विकास परियोजनाओं में स्वास्थ्य, रेल, सड़क, तेल और गैस जैसे क्षेत्र शामिल
श्री साईबाबा समाधि मंदिर में दर्शनों की कतार के लिए नये परिसर का उद्घाटन
निलवंडे बांध के बाएं तट का नहर नेटवर्क राष्‍ट्र को समर्पित किया
'नमो शेतकारी महासम्‍मान निधि योजना' की शुरूआत
लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड और स्वामित्व कार्ड वितरित किए
"देश को गरीबी से मुक्ति मिले, गरीब से गरीब परिवार को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यही सच्‍चा सामाजिक न्याय है "
" डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गरीब कल्याण है"
सरकार किसानों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध "
"हमारी सरकार सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है"
"महाराष्ट्र अपार संभावनाओं और सामर्थ्‍य का केंद्र"
“जितना तेज़ महाराष्ट्र का विकास होगा, उतनी ही तेज़ी से भारत विकसित होगा”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के शिरडी, अहमदनगर में स्वास्थ्य, रेल, सड़क, तेल और गैस जैसे क्षेत्रों में लगभग 7500 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, उन्‍हें राष्‍ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी। विभिन्‍न विकास परियोजनाओं में अहमदनगर सिविल अस्पताल में आयुष अस्पताल; कुर्दुवाड़ी-लातूर रोड रेलवे खंड (186 किमी.) का विद्युतीकरण; जलगांव को भुसावल से जोड़ने वाली तीसरी और चौथी रेलवे लाइन (24.46 किमी); एनएच-166 (पैकेज-I) के सांगली से बोरगांव खंड को चार लेन का बनाना; और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मनमाड टर्मिनल पर अतिरिक्त सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने अहमदनगर सिविल अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग की आधारशिला रखी। श्री मोदी ने लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड और स्वामित्व कार्ड भी वितरित किये।

अन्य परियोजनाओं के अलावा, श्री मोदी ने शिरडी में दर्शनों की कतार के लिए नये परिसर का उद्घाटन किया, निलवंडे बांध के बाएं तट (85 किमी) का नहर नेटवर्क राष्ट्र को समर्पित किया, और 86 लाख से अधिक किसान-लाभार्थियों को फायदा पहुंचाने वाली 'नमो शेतकरी महासम्‍मान निधि योजना' शुरू की।

इससे पहले दिन में, श्री मोदी ने शिरडी के श्री साईबाबा समाधि मंदिर में पूजा और दर्शन किये और निलवंडे बांध का जल पूजन किया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साईं बाबा के आशीर्वाद से 7500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने 5 दशकों से लंबित निलवंडे बांध के काम का जिक्र करते हुए आज इसके उद्घाटन का जिक्र किया। उन्होंने इस स्थान पर जल पूजन करने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया। श्री साईबाबा समाधि मंदिर में दर्शन कतार परिसर के बारे में, श्री मोदी ने अक्टूबर 2018 में इसकी आधारशिला रखने की जानकारी दी और कहा कि इससे देश-विदेश के तीर्थयात्रियों के लिए सुविधा और बढ़ जाएगी।

प्रधानमंत्री ने आज सुबह वारकरी समुदाय के बाबा महाराज सातारकर के दु:खद निधन का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बाबा महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की और कीर्तन एवं प्रवचन के माध्यम से सामाजिक जागरूकता के उनके कार्यों को याद किया जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

प्रधानमंत्री ने 'सबका साथ सबका विकास' के सरकार के मंत्र पर जोर देते हुए और उसे दोहराते हुए कहा, "देश को गरीबी से मुक्ति मिले, गरीब से गरीब परिवार को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यही सच्‍चा सामाजिक न्याय है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि गरीबों का कल्याण डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और देश की अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ-साथ इसके लिए बजट भी बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने महाराष्ट्र में ऐसे लाभार्थियों को 1 करोड़ 10 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित करने का उल्लेख किया, जिन्हें 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा, जहां सरकार 70,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने गरीबों को मुफ्त राशन देने और उनके लिए पक्के घर बनाने पर 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के सरकारी खर्च की भी जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उक्त व्यय 2014 से पहले के दशक की तुलना में छह गुना अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों के घरों में नल से पानी की आपूर्ति प्रदान करने के लिए, सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को हजारों रुपये तक की सहायता मिल रही है। श्री मोदी ने हाल ही में शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना का भी जिक्र किया, जो 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी खर्च के साथ बढ़ई, सुनार, कुम्हार और मूर्तिकारों के लाखों परिवारों को सहायता प्रदान करती है।

छोटे किसानों की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि का जिक्र किया, जिसके अंतर्गत छोटे किसानों को 2 लाख 60 हजार करोड़ रुपये मिले, इसमें महाराष्ट्र के छोटे किसानों के लिए 26 हजार करोड़ रुपये भी शामिल हैं। उन्होंने खुशी व्‍यक्‍त की कि महाराष्ट्र सरकार ने 'नमो शेतकारी महासम्‍मान निधि योजना' शुरू की है, जिसके तहत महाराष्ट्र के शेतकारी परिवारों को अतिरिक्त 6000 रुपये मिलेंगे, यानी स्थानीय छोटे किसानों को 12,000 रुपये सम्मान निधि मिलेगी।

निलवंडे परियोजना पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद ही पूरी हुई। 5 दशकों से लंबित इस परियोजना को 1970 में स्वीकृत किया गया था। उन्‍होंने बीच में टोकते हुए कहा, “किसानों के नाम पर वोट की राजनीति करने वालों ने आपको पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसा दिया”, “आज यहां जल पूजन किया गया।” उन्होंने कहा कि दाहिनी तट नहर जल्द ही चालू हो जाएगी। उन्होंने बलिराजा जल संजीवनी योजना का भी जिक्र किया जो राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केन्‍द्र सरकार महाराष्ट्र में दशकों से लंबित 26 और सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे क्षेत्र के किसानों को बहुत लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार किसानों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 7 साल में एमएसपी के तहत 13.5 लाख करोड़ रुपये का अनाज खरीदा गया, जबकि पिछली सरकार के एक वरिष्ठ नेता के कार्यकाल में यह आंकड़ा सिर्फ 3.5 लाख करोड़ था। 2014 के बाद तिलहन और दालों की 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये की खरीद की गई, जबकि इससे पहले 500-600 करोड़ रुपये की एमएसपी खरीद होती थी। उन्होंने कहा, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से भ्रष्टाचार और लीकेज खत्‍म हुआ है।

रबी फसलों के लिए एमएसपी बढ़ाने के हाल के कैबिनेट फैसलों के बारे में, प्रधानमंत्री ने कहा कि चने का एमएसपी 105 रुपये और गेहूं और कुसुम का एमएसपी 150 रुपये बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ने का एमएसपी 315 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में लगभग 70,000 करोड़ रुपये का इथेनॉल खरीदा गया है और पैसा गन्ना किसानों तक पहुंचा है। उन्होंने कहा, "गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए चीनी मिलों और सहकारी समितियों को हजारों करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।"

प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारी सरकार सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। देश भर में 2 लाख से अधिक सहकारी समितियाँ बनाई जा रही हैं। बेहतर भंडारण और पुरानी भंडारण सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए पीएसी और सहकारी समितियों को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। छोटे किसानों को एफपीओ के माध्यम से संगठित किया जा रहा है क्योंकि 7500 से अधिक एफपीओ पहले से ही कार्यरत हैं।

संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “महाराष्ट्र अपार संभावनाओं और सामर्थ्‍य का केन्‍द्र रहा है। जितना तेज़ महाराष्ट्र का विकास होगा, उतनी ही तेज़ी से भारत विकसित होगा” प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई और शिरडी को जोड़ने वाली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का भी जिक्र किया और इस बात पर प्रकाश डाला कि महाराष्ट्र में रेलवे का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जलगांव और भुसावल के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन शुरू होने से मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर आवाजाही आसान हो जाएगी। इसी प्रकार, सोलापुर से बोरगांव तक चार-लेन सड़क के निर्माण से पूरे कोंकण क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे क्षेत्र के उद्योगों के साथ-साथ गन्ना, अंगूर और हल्दी किसानों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा, "यह कनेक्टिविटी न केवल परिवहन के लिए बल्कि प्रगति और आर्थिक विकास के लिए भी एक नया मार्ग तैयार करेगी।"

इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री रमेश बैस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़णवीस और श्री अजीत पवार उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने शि‍रडी में दर्शनों की कतार के जिस नये प्रतीक्षा परिसर का उद्घाटन किया, वह एक जबरदस्‍त अत्याधुनिक भवन है जिसकी परिकल्पना भक्तों के लिए आरामदायक प्रतीक्षा क्षेत्र प्रदान करने के लिए की गई है। अनेक हॉलों से सुसज्जित इस परिसर में दस हजार से अधिक भक्तों की बैठने की क्षमता है। इसमें क्लॉकरूम, शौचालय, बुकिंग काउंटर, प्रसाद काउंटर, सूचना केन्‍द्र आदि जैसी वातानुकूलित सार्वजनिक सुविधाएं हैं। इस दर्शनों की कतार के इस नये प्रतीक्षा परिसर की आधारशिला अक्टूबर 2018 में प्रधानमंत्री ने रखी थी।

प्रधान मंत्री ने निलवंडे बांध के बाएं किनारे (85 किमी) नहर नेटवर्क राष्ट्र को समर्पित किया। इससे पानी के पाइप वितरण नेटवर्क की सुविधा से 7 तहसीलों (अहमदनगर जिले में 6 और नासिक जिले में 1) के 182 गांवों को लाभ होगा। निलवंडे बांध की कल्‍पना सबसे पहले 1970 में की गई थी। इसे करीब 5177 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

प्रधानमंत्री ने 'नमो शेतकारी महासम्‍मान निधि योजना' की शुरूआत की। यह योजना महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 86 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रति वर्ष 6000 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान करके फायदा पहुंचाएगी।

प्रधानमंत्री ने विभिन्‍न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया और राष्ट्र को समर्पित किया। इनमें अहमदनगर सिविल अस्पताल में आयुष अस्पताल; कुर्दुवाड़ी-लातूर रोड रेलवे खंड (186 किमी.) का विद्युतीकरण; जलगांव को भुसावल से जोड़ने वाली तीसरी और चौथी रेलवे लाइन (24.46 किमी); एनएच-166 (पैकेज-I) के सांगली से बोरगांव खंड को चार लेन का बनाना; और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मनमाड टर्मिनल पर अतिरिक्त सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने अहमदनगर सिविल अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग की आधारशिला रखी। श्री मोदी ने लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड और स्वामित्व कार्ड भी वितरित किये।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the transformative impact of Yoga
June 22, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that the remarkable success of the International Day of Yoga is proof that Yoga is not only helping millions of people across the world achieve physical well-being, but is also inspiring them to lead positive lives with confidence.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा॥”

The Subhashitam conveys that yoga is the means of completely calming and quieting the mind. To attain this goal, two principal methods of yoga are prescribed: calming the mind and regulating the flow of the breath.

The Prime Minister wrote on X;

“अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न केवल दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा॥”