वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण है। संभावनाएं बेहतर होने के बावजूद सुधार अब भी नाजुक दौर में है।

प्रमुख अर्थव्‍यवस्‍थाओं में जारी कमजोरी और राजनीतिक द्वंद के माहौल में हमें नये वित्‍तीय संकट के संकेतों को पहचानने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।

इराक तथा व्‍यापक क्षेत्र में घटनाक्रम इस पर प्रभाव डाल सकते हैं। मुझे कई देशों में कड़ी मौद्रिक नीति तथा हमारे देशों में निवेश और विकास दर में कमी को लेकर भी चिंता है।

वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए एक मुक्‍त, नियमाधारित अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार व्‍यवस्‍था बेहद महत्‍वपूर्ण है।

इसे विकासशील देशों की आकांक्षाओं पर ध्‍यान देना चाहिए।

निश्चित रूप से इसे हमारे समाज के सबसे कमजोर तबकों की विशेष जरूरतों जैसे खाद्य सुरक्षा का अवश्‍य ध्‍यान रखना चाहिए।

डब्‍ल्‍यूटीओ की दोहा दौर की वार्ताओं से ये हमारी व्‍यापक उम्‍मीदें हैं।

महामहि‍म,

ब्रिक्‍स नया विकास बैंक की स्‍थापना के लिए समझौता एक महत्‍वपूर्ण कदम है। मुझे खुशी है कि 2012 में नई दिल्‍ली में शुरू हुई पहल आज वास्‍तविकता बन गई है।

ब्रिक्‍स आपात रिजर्व व्‍यवस्‍था पर समझौता भी एक और महत्‍वपूर्ण कदम है।

मैं इन दो उपायों को इतनी जल्‍दी अंजाम तक पहुंचाने के लिए हमारे वित्‍तमंत्रियों को बधाई देता हूं।

इन उपायों का मूल विकासशील देशों के रूप में हमारे अपने अनुभव रहे हैं।

वे एक वैश्विक संस्‍थान स्‍थापित करने की हमारी क्षमताओं के द्योतक हैं।

वे हमारे देशों को विकास में मदद करने तथा अन्‍य देशों की मदद करने के नए मार्ग खोलेंगे।

हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि ये संस्‍थान विकास और स्थिरता का एक नया मॉडल स्‍थापित करें।

महामहिम, इस शिखर सम्‍मेलन का थीम, मेरी सरकार का निर्देशक तत्‍व भी है। हमारी व्‍यापक सामाजिक, क्षेत्रीय और आर्थिक विविधता को देखते हुए हमारे लिए समावेश एक विशेष चुनौती और जिम्‍मेदारी है।

हमारी नीतियां लोगों को कौशल और अवसर प्रदान कर सशक्‍त करने पर केंद्रित होंगी।

हम बुनियादी ढांचे, सस्‍ते आवास, स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा और स्‍वच्‍छ ऊर्जा में भारी निवेश करेंगे।

हम उन सभी संभावनाओं का दोहन करेंगे जो उन्‍नत प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल से संभव हैं।

इस सबके लिए विकास को गति देनी होगी।

हम अपनी वृद्धि में बाधा डाले बगैर हमारी विकास प्रक्रिया को सतत बनाए रखने के लिए स्वच्‍छ और सीमित संसाधनों पर जोर देंगे।

निरंतरता (सतत) भारतीय जीवनशैली का अहम तत्‍व है। जैसा कि महात्‍मा गांधी ने कहा है कि विश्‍व में हर एक की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्‍त संसाधन हैं, लेकिन सभी के लालच को पूरा करने के लिए नहीं। हम प्रकृति के उपहार को गृहण कर सकते हैं हालांकि प्रकृति का शोषणएक अपराध है।

हमने सहस्राब्दि विकास लक्ष्‍य को हासिल करने की दिशा में प्रगति की है। लेकिन व्‍यापक गरीबी अब भी हमें चिढ़ाती है।

हमें 2015 के बाद विकास एजेंडा के केंद्र में गरीबी उन्‍मूलन को अवश्‍य रखना चाहिए। यह इस मुद्दे पर वैश्विक विमर्श खासकर संयुक्‍त राष्‍ट्र में वार्ता तय करने के लिए बेहद जरूरी है। इस तरह के प्रयासों में आम राय बनाने के लिए ब्रिक्‍स वैश्विक पटल पर अहम आवाज बन सकता है।

महामहि‍म,

ब्रिक्‍स आज इस स्थिति में है जहां यह क्षैतिज प्रभाव के जरिये विश्‍व को संज्ञान लेने के लिए मजबूर कर सकता है।

हमारी आपसी भलाई हमारे संबंधों को गहरा करने में निहित है।

हमें इस सशक्‍त मंच को और विकेंद्रीकृत करने पर ध्‍यान केंद्रित करना चाहिए।

हमें शिखर सम्‍मेलन और नेतृत्‍व केंद्रित वार्ताओं से आगे बढ़कर उपराष्‍ट्रीय स्‍तर पर आदान प्रदान की ओर बढ़ना चाहिए। हमें अपने राज्‍यों, शहरों और स्‍थानीय निकायों के बीच संबंधों को प्रोत्‍साहित करना चाहिए।

वास्‍तव में ब्रिक्‍स ‘जन से जन’ के संपर्क से प्रेरित होना चाहिए। इस संबंध में हमारे युवाओं को विशेषकर आगे आना चाहिए।

इस संबंध में हमारी भाषाओं को लोकप्रिय बनाने के लिए सभी ब्रिक्‍स देशों में ब्रिक्‍स भाषा स्‍कूल एक बेहतर शुरुआत हो सकते हैं।

इसके अलावा हम सबको शिक्षा उपलब्‍ध कराने के लिए व्‍यापक तौर पर ऑनलाइन कोर्स भी बनाने पर विचार कर सकते हैं।

हम ब्रिक्‍स यूनिवर्सिटी के विचार की संभावनाएं भी तलाश सकते हैं।

आज प्रौद्योगिकी सामाजिक और आर्थिक विकास के प्रत्‍येक क्षेत्र में परिवर्तन का कारक है।

ब्रिक्‍स देशों में उपलब्‍ध प्रतिभाओं को एक साथ मिलाकर स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, कृषि, संसाधनों के प्रबंधन और शहरी विकास में सहयोग के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

संभवत: ब्रिक्‍स देशों के एक युवा वैज्ञानिक फोरम की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।

इसके अलावा अन्‍य विकल्‍प हो सकते हैं:

ब्रिक्‍स राष्‍ट्रों के लिए एक सस्‍ती स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा।

हमारे लघु और मध्‍यम उद्यमों के बीच अधिक सहयोग के लिए तंत्र स्‍थापित करना।

ब्रिक्‍स देशों के बीच पर्यटन प्रोत्‍साहित करने को एक साझा फ्रेमवर्क।

ब्रिक्‍स सहयोग को मजबूत बनाने के लिए हमारे रूसी और चीनी समकक्षों ने जो प्रस्‍ताव दिए हैं, मुझे उनकी जानकारी है।

हमारे वार्ताकारों (शेरपाओं) को तत्‍काल उनका परीक्षण करना चाहिए।

आइये मानवता की प्रगति के लिए ब्रिक्‍स को और मजबूत बनाने के लिए अपने संबंध मजबूत करें।

धन्‍यवाद

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दुनिया अब भारत के स्टार्टअप्स को खोजती होगी: स्पेस स्टार्टअप के CEO के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी
August 23, 2026
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नीतिगत निरंतरता, वैश्विक अवसरों और भारत की बढ़ती ताकत पर जोर दिया।
हमें ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि दुनिया भर के लोग अपना भविष्य बनाने के लिए भारत की ओर देखें: पीएम मोदी
कॉस्ट में हम बहुत कॉम्पिटिटिव हैं, टैलेंट में तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता है और रिस्क टेकिंग कैपेसिटी हमारे देश के लोगों की वैसे भी ज्यादा होती है। और उसके कारण हम बहुत तेजी से अपनी जगह बना सकते हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री - आपने एक नए क्षेत्र में साहस दिखाया है, सबसे बड़ी बात है कि आपने सरकार की बात पर भरोसा किया। मेरा एक मत रहा कि जो भी हम निर्णय करें, हम उसमें कंसिस्टेंट रहें, हम बार-बार उसमें बदलाव ना करें, ताकि कोई भी रिस्क लेना चाहता है, तो उसको भरोसा रहे कि भाई ठीक है मेरी गलती के कारण कुछ गड़बड़ होगा तो ठीक है, लेकिन कोई मेरा हाथ नहीं छोड़ देगा। और ये विश्वास पैदा करने का हमारा प्रयास था।

CEO –We are India’s first Space Tech Unicorn. अभी July, 18 को हम भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट सक्सेसफुली सैटेलाइट्स को इजेक्ट करके लॉन्च किया था। And, this is just the beginning. Generally, we say that just warm up for Skyroot, अभी शुरुआत है। एंड नेक्स्ट ईयर मिड तक हम एक लॉन्च per month हम कर रहे हैं। And also like thanks to you sir for opening up the sector. तीन फैक्ट्री बन चुका है। एक रॉकेट per month का कैपेसिटी है ऑलरेडी। And, this is just the beginning. अभी फ्यूचर ड्रीम है कि एक लॉन्च per week करना है और several launches per day.

CEO – एक ऐसा इंजन बनाया जो दुनिया का सबसे आधुनिक इंजनों में से आता है। सर इसको अभी हमने तैयार किया है, इसकी टेस्टिंग जारी है।

प्रधानमंत्री - उनका कॉन्फिडेंस है, इन्वेस्टर्स का?

CEO – सर,स्काई रूट का जो लॉन्च हुआ है फर्स्ट, उसके बाद से बढ़ गया है।

प्रधानमंत्री –अच्छा। वो रूट आपको काम आ रहा है?

CEO – वो बहुत काम आ रहा है।

प्रधानमंत्री –दुनिया अब भारत के स्टार्टअप को खोजती होगी, भई कौन है इसमें? क्योंकि एक जब ब्रेक थ्रू होता है, तो तुरंत लोगों का ध्यान जाता है।

CEO – I think, स्पेस इंडस्ट्री ओपन होने के बाद हमने एक बहुत अच्छी सी ट्रेंड देखी है। हमारे जितने सिटीजंस यूएस और यूरोप में हैं वे वापस आकर हमारे साथ काम करना चाह रहे हैं।

प्रधानमंत्री –बहुत लोगों को हमें जोड़ना है और जैसा मेहता ने कहा कि भई अब विदेश से लोग गए हुए वापस आ रहे हैं। मैं समझता हूं कि हमें ऐसा एक aura खड़ा कर देना चाहिए कि इस फील्ड में दुनियाभर के लोगों को लगे कि भई जिंदगी बनानी है, तो हिंदुस्तान जाओ। भारत की कोई स्टार्टअप से जुड़ जाओ। भारत की कोई स्पेस एजेंसी से जुड़ जाओ। मैं पक्का मानता हूं जी, पूरा टैलेंट पूल जो है, एक मैग्नेट की तरह आपके कारण हम खींच सकते हैं और वो हमारी एक बहुत बड़ी ताकत बन सकता है।

CEO –हमारा विज़न है कि नेक्स्ट 18 months में हम ग्लोबल ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क लगाना चाहते हैं।

CEO –हम जो सैटेलाइट्स का इंजन होता है, जो सैटेलाइट को एक जगह से दूसरा जगह ले जाता है स्पेस में। 5 साल या 15 साल तक ले जाता है सैटेलाइट्स को, वो इंजंस बनाते हैं सर। ग्लोबली बहुत अच्छा ट्रैक्शन मिला है एंड ये भी आपका एफर्ट भी इसमें बहुत है सर कि इंडिया का कंपनीज़ अभी एक्सपोर्ट करने के लिए गवर्नमेंट का सपोर्ट है।

प्रधानमंत्री –कॉस्ट में हम बहुत कॉम्पिटिटिव हैं, टैलेंट में तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता है और रिस्क टेकिंग कैपेसिटी हमारे देश के लोगों की वैसे भी ज्यादा होती है। और उसके कारण हम बहुत तेजी से अपनी जगह बना सकते हैं।

CEO –This robotic spacecraft will go to space, physically capture the dead satellite and remove it from the orbit.

CEO –We are the first Indian company working on the docking under refueling technologies with the vision of establishing a fuel station in space.

CEO – मेरा नाम अंतरिक्ष है, my co-founder Monika is also here. सर हम इंडिया का फर्स्ट स्पेस फार्मा स्टार्टअप हैं। हम ऐसे सेटेलाइट्स बना रहे हैं, जो स्पेस में जाके Pharmaceuticals मैन्युफैक्चर कर सके और उसे वापस ले आ सके अंतरिक्ष से।

प्रधानमंत्री –आपका नाम अंतरिक्ष रखा है, आपके परिवार के लोग इसमें थे पहले से?

CEO – जी सर, नहीं मेरी मम्मी ने रखा था सर।

CEO – एक लॉन्च के बाद last one month में आठ लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट मिला।

प्रधानमंत्री – अच्छा, अच्छा।

CEO – और मोस्टली इंटरनेशनल हैं।

CEO – सर अभी तो 10 लाख फार्मर के साथ we are planned to launch this innovation.

CEO – सर ये आपके लिए ताकि एक याद बनी रहेगी।

प्रधानमंत्री – वाह।

CEO – ये ओपनिंग, जो आपने ओपन किया था प्राइवेट सेक्टर को, उससे जो private सैटेलाइट है, उससे भारत की ब्यूटी जो दिख रही है।