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आजाद हिंद सरकार की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले में झंडारोहण किया
आज मैं कह सकता हूं कि भारत एक ऐसी सेना के निर्माण की तरफ बढ़ रहा है जिसका सपना नेताजी सुभाष बोस ने देखा था: पीएम मोदी
नेताजी का एक ही उद्देश्‍य था, एक ही मिशन था- भारत की आजादी, मां भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्‍त कराना। यही उनकी विचारधारा थी और यही उनका कर्मक्षेत्र था: प्रधानमंत्री
मैं खुद को सौभाग्‍यशाली मानता हूं कि देश के लिए नेताजी ने जो कुछ भी दिया; उसको देश के सामने रखने का, उनके दिखाए रास्‍तों पर चलने का मुझे बार-बार अवसर मिला है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद सरकार के गठन की 75वीं वर्षगांठ की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में आज लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

प्रधानमंत्री ने आज़ाद हिंद सरकार के गठन की 75वीं वर्षगांठ के गौरवान्वित अवसर पर देश को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज़ाद हिंद सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा निर्धारित मजबूत अविभाजित भारत के विज़न का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि आजाद हिंद सरकार राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल थी, यहां तक ​​कि उसने अपने बैंक, मुद्रा और टिकट भी शुरू कर दिये थे।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि नेताजी एक दूरदर्शी व्यक्ति थे, जिन्होंने शक्तिशाली औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन के विरुद्ध लड़ने के लिए भारतीयों को एकजुट किया। उन्होंनें यह भी कहा कि नेताजी ने युवा अवस्था में ही देशभक्ति का प्रदर्शन कर दिया था। उनकी यह भावना अपनी मां को लिखे उनके पत्रों में दिखाई देती थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी न केवल भारतीयों के लिए एक प्रेरणा स्रोत थे बल्कि वे दुनिया भर में उन लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत थे जो अपने देशों में आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए लड़ रहे थे। इस संदर्भ में उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी नेता नेल्सन मंडेला का उल्लेख किया कि वे किस प्रकार नेताजी से प्रेरित थे।

राष्ट्र को यह स्मरण कराते हुए कि सुभाष चंद्र बोस द्वारा कल्पना किए गए नये भारत का निर्माण करने से पहले उन्हें लंबा रास्ता तय करना है, प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे नेताजी से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के विकास की दिशा में काम करे। उन्होंने कहा कि भारत ने अनेक बलिदानों के बाद आजादी हासिल की है और यह नागरिकों का कर्तव्य है कि वे अपनी स्वतंत्रता को सुरक्षित रखें।

उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने रानी झांसी रेजिमेंट के गठन के माध्यम से सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए समान अवसर प्रदान करने की नींव रखी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सच्चे अर्थों में इस विरासत को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि महिलाओं को सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

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जनरल बिपिन रावत एक उत्कृष्ट सैनिक थे: पीएम मोदी
December 08, 2021
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनरल बिपिन रावत के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा ‘‘तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना से मैं बहुत दुखी हूं, जिसमें हमने जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और सशस्त्र बलों के अन्य कर्मियों को खो दिया। उन्होंने अत्यंत कर्मठता से भारत की सेवा की। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।’’

पीएम मोदी ने कहा कि जनरल बिपिन रावत एक उत्कृष्ट सैनिक थे। पीएम ने कहा," एक सच्चे देशभक्त के रूप में उन्होंने सुरक्षा तंत्र और हमारे सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में बहुत बड़ा योगदान दिया। रणनीतिक मामलों में उनकी दूरदृष्टि असाधारण थी। उनके निधन ने मुझे गहरा सदमा पहुंचाया है। ओम शांति।"

पीएम मोदी ने आगे कहा," भारत के पहले सीडीएस के रूप में जनरल रावत ने रक्षा सुधारों सहित हमारे सशस्त्र बलों से संबंधित विभिन्न आयामों पर काम किया। वे अपने साथ सेना में सेवा करने का एक समृद्ध अनुभव लेकर आए। भारत उनकी असाधारण सेवा को कभी नहीं भूलेगा।"