PM Modi lashes out at the Opposition over triple talaq and says, you can only see the ballot box, not the lives of people
We care for the poor and we are working to bring down the problems of their lives. That is why, today the poor of UP is standing with BJP & is blessing BJP in all phases: PM Modi
Around 20,000 women officers inducted into UP Police in 5 years: PM Modi in Barabanki
The Parivarvadi groups looted the poor's ration but the BJP ended their game...We brought in 'One Nation, One Ration Card': PM Modi

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

लोधेश्वर महादेव कै पावन भूमि बाराबंकी, अउर भगवान राम कै सुहावनी अवध पुरी अयोध्या कै लोगन का, हम हाथ जोड़कर प्रणाम करित है। आप सभी के प्यार, आपके इस आशीर्वाद के लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं! मैं हेलिकॉप्टर से देख रहा था, जितने लोग यहां हैं, उससे ज्यादा लोग बाहर हैं। आप इतनी बड़ी तादाद में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए, इसके लिए मैं फिर से एक बार आपका आभार व्यक्त करता हूं। ये ऊर्जा, ये उत्साह सिर्फ बाराबंकी और अयोध्या तक ही सीमित नहीं है। बल्कि आज चौथे चरण में जहां मतदान हो रहा है, वहां के मतदाताओं को भी भारी संख्या में मतदान करते देखकर के पूरे देश के लोकतंत्र प्रेमियों को एक विशेष आनंद हो रहा है, और सुबह-सुबह बहुत बड़ी तादाद में मतदान के लिए निकले हुए सभी लोगों का मैं अभिनंदन करता हूं। 

उत्तर प्रदेश में हो रहे ये चुनाव, यूपी के विकास के साथ ही देश के विकास के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से भले ही यूपी, देश का 7 प्रतिशत हिस्सा हो, लेकिन आबादी को देखें, तो भारत की 16 प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या ये हमारे उत्तर प्रदेश में है। इसलिए, यूपी के लोगों का विकास, भारत के विकास को गति देता है। यूपी के लोगों का सामर्थ्य, भारत के लोगों का सामर्थ्य को बढ़ाता है। लेकिन भाइयो और बहनो, यूपी में इतने दशकों तक जिन घोर परिवारवादियों की सरकारें रहीं, उन्होंने यूपी के सामर्थ्य के साथ इंसाफ नहीं किया। इन घोर परिवारवादियों ने यूपी के लोगों को कभी खुलकर अपना सामर्थ्य दिखाने का अवसर ही नहीं दिया।

जब सामान्य मानवी, जब हमारा गरीब, मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसता रहेगा, तो फिर वो अपनी ऊर्जा आगे बढ़ाने में कैसे लगाएगा। ये घोर परिवारवादी जानते थे कि अगर गरीब के पास उसका घर हो गया, घर में शौचालय बन गया, अगर गरीब के घर बिजली पहुंच गई, गरीब के घर तक सड़क पहुंच गई तो फिर, ये घोर परिवारवादियों के घर के चक्कर कौन काटेगा। उनके पास कौन जाएगा। ये घोर परिवारवादी चाहते हैं गरीब हमेशा उनके चरणों में रहे, उनके ही चक्कर लगाता रहे। हम गरीब की चिंता करते हुए उनके जीवन से मुश्किलें कम करने का काम कर रहे हैं। और इसलिए आज यूपी का गरीब भाजपा के साथ डटकर खड़ा है। एकजुट होकर चुनाव के हर चरण में भाजपा को आशीर्वाद दे रहा है। इसलिए ये लोग बौखलाए हुए हैं, यूपी के लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इन्हें पता नहीं है कि बीजेपी की जीत का झंडा, आज यूपी के गरीब ने खुद इस झंडे को उठा लिया है। जिन 15 करोड़ लोगों को आज कोरोना के इस कठिन कालखंड में मुफ्त राशन मिल रहा है, वो आज भारतीय जनता पार्टी की विजय के लिए जी-जान से जुटा हुआ है। जिन गरीबों को, मध्यम वर्ग को, बुजुर्गों को इस कोरोना काल में 28 करोड़, 28 करोड़ मुफ्त टीके लगे हैं, वो भाजपा के प्रतिनिधि बनकर उसकी जीत सुनिश्चित कर रहे हैं।

भाइयो और बहनो,

आपको टीका लगा है क्या...जरा दोनों हाथ ऊपर करके बताइये कि आपको टीका लगा है। आप सबको टीका लगा है। आपको कोई पैसा देना पड़ा क्या, आपके जेब से एक रुपया भी गया क्या, अब मुझे बताइये कि 28 करोड़ लोगों की जिंदगी में कितना बड़ा सुरक्षा कवच दिया। तो मोदी को आशीर्वाद देगा कि नहीं देगा। भरपूर आशीर्वाद देगा कि नहीं देगा। तकलीफ उनको इसी बात की है। यही कोरोना वैक्सीन है जिनके कारण आज हमारे युवा स्कूल-कॉलेज जा पा रहे हैं। व्यापार-कारोबार चल पड़ा है। और इसलिए यूपी कह रहा है- आएगी तो भाजपा ही ! आएगी तो भाजपा ही ! आएगी तो भाजपा ही। आएंगे तो योगी ही ! आएंगे तो योगी ही ! आएंगे तो योगी ही। 

भाइयो और बहनो,

यूपी का सामर्थ्य बढ़ाने में यहां की 10 करोड़ से अधिक हमारी बहनों–बेटियों की बहुत बड़ी भूमिका है। अगर हमारी बेटियां, हमारी बहनें, जकड़कर के रहेंगी, बंधन में रहेंगी, उनका जीवन अगर मुसीबतों से भरा रहेगा तो यूपी तेज विकास की गति प्राप्त नहीं कर सकता। जब माताओं-बहनें-बेटियों का सामर्थ्य बढ़ता है तो परिवार का, समाज का, देश का सामर्थ्य बढ़ता है। हमारी बहनों-बेटियों की जिन समस्याओं को इन लोगों ने छोटा समझा, उनको ही मोदी ने छोटा नहीं समझा, बहन-बेटियों की, माताओं-बहनों की मुसीबतें ये मेरे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता रही हैं। घर और स्कूल में शौचालय हो, गैस कनेक्शन हो, बिजली-पानी कनेक्शन हो, गर्भावस्था के दौरान हज़ारों रुपए की सीधी मदद हो, ऐसे हर काम को हमने पूरे मन से, पूरी लगन से किया। यूपी में हमने जो लाखों घर पीएम आवास योजना के बनाए हैं, वो भी ज्यादातर महिलाओं के ही नाम हैं। और ये जितनी सुविधाएं हमने बहनों को दी हैं, ये किसी की जाति या मज़हब देखकर के नहीं दीं। सबसे अधिक लाभ अगर इन योजनाओं का हुआ है तो हमारी दलित माताएं-बहनें, पिछड़े समाज की माताएं-बहनें और मुस्लिम समाज की बहनों को लाभ हुआ है। अस्पतालों में जो 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज मिल रहा है, उसका भी इन वर्गों की बहनों को लाभ हो रहा है।

भाइयो और बहनो,

दुर्भाग्य से, पहले की सरकारों ने हमारी बेटियों की जरूरतों, उनकी परेशानियों पर बिल्कुल ही आंखें बंद कर दी थीं। ध्यान ही नहीं दिया। अगर उनके हृदय में जरा सा भी दर्द होता, तो क्या वो उन मनचलों को खुली छूट देते, जो स्कूल से आने-जाने वाली हमारी बेटियों को छेड़ते थे। आज यूपी में ऐसे मनचलों को पता है कि अगर सीमा लांघी, तो कड़ी कार्रवाई होगी।

साथियो, 

तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं ने कैसे मुस्लिम बेटियों को, पूरे परिवार को असुरक्षित कर दिया था, ये सब जानते हैं। और जो दावा करते हैं कि वो तो परिवार वाले हैं, उसमें बुरा क्या है। हम परिवार वाले हैं। इसलिए परिवार का दुख जानते हैं। मैं जरा घोर परिवारवादियों से पूछता हूं, आप जब परिवार का इतना गुणगान गाते हो तो आपको मेरे मुस्लिम बेटियों के दर्द की चिंता क्यों नहीं हुई। मेरी मुस्लिम बेटियों-बहनों को छोटे-छोटे बच्चे लेकर के पिता के घर लौटना पड़ता था, तब तुम्हें परिवार का दर्द क्यों नहीं समझ आया। हम परिवार वाले नहीं है, लेकिन हर परिवार के दर्द को पहचानते हैं, क्योंकि पूरा हिंदुस्तान हमारा परिवार है, पूरा उत्तरप्रदेश मेरा परिवार है आप सब मेरे परिवार के हैं। आपने वोटबैंक की वजह से, इन लोगों ने मुस्लिम बेटियों के जीवन की पहाड़ जैसी दिक्कतों को देखने की भी फुर्सत नहीं थी,  नजरअंदाज  कर किया। ये हमारी ही सरकार है जिसने इन मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के दुष्चक्र से मुक्त किया है। और साथियो, आप ये भी समझिये कुछ लोग बहुत बड़ी गलती करते हैं। ये सिर्फ बेटियों को सुरक्षा देता है ऐसा नहीं है, ये उन मुस्लिम बेटियों के पिता को भी सुरक्षा देता है,  ये मुस्लिम बेटियों के भाई को भी सुरक्षा देता है,  ये मुस्लिम बेटियों की माता को भी सुरक्षा देता है, क्योंकि बड़े अरमानों के साथ बेटी की शादी कराकर के ससुराल भेजते हैं मां-बाप, जीवन में कितना बड़ा आनंद और संतोष होता है, लेकिन वो ही बेटी 5-10 साल के बाद तीन तलाक, तीन तलाक, तीन तलाक सुनके जब घर लौट आती है, आप कल्पना कर सकते हैं, उस बेटी के बाप पर कितनी बीतती होगी,  उस बेटी के मां पर कितनी बीतती होगी उस बेटी के भाई को कितना दर्द होता होगा। तुम परिवार वाले हो, अरे तुम्हें तो इस दर्द का पता चलना चाहिए था,  तुम्हें नहीं चला, क्योंकि तुम्हें सिर्फ बैलेट बॉक्स ही दिखता है, तुम्हें किसी की जिंदगी नहीं दिखती है।

हमारी बेटियों की सुरक्षा और सम्मान बढ़े, ये डबल इंजन वाली सरकारी की हमेशा प्राथमिकता रही है। इसलिए 2014 में जब आपने हमें अवसर दिया तो हमने इसके लिए ईमानदारी से काम किया। भाजपा सरकार ने तय किया कि सभी राज्यों में महिलाओं की सुनवाई के लिए वन स्टॉप सेंटर,  थानों में महिला हेल्प डेस्क और विशेष फास्ट ट्रेक कोर्ट्स बनें। आपको हैरानी होगी 6-7 साल पहले हमारे देश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या सिर्फ एक लाख 10 हजार थी।  मैं पूरे देश की बात बता रहा हूं,  अब महिला पुलिसकर्मियों की संख्या सिर्फ 5-7 साल में सवा दो लाख के भी ऊपर पहुंच चुकी है।

भाइयो और बहनो,

यूपी में इतने दशकों तक कांग्रेस, सपा, बसपा की सरकारें रहीं, लेकिन योगी जी के आने के पहले उत्तरप्रदेश में करीब-करीब 11 हजार महिला पुलिसकर्मी थी, 11 हजार।  7 दशक के बाद कहां पहुंचे 11 हजार। बीते 5 साल में ही हमारे योगी जी ने,  भाजपा सरकार ने लगभग 20 हजार नई भर्तियां हमारी बेटियों की पुलिस में की हैं, भाइयो। और इतना ही नहीं, हमने पुलिस में ही बेटियों की भागीदारी की है ऐसा नहीं, बल्कि सीआरपीएफ, बीएसएफ, ऐसे अर्धसैनिक बलों और सेना में भी हम बेटियों की भागीदारी का विस्तार कर रहे हैं। आज बेटियां ज्यादा से ज्यादा संख्या में कमांडो बनकर देश और समाज को सुरक्षा दे रही हैं। सेना में भी हर मोर्चे को हमने बेटियों के लिए खोल दिया है। सैनिक स्कूलों और मिलिर्ट्री एकेडेमी में अब बेटियां भी पढ़ाई कर रही है, ट्रेनिंग ले रही हैं।

भाइयो और बहनो,

ये प्रयास बेटियों की सरकारी सेवाओं में अधिक भागीदारी के तो हैं ही, उससे भी अधिक बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास भी है। हम ऐसे ही सामर्थ्यवान उत्तरप्रदेश की तरफ बढ़ रहे हैं। इसी के लिए आप से फिर एक बार, दोबारा भारी समर्थन मांग रहे हैं। भाइयो और बहनो, 2017  से पहले के डेढ़ दशकों में आपने देखा है कि इन लोगों ने बारी-बारी से सत्ता भोग किया, लेकिन विकास को भी जाति और पंथ के दायरे में समेट दिया। हर सुविधा में ये लोग भेदभाव करते थे। पक्षपात करते थे। बाराबंकी और अयोध्या राजधानी लखनऊ से ज्यादा दूर नहीं है, यहां बिजली की क्या स्थिति थी, 2017 से पहले उत्तरप्रदेश में बिजली पैदा ही बहुत कम होती थी, जो पैदा होती थी, वो दशकों पुरानी ट्रांसमिशन लाइनों, पुराने ट्रांसफार्मर्स का नेटवर्क, वो ही उसको खा जाता था। केंद्र सरकार ने पूरे देश में बिजली का उत्पादन बढ़ाने औऱ ट्रांसमिशन पर बहुत अधिक काम किया। पहले गांव में ट्रांसफार्मर जल जाए, कई-कई दिन तक बदला नहीं जाता था। गांव के गांव अंधेरे में रहते थे। योगी जी की सरकार में अब ट्रांसफार्मर बदलने में देरी नहीं होती, जल्द से जल्द बिजली लाने का प्रयास होता है।

भाइयो और बहनो,

ये मानव स्वभाव है कि जब किसी की एक आकांक्षा की पूर्ति होती है, तो उसमें अगली आकांक्षा जाग जाती है। जैसे किसी को सामान्य सा मोबाइल मिल जाए, तो फिर उसका मन करता है कि कुछ दिन बाद वो और अच्छा स्मार्ट फोन खरीद पाए। इसी प्रकार, जब विकास भी नई आकांक्षाओं को जन्म देता है। जिन गांवों में सड़क आ गई, वहां सिंगल पट्टी है तो डबल पट्टी मांगेंगे। डबल पट्टी है तो ऑल वेदर रोड की आकांक्षा बढ़ती है। जहां हाईवे आ गए, रेल आ गई, वहां लोग एयरपोर्ट चाहते हैं। पहले बसपा और फिर सपा ने तो विकास की इस आकांक्षा को ही सीमित कर दिया था। इन्होंने तो आपको छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए तरसा दिया था। और इन दिनों आप जब टीवी वाले गांव-गांव जाते हैं लोगों से पूछते हैं और जब लोग कहते हैं कि ये मिला है, ये मिला.. ये मिला है… तो वो जो टीवी वाला है बेचारा वो जरा खरोदता है। नहीं नहीं… लेकिन उसका क्या ? उसका क्या ? तो फिर नागरिक बोलता है हां ये होना चाहिए, वो होना चाहिए। तो फिर टीवी वाले अगर जिसको पिछले 20 साल से मेरे जैसे लोग पसंद नहीं है। वो उसका अर्थ निकालते हैं, देखो लोगों को कुछ मिला नहीं है। लेकिन मैं उसमें से दूसरा अर्थ निकालता हूं। मैं देखता हूं कि मैंने आज देश में एक वातावरण पैदा किया है। जिस वातावरण से लोगों की चाह बढ़ी है। उनको लगता है कि इतना तो हुआ और अधिक होना चाहिए। इतना तो हुआ और अधिक होना चाहिए। और लोग पहले तो कहते ही नहीं थे, पहले तो ये कहते थे भाई क्या करें हम तो गरीब के घर में ही पैदा हुए। ये इलाका ही ऐसा है। लोग ही, चलो भाई भगवान ने जन्म दिया है गुजारा कर लेंगे। आज ऐसा नहीं कह रहे हैं। मुझे गर्व है मेरे देशवासी कह रहे हैं कि हमें ये चाहिए, हमें वो चाहिए,  क्योंकि उनको मोदी पर भरोसा है। 

भाइयो-बहनो,

डबल इंजन सरकार आपको बड़े सपने देखने का और उन्हें पूरा करने का प्रोत्साहन दे रही है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ऐसा ही एक प्रयास है। ये एक्सप्रेसवे इस पूरे क्षेत्र में रोज़गार, व्यापार, कारोबार को गति देने वाला है। इसके इर्दगिर्द लगने वाली फैक्ट्रियां, आने वाले सालों में इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली हैं। अयोध्या में हो रहा एयरपोर्ट का विस्तार इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और सशक्त करने वाला है। इससे देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए, श्रद्धालुओं के लिए आवाजाही बहुत आसान हो जाएगी। 21वीं सदी में अयोध्या का विकास सिर्फ अयोध्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस पूरे अवध क्षेत्र से पर्यटन और तीर्थाटन की संभावनाओं को विस्तार देगा।

भाइयो और बहनो,

हमारी सरकार, छोटे किसानों की जरूरतों, उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भी काम कर रही है। हमारे ये किसान साथी, फल-सब्ज़ी उगाते हैं, पशुपालन का काम करते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि से ऐसे करोड़ों छोटे किसानों की मदद हो रही है। भाइयो-बहनो, हम सत्ता में आए उसके पहले आपने मुझे सेवा करने का मौका दिया, उसके पहले, क्या कभी भी आपके कानों पे किसी पॉलिटिकल पार्टी, किसी पॉलिटिकल लीडर के मुंह से छोटे किसान ये शब्द भी सुना था क्या…सुना था क्या..इस देश में 80-90 परसेंट छोटे किसान हैं। लेकिन देश के राजनेताओं को, देश की सरकारों को छोटे किसानों की परवाह नहीं थी भाइयो। जिसके पास एक हेक्टेयर से भी ज्यादा जमीन नहीं है, छोटा सा जमीन का टुकड़ा है। वो भी परिवार बढ़ता है तो बंट जाता है, उन छोटे किसानों की चिंता इस देश में एक भी सरकार ने नहीं की थी। पहली बार आज मैं छोटे किसानों के लिए लड़ रहा हूं भाइयो।

भाइयो और बहनो,

बाराबंकी के ऐसे ही 5 लाख से अधिक किसानों को…छोटे किसानों को हमने जो योजनाएं दी हैं, उसका लाभ मिल रहा है। और आप अंदाजा लगाइए, सिर्फ बाराबंकी में ही हमने कितने रुपए किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं? मैं सिर्फ बाराबंकी का बताता हूं और सीधे उनके बैंक खाते में गए हैं, कोई बिचौलिया नहीं, कोई कट मनी नहीं। कोई मेरा-तेरा नहीं, किसान मतलब किसान। कितना पैसा गया है बताऊं,  8 सौ करोड़ रुपया, आठ सौ करोड़ रुपया, अकेले बाराबंकी में किसान के खातों में गया है। अगर मैं बाराबंकी के लिए 800 नहीं, 200 करोड़ की योजना भी जाहिर करता न, तो अखबार वाले, टीवी वाले, हेडलाइन बना देते, बाराबंकी के लिए 200 करोड़। 800 करोड़ दे चुका हूं भाइयो 800 करोड़। हमारी सरकार अपने मेहनतकश किसानों के सामर्थ्य में सहयोग के लिए खर्च कर रही है।

साथियो,

भाजपा सरकार की कार्यसंस्कृति है कि हम समस्याओं के स्थाई समाधान पर बल देते हैं। चीनी की पैदावार अधिक हो गई, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतें गिर गईं तो गन्ना किसानों को बहुत समस्याएं आती हैं। लेकिन सपा-बसपा वालों ने इसका आसान रास्ता निकाला और चीनी मिलों को ही बंद कर दिया। ना रहेगा बांस, ना बजेगी बांसुरी। लेकिन भाजपा की सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं के स्थाई समाधान पर काम कर रही है। हमने चीनी मिलों की सेहत तो सुधारी ही, गन्ने से इथेनॉल पर भी जोर दिया। यानि जब गन्ना ज्यादा हो जाए, तो वो बेकार ना हो जाए, उससे इथेनॉल बनाया जाए। ताकि मेरे किसान को परेशानी न हो। इथेनॉल की बिक्री से जो पैसा मिल रहा है, वो चीनी मिलों के साथ ही गन्ना किसानों का भी फायदा कर रहा है।

साथियो, 

पशुधन, हमारी खेती का अभिन्न हिस्सा है। पशुधन की समृद्धि के लिए हमारी सरकार आजादी के बाद पहली बार दोस्तो। आप देखिए, ये सरकारें कैसे चलाते थे। उनकी प्राथमिकताएं क्या थीं ? आजादी के बाद पहली बार 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से हमने पशुओं के टीकाकरण का अभियान चला रखा है। हम सिर्फ कोरोना के लिए मनुष्य का टीकाकरण कर रहे ऐसा नहीं, ये खुरपका, मुंहपका- Foot and Mouth Disease जो हमारे पशुओं को होता है, उनको बचाने के लिए 13 हजार करोड़ रुपये का टीका अभियान चला रहे हैं। हमारी सरकार ने गोबरधन योजना भी शुरू की है। पशुओं के गोबर से, बायोगैस बनाने के लिए यूपी में अनेकों प्लांट का निर्माण हो रहा है। इस गोबर से भी किसानों की कमाई होगी, और साथ ही उन्हें जैविक खाद भी मिलेगी। खेती का खर्चा कम होगा।

 

भाइयो और बहनो,

डबल इंजन का काम तेजी से जारी रहे, ये यूपी के विकास के लिए आवश्यक है। इसलिए आपसे मैं आग्रह करने आया हूं,  भारी बहुमत से योगी जी को फिर से लाना है। और इसलिए आपको कमल के निशान पर बटन दबाना है। भाइयो और बहनो, इतनी बड़ी जबरदस्त रैली की आपने और मैं देख रहा हूं कि उत्साह भी जबरदस्त है। अब ऐसा तो नहीं करोगे ना, चलिए हो गया अब सो जाते हैं। ऐसा तो नहीं करोगे ना। अब आप जाकर के ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलोगे। ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलोगे। घर-घर जाओगे, मोदी जी ने प्रणाम कहा है, ये हरेक को बताओगे। मोदी जी का नमस्ते पहुंचाओगे। उनको मेरी तरफ से प्रणाम कहेंगे। उनको वोट देने के लिए बताएंगे। कमल पे बटन दबाने के लिए समझाएंगे। ज्यादा से ज्यादा वोट करवाएंगे। पक्का करेंगे। जी-जान से करेंगे। भाइयो और बहनो, यही उत्साह और यही कमिटमेंट फिर एक बार भाजपा की सरकार बनाएगा।  आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ! दोनों मुठ्ठी ऊपर करके बोलिए

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

सभी उम्मीदवारों से मेरी प्रार्थना है, आप आगे आ जाइये।

 

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PM Modi’s interaction with BJP booth Karyakartas from Assam ahead of Assembly Elections
March 30, 2026
‘Seva, Sangathan, and Samarpan’, PM Modi says Assam’s BJP karyakartas embody the true spirit of the organisation
When every booth becomes strong, victory becomes certain, and Assam’s future becomes brighter: PM Modi lauding the efforts of BJP karyakartas
The importance of protecting Assam’s identity and tackling issues like illegal infiltration is not just a political issue but one of security, culture and justice: PM Modi
Over a dozen key peace agreements have brought lasting stability, especially in regions like Bodoland: PM Modi

PM Modi interacted with BJP booth karyakartas across Assam as a part of the ‘Mera Booth, Sabse Mazboot’ programme via NaMo App. He energised booth-level members and reaffirmed that every booth remains the foundation of the party’s strength and electoral success. He hailed the true spirit of Assam, calling it a powerful force driving BJP’s growth in the Northeast.

Opening the interaction, PM Modi described himself as a karyakarta first, expressing pride in working alongside the grassroots cadre. He lauded booth karyakartas for their tireless dedication, emphasising that their connect with every household is the BJP’s greatest strength. “Booth jeetoge toh chunav jeetoge,” he reiterated.

Highlighting Assam’s transformation over the past decade, PM Modi underlined the shift from instability and violence to peace, progress, and prosperity under the double engine government. He noted that over a dozen key peace agreements have brought lasting stability, especially in regions like Bodoland.

He stressed the importance of educating first-time voters about Assam’s past challenges, urging karyakartas to actively communicate the contrast between earlier regimes marked by unrest and the current era of stability. He encouraged innovative booth-level engagements to emotionally connect with voters while showcasing developmental achievements.

PM Modi also called for focused outreach to beneficiaries of key welfare schemes such as PM Awas Yojana, PM-Kisan, Ujjwala, and others, urging workers to compile beneficiary lists and strengthen direct engagement. He emphasised turning polling day into a Jan Utsav, with collective participation ensuring maximum voter turnout.
Encouraging youth and women’s participation, PM Modi praised Assam’s Nari Shakti and highlighted initiatives empowering women economically and socially. He urged workers to leverage platforms like the NaMo App and social media to share real-life stories.

Addressing key regional concerns, PM Modi underscored the importance of protecting Assam’s identity and tackling issues like illegal infiltration, calling it not just a political issue but one of security, culture, and justice. He urged karyakartas to raise awareness at the grassroots and support efforts ensuring the rights and dignity of indigenous communities.

He also highlighted the empowerment of tea garden workers through land rights and welfare schemes, calling it a historic step towards dignity and long-term security for lakhs of families.

Reaffirming the guiding principles of ‘Seva, Sangathan, and Samarpan’, PM Modi said that Assam’s BJP karyakartas embody the true spirit of the organisation.

He concluded with a powerful call to action:“When every booth becomes strong, victory becomes certain, and Assam’s future becomes brighter.”