वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण है। संभावनाएं बेहतर होने के बावजूद सुधार अब भी नाजुक दौर में है।
प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में जारी कमजोरी और राजनीतिक द्वंद के माहौल में हमें नये वित्तीय संकट के संकेतों को पहचानने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
इराक तथा व्यापक क्षेत्र में घटनाक्रम इस पर प्रभाव डाल सकते हैं। मुझे कई देशों में कड़ी मौद्रिक नीति तथा हमारे देशों में निवेश और विकास दर में कमी को लेकर भी चिंता है।
वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए एक मुक्त, नियमाधारित अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है।
इसे विकासशील देशों की आकांक्षाओं पर ध्यान देना चाहिए।
निश्चित रूप से इसे हमारे समाज के सबसे कमजोर तबकों की विशेष जरूरतों जैसे खाद्य सुरक्षा का अवश्य ध्यान रखना चाहिए।
डब्ल्यूटीओ की दोहा दौर की वार्ताओं से ये हमारी व्यापक उम्मीदें हैं।
महामहिम,
ब्रिक्स नया विकास बैंक की स्थापना के लिए समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। मुझे खुशी है कि 2012 में नई दिल्ली में शुरू हुई पहल आज वास्तविकता बन गई है।
ब्रिक्स आपात रिजर्व व्यवस्था पर समझौता भी एक और महत्वपूर्ण कदम है।
मैं इन दो उपायों को इतनी जल्दी अंजाम तक पहुंचाने के लिए हमारे वित्तमंत्रियों को बधाई देता हूं।
इन उपायों का मूल विकासशील देशों के रूप में हमारे अपने अनुभव रहे हैं।
वे एक वैश्विक संस्थान स्थापित करने की हमारी क्षमताओं के द्योतक हैं।
वे हमारे देशों को विकास में मदद करने तथा अन्य देशों की मदद करने के नए मार्ग खोलेंगे।
हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि ये संस्थान विकास और स्थिरता का एक नया मॉडल स्थापित करें।
महामहिम, इस शिखर सम्मेलन का थीम, मेरी सरकार का निर्देशक तत्व भी है। हमारी व्यापक सामाजिक, क्षेत्रीय और आर्थिक विविधता को देखते हुए हमारे लिए समावेश एक विशेष चुनौती और जिम्मेदारी है।
हमारी नीतियां लोगों को कौशल और अवसर प्रदान कर सशक्त करने पर केंद्रित होंगी।
हम बुनियादी ढांचे, सस्ते आवास, स्वास्थ्य शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा में भारी निवेश करेंगे।
हम उन सभी संभावनाओं का दोहन करेंगे जो उन्नत प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से संभव हैं।
इस सबके लिए विकास को गति देनी होगी।
हम अपनी वृद्धि में बाधा डाले बगैर हमारी विकास प्रक्रिया को सतत बनाए रखने के लिए स्वच्छ और सीमित संसाधनों पर जोर देंगे।
निरंतरता (सतत) भारतीय जीवनशैली का अहम तत्व है। जैसा कि महात्मा गांधी ने कहा है कि विश्व में हर एक की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन सभी के लालच को पूरा करने के लिए नहीं। हम प्रकृति के उपहार को गृहण कर सकते हैं हालांकि प्रकृति का शोषणएक अपराध है।
हमने सहस्राब्दि विकास लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रगति की है। लेकिन व्यापक गरीबी अब भी हमें चिढ़ाती है।
हमें 2015 के बाद विकास एजेंडा के केंद्र में गरीबी उन्मूलन को अवश्य रखना चाहिए। यह इस मुद्दे पर वैश्विक विमर्श खासकर संयुक्त राष्ट्र में वार्ता तय करने के लिए बेहद जरूरी है। इस तरह के प्रयासों में आम राय बनाने के लिए ब्रिक्स वैश्विक पटल पर अहम आवाज बन सकता है।
महामहिम,
ब्रिक्स आज इस स्थिति में है जहां यह क्षैतिज प्रभाव के जरिये विश्व को संज्ञान लेने के लिए मजबूर कर सकता है।
हमारी आपसी भलाई हमारे संबंधों को गहरा करने में निहित है।
हमें इस सशक्त मंच को और विकेंद्रीकृत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
हमें शिखर सम्मेलन और नेतृत्व केंद्रित वार्ताओं से आगे बढ़कर उपराष्ट्रीय स्तर पर आदान प्रदान की ओर बढ़ना चाहिए। हमें अपने राज्यों, शहरों और स्थानीय निकायों के बीच संबंधों को प्रोत्साहित करना चाहिए।
वास्तव में ब्रिक्स ‘जन से जन’ के संपर्क से प्रेरित होना चाहिए। इस संबंध में हमारे युवाओं को विशेषकर आगे आना चाहिए।
इस संबंध में हमारी भाषाओं को लोकप्रिय बनाने के लिए सभी ब्रिक्स देशों में ब्रिक्स भाषा स्कूल एक बेहतर शुरुआत हो सकते हैं।
इसके अलावा हम सबको शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तौर पर ऑनलाइन कोर्स भी बनाने पर विचार कर सकते हैं।
हम ब्रिक्स यूनिवर्सिटी के विचार की संभावनाएं भी तलाश सकते हैं।
आज प्रौद्योगिकी सामाजिक और आर्थिक विकास के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन का कारक है।
ब्रिक्स देशों में उपलब्ध प्रतिभाओं को एक साथ मिलाकर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, संसाधनों के प्रबंधन और शहरी विकास में सहयोग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
संभवत: ब्रिक्स देशों के एक युवा वैज्ञानिक फोरम की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।
इसके अलावा अन्य विकल्प हो सकते हैं:
ब्रिक्स राष्ट्रों के लिए एक सस्ती स्वास्थ्य सुविधा।
हमारे लघु और मध्यम उद्यमों के बीच अधिक सहयोग के लिए तंत्र स्थापित करना।
ब्रिक्स देशों के बीच पर्यटन प्रोत्साहित करने को एक साझा फ्रेमवर्क।
ब्रिक्स सहयोग को मजबूत बनाने के लिए हमारे रूसी और चीनी समकक्षों ने जो प्रस्ताव दिए हैं, मुझे उनकी जानकारी है।
हमारे वार्ताकारों (शेरपाओं) को तत्काल उनका परीक्षण करना चाहिए।
आइये मानवता की प्रगति के लिए ब्रिक्स को और मजबूत बनाने के लिए अपने संबंध मजबूत करें।
मलेशिया में बसे भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु: पीएम मोदी
February 07, 2026
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कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासियों के स्नेह के लिए अत्यंत आभारी हूँ, हमारा प्रवासी समुदाय भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में निरंतर कार्य करता रहेगा: प्रधानमंत्री
मलेशिया में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा भारतीय मूल का समुदाय निवास करता है, भारत और मलेशिया के दिलों को जोड़ने वाले कई गहरे सूत्र हैं: प्रधानमंत्री
मैंने 'मन की बात' कार्यक्रम में आपके बारे में बात की थी, जहाँ मैंने 140 करोड़ भारतीयों को बताया था कि मलेशिया में 500 से अधिक स्कूल बच्चों को भारतीय भाषाओं में शिक्षा देते हैं: प्रधानमंत्री
मलेशिया में रहने वाला तमिल समुदाय विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहा हैं और तमिल समुदाय यहाँ कई सदियों से मौजूद हैं: प्रधानमंत्री
हमें यह बताते हुए गर्व है कि हमने मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की है। अब हम तिरुवल्लुवर सेंटर भी स्थापित करेंगे, ताकि हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत किया जा सके: प्रधानमंत्री
भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है, यह एशिया की सफलता भी है। इसी कारण मैं कहता हूँ कि हमारे संबंधों का मार्गदर्शक शब्द ‘IMPACT’ है: प्रधानमंत्री
मैं आप सभी को, साथ ही आपके मलय मित्रों को, भारत की यात्रा करने और अतुल्य भारत का अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ, क्योंकि लोगों के बीच संपर्क हमारी मित्रता का मूल आधार है: प्रधानमंत्री
भारत को विकास के लिए एक भरोसेमंद साझेदार माना जाता है, यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, ईयू और अमेरिका जैसे देशों ने भारत के साथ ट्रेड डील की हैं: प्रधानमंत्री
महामहिम प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम,
मेरे प्रिय मित्रों, भाइयों और बहनों,
सलामत पतांग!
वणक्कम्!
सुखमाणो?
सत श्री अकाल!
बागुन्नारा?
केम-छो?
आपके अभिवादन की गर्मजोशी हमारी साझा संस्कृति की सुन्दर विविधता को प्रतिबिंबित करती है।
सबसे पहले, मैं अपने प्रिय मित्र, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को इस सामुदायिक उत्सव में भाग लेने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं उनको इस बात के लिए भी धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने अभी अपने भाषण में भारत-मलेशिया मित्रता की व्यापकता और भविष्य की संभावनाओं को इतने सुंदर शब्दों में व्यक्त किया।
इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मुझे स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर आए और वे मुझे अपनी कार में लेकर आये। केवल अपने कार में ही नहीं, बल्कि अपनी सीट पर भी। यह विशेष स्वागत उनका भारत और आप सभी के प्रति प्रेम और सम्मान को प्रतिबिंबित करता है।
मैं आपके गर्मजोशी से भरे शब्दों, आतिथ्य और मित्रता के प्रति आभारी हूं।
मित्रों,
हमने अभी-अभी एक रिकॉर्ड बनाने के स्तर का एक सांस्कृतिक प्रदर्शन देखा। 800 से अधिक नर्तक एकदम सामंजस्य में। हमारे लोग आने वाले कई वर्षों तक इस प्रदर्शन को याद रखेंगे। मैं आपको बधाई देता हूँ। मैं सभी कलाकारों को बधाई देता हूँ।
मित्रों,
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मैं उनके प्रधानमंत्री बनने के पहले से ही मित्र रहे हैं। मैं उनके सुधारों पर ध्यान, उनकी महान बुद्धिमत्ता और 2025 में आसियान की सक्षम अध्यक्षता की सराहना करता हूँ।
पिछले साल, मैं आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मलेशिया नहीं आ सका। लेकिन मैंने अपने मित्र से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊँगा। और वादे के अनुसार, मैं यहाँ हूँ।
यह मेरी 2026 की पहली विदेश यात्रा है। इन उत्सवों के समय आपके साथ रहकर मुझे खुशी हो रही है। मुझे उम्मीद है कि सभी ने संक्रांति, पोंगल और तइ-पूसम् बड़े उत्साह के साथ मनाया होगा। जल्द ही, शिवरात्रि का पर्व आने वाला है। कुछ ही दिनों में रमजान शुरू होगा और फिर हरि राया बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। मेरी कामना है कि सभी को खुशी और अच्छा स्वास्थ्य मिले।
दोस्तों,
मलेशिया में भारतीय मूल की दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। भारतीय और मलेशियाई दिलों को जोड़ने वाली इतनी बहुत सी चीजें हैं। जो प्रदर्शनी प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम और मैंने थोड़ी देर पहले देखी, वह इन संबंधों को खूबसूरती से दर्शाती है। आप एक जीवंत पुल हैं, जो हमें जोड़ता है।
आपने रोटी चनाई को मलाबार परोट्टा से जोड़ा है।
नारियल, मसाले और बेशक तेह तारिक…
स्वाद इतने परिचित लगते हैं, चाहे व्यक्ति कुआलालंपुर में हो या कोच्चि में। हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। यह शायद हमारे भाषाओं और मलय भाषा में साझा शब्दों की बड़ी संख्या होने की वजह से है।
मैंने सुना है कि भारतीय फिल्में और संगीत मलेशिया में लोकप्रिय हैं। आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम बहुत अच्छा गाते हैं। लेकिन भारत में बहुत से देशवासियों यह नहीं पता था। उनकी पिछली यात्रा के दौरान, लोगों को सुखद आश्चर्य हुआ था। भारत में एक पुराने हिंदी गाने को गाते हुए उनका वीडियो वायरल हो गया! यह अद्भुत है कि उन्हें महान एमजीआर के तमिल गाने भी पसंद हैं।
मित्रों,
मुझे पता है कि भारत की आपके दिलों में एक खास जगह है। मुझे 2001 की एक घटना बहुत स्पष्ट रूप से याद है। जब मेरे गृह राज्य गुजरात में भूकंप आया था, तब आप में से कई लोग मदद के लिए आगे आए। मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूँ।
और उससे भी बहुत पहले, भारत को स्वतंत्र देश बनाने के लिए, आपके हजारों पूर्वजों ने महान बलिदान दिए। इनमें से कई ने कभी भारत नहीं देखा था। लेकिन वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी में शामिल होने वालों में पहले थे।
उनके सम्मान में हमने मलेशिया में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक केंद्र रख दिया। मैं इस मौके पर मलेशिया में नेताजी सेवा केंद्र और नेताजी कल्याण फाउंडेशन के प्रयासों को भी सलाम करता हूँ।
दोस्तों,
यह वास्तव में अद्भुत है कि आपने सदियों से परंपराओं को संरक्षित रखा है। हाल ही में, मैंने अपने मासिक रेडियो संवाद 'मन की बात' में आप सभी के बारे में बात की थी। मैंने 1.4 अरब भारतीयों के साथ साझा किया कि मलेशिया में 500 से अधिक स्कूलों में बच्चों को भारतीय भाषाओं में पढ़ाया जाता है।
तिरुवळ्ळुवर और स्वामी विवेकानंद जैसे महान संतों का प्रभाव भी यहाँ महसूस किया जा सकता है। पिछले सप्ताह बतु गुफाओं में हुए तइ-पूसम् इतने दिव्य थे कि वे पळनि में होने वाले उत्सवों जैसे प्रतीत हो रहे थे। श्री वेंकटेश्वरा मंदिर, बागान दातोह में सांस्कृतिक उत्सव भी समान रूप से भव्य हैं।
मुझे बताया गया है कि यहाँ गरबा बहुत लोकप्रिय है। हम उन सिख भाइयों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी गहरे दिल में संजोते हैं जो यहाँ रहते हैं। आपने नाम जपो, किरत करो, वंड छको को बढ़ावा देकर श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को आज भी जीवित रखा है।
दोस्तों,
यहां भारत के सभी हिस्सों के लोग मौजूद हैं। सांस्कृतिक एकता के सूत्र हमें मजबूती से बांधते हैं। हमारी ताकत यह है कि हम विविधता में एकता को समझते हैं।
दोस्तों,
तमिल दुनिया को भारत का एक उपहार है। तमिल साहित्य शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक है। इसी तरह, तमिल लोगों ने भी अपनी प्रतिभाओं से मानवता की सेवा की है। और मैं गर्व के साथ कहता हूँ, भारत के उपराष्ट्रपति, श्री सीपी राधाकृष्णन जी, हमारे विदेश मंत्री श्री जयशंकर जी, जो आज हमारे साथ हैं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी, जिन्होंने नौ बार हमारा बजट प्रस्तुत किया है और हमारे सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री, डॉ. मुरुगन, सभी तमिलनाडु के हैं।
इसी तरह, मलेशिया में तमिल प्रवासी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कर रहे हैं। वास्तव में, तमिल प्रवासी समाज यहाँ कई शताब्दियों से मौजूद है। इस इतिहास से प्रेरित होकर, हमें मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवळ्ळुवर चेयर स्थापित करने पर गर्व है। अब हम अपने साझा विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवळ्ळुवर केंद्र स्थापित करेंगे।
दोस्तों,
मलेशिया के साथ हमारा संबंध हर साल नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। 2024 में, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की नई दिल्ली यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में उन्नत किया।
आज, हम प्रगति और समृद्धि की दिशा में साझेदारों के रूप में हाथ में हाथ डाले आगे बढ़ रहे हैं। हम एक-दूसरे की सफलता का जश्न उसी तरह मनाते हैं, जैसे अपनी खुद की। मुझे प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता पर शुभकामनाओं से बहुत खुशी हुई। मैं आपसे सहमत हूं, मेरे प्रिय मित्र। भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है, यह एशिया की सफलता है।
इसीलिए, मैं कहता हूं कि हमारे संबंधों का मार्गदर्शक शब्द है, इम्पैक्ट। इम्पैक्ट का मतलब है सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया साझेदारी।
हमारे संबंधों की गति पर इम्पैक्ट
हमारी महत्वाकांक्षाओं के पैमाने पर इम्पैक्ट
हमारे लोगों के लाभ के लिए इम्पैक्ट
साथ मिलकर, हम पूरी मानवता को लाभ पहुंचा सकते हैं!
दोस्तों,
भारतीय कंपनियां मलेशिया के साथ काम करने की हमेशा इच्छुक रही हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमने मलेशिया की पहली और एशिया की सबसे बड़ी इंसुलिन निर्माण सुविधा बनाने में हिस्सा लिया।
100 से अधिक भारतीय आईटी कंपनियां मलेशिया में काम कर रही हैं, जिससे हजारों नौकरियों का सृजन हुआ है। मलेशिया-भारत डिजिटल परिषद् हमारे डिजिटल सहयोग के लिए नए मार्ग बना रही है। मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत की यूपीआई जल्द ही मलेशिया में भी आ जायेगी।
दोस्तों,
हम सभी एक ही हिन्द महासागर के नीले पानी को साझा करते हैं। महासागर के पार, हमें एक-दूसरे से मिलने का बहुत शौक है। मैं आप सभी को भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने के लिए आमंत्रित करता हूं।
पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने अवसंरचना और परोवाहन-संपर्क में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है। एक दशक में हमारे हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई है। राजमार्गों का निर्माण रिकॉर्ड गति से हो रहा है। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों को अंतर्राष्ट्रीय सराहना मिल रही है। मैं आप में से अधिक से अधिक लोगों को यात्रा करने और अद्भुत भारत का अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।
आपको अपने मलय दोस्तों को भी अपने साथ लाना चाहिए। अकेले मत आइए। क्योंकि लोगों के बीच आपसी-संपर्क हमारी मित्रता का आधार है।
दोस्तों,
जब हम 2015 में मिले थे, मैंने आपसे भारत की संभावना के बारे में बात की थी। अब, मैं आपसे भारत के प्रदर्शन के बारे में बात कर रहा हूँ। एक दशक में, भारत ने बड़ा बदलाव देखा है।
तब, हम दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थे। अब, हम शीर्ष 3 के द्वार पर दस्तक दे रहे हैं। हम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भी हैं।
तब, 'मेक इन इंडिया' एक छोटा पौधा था, जिसे अभी-अभी रोपा गया था। अब, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है। हमारा रक्षा निर्यात 2014 की तुलना में लगभग 30 गुना बढ़ गया है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब भी बन गया है।
हमने दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और दुनिया के सबसे बड़े फिनटेक इकोसिस्टम का निर्माण किया है। हमारे यूपीआई प्लेटफ़ॉर्म के कारण, दुनिया के लगभग आधे रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन भारत में होते हैं।
तेज़ बढ़ोतरी के साथ-साथ, हमने यह भी सुनिश्चित किया कि हमारी वृद्धि स्वच्छ और हरित हो। उदाहरण के लिए, एक दशक में हमारी सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 40 गुनी बढ़ गई है।
मित्रों,
पहले, भारत को केवल एक विशाल बाजार के रूप में देखा जाता था। अब, हम निवेश और व्यापार के लिए एक हब हैं। भारत को विकास के लिए एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जाता है। चाहे यूके हो, यूएई हो, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, ओमान, ईयू या यूएसए हो, देशों ने भारत के साथ व्यापारिक समझौते किए हैं। विश्वास भारत की सबसे मजबूत मुद्रा बन गया है।
मित्रों,
भारत हमेशा आपको खुले दिल से स्वीकार करेगा। यही कारण है कि हमने कुछ महीने पहले एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। हमने भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों के लिए ओसीआई कार्ड की पात्रता 6वीं पीढ़ी तक बढ़ा दी।
हम भारतीय छात्रवृत्ति ट्रस्ट फंड का समर्थन कर रहे हैं। अब, हम तिरुवळ्ळुवर छात्रवृत्तियाँ भी देने जा रहे हैं, ताकि छात्र भारत में पढ़ाई कर सकें। और हम आपको ‘भारत को जानें’ कार्यक्रम ('नो इंडिया प्रोग्राम') में देखने के लिए उत्सुक हैं।
आपको जानकर खुशी होगी कि हम जल्द ही मलेशिया में भारत का एक नया वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) खोलने जा रहे हैं। यह हमें और भी करीब लाएगा।
मित्रों,
1.4 अरब भारतीय 2047 तक एक विकसित भारत बनाना चाहते हैं।
विकसित भारत बनाना है ना?
विकसित भारत बनाके रहेंगे कि नहीं रहेंगे?
हम अपने सपनों को साकार करेंगे कि नहीं करेंगे?
हम सपनों को संकल्प में बदलेंगे कि नहीं बदलेंगे?
हम संकल्प को सिद्ध करके रहेंगे कि नहीं रहेंगे?
इस यात्रा में, हमारे प्रवासी भारतीय, भारतीय प्रवासी समुदाय, एक मूल्यवान भागीदार हैं। चाहे आपका जन्म कुआलालंपुर में हुआ हो या कोलकाता में, भारत आपके दिलों में बसता है। आप मलेशिया और भारत की प्रगति का सक्रिय हिस्सा हैं। आप समृद्ध मलेशिया और विकसित भारत के विज़न को साकार करने में मदद करेंगे।