प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत की जनता की सेवा करने के अपने अटूट संकल्प को दोहराते हुए और 'नागरिकदेवो भव' की पावन भावना को इसकी मार्गदर्शक शक्ति के रूप में रेखांकित करते हुए, 'सेवा तीर्थ' राष्ट्र को समर्पित किया।
श्री मोदी ने कही कि सेवा तीर्थ का समर्पण जनसेवा और नागरिकों के कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'सेवा तीर्थ' कर्तव्य, करुणा और 'इंडिया फर्स्ट' (भारत प्रथम) के सिद्धांत के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के एक उज्ज्वल और शक्तिशाली प्रतीक के रूप में विद्यमान है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और सभी के कल्याण के प्रति अथक समर्पण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगा और हर नागरिक की भलाई के लिए समर्पण भाव से आगे बढ़ने हेतु लोगों को प्रोत्साहित करना जारी रखेगा।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
"भारत की जनता की सेवा करने के अटूट संकल्प के साथ और नागरिकदेवो भव की पावन भावना से प्रेरित होकर, सेवा तीर्थ राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य मिला।
मेरी कामना है कि सेवा तीर्थ सदैव कर्तव्य, करुणा और 'इंडिया फर्स्ट' (भारत प्रथम) के सिद्धांत के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के एक उज्ज्वल प्रतीक के रूप में अडिग रहे। यह आने वाली पीढ़ियों को निस्वार्थ सेवा और सर्व-कल्याण के प्रति अथक समर्पण के मार्ग पर चलने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहे।"
With an unwavering resolve to serve the people of India and guided by the sacred spirit of Nagrikdevo Bhava, Seva Teerth is humbly dedicated to the nation.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
May Seva Teerth always stand as a radiant symbol of duty, compassion, commitment to the principle of India First. May it… pic.twitter.com/xVRoEcbtE9
“देशवासियों की सेवा के अटूट संकल्प और 'नागरिक देवो भव' की पावन भावना को साथ लेकर, आज ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य मिला।
‘सेवा तीर्थ’ कर्तव्य, करुणा और ‘राष्ट्र प्रथम’ के लिए हमारी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।
मेरी कामना है कि यह आने वाली पीढ़ियों को निःस्वार्थ सेवा और जन-जन के कल्याण के लिए समर्पित होकर आगे बढ़ने को प्रेरित करता रहे।”
देशवासियों की सेवा के अटूट संकल्प और 'नागरिक देवो भव' की पावन भावना को साथ लेकर, आज ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित करने का सौभाग्य मिला।
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
‘सेवा तीर्थ’ कर्तव्य, करुणा और ‘राष्ट्र प्रथम’ के लिए हमारी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है।
मेरी कामना है कि यह आने वाली पीढ़ियों को… pic.twitter.com/YWYUuSHtsD


