130 करोड़ भारतीयों के दिलों में भूटान का विशेष स्थान है: प्रधानमंत्री मोदी
भूटान की विकास यात्रा का हिस्सा बनना भारत के लिए एक सम्मान की बात है: पीएम मोदी
मुझे इस बात की खुशी है कि आज भूटान में रुपे कार्ड लॉन्च किया गया: प्रधानमंत्री

भूटान के महामहिम प्रधानमन्त्री
और मेरे मित्र डाक्टर छेरिंग,

गणमान्य अतिथियों,

देवियो और सज्जनों,

नमस्कार ।

भारत के अभिन्न और विशेष मित्र भूटान में आप सबके बीच उपस्थित होकर मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है । मेरे डेलीगेशन के और मेरे गर्मजोशी भरे स्वागत-सत्कार के लिए, प्रधानमन्त्री जी, मैं आपका और भूटान की Royal Government का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ ।

Excellency,

भारत-भूटान की अद्वितीय मैत्री के बारे में आपके उदार विचारों के लिए भी आपका हार्दिक आभार । 130 करोड़ भारतीयों के दिलों में भूटान एक विशेष स्थान रखता है मेरे पिछले कार्यकाल के दौरान, प्रधानमंत्री के रूप में मेरी पहली यात्रा के लिए भूटान का चुनाव स्वाभाविक था। इस बार भी, अपने दूसरे कार्यकाल के शुरू में ही भूटान आकर मैं बहुत खुश हूं । भारत और भूटान के सम्बन्ध दोनों देशों के लोगों की प्रगति, सम्पन्नता और सुरक्षा के साझा हितों पर आधारित हैं । और इसलिए दोनों देशों में इन्हें जन-जन का पूरा समर्थन प्राप्त है ।

Excellency,

यह मेरा सौभाग्य है कि भारत की जनता के निर्णायक जनादेश ने इन संबंधों को और मज़बूत बनाने के लिए भूटान नरेश, और आपके साथ काम करने का मौका मुझे एक बार फिर दिया है । मुझे आज भूटान के महामहिम नरेश के साथ हमारी साझेदारी के बारे में चर्चा करने का अवसर मिला। और कुछ देर बाद मैं महामहिम चतुर्थ नरेश से भी मिलूंगा। भूटान नरेशों की बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता ने बहुत लम्बे समय से हमारे द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन किया है । यही नहीं, उनके विज़न ने भूटान को पूरी दुनिया के सामने एक ऐसे अनूठे उदहारण के रूप में प्रस्तुत किया है, जहां development को आंकड़ों से नहीं, happiness से नापा जाता है। जहां आर्थिक विकास परम्परा और पर्यावरण के साथ-साथ आगे बढ़ता है। ऐसा मित्र, और ऐसा पड़ोसी कौन नहीं चाहेगा ।

साथियों,

यह भारत का सौभाग्य है कि हम भूटान के विकास में प्रमुख भागीदार हैं। भूटान की पंचवर्षीय योजनाओं में भारत का सहयोग आपकी इच्छाओं और प्राथमिकताओं के आधार पर आगे भी जारी रहेगा ।

साथियों,

हाइड्रो-पावर हमारे दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है। दोनों देशों ने मिलकर भूटान की नदियों की शक्ति को बिजली में ही नहीं, पारस्परिक समृद्धि में भी बदला है । आज हमने मांगदेछु परियोजना के उद्घाटन के साथ इस यात्रा का एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। दोनों देशों के सहयोग से भूटान में हाइड्रो-पावर उत्पादन क्षमता 2000 मेगावाट को पार कर गयी है। मुझे विश्वास है कि हम अन्य परियोजनाओं को भी तेज़ी से आगे ले जायेंगे ।

Excellency,

भूटान के सामान्य लोगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से एलपीजी की आपूर्ति 700 से बढ़ाकर 1000 मीट्रिक टन प्रति माह की जा रही है। इससे clean fuel गाँवों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी ।

साथियों,

डाक्टर छेरिंग ने हमारी पहली मुलाक़ात में मुझे बताया था कि राजनीति में आने के लिये उनकी प्रमुख प्रेरणा सामान्य मानव को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कराने की रही है। मैं उनके vision से बहुत प्रभावित हुआ । भूटान में multi-disciplinary super-speciality हॉस्पिटल के उनके सपने को साकार करने में भारत हर संभव सहयोग करेगा।

Excellency,

SAARC करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क के तहत भूटान के लिए करेंसी स्वैप की limit बढ़ाने के लिए हमारा नज़ारिया positive है। इस बीच, विदेशी मुद्रा की आवश्यकता को पूरा करने के लिए स्टैंडबाय स्वैप व्यवस्था के तहत अतिरिक्त 100 मिलियन डॉलर भूटान को उपलब्ध होंगे।

साथियों,

Space technology के उपयोग से भूटान के विकास में तेजी लाने के लिए भारत प्रतिबद्ध है। हमने आज south asia satellite के अर्थ स्टेशन का उद्घाटन किया है। यह भूटान में communication, public broad-casting और disaster management के कवरेज को बढ़ाएगा । इन उद्देश्यों के लिए भूटान की ज़रुरत के अनुसार extra बैंडविड्थ और ट्रांसपोंडर भी उपलब्ध कराया जायेगा । दोनों देश छोटे उपग्रह के निर्माण और space technology के प्रयोगों में भी सहयोग करेंगे । भारत के National Knowledge Network के साथ कनेक्शन भूटान के छात्रों और शोधकर्ताओं को भारतीय विश्वविद्यालयों के नए साधनों से जोड़ेगा। यह दोनों देशों के बीच साझा Knowledge Society की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विशेष रूप से हमारे युवाओं को लाभान्वित करेगा । Royal Bhutan University और भारत के IITs और कुछ अन्य top शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग और संबंध, शिक्षा और टेक्नोलॉजी के लिए आज की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं । कल Royal Bhutan University में इस देश के प्रतिभाशाली युवाओं से मुलाक़ात की मैं उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहा हूँ ।

साथियों,

मुझे बहुत खुशी है कि आज हमने भूटान में RuPay कार्ड को launch किया है। इससे डिजिटल भुगतान, और व्यापार तथा पर्यटन में हमारे संबंध और बढेंगे। हमारी साझा आध्यात्मिक विरासत और मजबूत people-to-people संबंध हमारे संबंधों की जान हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, नालंदा विश्वविद्यालय में भूटान के लिए post-graduate scholarships को दो से बढ़ाकर पांच किया जा रहा है मैंने आज यहां शब-डूरूंग का आशीर्वाद प्राप्त किया है। मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि इस विलक्षण प्रतिमा की भूटान में मौजूदगी पाँच साल और बढ़ाने के लिए भारत सहमत है ।

Excellency,

भारत-भूटान संबंधों का इतिहास जितना गौरवशाली है, उतना ही आशाजनक भविष्य भी है। मुझे विश्वास है कि भारत और भूटान दुनिया में दो देशों के बीच संबंधों का एक अनूठा मॉडल रहेंगे ।

इस सुन्दर ड्रुक यूल में दोबारा आने का अवसर देने के लिए,

आपके स्वागत-सत्कार और प्यार के लिए एक बार फिर बहुत-बहुत धन्यवाद ।

ताशी देलक!

 

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प्रधानमंत्री आंतरिक ज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें उन्होंने आंतरिक ज्ञान को ब्रह्मांड का सच्चा सार बताते हुए उसके महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की विरासत और संस्कृति ने हमेशा यह सिखाया है कि सच्चा ज्ञान और उसका सही सदुपयोग ही किसी राष्ट्र की प्रगति के आधार हैं। उन्होंने बताया कि इसी मार्ग पर चलते हुए देश के युवा एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह ज्ञान, जो हमारे भीतर ही स्थित है और सामान्य ज्ञान से कहीं अधिक श्रेष्ठ है, महान और विद्वान व्यक्तियों द्वारा पूजनीय माना जाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:

"हमारी विरासत और संस्कृति हमें यही सिखाती आई है कि सच्चा ज्ञान और उसका सदुपयोग ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। इसी मार्ग पर चलकर आज हमारे देश के युवा समृद्ध और सशक्त भारत को गढ़ने में जुटे हैं।

अन्तःस्थमेव यज्ज्ञानं ज्ञानादपि च यत्परम्।

तदेव सर्वसंसारसारं सद्भिरुपास्यते॥"

जो ज्ञान हमारे भीतर स्थित है और जो सामान्य या बाहरी ज्ञान से भी श्रेष्ठ है, वही इस समस्त संसार का असली सार है। श्रेष्ठ पुरूषों और ज्ञानियों द्वारा उसी आंतरिक ज्ञान की उपासना की जाती है।