દેશભરમાં 1500થી વધુ પીએસએ ઓક્સિજન પ્લાન્ટ આવી રહ્યા છે
પીએમ કેર્સ દ્વારા પૂરા પાડેલા પીએસએ ઓક્સિજન પ્લાન્ટથી 4 લાખથી વધુ ઓક્સિજનયુક્ત બેડને ઉપયોગી થશે
પ્રધાનમંત્રી અધિકારીઓને સૂચના આપે છે કે પ્લાન્ટ્સ વહેલી તકે કાર્યરત કરવામાં આવે
ઓક્સિજન પ્લાન્ટના સંચાલન અને જાળવણી અંગે હોસ્પિટલ કર્મચારીઓને પર્યાપ્ત તાલીમ સુનિશ્ચિત કરી: પી.એમ.
ઓક્સિજન પ્લાન્ટ્સના પ્રદર્શન અને કામગીરીને ટ્રેક કરવા આઇઓટી જેવી અદ્યતન તકનીકનો ઉપયોગ કરો: પ્રધાનમંત્રી
પ્રધાનમંત્રી નરેન્દ્ર મોદીએ આજે દેશભરમાં ઓક્સિજન વૃદ્ધિ અને પ્રાપ્યતાની પ્રગતિની સમીક્ષા કરી.
અધિકારીઓએ પ્રધાનમંત્રીને દેશભરમાં પીએસએ ઓક્સિજન પ્લાન્ટ્સ સ્થાપવાની પ્રગતિ વિશે માહિતી આપી. દેશભરમાં ૧00૦૦થી વધુ પીએસએ ઓક્સિજન પ્લાન્ટ આવી રહ્યા છે, જેમાં પીએમ કેર તેમજ વિવિધ મંત્રાલયો અને પીએસયુનું યોગદાન શામેલ છે.
દેશના તમામ રાજ્યો અને જિલ્લાઓમાં પીએમ કેર્સના યોગદાનથી પીએસએ ઓક્સિજન પ્લાન્ટ્સ આવી રહ્યા છે. પ્રધાનમંત્રીને જણાવવામાં આવ્યું હતું કે એકવાર પીએમ કેર્સ દ્વારા આવતા પીએસએ ઓક્સિજન પ્લાન્ટ કાર્યરત થઈ જશે, ત્યારે તે 4 લાખથી વધુ ઓક્સિજનયુક્ત પલંગોને માટે ઉપયોગી થશે.
પ્રધાનમંત્રીએ અધિકારીઓને સૂચના આપી કે આ પ્લાન્ટ્સ વહેલી તકે કાર્યરત કરવામાં આવે અને તે માટે રાજ્ય સરકારો સાથે મળીને કામ કરે. અધિકારીઓએ પ્રધાનમંત્રીને માહિતગાર કર્યા કે તેઓ ઓક્સિજન પ્લાન્ટ્સના ઝડપી ટ્રેકિંગ અંગે રાજ્ય સરકારના અધિકારીઓ સાથે નિયમિત સંપર્કમાં છે.
પ્રધાનમંત્રીએ અધિકારીઓને ઓક્સિજન પ્લાન્ટ્સના સંચાલન અને જાળવણી અંગે હોસ્પિટલના કર્મચારીઓને પૂરતી તાલીમ મળે તે સુનિશ્ચિત કરવા કહ્યું તેમજ તેમણે દરેક જિલ્લામાં તાલીમબદ્ધ કર્મચારી ઉપલબ્ધ થાય તે સુનિશ્ચિત કરવા પણ અધિકારીઓને નિર્દેશ આપ્યો. અધિકારીઓએ તેમને માહિતી આપી કે નિષ્ણાતો દ્વારા તૈયાર કરાયેલ એક તાલીમ મોડ્યુલ છે અને તેઓ દેશભરમાં લગભગ 8000 લોકોને તાલીમ આપવાનું લક્ષ્ય ધરાવે છે.
પ્રધાનમંત્રીએ એમ પણ કહ્યું હતું કે આપણે સ્થાનિક અને રાષ્ટ્રીય સ્તરે આ ઓક્સિજન પ્લાન્ટ્સની કામગીરી અને પ્રદર્શન પર નજર રાખવા માટે આઇઓટી જેવી અદ્યતન તકનીકની મદદ લેવી જોઈએ. અધિકારીઓએ પ્રધાનમંત્રીને ઓક્સિજન પ્લાન્ટ્સના પ્રભાવ પર નજર રાખવા માટે આઇઓટીનો ઉપયોગ કરી રહેલા પાયલટ વિશે માહિતગાર કર્યા હતા.
આ બેઠકમાં પ્રધાનમંત્રીના મુખ્ય સચિવ, કેબિનેટ સચિવ, આરોગ્ય સચિવ, એમઓએચયુએ સચિવ અને અન્ય મહત્વપૂર્ણ અધિકારીઓ બેઠકમાં હાજર હતા.
Reviewed oxygen augmentation progress across the nation. Was briefed on installation of PSA Oxygen plants and using technology to track their performance. https://t.co/Z1NBGdKnLQ
Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026
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पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!
आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।
साथियों,
आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।
साथियों,
BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।
साथियों,
बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।
साथियों,
दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।
साथियों,
इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।
साथियों,
स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!