Complete Speech: Shri Narendra Modi at the Vijay Shankhnaad Rally, Gorakhpur

Published By : Admin | January 23, 2014 | 19:58 IST

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री राजनाथ सिंह जी, यहाँ के जनप्रिय सांसद जुझारू नेता आदरणीय श्री योगी आदित्यनाथ जी, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और हमारे पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री कल्याण सिंह जी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान लक्ष्मीकांत जी, श्रीमान रमापति जी, श्री सूर्यप्रताप जी, श्रीमान कलराज जी, श्रीमान लालजी टंडन जी, श्रीमान ओमप्रकाश सिंह जी, भाई विनय कटियार जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ नेतागण और गोरखपुर की इस पवित्र धरती पर पधारे हुए लाखों-लाखों भाईयों और बहनों..!

सा लग रहा है कि उत्तर प्रदेश के हर क्षेत्र ने एक-दूसरे से आगे निकलने की स्पर्धा ठान ली है, उत्तर प्रदेश की जितनी भी रैलियां हुई हैं, हर रैली पिछली रैली का रिकॉर्ड तोड़ देती है..! मैं जब यहाँ हेलीकॉप्टर से आ रहा था तो दृश्य देख रहा था, चारों तरफ लोग ही लोग नज़र आ रहे थे, मानों जैसे जनसमंदर हो..! भाईयों-बहनों, इस ठंड के समय में गोरखपुर और अगल-बगल के इलाके से आए लोग और इतनी बड़ी रैली, बदलती हवा का रूख दिखाती है कि हवा किस तरफ चल रही है..! आज आपकी आवाज बनारस की गलियों में भी गूंज रही है..! मित्रों, हमने बहुत चुनाव देखे हैं, लेकिन ये ऐसा चुनाव है जिसका फैसला देश के कोटि-कोटि जनों ने कर लिया है, कांग्रेस और उसके साथी दलों की विदाई देश ने तय कर ली है और कांग्रेस मुक्त भारत का सपना इस बार साकार होकर रहेगा, ये नजारा साफ कह रहा है..!

भाईयों-बहनों, मुझे उत्तर प्रदेश के नौजवानों का विशेष अभिनदंन करना है। 15 दिसम्बर को सरदार बल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि थी और उस पूरे देश में सरदार बल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि‍ देने के लिए देश भर में एकता दौड़ का आयोजन किया गया था। मित्रों, मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश के हर कोने से, इतनी ठंड में भी लाखों नौजवान एकता दौड़ के लिए सरदार बल्लभ भाई पटेल को याद करके दौड़े और ये विश्व रिकॉर्ड बन गया, कि एक दिन में एक ही समय में हिंदुस्तान में 1100 से अधिक स्थानों पर 50 लाख लोग दौड़े..! हमारे ओमप्रकाश जी मुझे बता रहे थे कि अभी जो लोहा संग्रह का कार्यक्रम चल रहा है, दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा भारत के लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की बनने वाली है, अमेरिका में जो स्टेच्यु ऑफ लिबर्टी है, उससे दो गुना बड़ी यह स्टेच्यु ऑफ यूनिटी की प्रतिमा बनने वाली है, इसके लिए भारत के हर गाँव से किसानों के काम में आने वाले औजार को इक्ट्ठा किया जा रहा है, और उस लोहे के औजार के टुकड़ों से सरदार बल्लभ भाई साहब की प्रतिमा बनने वाली है। एकता के लिए यह एक अभिनव प्रयास है और इस प्रयास में उत्तर प्रदेश ने जो सहयोग दिया है, जो उत्साह और उमंग दिखाया है, इसके लिए मैं उत्तर प्रदेश के हर गाँव का, हर नौजवान का, हर किसान का हृदय से अभिनंदन करता हूँ..!

भाईयों-बहनों, मैं जहाँ भी नजर दौड़ाता हूँ, लोग ही लोग है, चारों तरफ जनमेदनी है, जनता जर्नादन के दर्शन ईश्वर के दर्शन होते हैं, ये सौभाग्य हमें मिला है..! मित्रों, ये गोरखपुर की धरती ऐसी है, जहाँ हमारी महान सांस्कृतिक विरासत, हमारे ऋषियों-मुनियों का चिंतन, हमारे ज्ञानियों की सांस्कृतिक रचनाएं, इन सबको अक्षरदेह देने का काम गीता प्रेस गोरखपुर के द्वारा किया गया, जो कि एक बहुत बड़ी सेवा है, यह एक प्रकार से ज्ञान की उपासना का काम हुआ है, और वही समाज आगे बढ़ता है जो हर युग में हर समय ज्ञान उपासना की अपनी साधना निरंतर बनाए रखता है और इस काम में गोरखपुर की धरती का बहुत बड़ा योगदान है, इस धरती को मैं नमन करता हूँ..!

भाईयों-बहनों, 2014 का चुनाव कैसा होगा, उसका एक ट्रेलर अभी-अभी हुआ है..! हमारे देश के पांच राज्यों में चुनाव हुआ, और चार राज्यों में सबसे अधिक भारतीय जनता पार्टी को समर्थन मिला। लेकिन उसमें भी मैं एक बात की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। कुछ लोग, कुछ ठेकेदार मानते हैं कि दलित हो, पीडि़त हो, शोषित हो, आदिवासी हो, ये सब उनकी जेब में हैं। सालों से ये लोग दलित, पीडि़त, शोषित, आदिवासी को इंसान मानने को तैयार नहीं थे, वे उसे वोट बैंक मानते थे और ये ठेकेदारों का मत था कि भारतीय जनता पार्टी आसमान से नीचे गिरे, लेकिन दलितों में और आदिवासियों में अपनी जगह नहीं बना सकती है, ये इनके दावे थे..! मित्रों, आज मैं गोरखपुर की इस पवित्र धरती से कहना चाहता हूँ, अभी-अभी जिन चार राज्यों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है, वहाँ का नज़ारा क्या है..? राजस्थान में अनुसूचित जाति की 34 सीटें हैं, उसमें से कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली है। राजस्थान में अनुसूचित जाति की 34 में से 32 सीटों पर वहाँ की जनता जर्नादन ने कमल के निशान पर मोहर लगाकर भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाया है..! मित्रों, छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति की 10 सीटें हैं, जिसमें से कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली है..! मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति की 35 सीटें हैं, जिसमें से 28 सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई हैं..! मैं मेरे उत्तर प्रदेश के दलित, पीडि़त, शोषित, समाज में पीछे रह जाने वाले भाईयों-बहनों को आज विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि जहाँ-जहाँ भारतीय जनता पार्टी को सेवा करने का अवसर मिला है, हमारी प्राथमिकता रही है कि गरीबों का कल्याण हो, लोग गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए ताकतवर बनें, समाज के पीडित और शोषित लोग गरीबी से मुक्ति की एहसास करें और इसी का परिणाम है कि आज दलित, पीडि़त, शोषित, आदिवासी समाज का भारतीय जनता पार्टी के प्रति एक विश्वास पैदा हुआ है..!

भाईयों-बहनों, कांग्रेस पार्टी गरीबों की बातें हर बार करती आई है। चुनाव आते ही कांग्रेस को गरीब याद आते हैं, वो गरीबी की माला जपना शुरू कर देते हैं। मैं कभी-कभी सोचता था कि देश को आजादी पाए 60 साल से अधिक समय हो गया, लगातार कांग्रेस को सरकार बनाने का अवसर मिला, वे गरीबों और गरीबी की बातें करते रहे, लेकिन गरीबों की जिन्दगी में बदलाव क्यों नहीं आया..? 60 सालों में बदलाव न आए, ऐसा तो हमारा देश नहीं है, आखिर इसका कारण क्या है..? भाईयों-बहनों, इसका जवाब मुझे मिल नहीं रहा था, मैं बहुत कोशिश करता था कि कांग्रेस की वो कौन सी मानसिकता है, कांग्रेस की वो कौन सी रणनीति है, कांग्रेस की वो कौन सी सोच है, जिसके कारण गरीबों के इतने वोट मिलने के बाद भी उनके हर छोटे-मोटे नेता के गरीबों पर बात करने के बावजूद भी देश में लगातार गरीबी बढ़ती क्यों चली जा रही है..? इस सवाल का जबाव मुझे अभी-अभी मिल गया है, इसका मूल कारण है कि गरीबों को गरीब रखने में ही कांग्रेस पार्टी का राजनीतिक भविष्य छुपा हुआ है..! वे किसी भी हालत में गरीबों को गरीबी से लड़ने की ताकत देना नहीं चाहते हैं, वे किसी भी हालत में गरीबी से मुक्ति का प्रयास नहीं चाहते हैं और उनके भीतर एक ऐसी मानसिकता पड़ी है, जो गरीबों के प्रति उपेक्षा के भाव से भरी हुई है। अगर उनकी ये सोच न होती, उनके सोचने का ये तरीका न होता तो एक चाय वाला, एक गरीब मां का बेटा, सर ऊंचा करे वो कांग्रेस का एक भी नेता सहने को तैयार नहीं है, ये उनकी मानसिकता का दर्शन कराता है..! वे हमारी राजनीतिक विचारों का विरोध करते, हमारे काम का विरोध करते, लेकिन कांग्रेस के नेता हमारी गरीबी का मखौल उड़ा रहे हैं, ये इस बात का सबूत है कि कांग्रेस पार्टी का गरीबों की तरफ देखने का नजरिया क्या है..!

भाईयों-बहनों, मुझे एक बात का जबाव दीजिए, क्या आप गरीबों का अपमान सहेगें..? क्या आप गरीबों का अपमान करने का प्रयास सहेगें..? गरीब विरोधी कांग्रेस की मानसिकता सहेगें..? गरीबों को वोट बैंक बनाने वाली कांग्रेस को सहेगें..? अरे, ये सिर्फ चाय वाले का विषय नहीं है, वो क्या कहते हैं..? वो कहते हैं कि 12 रूपये में खाना मिल जाता है, दूसरा नेता कहता है कि 5 रूपये में खाना मिल जाता है..! आप लोग ही बताइए, क्या 12 रूपए में खाना मिल सकता है..? क्या 5 रूपये में खाना मिल सकता है..? ये गरीब का मजाक नहीं है तो क्या है..! भाईयों-बहनों, गरीबी क्या होती है, गरीब कैसे जिंदगी गुजारा करता है, ठंड ज्यादा पड़ जाएं तो भी गरीब मरता है, धूप ज्यादा निकलें, गर्मी ज्यादा हो जाएं तो भी गरीब मरता है, बीमारी ज्यादा फैल जाएं तो भी गरीब मरता है, सारे संकट अगर किसी को झेलने पड़ते हैं तो वह गरीब को झेलने पड़ते हैं, लेकिन दिल्ली‍ में या लखनऊ में बैठी हुई सरकार को गरीबी के खिलाफ लड़ने की इच्छा या तैयारी नहीं है। मित्रों, मैं आपसे पूछना चाहता हूँ, क्या समय की मांग नहीं है कि हम गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ें..?

भाईयों-बहनों, क्या कारण है कि गंगा-यमुना के प्रदेश हों, मां गंगा इस धरती को पुलकित करती हो, लेकिन आज भी मेरे किसान की जिन्दगी में सुख-चैन के दिन नहीं आएं हो, उसके लिए कौन जिम्मेवार है..? ये पूर्वी उत्तर प्रदेश का कोई गाँव ऐसा नहीं होगा जहाँ के लोग मेरे गुजरात में न रहते हों, मेरे गुजरात में रोजी-रोटी न कमाते हों..! कौन नौजवान बेटा अपने बूढ़े मां-बाप को छोड़कर सैकड़ों किमी. दूर गुजरात जाना पसंद करेगा, जो अपना गाँव, अपने साथी, अपने खेत-खलिहान, अपने बूढे मां-बाप छोड़कर इतनी दूर चला जाए..! आखिर क्यूं..? अगर उसे यहाँ रोजी-रोटी मिलती, उसको मेहनत करने का अवसर मिलता, तो मैं नहीं मानता हूँ कि मेरे उत्तर प्रदेश के नौजवान को गुजरात जाने की नौबत आती..! मित्रों, उत्तर प्रदेश में परमात्मा ने इतना सारा दिया है, इतनी प्राकृतिक कृपा है, अगर सही अर्थ में दिशा पकड़कर यहाँ दस साल मेहनत कर ली जाएं तो ये उत्तर प्रदेश गुजरात से भी आगे निकल सकता है, ऐसा उत्तर प्रदेश बन सकता है..!

भाईयों-बहनों, आज बनारस में नेता जी ने हमें ललकारा है। मेरे लिए खुशी का विषय है कि इन दिनों मैं जहाँ-जहाँ जाता हूँ, बाप और बेटा, दोनों मेरा पीछा करते हैं। और आज उन्होने कहा कि मोदी जी हैसियत नहीं है कि यूपी को गुजरात बना सकें..! नेता जी, क्या आपको गुजरात बनाने का मायना मालूम है..? नेता जी, क्या आपको पता है कि गुजरात बनाने का मतलब क्या होता है..? गुजरात बनाने का मतलब होता है 24 घंटे बिजली, 365 दिन बिजली, हर गाँव-गली में बिजली..! नेता जी, आपकी बात सही है, आपकी हैसियत नहीं है, आप गुजरात नहीं बना सकते, इसके लिए तो 56 इंच का सीना लगता है, आप नहीं बना सकते..! नेता जी, गुजरात बनाने का मतलब होता है, लगातार दस साल तक 10% से भी ज्यादा कृषि विकास दर बनाना, 3-4% पर लुढ़क जाना आपकी हैसियत का नमूना है..! नेता जी, आप गुजरात नहीं बना सकते हैं, दस साल हो गए, गुजरात सुख-चैन की जिंदगी जी रहा है, शांति, एकता और सद्धभावना लेकर आगे बढ़ रहा है, विकास की नई ऊंचाईयों को पार कर रहा है, आप नहीं कर सकते हो..! नेता जी, मुझे खुशी होगी, अगर आप उत्तर प्रदेश को गुजरात जैसा बना दें, तो मेरे गुजरात के लोग रोजी-रोटी कमाने के लिए उत्तर प्रदेश आने लग जाएं, लेकिन आप नहीं बना सकते हैं..! आपकी सरकार को इतना समर्थन मिला है, क्या किया है आपने लोगों के लिए..? न लोगों को सुरक्षा दे पा रहे हैं, न नौजवानों को रोजगार दे पा रहे हैं, न बहन-बेटियों को सम्मान दे पा रहे हैं, और इतने बड़े उत्तर प्रदेश को आपने अपनी राजनीति के लिए बर्बाद करके रखा हुआ है, हमने इसे आबाद बनाने की शपथ ली है..!

भाईयों-बहनों, अगर हिंदुस्तान से गरीबी मिटानी है, तो अकेला उत्तर प्रदेश पूरे हिंदुस्तान की गरीबी मिटा सकता है, अगर देश में रोजगार देना है तो अकेला उत्तर प्रदेश ही रोजगार दे सकता है, पूरे हिंदुस्तान की शक्ल सूरत अकेला उत्तर प्रदेश बदल सकता है, ऐसी ताकत उत्तर प्रदेश की धरती में है..! मित्रों, सपा, बसपा, कांग्रेस यानि सबका - सबका मालिक एक, आप सभी को मालूम ही है कि कौन है सबका मालिक..! ये सबका मालिक एक वालों का उद्देश्य विकास नहीं है, ये वोट बैंक की राजनीति में डुबे हुए लोग हैं। आप सोचिए, यहाँ गन्ने की खेती करने वाला किसान असहाय जिन्दगी जीने के लिए मजबूर क्यों हुआ है..? यहाँ पानी है, नदियां हैं, लेकिन दूध बाहर से लाना पड़े, ऐसा उत्त‍र प्रदेश किसने बनाया है..? हमारे उत्तर प्रदेश में किसान हैं, पशु हैं, दूध देते हैं, चारा है, पानी है, फिर भी दूध बाहर से क्यों लाना पड़ रहा है..? क्या हमारे उत्तर प्रदेश में अमूल जैसी डेयरी नहीं बन सकती है..? क्या यहाँ के किसानों की आय बढ़ सकती है या नहीं..? लेकिन इन्हे करना ही नहीं है..! दोस्तों, मैं वादा करता हूँ कि अकेली श्वेत क्रांति से, पशुपालन और दूध के माध्यम से उत्तर प्रदेश के गाँवों के नौजवानों को रोजगार मिल सकता है, उत्त‍र प्रदेश के गाँवों के किसानों को ताकत मिल सकती है, उत्तर प्रदेश के गाँवों के किसान की आय बढ़ सकती है और श्वेत क्रांति के कारण देश के आमजनों की आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है, सपने देखने चाहिए..!

भाईयों-बहनों, ये कांग्रेस पार्टी इस बात को नहीं कर सकती है। हमारे देश में कृषि को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, हमारी कृषि को आधुनिक बनाने की आवश्यकता है, हमारे कृषि क्षेत्र को बल देने की आवश्यकता है। आज पूरे देश में फर्टिलाइजर पाने के लिए किसान को कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है, ब्लैक मार्केट से फर्टिलाइजर को लेना पड़ रहा है और इस कमाल की सरकार को देखिए, गोरखपुर के फर्टिलाइजर के कारखाने को ताला लगाकर बैठी है..! एक तरफ फर्टिलाइजर की जरूरत है, दूसरी तरफ नौजवानों को रोजगार की जरूरत है और इन कमाल के शासकों को देखिए, फर्टिलाइजर के कारखानों को ताला लगाकर बैठे हैं..! मित्रों, बातें छोटी-छोटी होती हैं, लेकिन वोट बैंक की राजनीति के आदी ये लोग समझते हैं कि वोट बैंक संभालो, सत्ता संभल जाएगी..! अब वो ज़माना चला गया, अब देश को विकास चाहिए, नौजवानों को रोजगार चाहिए, नई पीढ़ी को अपने भविष्य की सुरक्षा चाहिए, ऐसा माहौल बन चुका है और इसका नेतृत्व कोई सबका मालिक एक नहीं कर सकता है। अकेली भारतीय जनता पार्टी ऐसी है, जो विकास के रास्ते पर चल रही है और अब वही इस काम को कर सकती है..!

भाईयों-बहनों, अगर हमें कृषि क्षेत्र में विकास करना है, तो मैं यहाँ के किसानों को आग्रह करता हूँ कि आपका एक समूह गुजरात जाएं, गन्ने की खेती करने वाले किसान और वहाँ चीनी बनाने वाले कारखाने इनके बीच कितना बढि़या तालमेल है, समय पर चीनी मिलें चालू हो जाती हैं, समय पर गन्ना खरीद लिया जाता है, खरीदने के साथ भुगतान कर दिया जाता है और चीनी बाजार में आती है। मित्रों, विषय व्यवस्था का होता है, लेकिन जो राज्य स्कूल-कॉलेज के एक्जाम ही समय पर नहीं ले पाते हैं, वो चीनी के कारखाने समय पर कैसे चला सकते हैं..! हमारे देश में बहुत सारे इलाके ऐसे हैं जहाँ स्कूल-कॉलेज के एक्जाम भी समय पर नहीं होते हैं, इसके कारण करोड़ों-करोड़ों नौजवानों के अमूल्य एक-एक साल पिछड़ जाता है। हम मानव संसाधन का कितना बड़ा विनाश करते हैं..! क्या हमारी यूनीवर्सिटी, हमारे कॉलेज समय पर टाइम टेबल के तहत स्कूल-कॉलेज चलाकर बच्चों को एक्जाम दिलाकर हिंदुस्तान को और इलाकों की बराबरी में नहीं ला सकते..? वास्तव में इनको करना नहीं है..! इसलिए अगर गाँव है तो रोजगार के लिए कृषि को बल देना होगा, और कृषि को आगे बढ़ाना है तो कृषि को तीन हिस्सों में बांटने की जरूरत है, समय की मांग है कि कृषि के क्षेत्र को तीन हिस्सों में बांटा जाए - एक तिहाई, हम जो परम्परागत कृषि करते हैं इसको करें, एक तिहाई, हम पशुपालन करें और एक तिहाई हमारे खेत के आखिरी छोर पर, बॉर्डर पर वृक्षों की खेती करें, पेड़ लगाएं..! आज देश को टिम्बर इम्पोर्ट करना पड़ता है। अगर हमारा किसान अपने खेत के बॉर्डर पर इस प्रकार से पेड़ लगा देता है, घर में बेटी का जन्म हो उसके साथ में पांच पेड़ लगा दे, तो जब बेटी की शादी करने की उम्र हो जाएं तो उन पांच पेड़ को काटकर बेटी की शादी कराने का खर्चा निकल सकता है, हमारे किसान को कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। लेकिन इसके लिए सही सोच चाहिए, सही दिशा चाहिए, सही नेतृत्व चाहिए, तब जाकर समाज को विकास की ओर ले जा सकते हैं..!

भाईयों-बहनों, ये लोग तो पूरा समय इसी बात में लगाते रहते हैं कि गन्ने का दाम कितना मिलें, कितना न मिलें, चीनी की मिल चालू हो या न चालू हो, इसी में समय की बर्बादी हो रही है..! मित्रों, हम सुशासन के बिना स्थि‍तियों को बदल नहीं सकते। मैं अनुभव के आधार पर कहता हूँ कि ये देश गरीब नहीं है, अमीर देश के लोगों को गरीब बनाया गया है, राजनीतिक हेतू पार करने के लिए बनाया गया है। देश अमीर है और लोग भी अमीर बन सकते हैं, और हमें गरीबी से मुक्ति का अभियान चलाने के लिए 2014 का चुनाव लड़ना है..!

भाईयों-बहनों, सामान्य मानवी को सुरक्षा मिलनी चाहिए या नहीं मिलनी चाहिए..? क्या कारण है कि गाँव के लोगों को बंदुक का लाइसेंस लेने के लिए कतार में खड़ा रहना पड़े, कहीं भी बाहर जाएं तो बंदुकधारियों को साथ में रखना पड़े, इसका क्या कारण हो सकता है..? मित्रों, मैं गुजरात का अनुभव बताता हूँ, उत्तर प्रदेश से गुजरात में रोजी-रोटी कमाने हुए आये नौजवान, जब घर से निकलते हैं तो मां को बहुत चिंता रहती है। आजकल मोबाइल फोन होने के कारण बेटे के ट्रेन में बैठने के बाद मां हर घंटे उसको फोन करती है कि बेटा कहाँ पहुंचे, कोई तकलीफ तो नहीं है, ट्रेन में संभालकर बैठना, सामान संभालकर रखना, बाहर की कोई चीज मत खाना, मैंने घर से जो बनाकर दिया है वही खाना, मां हर घंटे मोबाइल फोन से बेटे का हाल लेती रहती है... बेटा कहता है, मां तुम सो जाओ, अब तो गाड़ी चल दी है, मैं गुजरात जा रहा हूँ, चिंता मत करो... लेकिन मां सोती नहीं है, मां लगातार हर घंटे बेटे का हाल पूछती रहती है... फिर पूछती है, बेटा गुजरात आया कि नहीं, अब कितना दूर है, तुम गुजरात पहुंचे कि नहीं पहुंचे, बेटा कहता है मां तुम सो जाओ, रात देर हो चुकी है, ट्रेन तो पहुंचेगी... मां मानने को तैयार नहीं, लेकिन जैसे ही बेटा बताता है कि मां, अब ट्रेन गुजरात में प्रवेश कर चुकी है, तब मां कहती है बस बेटा, अब मैं सो जाती हूँ। गुजरात के अंदर तुम्हारी ट्रेन पहुंच गई, मतलब अब तुम सलामत हो..! मित्रों, ये हाल पूरे हिंदुस्तान का बन सकता है या नहीं..? इसलिए मैं आप सभी के पास आया हूँ, हम हिंदुस्तान को रोता हुआ देखना नहीं चाहते हैं, हम हिंदुस्तान को खून से लथपथ देखना नहीं चाहते हैं, हम हिंदुस्तान को बेरोजगार देखना नहीं चाहते हैं, हम हिंदुस्तान के नौजवान को याचक के रूप में देखना नहीं चाहते हैं..!

भाईयों-बहनों, आज गोरखपुर की पवित्र धरती से मैं देशवासियों ये कुछ मांगना चाहता हूँ, क्या आप सभी देंगे..? दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बताइए, देंगे..? मैं देशवासियों से कहता हूँ, गोरखपुर की धरती से कह रहा हूँ, मेरे उत्तर प्रदेश के सभी भाईयों-बहनों को कह रहा हूँ, आपने 60 साल तक शासक चुने हैं, आपने 60 साल तक शासकों को देश और राज्य चलाने का काम दिया है, मैं आपसे सिर्फ 60 महीने मांगने के लिए आया हूँ..! आपने 60 साल दिए हैं, मुझे 60 महीने दीजिए, आपने शासकों को चुना है, एक बार सेवक को चुनकर के देखिए..! भाईयों-बहनों, हम आपकी जिंदगी में बदलाव लाकर रहेंगे, हम चैन से नहीं बैठेंगे, आपके सपनों को पूरा करने के लिए हम हमारा जीवन खपा देने वाले लोग हैं..! मित्रों, आपके चेहरे पर मुस्कान हो, आप सपने देख पाएं, आप अपने अरमानों को पूरा कर पाएं, ऐसा हिंदुस्तान आपको देने का मैं आज वादा करने आया हूँ..!

ज नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन है, नेता जी सुभाष बोस ने कहा था - चलो दिल्ली..! सुभाष बाबू ने कहा था - तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा..! भाईयों-बहनों, मैं आपको कह रहा हूँ कि आप मुझे 60 महीने दीजिए, मैं आपको सुख चैन की जिदंगी दूंगा, ये वादा मैं आपसे करने आया हूँ..! मित्रों, हम विकास का मंत्र लेकर चले हैं, 60 साल तक वोट बैंक की राजनीति को बहुत कुछ मिला है, 60 महीने के लिए विकास की राजनीति को आशीर्वाद दे दीजिए, आप देखिएगा, नौजवान के सपने पूरे होगें..! क्या यहाँ बैठे हुए मां-बाप में कोई भी चाहता है कि जिन मुसीबतों में उसने अपनी जिंदगी गुजारी, उसकी संतान भी उन्ही मुसीबतों से जिंदगी गुजारे..? क्या कोई भी मां-बाप चाहेगा..? आपके मां-बाप को जैसी जिदंगी गुजारनी पड़ी, क्या आज के नौजवान वैसी जिदंगी गुजारना चाहते हैं..? क्या आप सभी को प्रगति चाहिए या नहीं..? क्या आप सभी को विकास चाहिए या नहीं..? क्या आप सभी को गाँव में बिजली चाहिए या नहीं..? क्या आप सभी को बच्चों के लिए शिक्षा चाहिए या नहीं..? क्या आपको गाँवों में रोड़ चाहिए या नहीं..? आपके खेतों को पानी चाहिए या नहीं..? यही तो काम सरकार का होता है..! इसलिए हम इस देश को न इस हाल में देखना चाहते हैं, न ऐसा रहने देना चाहते हैं, हम दुनिया की बराबरी करने वाला हिंदुस्‍तान बनाना चाहते हैं और इसके लिए मुझे आपका साथ चाहिए..!

भाईयों-बहनों, 2014 में जब चुनाव आएगा तब तो आप जीत देगें ही देगें, लेकिन आज मैं नतमस्तक होकर कहता हूँ कि आपने मुझे जीत लिया है, आपने मुझे अपना बना लिया है, आपके इस प्यार को मैं ब्याज समेत विकास करके लौटाऊंगा, ये मैं वादा करता हूँ..

मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए -

भारत माता की जय..! भारत माता की जय..!

वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!  वंदे मातरम्..!

Explore More
શ્રી રામ જન્મભૂમિ મંદિર ધ્વજારોહણ ઉત્સવ દરમિયાન પ્રધાનમંત્રીના સંબોધનનો મૂળપાઠ

લોકપ્રિય ભાષણો

શ્રી રામ જન્મભૂમિ મંદિર ધ્વજારોહણ ઉત્સવ દરમિયાન પ્રધાનમંત્રીના સંબોધનનો મૂળપાઠ
Tractor sales cross 10 lakh mark in FY26 on strong rural demand, GST cut

Media Coverage

Tractor sales cross 10 lakh mark in FY26 on strong rural demand, GST cut
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
TMC came to power by lying in the name of “Maa, Maati, Manush”: PM Modi in Dakshin Dinajpur, West Bengal
April 11, 2026
TMC's politics of fear is nearing the end in Bengal, and nobody can stop it: PM Modi warned the opposition in Bengal
TMC has betrayed the tribals of Bengal, it is now on us to deliver them justice: PM Modi’s strong statement

भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय!

भारत माता की… जय!

यहां कुछ लोग चित्र लेकर के आए हैं, हमारे साथियों को कहता हूं वे आपसे सारे कलेक्ट कर लें। और इसके पीछे अगर आपका एड्रेस लिखा होगा तो मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा... जरा एसपीजी के लोग इसको कलेक्ट कर लीजिए... ताकि बाद में मैं अपनी सभा शुरू करूं। जो भी चित्र लेकर के आए हैं और देना चाहते हैं वो मेरी टीम को दे दें... बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद आप सबका। मेरा भाषण शुरू करने से पहले यहां जो कैंडिडेट हैं, जो इस चुनाव में उम्मीदवार है, उन सबसे मेरा आग्रह है कि कैंडिडेट जरा यहां कतार लगा दें... सारे कैंडिडेट... बस... बस.. बहुत आगे मत जाइए भाई... मैं एक दो मिनट, मेरे सभी उम्मीदवारों को मिल कर के आता हूं, उसके बाद भाषण शुरू करते हैं... बोलो भारत माता की... जॉय माँ काली…जॉय भोलेनाथ…जॉय जलपेश बाबा… नमोश्कार ! केमोन आछेन, आमार दिनाजपुर बाशी? दक्षिण दिनाजपुर की इस पुण्य धरती को… कुशमंडी की इस पावन भूमि को… मैं श्रद्धापूर्वकर प्रणाम करता हूँ।

साथियों,

सबसे पहले तो मैं आप सबसे क्षमा मांगता हूं। क्षमा इसलिए कि हमारे साथियों ने इस सभा का प्लानिंग किया और पंडाल बनाया है वो बहुत छोटा पड़ गया...और इसके कारण जितने लोग अंदर है उससे तीन गुना लोग बाहर धूप में खड़े हैं। जो लोग धूप में खड़े हैं मैं उन सबसे क्षमा मांगता हूं। लेकिन आपको विश्वास दिलाता हूं कि ताप में आप जो तप रहे हैं मैं आपके इस परिश्रम को बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं आपके इस प्यार को सवा गुना करके लौटाऊंगा विकास करके लौटाऊंगा। ये अद्भुत दृश्य है और वहां हेलीपैड के आसपास तो मानो पता नहीं, ऐसा लग रहा है कि बड़ा कमाल कर दिया इस बार बंगाल ने। साथियों, इस बार का बंगाल चुनाव...एक तरफ टीएमसी का भय है दूसरी तरफ भाजपा का भरोसा है। ये लड़ाई भय को पराजित करने की है ये लड़ाई भरोसे पर पश्चिम बंगाल को आगे बढ़ाने की है। आज मैं आपको ये भरोसा दिलाने आया हूं...कि अब, टीएमसी के भय का राज जाने वाला है। जाएगा ना... जाएगा ना.. मैं जहां-जहां गया ऐसा ही मिजाज... पूरे बंगाल में नजर आ रहा है। अब टीएमसी के झूठ और लूट, टीएमसी की झूठ और उनकी दुकान बंद होने वाली है। बंगाल से भय जाएगा... अब बंगाल में भरोसा आएगा...उन्नोयन आएगा। मेरे साथ बोलिए... दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए.. पूरी ताकत से बोलिए... पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… चाइ बीजेपी शोरकार!

साथियों,

ये TMC, मां-माटी-मानुष को लेकर, झूठ बोलकर सत्ता में आई थी। आज ये दुनियाभर की उटपटांग बातें करती है। दिनरात हमें गालियां देती रहती है। झूठे दावे करती रहती है। लेकिन ये टीएमसी सरकार 15 साल से यहां बैठी हुई है 15 साल से। अरे 15 साल में क्या किया बंगाल की जनता को बताओ ना...बताते हैं क्या... क्या काम किया है बताते हैं क्या...अब आप सोचिए.. जो 15 सालों तक कुछ नहीं किया तो आगे पांच साल देकर के कुछ पाओगे क्या... कुछ करेंगे क्या.. और ज्यादा बर्बाद करेंगे कि नहीं करेंगे। इन्होंने बंगाल को कौन सा डवलपमेंट मॉडल दिया है? साथियों, ये 15 साल की बात इसलिए नहीं करते...क्योंकि तब TMC का झूठ, विश्वासघात और टीएमसी की दुर्नीति का कच्चा चिट्ठा खुल जाएगा। टीएमसी ने 15 साल में एक ही मॉडल डेवलप किया है...कौन सा मॉडल यहां सिंडिकेट ही सरकार है... और सरकार ही सिंडिकेट है।

साथियों,

आप ज़रा एक बात सोचकर देखिए... TMC, बंगाल के बाहर कई जगह पे चुनाव लड़ के गई थी, असम में चुनाव लड़के गई थी... गोवा में चुनाव लड़ने गई थी। कहीं पर भी एक वोट कोई नहीं देता है इनको। अरोस-पड़ोस के राज्य इनको पहचान गए... लेकिन वहां उनकी गुंडई नहीं चलती, बेइमानी नहीं चलती और इसलिए कोई उनको पूछने वाला नहीं है। साथियों, TMC, बंगाल से बाहर इसलिए नहीं जीत पाती...क्योंकि इनके पास कोई विजन नहीं है... कोई विचार नहीं है, कोई नीति नहीं है कोई नीयत नहीं है। TMC, गवर्नेंस के नाम पर बहुत बड़ा जीरो है जीरो।..इनकी एक ही काम में मास्टरी है। पीएचडी करके रखा हुआ है। कुछ लोगों ने तो डबल-डबल पीएचडी कर लिया है। और उनकी मास्टरी किसमें हैं। गुंडागर्दी करना। करप्शन करना... इनमें नए-नए खेल करते रहते हैं। इनको लोगों को डराना, बूथ लूटना आता है। बंगाल में ये TMC वाले यही करते रहे हैं...यहां भी TMC के कैंडिडेट्स का बायोडेटा ही...बूथ लूटने के कारनामों से भरा हुआ है। ऐसे लोगों को बंगाल में सरकार चलाने का कोई हक नहीं है।

साथियों,

भारत, विकसित हो, ये हम सभी का संकल्प है। लेकिन भारत तभी विकसित होगा...जब हमारा बंगाल भी विकसित होगा। आप मुझे बताइए बंगाल विकसित होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए... बंगाल विकसित होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए... बंगाल हिंदुस्तान में नंबर एक होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। क्या ये टीएमसी वाले कर सकते हैं क्या.. कर सकते हैं क्या... और इसके लिए जरूरी है यहां से TMC का भय वाला राज जाना ही चाहिए और बीजेपी का भरोसा वाला राज आना चाहिए। आएगा... आएगा... और इसलिए मैंने विकसित बंगाल बनाने के लिए 6 गारंटियां दी हैं। ये मोदी की गारंटी है। होके रहता है। कल ही बंगाल बीजेपी ने...अपना घोषणापत्र जारी किया है। और इस घोषणापत्र में, ये घोषणापत्र भरोसापत्र है। इसमें, मोदी की इन छह गारंटियों को पूरा करने का पूरा रोडमैप है। मोदी की गारंटी है... कि बीजेपी सरकार, भय को खत्म करके भरोसा कायम करेगी। सरकार पर, कानून पर जनता का भरोसा लौटाएगी। बंगाल बीजेपी ने कहा है... कि हम TMC के 15 साल के भ्रष्टाचार, दंगे, रेप, मर्डर...ऐसे हर अत्याचार को सामने लाने के लिए व्हाइट पेपर लाएंगे। और TMC की राजनीतिक हिंसा के जो पीड़ित हैं...उनको न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में एक कमीशन बनाया जाएगा।

साथियों,

मुझे बताया गया है... कि यहां की अनेक बेटियां बंगाल के लिए फुटबॉल खेलती हैं। जहां के बेटे-बेटियों में इतना टैलेंट भरा हो वहां फुटबॉल के साथ क्या होता है, ये हमने कुछ महीने पहले कोलकाता में देखा। टीएमसी के नेताओं ने, मंत्रियों ने...फुटबॉल को भी सिंडिकेट के हवाले कर दिया। कितनी शर्मनाक तस्वीरें पूरी दुनिया ने कोलकाता से ये टीएमसी वालों के कारनामें देखे थे। ये महाजंगलराज की ही निशानी है।

साथियों,

हमने एक और ऐतिहासिक घटना भी देखी है। मैदान पर, मोहन बागान और ईस्ट बंगाल की स्पर्धा ऐतिहासिक है... दोनों विजय प्राप्त करने के लिए जी-जान से जुट जाते हैं। जीतने के लिए पूरी ताकत लगा देते हैं लेकिन आरजी-कर मेडिकल कॉलेज में...एक डॉक्टर बेटी के साथ अन्याय किया गया, मर्डर किया गया...तो बंगाल का हर परिवार, हर युवा सड़क पर आ गया था। यहां तक कि...मोहन बागान और ईस्ट बंगाल भी बेटियों के खिलाफ हुई निर्ममता के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो गए थे। यानि बेटियों का सम्मान और जान को बचाने के लिए...हम सभी को एकजुट होकर निर्मम सरकार को सबक सिखाना है। यहां दिनाजपुर में ही...बीते सालों में बहनों-बेटियों के साथ बहुत ही विभत्स घटनाएं सामने आई हैं। हमें उन्हें भूलना नहीं चाहिए।

साथियों,

मोदी ने बंगाल की बहनों-बेटियों के लिए भी एक गारंटी दी है। बेटियों के साथ हुए हर अन्याय, हर रेप केस की फाइल खुलेगी...अपराध करने वाले और अपराधियों को बचाने वाले... कोई नहीं बचेगा। चुन-चुन कर के हिसाब लिया जाएगा। ये कैसे होगा...ये बंगाल बीजेपी ने घोषणापत्र में स्पष्ट किया है। एक रिटायर्ड हाईकोर्ट की महिला जज को जिम्मेदारी दी जाएगी। वे, रेप और अन्य अत्याचार से जुड़े पीड़ितों की सुनवाई करेंगी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए...हर ब्लॉक में महिला थाने बनाए जाएंगे।

साथियों,

आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर TMC सरकार कितनी उदासीन है..मैं इसका एक और उदाहरण आपको देता हूं। TMC की निर्मम सरकार ने पुलिस में महिलाओं की बहुत कम भर्ती की है। यहां आपके पड़ोस में बिहार है... वहां डबल इंजन की बीजेपी-NDA सरकार है। वहां पुलिस में तेईस-चौबीस परसेंट महिला पुलिस कर्मी हैं...लेकिन बंगाल जैसे इतने बड़े राज्य में... सिर्फ दस परसेंट महिला पुलिसकर्मी भी नहीं है, और उसमें भी ज्यादातर तो रिटायर्ड होने की उमर में पहुंच चुकी हैं। मां-माटी-मानुष बड़ी-बड़ी बातें कहकर सरकार बनाने वाली टीएमसी की ये सच्चाई है। मैं बंगाल की माताओं बहनों को भरोसा देता हूं, मैं बंगाल के लोगों को भरोसा देता हूं। जब बंगाल में 4 मई को बीजेपी सरकार बनेगी...तो फिर बड़े पैमाने पर महिला पुलिसकर्मियों की भी भर्ती की जाएगी। और ये भी मैं आपको गारंटी देता हूं महिला कल्याण हमारी प्राथमिकता में है। बीजेपी की सरकार जिस भी राज्य में है...वो बेटियों को सुरक्षा भी देती है... और उन्हें कमाई का भरोसा भी देती है। पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी बहनों के लिए बहुत ही शानदार योजना बनाई है। अभी यहां बहनों को जितना पैसा मिलता है...पश्चिम बंगाल भाजपा डबल देने वाली है डबल। प्रेग्नेंसी के दौरान भी हज़ारों रुपए की मदद देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा...सरकारी नौकरियों में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण से बंगाल की बेटियों को बहुत फायदा होगा।

साथियों,

TMC के महा-जंगलराज ने... सबसे अधिक यहां के युवाओं का, यहां के सरकारी कर्मचारियों का नुकसान किया है। आज भारत की यूनिवर्सिटीज़... दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सटीज़ में शामिल हो रही है। दुनिया की हर बड़ी रैंकिंग में हमारी यूनिवर्सिटीज कमाल कर रही हैं। लेकिन बंगाल में कुछ उल्टा ही हो रहा है, कुछ अलग ही हो रहा है। दिनाजपुर यूनिवर्सिटी... TMC की दुर्नीति का बहुत बड़ा प्रमाण बन गई है। मैं अखबार में पढ़ा था...दिनाजपुर यूनिवर्सिटी के पास अपना कैंपस तक नहीं है। कॉलेज और हॉस्टल के कमरों से यूनिवर्सिटी चलाई जा रही है। बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। यहां परमानेंट टीचर भी ना के बराबर हैं... और जो गेस्ट टीचर्स हैं भी...उनको भी 400-500 रुपए सिर्फ मिलता है।

साथियों,

ये सिर्फ एक यूनिवर्सिटी की बात नहीं है...बंगाल की दर्जनभर यूनिवर्सिटीज़ की यही स्थिति है। TMC की निर्मम सरकार... इस तरह युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। आपका भविष्य बर्बाद कर रही है। आपकी संतानों का भविष्य बर्बाद कर रही है। पढ़ाई की सुविधा है नहीं...कमाई के लिए बाहर जाना पड़ता है...और गलती से भर्ती निकलती है...तो TMC के मंत्री नौकरी ही लूट लेते हैं। आपने देखा...शिक्षक भर्ती में घोटाला करने वालों के घर से कैसे नोटों के पहाड़ निकले थे। याद है ना नोटो के पहाड़ निकले थे। अब बहुत हो गया...एनफ इज एनफ। आर नोय ! आर नोय ! एखोन बदोल चाई..बदोल चाई..

साथियों,

हालात बदलने के लिए ही बंगाल बीजेपी ने...बंगाल के युवाओं...बंगाल के शिक्षकों...बंगाल के हर सरकारी कर्मचारी को गारंटी दी है। जिन्होंने युवाओं को लूटा है, उनका हिसाब होगा, पक्का हिसाब होगा। सात-सात जन्म तक याद ऱके ऐसा हिसाब होगा। और सरकारी कर्मचारियों को भय से मुक्त किया जाएगा... बीजेपी सरकार, पूरी तरह से सेवन्थ पे-कमीशन लागू करेगी। बंगाल के मेरे सभी सरकारी कर्मचारी भाई-बहन ये मोदी आपको गारंटी देता है। यहां हमारी सरकार बनने के बाद बंगाल के सभी सरकारी कर्मचारियों को सेवंथ पे कमीशन दिया जाएगा। साथियों, बंगाल के युवाओं की मदद के लिए बीजेपी ने पूरा खाका खींचा है। बेरोजगार युवाओं के लिए हर महीने हज़ारों रुपए की मदद...भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मदद...और अपना कारोबार करने के लिए भी युवाओं को सरकारी मदद...बीजेपी इस संकल्प को लेकर आगे बढ़ रही है।

साथियों,

बंगाल के राजबंशी समाज की... संथाल समाज की...जनजातीय समाज की...पूरे बंगाल और भारत की प्रगति, इस प्रगति में इन समाजों की बहुत बड़ी भूमिका है। चुरका मुर्मू जी, जीतु संथाल जी...ऐसे अनेक नायकों का हम पर बहुत बड़ा कर्ज़ है। उनके जीवन पर हमारा गर्व है। बीजेपी सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को...जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। ताकि देश, आदिवासी समाज के योगदान को याद रखे, उससे प्रेरणा ले।

साथियों,

हमारा निरंतर ये प्रयास है कि आदिवासी क्षेत्रों का तेज़ विकास हो। आदिवासी समाज दशकों तक माओवादी आतंक से प्रभावित था। हमारी सरकार ने, माओवादी आतंक से आदिवासी समाज को करीब-करीब मुक्त करा दिया है। माताएं मुझे आशीर्वाद दे रही है... उनके बेटे सालों बाद घर वापस आए हैं। बीजेपी आदिवासी समाज की हर स्तर पर भागीदारी बढ़ा रही है। हमारे मुख्यमंत्री आदिवासी हैं... मंत्री आदिवासी हैं। और बीजेपी ने पहली बार एक आदिवासी बेटी, द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति पद के लिए चुना है। असम में मेरी पहली सरकार बनी तो पहला मुख्यमंत्री आदिवासी बना... ओड़िशा में मेरी पहली सरकार बनी तो पहला मुख्यमंत्री आदिवासी बना। छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री आदिवासी बना। झारखंड में पहली बार सरकार बनी तो वहां का मुख्यमंत्री भी आदिवासी बना। ये हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है। एक तरफ बीजेपी ट्राइबल समाज का सम्मान करती है...वहीं TMC ट्राइबल समाज के अपमान का कोई मौका नहीं छोड़ती। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू जी कुछ समय पहले बंगाल में संथाल समाज के एक कार्यक्रम में आई थीं। लेकिन टीएमसी ने न संविधान की मर्यादा रखी... और न ही, आदिवासी समाज का मान रखा। और ना ही देश की माताओ-बहनों का सम्मान रखा। और इसलिए माताओं-बहनों का अपमान करने वाली, आदिवासी समाज का अपमान करने वाली, संविधान का अपमान करने वाली TMC को सबक सिखाना है। सिखाओगे.. टीएमसी को सबक सिखाओगे...

साथियों,

टीएमसी कभी आदिवासी क्षेत्रों का उन्नोयन नहीं कर सकती। मैं आपको पीएम जनमन योजना का उदाहरण देता हूं। देश के हर राज्य में आदिवासियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। केंद्र सरकार इस योजना पर करीब 25 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। पास में ओडिशा में ही...जहां बीजेपी की सरकार है... वहां पीएम जनमन योजना के तहत आदिवासियों के... तीस हज़ार से अधिक घर बने हैं। त्रिपुरा में भी ट्राइबल समाज के लिए 16 हजार से ज्यादा घर बनवाए गए हैं। लेकिन यहां, TMC की आदिवासी विरोधी सरकार ने...पीएम जनमन योजना के तहत जानते हैं कितने घर बनाए हैं? बताऊं... जीरो.. जीरो... पूरी तरह शून्य...एक भी घर नहीं बनाया, पैसे भारत सरकार देती है... आदिवासी समाज से इनकी दुश्मनी क्या है.. पक्का घर भी देने को तैयार नहीं है...

साथियों,

आपके जीवन में पानी की कमी से कोई संकट ना आए... इसलिए मोदी घर-घर नल से जल पहुंचाने में जुटा है। बीजेपी शासित राज्यों में...इस योजना के तहत भी अच्छा काम हो रहा है। बिहार में पंचानबे परसेंट... यानि करीब-करीब हर घर तक नल से जल पहुंच चुका है। त्रिपुरा में पिच्यासी परसेंट घरों तक... नल से जल पहुंच चुका है। वजह यही है... क्योंकि वहां बीजेपी की डबल इंजन सरकार है। बंगाल के मेरे भाइयों और बहनों... यहां आपके घर में नल लगे...नल से जल आए... इसके लिए भी दिल्ली से पैसा भेजा गया है। लेकिन ये निर्मम सरकार उस पर बैठ गई है। बंगाल में अभी भी, गांव की करीब-करीब आधी आबादी ऐसी है... जहां नल का कनेक्शन नहीं है। आप बीजेपी को लाइए... बीजेपी सरकार यहां घर-घर नल भी लगाएगी और जल पहुंचाने के लिए दिन-रात एक कर देगी। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

मोदी की एक और गारंटी आपको याद रखनी है। मतुआ, नामशूद्र, ऐसे हर शरणार्थी परिवारों को संविधान के तहत पूरा हक मिलेगा... ये मोदी की गारंटी है.. और जो घुसपैठिये हैं, घुसपैठियों को पूरे भारत से बाहर खदेड़ा जाएगा। बंगाल बीजेपी ने इसकी भी पूरी तैयारी की है। CAA कानून के तहत, हर शरणार्थी की तेज़ी से सहायता की जाएगी।

साथियों,

बीजेपी, पश्चिम बंगाल को फिर से वैभवशाली बनाने के लिए मैदान में है। इसलिए, इन सभी साथियों के लिए, ये जितने मेरे उम्मीदवार है आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं। आपका समर्थन मांगने आया हूं। आपने 35 साल लेफ्ट को दिए...15 साल TMC की निर्ममता को दिए... एक मौका मोदी को, एक मौका बीजेपी को देकर देखिए...

साथियों,

आप जिससे भी मिलें... घर-घर जाएंगे... पोलिंग बूथ को मजबूत बनाएंगे.. ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे... सभी सीटें जिताएंगे। आप घर-घर जाएंगे तो मेरा एक काम करेंगे... हाथ ऊपर करके बताइए मेरा काम करेंगें... पक्का करेंगे... हर घर जाके कहना। मोदी जी आए थे... और मोदी जी ने परिवार के सबको पॉइला बोइशाख की शुभकामनाएं दी हैं। मेरे साथ बोलिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...