प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अरुणाचल प्रदेश के कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमे जिलों में कमला जलविद्युत परियोजना (एचईपी) के निर्माण के लिए 26,069.50 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। परियोजना के पूरा होने का अनुमानित समय 96 महीने है।
1720 मेगावाट (8 x 210 मेगावाट और 1 x 40 मेगावाट) की स्थापित क्षमता वाली इस परियोजना से 6870 मिलियन यूनिट ऊर्जा उत्पन्न होने की उम्मीद है। इस परियोजना से उत्पन्न बिजली राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति को मजबूत करेगी, बिजली के ज्यादा मांग प्रबंधन में मदद करेगी, राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में योगदान देगी और ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में भी सहायक होगी। कमला एचईपी के अलावा, एनएचपीसी लिमिटेड द्वारा अरुणाचल प्रदेश में अन्य जलविद्युत परियोजनाओं में सुबनसिरी लोअर (2000 मेगावाट), दिबांग बहुउद्देशीय (2880 मेगावाट) निर्माणाधीन हैं और एटालिन (3097 मेगावाट) विकसित करने की योजना है।
कमला एचईपी परियोजना का कार्यान्वयन एनएचपीसी लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच एक संयुक्त उद्यम कंपनी के ज़रिए किया जाएगा। भारत सरकार बाढ़ नियंत्रण घटक के लिए 4743.98 करोड़ रुपये और सहायक अवसंरचना (जैसे सड़क, पुल और संबंधित ट्रांसमिशन प्रणाली का निर्माण) के लिए 1340 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए 750 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
राज्य को 12% मुफ्त बिजली मिलेगी और स्थानीय क्षेत्र विकास कोष (एलएडीएफ) के लिए अतिरिक्त 1% बिजली आवंटित की जाएगी, साथ ही क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास और सामाजिक-आर्थिक लाभ भी प्राप्त होंगे।
इस परियोजना के लिए अरुणाचल प्रदेश के कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमे जिलों में बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा, जिसमें करीब 196 किलोमीटर सड़कों और पुलों का विकास भी शामिल है, जो अधिकतर स्थानीय उपयोग के लिए उपलब्ध होंगे। जिले को अस्पतालों, स्कूलों, बाजारों आदि जैसी ज़रुरी बुनियादी संरचनाओं के निर्माण से भी लाभ होगा, जिसका वित्तपोषण 8 करोड़ रुपये के समर्पित परियोजना कोष से किया जाएगा। स्थानीय आबादी को मुआवजे, रोजगार और सीएसआर गतिविधियों से भी लाभ मिलेगा।
कमला एचईपी के अलावा, एनएचपीसी लिमिटेड द्वारा अरुणाचल प्रदेश और असम में तीन प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं, सुबनसिरी लोअर (2000 मेगावाट), दिबांग बहुउद्देशीय (2880 मेगावाट) और एटालिन (3097 मेगावाट) भी विकसित की जा रही हैं। सुबनसिरी लोअर एचईपी (2000 मेगावाट) इस वक्त उन्नत चरण में है, जिसमें से 750 मेगावाट पहले ही चालू हो चुका है और शेष क्षमता दिसंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है, जबकि सभी परियोजनाएं मेज़बान राज्यों को 12% मुफ्त बिजली प्रदान करेंगी और परियोजना राजस्व के 1% के बराबर स्थानीय क्षेत्र विकास कोष के ज़रिए स्थानीय विकास में भी मदद करेंगी।
With the Cabinet approval of the Kamala Hydro Electric Project, we are strengthening India’s clean energy ecosystem while advancing integrated development across Arunachal Pradesh with a focus on power, infrastructure and community welfare. https://t.co/QfHh3wc1Hy
— Narendra Modi (@narendramodi) April 8, 2026


