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क्रमांक |
शीर्षक |
क्षेत्र |
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1 |
भारत-फ़्रांस संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर उन्नत करना |
राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध |
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2 |
उन्नत साझेदारी और 'होराइजन 2047' रोडमैप के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए वार्षिक विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता की स्थापना |
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3 |
भारत-फ़्रांस नवाचार वर्ष का शुभारंभ |
तकनीक और नवाचार |
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4 |
भारत-फ़्रांस नवाचार नेटवर्क का शुभारंभ |
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5 |
कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलीकॉप्टर बनाने की फैक्ट्री (असेम्बली लाइन) का उद्घाटन |
रक्षा और सुरक्षा |
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6 |
भारत और फ़्रांस के बीच रक्षा सहयोग के पुराने समझौते का नवीनीकरण |
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7 |
भारत में हैमर मिसाइल बनाने के लिए BEL और सफरान के बीच जॉइंट वेंचर |
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8 |
भारतीय और फ्रांस की सेना के अधिकारी अब एक-दूसरे के एस्टैब्लिशमेंट्स पर तैनात होकर अनुभव साझा करेंगे |
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9 |
नई तकनीकों के विकास के लिए एक संयुक्त समूह |
रक्षा क्षेत्र सहित महत्वपूर्ण और उभरती हुई तकनीक |
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10 |
दुर्लभ खनिजों और धातुओं में आपसी सहयोग हेतु संयुक्त घोषणा पत्र |
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11 |
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और फ़्रांस के CNRS ने उन्नत सामग्री अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए आपसी सहमति |
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12 |
भारत और फ्रांस के बीच डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट पर प्रोटोकॉल में संशोधन |
अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, अक्षय ऊर्जा और कौशल विकास |
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13 |
स्टार्टअप इकोसिस्टम, नवाचार और तकनीक में रणनीतिक सहयोग हेतु टी-हब (T-Hub) और नॉर्ड फ्रांस के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर |
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14 |
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और CNRS के बीच वैज्ञानिक सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर |
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15 |
डिजिटल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर स्थापित करने हेतु संयुक्त आशय घोषणा |
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16 |
एम्स, नई दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर का शुभारंभ |
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17 |
संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान में सहयोग हेतु डीबीटी और एएनआरएस के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर |
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18 |
मेटाबॉलिक हेल्थ साइंसेज के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर की स्थापना हेतु समझौते पर हस्ताक्षर |
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19 |
एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने हेतु आशय पत्र पर हस्ताक्षर |
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20 |
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी पहल, भारत और फ़्रांस ने रिन्यूएबल एनर्जी सहयोग समझौते को आगे बढ़ाया |
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21 |
डाक सेवाओं में सहयोग हेतु भारत के डाक विभाग और फ्रांस के 'ला पोस्ट' के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर |
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेजर जनरल खण्डूड़ी ने सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत तक विभिन्न क्षेत्रों में अमूल्य योगदान दिया है जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। श्री मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान उत्तराखंड के विकास के प्रति उनके दृढ़ समर्पण का उल्लेख किया और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को सच्चे अर्थों में प्रेरणादायक बताया। उन्होंने देशभर में संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार लाने के लिए उनके अथक प्रयासों की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री ने दुःख की इस घड़ी में दिवंगत नेता के परिवार और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा है:
"उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं। ओम शांति!"
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूडी (सेवानिवृत्त) जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के… pic.twitter.com/JNhgOsj0eY
— Narendra Modi (@narendramodi) May 19, 2026


