-565 पर कनिगिरी बाईपास और एनएच-544डीडी पर एन. गुंडलापल्ली टाउन में बाईपास किए गए खंड का सुधार शामिल है।

प्रधानमंत्री ने 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई प्रमुख रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में कोट्टावलसा-विजयनगरम चौथी रेलवे लाइन और पेंडुर्ती व सिम्हाचलम उत्तर के बीच रेल फ्लाईओवर का शिलान्यास, और कोट्टावलसा-बोड्डावारा खंड तथा शिमिलिगुड़ा-गोरपुर खंड के दोहरीकरण के कार्य का लोकार्पण करना शामिल है। ये परियोजनाएं भीड़भाड़ कम करेंगी, तेज और सुरक्षित यात्राएं सुनिश्चित करेंगी, यात्रियों और माल की निर्बाध आवाजाही को आसान बनाएंगी और पूरे क्षेत्र में औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन विकास को बढ़ावा देंगी, साथ ही स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगी।

ऊर्जा क्षेत्र में, प्रधानमंत्री ने गेल इंडिया लिमिटेड की श्रीकाकुलम-अंगुल प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का लोकार्पण किया, जिसका निर्माण लगभग 1,730 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है और यह आंध्र प्रदेश में लगभग 124 किलोमीटर और ओडिशा में 298 किलोमीटर लंबी है। उन्होंने आंध्र प्रदेश के चित्तूर में लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित इंडियन ऑयल के 60 टीएमटीपीए (हज़ार मीट्रिक टन प्रति वर्ष) एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र का भी उद्घाटन किया। यह संयंत्र आंध्र प्रदेश के चार जिलों, तमिलनाडु के दो जिलों और कर्नाटक के एक जिले में 80 वितरकों के माध्यम से 7.2 लाख से भी अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान करेगा। यह क्षेत्र के घरों और व्यवसायों के लिए विश्वसनीय एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

रक्षा विनिर्माण को मजबूत करने के लिए, प्रधानमंत्री ने कृष्णा जिले के निम्मलुरु में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा लगभग 360 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित एडवांस्ड नाइट विजन प्रोडक्ट्स फैक्टरी का लोकार्पण किया। यह फैक्टरी भारतीय रक्षा बलों के लिए उन्नत इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम बनाएगी, जिससे रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और क्षेत्र में कुशल रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

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UK Foreign Secretary meets Prime Minister
June 04, 2026

UK Foreign Secretary Yvette Cooper today met Prime Minister Shri Narendra Modi.

The Prime Minister expressed his pleasure upon the meeting and appreciated the deepening of the India-UK partnership in recent times which has unlocked unprecedented growth opportunities for both countries.

The Prime Minister affirmed that the India-UK Vision 2035 will continue to guide the partnership and strengthen joint efforts for the global good.

The Prime Minister posted on X:

"Pleased to meet UK Foreign Secretary Yvette Cooper. Appreciated the deepening of the India-UK partnership in recent times that has unlocked unprecedented growth opportunities for both our countries.

India-UK Vision 2035 will continue to guide our partnership and strengthen our joint efforts for global good.@YvetteCooperMP"