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We launched Digital India with a very simple focus- to ensure more people can benefit from technology, especially in rural areas: PM
We ensured that the advantages of technology are not restricted to a select few but are there for all sections of society. We strengthened network of CSCs: PM
The Digital India initiative is creating a group of village level entrepreneurs, says PM Modi
The movement towards more digital payments is linked to eliminating middlemen: PM Modi
Due to ‘Make in India’, we see a boost to manufacturing and this has given youngsters an opportunity to work in several sectors: PM Modi
Along with digital empowerment, we also want technology to boost creativity: PM

বিগত কিছুদিনধরেসরকারেরবিভিন্নপ্রকল্পদ্বারালাভবানদেশেরনানা প্রান্তেরমানুষদেরসঙ্গেকথাবলার সুযোগপেয়েছি। আমিবলতে পারিযে, এটাআমারজীবনে একটাঅদ্ভূতঅভিজ্ঞতা। আমিবরাবরইচেষ্টা করিসরকারেরবিভিন্নপ্রকল্পসাধারণমানুষেরজীবনে কেমনপরিবর্তনএনেছেসেইবিষয়ে তাদেরসঙ্গেসরাসরিকথা বলেসরকারিফাইলেরবাইরেজীবনকে জানতে। মানুষেরসঙ্গেসরাসরিকথাবলে সমস্তবিষয়েতাঁদেরকাছথেকে জেনেখুবআনন্দপাই। আরওকাজকরার প্রাণশক্তিঅর্জনকরি। আজডিজিটালইন্ডিয়ারকয়েকটিপ্রকল্পেরসুবিধাভোগীদেরসঙ্গেকথা বলারসুযোগপেয়েছি।

আমাকে বলাহয়েছেযে, আজকেরএই কর্মসূচিতেআমিসারাদেশেরকমন সার্ভিসসেন্টারগুলিরমাধ্যমে৩লক্ষ দরিদ্রমানুষেরসঙ্গেযুক্তহওয়ার সুযোগপেয়েছি। এইকমন সার্ভিসসেন্টারগুলিরসঞ্চালনকারীভিএলইএস-রাওতাঁদের থেকেপরিষেবাগ্রহণকারীমানুষেরাএবংসারাদেশের এনআইসিসেন্টারগুলিরমাধ্যমেডিজিটালইন্ডিয়ারসুবিধাভোগীরাআজএকত্রিতহয়েছেন। ১৬০০রওবেশি সংস্থাআজএনকেএনবান্যাশনালনলেজনেটওয়ার্কের মাধ্যমেযুক্তহয়েছেন। তাঁদেরছাত্র, গবেষক, বিজ্ঞানীওঅধ্যাপকরাআমাদেরসঙ্গেরয়েছেন। সারাদেশেসরকারি প্রকল্পেরসাহায্যেযেবিপিও-গুলি স্থাপিতহয়েছে, সেইবিপিও-গুলিতে কর্মরতনবীনপ্রজন্মেরমানুষেরাওআজএইকর্মসূচিতেআমাদের সঙ্গেযুক্তরয়েছেন। শুধুতাইনয়, মোবাইল ফোননির্মাণকারখানাগুলিতেকর্মরতমানুষেরাওআজ প্রযুক্তিরমাধ্যমেআমাদেরকেতাঁদেরকারখানাদেখাবেন। তাঁরাআমার সঙ্গেকিছুকথাওবলবেন।

সারা দেশেরলক্ষাধিক Mygov স্বেচ্ছাসেবকরাওযুক্ত হয়েছেন। আমিমনেকরি এটিএকটিঅভূতপূর্বঘটনা, আজআমরাকমপক্ষে ৫০লক্ষেরওবেশিমানুষএকসঙ্গে কথাবলবো! প্রত্যেকেরঅভিজ্ঞতাশোনা, তাঁদেরসঙ্গেকথাবলারএটিএকটি অসাধারণসুযোগ।

ডিজিটাল ইন্ডিয়া প্রকল্প উদ্বোধনের সময় একটি সংকল্প ছিল যে দেশের সাধারণ যুবসম্প্রদায়, গরিব, কৃষকদের ডিজিটাল ইন্ডিয়া প্রকল্পের সঙ্গে যুক্তকরতে হবে, তাঁদেরক্ষমতায়নকরতেহবে। একই সঙ্গে গ্রামগুলিকেও জুড়তে হবে এই প্রকল্পেএই সংকল্পনিয়েবিগতচারবছর ধরেডিজিটালক্ষমতায়ণেরপ্রতিটিবিষয়নিয়েকাজহয়েছে। গ্রামগুলিকেফাইবার অপটিক্সেরমাধ্যমেযুক্তকরা, কোটি কোটিমানুষকেডিজিটালিসাক্ষরকরা, মোবাইল ফোনেরমাধ্যমেসরকারিপরিষেবাকেসকলের হাতেরনাগালেপৌঁছেদেওয়া, দেশে বৈদ্যুতিনসরঞ্জামনির্মানেরপরিবেশতৈরিকরা, স্টার্টআপওউদ্ভাবনকেউৎসাহপ্রদান, দূরদূরান্তেবিপিওচালুকরারঅভিযানচালানো; এমনি অনেক প্রকল্প আজ সফলভাবে বাস্তবায়িত হয়েছে।এখন আর পেনশনপ্রাপক বয়স্কদের কয়েক ক্রোশ পথ পেরিয়ে নিজের জীবন প্রমাণ শংসাপত্র জমা দিতে হয় না।তাঁরা এখন নিজের গ্রামেই কমন সার্ভিস সেন্টারে পৌঁছে অত্যন্ত সহজে কাজ সারতে পারেন।দেশের কৃষকরা আবহাওয়ার খবর, ফসল ও মাটি সম্পর্কে নানা তথ্য অত্যন্ত সহজে পেতে পারেন।পাশাপাশি, নিজের মোবাইল মাধ্যমে কিম্বা কমন সার্ভিস সেন্টারে পৌঁছে অত্যন্ত সহজে ডিজিটাল বাজার ‘ই-নাম’- এর মাধ্যমে নিজের উৎপাদিত শস্য, সব্জি ও ফলমূল সারাদেশের যেকোনও বাজারে বেচতে পারেন।

আজ গ্রামের লেখাপড়া জানা ছাত্রছাত্রীরা শুধুই স্কুল কলেজের নির্দ্ধারিত পাঠ্যবইয়ের জ্ঞানেই সীমাবদ্ধ থাকছেন না! তাঁরা ইন্টারনেটব্যবহার করে ডিজিটাল গ্রন্থাগারে লক্ষ লক্ষ বই পড়তে পারেন।এখন তাঁরা আর ছাত্রবৃত্তির টাকার জন্যে স্কুল-কলেজের প্ল্যানিং সিস্টেমের উপর নির্ভরশীল নয়।তাঁদের ছাত্রবৃত্তির টাকা এখন সরাসরি তাঁদের ব্যাঙ্ক অ্যাকাউন্টে জমা হয়ে যায়।প্রযুক্তির মাধ্যমে তথ্য সঞ্চার বিপ্লবের হাত ধরে এইসব কিছু সহজ করা সম্ভব হয়েছে। আজ থেকে কয়েক বছর আগে পর্যন্ত মহানগরগুলি থেকে দূরে ছোট ছোট শহর, মফস্বল শহর ও গ্রামগুলিতে মানুষ ভাবতেও পারতেন না যে রেলস্টেশনে না গিয়ে, লাইনে না দাঁড়িয়ে, শুধুমাত্র ফোনের মাধ্যমে রেলের টিকিট কাটা ও আসন সংরক্ষণকরা সম্ভব! কিম্বা কয়েক ঘণ্টা লাইনে না দাঁড়িয়ে রান্নার গ্যাস সরাসরি বাড়িতে পৌঁছে যেতে পারে! করপ্রদান, বিদ্যুৎ ও পানীয় জলের বিলের টাকা কোনও সরকারি দফতরে চক্কর না লাগিয়ে ঘরে বসেই জমা করা যেতে পারে! কিন্তু আজ সবই অত্যন্ত সহজে সম্ভব হচ্ছে।আপনার জীবনের সঙ্গে যুক্ত সমস্ত কাজ এখন শুধু কয়েক আঙুল দূরে, আর তা মুষ্ঠিমেয় কয়েকজনের জন্যে নয়, সকলের জন্যে, দেশের যেকোনও নাগরিক ঘরে বসেই একই সুবিধা পেতে পারেন! এর জন্যে সারা দেশে কমন সার্ভিস সেন্টারের নেটওয়ার্ক আরও শক্তিশালী করা হচ্ছে।

ইতিমধ্যেইপ্রায়৩ লক্ষকমনসার্ভিসসেন্টারখোলা হয়েছে। আজডিজিটালসার্ভিস ডেলিভারিসেন্টারেরএইবিশালনেটওয়ার্কভারতের১লক্ষ৮৩হাজার গ্রামপঞ্চায়েতেবিস্তারিতহয়েছে। আর অত্যন্ত আনন্দের কথা যে আজলক্ষলক্ষযুবকের পাশাপাশি৫২হাজারমহিলাআজ ভিলেজ লেভেল অন্ত্রেপ্রেনিউর (ভিএলই) হিসাবে রূপে কর্মরত।

এই কেন্দ্রগুলির মাধ্যমে ইতিমধ্যেই ১০ লক্ষেরও বেশি মানুষের কর্মসংস্থান হয়েছে। সামগ্রিকভাবে বিচার করলে এই কেন্দ্রগুলি শুধুই ক্ষমতায়ন নয়, এগুলির মাধ্যমে শিক্ষা, শিল্পোদ্যোগএবং কর্মসংস্থানও সুনিশ্চিত হয়েছে।

ভারতে যত পরিবর্তন আসছে সেগুলি আপনারাই আনছেন, আর নিজেদের আঙুলের শক্তিতে আনছেন, এই প্রগতি, এই আস্থা, এই উন্নয়ন, সংস্কার, দক্ষতাও রূপান্তরের মাধ্যমে এইসব কিছু বাস্তবায়িত হচ্ছে। আমি আরেকবার আপনাদের সবাইকে অনেক অনেক শুভেচ্ছা জানাই। অনেক অনেক ধন্যবাদ জানাই।

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Goa has shown the great results of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas and Sabka Prayas: PM Modi
September 18, 2021
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Lauds Goa on the completion of 100% first dose coverage for the adult population
Remembers services of Shri Manohar Parikkar on the occasion
Goa has shown the great results of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas, Sabka Vishwas and Sabka Prayas: PM
I have seen many birthdays and have always been indifferent to that but, in all my years, yesterday was a day that made me deeply emotional as 2.5 crore people got vaccinated: PM
Yesterday witnessed more than 15 lakh doses administered every hour, more than 26 thousand doses every minute and more than 425 doses every second: PM
Every achievement of Goa that epitomises the concept of Ek Bharat -Shreshth Bharat fills me with great joy: PM
Goa is not just a state of the country but also a strong marker of Brand India: PM

गोवा के ऊर्जावान और लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी, गोवा के सपूत श्रीपाद नायक जी, केंद्र सरकार में मंत्रिपरिषद की मेरी साथी डॉक्टर भारती …. पवार जी, गोवा के सभी मंत्रिगण, सांसद और विधायक गण, अन्य जन प्रतिनिधि, सभी कोरोना वॉरियर, भाइयों और बहनों!

गोंयच्या म्हजा मोगाल भावा बहिणींनो, तुमचे अभिनंदन.

आप सभी को श्री गणेश पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं। कल अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर हम सभी बप्पा को विदाई देंगे, हाथों में अनंत सूत्र भी बाधेंगे। अनंत सूत्र यानि जीवन में सुख-समृद्धि, लंबी आयु का आशीर्वाद।

मुझे खुशी है कि इस पावन दिन से पहले गोवा के लोगों ने अपने हाथों पर, बांह पर जीवन रक्षा सूत्र, यानि वैक्सीन लगवाने का भी काम पूरा कर लिया है। गोवा के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ये बहुत बड़ी बात है। इसके लिए गोवा के सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई।

साथियों,

गोवा एक ऐसा भी राज्य है, जहाँ भारत की विविधता की शक्ति के दर्शन होते हैं। पूर्व और पश्चिम की संस्कृति, रहन-सहन, खानपान, यहां एक ही जगह देखने को मिलता है। यहां गणेशोत्सव भी मनता है, दीपावली भी धूमधाम से मनाई जाती है और क्रिसमस के दौरान तो गोवा की रौनक ही और बढ़ जाती है। ऐसा करते हुए गोवा अपनी परंपरा का भी निर्वाह करता है। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को निरंतर मजबूत करने वाले गोवा की हर उपलब्धि, सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरे देश को खुशी देती है, गर्व से भर देती है।

भाइयों और बहनों,

इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुझे अपने मित्र, सच्चे कर्मयोगी, स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर जी की याद आना स्वाभाविक है। 100 वर्ष के सबसे बड़े संकट से गोवा ने जिस प्रकार से लड़ाई लड़ी है, पर्रिकर जी आज हमारे बीच होते तो उनको भी आपकी इस सिद्धि के लिए, आपके इस achievement के लिए बहुत गर्व होता।

गोवा, दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान- सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन- की सफलता में अहम भूमिका निभा रहा है। बीते कुछ महीनों में गोवा ने भारी बारिश, cyclone, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ भी बड़ी बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। इन प्राकृतिक चुनौतियों के बीच भी प्रमोद सावंत जी के नेतृत्‍व में बड़ी बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। इन प्राकृतिक चुनौतियों के बीच कोरोना टीकाकरण की रफ्तार को बनाए रखने के लिए सभी कोरोना वॉरियर्स का, स्वास्थ्य कर्मियों का, टीम गोवा का, हर किसी का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

यहां अनेक साथियों ने जो अनुभव हमसे साझा किए, उनसे साफ है कि ये अभियान कितना मुश्किल था। उफनती नदियों को पार करके, वैक्सीन को सुरक्षित रखते हुए, दूर-दूर तक पहुंचने के लिए कर्तव्य भावना भी चाहिए, समाज के प्रति भक्ति भी चाहिए और अप्रतिम साहस की भी जरूरत लगती है। आप सभी बिना रुके, बिना थके मानवता की सेवा कर रहे हैं। आपकी ये सेवा हमेशा-हमेशा याद रखी जाएगी।

साथियों,

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास- ये सारी बातें कितने उत्‍तम परिणाम लाती हैं, ये गोवा ने, गोवा की सरकार ने, गोवा के नागरिकों ने, गोवा के कोरोना वॉरियर्स ने, फ्रंट लाइन वर्कर्स ने ये कर दिखाया है। सामाजिक और भौगोलिक चुनौतियों से निपटने के लिए जिस प्रकार का समन्वय गोवा ने दिखाया है, वो वाकई सराहनीय है। प्रमोद जी आपको और आपकी टीम को बहुत-बहुत बधाई। राज्य के दूर-सुदूर में बसे, केनाकोना सब डिविजन में भी बाकी राज्य की तरह ही तेज़ी से टीकाकरण होना ये इसका बहुत बड़ा प्रमाण है।

मुझे खुशी है कि गोवा ने अपनी रफ्तार को ढीला नहीं पड़ने दिया है। इस वक्त भी जब हम बात कर रहे हैं तो दूसरी डोज़ के लिए राज्य में टीका उत्सव चल रहा है। ऐसे ईमानदार, एकनिष्ठ प्रयासों से ही संपूर्ण टीकाकरण के मामले में भी गोवा देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। और ये भी अच्छी बात है कि गोवा ना सिर्फ अपनी आबादी को बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों, बाहर से आए श्रमिकों को भी वैक्सीन लगा रहा है।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, प्रशासन से जुड़े लोगों की भी सराहना करना चाहता हूं। आप सभी के प्रयासों से कल भारत ने एक ही दिन में ढाई करोड़ से भी अधिक लोगों को वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया है। दुनिया के बड़े-बड़े और समृद्ध और सामर्थ्यवान माने जाने वाले देश भी ऐसा नहीं कर पाए हैं। कल हम देख रहे थे कि कैसे देश टकटकी लगाए कोविन डैशबोर्ड को देख रहा था, बढ़ते हुए आंकड़ों को देखकर उत्साह से भर रहा था।

कल हर घंटे, 15 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ है, हर मिनट 26 हजार से ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ, हर सेकेंड सवा चार सौ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगी। देश के कोने-कोने में बनाए गए एक लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन सेंटर्स पर ये वैक्सीन लोगों को लगाई गई है। भारत की अपनी वैक्सीन, वैक्सीनेशन के लिए इतना बड़ा नेटवर्क, skilled manpower, ये भारत के सामर्थ्य को दिखाता है।

साथियों,

कल का आपको जो achievement है ना, वह पूरे विश्‍व में सिर्फ वैक्‍सीनेशन के आंकड़ों के आधार पर नहीं है, भारत के पास कितना सामर्थ्‍य है इसकी पहचान दुनिया को होने वाली है। और इसलिए इसका गौरवगान हर भारतीय का कर्तव्‍य भी है और स्‍वभाव भी होना चाहिए।

साथियो,

मैं आज मेरे मन की बात भी कहना चाहता हूं। जन्मदिन तो बहुत आए बहुत जन्‍मदिन गए पर मैं मन से हमेशा इन चीजों से अलिप्त रहा हूं, इन चीजों से मैं दूर रहा हूं। पर मेरी इतनी आयु में कल का दिन मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला था। जन्मदिन मनाने के बहुत सारे तरीके होते हैं। लोग अलग-अलग तरीके से मनाते भी हैं। और अगर मनाते हैं तो कुछ गलत करते हैं, ऐसा मानने वालों में मैं नहीं हूं। लेकिन आप सभी के प्रयासों की वजह से, कल का दिन मेरे लिए बहुत खास बन गया है।

मेडिकल फील्ड के लोग, जो लोग पिछले डेढ़-दो साल से दिन रात जुटे हुए हैं, अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना से लड़ने में देशवासियों की मदद कर रहे हैं, उन्होंने कल जिस तरह से वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बनाकर दिखाया है, वो बहुत बड़ी बात है। हर किसी ने इसमें बहुत सहयोग किया है। लोगों ने इसे सेवा से जोड़ा। ये उनका करुणा भाव, कर्तव्य भाव ही है जो ढाई करोड़ वैक्सीन डोज लगाई जा सकी।

और मैं मानता हूं, वैक्सीन की हर एक डोज, एक जीवन को बचाने में मदद करती है। ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों को इतने कम समय में, इतना बड़ा सुरक्षा कवच मिलना, बहुत संतोष देता है। जन्मदिन आएंगे, जाएंगे लेकिन कल का ये दिन मेरे मन को छू गया है, अविस्मरणीय बन गया है। मैं जितना धन्यवाद अर्पित करूं वो कम है। मैं हृदय से प्रत्येक देशवासी को नमन करता हूं, सभी का आभार जताता हूं।

भाइयों और बहनों,

भारत का टीकाकरण अभियान, सिर्फ स्वास्थ्य का सुरक्षा कवच ही नहीं है, बल्कि एक तरह से आजीविका की सुरक्षा का भी कवच है। अभी हम देखें तो हिमाचल, पहली डोज के मामले में 100 percent हो चुका है, गोवा 100 percent हो चुका है, चंडीगढ़ और लक्षद्वीप में भी सभी पात्र व्यक्तियों को पहली डोज लग चुकी है। सिक्किम भी बहुत जल्द 100 परसेंट होने जा रहा है। अंडमान निकोबार, केरला, लद्दाख, उत्तराखंड, दादरा और नगर हवेली भी बहुत दूर नहीं है।

साथियों,

ये बहुत चर्चा में नहीं आया लेकिन भारत ने अपने वैक्सीनेशन अभियान में टूरिज्म सेक्टर से जुड़े राज्यों को बहुत प्राथमिकता दी है। प्रारंभ में हमने कहा नहीं क्योंकि इस पर भी राजनीति होने लग जाती है। लेकिन ये बहुत जरूरी था कि हमारे टूरिज्म डेस्टिनेशंस जल्‍द से जल्‍द खुलें। अब उत्तराखंड में भी चार-धाम यात्रा संभव हो पाएगी। और इन सब प्रयासों के बीच, गोवा का 100 percent होना, बहुत खास हो जाता है।

टूरिज्म सेक्टर को revive करने में गोवा की भूमिका बहुत अहम है। आप सोचिए, होटल इंडस्ट्री के लोग हों, टैक्सी ड्राइवर हों, फेरी वाले हों, दुकानदार हों, जब सभी को वैक्सीन लगी होगी तो टूरिस्ट भी सुरक्षा की एक भावना लेकर यहां आएगा। अब गोवा दुनिया के उन बहुत गिने-चुने इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में शामिल हो चला है, जहां लोगों को वैक्सीन का सुरक्षा कवच मिला हुआ है।

साथियों,

आने वाले टूरिज्म सीज़न में यहां पहले की ही तरह टूरिस्ट एक्टिविटीज़ हों, देश के -दुनिया के टूरिस्ट यहां आनंद ले सकें, ये हम सभी की कामना है। ये तभी संभव है जब हम कोरोना से जुड़ी सावधानियों पर भी उतना ही ध्यान देंगे, जितना टीकाकरण पर दे रहे हैं। संक्रमण कम हुआ है लेकिन अभी भी इस वायरस को हमें हल्के में नहीं लेना है। safety और hygiene पर यहां जितना फोकस होगा, पर्यटक उतनी ही ज्यादा संख्या में यहां आएंगे।

साथियों,

केंद्र सरकार ने भी हाल में विदेशी पर्यटकों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। भारत आने वाले 5 लाख पर्यटकों को मुफ्त वीजा देने का फैसला किया गया है। ट्रैवल और टूरिज्म से जुड़े stakeholders को 10 लाख रुपए तक का लोन शत-प्रतिशत सरकारी गारंटी के साथ दिया जा रहा है। रजिस्टर्ड टूरिस्ट गाइड को भी 1 लाख रुपए तक के लोन की व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार आगे भी हर वो कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो देश के टूरिज्म सेक्टर को तेज़ी से आगे बढ़ाने में सहायक हों।

साथियों,

गोवा के टूरिज्म सेक्टर को आकर्षक बनाने के लिए, वहां के किसानों, मछुआरों और दूसरे लोगों की सुविधा के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर को डबल इंजन की सरकार की डबल शक्ति मिल रही है। विशेष रूप से कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर गोवा में अभूतपूर्व काम हो रहा है। 'मोपा' में बन रहा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट अगले कुछ महीनों में बनकर तैयार होने वाला है। इस एयरपोर्ट को नेशनल हाइवे से जोड़ने के लिए लगभग 12 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से 6 लेन का एक आधुनिक कनेक्टिंग हाईवे बनाया जा रहा है। सिर्फ नेशनल हाईवे के निर्माण में ही बीते सालों में हज़ारों करोड़ रुपए का निवेश गोवा में हुआ है।

ये भी बहुत खुशी की बात है कि नॉर्थ गोवा को साउथ गोवा से जोड़ने के लिए 'झुरी ब्रिज' का लोकार्पण भी अगले कुछ महीनों में होने जा रहा है। जैसा कि आप भी जानते हैं, ये ब्रिज पणजी को 'मार्गो' से जोड़ता है। मुझे बताया गया है कि गोवा मुक्ति संग्राम की अनोखी गाथा का साक्षी 'अगौडा' फोर्ट भी जल्द ही लोगों के लिए फिर खोल दिया जाएगा।

भाइयों और बहनों,

गोवा के विकास की जो विरासत मनोहर पर्रिकर जी ने छोड़ी थी, उसको मेरे मित्र डॉ. प्रमोद जी और उनकी टीम पूरी लगन के साथ आगे बढ़ा रही है। आज़ादी के अमृतकाल में जब देश आत्मनिर्भरता के नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है तो गोवा ने भी स्वयंपूर्णा गोवा का संकल्प लिया है। मुझे बताया गया है कि आत्मनिर्भर भारत, स्वयंपूर्णा गोवा के इस संकल्प के तहत गोवा में 50 से अधिक components के निर्माण पर काम शुरु हो चुका है। ये दिखाता है कि गोवा राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए, युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर तैयार करने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।

साथियों,

आज गोवा सिर्फ कोविड टीकाकरण में अग्रणी नहीं है, बल्कि विकास के अनेक पैमानों में देश के अग्रणी राज्यों में है। गोवा का जो rural और urban क्षेत्र है, पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो रहा है। बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी गोवा में अच्छा काम हो रहा है। गोवा देश का ऐसा राज्य है जहां शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। हर घर नल से जल के मामले में तो गोवा ने कमाल ही कर दिया है। गोवा के ग्रामीण क्षेत्र में हर घर में नल से जल पहुंचाने का प्रयास प्रशंसनीय है। जल जीवन मिशन के तहत बीते 2 सालों में देश ने अब तक लगभग 5 करोड़ परिवारों को पाइप के पानी की सुविधा से जोड़ा है। जिस प्रकार गोवा ने इस अभियान को आगे बढ़ाया है, वो 'गुड गवर्नेंस' और 'ईज ऑफ लिविंग' को लेकर गोवा सरकार की प्राथमिकता को भी स्पष्ट करता है।

भाइयों और बहनों,

सुशासन को लेकर यही प्रतिबद्धता कोरोना काल में गोवा सरकार ने दिखाई है। हर प्रकार की चुनौतियों के बावजूद, केंद्र सरकार ने जो भी मदद गोवा के लिए भेजी, उसको तेज़ी से, बिना किसी भेदभाव के हर लाभार्थी तक पहुंचाने का काम गोवा की टीम ने किया है। हर गरीब, हर किसान, हर मछुआरे साथी तक मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। महीनों-महीनों से गोवा के गरीब परिवारों को मुफ्त राशन पूरी ईमानदारी के साथ पहुंचाया जा रहा है। मुफ्त गैस सिलेंडर मिलने से गोवा की अनेक बहनों को मुश्किल समय में सहारा मिला है।

गोवा के किसान परिवारों को पीएम किसान सम्मान निधि से करोड़ों रुपए सीधे बैंक अकाउंट में मिले हैं। कोरोना काल में ही यहां के छोटे किसानों को मिशन मोड पर किसान क्रेडिट कार्ड मिले हैं। यही नहीं गोवा के पशुपालकों और मछुआरों को पहली बार बड़ी संख्या में किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिली है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी गोवा में रेहड़ी-पटरी और ठेले के माध्यम से व्यापार करने वाले साथियों को तेज़ी से लोन देने का काम चल रहा है। इन सारे प्रयासों की वजह से गोवा के लोगों को, बाढ़ के दौरान भी काफी मदद मिली है।

भाइयों और बहनों,

गोवा असीम संभावनाओं का प्रदेश है। गोवा देश का सिर्फ एक राज्य भर नहीं है, बल्कि ब्रांड इंडिया की भी एक सशक्त पहचान है। ये हम सभी का दायित्व है कि गोवा की इस भूमिका को हम विस्तार दें। गोवा में आज जो अच्छा काम हो रहा है, उसमें निरतंरता बहुत आवश्यक है। लंबे समय बाद गोवा को राजनीतिक स्थिरता का, सुशासन का लाभ मिल रहा है।

इस सिलसिले को गोवा के लोग ऐसे ही बनाए रखेंगे, इसी कामना के साथ आप सभी को फिर से बहुत-बहुत बधाई। प्रमोद जी और उनकी पूरी टीम को बधाई।

सगल्यांक देव बरें करूं

धन्यवाद !