Inaugurates and lays foundation stone for 3 National Highway projects
Inaugurates doubling and electrification of Sanathnagar - Moula Ali rail line along with six new station buildings
Flags off inaugural MMTS Train Service from Ghatkesar - Lingampalli via Moula Ali - Sanathnagar
Inaugurates Indian Oil Paradip-Hyderabad Product Pipeline
Inaugurates Civil Aviation Research Organization (CARO) center in Hyderabad
“I believe in the mantra of rashtra vikas through vikas of the states”
“Today’s projects will help in achieving Viksit Bharat through Viksit Telangana”
“Civil Aviation Research Organization (CARO) center in Hyderabad at Begumpet Airport, is the first of its kind based on such modern standards”

তেলেঙ্গানার মাননীয় রাজ্যপাল তামিলিসৈ সৌন্দররাজনজি, আমার কেন্দ্রীয় মন্ত্রিসভার সহকর্মী শ্রী জি কিষাণ রেড্ডিজি, তেলেঙ্গানা সরকারের মন্ত্রী শ্রীমতী কোনডা সুরেখাজি, শ্রী কে ভেঙ্কট রেড্ডিজি, কেন্দ্রীয় সংসদে আমার সহকর্মী ডঃ কে লক্ষ্মণজি, উপস্থিত অন্যান্য ব্যক্তিবর্গ, ভদ্রমহিলা ও ভদ্রমহোদয়গণ !

 

সঙ্গারেড্ডি প্রজালকু ন নমস্কারম। ( অর্থাৎ, সঙ্গারেড্ডির জনগণকে আমার প্রণাম)। 

বিগত ১০ বছরে কেন্দ্রীয় সরকার তেলেঙ্গানার উন্নয়নকে নতুন উচ্চতায় পৌঁছে দিতে লাগাতার কাজ করে চলেছে। এই অভিযানের মাধ্যমে আজ আমি লাগাতার দ্বিতীয় দিন তেলেঙ্গানায় আপনাদের সকলের মাঝে রয়েছি। গতকাল আদিলাবাদ থেকে আমি তেলেঙ্গানা তথা দেশের উন্নয়নে প্রায় ৫৬,০০০ কোটি টাকা বিনিয়োগে নির্মিত বা পরিকল্পিত প্রকল্পের উদ্বোধন ও শিলান্যাস করেছি। এর মধ্যে রয়েছে মহাসড়ক পথ, রেলপথ এবং বিমানপথ সংক্রান্ত আধুনিক পরিকাঠামোর কাজ। তাছাড়া রয়েছে পেট্রোলিয়াম সংক্রান্ত বেশ কিছু প্রকল্পও। গতকালও তেলেঙ্গানা যে উন্নয়নমূলক কর্মসূচিগুলি পেয়েছে সেগুলি ছিল শক্তি উৎপাদন থেকে শুরু করে পরিবেশ সুরক্ষা সুনিশ্চিত করার পরিকাঠামোর মতো বিভিন্ন ধরণের প্রকল্প। আমি এই ভাবনা নিয়ে কাজ করি যে রাজ্যের উন্নয়নের মাধ্যমেই দেশের উন্নয়ন সম্ভব। এটাই আমাদের কাজ করার পদ্ধতি আর এই সংকল্প নিয়ে কেন্দ্রীয় সরকার তেলেঙ্গানার উন্নয়নের কাজও করে চলেছে। আমি আজ এই অনুষ্ঠান উপলক্ষে আপনাদের সবাইকে, সমস্ত তেলেঙ্গানাবাসীকে এই উন্নয়নমূলক প্রকল্পগুলির জন্য অনেক অনেক শুভেচ্ছা জানাই। 

বন্ধুগণ,

আজ তেলেঙ্গানার অ্যাভিয়েশন বা বিমান উড্ডয়ন ক্ষেত্র একটি অনেক বড় উপহার পেয়েছে। হায়দ্রাবাদের বেগমপেট বিমান বন্দরে ‘সিভিল অ্যাভিয়েশন রিসার্চ অর্গানাইজেশন’ বা ‘কারো’র দপ্তর স্থাপন করা হয়েছে। এটি তার মতো দেশের প্রথম অ্যাভিয়েশন কেন্দ্র যা এ ধরণের আধুনিক স্ট্যান্ডার্স মেনে নির্মিত হয়েছে। এই কেন্দ্র থেকে হায়দ্রাবাদ এবং তেলেঙ্গানা একটি নতুন পরিচয় পাবে। এর মাধ্যমে তেলেঙ্গানার নবীন প্রজন্মের জন্য অ্যাভিয়েশন ক্ষেত্রে নতুন উড়ানের নানা রকম পথ খুলবে। এর মাধ্যমে দেশে অ্যাভিয়েশন স্টার্টআপগুলি গবেষণা ও দক্ষতা উন্নয়নেরও একটি প্ল্যাটফর্ম পাবে, মজবুত ভিত্তি পাবে। আজ ভারতে যে রকম অ্যাভিয়েশন ক্ষেত্রে নতুন নতুন রেকর্ড তৈরি হচ্ছে, যেভাবে বিগত ১০ বছরে দেশে বিমান বন্দরের সংখ্যা দ্বিগুণ হয়েছে, যেভাবে এক্ষেত্রে কর্মসংস্থানের নতুন নতুন সুযোগ তৈরি হচ্ছে এই সকল সম্ভাবনা সম্প্রসারণে হায়দ্রাবাদে গড়ে ওঠা এই আধুনিক প্রতিষ্ঠানটি গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা পালন করবে। 

 

বন্ধুগণ,

আজ ১৪০ কোটি দেশবাসী উন্নত ভারত নির্মাণের জন্য সংকল্পবদ্ধ। আর উন্নত ভারত গড়ে তোলার জন্য আধুনিক পরিকাঠামো থাকা ততটাই প্রয়োজনীয়। সেইজন্য এ বছরের বাজেটে আমরা পরিকাঠামো খাতে ১১ লক্ষ কোটি টাকা বরাদ্দ করেছি। আমরা চেষ্টা করছি যাদে তেলেঙ্গানার জনগণও এর মাধ্যমে অত্যধিক লাভবান হন। আজ ইন্দোর-হায়দ্রাবাদ ইকোনমিক করিডরের একটি গুরুত্বপূর্ণ অঙ্গ হিসেবে জাতীয় মহাসড়ক সম্প্রসারিত হয়েছে। ‘কান্ডি-রামসনপল্লে’ নামক এই অংশটি জনগণের সেবায় উৎসর্গীকৃত হয়েছে। এভাবে ‘মিরয়ালগোডা-কোডারো’ অংশটিও সম্পূর্ণ হয়েছে। এগুলির মাধ্যমে তেলেঙ্গানা এবং অন্ধ্রপ্রদেশের জনগণের মধ্যে যাতায়াতের সুবিধা বেড়েছে। এর ফলে এখানকার সিমেন্ট এবং কৃষি সংক্রান্ত শিল্পোদ্যোগগুলিও উপকৃত হবে। আজ এখানে সঙ্গারেড্ডি থেকে মোদিনাগুডার মধ্যে সংযোগ রক্ষাকারী পরিকল্পিত জাতীয় মহাসড়কপথ-এরও ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করা হয়েছে। যখন এটা পুরো হবে তখন তেলেঙ্গানা, কর্ণাটক এবং মহারাষ্ট্রের মধ্যে যোগাযোগ ব্যবস্থা আরও উন্নত হবে। ১৩০০ কোটি টাকা বিনিয়োগে নির্মিত এই প্রকল্পের মাধ্যমে গোটা এলাকার অর্থনৈতিক উন্নয়ন আরও গতিশীল হবে। 

বন্ধুগণ,

তেলেঙ্গানাকে দক্ষিণ ভারতের গেটওয়ে বা সিংহদ্বার বলা হয়। তেলেঙ্গানায় রেল পরিষেবাকে উন্নত করে তুলতে বৈদ্যুতিকীকরণ এবং রেলপথ ডাবলিং-এর কাজও দ্রুত গতিতে এগিয়ে চলেছে। সনত নগর-মৌলা আলি রুটের ডাবলিং এবং বৈদ্যুতিকীকরণের পাশাপাশি ৬টি নতুন রেল স্টেশনও তৈরি করা হয়েছে। আজ এখান থেকে ‘ঘটকেসর-লিঙ্গম পল্লী’-এর মধ্যে ‘এমএমটিএস ট্রেন সার্ভিস’-কেও এখান থেকে সবুজ পতাকা দেখানো হয়েছে। এটি শুরু হওয়ার ফলে এখন হায়দ্রাবাদ এবং সেকেন্দ্রাবাদের আরও কিছু এলাকা পরস্পরের সঙ্গে রেলপথে যুক্ত হবে। এর ফলে উভয় শহরের মধ্যে রেলযাত্রীদের অনেক সুবিধা হবে। 

 

বন্ধুগণ,

আজ আমার পারাদ্বীপ-হায়দ্রাবাদ পাইপ লাইন প্রকল্পটিকেও দেশবাসীর উদ্দেশ্যে সমর্পণের সৌভাগ্য হয়েছে। এর মাধ্যমে কম খরচে নিরাপদভাবে পেট্রোলিয়ামজাত পণ্যগুলিকে পরিবহনের সুবিধা হবে। এই প্রকল্প আমাদের ‘সাসটেইনেবল ডেভেলপমেন্ট’ বা সুদুরপ্রসারী ও টেকসই উন্নয়নের সংকল্প বাস্তবায়নে আরও সহায়ক হবে। আগামীদিনে উন্নত তেলেঙ্গানা গড়ে তোলার মাধ্যমে উন্নত ভারত গড়ে তোলা- এই অভিযানকে আমরা আরও গতিশীল করে তুলবো। 

বন্ধুগণ,

এই ছোট্ট সরকারি কর্মসূচি এখানে সম্পূর্ণ হচ্ছে। আমি এখন কাছেই একটি জায়গায় জনগণের মাঝে যাব। সেখানেও মানুষ এই বিষয়গুলি নিয়ে অনেক কিছু শুনতে চান। আমি মিনিট দশেক পরেই সেখানে আয়োজিত জনসভায় কিছু কথা বিস্তারিতভাবে বলবো। কিন্তু এখানে আজ এতটুকুই! আপনাদের সবাইকে আমার পক্ষ থেকে অনেক অনেক শুভ কামনা। 

ধন্যবাদ!  

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What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!