प्रधानमंत्री मोदी ने चक्रवात ओखी से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की
पीएम मोदी ने चक्रवात ओखी से प्रभावित राज्यों के लिए राहत पैकेज घोषित किया
चक्रवात ओखी: प्रधानमंत्री ने केंद्र से मदद का आश्वासन दियाकहाकेंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है
चक्रवात ओखी: केंद्र ने केरलतमिलनाडु और लक्षद्वीप की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल 325 करोड़ की वित्तीय सहायता की घोषणा की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लक्षद्वीप, तमिलनाडू और केरल के चक्रवाती तूफान ‘ओखी’ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और तूफान से प्रभावित लोगों, मछुआरों तथा किसानों से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कावारत्ती और कन्याकुमारी में लोगों से बातचीत की। उन्होंने तिरुअनंतपुरम के निकट अवस्थित पुन्थुरा गांव का भी दौरा किया, जो इस चक्रवात से बुरी तरह प्रभावित गांवों में से एक है। तूफान से हुई परेशानियों को लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ साझा किया। प्रधानमंत्री ने लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूरी क्षमता के साथ इस प्रतिकूल हालात में राज्य के साथ खड़ी है।

प्रधानमंत्री ने कावारत्ती, कन्याकुमारी और तिरूअनंतपुरम में वर्तमान स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए अलग-अलग बैठकें की। केरल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री, लोकसभा के उपाध्यक्ष और लक्षद्वीप के प्रशासक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने समीक्षा बैठकों में भाग लिया।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार चक्रवाती तूफान प्रभावित राज्यों की हरसंभव मदद करेगा।

  • केंद्र सरकार केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप के लिए तत्काल 325 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद जारी करेगा।
  • प्रधानमंत्री द्वारा आज घोषित की गई आर्थिक मदद, इस महीने की शुरूआत में तमिलनाडु को 280 करोड़ रुपये और केरल को दी गई 76 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद से अलग है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केंद्र सरकार ओखी तूफान के कारण ध्वस्त हुए करीब 1400 मकानों के पुनर्निर्माण में मदद करेगी। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को नये घर के निर्माण के लिए डेढ़ लाख रूपये तक की मदद दी जाएगी।
  • बीमा कंपनियों को ओखी तूफान पीड़ितों के दावों को शीघ्रता से निपटाने की सलाह दी गई है।
  • तूफान के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से देने की मंजूरी दी गई है।

 

इससे पहले समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री को चक्रवाती तूफान ओखी के असर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस क्षेत्र में पिछले 125 वर्षों में इस तरह का यह तीसरा तूफान था। यह चक्रवाती तूफान 30 नवंबर, 2017 को आया और उसी दिन तलाश एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। भारतीय तटरक्षक बल ने कुल 845 मछुआरों को सफलतापूर्वक बचाया।

प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई कि तट से 700 समुद्री मील से भी अधिक दूरी तक निगरानी की गई।  

 

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मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में एनएच-34 के कानपुर-कबराई खंड के 4/6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड के निर्माण को बीओटी (टोल) मोड पर 7145.14 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से मंजूरी दी
July 01, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग (ओ) कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे के एक महत्वपूर्ण खंड के रूप में 117.7 किलोमीटर लंबे कानपुर-कबराई एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह चार लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड गलियारा है जिसमें भविष्य में छह लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था भी है। 7145.14 करोड़ रुपये की अनुमानित कुल पूंजी लागत वाली इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बीओटी (टोल) मोड पर कार्यान्वित किया जाएगा, साथ ही एनएच-34 के मौजूदा कानपुर-कबराई खंड का संचालन और रखरखाव भी किया जाएगा।

यह परियोजना कानपुर और कबराई के बीच निर्बाध, उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, साथ ही सागर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों तक आगे की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को मध्य प्रदेश के खनिज-समृद्ध, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों से जोड़ने वाला एक आधुनिक पहुंच नियंत्रित आर्थिक गलियारा बनेगा और इस प्रकार इसमें सुधार होगा।

80-100 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिज़ाइन किया गया यह कॉरिडोर कानपुर और कबराई के बीच यात्रा समय को 3.5 घंटे से घटाकर 1.5 घंटे (58 प्रतिशत) कर देगा, साथ ही सड़क सुरक्षा में सुधार करेगा, वाहन परिचालन लागत को कम करेगा और यात्री एवं माल यातायात की कुशल आवाजाही को सुगम बनाएगा। यह परियोजना एनएच-34, एनएच-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और राज्य राजमार्ग एसएच-46, एसएच-91, एसएच-10बी और एसएच-42 के साथ रणनीतिक संपर्क भी प्रदान करेगी, जिससे क्षेत्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण मजबूत होगा। यह कॉरिडोर कबराई खनन क्षेत्र से संपर्क को और मजबूत करेगा, खनिजों, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्री और कृषि उत्पादों की आवाजाही में सुधार करेगा, जिससे रसद दक्षता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप, यह परियोजना 16 आर्थिक नोड से कनेक्टिविटी में सुधार करेगी, जिनमें उन्नाव, बंथर, पंखी, रनिया, जैनपुर, रूमा, चकेरी, सुमेरपुर और भूरागढ़ औद्योगिक क्षेत्र, ट्रांस गंगा इंटीग्रेटेड टाउनशिप, ग्रोथ सेंटर जयपुर, कानपुर नगर नोड और बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं। यह 9 सोशल नोड, अर्थात् फतेहपुर, महोबा, कानपुर जूलॉजिकल पार्क, बुद्ध पार्क, जेके मंदिर और जेके मंदिर से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी। गार्डन, राधा कृष्ण मंदिर, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, गोपेश्वर मंदिर और महोबा पर्यटक स्थल, और 10 लॉजिस्टिक नोड, जिनमें कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर, महोबा, कबरई, भरवा सुमेरपुर और बांदा रेलवे स्टेशन, साथ में कानपुर, चकेरी और खजुराहो हवाई अड्डे शामिल हैं।

कुल मिलाकर, पीएम गतिशक्ति के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए, बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में रसद प्रतिस्पर्धात्मकता, औद्योगिक विकास और आर्थिक विकास में सुधार करना इसका लक्ष्‍य है।

इस परियोजना से निर्माण के दौरान प्रति लेन प्रति किलोमीटर लगभग 11,188 प्रत्यक्ष और 13,985 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2028 तक इसकी वार्षिक औसत दैनिक यातायात (एएडीटी) लगभग 18,069 यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) तक पहुंचने का अनुमान है, जो इसके दीर्घकालिक आर्थिक, रसद और परिवहन महत्व को दर्शाता है। इस प्रकार प्रस्तावित परियोजना से लगभग 1.2 करोड़ मानव-दिवस प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

कॉरिडोर का नक्शा: