860 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
"राजकोट की पहचान, सौराष्ट्र के विकास इंजन के रूप में होती है"
"मैं राजकोट का ऋण चुकाने की हमेशा कोशिश करता हूं"
"हम 'सुशासन' की गारंटी लेकर आए थे और इसे पूरा कर रहे हैं"
"नव-मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग, दोनों ही सरकार की प्राथमिकता हैं"
"हवाई सेवाओं के विस्तार ने भारत के विमानन क्षेत्र को नई ऊँचाइयाँ दी हैं"
"जीवन यापन को आसान बनाना तथा जीवन की गुणवत्ता, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएँ हैं"
"आज रेरा कानून लाखों लोगों को उनके पैसे लूटे जाने से बचा रहा है"
आज हमारे पड़ोसी देशों में महंगाई 25-30 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है; लेकिन भारत में स्थिति ऐसी नहीं है”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के राजकोट में राजकोट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और 860 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। परियोजनाओं में सौनी योजना लिंक 3 पैकेज 8 और 9, द्वारका ग्रामीण जल आपूर्ति और स्वच्छता (आरडब्ल्यूएसएस) का उन्नयन; ऊपरकोट किले का संरक्षण, पुनर्स्थापन कार्य और विकास, चरण I और II; जल शोधन संयंत्र, सीवेज शोधन संयंत्र और फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण आदि शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किए गए नए राजकोट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का निरीक्षण किय

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन न केवल राजकोट, बल्कि पूरे सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने क्षेत्र में आये चक्रवात और हाल के दिनों में आयी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार और लोगों ने साथ मिलकर संकट का सामना किया है और आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार की सहायता से प्रभावित लोगों का पुनर्वास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग दे रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब राजकोट की पहचान सौराष्ट्र के विकास इंजन के रूप में होती है। उन्होंने कहा कि अपने उद्योग, संस्कृति और खान-पान के बावजूद, राजकोट में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की जरूरत महसूस की गई थी, जो आज पूरी हो गई है। प्रधानमंत्री ने याद किया कि राजकोट ने उन्हें पहली बार विधायक के रूप में चुना था और कहा कि शहर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने कहा, "राजकोट का ऋण हमेशा बना रहता है और मैं हमेशा इसे कम करने की कोशिश करता हूं।"

प्रधानमंत्री ने आज उद्घाटन किए गए हवाईअड्डे का जिक्र करते हुए कहा कि इस हवाई अड्डे से यात्रा में आसानी होने के अलावा, क्षेत्र के उद्योगों को भी काफी लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजकोट ने 'मिनी जापान' के उस सपने को साकार किया है, जो उन्होंने नए मुख्यमंत्री के रूप में देखा था। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के रूप में राजकोट को एक शक्ति-भण्डार मिला है, जो इसे नई ऊर्जा और उड़ान देगा।

सौनी योजना, जिसके तहत आज विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति होगी। प्रधानमंत्री ने आज की विकास परियोजनाओं के लिए राजकोट के लोगों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में केंद्र सरकार ने प्रत्येक समुदाय और हर क्षेत्र के लोगों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में काम किया है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने 'सुशासन' की गारंटी दी है और हम आज इसे पूरा भी कर रहे हैं। चाहे गरीब हों, दलित हों, आदिवासी हों या पिछड़ा वर्ग हो, हमने हमेशा उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया है।" यह रेखांकित करते हुए कि देश में गरीबी का स्तर बहुत तेजी से कम हो रहा है, प्रधानमंत्री ने हाल की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि पिछले 5 वर्षों में 13.5 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर आए हैं और कहा कि ये लोग देश में नव-मध्यम वर्ग के रूप में उभर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, इसलिए, नव-मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग दोनों ही सरकार की प्राथमिकता हैं, जो साथ मिलकर पूरे मध्यम वर्ग का निर्माण करते हैं।

प्रधानमंत्री ने आवागमन-संपर्क के बारे में मध्यम वर्ग की लंबे समय से लंबित मांग पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने आवागमन-संपर्क में सुधार के लिए पिछले 9 वर्षों में उठाए गए कदमों को सूचीबद्ध किया। 2014 में सिर्फ 4 शहरों में मेट्रो नेटवर्क था, आज मेट्रो नेटवर्क भारत के 20 से ज्यादा शहरों तक पहुंच गया है। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें 25 रेल-मार्गों पर चल रही हैं; इस अवधि के दौरान हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 70 की तुलना में दोगुनी से भी अधिक हो गई है। उन्होंने कहा, “हवाई सेवाओं के विस्तार ने भारत के विमानन क्षेत्र को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। भारतीय कंपनियां करोड़ों रुपये के विमान खरीद रही हैं।“ उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात विमान निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "जीवन यापन में आसानी और जीवन की गुणवत्ता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से हैं।" अतीत में लोगों को होने वाली असुविधाओं को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने अस्पतालों और उपयोगिता भुगतान केंद्रों पर लंबी कतारों, बीमा और पेंशन से संबंधित समस्याओं और टैक्स रिटर्न दाखिल करने में होने वाली परेशानियों का उल्लेख किया। उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान से इन सभी मुद्दों का समाधान हो गया है। उन्होंने मोबाइल बैंकिंग और टैक्स रिटर्न को ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा का उल्लेख किया और यह भी रेखांकित किया कि रिटर्न अल्प-अवधि में सीधे बैंक खातों में अंतरित हो जाता है।

आवास के महत्व के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने गरीबों की आवास आवश्यकताओं का ध्यान रखा है और मध्यम वर्ग के घर के सपने को भी पूरा किया है।" उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए पीएम आवास योजना के तहत 18 लाख रुपये तक की विशेष सब्सिडी का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 6 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं, जिनमें से 60 हजार परिवार गुजरात के हैं।

प्रधानमंत्री ने आवास के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े का जिक्र किया और कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान कानून के अभाव में कई वर्षों तक घर का कब्जा नहीं मिल पाता था। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार ने रेरा कानून बनाया और लोगों के हितों की रक्षा की। उन्होंने कहा, "आज रेरा कानून लाखों लोगों का पैसा लूटे जाने से रोक रहा है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले महंगाई दर 10 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने महामारी और युद्ध के बावजूद महंगाई को नियंत्रण में रखा। उन्होंने कहा, “आज हमारे पड़ोसी देशों में महंगाई 25-30 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। लेकिन भारत में ऐसी स्थिति नहीं है। हम पूरी संवेदनशीलता के साथ महंगाई दर को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे।''

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार, गरीबों और मध्यम वर्ग के खर्चों को बचाने के साथ-साथ मध्यम वर्ग के लिए भी अधिकतम बचत सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि 9 साल पहले 2 लाख रुपये की सालाना आय पर टैक्स लगता था, लेकिन आज 7 लाख रुपये तक की आय वालों को टैक्स नहीं देना पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "7 लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं है।" उन्होंने कहा कि इससे शहरों में रहने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए हर साल हजारों रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने छोटी बचत पर अधिक ब्याज और ईपीएफओ पर 8.25 प्रतिशत ब्याज तय किए जाने का भी जिक्र किया।

यह समझाने के लिए कि कैसे नीतियां नागरिकों के लिए पैसा बचा रही हैं, प्रधानमंत्री ने मोबाइल फोन के उपयोग की लागत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि 2014 में 1 जीबी डेटा की कीमत 300 रुपये हुआ करती थी। आज प्रति व्यक्ति प्रति माह औसतन 20 जीबी डेटा इस्तेमाल होता है। इसके परिणामस्वरूप, एक औसत नागरिक को प्रति माह 5000 रुपये से अधिक की बचत हुई है।

किफायती कीमत पर दवाएँ उपलब्ध कराने वाले जन औषधि केंद्रों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उन लोगों के लिए एक आशीर्वाद है, जिन्हें नियमित दवाएँ लेनी पड़ती हैं। इन केंद्रों ने गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये की बचत करने में मदद की है। उन्होंने कहा, "गरीबों और मध्यम वर्ग के प्रति एक संवेदनशील सरकार इसी तरह काम करती है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गुजरात और सौराष्ट्र के विकास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने सौनी योजना से क्षेत्र की जल-स्थिति में आए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “सौराष्ट्र में दर्जनों बांध और हजारों चेक डैम आज पानी के स्रोत बन गए हैं। हर घर जल योजना के तहत, गुजरात के करोड़ों परिवारों को अब नल से जल मिल रहा है।“

संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में विकसित हुआ शासन का यह मॉडल समाज के प्रत्येक वर्ग की जरूरतों और आकांक्षाओं का ध्यान रखता है। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा, “यह एक विकसित भारत बनाने का हमारा तरीका है। हमें इसी मार्ग पर आगे बढ़ते हुए अमृत काल के संकल्पों को सिद्ध करना है।“

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, संसद सदस्य श्री सी आर पाटिल, गुजरात सरकार के मंत्री और अन्य उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

देश भर में हवाई संपर्क में सुधार करने के प्रधानमंत्री के विज़न को राजकोट में एक नए अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास से प्रोत्साहन मिला है। ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे को कुल 2500 एकड़ से अधिक भूमि क्षेत्र और 1400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। नए हवाई अड्डे में आधुनिक तकनीक और स्थायी सुविधाओं का मिश्रण है। टर्मिनल भवन गृह-4 (एकीकृत आवास मूल्यांकन के लिए ग्रीन रेटिंग) के अनुरूप है और नया टर्मिनल भवन बिल्डिंग (एनआईटीबी) दोहरा अवरोध छत प्रणाली, स्काईलाइट्स, एलईडी लाइटिंग, निम्न ताप अवशोषण परावर्तन, जैसी विभिन्न सतत सुविधाओं से सुसज्जित है।

हवाई अड्डे के टर्मिनल का डिजाइन राजकोट की सांस्कृतिक जीवंतता से प्रेरित है और यह अपने प्रभावी बाहरी अग्रभाग और शानदार आंतरिक सज्जा के माध्यम से लिप्पन कला से लेकर डांडिया नृत्य तक के कला रूपों को चित्रित करेगा। हवाई अड्डा स्थानीय वास्तुकला विरासत का प्रतीक होगा और गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र की कला और नृत्य रूपों के सांस्कृतिक गौरव को प्रतिबिंबित करेगा। राजकोट का नया हवाई अड्डा न केवल राजकोट के स्थानीय ऑटोमोबाइल उद्योग के विकास में योगदान देगा, बल्कि पूरे गुजरात में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री ने 860 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। सौनी योजना लिंक 3 पैकेज 8 और 9 सौराष्ट्र क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को और मजबूत करने और पेयजल आपूर्ति में मदद करेगा। द्वारका आरडब्ल्यूएसएस के उन्नयन से गांवों को पाइपलाइन द्वारा पर्याप्त और पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। शुरू की जा रही अन्य परियोजनाओं में ऊपरकोट किले के संरक्षण, पुनरुद्धार और विकास से जुड़ा चरण I और II; जल शोधन संयंत्र का निर्माण; मलजल शोधन संयंत्र; फ्लाईओवर ब्रिज व अन्य शामिल हैं।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
अमृतकाल में त्याग और तपस्या से आने वाले 1000 साल का हमारा स्वर्णिम इतिहास अंकुरित होने वाला है : लाल किले से पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

अमृतकाल में त्याग और तपस्या से आने वाले 1000 साल का हमारा स्वर्णिम इतिहास अंकुरित होने वाला है : लाल किले से पीएम मोदी
The digital transformation: How UPI and AI are shaping MSME lending in India

Media Coverage

The digital transformation: How UPI and AI are shaping MSME lending in India
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
आने वाले पांच सालों में विकास की नई ऊंचाई पर होगा जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में पीएम मोदी
April 12, 2024
कई दशकों के बाद, यह पहली बार है कि जम्मू-कश्मीर में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए आतंकवाद, बंद, पथराव, सीमा पर झड़पें इत्यादि मुद्दे नहीं हैं।
विकसित भारत के लिए, विकसित जम्मू-कश्मीर बेहद जरूरी है। कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी जैसी परिवारवादी पार्टियां जम्मू-कश्मीर को फिर से अस्थिरता के दौर में ले जाना चाहती हैं।
आर्टिकल-370 की समाप्ति ने जम्मू-कश्मीर में सभी के लिए समान संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित किया है, पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है तथा गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अवसरों के लिए IIM और IIT जैसे संस्थान स्थापित हुए हैं।
इंडी गठबंधन ने भारत की संस्कृति के साथ-साथ विकास की भी अवहेलना की और इसका प्रत्यक्ष उदाहरण श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का विरोध और बहिष्कार है।
अपनी तुष्टिकरण की राजनीति जारी रखने के लिए, इंडी गठबंधन के नेता बड़े बंगलों में रहते थे लेकिन रामलला को एक टेंट में रहने के लिए विवश किया।

भारत माता की जय...भारत माता की जय...भारत माता की जय...सारे डुग्गरदेस दे लोकें गी मेरा नमस्कार! ज़ोर कन्ने बोलो...जय माता दी! जोर से बोलो...जय माता दी ! सारे बोलो…जय माता दी !

मैं उधमपुर, पिछले कई दशकों से आ रहा हूं। जम्मू कश्मीर की धरती पर आना-जाना पीछले पांच दशक से चल रहा है। मुझे याद है 1992 में एकता यात्रा के दौरान यहां जो आपने भव्य स्वागत किया था। जो सम्मान किया था। एक प्रकार से पूरा क्षेत्र रोड पर आ गया था। और आप भी जानते हैं। तब हमारा मिशन, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का था। तब यहां माताओं-बहनों ने बहुत आशीर्वाद दिया था।

2014 में माता वैष्णों देवी के दर्शन करके आया था। इसी मैदान पर मैंने आपको गारंटी दी थी कि जम्मू कश्मीर की अनेक पीढ़ियों ने जो कुछ सहा है, उससे मुक्ति दिलाऊंगा। आज आपके आशीर्वाद से मोदी ने वो गारंटी पूरी की है। दशकों बाद ये पहला चुनाव है, जब आतंकवाद, अलगाववाद, पत्थरबाज़ी, बंद-हड़ताल, सीमापार से गोलीबारी, ये चुनाव के मुद्दे ही नहीं हैं। तब माता वैष्णो देवी यात्रा हो या अमरनाथ यात्रा, ये सुरक्षित तरीके से कैसे हों, इसको लेकर ही चिंताएं होती थीं। अगर एक दिन शांति से गया तो अखबार में बड़ी खबर बन जाती थी। आज स्थिति एकदम बदल गई है। आज जम्मू- कश्मीर में विकास भी हो रहा है और विश्वास भी बढ़ रहा है। इसलिए, आज जम्मू-कश्मीर के चप्पे-चप्पे में भी एक ही गूंज सुनाई दे रही है-फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

भाइयों और बहनों,

ये चुनाव सिर्फ सांसद चुनने भर का नहीं है, बल्कि ये देश में एक मजबूत सरकार बनाने का चुनाव है। सरकार मजबूत होती है तो जमीन पर चुनौतियों के बीच भी चुनौतियों को चुनौती देते हुए काम करके दिखाती है। दिखता है कि नहीं दिखता है...दिखता है कि नहीं दिखता है। यहां जो पुराने लोग हैं, उनको 10 साल पहले का मेरा भाषण याद होगा। यहीं मैंने आपसे कहा था कि आप मुझपर भरोसा कीजिए, याद है ना मैंने कहा था कि मुझ पर भरोसा कीजिए। मैं 60 वर्षों की समस्याओं का समाधान करके दिखाउंगा। तब मैंने यहां माताओं-बहनों के सम्मान देने की गारंटी दी थी। गरीब को 2 वक्त के खाने की चिंता न करनी पड़े, इसकी गारंटी दी थी। आज जम्मू-कश्मीर के लाखों परिवारों के पास अगले 5 साल तक मुफ्त राशन की गारंटी है। आज जम्मू कश्मीर के लाखों परिवारों के पास 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज की गारंटी है। 10 वर्ष पहले तक जम्मू कश्मीर के कितने ही गांव थे, जहां बिजली-पानी और सड़क तक नहीं थी। आज गांव-गांव तक बिजली पहुंच चुकी है। आज जम्मू-कश्मीर के 75 प्रतिशत से ज्यादा घरों को पाइप से पानी की सुविधा मिल रही है। इतना ही नहीं ये डिजिटल का जमाना है, डिजिटल कनेक्टिविटी चाहिए, मोबाइल टावर दूर-सुदूर पहाड़ों में लगाने का अभियान चलाया है। 

भाइयों और बहनों,

मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। आप याद कीजिए, कांग्रेस की कमज़ोर सरकारों ने शाहपुर कंडी डैम को कैसे दशकों तक लटकाए रखा था। जम्मू के किसानों के खेत सूखे थे, गांव अंधेरे में थे, लेकिन हमारे हक का रावी का पानी पाकिस्तान जा रहा था। मोदी ने किसानों को गारंटी दी थी और इसे पूरा भी कर दिखाया है। इससे कठुआ और सांबा के हजारों किसानों को फायदा हुआ है। यही नहीं, इस डैम से जो बिजली पैदा होगी, वो जम्मू कश्मीर के घरों को रोशन करेगी।

भाइयों और बहनों,

मोदी विकसित भारत के लिए विकसित जम्मू-कश्मीर के निर्माण की गारंटी दे रहा है। लेकिन कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी और बाकी सारे दल जम्मू-कश्मीर को फिर उन पुराने दिनों की तरफ ले जाना चाहते हैं। इन ‘परिवार-चलित’ पार्टियों ने, परिवार के द्वारा ही चलने वाली पार्टियों ने जम्मू कश्मीर का जितना नुकसान किया, उतना किसी ने नहीं किया है। यहां तो पॉलिटिकल पार्टी मतलब ऑफ द फैमिली, बाई द फैमिली, फॉर द फैमिली। सत्ता के लिए इन्होंने जम्मू कश्मीर में 370 की दीवार बना दी थी। जम्मू-कश्मीर के लोग बाहर नहीं झांक सकते थे और बाहर वाले जम्मू-कश्मीर की तरफ नहीं झांक सकते थे। ऐसा भ्रम बनाकर रखा था कि उनकी जिंदगी 370 है तभी बचेगी। ऐसा झूठ चलाया। ऐसा झूठ चलाया। आपके आशीर्वाद से मोदी ने 370 की दीवार गिरा दी। दीवार गिरा दी इतना ही नहीं, उसके मलबे को भी जमीन में गाड़ दिया है मैंने। 

मैं चुनौती देता हूं हिंदुस्तान की कोई पॉलीटिकल पार्टी हिम्मत करके आ जाए। विशेष कर मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं। वह घोषणा करें कि 370 को वापस लाएंगे। यह देश उनका मुंह तक देखने को तैयार नहीं होगा। यह कैसे-कैसे भ्रम फैलाते हैँ। कैसे-कैसे लोगों को डरा कर रखते हैं। यह कहते थे, 370 हटी तो आग लग जाएगी। जम्मू-कश्मीर हमें छोड़ कर चला जाएगा। लेकिन जम्मू कश्मीर के नौजवानों ने इनको आइना दिखा दिया। अब देखिए, जब यहां उनकी नहीं चली जम्मू-कश्मीर को लोग उनकी असलीयत को जान गए। अब जम्मू-कश्मीर में उनके झूठे वादे भ्रम का मायाजाल नहीं चल पा रही है। तो ये लोग जम्मू-कश्मीर के बाहर देश के लोगों के बीच भ्रम फैलाने का खेल-खेल रहे हैं। यह कहते हैं कि 370 हटने से देश का कोई लाभ नहीं हुआ। जिस राज्य में जाते हैं, वहां भी बोलते हैं। तुम्हारे राज्य को क्या लाभ हुआ, तुम्हारे राज्य को क्या लाभ हुआ? 

370 के हटने से क्या लाभ हुआ है, वो जम्मू-कश्मीर की मेरी बहनों-बेटियों से पूछो, जो अपने हकों के लिए तरस रही थी। यह उनका भाई, यह उनका बेटा, उन्होंने उनके हक वापस दिए हैं। जरा कांग्रेस के लोगों जरा देश भर के दलित नेताओं से मैं कहना चाहता हूं। यहां के हमारे दलित भाई-बहन हमारे बाल्मीकि भाई-बहन देश आजाद हुआ, तब से परेशानी झेल रहे थे। जरा जाकर उन बाल्मीकि भाई-बहनों से पूछो और गड्डा ब्राह्मण, कोहली से पूछो और पहाड़ी परिवार हों, मचैल माता की भूमि में रहने वाले मेरे पाड्डरी साथी हों, अब हर किसी को संविधान में मिले अधिकार मिलने लगे हैं।

अब हमारे फौजियों की वीर माताओं को चिंता नहीं करनी पड़ती, क्योंकि पत्थरबाज़ी नहीं होती। इतना ही नहीं घाटी की माताएं मुझे आशीर्वाद देती हैं, उनको चिंता रहती थी कि बेटा अगर दो चार दिन दिखाई ना दे। तो उनको लगता था कि कहीं गलत हाथों में तो नहीं फंस गया है। आज कश्मीर घाटी की हर माता चैन की नींद सोती है क्योंकि अब उनका बच्चा बर्बाद होने से बच रहा है। 

साथियो, 

अब स्कूल नहीं जलाए जाते, बल्कि स्कूल सजाए जाते हैं। अब यहां एम्स बन रहे हैं, IIT बन रहे हैं, IIM बन रहे हैं। अब आधुनिक टनल, आधुनिक और चौड़ी सड़कें, शानदार रेल का सफर जम्मू-कश्मीर की तकदीर बन रही है। जम्मू हो या कश्मीर, अब रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आने लगे हैं। ये सपना यहां की अनेक पीढ़ियों ने देखा है और मैं आपको गारंटी देता हूं कि आपका सपना, मोदी का संकल्प है। आपके सपनों को पूरा करने के लिए हर पल आपके नाम, आपके सपनों को पूरा करने के लिए हर पल देश के नाम, विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए 24/7, 24/74 फॉर 2047, यह मोदी के गारंटी है। 10 सालों में हमने आतंकवादियों और भ्रष्टाचारियों पर घेरा बहुत ही कसा है। अब आने वाले 5 सालों में इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाना है।

साथियों,

सड़क, बिजली, पानी, यात्रा, प्रवास वो तो है। सबसे बड़ी बात है कि जम्मू-कश्मीर का मन बदला है। निराशा में से आशा की और बढ़े हैं। जीवन पूरी तरीके से विश्वास से भरा हुआ है, इतना विकास यहां हुआ है। चारों तरफ विकास हो रहा। लोग कहेंगे, मोदी जी अभी इतना कर लिया। चिंता मत कीजिए, हम आपके साथ हैं। आपका साथ उसके प्रति तो मेरा अपार विश्वास है। मैं यहां ना आता तो भी मुझे पता था कि जम्मू कश्मीर का मेरा नाता इतना गहरा है कि आप मेरे लिए मुझे भी ज्यादा करेंगे। लेकिन मैं तो आया हूं। मां वैष्णो देवी के चरणों में बैठे हुए आप लोगों के बीच दर्शन करने के लिए। मां वैष्णो देवी की छत्रछाया में जीने वाले भी मेरे लिए दर्शन की योग्य होते हैं और जब लोग कहते हैं, कितना कर लिया, इतना हो गया, इतना हो गया और इससे ज्यादा क्या कर सकते हैं। मेरे जम्मू कश्मीर के भाई-बहन अपने पहले इतने बुरे दिन देखे हैं कि आपको यह सब बहुत लग रहा है। बहुत अच्छा लग रहा है लेकिन जो विकास जैसा लग रहा है लेकिन मोदी है ना वह तो बहुत बड़ा सोचता है। यह मोदी दूर का सोचता है। और इसलिए अब तक जो हुआ है वह तो ट्रेलर है ट्रेलर। मुझे तो नए जम्मू कश्मीर की नई और शानदार तस्वीर बनाने के लिए जुट जाना है। 

वो समय दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा के चुनाव होंगे। जम्मू कश्मीर को वापस राज्य का दर्जा मिलेगा। आप अपने विधायक, अपने मंत्रियों से अपने सपने साझा कर पाएंगे। हर वर्ग की समस्याओं का तेज़ी से समाधान होगा। यहां जो सड़कों और रेल का काम चल रहा है, वो तेज़ी से पूरा होगा। देश-विदेश से बड़ी-बड़ी कंपनियां, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां औऱ ज्यादा संख्या में आएंगी। जम्मू कश्मीर, टूरिज्म के साथ ही sports और start-ups के लिए जाना जाएगा, इस संकल्प को लेकर मुझे जम्मू कश्मीर को आगे बढ़ाना है। 

भाइयों और बहनों,

ये ‘परिवार-चलित’ परिवारवादी , परिवार के लिए जीने मरने वाली पार्टियां, विकास की भी विरोधी है और विरासत की भी विरोधी है। आपने देखा होगा कि कांग्रेस राम मंदिर से कितनी नफरत करती है। कांग्रेस और उनकी पूरा इको सिस्टम अगर मुंह से कहीं राम मंदिर निकल गया। तो चिल्लाने लग जाती है, रात-दिन चिल्लाती है कि राम मंदिर बीजेपी के लिए चुनावी मुद्दा है। राम मंदिर ना चुनाव का मुद्दा था, ना चुनाव का मुद्दा है और ना कभी चुनाव का मुद्दा बनेगा। अरे राम मंदिर का संघर्ष तो तब से हो रहा था, जब कि भाजपा का जन्म भी नहीं हुआ था। राम मंदिर का संघर्ष तो तब से हो रहा था जब यहां अंग्रेजी सल्तनत भी नहीं आई थी। राम मंदिर का संघर्ष 500 साल पुराना है। जब कोई चुनाव का नामोनिशान नहीं था। जब विदेशी आक्रांताओं ने हमारे मंदिर तोड़े, तो भारत के लोगों ने अपने धर्मस्थलों को बचाने की लड़ाई लड़ी थी। वर्षों तक, लोगों ने अपनी ही आस्था के लिए क्या-क्या नहीं झेला। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेता बड़े-बड़े बंगलों में रहते थे, लेकिन जब रामलला के टेंट बदलने की बात आती थी तो ये लोग मुंह फेर लेते थे, अदालतों की धमकियां देते थे। बारिश में रामलला का टेंट टपकता रहता था और रामलला के भक्त टेंट बदलवाने के लिए अदालतों के चक्कर काटते रहते थे। ये उन करोड़ों-अरबों लोगों की आस्था पर आघात था, जो राम को अपना आराध्य कहते हैं। हमने इन्हीं लोगों से कहा कि एक दिन आएगा, जब रामलला भव्य मंदिर में विराजेंगे। और तीन बातें कभी भूल नहीं सकते। एक 500 साल के अविरत संघर्ष के बाद ये हुआ। आप सहमत हैं। 500 साल के अविरत संघर्ष के बाद हुआ है, आप सहमत हैं। दूसरा, पूरी न्यायिक प्रक्रिया की कसौटी से कस करके, न्याय के तराजू से तौल करके अदालत के निर्णय से ये काम हुआ है, सहमत हैं। तीसरा, ये भव्य राम मंदिर सरकारी खजाने से नहीं, देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने पाई-पाई दान देकर बनाया है। सहमत हैं। 

जब उस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हुई तो पिछले 70 साल में कांग्रेस ने जो भी पाप किए थे, उनके साथियों ने जो रुकावटें डाली थी, सबको माफ करके, राम मंदिर के जो ट्रस्टी हैं, वो खुद कांग्रेस वालों के घर गए, इंडी गठबंधन वालों के घर गए, उनके पुराने पापों को माफ कर दिया। उन्होंने कहा राम आपके भी हैं, आप प्राण-प्रतिष्ठा में जरूर पधारिये। सम्मान के साथ बुलाया। लेकिन उन्होंने इस निमंत्रण को भी ठुकरा दिया। कोई बताए, वो कौन सा चुनावी कारनामा था, जिसके दबाव में आपने राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकरा दिया। वो कौन सा चुनावी खेल था कि आपने प्राण-प्रतिष्ठा के पवित्र कार्य को ठुकरा दिया। और ये कांग्रेस वाले, इंडी गठबंधन वाले इसे चुनाव का मुद्दा कहते हैं। उनके लिए ये चुनावी मुद्दा था, देश के लिए ये श्रद्धा का मुद्दा था। ये धैर्य की विजय का मुद्दा था। ये आस्था और विश्वास का मु्द्दा था। ये 500 वर्षों की तपस्या का मुद्दा था।

मैं कांग्रेस से पूछता हूं...आप ने अपनी सरकार के समय दिन-रात इसका विरोध किया, तब ये किस चुनाव का मुद्दा था? लेकिन आप राम भक्तों की आस्था देखिए। मंदिर बना तो ये लोग इंडी गठबंधन वालें के घर प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण देने खुद गए। जिस क्षण के लिए करोड़ों लोगों ने इंतजार किया, आप बुलाने पर भी उसे देखने नहीं गए। पूरी दुनिया के रामभक्तों ने आपके इस अहंकार को देखा है। ये किस चुनावी मंशा को देखा है। ये चुनावी मंशा थी कि आपने प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण ठुकरा दिया। आपके लिए चुनाव का खेल है। ये किस तरह की तुष्टिकरण की राजनीति थी। भगवान राम को काल्पनिक कहकर कांग्रेस किसे खुश करना चाहती थी?

साथियों, 

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोगों को देश के ज्यादातर लोगों की भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। इन्हें लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने में मजा आता है। ये लोग सावन में एक सजायाफ्ता, कोर्ट ने जिसे सजा की है, जो जमानत पर है, ऐसे मुजरिम के घर जाकर के सावन के महीने में मटन बनाने का मौज ले रहे हैं इतना ही नहीं उसका वीडियो बनाकर के देश के लोगों को चिढ़ाने का काम करते हैं। कानून किसी को कुछ खाने से नहीं रोकता। ना ही मोदी रोकता है। सभी को स्वतंत्रता है की जब मन करें वेज खायें या नॉन-वेज खाएं। लेकिन इन लोगों की मंशा दूसरी होती है। जब मुगल यहां आक्रमण करते थे ना तो उनको सत्ता यानि राजा को पराजित करने से संतोष नहीं होता था, जब तक मंदिर तोड़ते नहीं थे, जब तक श्रद्धास्थलों का कत्ल नहीं करते थे, उसको संतोष नहीं होता था, उनको उसी में मजा आता था वैसे ही सावन के महीने में वीडियो दिखाकर वो मुगल के लोगों के जमाने की जो मानसिकता है ना उसके द्वारा वो देश के लोगों को चिढ़ाना चाहते हैं, और अपनी वोट बैंक पक्की करना चाहते हैं। ये वोट बैंक के लिए चिढ़ाना चाहते हैं । आप किसे चिढ़ाना चाहते हैंनवरात्र के दिनों में आपका नॉनवेज खाना,  आप किस मंशा से वीडियो दिखा-दिखा कर के लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचा करके, किसको खुश करने का खेल कर रहे हो।  

मैं जानता हूं मैं  जब आज ये  बोल रहा हूं, उसके बाद ये लोग पूरा गोला-बारूद लेकर गालियों की बौछार मुझ पर चलाएंगे, मेरे पीछे पड़ जाएंगे। लेकिन जब बात  बर्दाश्त के बाहर हो जाती है, तो लोकतंत्र में मेरा दायित्व बनता है कि सही चीजों का सही पहलू बताऊं। और मैं वो अपना कर्तव्य पूरा कर रहा हूं। ये लोग ऐसा जानबूझकर इसलिए करते हैं ताकि इस देश की मान्यताओं पर हमला हो। ये इसलिए होता है, ताकि एक बड़ा वर्ग इनके वीडियो को देखकर चिढ़ता रहे, असहज होता रहे। समस्या इस अंदाज से है। तुष्टिकरण से आगे बढ़कर ये इनकी मुगलिया सोच है। लेकिन ये लोग नहीं जानते, जनता जब जवाब देती है तो बड़े-बड़े शाही खानदान के युवराजों को बेदखल होना पड़ता है।

साथियों, 

ये जो परिवार-चलित पार्टियां हैं, ये जो भ्रष्टाचारी हैं, अब इनको फिर मौका नहीं देना है। उधमपुर से डॉ. जितेंद्र सिंह और जम्मू से जुगल किशोर जी को नया रिकॉर्ड बनाकर सांसद भेजना है। जीत के बाद दोबारा जब उधमपुर आऊं तो, स्वादिष्ट कलाड़ी का आनंद ज़रूर लूंगा। आपको मेरा एक काम और करना है। इतना निकट आकर मैं माता वैष्णों देवी जा नहीं पा रहा हूं। तो माता वैष्णों देवी को क्षमा मांगिए और मेरी तरफ से मत्था टेकिए। दूसरा एक काम करोगे। एक और काम करोगे, मेरा एक और काम करोगे, पक्का करोगे। देखिए आपको घर-घर जाना है। कहना मोदी जी उधमपुर आए थे, मोदी जी ने आपको प्रणाम कहा है, राम-राम कहा है। जय माता दी कहा है, कहोगे। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय ! 

बहुत-बहुत धन्यवाद