I thank all the people of Sarsawa for having joined the programme at such a short notice: PM
Uttar Pradesh has the potential to change the fortune of India: PM Modi
Govt of India is dedicated to the welfare of sugarcane farmers: PM
Congress' anti-poor mind-set and negative politics is responsible for their fall: PM
Congress has let down the spirit of democracy by not letting the Parliament function: PM
The more dirt is thrown at us, the more the Lotus will bloom: PM Narendra Modi
Govt at Centre is dedicated to development and welfare of entire nation: PM Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय  

मंच पर विराजमान केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी डॉ. संजीव बालियान जी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमान भूपेन्द्र सिंह जी, हमारे वरिष्ठ सांसद श्रीमान हुकुम सिंह जी, सांसद श्री राघव लखन पाल जी, और विशाल संख्या में आये हुए मेरे प्यारे भाईयों और बहनों

जब मैं 2014 में चुनाव अभियान चला रहा था तो बार-बार इस एयरपोर्ट पर आकर के जाना पड़ता था। आज मैं ऋषिकेश जा रहा था और सिर्फ 24 घंटे पहले तय किया कि मैं यहाँ उतर करके फिर जाऊंगा और 24 घंटे के भीतर-भीतर आपने जो पराक्रम किया है, ये जनसैलाब मैं देख रहा हूँ... चुनाव चलते हो, 15 दिन मेहनत की हो, तब भी इतनी बड़ी रैली कभी नहीं हो सकती। आपने गजब किया है। जब मुझे पूछा गया तो मैंने कहा कि ठीक है, 5 मिनट एयरपोर्ट के बाहर नमस्ते करके जाएंगे लेकिन इस दृश्य की तो मैंने कल्पना तक नहीं की थी; यहाँ आने के बाद मैं देख रहा हूँ। इस गर्मी में आप लोगों ने जो तपस्या की है, जो कष्ट उठाया है; मैं आपको सिर झुकाकर नमन करता हूँ।

उत्तरप्रदेश ने मुझे भरपूर प्यार दिया है और मेरा ये विश्वास है कि आने वाले दिनों में हिंदुस्तान का भाग्य भी उत्तरप्रदेश ही बदलने वाला है। अपार संभावनाओं से भरा हुआ प्रदेश है; विकास की नई उंचाईयों तक पहुँचने की ताकत रखने वाला ये प्रदेश है। आपने देखा होगा कि सरकार गाँव, गरीब, किसान, सबकी भलाई के लिए एक के बाद एक निर्णय करती चली जा रही है। दिल्ली में ये सरकार ऐसी है जो सिर्फ योजनाओं की घोषणा ही नहीं करती बल्कि योजनाओं को लागू करती है। हमारे इस इलाके में हमारे गन्ना किसान, उनपर जो बीतती है... हमने एक ऐसा निर्णय किया जिससे मिल मालिकों को तकलीफ़ हो रही है। हमने कहा कि हम 6000 करोड़ रूपये का पैकेज देंगे और सरकार ने 6000 करोड़ रूपये का पैकेज दिया लेकिन हमने कहा कि ये 6000 करोड़ रूपये जन-धन अकाउंट के द्वारा सीधे गन्ना किसानों तक पहुँचाओगे, तभी देंगे और अगर मिल वाले रखेंगे तो नहीं देंगे। मेरे गन्ना किसान के भाईयों-बहनों, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं बराबर इस बात पर लगा हूँ कि गन्ना किसान के पास पैसा पहुंचना चाहिए; सिर्फ सुगर मिल के लोगों के पास पैसा पड़ा रहे, ये पुराना कारोबार अब नहीं चलेगा।

हमने एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है और वह महत्वपूर्ण निर्णय है – चीनी को निर्यात करने का और इसमें जो मदद चाहिए होगी, हम वो मदद देंगे ताकि पैसे मिले और गन्ना किसानों को पैसे बांटे जा सकें। एक और महत्वपूर्ण निर्णय हमने किया है कि सालों से जो पेट्रोल लॉबी हुआ करती थी, वो करने नहीं देती थी अब हमने तय किया है कि पेट्रोल के अंदर 10% एथेनॉल मिलाया जाएगा। ये एथेनॉल सुगर केन (गन्ना) से निकलता है और हर दो साल के बाद जो मिलें बंद हो जाती हैं, किसान का गन्ना कोई लेता नहीं है; अब ये 10% गन्ना की खरीद होगी, गन्ने पर काम होगा और किसानों को लाभ मिलेगा। बहुत बड़ा फ़ैसला हमने किया है। पहले पेट्रोल लॉबी ये काम करने नहीं देती थी।

भाईयों-बहनों, हिंदुस्तान की पॉलिटिकल पार्टियां, सभी राज्य सरकारें...हमारी जब सरकार बनी थी तो उन्होंने आकर के कहा कि अगर हमारे राज्य का विकास करना है तो ये भूमि अधिग्रहण बिल की जो गलतियां हैं, उन्हें ठीक करना चाहिए, इसलिए इन गलतियों को जरा ठीक कर दीजिए। भारत सरकार राजनीतिक तरीकों से नहीं सोच सकती, भारत सरकार राजनीतिक तराजू से हर चीज को नहीं तौल सकती। अब जब सभी राज्यों ने कहा, आग्रह किया और इसका दवाब डाला तो हमने कहा कि ठीक है, जो गलतियाँ हैं, हम उन्हें ठीक करेंगे। हम संसद में गए और अचानक जिनकी सरकारें कहती थी कि ये करो, उनके मुखियाओं ने मुंह फेर लिया। किसान को जो ज्यादा मुआवजा मिलना चाहिए, वो मामला दिसम्बर से लेकर अब तक लटका रहा।

मेरे किसान भाईयों-बहनों, अभी 15 दिन पहले हमने निर्णय कर दिया कि जिन 13 कानूनों में किसान को पूरा मुआवजा नहीं मिलता था, अब पूरा मुआवजा देने का निर्णय सरकार ने कर दिया। इस बार दलहन में हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ा दिया। उसका परिणाम ये हुआ है कि आज देश को दलहन विदेशों से लाना पड़ता है... हमने एमएसपी घोषित कर ज्यादा पैसा देना तय किया। मैं आज देश के किसानों के सामने सर झुकाना चाहता हूँ, नमन करना चाहता हूँ कि पहले से 110% उन्होंने दलहन में बढ़ोतरी कर दी और गरीब से गरीब व्यक्ति को दलहन मिले, इसलिए हमारे किसानों ने इस बार फसल में 110% काम किया है; मैं किसानों का अभिनंदन करना चाहता हूँ।

भाईयों-बहनों, आप जानते हैं कि दिल्ली में काम करने वाली सरकार है, तेज गति से काम करने वाली सरकार है। एक के बाद एक फैसले लेकर के लागू करने वाली सरकार है। लेकिन जो 400 से 40 पर आ गए हैं, ये अभी अपना पराजय पचा नहीं पा रहे हैं। इनको तो लगता है कि दिल्ली की गाड़ी तो इस देश की जनता ने उनके नाम लिखकर दी है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी एक ही परिवार देश चलाएगा, यही उनलोगों ने मान लिया है। वे मानते हैं कि दिल्ली की गद्दी पर उनका हक़ है। वे लोकतंत्र को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनको अभी तक पता नहीं चल रहा है और उनके दिमाग में इतना गुस्सा भरा है कि देश की जनता ने उन्हें हराया क्यों; देश की जनता ने उन्हें 400 से 40 पर लाकर खड़ा क्यों कर दिया।

मां को गुस्सा इसलिए आता है कि बेटा रह गया और बेटे को गुस्सा इसलिए आ रहा है कि हम इतने पढ़े-लिखे लोग, अंग्रेजी बोलने वाले लोग, दुनिया भर में बचपन से घूमने वाले लोग और ये चाय वाला; ये चाय वाला बैठ गया। वो ये पचा नहीं पा रहे हैं कि गरीब का बेटा दिल्ली की गद्दी पर तो क्या दिल्ली की गलियों में भी आये तो ये देखने के लिए तैयार नहीं हैं। इनकी जो ये गरीब विरोधी मानसिकता है, ये उसी का परिणाम है। आज भी देश की जनता ने जो फैसला किया है, चुनाव में जो निर्णय किया है, उसको स्वीकारने के लिए उनका मन तैयार नहीं है।

मैं कभी सोचता था कि 1975 में श्रीमती इंदिरा गाँधी की सीट चली गई, उनको प्रधानमंत्री पद छोड़ने की नौबत आ गई और आपने उनको अयोग्य घोषित कर दिया तो गुस्से में आकर उन्होंने आपातकाल घोषित कर दी; ऐसा मुझे लगता था। कुर्सी बचाने के लिए गुस्से में आकार के आपातकाल लाई होगी, लोगों को जेल में बंद कर दिया होगा लेकिन अब मुझे लगता है कि इनकी रगों में और इनके स्वभाव में सामंतशाही पड़ी हुई है और इसलिए ये किसी को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं, लोकतंत्र को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं, जनता-जनार्दन के आदेश को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

राजनीति में आदरणीय मुलायम सिंह जी भी हैं, मुलायम सिंह जी हमारे विरोधी हैं लेकिन उसके बावजूद वे लोकतंत्र की इज्ज़त करते हैं। संसद चले इसके लिए मुलायम सिंह जी रात-रात मेहनत करते रहे लेकिन इनलोगों ने संसद चलने नहीं दी। विरोध तो मुलायम सिंह जी हमारा करते हैं; मोदी की जितनी आलोचना हो सकती है, वे करते हैं लेकिन जब संसद और लोकतंत्र की बात आई तो मुलायम सिंह जी भी संसद के अन्दर संसद के नियमों, इसकी परंपरा और इसके मूल्यों के लिए खड़े हो गए। यही तो लोकतंत्र की ताकत होती है लेकिन ये हैं कि मानते नहीं। ये लोकतंत्र को मानते नहीं, ये अपने पराजय को मानते नहीं, ये किसी के विजय को मानते नहीं।

भाईयों-बहनों, 125 साल पुरानी आज देश के लोकतंत्र के लिए खतरा बनी हुई है। ये लोकतंत्र को मानने और चलने देने के लिए तैयार नहीं है। मैं कांग्रेस के नेताओं को चेतावनी देना चाहता हूँ कि देश की जनता ने आपको नकार क्यों दिया, उसका आप आत्मचिंतन करो; 400 से 40 कैसे हो गए, इसका घर में बैठकर हिसाब करो, मोदी को गाली देने से 40 से बढ़ नहीं सकते। कांग्रेस पार्टी की नकारात्मक और विरोधियों को ख़त्म करने की राजनीति... यही कांग्रेस को आज महंगा पड़ रहा है। उन्होंने संसद चलने नहीं दी, एक काम होने नहीं दिया, देश का पैसा बर्बाद किया, चुनी हुई सरकार और लोकतंत्र को अपमानित किया और ये सब करने के बाद पाया क्या? मध्यप्रदेश में चुनाव हुआ अभी, कुछ महीनों पहले चुनाव हुआ और उसमें कांग्रेस पार्टी साफ हो गई। अभी राजस्थान में चुनाव हुआ और वहां भी कांग्रेस पार्टी साफ हो गई। स्थानीय निकायों के चुनाव हार गए और बेंगुलुरु में चुनाव हुआ, वहां भी बुरे हाल हो गए उनके। और इसलिए कानून तोड़-मरोड़ करके बेंगुलुरु पर कब्ज़ा करने का षडयंत्र किया गया।

भाईयों-बहनों, अब देश बदल चुका है, नौजवान जाग चुका है। अब हिंदुस्तान का नौजवान नकारात्मक राजनीति को स्वीकार नहीं करता है। अगर कांग्रेस पार्टी जनता के दिलों में जगह बनाना चाहती है तो सकारात्मक राजनीति करे, अपनी लकीर लंबी करे, जनता के लिए चार अच्छे काम करे; ये लोकतंत्र है, जनता आपको माफ़ कर सकती है लेकिन अगर नकारात्मक राजनीति करोगे तो जितनी ज्यादा करोगे... मैंने चुनाव में इस परिवार को कहा था कि बहुत हो चुका... “जितना ज्यादा कीचड़ उछालोगे, उतना ही ज्यादा कमल खिलेगा” और इसलिए आईये, हम जन-जन तक पहुंचें; सकारात्मक राजनीति पर बल दें; गरीबों के कल्याण के लिए काम करें; भारत सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाएं, चाहे बीमा का काम हो, चाहे अटल पेंशन योजना हो, चाहे जन-धन योजना हो, चाहे गरीबों को देने वाले गैस सिलिंडर हों; हर गरीब की भलाई के काम में हमारा कार्यकर्ता जुड़ जाए और देश के सामान्य लोगों के जीवन में बदलाव आए, इसके लिए पूरी ताकत लगाएं। मैं फिर एक बार आप सबका ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ। 24 घंटे से भी कम समय में आपने ये जिस शक्ति का परिचय करवाया, ये जनसैलाब का जो दर्शन मुझे करवाया है, इतनी बड़ी तादाद में आकर के आपने जो आशीर्वाद दिये हैं, मैं फिर एक बार उत्तरप्रदेश और यहाँ की जनता को नमन करता हूँ।   

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

बहुत-बहुत धन्यवाद!

Explore More
শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ

জনপ্রিয় ভাষণ

শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ
In Photos: PM Narendra Modi Prays At Kashi Vishwanath, Holds Trishul-Damru

Media Coverage

In Photos: PM Narendra Modi Prays At Kashi Vishwanath, Holds Trishul-Damru
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
উত্তর প্রদেশের হরদোই-এ গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের উদ্বোধনী অনুষ্ঠানে প্রধানমন্ত্রীর ভাষণ
April 29, 2026
This transformative infrastructure project will boost connectivity and drive progress across Uttar Pradesh: PM
Just as Maa Ganga has been the lifeline of UP and this country for thousands of years, similarly, in this era of modern progress, this expressway passing near her, will become the new lifeline of UP's development: PM
Recently, I had the opportunity to dedicate the Delhi-Dehradun Expressway to the nation.
I had then remarked that these emerging expressways are the lifelines shaping the destiny of a developing India, and these modern pathways are today heralding India's bright future: PM
Ganga Expressway will not only connect one end of UP to the other, it will also bring limitless possibilities of the NCR closer: PM

ভারত মাতার জয়।

 

মা গঙ্গার জয় ।

 

মা গঙ্গার জয় ।

 

মা গঙ্গার জয় । 

 

উত্তরপ্রদেশের রাজ্যপাল আনন্দীবেন প্যাটেল, মুখ্যমন্ত্রী শ্রী যোগী আদিত্যনাথজি, উপ-মুখ্যমন্ত্রী কেশব প্রসাদ মৌর্যজি, ব্রিজেশ পাঠকজি, কেন্দ্রীয় মন্ত্রিসভায় আমার সহকর্মী জিতিন প্রসাদজি, পঙ্কজ চৌধুরীজি, উত্তরপ্রদেশ সরকারের মন্ত্রী্রা, সাংসদ ও বিধায়করা, অন্যান্য জনপ্রতিনিধিরা এবং আমার প্রিয় ভাই ও বোনেরা, যাঁরা বিপুল সংখ্যায় এখানে সমবেত হয়েছেন। 

সবার প্রথমে, আমি ভগবান নরসিংহের এই পবিত্র ভূমিতে শ্রদ্ধা নিবেদন করি। মা গঙ্গা এখান দিয়ে বয়ে গেছেন। মাত্র কয়েক কিলোমিটার দূরেই তাঁর আশীর্বাদ বর্ষিত হচ্ছে। তাই, এই পুরো অঞ্চলটি কোনো তীর্থস্থানের চেয়ে কম নয়। আমি বিশ্বাস করি উত্তর প্রদেশকে দেওয়া এক্সপ্রেসওয়ের উপহারটিও মা গঙ্গারই একটি আশীর্বাদ। এখন, আপনারা মাত্র কয়েক ঘণ্টার মধ্যেই সঙ্গমে যেতে পারবেন এবং কাশীতে বাবার দর্শন সেরে ফিরেও আসতে পারবেন। 

 

বন্ধুগণ, 

 

হাজার হাজার বছর ধরে মা গঙ্গা যেমন উত্তর প্রদেশ এবং এই দেশের জীবনরেখার ভূমিকা পালন করছেন, তেমনি এই আধুনিক উন্নয়নের যুগে তাঁর পাশ দিয়ে যাওয়া এই এক্সপ্রেসওয়েটি উত্তর প্রদেশের বিকাশের জন্য একটি নতুন লাইফলাইন হয়ে উঠবে। কাকতালীয় ভাবে, গত চার-পাঁচ দিন ধরে আমি মা গঙ্গার সান্নিধ্যে রয়েছি। ২৪শে এপ্রিল, যখন আমি বাংলায় ছিলাম, তখন মা গঙ্গার দর্শন করেছিলাম, এবং তারপর গতকাল ছিলাম কাশীতে। আজ সকালে আবারও বাবা বিশ্বনাথ, মা অন্নপূর্ণা এবং মা গঙ্গার দর্শনের সৌভাগ্য আমার হয়েছে। আর এখন মা গঙ্গার নামাঙ্কিত এই এক্সপ্রেসওয়েটি উদ্বোধন করার সুযোগ পেয়েছি। উত্তর প্রদেশ সরকার এই এক্সপ্রেসওয়েটির নামকরণ মা গঙ্গার নামে করেছে, এর জন্য আমি আনন্দিত। এটি আমাদের উন্নয়নের স্বপ্নর প্রতিফলন। আমাদের ঐতিহ্যও এর মাধ্যমে প্রকাশিত হয়। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের জন্য আমি উত্তর প্রদেশের লক্ষ লক্ষ মানুষকে অভিনন্দন জানাই। 

 

বন্ধুরা,

 

গণতন্ত্রের উৎসবের নিরীখেও আজ একটি গুরুত্বপূর্ণ দিন। বাংলায় এখন দ্বিতীয় দফার ভোটগ্রহণ চলছে এবং যে খবর আমরা পাচ্ছি , তাতে জানা যাচ্ছে এবার ভোটারদের উপস্থিতি অনেক বেশি। প্রথম পর্বের মতোই, মানুষ দলে দলে ভোট দিতে বাড়ি থেকে আসছেন; সামাজিক মাধ্যমগুলিতে দীর্ঘ লাইনের ছবি ছড়িয়ে পড়ছে। বাংলায় ভোটগ্রহণ হচ্ছে এক ভয়মুক্ত পরিবেশে, যা গত ছয়-সাত দশকে অকল্পনীয় ছিল। মানুষ নির্ভয়ে ভোট দিচ্ছেন। এটি দেশের সংবিধান এবং শক্তিশালী গণতন্ত্রের পবিত্র প্রতীক। নিজেদের অধিকারের প্রতি সচেতন হয়ে বিপুল সংখ্যায় ভোট দেওয়ার জন্য আমি বাংলার মহান জনসাধারণকে কৃতজ্ঞতা জানাই। ভোটগ্রহণ শেষ হতে এখনও বেশ কয়েক ঘন্টা বাকি। আমি বাংলার জনগণকে গণতন্ত্রের এই উৎসবে সমান উৎসাহে অংশগ্রহণ করার জন্য আহ্বান জানাচ্ছি।

 

বন্ধুগণ,  

 

কিছুদিন আগে বিহারে অনুষ্ঠিত নির্বাচনে বিজেপি-এনডিএ বিপুল ভোটে জয়লাভ করে ইতিহাস সৃষ্টি করেছে। গতকালই গুজরাটের পুর নিগম, পৌরসভা, জেলা পঞ্চায়েত, টাউন কাউন্সিল এবং ব্লক স্তরে পঞ্চায়েত নির্বাচনের ফলাফল ঘোষিত হয়েছে। আর আপনারা, উত্তর প্রদেশে আমার সহনাগরিকরা, এটা জেনে আনন্দিত হবেন যে বিজেপি ৮০ থেকে ৮৫ শতাংশ পৌরসভা ও পঞ্চায়েতে জয়লাভ করেছে। এই পাঁচটি রাজ্য নির্বাচনেও বিজেপি ঐতিহাসিক বিজয়ের হ্যাটট্রিক অর্জন করবে সেই বিশ্বাস আমার রয়েছে। ৪ঠা মে-র ফলাফল বিকশিত ভারত গড়ার সংকল্পকে আরও শক্তিশালী করবে এবং দেশের উন্নয়নে নতুন উৎসাহের সঞ্চার করবে। 

 

বন্ধুগণ,  

দেশের দ্রুত উন্নয়নের জন্য আমাদের দ্রুততার সঙ্গে আধুনিক পরিকাঠামোও তৈরি করতে হবে। ২০২১ সালের ডিসেম্বরে আমি গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের শিলান্যাস করতে শাহজাহানপুরে এসেছিলাম। আপনারা দেখছেন, উত্তর প্রদেশের দীর্ঘতম গ্রিন করিডোর এক্সপ্রেসওয়ে, এবং দেশের অন্যতম বৃহত্তম এক্সপ্রেসওয়ে তৈরির কাজ, পাঁচ বছরের মধ্যেই শেষ হয়েছে। শীঘ্রই গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে মিরাট ছাড়িয়ে হরিদ্বার পর্যন্ত সম্প্রসারিত হবে। এর সুবিধা যাতে অন্যরাও পান, তার জন্য, ফারুখাবাদ লিঙ্ক এক্সপ্রেসওয়ে তৈরি করা হবে, যা এটিকে অন্যান্য এক্সপ্রেসওয়ের সঙ্গে যুক্ত করবে। এটিই ডাবল-ইঞ্জিন সরকারের স্বপ্ন! এই গতিতেই বিজেপি সরকার কাজ করে! এটিই বিজেপি সরকারের কাজ করার ধরণ! আজ হারদোইতে এর উদ্বোধন করা হচ্ছে। আবার গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের নির্মাণকাজ সম্পন্ন হওয়ার পাশাপাশি এর সম্প্রসারণ পরিকল্পনার কাজও শুরু হয়ে গেছে। 

ভাই ও বোনেরা, 

মাত্র কিছুদিন আগে দিল্লি-দেরাদুন এক্সপ্রেসওয়ে উদ্বোধন করার সুযোগ আমার হয়েছিল। আমি তখন বলেছিলাম , এই নবনির্মিত এক্সপ্রেসওয়েগুলো উন্নয়নশীল ভারতের হস্তরেখার মতো, এই আধুনিক হস্তরেখাগুলো ভারতের উজ্জ্বল ভবিষ্যতের সূচনা করছে। 

বন্ধুগণ, 

এখন আর সেই দিন আর নেই যখন একটা রাস্তার জন্য দশকের পর দশক অপেক্ষা করতে হতো! একবার ঘোষণা করা হলে, ফাইলগুলো বছরের পর বছর পড়ে থাকত! নির্বাচনের আগে শিলান্যাস হত, আর তারপর সরকার আসত আর যেত, কিন্তু কোনো কাজই হতো না। কখনও কখনও, পুরোনো ফাইল খুঁজে বের করতে ঊর্ধ্বতন কর্মকর্তাদের বছর দুয়েক লেগে যেত।  

 

বন্ধুগণ,  

 

ডাবল-ইঞ্জিন সরকারের সময়ে নির্ধারিত সময়ের মধ্যেই প্রকল্পের শিলান্যাস ও উদ্বোধন হয়। তাই, আজ যদি উত্তরপ্রদেশের এক্সপ্রেসওয়েগুলোর চেয়েও দ্রুতগামী কিছু থেকে থাকে, তবে তা হলো এই রাজ্যের উন্নয়নের গতি।

বন্ধুগণ,  

এই এক্সপ্রেসওয়েটি শুধু একটি হাইস্পিড রাস্তা নয়। এটি নতুন সম্ভাবনা, স্বপ্ন এবং সুযোগের প্রবেশদ্বার। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে প্রায় ৬০০ কিলোমিটার লম্বা। পশ্চিম উত্তর প্রদেশের মিরাট, বুলন্দশহর, হাপুর, আমরোহা, সম্ভল ও বাদাউন; মধ্য উত্তর প্রদেশের শাহজাহানপুর, হারদোই, উন্নাও ও রায়বেরেলি; এবং পূর্ব উত্তর প্রদেশের প্রতাপগড় ও প্রয়াগরাজসহ পার্শ্ববর্তী জেলাগুলিতে যোগাযোগ তৈরি করে গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে এই অঞ্চলের লক্ষ লক্ষ মানুষের জীবন বদলে দেবে।

 

বন্ধুগণ,  

এই অঞ্চল গঙ্গা নদী ও তার উপনদীগুলোর উর্বর মাটিতে আশীর্বাদপুষ্ট। কিন্তু পূর্ববর্তী সরকারগুলোর অবহেলার কারণে এখানকার কৃষকরা চরম দুর্দশার সম্মুখীন হতেন! তাদের ফসল প্রধান বাজারগুলোতে পৌঁছাতে পারছিল না। হিমঘরের অভাব ছিল, সরবরাহ ব্যবস্থা ছিল অপর্যাপ্ত, এবং কৃষকরা তাদের কঠোর পরিশ্রমের ন্যায্য মূল্য পেতেন না। এখন, সেই অসুবিধাগুলো দ্রুত সমাধান হয়ে যাবে। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের মাধ্যমে কম সময়ে প্রধান বাজারগুলোতে পৌছে যাবার সুযোগ তৈরি হবে। এখানে কৃষির জন্য প্রয়োজনীয় পরিকাঠামো গড়ে তোলা সম্ভব হবে। এতে আমাদের কৃষকদের আয় বাড়বে।  

বন্ধুগণ,  

গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে শুধু উত্তরপ্রদেশের এক প্রান্তকে অন্য প্রান্তের সঙ্গে যুক্ত করবে না, এটি এনসিআর অর্থাৎ জাতীয় রাজধানী অঞ্চলের বিপুল সম্ভাবনাকে আরও কাছে নিয়ে আসবে। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ের ওপর দিয়ে গাড়ি চলাচল করবে এবং এর দুই পাশে নতুন শিল্পের সুযোগ তৈরি হবে। এর জন্য হারদোইয়ের মতো জেলাগুলিতে শিল্প করিডোর গড়ে তোলা হচ্ছে। হারদোই, শাহজাহানপুর, উন্নাও সহ ১২টি জেলাতেই নতুন শিল্প আসবে। ওষুধ, বস্ত্রের মতো বিভিন্ন শিল্পের ক্লাস্টার গড়ে উঠবে। যুবসম্প্রদায়ের জন্য কর্মসংস্থানের নতুন সুযোগও তৈরি হবে। 

 

বন্ধুগণ,

মুদ্রা যোজনা এবং ওডিওপি-র মতো প্রকল্পের ফলে আমাদের যুবসমাজ নতুন নতুন রেকর্ড গড়ছে। এখানে ক্ষুদ্র শিল্প এবং অতি ক্ষুদ্র, ক্ষুদ্র ও মাঝারী শিল্পোদ্যোগ-কে উৎসাহিত করা হচ্ছে। উন্নত যোগাযোগ ব্যবস্থার ফলে এই উদ্যোগগুলির জন্যও নতুন নতুন সুযোগ তৈরি হবে। মিরাটের ক্রীড়া শিল্প, সম্ভলের হস্তশিল্প, বুলন্দশহরের মৃৎশিল্প, হরদোইয়ের তাঁতশিল্প, উন্নাওয়ের চর্মশিল্প, প্রতাপগড়ের আমলকী থেকে উৎপাদিত সামগ্রী —এ সবই দেশ বিদেশের বাজারে পৌঁছাবে। এর ফলে লক্ষ লক্ষ পরিবারের আয় বাড়বে। বলুন তো, পূর্ববর্তী সমাজবাদী পার্টির সরকারের আমলে কেউ কি ভেবেছিলেন, হরদোই এবং উন্নাওয়ের মতো জেলায় শিল্প করিডোর তৈরি হবে? কেউ কি কখনো ভেবেছিলেন, আমাদের হরদোইয়ের মধ্যে দিয়ে একটি এক্সপ্রেসওয়ে যাবে? এই কাজ শুধুমাত্র বিজেপি সরকারের আমলেই সম্ভব।  

বন্ধুগণ, 

একসময় উত্তর প্রদেশকে একটি অনগ্রসর এবং “বিমারু” রাজ্য বলা হতো। সেই উত্তর প্রদেশই আজ ১ লক্ষ কোটি ডলারের অর্থনীতি হওয়ার পথে এগিয়ে চলেছে। এটি অনেক বড় এক লক্ষ্য। কিন্তু এর পেছনে রয়েছে সমানভাবে নানা উদ্যোগ গ্রহণ। কারণ উত্তর প্রদেশের রয়েছে বিপুল সম্ভাবনা। দেশের বিপুল যুবক যুবতীর সম্ভাবনা রয়েছে উত্তর প্রদেশে। আমরা এই শক্তিকে কাজে লাগিয়ে উত্তর প্রদেশকে একটি উৎপাদন কেন্দ্র হিসেবে গড়ে তুলছি। উত্তর প্রদেশে নতুন শিল্প ও কারখানা গড়ে উঠবে। যখন এখানে বড় আকারের বিনিয়োগ হবে, কেবল তখনই অর্থনৈতিক বিকাশের দরজা খুলবে এবং যুবসম্প্রদায়ের জন্য কর্মসংস্থানের সুযোগ তৈরি হবে। 

 

ভাই ও বোনেরা,   

এই পরিকল্পনাগুলি বাস্তবায়নের জন্য সাম্প্রতিক বছরগুলোতে নিরন্তর কাজ করা হচ্ছে। আপনারা নিজেরাই বুঝতে পারছেন, যে উত্তর প্রদেশ থেকে আগে সকলে কাজের খোজে অন্য জায়গায় চলে যেতেন, আজ তা বিনিয়োগকারীদের সম্মেলন এবং শিল্প করিডোরের জন্য পরিচিতি লাভ করছে। উত্তর প্রদেশে বিনিয়োগকারী সম্মেলনে দেশ ও বিশ্বের বিভিন্ন কোম্পানি আসে। উত্তর প্রদেশে হাজার হাজার কোটি টাকা বিনিয়োগ করা হচ্ছে। আজ যদি ভারত বিশ্বের দ্বিতীয় বৃহত্তম মোবাইল নির্মাতা হয়, তবে এতে উত্তর প্রদেশের বড় অবদান রয়েছে। ভারত আজ যত মোবাইল তৈরি করছে, তার অর্ধেকই আমাদের উত্তর প্রদেশে তৈরি হচ্ছে। মাত্র কয়েক সপ্তাহ আগে, আমি নয়ডায় একটি সেমিকন্ডাক্টর প্ল্যান্টের শিলান্যাস করেছি। 

 

বন্ধুগণ, 

আপনারা সকলেই জানেন, এআই-এর এই যুগে সেমিকন্ডাক্টর একটি বিরাট ক্ষেত্র হয়ে উঠছে। উত্তর প্রদেশ এক্ষেত্রেও নেতৃত্ব দিচ্ছে। ভবিষ্যতে এই রাজ্যের মানুষের জন্য প্রচুর সুযোগ-সুবিধা তৈরি হবে। 

 

বন্ধুগণ, 

আজ উত্তর প্রদেশের শিল্পোন্নয়ন ভারতের কৌশলগত শক্তিতে পরিণত হচ্ছে। বর্তমানে দেশের দুটি প্রতিরক্ষা করিডোরের মধ্যে একটি উত্তর প্রদেশে । বড় বড় প্রতিরক্ষা সরঞ্জাম উৎপাদনকারী সংস্থাগুলো এখানে তাদের কারখানা স্থাপন করছে। বিশ্বজুড়ে স্বীকৃত ব্রাহমোসের মতো ক্ষেপণাস্ত্র আজ উত্তর প্রদেশেই তৈরি হচ্ছে। প্রতিরক্ষা সরঞ্জাম তৈরির জন্য প্রয়োজনীয় ছোট ছোট যন্ত্রাংশ সরবরাহ করছে অতি ক্ষুদ্র, ক্ষুদ্র ও মাঝারি শিল্প উদ্যোগ বা এমএসএমই। এতে উত্তর প্রদেশের এমএসএমই ক্ষেত্র প্রভূত লাভবান হচ্ছে। এমনকি ছোট ছোট জেলার যুবসম্প্রদায়ও এখন বড় শিল্পের সঙ্গে যুক্ত হওয়ার স্বপ্ন দেখতে পারেন।  

 

বন্ধুগণ,   

আজ উত্তর প্রদেশ এত দ্রুত উন্নতি করছে কারণ ইউপি পুরনো রাজনীতি বদলে একটি নতুন পরিচয় তৈরি করেছে। মনে রাখবেন, একটা সময় ছিল যখন ইউপি মানেই ছিল রাস্তার গর্ত। আজ সেই ইউপিই দেশের সবচেয়ে বেশি এক্সপ্রেসওয়ের রাজ্যে পরিণত হয়েছে। আগে পার্শ্ববর্তী জেলাগুলিতে যাওয়াও খুব ঝামেলার ছিল। কিন্তু আজ উত্তর প্রদেশে ২১টি বিমানবন্দর রয়েছে, যার মধ্যে ৫টি আন্তর্জাতিক বিমানবন্দর। এখন নয়ডা আন্তর্জাতিক বিমানবন্দরেরও উদ্বোধন হয়ে গেছে। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে থেকে নয়ডা আন্তর্জাতিক বিমানবন্দর মাত্র কয়েক ঘণ্টার দূর।  

 

ভাই ও বোনেরা,  

আমাদের উত্তর প্রদেশ ভগবান রাম ও ভগবান কৃষ্ণের ভূমি। কিন্তু পূর্ববর্তী সরকারগুলির অপকর্মের জন্য উত্তর প্রদেশ অপরাধ ও জঙ্গলরাজের মাধ্যমে পরিচিত হত। উত্তর প্রদেশের মাফিয়াদের নিয়ে সিনেমা তৈরি হত। কিন্তু এখন উত্তর প্রদেশের আইন-শৃঙ্খলা পরিস্থিতি সারা দেশে উদাহরণ হিসেবে তুলে ধরা হয়।

 

ভাই ও বোনেরা, 

সমাজবাদী পার্টির সদস্যদের হাত থেকে সম্পদ বণ্টনের ক্ষমতা চলে গেছে, তাই তারা উত্তর প্রদেশের এই বিকাশ পছন্দ করছেন না। তারা উত্তর প্রদেশকে আবার পুরনো যুগে ফিরিয়ে নিয়ে যেতে চান। তারা আবারও সমাজকে বিভক্ত করতে চান।

 

বন্ধুগণ,  

 

সমাজবাদী পার্টি যেমন উন্নয়ন-বিরোধী, একই ভাবে মহিলা-বিরোধীও । সম্প্রতি দেশ আবারও এসপি এবং কংগ্রেসের মতো দলগুলোর আসল চেহারা দেখেছে। কেন্দ্রে এনডিএ সরকার সংসদে নারী শক্তি বন্দন সংশোধনী এনেছিল। এই সংশোধনীটি পাশ হলে, ২০২৯ সালের নির্বাচন থেকেই বিধানসভা এবং লোকসভায় মহিলাদের জন্য সংরক্ষণের সুযোগ তৈরি হত! আমাদের অনেক মা ও বোন দিল্লি এবং লখনৌতে পৌঁছে সাংসদ ও বিধায়ক হতেন। সেটিও আবার অন্য কোনো শ্রেণীর আসন না কমিয়েই! কিন্তু সমাজবাদী পার্টি —এসপি এই সংশোধনী বিলের বিরুদ্ধে ভোট দিয়েছে।    

 

বন্ধুগণ, 

 

এই বিলটি সব রাজ্যেও আসন সংখ্যা বাড়িয়ে দিত। আমরা সংসদে স্পষ্টভাবে বলেছিলাম , সব রাজ্যে আসন সংখ্যা একই অনুপাতে বাড়বে। কিন্তু ডিএমকে-র মতো দল, যারা উত্তরপ্রদেশকে কটু কথা বলে রাজনীতি করে, তারা আপত্তি জানিয়েছিল যে উত্তরপ্রদেশের আসন কেন বাড়বে। দেখুন, সমাজবাদী পার্টিও সংসদে একই সুরে কথা বলছিল। এই এসপি সদস্যরা এখান থেকে আপনাদের ভোট নেয়, আর সংসদে তাদের পক্ষ নেয় যারা উত্তরপ্রদেশের মানুষকে গালি দেয়। এই কারণেই উত্তরপ্রদেশের মানুষ বলেন, সমাজবাদী পার্টি কখনও উন্নতি করতে পারবে না। এই লোকেরা সবসময় মহিলা-বিরোধী রাজনীতি করবে। তারা সবসময় তোষণ এবং অপরাধীদের পক্ষ নেবে। এসপি কখনও পরিবারতন্ত্র এবং জাতপাতের রাজনীতির ঊর্ধ্বে উঠতে পারবে না। তারা সবসময় উন্নয়ন-বিরোধী রাজনীতি করবে। উত্তরপ্রদেশকে অবশ্যই এসপি এবং তার সহযোগীদের বিষয়ে সতর্ক থাকতে হবে। 

বন্ধুগণ, 

   

আজ দেশ একটি সংকল্প নিয়ে এগিয়ে চলেছে—বিকশিত ভারত গড়ার সংকল্প! এই সংকল্প পূরণে উত্তর প্রদেশের একটি অত্যন্ত বড় ভূমিকা রয়েছে। আপনারা দেখছেন, আজ সমগ্র বিশ্ব যুদ্ধ, অশান্তি এবং অস্থির এক পরিস্থিতির মধ্যে রয়েছে। বিশ্বের বড় বড় দেশগুলিতে অবস্থা বেশ খারাপ। কিন্তু ভারত ঠিক একই গতিতে উন্নয়নের পথে এগিয়ে চলেছে। বাইরের শত্রুদের জন্য এটা পছন্দের নয়। দেশের মধ্যে থাকা ক্ষমতালোভী কিছু মানুষও ভারতকে ছোট করার চেষ্টা করছে। তবুও, আমরা কেবল সুরক্ষিতই নই, উন্নয়নের নতুন রেকর্ডও তৈরি করছি। আমরা আত্মনির্ভর ভারতের অভিযানকে বাস্তবায়িত করছে। আমরা সবচেয়ে আধুনিক পরিকাঠামো নির্মাণ করছি। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে এই পথে আরও একটি শক্তিশালী পদক্ষেপ। গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে আমাদের কাছে যে সম্ভাবনা নিয়ে আসবে, উত্তর প্রদেশের মানুষ তাদের কঠোর পরিশ্রম এবং প্রতিভা দিয়ে তাকে যে কাজে লাগাবেন, সে বিষয়ে আমি আত্মবিশ্বাসী। এই আশা রেখে, আমি আবারও আপনাদের সকলকে অনেক অভিনন্দন জানাই। অনেক ধন্যবাদ!     

 

ভারত মাতার জয়।

 

ভারত মাতার জয়।

 

বন্দে মাতরম। বন্দে মাতরম। বন্দে মাতরম। বন্দে মাতরম। বন্দে মাতরম।

 

আপনাদের অনেক ধন্যবাদ!