"रोटरी से जुड़े लोग सही मायने में सफलता और सेवा के मिश्रण हैं"
"हम बुद्ध और महात्मा गांधी की भूमि हैं जिन्होंने अपने कर्मों से दिखाया कि दूसरों के लिए जीना क्या होता है"
​​​​​​​"प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने के हमारे सदियों पुराने लोकाचार से प्रेरित होकर 1.4 अरब भारतीय हमारी पृथ्वी को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक वीडियो संदेश के माध्यम से रोटरी इंटरनेशनल विश्व सम्मेलन को संबोधित किया। रोटरी से जुड़े लोगों को 'सफलता और सेवा का सही मायने में मिश्रण' बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि "इतने बड़े पैमाने पर रोटरी का जमावड़ा एक अर्द्ध-वैश्विक सभा की तरह है। इसमें विविधता और जीवंतता है। "

रोटरी के दो आदर्श वाक्य 'सर्विस एबव सेल्फ' यानी स्वयं से ऊपर की सेवा और 'वन प्रॉफिट्स मोस्ट हू सर्व्स बेस्ट' यानी वह ज्यादा लाभ में होता जो बढ़िया सेवा करता है, का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संपूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए ये महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं और हमारे संतों और महात्माओं की शिक्षाओं के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा, "हम बुद्ध और महात्मा गांधी की भूमि हैं, जिन्होंने अपने कर्मों से दिखाया कि दूसरों के लिए जीना क्या होता है।"

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए, "हम सभी एक अन्योन्याश्रित, आपस में संबंधित और परस्पर जुड़े हुए विश्व में रहते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि हर व्यक्ति, हर संगठन और सरकारें हमारी धरती को अधिक समृद्ध और टिकाऊ बनाने के लिए मिलकर काम करें।" उन्होंने पृथ्वी पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाले कई क्षेत्रों में कड़ी मेहनत करने के लिए रोटरी इंटरनेशनल की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में आगे है। पीएम मोदी ने कहा कि “सतत विकास समय की मांग है। प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने के हमारे सदियों पुराने लोकाचार से प्रेरित होकर 1.4 अरब भारतीय हमारी पृथ्वी को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' और लाइफ-लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट जैसी भारत की पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि 2070 तक नेट जीरो पर भारत की प्रतिबद्धताओं की विश्व समुदाय ने भी सराहना की।

स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और स्वच्छता प्रदान करने पर रोटरी इंटरनेशनल के कार्य की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के लाभों के बारे में बात की जिसमें पांच वर्षों में लगभग पूर्ण स्वच्छता कवरेज शामिल है। उन्होंने जल संरक्षण और आत्म-निर्भर भारत जैसे आंदोलनों के बारे में भी बात की जो नई जागरूकता और वास्तविकताओं के कारण आकार ले चुके हैं। उन्होंने भारत में तेजी से बढ़ते स्टार्टअप क्षेत्र के बारे में भी बात की।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की आबादी के सातवें हिस्से का घर है, ऐसे में भारत की किसी भी उपलब्धि का दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने 2030 के वैश्विक लक्ष्य से 5 साल पहले 2025 तक टीबी के उन्मूलन को हासिल करने के लिए उदाहरण के तौर पर कोविड -19 वैक्सीन की कहानी और प्रयासों का हवाला दिया।

श्री मोदी ने रोटरी परिवार को जमीनी स्तर पर इन प्रयासों में मदद करने के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें पूरी दुनिया में बड़ी संख्या में योग दिवस मनाने के लिए भी कहा।

 

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राष्ट्रपति का 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन राष्ट्र की शक्ति को दर्शाता है और ‘विकसित भारत’ की दिशा में नए संकल्प को प्रेरित करता है: प्रधानमंत्री
August 14, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि यह बेहद प्रेरणादायक और सारगर्भित था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके विचार हमारे राष्ट्र की शक्ति और हर भारतीय की आकांक्षाओं को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका संदेश हम सभी को ‘विकसित भारत’ की दिशा में नए संकल्प के साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।

एक्स पर अपने एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने कहा: 

“स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति जी का प्रेरणादायक और सारगर्भित संबोधन।

उनके विचार हमारे राष्ट्र की शक्ति और हर भारतीय की आकांक्षाओं को दर्शाते हैं।

उनका संदेश हम सभी को ‘विकसित भारत’ की दिशा में नए संकल्प के साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।

@rashtrapatibhvn”