साझा करें
 
Comments
डिजिटल इंडिया यह सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया था कि जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग, खासकर ग्रामीण इलाकों के लोग डिजिटल रूप से सशक्त बने: प्रधानमंत्री मोदी
हमने सुनिश्चित किया कि प्रौद्योगिकी के फायदे कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि समाज के सभी वर्गों तक इसकी पहुंच हो: पीएम मोदी
डिजिटल इंडिया पहल गांव के स्तर पर उद्यमियों का समूह तैयार करने की पहल है: प्रधानमंत्री
डिजिटल माध्यम से भुगतान से बिचौलिए हो रहे समाप्त: प्रधानमंत्री मोदी
‘मेक इन इंडिया’ के परिणामस्वरूप विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिल रहा हैं और इससे युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं: पीएम मोदी
डिजिटल सशक्तिकरण के साथ, हम प्रौद्योगिकी के माध्यम से रचनात्मकता को बढ़ावा देना चाहते हैं: प्रधानमंत्री

पिछले कुछ दिनों से मुझे सरकार की विभिन्‍न योजनाओं के देश भर के जो लाभार्थी हैं। उन सबसे रूबरू होने का, बातचीत करने का उनको सुनने का अवसर मिला और मैं कह सकता हूं कि मेरे लिए एक अद्भुत अनुभव है। और मैं हमेशा इस हिम्‍मत का आग्रही हूं। कि फाइलों से परे लाइफ भी होती है। और लाइफ में जो बदलाव आया है। जब उसको सीधा लोगों से सुना। उनके अनुभवों को जाना तो मन को एक बहुत ही संतोष मिलता है। और काम करने की एक नई ऊर्जा भी मुझे आप लोगों से मिली है। आज डिजिटल इंडिया की कुछ योजना के लाभार्थियों से बातचीत करने का अवसर मिला है।

मुझे बताया गया है कि आज के इस कार्यक्रम में देश भर के गरीब 3 लाख Common Service Centres इनके साथ जुड़ने का मुझे अवसर मिला है। इन CSC Common Service Centre को संचालित करने वाले VLEs और जो नागरिक इनसे अलग-अलग तरह की सेवाएं ले रहे हैं, सर्विस ले रहे हैं। वे सब आज यहां मौजूद हैं। इसके अलावा देश भर के NIC centre के माध्‍यम से Digital India के लाभार्थी वहां भी इकट्ठा हुए हैं। 1600 से अधिक संस्‍थाएं जो NKN National Knowledge Network उनसे जुड़े हैं। उनके विद्यार्थी, Researchers, Scientist, Professors ये सब हमारे साथ हैं। देश भर में सरकार की योजना से जो BPO स्‍थापित हुए हैं। उनके युवा अपने-अपने BPO centre से भी इस कार्यक्रम में हमारे साथ है। इतना ही नहीं Mobile, Manufacturing Units में काम करने वाले युवा भी हमें अपनी-अपनी Units भी दिखाएगें। और वो कुछ बात हमसे करेंगे।

देश भर में लाखों की संख्‍या में Mygov volunteers भी जुड़़े हैं। मैं मानता हूं ये अनोखा संवाद है जहां कम से कम 50 लाख से ज्‍यादा लोग एक ही विषय पर आज हम सब मिलकर के बाते करने वाले हैं। हर किसी का अनुभव सुनने का, उनसे बातचीत करने का एक ही अद्भुत अवसर है और जब Digital India launch हुआ था तो एक संकल्‍प था कि देश के सामान्‍य व्‍यक्ति को, गरीब को, किसानों को, युवाओं को, गांवों को डिजिटल की दुनिया से जोड़ रहा है। उन्‍हें Empower कर रहा है। इसी एक संकल्‍प को लेकर पिछले चार साल में Digital Empowerment के हर एक पहलू पर काम किया है चाहे गांवों को, Fibre Optics से जोड़ना हो। करोड़ो लोगों को डिजिटली साक्षर करना हो, सरकारी सेवाओं को मोबाइल के माध्‍यम से हर एक के हाथ में पहुंचाना हो, Electronic Manufacturing को देश में विकसित करना हो Strat up or Innovation को बढ़ावा देना हो, दूर-दराज के क्षेत्रों में BPO’s खोलने को अभियान चलाना हो। ऐसे अनेक प्रकल्‍प आज पेंशन प्राप्‍त करने वाले हमारे बुजुर्गों को कोसो दूर खुद जाकर अपने जीवन का प्रमाण नहीं देना पड़ता बल्कि वो अपने गांव में ही Common Service Centres CSC centre से पहुंच करके बड़ी आसानी से काम कर सकते हैं। देश का किसान मौसम का हाल जानना हो, फसल के संबंध में जानकारी लेनी हो, Soil आदि के बारे में जानकारी लेनी हो। वो बड़े आराम से आजकल प्राप्‍त कर लेता है। लेकिन साथ ही साथ एक Digital Market ENAM के माध्‍यम से अपने उत्‍पाद भी देश भर के बाजारों में वो बेच सकता है। अपने मोबाइल फोन के माध्‍यम से या CSC के सेंटर पर जाकर।

आज गांव में पढ़ने वाला विद्यार्थी सिर्फ अपने स्‍कूल-कॉलेज में उपलब्‍ध किताबों तक सीमित नहीं है। वो इंटरनेट का इस्‍तेमाल करके digital library के जरिये लाखों किताबों का access कर रहा है। वो अब scholarship की धनराशि के लिए स्‍कूल-कॉलेज के प्‍लानिंग सिस्‍टम पर निर्भर नहीं है। उसकी scholarship अब सीधा उसके बैंक खाते में आ जाती है। ये सब संभव हुआ है टेक्‍नोलॉजी के माध्‍यम से संचार क्रांति के द्वारा। आज से कुछ वर्ष पहले तक महानगरों से दूर छोटे शहरों, कस्‍बों और गांवों में रहने वालों के लिए इस बात की कल्‍पना भी मुश्किल थी कि रेलवे टिकट बिना स्‍टेशन पर गए हुए, बिना लाइन में लगे हुए रेलवे टिकट बुक हो सकती है। या रसोई गैस बिना लाइन में घंटों बिताए सीधा घर तक पहुंच सकती है। टैक्‍स, बिजली, पानी का बिल बिना किसी सरकारी दफ्तर का चक्‍कर लगाए ही जमा हो सकता है। लेकिन आज ये सब संभव है आपके जीवन से जुड़े हुए तमाम जरूरी काम अब बस अंगुली भर की दूरी पर है। और ऐसा नहीं है कि कुछ चंद लोगों को ही ये उपलब्‍ध है, हर एक को उपलब्‍ध है। देश के हर नागरिक को अधिक से अधिक सुविधाएं अपने घर के पास ही मिल सके। इसके लिए देश भर के Common Service Centres CSC network को मजबूत किया जा रहा है।

अब तक देश में करीब 3 लाख Common Service Centres खोले जा चुके हैं। आज Digital Service Deliver Centres का ये विशाल नेटवर्क भारत के 1 लाख 83 हजार ग्राम पंचायतों में फैला हुआ है। आज लाखों की संख्‍या में युवा Village Level Entrepreneurs (VLE) के रूप में काम कर रहा है। और खुशी की बात है कि इनमें 52 हजार महिलाएं उद्यमी काम कर रही हैं।

इन केंद्रों के माध्‍यम से 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। समग्र रूप से देखें तो ये केंद्र न सिर्फ Empowerment का माध्‍यम बने हैं बल्कि इससे Education, Entrepreneurship और Employment को भी बढ़ावा मिला है।

देखिए आज लगभग 60 लाख volunteers Mygov Platfarm से जुड़े हुए हैं। यानी एक प्रकार से नागरिक सरकार जिसको कहे citizen government इसका रूप बन गया है। Ideas और suggestion देने के अलावा अलग-अलग volunteers activity में भी युवा बढ़ चढ़ कर के हिस्‍सा ले रहे हैं।

नागरिकों से प्राप्‍त विभिन्‍न सुझावों को संबंधित मंत्रालयों तक पहुंचाना, उनके implementation की संभावनाओं पर काम करना और अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ना इन सबके लिए Mygov एक मजबूत Platform बनके उभरा है। मैं आपको इन voluntary और एक प्रकार से अपने योगदान के जरूर कुछ उदाहरण देना चाहूंगा जो लोगों ने मेरे सामने रखे। केंद्र सरकार हर साल बजट में volunteers द्वारा प्राप्‍त सुझावों को सम्मिलित करती है। स्‍वच्‍छ भारत अभियान, जन-धन योजना, डिजिटल इंडिया जैसे अनेक योजनाओ के logo और उसकी tag line भी Mygov के माध्‍यम से नागिरकों के योगदान से बनी है। सरकार ने उसमें टाइम नहीं खपाया। सरकार के लिए ये crowd sourcing से आगे बढ़ कर जनभागीदारी का एक प्‍लेटफार्म बना है।

हर महीने मन की बात कार्यक्रम के लिए भी देश के कोने-कोने से लोग अपने सुझाव और प्रेरणा देने वाले उदाहरण भी मुझे इस प्‍लेटफार्म के माध्‍यम से भेजते हैं। डिजिटल इंडिया आज देश भर में करोड़ो लोगों की जिंदगी में बदलाव ला रहा है। डिजिटल इंडिया से 4 E साकार हो रहे हैं, Education, Employment, Entrepreneurship, Empowerment. Digital India से सामान्‍य व्‍यक्ति का जीवन बेहतर बने इसी शुभकामना के साथ मैं आप सबका बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं। लेकिन एक काम के लिए मैं आज आपको आग्रह करना चाहता हूं। और वो भी common service centre से मेरी ज्‍यादा अपेक्षा है। सब common service centre वाले सुन रहे हैं मैं आपको यहां screen पर देख रहा हूं। Common service centre वाले जरा हाथ ऊपर करें मेरा काम करोगे आप लोग। सारे common service centre वाले हाथ ऊपर करें, बताइए करेंगें। इसका मतलब ये नहीं कि BPO वाले न करें।

देखिए मैं बताता हूं क्‍या करना है, मैं चाहता हूं। आप लिख कर रखिए आने वाली 20 तारीख को इसी समय ठीक सुबह साढ़े नौ बजे मैं देश के किसानों के साथ बात करने वाला हूं। किसान भाईयों-बहनों के साथ बात करने वाला हूं। क्‍या आप एक मेरी मदद कर सकते हैं क्‍य। आप अपने CSC सेंटर में जैसे आज 10-12 लोग बैठे हैं, 20 तारीख को सुबह साढ़े नौ बजे 50-100 किसानों को बिठा सकते हैं क्‍या? मैं उन किसानों से बात करूंगा। हाथ ऊपर कीजिए, कौन करेंगे ये काम, सब किसानों से बात करेंगे। किसान के ही विषय की बात करेंगे।

देखिए, इससे आपका CSC Centre इतना powerful हो जाएगा, कि आप देश में तीन लाख सेंटर से देश का प्रधानमंत्री उस गांव को सीधी अपनी बात बता देगा और वहां लोग बैठेगें जैसे मैं कभी कह दूंगा कि भई मुझे टीकाकरण के पहले सब लोगों से बात करनी है। तो टीकाकरण को कितनी बड़ी ताकत मिल जाएगी। टीवी वगैरह के माध्‍यम से जानने की बजाय इसकी ताकत बहुत बढ़ जाती है। तो मैं चाहूंगा कि आप 20 तारीख को सुबह साढ़े नौ बजे अपने CSC Centre पर 50-100 किसान भाईयो-बहनों को लाकर के बिठाइए। मैं उनसे बात करूंगा, उनसे चर्चा करूंगा। कृषि के क्षेत्र में कैसे परिवर्तन आ रहा है। एक गांव का व्‍यक्ति भी उसका कैसे फायदा उठा सकता है, वो बाते मैं करना चाहता हूं। और मैं उनके अनुभव भी सुनना चाहता हूं।

तो दोस्‍तो मुझे आज बहुत अच्‍छा लगा। मेरे हिन्‍दुस्‍तान में जो बदलाव आ रहा है। जो बदलाव आप लोग ला रहे हैं और अपनी ऊंगली की ताकत से ला रहे हैं।

ये प्रगति, ये विश्‍वास, ये विकास, reform, perform, transform इसको साकार करने वाला है। मैं फिर एक बार आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, बहुत-बुहत धन्‍यवाद देता हूं। नमस्‍ते।

प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के लिए भेजें अपने विचार एवं सुझाव
मोदी सरकार के #7YearsOfSeva
Explore More
'चलता है' नहीं बल्कि बदला है, बदल रहा है, बदल सकता है... हम इस विश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ें: पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

'चलता है' नहीं बल्कि बदला है, बदल रहा है, बदल सकता है... हम इस विश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ें: पीएम मोदी
India creates history, vaccinates five times more than the entire population of New Zealand in just one day

Media Coverage

India creates history, vaccinates five times more than the entire population of New Zealand in just one day
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
गोवा देश का सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि ब्रांड इंडिया की भी एक सशक्त पहचान है : पीएम मोदी
September 18, 2021
साझा करें
 
Comments
उन्होंने वयस्क आबादी को पहली खुराक की शत-प्रतिशत कवरेज के लिए गोवा सरकार की सराहना की
उन्होंने इस अवसर पर श्री मनोहर पर्रिकर की सेवाओं को याद किया
गोवा ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का एक शानदार उदाहरण पेश किया है: प्रधानमंत्री
जन्मदिन तो बहुत आए और मैं हमेशा इन चीजों से दूर रहा हूं, लेकिन मेरी इतनी आयु में कल के दिन ने मुझे काफी भावुक कर दिया क्योंकि 2.5 करोड़ लोगों को टीके लगाए गए: प्रधानमंत्री
कल हर घंटे 15 लाख से ज्यादा खुराकें, हर मिनट 26 हजार से ज्यादा खुराकें और हर सेकेंड में 425 से ज्यादा खुराकें दी गईं: प्रधानमंत्री
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा के प्रतीक गोवा की हर उपलब्धि मुझे अपार खुशियों से भर देती है: प्रधानमंत्री
गोवा सिर्फ इस देश का एक राज्य भर नहीं है, बल्कि यह ब्रांड इंडिया की एक मजबूत निशानी भी है: प्रधानमंत्री

गोवा के ऊर्जावान और लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी, गोवा के सपूत श्रीपाद नायक जी, केंद्र सरकार में मंत्रिपरिषद की मेरी साथी डॉक्टर भारती …. पवार जी, गोवा के सभी मंत्रिगण, सांसद और विधायक गण, अन्य जन प्रतिनिधि, सभी कोरोना वॉरियर, भाइयों और बहनों!

गोंयच्या म्हजा मोगाल भावा बहिणींनो, तुमचे अभिनंदन.

आप सभी को श्री गणेश पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं। कल अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर हम सभी बप्पा को विदाई देंगे, हाथों में अनंत सूत्र भी बाधेंगे। अनंत सूत्र यानि जीवन में सुख-समृद्धि, लंबी आयु का आशीर्वाद।

मुझे खुशी है कि इस पावन दिन से पहले गोवा के लोगों ने अपने हाथों पर, बांह पर जीवन रक्षा सूत्र, यानि वैक्सीन लगवाने का भी काम पूरा कर लिया है। गोवा के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ये बहुत बड़ी बात है। इसके लिए गोवा के सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई।

साथियों,

गोवा एक ऐसा भी राज्य है, जहाँ भारत की विविधता की शक्ति के दर्शन होते हैं। पूर्व और पश्चिम की संस्कृति, रहन-सहन, खानपान, यहां एक ही जगह देखने को मिलता है। यहां गणेशोत्सव भी मनता है, दीपावली भी धूमधाम से मनाई जाती है और क्रिसमस के दौरान तो गोवा की रौनक ही और बढ़ जाती है। ऐसा करते हुए गोवा अपनी परंपरा का भी निर्वाह करता है। एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को निरंतर मजबूत करने वाले गोवा की हर उपलब्धि, सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरे देश को खुशी देती है, गर्व से भर देती है।

भाइयों और बहनों,

इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुझे अपने मित्र, सच्चे कर्मयोगी, स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर जी की याद आना स्वाभाविक है। 100 वर्ष के सबसे बड़े संकट से गोवा ने जिस प्रकार से लड़ाई लड़ी है, पर्रिकर जी आज हमारे बीच होते तो उनको भी आपकी इस सिद्धि के लिए, आपके इस achievement के लिए बहुत गर्व होता।

गोवा, दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान- सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन- की सफलता में अहम भूमिका निभा रहा है। बीते कुछ महीनों में गोवा ने भारी बारिश, cyclone, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ भी बड़ी बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। इन प्राकृतिक चुनौतियों के बीच भी प्रमोद सावंत जी के नेतृत्‍व में बड़ी बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। इन प्राकृतिक चुनौतियों के बीच कोरोना टीकाकरण की रफ्तार को बनाए रखने के लिए सभी कोरोना वॉरियर्स का, स्वास्थ्य कर्मियों का, टीम गोवा का, हर किसी का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

यहां अनेक साथियों ने जो अनुभव हमसे साझा किए, उनसे साफ है कि ये अभियान कितना मुश्किल था। उफनती नदियों को पार करके, वैक्सीन को सुरक्षित रखते हुए, दूर-दूर तक पहुंचने के लिए कर्तव्य भावना भी चाहिए, समाज के प्रति भक्ति भी चाहिए और अप्रतिम साहस की भी जरूरत लगती है। आप सभी बिना रुके, बिना थके मानवता की सेवा कर रहे हैं। आपकी ये सेवा हमेशा-हमेशा याद रखी जाएगी।

साथियों,

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास- ये सारी बातें कितने उत्‍तम परिणाम लाती हैं, ये गोवा ने, गोवा की सरकार ने, गोवा के नागरिकों ने, गोवा के कोरोना वॉरियर्स ने, फ्रंट लाइन वर्कर्स ने ये कर दिखाया है। सामाजिक और भौगोलिक चुनौतियों से निपटने के लिए जिस प्रकार का समन्वय गोवा ने दिखाया है, वो वाकई सराहनीय है। प्रमोद जी आपको और आपकी टीम को बहुत-बहुत बधाई। राज्य के दूर-सुदूर में बसे, केनाकोना सब डिविजन में भी बाकी राज्य की तरह ही तेज़ी से टीकाकरण होना ये इसका बहुत बड़ा प्रमाण है।

मुझे खुशी है कि गोवा ने अपनी रफ्तार को ढीला नहीं पड़ने दिया है। इस वक्त भी जब हम बात कर रहे हैं तो दूसरी डोज़ के लिए राज्य में टीका उत्सव चल रहा है। ऐसे ईमानदार, एकनिष्ठ प्रयासों से ही संपूर्ण टीकाकरण के मामले में भी गोवा देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। और ये भी अच्छी बात है कि गोवा ना सिर्फ अपनी आबादी को बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों, बाहर से आए श्रमिकों को भी वैक्सीन लगा रहा है।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, प्रशासन से जुड़े लोगों की भी सराहना करना चाहता हूं। आप सभी के प्रयासों से कल भारत ने एक ही दिन में ढाई करोड़ से भी अधिक लोगों को वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया है। दुनिया के बड़े-बड़े और समृद्ध और सामर्थ्यवान माने जाने वाले देश भी ऐसा नहीं कर पाए हैं। कल हम देख रहे थे कि कैसे देश टकटकी लगाए कोविन डैशबोर्ड को देख रहा था, बढ़ते हुए आंकड़ों को देखकर उत्साह से भर रहा था।

कल हर घंटे, 15 लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ है, हर मिनट 26 हजार से ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ, हर सेकेंड सवा चार सौ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगी। देश के कोने-कोने में बनाए गए एक लाख से ज्यादा वैक्सीनेशन सेंटर्स पर ये वैक्सीन लोगों को लगाई गई है। भारत की अपनी वैक्सीन, वैक्सीनेशन के लिए इतना बड़ा नेटवर्क, skilled manpower, ये भारत के सामर्थ्य को दिखाता है।

साथियों,

कल का आपको जो achievement है ना, वह पूरे विश्‍व में सिर्फ वैक्‍सीनेशन के आंकड़ों के आधार पर नहीं है, भारत के पास कितना सामर्थ्‍य है इसकी पहचान दुनिया को होने वाली है। और इसलिए इसका गौरवगान हर भारतीय का कर्तव्‍य भी है और स्‍वभाव भी होना चाहिए।

साथियो,

मैं आज मेरे मन की बात भी कहना चाहता हूं। जन्मदिन तो बहुत आए बहुत जन्‍मदिन गए पर मैं मन से हमेशा इन चीजों से अलिप्त रहा हूं, इन चीजों से मैं दूर रहा हूं। पर मेरी इतनी आयु में कल का दिन मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला था। जन्मदिन मनाने के बहुत सारे तरीके होते हैं। लोग अलग-अलग तरीके से मनाते भी हैं। और अगर मनाते हैं तो कुछ गलत करते हैं, ऐसा मानने वालों में मैं नहीं हूं। लेकिन आप सभी के प्रयासों की वजह से, कल का दिन मेरे लिए बहुत खास बन गया है।

मेडिकल फील्ड के लोग, जो लोग पिछले डेढ़-दो साल से दिन रात जुटे हुए हैं, अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना से लड़ने में देशवासियों की मदद कर रहे हैं, उन्होंने कल जिस तरह से वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बनाकर दिखाया है, वो बहुत बड़ी बात है। हर किसी ने इसमें बहुत सहयोग किया है। लोगों ने इसे सेवा से जोड़ा। ये उनका करुणा भाव, कर्तव्य भाव ही है जो ढाई करोड़ वैक्सीन डोज लगाई जा सकी।

और मैं मानता हूं, वैक्सीन की हर एक डोज, एक जीवन को बचाने में मदद करती है। ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों को इतने कम समय में, इतना बड़ा सुरक्षा कवच मिलना, बहुत संतोष देता है। जन्मदिन आएंगे, जाएंगे लेकिन कल का ये दिन मेरे मन को छू गया है, अविस्मरणीय बन गया है। मैं जितना धन्यवाद अर्पित करूं वो कम है। मैं हृदय से प्रत्येक देशवासी को नमन करता हूं, सभी का आभार जताता हूं।

भाइयों और बहनों,

भारत का टीकाकरण अभियान, सिर्फ स्वास्थ्य का सुरक्षा कवच ही नहीं है, बल्कि एक तरह से आजीविका की सुरक्षा का भी कवच है। अभी हम देखें तो हिमाचल, पहली डोज के मामले में 100 percent हो चुका है, गोवा 100 percent हो चुका है, चंडीगढ़ और लक्षद्वीप में भी सभी पात्र व्यक्तियों को पहली डोज लग चुकी है। सिक्किम भी बहुत जल्द 100 परसेंट होने जा रहा है। अंडमान निकोबार, केरला, लद्दाख, उत्तराखंड, दादरा और नगर हवेली भी बहुत दूर नहीं है।

साथियों,

ये बहुत चर्चा में नहीं आया लेकिन भारत ने अपने वैक्सीनेशन अभियान में टूरिज्म सेक्टर से जुड़े राज्यों को बहुत प्राथमिकता दी है। प्रारंभ में हमने कहा नहीं क्योंकि इस पर भी राजनीति होने लग जाती है। लेकिन ये बहुत जरूरी था कि हमारे टूरिज्म डेस्टिनेशंस जल्‍द से जल्‍द खुलें। अब उत्तराखंड में भी चार-धाम यात्रा संभव हो पाएगी। और इन सब प्रयासों के बीच, गोवा का 100 percent होना, बहुत खास हो जाता है।

टूरिज्म सेक्टर को revive करने में गोवा की भूमिका बहुत अहम है। आप सोचिए, होटल इंडस्ट्री के लोग हों, टैक्सी ड्राइवर हों, फेरी वाले हों, दुकानदार हों, जब सभी को वैक्सीन लगी होगी तो टूरिस्ट भी सुरक्षा की एक भावना लेकर यहां आएगा। अब गोवा दुनिया के उन बहुत गिने-चुने इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में शामिल हो चला है, जहां लोगों को वैक्सीन का सुरक्षा कवच मिला हुआ है।

साथियों,

आने वाले टूरिज्म सीज़न में यहां पहले की ही तरह टूरिस्ट एक्टिविटीज़ हों, देश के -दुनिया के टूरिस्ट यहां आनंद ले सकें, ये हम सभी की कामना है। ये तभी संभव है जब हम कोरोना से जुड़ी सावधानियों पर भी उतना ही ध्यान देंगे, जितना टीकाकरण पर दे रहे हैं। संक्रमण कम हुआ है लेकिन अभी भी इस वायरस को हमें हल्के में नहीं लेना है। safety और hygiene पर यहां जितना फोकस होगा, पर्यटक उतनी ही ज्यादा संख्या में यहां आएंगे।

साथियों,

केंद्र सरकार ने भी हाल में विदेशी पर्यटकों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। भारत आने वाले 5 लाख पर्यटकों को मुफ्त वीजा देने का फैसला किया गया है। ट्रैवल और टूरिज्म से जुड़े stakeholders को 10 लाख रुपए तक का लोन शत-प्रतिशत सरकारी गारंटी के साथ दिया जा रहा है। रजिस्टर्ड टूरिस्ट गाइड को भी 1 लाख रुपए तक के लोन की व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार आगे भी हर वो कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो देश के टूरिज्म सेक्टर को तेज़ी से आगे बढ़ाने में सहायक हों।

साथियों,

गोवा के टूरिज्म सेक्टर को आकर्षक बनाने के लिए, वहां के किसानों, मछुआरों और दूसरे लोगों की सुविधा के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर को डबल इंजन की सरकार की डबल शक्ति मिल रही है। विशेष रूप से कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर गोवा में अभूतपूर्व काम हो रहा है। 'मोपा' में बन रहा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट अगले कुछ महीनों में बनकर तैयार होने वाला है। इस एयरपोर्ट को नेशनल हाइवे से जोड़ने के लिए लगभग 12 हज़ार करोड़ रुपए की लागत से 6 लेन का एक आधुनिक कनेक्टिंग हाईवे बनाया जा रहा है। सिर्फ नेशनल हाईवे के निर्माण में ही बीते सालों में हज़ारों करोड़ रुपए का निवेश गोवा में हुआ है।

ये भी बहुत खुशी की बात है कि नॉर्थ गोवा को साउथ गोवा से जोड़ने के लिए 'झुरी ब्रिज' का लोकार्पण भी अगले कुछ महीनों में होने जा रहा है। जैसा कि आप भी जानते हैं, ये ब्रिज पणजी को 'मार्गो' से जोड़ता है। मुझे बताया गया है कि गोवा मुक्ति संग्राम की अनोखी गाथा का साक्षी 'अगौडा' फोर्ट भी जल्द ही लोगों के लिए फिर खोल दिया जाएगा।

भाइयों और बहनों,

गोवा के विकास की जो विरासत मनोहर पर्रिकर जी ने छोड़ी थी, उसको मेरे मित्र डॉ. प्रमोद जी और उनकी टीम पूरी लगन के साथ आगे बढ़ा रही है। आज़ादी के अमृतकाल में जब देश आत्मनिर्भरता के नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है तो गोवा ने भी स्वयंपूर्णा गोवा का संकल्प लिया है। मुझे बताया गया है कि आत्मनिर्भर भारत, स्वयंपूर्णा गोवा के इस संकल्प के तहत गोवा में 50 से अधिक components के निर्माण पर काम शुरु हो चुका है। ये दिखाता है कि गोवा राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए, युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर तैयार करने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।

साथियों,

आज गोवा सिर्फ कोविड टीकाकरण में अग्रणी नहीं है, बल्कि विकास के अनेक पैमानों में देश के अग्रणी राज्यों में है। गोवा का जो rural और urban क्षेत्र है, पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो रहा है। बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी गोवा में अच्छा काम हो रहा है। गोवा देश का ऐसा राज्य है जहां शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। हर घर नल से जल के मामले में तो गोवा ने कमाल ही कर दिया है। गोवा के ग्रामीण क्षेत्र में हर घर में नल से जल पहुंचाने का प्रयास प्रशंसनीय है। जल जीवन मिशन के तहत बीते 2 सालों में देश ने अब तक लगभग 5 करोड़ परिवारों को पाइप के पानी की सुविधा से जोड़ा है। जिस प्रकार गोवा ने इस अभियान को आगे बढ़ाया है, वो 'गुड गवर्नेंस' और 'ईज ऑफ लिविंग' को लेकर गोवा सरकार की प्राथमिकता को भी स्पष्ट करता है।

भाइयों और बहनों,

सुशासन को लेकर यही प्रतिबद्धता कोरोना काल में गोवा सरकार ने दिखाई है। हर प्रकार की चुनौतियों के बावजूद, केंद्र सरकार ने जो भी मदद गोवा के लिए भेजी, उसको तेज़ी से, बिना किसी भेदभाव के हर लाभार्थी तक पहुंचाने का काम गोवा की टीम ने किया है। हर गरीब, हर किसान, हर मछुआरे साथी तक मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। महीनों-महीनों से गोवा के गरीब परिवारों को मुफ्त राशन पूरी ईमानदारी के साथ पहुंचाया जा रहा है। मुफ्त गैस सिलेंडर मिलने से गोवा की अनेक बहनों को मुश्किल समय में सहारा मिला है।

गोवा के किसान परिवारों को पीएम किसान सम्मान निधि से करोड़ों रुपए सीधे बैंक अकाउंट में मिले हैं। कोरोना काल में ही यहां के छोटे किसानों को मिशन मोड पर किसान क्रेडिट कार्ड मिले हैं। यही नहीं गोवा के पशुपालकों और मछुआरों को पहली बार बड़ी संख्या में किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिली है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी गोवा में रेहड़ी-पटरी और ठेले के माध्यम से व्यापार करने वाले साथियों को तेज़ी से लोन देने का काम चल रहा है। इन सारे प्रयासों की वजह से गोवा के लोगों को, बाढ़ के दौरान भी काफी मदद मिली है।

भाइयों और बहनों,

गोवा असीम संभावनाओं का प्रदेश है। गोवा देश का सिर्फ एक राज्य भर नहीं है, बल्कि ब्रांड इंडिया की भी एक सशक्त पहचान है। ये हम सभी का दायित्व है कि गोवा की इस भूमिका को हम विस्तार दें। गोवा में आज जो अच्छा काम हो रहा है, उसमें निरतंरता बहुत आवश्यक है। लंबे समय बाद गोवा को राजनीतिक स्थिरता का, सुशासन का लाभ मिल रहा है।

इस सिलसिले को गोवा के लोग ऐसे ही बनाए रखेंगे, इसी कामना के साथ आप सभी को फिर से बहुत-बहुत बधाई। प्रमोद जी और उनकी पूरी टीम को बधाई।

सगल्यांक देव बरें करूं

धन्यवाद !