राजस्थान में 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का लाकार्पण और उद्घाटन किया
राजस्थान में 5000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया
उन्होंने लगभग 2300 करोड़ रुपये लागत की आठ महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
'खातीपुरा रेलवे स्टेशन' राष्ट्र को समर्पित किया
प्रधानमंत्री ने लगभग 5300 करोड़ रुपये लागत की महत्वपूर्ण सौर परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
2100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की राष्ट्रीय विद्युत ट्रांसमिशन क्षेत्र की परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं
जल जीवन मिशन के तहत लगभग 2400 करोड़ रुपये लागत की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी
जोधपुर में इंडियन ऑयल का एलपीजी बॉटलिंग प्लांट राष्ट्र को समर्पित किया
"विकसित भारत के निर्माण में विकसित राजस्थान की अहम भूमिका है"
"भारत के पास अतीत की निराशा को छोड़कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मौजूद है"
जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं तो ये सिर्फ एक शब्द या एक भावना नहीं है बल्कि यह प्रत्येक प

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'विकसित भारत विकसित राजस्थान' कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने 17,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं सड़क, रेल, सौर ऊर्जा, विद्युत ट्रांसमिशन, पेयजल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं।

उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विकसित भारत, विकसित राजस्थान कार्यक्रम के साथ राजस्थान के सभी निर्वाचन क्षेत्रों के लाखों लोगों के जुड़ाव का उल्लेख किया और उन्हें इस कार्यक्रम में उपस्थित रहने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सभी लाभार्थियों को एक छत के नीचे लाने के बारे में प्रौद्योगिकी के उत्कृष्ट उपयोग के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री को भी बधाई दी। राजस्थान के लोगों की गुणवत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ दिन पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के राजस्थान में हुए स्वागत को स्मरण करते हुए कहा कि इसकी गूंज न सिर्फ भारत भर में बल्कि फ्रांस में भी सुनाई दी है। प्रधानमंत्री ने राजस्थान में विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के दौरे में लोगों के आशीर्वाद का स्मरण करते हुए डबल इंजन सरकार के गठन में 'मोदी की गारंटी' के प्रति विश्वास की भी पुष्टि की। उन्होंने सड़क, रेलवे, सौर ऊर्जा, विद्युत ट्रांसमिशन, पेयजल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के क्षेत्रों में आज 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की विकास परियोजनाओं के लिए राजस्थान की जनता को बधाई देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में रोजगार के अनेक अवसर जुटाने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से 'ये ही समय है-सही समय है' का समरण करते हुए वर्तमान समय को स्वर्णिम काल बताते हुए कहा कि भारत पिछले कई दशकों की निराशा को पीछे छोड़कर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले घोटालों, असुरक्षा और आतंकवाद की बात के विपरीत अब हमारा ध्यान विकसित भारत और विकसित राजस्थान के लक्ष्य पर केंद्रित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम बड़े संकल्प ले रहे हैं और बड़े सपने भी देख रहे हैं तथा हम इन सपनों को साकार करने के लिए अपने आप को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं तो ये केवल एक शब्द या एक भावना ही नहीं है बल्कि प्रत्येक परिवार के जीवन को समृद्ध बनाने का एक अभियान भी हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत अभियान देश में गरीबी दूर करने, गुणवत्तायुक्त रोजगार का सृजन करने और देश में आधुनिक सुविधाएं जुटाने का अभियान है। अपनी विदेश यात्रा के दौरान, जिससे वह कल लौटे हैं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने वैश्विक नेताओं के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि विश्व नेता यह मान रहे हैं कि भारत अब बड़े सपने देख सकता है और उन सपनों को साकार कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने रेल, सड़क, विद्युत और जल जैसे आवश्यक क्षेत्रों के तेजी से विकास की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत के विकास के लिए विकसित राजस्थान का विकास जरूरी है।'' उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों के विकास से किसानों, पशुपालकों, उद्योगों और पर्यटन सहित अन्य लोगों को लाभ मिलेगा, इसके साथ ही राज्य में नए निवेश और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 11 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है, जो किसी भी पिछली सरकार की तुलना में 6 गुना से भी अधिक है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस व्यय से सीमेंट, पत्थर और सिरेमिक उद्योगों को भारी लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने राजस्थान में पिछले 10 वर्षों के दौरान ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों और एक्सप्रेसवे में हुए अभूतपूर्व निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि आज राजस्थान चौड़े राजमार्गों के माध्यम से गुजरात, महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों से लेकर पंजाब तक जुड़ रहा है। आज की परियोजनाएं कोटा, उदयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, अजमेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगी। ये सड़कें दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र के साथ बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेंगी।

प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण, सुधार और मरम्मत कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बांदीकुई-आगरा फोर्ट रेल लाइन के दोहरीकरण से मेहंदीपुर बालाजी और आगरा तक सहज पहुंच उपलब्ध होगी। इसी तरह, उन्होंने खातीपुरा (जयपुर) स्टेशन का भी जिक्र किया, जो अधिक ट्रेनों के संचालन में सक्षम हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों को अपने घरों में सौर बिजली का उत्पादन करने के साथ-साथ इस अतिरिक्त बिजली को बेचकर आय जुटाने में सक्षम बनाने के बारे में सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने पीएम सूर्य घर योजना या नि:शुल्क बिजली योजना की पहल पर प्रकाश डाला, जिसमें सरकार 300 यूनिट मुफ्त बिजली की व्यवस्था करेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार प्रारंभ में एक करोड़ घरों की छतों पर सौर पैनल स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करेगी। इस परियोजना का कुल परिव्यय लगभग 75,000 करोड़ रुपये होगा। उन्होंने उल्लेख किया कि इससे मध्यम वर्गीय और निम्न मध्यम वर्गीय के समाज को सबसे ज्यादा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए बैंक भी आसानी से ऋण उपलब्ध कराएंगे। श्री मोदी ने गरीबों और मध्यम वर्ग के खर्च को कम करने में डबल इंजन सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजस्थान में सरकार ने 5 लाख घरों में सौर पैनल लगाने की योजना बनाई है।

प्रधानमंत्री ने चार वर्गों यानी युवा, महिला, किसान और गरीबों के विकास पर ध्यान केन्द्रित करने का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे लिए ये 4 सबसे बड़ी जातियां हैं और मुझे खुशी है कि डबल इंजन सरकार इन वर्गों के सशक्तिकरण के लिए मोदी द्वारा दी गई गारंटी को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की नई सरकार के पहले बजट में 70 हजार रोजगारों का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने पेपर लीक घटनाओं के लिए एसआईटी के गठन करने के बारे में नई राज्य सरकार की प्रशंसा करते हुए पेपर लीक के खिलाफ कड़े नए केंद्रीय कानून के बारे में भी जानकारी दी जो इस बारे में निवारक के रूप में काम करेगा।

प्रधानमंत्री ने गरीब परिवारों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की गारंटी का उल्लेख किया और कहा कि इससे राजस्थान में लाखों महिलाओं को लाभ हुआ है। पिछली सरकार के दौरान जल जीवन मिशन में हुए घोटालों की तरफ इशारा करते हुए श्री मोदी ने उल्लेख किया कि अब काम तेज गति से हो रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि के तहत दी जा रही 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि हम हर क्षेत्र में एक-एक करके दिये गए अपने वायदे पूरे कर रहे हैं। हम अपनी गारंटी को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए लोग कहते हैं - मोदी की गारंटी का मतलब गारंटी पूरा होना है।

विकसित भारत संकल्प यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी का प्रयास यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक लाभार्थी को उसका अधिकार शीघ्र मिले और कोई भी इससे वंचित न रहे। उन्होंने राजस्थान के करोड़ों नागरिकों की भागीदारी का उल्लेख किया, जहां लगभग 3 करोड़ लोगों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गई है, एक करोड़ नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, 15 लाख किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के लिए पंजीकरण कराया है, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए लगभग 6.5 लाख किसानों ने आवेदन किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लगभग 8 लाख महिलाओं ने उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है, जहां इस अवधि के दौरान 2.25 लाख कनेक्शन पहले ही जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजस्थान के 16 लाख लोग 2-2 लाख रुपये वाली बीमा योजना से जुड़ चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने उन ताकतों की तरफ इशारा किया जो निराशा के माहौल को तो बढ़ावा देते हैं और देश की सफलताओं का जश्न मनाने से दूर रहते हैं। उन्होंने वंशवाद की राजनीति के प्रति सचेत रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति युवाओं को प्रोत्साहित नहीं करती। पहली बार मतदाता बने युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे युवा 'विकसित भारत' के विज़न के साथ खड़े हैं। विकसित राजस्थान और विकसित भारत का विज़न पहली बार मतदाता बने युवाओं के लिए है।

इस कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल श्री कलराज मिश्र, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, राजस्थान सरकार के अन्य मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधि शामिल हुए।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने राजस्थान में 5000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने 8-लेन दिल्ली-मुंबई ग्रीन फील्ड एलाइनमेंट (एनई-4) के तीन पैकेजों अर्थात बौंली-झलाई रोड से मुई गांव सेक्शन तक; हरदेवगंज गांव से मेज नदी सेक्शन तक; और तकली से राजस्थान/मध्यप्रदेश सीमा तक के सेक्शन का उद्घाटन किया। ये सेक्शन इस क्षेत्र में तेज़ और बेहतर कनेक्टिविटी उपलबध कराएंगे। ये सेक्शन वन्यजीवों की बाधारहित आवाजाही की सुविधा के साथ छद्मावरण के साथ पशु अंडरपास और पशु ओवरपास से भी सुसज्जित हैं। इसके अतिरिक्त, वन्यजीवन पर शोर के प्रभाव को कम करने के लिए शोर अवरोधकों का भी प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ने देबारी में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के चित्तौड़गढ़-उदयपुर राजमार्ग सेक्शन को काया गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के उदयपुर-शामलाजी सेक्शन से जोड़ने वाले 6-लेन के ग्रीनफील्ड उदयपुर बाईपास का भी उद्घाटन किया। यह बाईपास उदयपुर शहर में यातायात भीड़भाड़ को कम करने में भी मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने कई अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया जो राजस्थान के झुंझुनू, आबू रोड और टोंक जिलों में सड़कों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाएंगी।

इस क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने लगभग 2300 करोड़ रुपये की लागत वाली राजस्थान की आठ महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्‍यास किया। राष्ट्र को समर्पित की जा रही रेल परियोजनाओं में जोधपुर-राय का बाग-मेड़ता रोड-बीकानेर सेक्शन (277 किलोमीटर), जोधपुर-फलोदी खंड (136 किमी); और बीकानेर-रतनगढ़-सादुलपुर-रेवाड़ी खंड (375 किमी) सहित रेल मार्गों के विद्युतीकरण के लिए विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने 'खातीपुरा रेलवे स्टेशन' का भी लोकार्पण किया। यह रेलवे स्टेशन जयपुर के लिए एक सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है जो 'टर्मिनल सुविधा' से लैस है जहां से ट्रेनों का प्रस्थान और समापन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने जिन रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनमें भगत की कोठी (जोधपुर) में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की रख-रखाव सुविधा शामिल है; खातीपुरा (जयपुर) में वंदे भारत, एलएचबी जैसे सभी प्रकार के रेक का रखरखाव; हनुमानगढ़ में रेलों के रख-रखाव के लिए कोच देखभाल परिसर का निर्माण; और बांदीकुई से आगरा फोर्ट रेल लाइन का दोहरीकरण शामिल है। रेलवे क्षेत्र की परियोजनाओं का उद्देश्य रेल बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना, सुरक्षा उपायों को बढ़ाना, कनेक्टिविटी को बेहतर करना तथा माल और लोगों की आवाजाही को अधिक कुशलतापूर्वक सुविधाजनक बनाना है।

क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने राजस्थान में लगभग 5300 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण सौर परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने राजस्थान के बीकानेर में बरसिंगसर थर्मल पावर स्टेशन के पास स्थापित होने वाली 300 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना, एनएलसीआईएल बरसिंगसर सौर परियोजना की आधारशिला रखी। इस सौर परियोजना को आत्मनिर्भर भारत के अनुरूप भारत में निर्मित उच्च दक्षता वाले बाइफेशियल मॉड्यूल से युक्त नवीनतम अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने सीपीएसयू योजना चरण- II (ट्रांच -III) के तहत एनएचपीसी लिमिटेड की 300 मेगावाट की सौर विद्युत परियोजना की भी आधारशिला रखी, जिसे राजस्थान के बीकानेर में विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने राजस्थान के बीकानेर में विकसित 300 मेगावाट की एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड नोखरा सौर पीवी परियोजना भी राष्ट्र को समर्पित की। यह सौर परियोजनाएं हरित विद्युत सृजन, कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को संतुलित करने और क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

प्रधानमंत्री ने राजस्थान में 2100 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय विद्युत ट्रांसमिशन क्षेत्र की परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित कीं। ये परियोजनाएं राजस्थान में सौर ऊर्जा क्षेत्रों से बिजली की निकासी के लिए हैं ताकि इन क्षेत्रों में सौर विद्युत सृजन को लाभार्थियों तक पहुंचाया जा सके। इन परियोजनाओं में चरण- II भाग ए के तहत राजस्थान में सौर ऊर्जा क्षेत्रों (8.1 गीगावॉट) से बिजली की निकासी के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत बनाने की योजनाओं में चरण-II भाग-बी1 के तहत राजस्थान में सौर ऊर्जा क्षेत्रों (8.1 गीगावॉट) से बिजली की निकासी के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत बनाने की योजना; बीकानेर (पीजी), फतेहगढ़-II और भादला-II में आरई परियोजनाओं से कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली का सृजन शामिल है।

प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत परियोजनाओं सहित लगभग 2400 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी, जिनका उद्देश्य राजस्थान में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है। ये परियोजनाएं पूरे देश भर में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री के समर्पण को दर्शाती हैं।

प्रधानमंत्री ने जोधपुर में इंडियन ऑयल का एलपीजी बॉटलिंग प्लांट राष्ट्र को समर्पित किया। यह प्लांट संचालन और सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और स्वचालन प्रणाली से लैस है जो रोजगार जुटाने के साथ-साथ इस क्षेत्र के लाखों उपभोक्ताओं की एलपीजी जरूरतों को पूरा करेगा।

राजस्थान में इन विकास परियोजनाओं का शुभारंभ राजस्थान के बुनियादी ढांचे के परिदृश्य को बदलने और राज्य में विकास के नये अवसर जुटाने के लिए प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों को दर्शाता है। यह कार्यक्रम राजस्थान के सभी जिलों में लगभग 200 स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मुख्य कार्यक्रम जयपुर में आयोजित किया जाएगा। राज्यव्यापी कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाखों लाभार्थियों की भागीदारी देखी गई। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के अन्य मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय स्तर के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

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प्रधानमंत्री मोदी का ‘IANS’ के साथ इंटरव्यू
May 27, 2024

पहले तो मैं आपकी टीम को बधाई देता हूं भाई, कि इतने कम समय में आपलोगों ने अच्छी जगह बनाई है और एक प्रकार से ग्रासरूट लेवल की जो बारीक-बारीक जानकारियां हैं। वह शायद आपके माध्यम से जल्दी पहुंचती है। तो आपकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

Q1 - आजकल राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को पाकिस्तान से इतना endorsement क्यों मिल रहा है ? 370 ख़त्म करने के समय से लेकर आज तक हर मौक़े पर पाकिस्तान से उनके पक्ष में आवाज़ें आती हैं ?

जवाब – देखिए, चुनाव भारत का है और भारत का लोकतंत्र बहुत ही मैच्योर है, तंदरुस्त परंपराएं हैं और भारत के मतदाता भी बाहर की किसी भी हरकतों से प्रभावित होने वाले मतदाता नहीं हैं। मैं नहीं जानता हूं कि कुछ ही लोग हैं जिनको हमारे साथ दुश्मनी रखने वाले लोग क्यों पसंद करते हैं, कुछ ही लोग हैं जिनके समर्थन में आवाज वहां से क्यों उठती है। अब ये बहुत बड़ी जांच पड़ताल का यह गंभीर विषय है। मुझे नहीं लगता है कि मुझे जिस पद पर मैं बैठा हूं वहां से ऐसे विषयों पर कोई कमेंट करना चाहिए लेकिन आपकी चिंता मैं समझ सकता हूं।

 

Q 2 - आप ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम तेज करने की बात कही है अगली सरकार जब आएगी तो आप क्या करने जा रहे हैं ? क्या जनता से लूटा हुआ पैसा जनता तक किसी योजना या विशेष नीति के जरिए वापस पहुंचेगा ?

जवाब – आपका सवाल बहुत ही रिलिवेंट है क्योंकि आप देखिए हिंदुस्तान का मानस क्या है, भारत के लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं। दीमक की तरह भ्रष्टाचार देश की सारी व्यवस्थाओं को खोखला कर रहा है। भ्रष्टाचार के लिए आवाज भी बहुत उठती है। जब मैं 2013-14 में चुनाव के समय भाषण करता था और मैं भ्रष्टाचार की बातें बताता था तो लोग अपना रोष व्यक्त करते थे। लोग चाहते थे कि हां कुछ होना चाहिए। अब हमने आकर सिस्टमैटिकली उन चीजों को करने पर बल दिया कि सिस्टम में ऐसे कौन से दोष हैं अगर देश पॉलिसी ड्रिवन है ब्लैक एंड व्हाइट में चीजें उपलब्ध हैं कि भई ये कर सकते हो ये नहीं कर सकते हो। ये आपकी लिमिट है इस लिमिट के बाहर जाना है तो आप नहीं कर सकते हो कोई और करेगा मैंने उस पर बल दिया। ये बात सही है..लेकिन ग्रे एरिया मिनिमल हो जाता है जब ब्लैक एंड व्हाइट में पॉलिसी होती है और उसके कारण डिसक्रिमिनेशन के लिए कोई संभावना नहीं होती है, तो हमने एक तो पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस पर बल दिया। दूसरा हमने स्कीम्स के सैचुरेशन पर बल दिया कि भई 100% जो स्कीम जिसके लिए है उन लाभार्थियों को 100% ...जब 100% है तो लोगों को पता है मुझे मिलने ही वाला है तो वो करप्शन के लिए कोई जगह ढूंढेगा नहीं। करप्शन करने वाले भी कर नहीं सकते क्योंकि वो कैसे-कैसे कहेंगे, हां हो सकता है कि किसी को जनवरी में मिलने वाला मार्च में मिले या अप्रैल में मिले ये हो सकता है लेकिन उसको पता है कि मिलेगा और मेरे हिसाब से सैचुरेशन करप्शन फ्री गवर्नेंस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सोशल जस्टिस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सेकुलरिज्म की गारंटी देता है। ऐसे त्रिविध फायदे वाली हमारी दूसरी स्कीम, तीसरा मेरा प्रयास रहा कि मैक्सिमम टेक्नोलॉजी का उपयोग करना। टेक्नोलॉजी में भी..क्योंकि रिकॉर्ड मेंटेन होते हैं, ट्रांसपेरेंसी रहती है। अब डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर में 38 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हमने। अगर राजीव गांधी के जमाने की बात करें कि एक रुपया जाता है 15 पैसा पहुंचता है तो 38 लाख करोड़ तो हो सकता है 25-30 लाख करोड़ रुपया ऐसे ही गबन हो जाते तो हमने टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया है। जहां तक करप्शन का सवाल है देश में पहले क्या आवाज उठती थी कि भई करप्शन तो हुआ लेकिन उन्होंने किसी छोटे आदमी को सूली पर चढ़ा दिया। सामान्य रूप से मीडिया में भी चर्चा होती थी कि बड़े-बड़े मगरमच्छ तो छूट जाते हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़कर आप चीजें निपटा देते हो। फिर एक कालखंड ऐसा आया कि हमें पूछा जाता था 19 के पहले कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें करते थे क्यों कदम नहीं उठाते हो, क्यों अरेस्ट नहीं करते हो, क्यों लोगों को ये नहीं करते हो। हम कहते थे भई ये हमारा काम नहीं है, ये स्वतंत्र एजेंसी कर रही है और हम बदइरादे से कुछ नहीं करेंगे। जो भी होगा हमारी सूचना यही है जीरो टोलरेंस दूसरा तथ्यों के आधार पर ये एक्शन होना चाहिए, परसेप्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए। तथ्य जुटाने में मेहनत करनी पड़ती है। अब अफसरों ने मेहनत भी की अब मगरमच्छ पकड़े जाने लगे हैं तो हमें सवाल पूछा जा रहा है कि मगरमच्छों को क्यों पकड़ते हो। ये समझ में नहीं आता है कि ये कौन सा गैंग है, खान मार्केट गैंग जो कुछ लोगों को बचाने के लिए इस प्रकार के नैरेटिव गढ़ती है। पहले आप ही कहते थे छोटों को पकड़ते हो बड़े छूट जाते हैं। जब सिस्टम ईमानदारी से काम करने लगा, बड़े लोग पकड़े जाने लगे तब आप चिल्लाने लगे हो। दूसरा पकड़ने का काम एक इंडिपेंडेंट एजेंसी करती है। उसको जेल में रखना कि बाहर रखना, उसके ऊपर केस ठीक है या नहीं है ये न्यायालय तय करता है उसमें मोदी का कोई रोल नहीं है, इलेक्टेड बॉडी का कोई रोल नहीं है लेकिन आजकल मैं हैरान हूं। दूसरा जो देश के लिए चिंता का विषय है वो भ्रष्ट लोगों का महिमामंडन है। हमारे देश में कभी भी भ्रष्टाचार में पकड़े गए लोग या किसी को आरोप भी लगा तो लोग 100 कदम दूर रहते थे। आजकल तो भ्रष्ट लोगों को कंधे पर बिठाकर नाचने की फैशन हो गई है। तीसरा प्रॉब्लम है जो लोग कल तक जिन बातों की वकालत करते थे आज अगर वही चीजें हो रही हैं तो वो उसका विरोध कर रहे हैं। पहले तो वही लोग कहते थे सोनिया जी को जेल में बंद कर दो, फलाने को जेल में बंद कर दो और अब वही लोग चिल्लाते हैं। इसलिए मैं मानता हूं आप जैसे मीडिया का काम है कि लोगों से पूछे कि बताइए छोटे लोग जेल जाने चाहिए या मगरमच्छ जेल जाने चाहिए। पूछो जरा पब्लिक को क्या ओपिनियन है, ओपिनियन बनाइए आप लोग।

 

Q3- नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक सबने गरीबी हटाने की बात तो की लेकिन आपने आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया, इसे लेकर कैसे रणनीति तैयार करते हैं चाहे वो पीएम स्वनिधि योजना हो, पीएम मुद्रा योजना बनाना हो या विश्वकर्मा योजना हो मतलब एकदम ग्रासरूट लेवल से काम किया ?

जवाब – देखिए हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। पहले चीजें बाहर से आती थी तो कहते थे देखिए देश को बेच रहे हैं सब बाहर से लाते हैं। आज जब देश में बन रहा है तो कहते हैं देखिए ग्लोबलाइजेशन का जमाना है और आप लोग अपने ही देश की बातें करते हैं। मैं समझ नहीं पाता हूं कि देश को इस प्रकार से गुमराह करने वाले इन ऐलिमेंट्स से देश को कैसे बचाया जाए। दूसरी बात है अगर अमेरिका में कोई कहता है Be American By American उसपर तो हम सीना तानकर गर्व करते हैं लेकिन मोदी कहता है वोकल फॉर लोकल तो लोगों को लगता है कि ये ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ है। तो इस प्रकार से लोगों को गुमराह करने वाली ये प्रवृत्ति चलती है। जहां तक भारत जैसा देश जिसके पास मैनपावर है, स्किल्ड मैनपावर है। अब मैं ऐसी तो गलती नहीं कर सकता कि गेहूं एक्सपोर्ट करूं और ब्रेड इम्पोर्ट करूं..मैं तो चाहूंगा मेरे देश में ही गेहूं का आटा निकले, मेरे देश में ही गेहूं का ब्रेड बने। मेरे देश के लोगों को रोजगार मिले तो मेरा आत्मनिर्भर भारत का जो मिशन है उसके पीछे मेरी पहली जो प्राथमिकता है कि मेरे देश के टैलेंट को अवसर मिले। मेरे देश के युवाओं को रोजगार मिले, मेरे देश का धन बाहर न जाए, मेरे देश में जो प्राकृतिक संसाधन हैं उनका वैल्यू एडिशन हो, मेरे देश के अंदर किसान जो काम करता है उसकी जो प्रोडक्ट है उसका वैल्यू एडिशन हो वो ग्लोबल मार्केट को कैप्चर करे और इसलिए मैंने विदेश विभाग को भी कहा है कि भई आपकी सफलता को मैं तीन आधारों से देखूंगा एक भारत से कितना सामान आप..जिस देश में हैं वहां पर खरीदा जाता है, दूसरा उस देश में बेस्ट टेक्नोलॉजी कौन सी है जो अभीतक भारत में नहीं है। वो टेक्नोलॉजी भारत में कैसे आ सकती है और तीसरा उस देश में से कितने टूरिस्ट भारत भेजते हो आप, ये मेरा क्राइटेरिया रहेगा...तो मेरे हर चीज में सेंटर में मेरा नेशन, सेंटर में मेरा भारत और नेशन फर्स्ट इस मिजाज से हम काम करते हैं।

 

Q 4 - एक तरफ आप विश्वकर्माओं के बारे में सोचते हैं, नाई, लोहार, सुनार, मोची की जरूरतों को समझते हैं उनसे मिलते हैं तो वहीं दूसरी तरफ गेमर्स से मिलते हैं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात करते हैं, इन्फ्लुएंसर्स से आप मिलते हैं इनकी अहमियत को भी सबके सामने रखते हैं, इतना डाइवर्सीफाई तरीके से कैसे सोच पाते हैं?

जवाब- आप देखिए, भारत विविधताओं से भरा हुआ है और कोई देश एक पिलर पर बड़ा नहीं हो सकता है। मैंने एक मिशन लिया। हर डिस्ट्रिक्ट का वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पर बल दिया, क्यों? भारत इतना विविधता भरा देश है, हर डिस्ट्रिक्ट के पास अपनी अलग ताकत है। मैं चाहता हूं कि इसको हम लोगों के सामने लाएं और आज मैं कभी विदेश जाता हूं तो मुझे चीजें कौन सी ले जाऊंगा। वो उलझन नहीं होती है। मैं सिर्फ वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट का कैटलॉग देखता हूं। तो मुझे लगता है यूरोप जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। अफ्रीका जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। और हर एक को लगता है एक देश में। यह एक पहलू है दूसरा हमने जी 20 समिट हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्से में की है। क्यों? दुनिया को पता चले कि दिल्ली, यही हिंदुस्तान नहीं है। अब आप ताजमहल देखें तो टूरिज्म पूरा नहीं होता जी मेरे देश का। मेरे देश में इतना पोटेंशियल है, मेरे देश को जानिए और समझिए और इस बार हमने जी-20 का उपयोग भारत को विश्व के अंदर भारत की पहचान बनाने के लिए किया। दुनिया की भारत के प्रति क्यूरियोसिटी बढ़े, इसमें हमने बड़ी सफलता पाई है, क्योंकि दुनिया के करीब एक लाख नीति निर्धारक ऐसे लोग जी-20 समूह की 200 से ज्यादा मीटिंग में आए। वह अलग-अलग जगह पर गए। उन्होंने इन जगहों को देखा, सुना भी नहीं था, देखा वो अपने देश के साथ कोरिलिरेट करने लगे। वो वहां जाकर बातें करने लगे। मैं देख रहा हूं जी20 के कारण लोग आजकल काफी टूरिस्टों को यहां भेज रहे हैं। जिसके कारण हमारे देश का टूरिज्म को बढ़ावा मिला।

इसी तरह आपने देखा होगा कि मैंने स्टार्टअप वालों के साथ मीटिंग की थी, मैं वार्कशॉप करता था। आज से मैं 7-8 साल पहले, 10 साल पहले शुरू- शुरू में यानी मैं 14 में आया। उसके 15-16 के भीतर-भीतर मैंने जो नए स्टार्टअप की दुनिया शुरू हुई, उनकी मैंने ऐसे वर्कशॉप की है तो मैं अलग-अलग कभी मैंने स्पोर्ट्स पर्सन्स के की, कभी मैंने कोचों के साथ की कि इतना ही नहीं मैंने फिल्म दुनिया वालों के साथ भी ऐसी मीटिंग की।

मैं जानता हूं कि वह बिरादरी हमारे विचारों से काफी दूर है। मेरी सरकार से भी दूर है, लेकिन मेरा काम था उनकी समस्याओं को समझो क्योंकि बॉलीवुड अगर ग्लोबल मार्केट में मुझे उपयोगी होता है, अगर मेरी तेलुगू फिल्में दुनिया में पॉपुलर हो सकती है, मेरी तमिल फिल्म दुनिया पॉपुलर हो सकती है। मुझे तो ग्लोबल मार्केट लेना था मेरे देश की हर चीज का। आज यूट्यूब की दुनिया पैदा हुई तो मैंने उनको बुलाया। आप देश की क्या मदद कर सकते हैं। इंफ्लुएंसर को बुलाया, क्रिएटिव वर्ल्ड, गेमिंम अब देखिए दुनिया का इतना बड़ा गेमिंग मार्केट। भारत के लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं, पैसा लगा रहे हैं और गेमिंग की दुनिया में कमाई कोई और करता है तो मैंने सारे गेमिंग के एक्सपर्ट को बुलाया। पहले उनकी समस्याएं समझी। मैंने देश को कहा, मेरी सरकार को मुझे गेमिंग में भारतीय लीडरशिप पक्की करनी है।

इतना बड़ा फ्यूचर मार्केट है, अब तो ओलंपिक में गेमिंग आया है तो मैं उसमें जोड़ना चाहता हूं। ऐसे सभी विषयों में एक साथ काम करने के पक्ष में मैं हूं। उसी प्रकार से देश की जो मूलभूत व्यवस्थाएं हैं, आप उसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। हमें गांव का एक मोची होगा, सोनार होगा, कपड़े सिलने वाला होगा। वो भी मेरे देश की बहुत बड़ी शक्ति है। मुझे उसको भी उतना ही तवज्जो देना होगा। और इसलिए मेरी सरकार का इंटीग्रेटेड अप्रोच होता है। कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच होता है, होलिस्टिक अप्रोच होता है।

 

Q 5 - डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया उसका विपक्ष ने मजाक भी उड़ाया था, आज ये आपकी सरकार की खास पहचान बन गए हैं और दुनिया भी इस बात का संज्ञान ले रही है, इसका एक उदहारण यूपीआई भी है।

जवाब – यह बात सही है कि हमारे देश में जो डिजिटल इंडिया मूवमेंट मैंने शुरू किया तो शुरू में आरोप क्या लगाए इन्होंने? उन्होंने लगाई कि ये जो सर्विस प्रोवाइडर हैं, उनकी भलाई के लिए हो रहा है। इनको समझ नहीं आया कि यह क्षेत्र कितना बड़ा है और 21वीं सदी एक टेक्नॉलॉजी ड्रिवन सेंचुरी है। टेक्नोलॉजी आईटी ड्रिवन है। आईटी इन्फोर्स बाय एआई। बहुत बड़े प्रभावी क्षेत्र बदलते जा रहे हैं। हमें फ्यूचरस्टीक चीजों को देखना चाहिए। आज अगर यूपीआई न होता तो कोई मुझे बताए कोविड की लड़ाई हम कैसे लड़ते? दुनिया के समृद्ध देश भी अपने लोगों को पैसे होने के बावजूद भी नहीं दे पाए। हम आराम से दे सकते हैं। आज हम 11 करोड़ किसानों को 30 सेकंड के अंदर पैसा भेज सकते हैं। अब यूपीआई अब इतनी यूजर फ्रेंडली है तो क्योंकि यह टैलेंट हमारे देश के नौजवानों में है। वो ऐसे प्रोडक्ट बना करके देते हैं कि कोई भी कॉमन मैन इसका उपयोग कर सकता है। आज मैंने ऐसे कितने लोग देखे हैं जो अपना सोशल मीडिया अनुभव कर रहे हैं। हमने छह मित्रों ने तय किया कि छह महीने तक जेब में 1 पैसा नहीं रखेंगे। अब देखते हैं क्या होता है। छह महीने पहले बिना पैसे पूरी दुनिया में हम अपना काम, कारोबार करके आ गए। हमें कोई तकलीफ नहीं हुई तो हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। तो यूपीआई ने एक प्रकार से फिनटेक की दुनिया में बहुत बड़ा रोल प्ले किया है और इसके कारण इन दिनों भारत के साथ जुड़े हुए कई देश यूपीआई से जुड़ने को तैयार हैं क्योंकि अब फिनटेक का युग है। फिनटेक में भारत अब लीड कर रहा है और इसलिए दुर्भाग्य तो इस बात का है कि जब मैं इस विषय को चर्चा कर रहा था तब देश के बड़े-बड़े विद्वान जो पार्लियामेंट में बैठे हैं वह इसका मखौल उड़ाते थे, मजाक उड़ाते थे, उनको भारत के पोटेंशियल का अंदाजा नहीं था और टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य का भी अंदाज नहीं था।

 

Q 6 - देश के युवा भारत का इतिहास लिखेंगे ऐसा आप कई बार बोल चुके हैं, फर्स्ट टाइम वोटर्स का पीएम मोदी से कनेक्ट के पीछे का क्या कारण है?

एक मैं उनके एस्पिरेशन को समझ पाता हूं। जो पुरानी सोच है कि वह घर में अपने पहले पांच थे तो अब 7 में जाएगा सात से नौ, ऐसा नहीं है। वह पांच से भी सीधा 100 पर जाना चाहता है। आज का यूथ हर, क्षेत्र में वह बड़ा जंप लगाना चाहता है। हमें वह लॉन्चिंग पैड क्रिएट करना चाहिए, ताकि हमारे यूथ के एस्पिरेशन को हम फुलफिल कर सकें। इसलिए यूथ को समझना चाहिए। मैं परीक्षा पर चर्चा करता हूं और मैंने देखा है कि मुझे लाखों युवकों से ऐसी बात करने का मौका मिलता है जो परीक्षा पर चर्चा की चर्चा चल रही है। लेकिन वह मेरे साथ 10 साल के बाद की बात करता है। मतलब वह एक नई जनरेशन है। अगर सरकार और सरकार की लीडरशिप इस नई जनरेशन के एस्पिरेशन को समझने में विफल हो गई तो बहुत बड़ी गैप हो जाएगी। आपने देखा होगा कोविड में मैं बार-बार चिंतित था कि मेरे यह फर्स्ट टाइम वोटर जो अभी हैं, वह कोविड के समय में 14-15 साल के थे अगर यह चार दीवारों में फंसे रहेंगे तो इनका बचपन मर जाएगा। उनकी जवानी आएगी नहीं। वह बचपन से सीधे बुढ़ापे में चला जाएगा। यह गैप कौन भरेगा? तो मैं उसके लिए चिंतित था। मैं उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात करता था। मैं उनको समझाता था का आप यह करिए। और इसलिए हमने डेटा एकदम सस्ता कर दिया। उस समय मेरा डेटा सस्ता करने के पीछे लॉजिक था। वह ईजिली इंटरनेट का उपयोग करते हुए नई दुनिया की तरफ मुड़े और वह हुआ। उसका हमें बेनिफिट हुआ है। भारत ने कोविड की मुसीबतों को अवसर में पलटने में बहुत बड़ा रोल किया है और आज जो डिजिटल रिवॉल्यूशन आया है, फिनटेक का जो रिवॉल्यूशन आया है, वह हमने आपत्ति को अवसर में पलटा उसके कारण आया है तो मैं टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को समझता हूं। मैं टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपने हमें समय दिया।

नमस्कार भैया, मेरी भी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप भी बहुत प्रगति करें और देश को सही जानकारियां देते रहें।