एक तरफ श्री अमरनाथ यात्रा चल रही है, बड़ा पवित्र माहौल है दूसरी तरफ रमजान का पवित्र महीना चल रहा है और तीसरी तरफ आज माता वैष्णों देवी के चरणों में भारत भर से भक्तों को लाने की सुविधा प्रदान करने का एक मंगल प्रारंभ हो रहा है। एक प्रकार से सब ओरएक पवित्रता का माहौल हैऔर पवित्रता के माहौल में इस मंगल कार्य का आरंभ हो रहा है। प्रदेश के माता वैष्णों देवी के चरणों में आने वाले करोड़ों-करोड़ों भक्तों को शुभकामनाएं देता हूँ और आज ये सुविधा सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए सुविधा नहीं है और न ही यह सिर्फ जम्मू-कश्मीर को भेंट है, यह भेंट पूरे हिन्दुस्तान को है,सवा सौ करोड़ देशवासियों को है जो जम्मू-कश्मीर आने के लिए लालायित रहते हैं, जो माता वैष्णों देवी के चरणों में आने के लिए आतुर रहते हैं। ऐसे कोटि-कोटिजनों के लिए ये सुविधा है और उनके चरणों में ये समर्पित करते हुए मैं गर्व महसूस कर रहा हूँ और उनको मंगल कामनाएं देता हूँ। ये रेल सुविधा आज प्रारंभ हो रही है।
मैंने रेल मंत्री को सुझाया था किदिल्ली से कटरा तक की जो सुविधा है और आगे चलकर और स्थानों से भी जुड़करकेदेश के भिन्न-भिन्न कोने से यात्रियों को कटरा तक लाने का जो प्रबंध हो रहा है। इस ट्रेन को “श्री शक्तिएक्सप्रेस” के रूप में जाना जाए ताकिमाता वैष्णों देवी के चरणों में हम जा रहे हैं इसकी अनुभूतियात्रियों को लगातार होती रहे। मैं ‘माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड’ का भी अभिनंदन करना चाहता हूँ। गवर्नर साहब का भी अभिनंदन करना चाहता हूँ कियहां रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों के लिए आवश्यक आई-कार्ड निकालने की सुविधाओं का प्रबंध हुआ है। टैक्नोलॉजी का प्रबंध हुआ है और इसीलिए हिन्दुस्तान के किसी भी कोने से आने वाले यात्री के लिए ये बहुत सुनिश्चित हो जाएगा कियात्री का समय न खराब होते हुए उसके आगे की यात्रा के लिए जो भी प्रबंध होना चाहिए उसके लिए पूरी व्यवस्था मिलेगी, पूरा मार्गदर्शन मिलेगा।
जब विकास होता है तो कभी-कभार ऐसा लगता है किवहां पर ये हुआ तो मेरा क्या होगा जैसे मुख्यमंत्री जी ने जम्मू के लोगों की चिंता का जिक्र किया। मैं अनुभव से कह सकता हूँ किजम्मू के विकास को कभी कोई रूकावट नहीं आएगी। जब सुविधाएं बढ़ती है तो लोग भी अपने समय का सदुपयोग और जगह पर जाने के लिए करते हैं और इसीलिए जो सीधा कटरा आएगा वो जम्मू गए बिना जाएगा नहीं ऐसा मैं नहीं मानता और इसलिए जम्मू की विकास यात्रा और अधिक क्वालिटी की बन पाएगी, ऐसा मेरा पूरा विश्वास है और साथ-साथ जम्मू-कश्मीर की विकास यात्रा में कटरा का जुड़ना, कटरा का सेंटर स्टेज पर आना, आने वाले 10 साल की आप कल्पना कीजिए कटरा इतनी तेजी से विकास करेगा, इतनी तेजी से विकास करेगा जो पूरे जम्मू-कश्मीर के विकास के अंदर एक नया योगदान करने वाला एक आर्थिक प्रभुत्तिका केन्द्र बन जाएगा। जब व्यवस्था विकसित होती है और विकास के केन्द्र बिंदु में हमेशा इनफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा महत्व होता है। जैसे ही इंफ्रास्ट्रक्चर बना आप मानके चलिए किउसके अगल-बगल में व्यवस्थाएं विकसित होना शुरू हो जाएगी। मुझे अभी बताया जा रहा था किट्रेन तो अभी आज शुरू हो रही है लेकिन स्टेशन के अगल-बगल व्यापारियों ने अपनी-अपनी जगह बना ली है और काम शुरू कर दिया है। अगर उनको समय दे किविकास के अंदर कैसे फायदा उठाना, विकास को कैसे भागीदार बनाना है और इसलिए ये सिर्फ एक रेलवे है, एक यात्रा करने की सुविधा है ऐसा नहीं है।
ये एक प्रकार से विकास की जननी बन जाती है और मेरे हिसाब से जम्मू-कश्मीर को रेल से जोड़ने का अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जो शुभारंभ किया है उसको हमें और आगे बढ़ाना है और आने वाले दिनों में बनिहाल तक जाने की जो व्यवस्था है उसको भी आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इतना ही नहीं, हिन्दुस्तान में पहली बार राज्य और केन्द्र मिल करके एक नवीन व्यवस्था को आज प्रारंभ कर रहे हैं। एक प्रकार से हाइब्रिड व्यवस्था है। रेल और बस की कनेक्टिविटी को कॉम्बिनेशन बनाया गया है। अब जो लोग श्रीनगर जाना चाहते होंगे उनको रेलवे से ही रेलवे की भी टिकट मिलेगी और कटरा से बनिहाल तक जो किजहां रेल-मार्ग नहीं है वहां बस की भी टिकट मिलेगी, कटरा वो उतरेगा, बस उपलब्ध होगी, बनिहाल पहुंचेगा, रेल उपलब्ध होगी और तुरंत वो आगे श्रीनगर पहुंचेगा। एक ही टिकट में रेल और बस दोनों का ट्रेवलिंग हो और पैसेंजर को कठिनाई न हो, यात्री को कठिनाई न हो ऐसी सुविधा का आरंभ राज्य और केन्द्र की रेल मिल करके ये दे रहे हैं और भविष्य में भी रेलवे का विकास करने के लिए केन्द्र और राज्य की पार्टनरशिप का मॉडल जितना ज्यादा विकसित होगा उतना फायदा होने वाला है।
मैं मुख्यमंत्री जी की इस बात से सहमत हूँ किहमारे रेलवे स्टेशन ऐसे पुराने क्या होने की जरूरत है,क्यों न हिन्दुस्तान के महत्वपूर्ण स्थानों के रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट से भी बढ़िया क्यों न हो और मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ,सिर्फ जम्मू वासियों को नहीं, मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूँ किहम रेलवे के विकास में, प्राथमिकता मेट्रो सिटीज़ में जम्मू जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन को और उसके जैसे रेलवे स्टेशनों को अतिआधुनिक बनाना, एयरपोर्ट से भी रेलवे स्टेशन ज्यादा अधिक सुविधाजनक हो, ये बनाने का हमारा सपना है और ये बन सकता है। ये कोई कठिन काम नहीं है और ये इकनॉमिकली वाइबल प्रोजेक्ट बन सकता है। मैंने पिछले दिनों रेलवे के मित्रों के साथ बड़े विस्तार से समय निकालकर चर्चा की है और मैंने इसके विषय पर उनको डिटेल में प्रारूप दिया है और अब देखिए देखते ही देखते आपको बदलाव नजर आएगा और इसमें प्राइवेट पार्टी भी इनवेस्टमेंट करने के लिए तैयार हो जाएगी क्योंकिये आर्थिक रूप से एक अच्छी योजना होगी। जो सबको लाभ पहुंचाने वाली होगी एक विन-विन सिचुएशन वाला प्रोजेक्ट होगा। उस दिशा में हम आने वाले दिनों में जरूर आगे बढ़ना चाहते हैं, आज जब हम इस रेल सुविधा को दे रहे हैं यह भी मेरे लिए अत्यंत खुशी की बात है। भारत के विभिन्न राज्यों से कटरा तक छह जोड़ी रेल गाड़ियाँ तुरंत चलाई जाएगी। यानि उसका विस्तार और जगहों पर भी किया जाएगा। उसके अतिरिक्त जम्मू और उधमपुर तक चलने वाली तीनजोड़ी डेमू रेलगाड़ियों का कटरा तक, आज से विस्तार भी किया जा रहा है। जो जम्मू से चलने वाली उधमपुर वाली जो डेमू ट्रेन्स है उसको भी कटरा से जोड़ने का काम हो रहा है।
आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में विकास एक नयी ताकत कैसे बनेगी, देखिए आज का दिन एक प्रकारसे महत्वपूर्ण है। महत्वपूर्ण इसलिए है किआज का दिवस जम्मू कश्मीर को नयी गतिभी देने जा रहा है और आज का दिन जम्मू कश्मीर को नयी ऊर्जा भी देने जा रहा है। आज मुझे दो कार्यक्रम करने का अवसर मिला है एक इस रेल कनेक्टिविटी, जो जम्मू कश्मीर को गतिदेगा और उरी में जा करके पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन जो जम्मू कश्मीर को ऊर्जा देगा, विकास की ऊर्जा देगा और जम्मू कश्मीर को विकास की ऊर्जा चाहिए, जम्मू कश्मीर को विकास की गतिचाहिए और एक प्रकार से आज के ये दोनों कार्यक्रम उस निमित्त बड़े महत्वपूर्ण हैं।
मैं मानता हूँ किहमारे देश के जो हिमालयन स्टेट्स हैं, उन हिमालयन् स्टेट्स के विकास के लिए एक अलग से रूप-रेखा की आवश्यकता है। सारे हिमालयन् रेजिंग स्टेटस की कई एक समान कठिनाइयां है कई प्रकार की एक समान अवसर भी हैं अगर उनका एक कॉमन मॉडल विकसित किया जाएगा तो समस्याओं का समाधान भी बहुत जल्दी होगा। केंद्र के पास भी स्पष्ट विज़न होगा। राज्यों की अपेक्षाओं को समझने में केन्द्र सामर्थ बनेगा और हिमालयन स्टेट्स जो है उसके विकास में इस नयी परिधिमें हम जाना चाहते हैं और जिसका लाभ जम्मू कश्मीर को भी मिलेगा और उधर नार्थ-ईस्ट तक हिमालयन रेंज की विकास की यात्रा का लाभ उन सभी राज्यों को मिलेगा और उस दिशा में भी हम आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज मैं जम्मू कश्मीर की धरती पर आया हूँ माता वैष्णोदेवी के चरणों में आया हूँ और जब चुनाव अभियान प्रारंभ किया था तब भी माता वैष्णोदेवी का आशीर्वाद ले करके गया था और आज विकास यात्रा का आरंभ कर रहा हूँ वो भी माता वैष्णोदेवी के आशीर्वाद से कर रहा हूँ और इसलिए मुझे विश्वास है किभारत की विकास यात्रा को और अधिक शक्तिमिलेगी, और अधिक ताकत मिलेगी और अधिक सामर्थ्यवान विस्तार के साथ हम इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाएंगे।
टूरिज्म में यात्रियों की सुविधा के साथ रेलवे एक प्रकार से Environment Friendly व्यवस्था होती है और जम्मू-कश्मीर में Environment Friendly Transportation, वो दुनिया को आकर्षित करने का कारण बनता है। हम इस मार्ग के माध्यम से विश्व के अंदर जम्मू-कश्मीर में Environment Friendly यातायात को भी बल दे रहे हैं यह अपने आप में एक अच्छे प्रयोग के रूप में हम दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।
और हिमालयन में जितना विकास हम करना चाहेंगे, वो Environment Friendly विकास हो सकता है। उसको हम बल भी दे सकते है, उसकी सुरक्षा करते हुए यात्रियों की सुविधा भी बढ़ा सकते हैं, Environment की सुरक्षा भी हो, यात्रियों की सुविधा भी बढ़े, उस दिशा में हम प्रयास करते हैं, मैं जब यहां रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करने गया, वहां का जो मैंने द़श्य ऐसा, ऐसा रेलवे स्टेशन देखने को मिलता बहुत कम है, क्योंकि ऊपर पहाड़ से नीचे स्टेशन पर जाना होता है, तो छोटी पहाड़ी पर से पूरा स्टेशन दिख रहा है, तो कितना बड़ा तामझाम है उसका दर्शन होता है। मैंने तुरंत कहा-हिंदुस्तान का ये ऐसा रेलवे स्टेशन बन सकता है कि जिसको पूरा हम सोलर रेलवे स्टेशन के रूप में कनवर्ट कर सकते हैं। इतनी संभावनाएं पड़ी है। रेलवे चेयमैन ने मुझे कहा मैं साहब, तुरंत इस काम को हाथ में लूंगा और मैं कटरा का पूरा रेलवे स्टेशन, देश का एक रेलवे स्टेशन, Environment Friendly Movement का एक हिस्सा... और बहुत संभावना पड़ी है, उसको जब करेंगे तो जब यात्री आएंगे और ऊपर स्टेशन पे जब जाते होंगे तो उसको देखकर कोर्ठ भी जान लेगा कि सोलर एा उपयोग कैसे और कहां हो सकता है और मुझे विश्वास है कि बहुत जल्दी रेलवे विभाग पूरे रेलवे स्टेशन पर सोलर पैनल का उपयोग करके एक-एक इंच की जगह का उपयोग कर करके उस ऊर्जा का भी उपयोग आने वाले दिनों में कैसे कर सके उस पर प्रयास होगाऔर ऐसा मुझे पूरा विश्वास है।
जम्मू-कश्मीर अनेक समस्याओं से गुजरा है, अनेक कठिनाईयों से गुजरा है और एक भारत के हर नागरिक की इच्छा है, भारत के हर नागरिक का दायित्व है किहमारा जम्मू-कश्मीर सुखी हो, समृद्ध हो। हर एक की इच्छा है और इसको पूरा करना हम सबका दायित्व है। चाहे हम शासन व्यवस्था में हो तो भी, हम शासन व्यवस्था में न हो तो भी। यह हम सबका दायित्व है। यहां के नौजवानों को रोजगार मिले, रोजगार के नए अवसर मिले। उनको नई जिंदगी जीने का अवसर मिले। मैं अभी जब कटरा स्टेशन पर बच्चे ट्रेन में जा रहे थे तो उनको मैंने पूछा किआपमें से कितने लोग है जिन्होंने पहले कभी ट्रेन देखी है, कितने है जो ट्रेन में बैठे है। 21वीं सदी का पहला दशक चला गया उन बच्चों में 80 प्रसेंट बच्चों ने हाथ ऊपर किया किहमने पहली बार ट्रेन में बैठे है आज। उन बच्चों के लिए आनंद का विषय है। लेकिन हमारे लिए सोचने का विषय है किहमविकास यात्रा को कैसे चलाया कि कटरा, इतने निकट के भी बच्चों को जीवन में पहली बार रेल को देखने का 21वीं सदी आने के बाद अवसर मिला है। हमारा दायित्व बनता है किहमारे देश के दूर-सूदूर कोने में बैठे हुए लोगों को भी विकास का लाभ मिलना चाहिए। विकास से प्राप्त सुविधाएं सामान्य मानव तक पहुंचनी चाहिए, आखिरी छोर पर बैठे हुए मानव तक पहुंचनी चाहिए। हम लोगों का प्रयास यही है और मुझे विश्वास है देश की जनता ने जो आशीर्वाद दिए हैं उस आर्शीवाद के बलबूते पर अंतिम छोर पर बैठे हुए गरीब से गरीब व्यक्तिके कल्याण में ये विकास की यात्रा आगे बढ़ेगी, विकास के नए मार्ग स्थापित होंगे और सामान्य व्यक्तिके जीवन को.. उसकी Quality of life में चेंज आएगा।
उसकी आशा अपेक्षा के अनुकूल जीवन व्यवस्था विकसित हो, उस दिशा में हम प्रयास करेंगे। मैं जम्मू कश्मीर के नागरिकों को यही संदेश देना चाहता हूं, अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जिस यात्रा को प्रारंभ किया है, उस यात्रा को हम आगे बढ़ाना चाहते हैं और हमारा मकसद राजनीतिक जय-पराजय वाला नहीं होता है। हमारा मकसद होता है जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक का दिल जीतना है और मैं जम्मू-कश्मीर के नागरिकों का दिल जीतना यही मेरी प्राथमिकता है और यह प्राथमिकता उसी को विकास के माध्यम से करना है यहां के लोगों के कल्याण के माध्यम से करना है। यहां के लोगों की भलाई के माध्यम से करना है और मुझे विश्वास है इस स्वप्न को हम बहुत ही जल्द, बहुत तेजी गतिसे पूरा करते जाएंगे। इसी सद्भावना के साथ फिर एक बार यह श्री शक्तिएक्सप्रेस राष्ट्र को समर्पित कर रहा हूँ। माता वैष्णों देवी के चरणों में आने वाले कोटिकोटिभक्तों को समर्पित करता हूँ और जम्मू-कश्मीर के टूरिज्म के विकास के लिए यह यात्रा अहम भूमिका अदा करेगी। जम्मू–कश्मीर के टूरिज्म को बहुत बल मिलेगा। जम्मू-कश्मीर के विकास को बहुत बल मिलेगा। इस शुभकामनाओं के साथ बहुत-बहुत धन्यवाद।
भारत माता की...
भारत माता की...
भारत माता की...
मैं अपना भाषण शुरू करूं... उससे पहले मैं देख रहा हूं... कुछ कलाकार साथी बढ़िया-बढ़िया पेंटिंग बनाकर के ले आए हैं। जो लोग ये पेंटिंग लेकर के आए हैं अगर आपने अपने पेंटिंग के पीछे अपना नाम पता लिखा होगा तो मैं आपको धन्यवाद का पत्र भेजूंगा। और मेरे एसपीजी के लोगों आ रहे हैं.. उनको आप दे दीजिए मुझे पहुंच जाएगा। सारे कलेक्ट कर लीजिए... जल्दवाजी मत कीजिए.. भारत माता की...आपका पता होगा तो मेरा पत्र आपको जरूर मिलेगा। बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत मता की... अब मैं भाषण शुरू करने से पहले इस चुनाव में जो हमारे कैंडिडेट हैं, और आपलोग अपना वोट देकर जिनको एमएलए बनाने वाले हो मैं उन सबसे आग्रह करता हूं उम्मीदवारों को.. वे उम्मीदवार थोड़े आगे आ जाएं खड़े हो जाएं... जितने उम्मीदवार है वो जरा आगे आ जाएं... बहुत आगे मत जाइए भाई.. मेरे साथ बोलिए भारत माता की... मैं इनके पास जाकर के आता हूं बाद में...
जय मां गंगा…
जय मां गंगा…
जय कपिल मुनि…

आप सबाई भालो आछेन? आज काशी और गंगा के इस सेवक को...फिर से गंगा सागर आने का सौभाग्य मिला है। मैं इस पुण्यभूमि से माँ गंगा को प्रणाम करता हूँ। यहां मथुरापुर के अलावा डायमंड हार्बर, जयनगर और दूसरी जगह से भी उत्साही नागरिक भाई-बहन आए हैं। आपने यहाँ आकर अपना फैसला भी सुना दिया है। आपने ये तय कर दिया है कि....4 मई को केवल परिणाम नहीं, परिवर्तन आएगा। TMC का भय हारेगा, बीजेपी का भरोसा जीतेगा। बीजेपी का भरोसा... बीजेपी का भरोसा... बीजेपी का भरोसा... मुझे अभी मेरे मित्र राकेश जी बता रहे थे कि सुबह 9-10 बजे से लोग आ गए हैं। इतना उत्साह... और मैं देख रहा हूं जितने लोग अंदर है उससे कही ज्यादा लोग बाहर धूप में तप रहे हैं। ये अद्भुत दृश्य है... .ये उत्साह... ये उमंग... और माताओ-बहनों की हाजिरी...नवजवानों की हाजिरी... चारों तरफ से एक ही आवाज आ रही है। गांव से, शहर से, गली से, मोहल्ले से, माताएं बोले... नौजवान बोले... हर कोई कह रहा है... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... बंगाल में परिवर्तन की आंधी चल रही है। आज पहले चरण की वोटिंग में...जिस तरह बंगाल की महिलाओं ने...बंगाल के युवाओं ने...TMC के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है..वो आज पूरा देश देख रहा है। बंगाल में हो रहा बंपर मतदान...दिखा रहा है कि भय हार रहा है और भरोसे की जीत पककी है। ठीक दस दिन बाद जब वोटों की गिनती होगी...तो मुझे विश्वास है... हर तरफ कमल ही कमल खिला होगा। मैं बंगाल के लोगों से कहूंगा...खासकर के फर्स्ट टाइम वोटर्स से कहूंगा...बंगाल की निर्मम सरकार को उखाड़ फेंकने का...यही समय है...सही समय है।
साथियों,
इस विशाल जनसमूह में… इतनी बड़ी संख्या में मेरी माताएँ-बहनें हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आई है। आपकी उपस्थिति टीएमसी की नींद उड़ाने वाली है। ये आपका प्यार मेरे सिर-आंखों पर... मैं साफ देख रहा हूं बंगाल में इस बार, परिवर्तन की कमान बंगाल की बहनों ने ही संभाल रखी है। क्योंकि, निर्मम सरकार की सबसे बड़ी अगर कोई शिकार रही है तो ये हमारी महिलाएं ही रही है हमारी बेटियां रही हैं। आए दिन बलात्कार...आरजी कर और संदेशखाली जैसी घटनाएँ....बलात्कारियों और गुंडों को TMC का खुला संरक्षण....हमारी बहन-बेटियाँ को जिस प्रकार से परेशान किया गया है। ये मेरी बहनें, ये मेरी बेटियां... बंगाल की एक-एक बेटी कभी नहीं भूल सकती।
साथियों,
तृणमूल और इन सारे दलों का महिला विरोधी चेहरा एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। अभी कुछ दिन पहले संसद में जो कुछ हुआ...आप सबने देखा है। भाई, ये चित्र कोई बच्चा लेके आया है ले लो जरा, ये पीछे भी डिस्टर्ब कर रहा है और मुझे भी डिस्टर्ब कर रहा है। बेटा, मैं आपका बहुत आभारी हूं, आप इतना बढ़िया चित्र बनाकर ले आए हैं, ये छोटी बच्ची साथ में हैं। उसके चेहरे पर जो उत्साह है वो बड़ा गजब का है। इतनी प्यारी बच्ची है ये.. वाह.. उसके चेहरे पर जो उमंग है वो बड़ा अद्भुत है.. थैंक्यू बेटा थैंक्यू.. अगर तुम्हारा माम होगा तो चिट्ठी तेने नाम कर दूंगा। बहुत प्यारी बच्ची है।
साथियों,
बीजेपी सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव लेकर संसद में आई थी। लेकिन, TMC ने इसके खिलाफ वोटिंग की...TMC ने बंगाल की महिलाओं का हक छीन लिया। माताओं बहनों, बंगाल मां दुर्गा को पूजने वालों की धरती है। TMC ने यहाँ महिलाओं के सम्मान को जो ठेस पहुंचाई है....उनके ऊपर जो अत्याचार हुए हैं... आपका एक वोट इसका हिसाब करेगा। अब अन्याय नहीं सहना है। बहुत हो चुका है, 15 साल तक जुल्म करते रहे.. अब नहीं चलेगा.. आर नोय आर नोय एखोन बदोल चाई.. एखोन बदोल चाई.. बदोल चाई

साथियों,
बंगाल ने तीन दशक तक लेफ्ट वालों का कुशासन सहा था। इसीलिए, बंगाल की जनता ने TMC को मौका दिया, लेफ्ट वालों को भगाया। एक बार नहीं, 3-3 बार, 15 साल तक मौका दिया। भाइयों बहनों, एक ओर केंद्र में बीजेपी के 11 साल का कार्यकाल है...दूसरी ओर, बंगाल में TMC के 15 साल हैं। हमने 11 साल में देश के हर गाँव में बिजली पहुंचा दी। हमने 11 साल में देश के हर गांव में बिजली पहुंचा दी। हमने 11 साल में 4 करोड़ गरीबों को पीएम-आवास दिया। हमने 11 साल में गरीबों के घर में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनवाए। हमने 11 साल में 55 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक में जनधन खाते खुलवाए। हमने 11 साल में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाया। 40 करोड़ से ज्यादा लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर मुफ्त इलाज की गारंटी दी। करीब 10 करोड़ किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ा। 25 करोड़ गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला।
साथियों,
ये लिस्ट इतनी लंबी है... अगर मैं गिनाना शुरू करूं तो शाम हो जाएगी
शाम हो जाएगी, लेकिन बीजेपी के कामों की गिनती पूरी नहीं होगी।
लेकिन भाइयों बहनों, 15 साल में TMC ने बंगाल को क्या दिया?
केवल झूठे वादे, और धोखा! बाढ़ से निपटने के लिए TMC ने घाटल मास्टर प्लान लाने का वादा किया था। क्या मिला- धोखा! हर डिस्ट्रिक्ट में एक मेगा फूड पार्क बनाने की घोषणा हुई थी। क्या मिला- धोखा! TMC ने 2 हजार बड़ी इंडस्ट्री लगाने की बात कही थी। क्या मिला- धोखा!
साथियों,
TMC के झूठे वादे उन वादों का सबसे बड़ा भुक्तभोगी ये हमारे मथुरापुर के लोग हैं। यहाँ पूरे देश से लाखों लोग गंगा सागर आते हैं। लेकिन आज भी यहां के लोगों को फेरी पर निर्भर रहना पड़ता है। आज भी गंगा सागर तक एक पक्का पुल नहीं है! हर बार चुनाव के समय वादा....और, चुनाव के बाद गायब! TMC वर्षों से इसी फॉर्मूले पर चल रही है।
साथियों,
नदी के किनारे तटबंध का भी हाल बहुत बुरा है। हर साल यहाँ बाढ़ आती है। लोगों के घर उजड़ते हैं। खेतों में पानी घुसने से फसल बर्बाद हो जाती है। लेकिन, निर्मम सरकार को आपकी तकलीफ से कोई फर्क नहीं पड़ता। भाइयों बहनों, यहाँ TMC सरकार खुद तो कोई काम नहीं करती है... केंद्र सरकार के हर काम में भी रोड़े अटकाती रहती है। बाढ़ और तूफान से राहत के लिए केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपए भेजे थे। आप में से किसी के पास भी एक कानी पाई पहुंची नहीं है। एक रुपया पहुंचा नहीं है। TMC तो केंद्र सरकार का भी पैसा खा जाती है।

साथियों,
बंगाल से ये आफत तभी हटेगी, जब यहां बीजेपी का सीएम होगा... और पीएम तो आपने बीजेपी का बना दिया है।
पीएम-सीएम, एक शाथे… उन्नोयोन होबे दिने-राते!
साथियों,
बंगाल की निर्मम सरकार को सिर्फ अपने हितों की चिंता है, उसे आपके सुख-दुख से कोई लेना-देना नहीं है। इसका एक उदाहरण है- मथुरापुर का भंग मेला। हमारे मथुरापुर के कारीगरों ने कबाड़ से कंचन बनाने का अभियान चला रखा है। लेकिन भंग मेले को राज्य सरकार से वो सपोर्ट नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था। यह मेला राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा सबूत है। साथियों, बीजेपी का संकल्प है, मथुरापुर के इस भंग मेले को हम “स्वच्छ भारत मिशन” का एक गौरव बनाएँगे। हम इस मेले के कारीगरों को डिजिटल स्किल देंगे,... उन्हें सेफ्टी गियर देंगे, और मेला स्थान को एक व्यवस्थित मार्केट हब बनाएँगे।
साथियों,
बंगाल की विरासत और बंगाल का सामर्थ्य पूरी दुनिया जानती है।
लेकिन इस सामर्थ्य पर TMC कुंडली मारकर बैठ गई है। यहां बिना करप्शन के कोई काम नहीं होता। हर काम में TMC को कटमनी चाहिए! हर जगह TMC के सिंडीकेट के लोग बैठे हैं। नौकरी चाहिए... तो भर्ती परीक्षा में करप्शन होता है! नौकरी किसको मिलेगी…. TMC वाले पैसा खाकर तय करते हैं। साथियों, बंगाल में अगर किसी जमीन खरीदनी होती है...तो, उसमें भी बीच में ‘दादा मस्तान’ को पैसा देना पड़ता है! दादा मस्तान के गुंडा टैक्स से गरीब और मिडिल क्लास सबसे ज्यादा परेशान है। घर बनाने में भी सिंडिकेट की मंजूरी लगती है। दोस्तो, अब आगे जगह नहीं है, जहा हैं वहीं रुकिए। आपका ये प्यार ये आशीर्वाद, ये मेरी बहुत बड़ी पूंजी है। अब आगे जगह नहीं है आप कहां जाओगे...प्लीज जहां है आप वहीं से मुझे सुनिए आपका प्यार आपका आशीर्वाद ये मेरे सर आंखो पर है। साथियों, राशन लेना हो… तो भी कटमनी देनी पड़ती है। यहां तक कि, खेत में किसान मेहनत करता है, पसीना बहाता है....लेकिन, मथुरापुर मंडी में TMC का सिंडिकेट बैठा है। वहाँ उसको कटमनी देनी पड़ती है।
भाइयों बहनों,
15 साल के इस सिंडिकेट सिस्टम की एक्सपायरी डेट आ गई है। वो एक्सपायरी डेट आप लिखकर रखिए....वो तारीख है- 4 मई...
मैं TMC के गुंडों से भी कहना चाहता हूँ.... 4 मई, ये TMC के सिंडिकेट और महाजंगलराज की एक्सपायरी डेट है। 4 मई के बाद इस लूट का पूरा हिसाब होगा। आर काटमानीर खेला... चोलबे ना, काटमानीर खेला... काटमानीर खेला... माफिया-देर मेला... माफिया-देर मेला... माफिया-देर मेला... चोलबे ना,

साथियों,
मथुरापुर और ये क्षेत्र समुद्र किनारे बसा है। समुद्र से जुड़ी कितनी असीम संभावनाएं इस क्षेत्र के पास हैं। लेकिन, TMC सरकार की वजह से यहाँ का मछुआरा समाज परेशानियों से घिरा हुआ है। यहाँ कोल्ड स्टोरेज की अच्छी सुविधाएं नहीं हैं, हमारे मछुआरा भाई-बहन इतनी मेहनत करते हैं... उन्हें जो आय हो सकती है, वो नहीं मिलती है।
क्योंकि, समंदर में TMC की प्राथमिकता ही दूसरी है! यहाँ समंदर के जरिए तस्करी और स्मगलिंग के कारोबार चल रहे हैं। गोल्ड की तस्करी... ड्रग्स की तस्करी....अवैध हथियारों की तस्करी...TMC सरकार ऐसे सभी अपराधों को संरक्षण देने में लगी है। इससे इस क्षेत्र की सुरक्षा, यहाँ के बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।
साथियों,
भाजपा सरकार में समंदर सुरक्षित भी बनेगा… और, बंगाल की समृद्धि का स्रोत भी बनेगा। ये बीजेपी सरकार ही है.... जिसने केंद्र में पहली बार मत्स्य पालन के लिए अलग से मंत्रालय बनाया। हम ब्लू कोनॉमी को आगे बढ़ाने में लगे हैं। हमने मछली पालन से जुड़े भाई-बहनों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा है। समंदर में जाने वाले हमारे मछुआरा भाई-बहनों का जीवन सुरक्षित हो... उन्हें मछ्ली पकड़ने के लिए बेहतर जानकारी मिले...इसके लिए हम आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। बंगाल में भी, भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में ‘फिश एक्सपोर्टिंग हब’ बनाने का ऐलान किया है।
साथियों,
बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही मछुआरों की समस्याओं पर फोकस किया जाएगा। हमारा प्रयास यह है कि काकद्वीप का मछुआरा सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे, उसकी मछली बड़े शहरों तक पहुंचे, देश के बाहर भी जाए। इससे यहां के हर परिवार की आय बढ़ेगी, युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।

साथियों,
TMC ने कैसे यहां के समंदर को असुरक्षित कर दिया है...इसका मैं आपको एक और उदाहरण देता हूं। पिछले दिनों काकद्वीप में अनेक घुसपैठिए मछुआरे पकड़े गए। वो यहाँ आते-जाते रहे, यहां अवैध काम करते रहे… किसके संरक्षण पर? TMC सरकार के संरक्षण पर! वो घुसपैठिए यहाँ किसका हक मार रहे थे? हमारे बंगाल के मछुआरों का, यहाँ के स्थानीय लोगों का हक मार रहे थे। इसका विरोध होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? लेकिन टीएमसी चाहती है कि घुसपैठियों को ना रोका जाए। जब भी मैं घुसपैठियों पर कार्रवाई की बात करता हूं, तो टीएमसी इसका विरोध करती है। एक टीएमसी विधायक ने तो स्वीकार किया है कि पैसे लेकर बांग्लादेशियों का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया। आप सोचिए, अपना वोटबैंक बढ़ाने के लिए TMC किस हद तक जा चुकी है। ये बंगाल के लोगों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। ये देश की सुरक्षा को दांव पर लगा रही है।
साथियों,
भाजपा का संकल्प है कि हम घुसपैठ के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेंगे। बीजेपी सरकार में बंगाली मानुष सुरक्षित और निश्चिंत होकर रहेंगे। साथियों,TMC सरकार, यहां हर दिन लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रही है। कृष्ण चंद्रपुर ग्राम पंचायत में लोकतंत्र की शर्मनाक तस्वीर कोई नहीं भूल सकता। जनता ने जिन्हें चुनकर भेजा, उन विजयी प्रत्याशियों को क्या मिला? उन्हें विकास का मौका नहीं मिला...उन्हें अपहरण का अभिशाप मिला। क्यों? क्योंकि वे सत्ता के दबाव में झुकने को तैयार नहीं थे। मैं मथुरापुर की जनता से पूछना चाहता हूँ... क्या आप ऐसी सरकार चाहते हैं, जो आपके चुने हुए प्रतिनिधि को ही अगवा कर ले? दुर्भाग्य से बंगाल में अभी ऐसी ही सरकार है... जिसे अब आपको मिलकर हटाना ही होगा।
साथियों,
बंगाल की इस धरती ने सदियों पहले राजा प्रताप आदित्य जैसे वीर को जन्म दिया था। इस धरती से तेभागा आंदोलन में किसान और मजदूर अपने अधिकारों के लिए खड़े हुए। जब भी किसी ने अधिकार छीना, यहां के लोगों ने आवाज उठाई। बंगाल को कभी डराया नहीं जा सकता।
बंगाल पूरे भारत को दिशा दिखाने की ताकत रखता है। हमें एक ऐसे बंगाल के लिए वोट देना है...जो सुरक्षित हो, समृद्ध हो और विकसित हो! मैं आप सबसे अपील करता हूँ....आप बीजेपी के जो हमारे उम्मीदवार है इन सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाइए। आप इतनी बड़ी तादाद में आए, मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मेरे साथ बोलिए भारत मता की... भारत माता की... भारत माता की.. वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... बहुत-बहुत धन्यवाद।


