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I thank all the people of Sarsawa for having joined the programme at such a short notice: PM
Uttar Pradesh has the potential to change the fortune of India: PM Modi
Govt of India is dedicated to the welfare of sugarcane farmers: PM
Congress' anti-poor mind-set and negative politics is responsible for their fall: PM
Congress has let down the spirit of democracy by not letting the Parliament function: PM
The more dirt is thrown at us, the more the Lotus will bloom: PM Narendra Modi
Govt at Centre is dedicated to development and welfare of entire nation: PM Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय  

मंच पर विराजमान केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी डॉ. संजीव बालियान जी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमान भूपेन्द्र सिंह जी, हमारे वरिष्ठ सांसद श्रीमान हुकुम सिंह जी, सांसद श्री राघव लखन पाल जी, और विशाल संख्या में आये हुए मेरे प्यारे भाईयों और बहनों

जब मैं 2014 में चुनाव अभियान चला रहा था तो बार-बार इस एयरपोर्ट पर आकर के जाना पड़ता था। आज मैं ऋषिकेश जा रहा था और सिर्फ 24 घंटे पहले तय किया कि मैं यहाँ उतर करके फिर जाऊंगा और 24 घंटे के भीतर-भीतर आपने जो पराक्रम किया है, ये जनसैलाब मैं देख रहा हूँ... चुनाव चलते हो, 15 दिन मेहनत की हो, तब भी इतनी बड़ी रैली कभी नहीं हो सकती। आपने गजब किया है। जब मुझे पूछा गया तो मैंने कहा कि ठीक है, 5 मिनट एयरपोर्ट के बाहर नमस्ते करके जाएंगे लेकिन इस दृश्य की तो मैंने कल्पना तक नहीं की थी; यहाँ आने के बाद मैं देख रहा हूँ। इस गर्मी में आप लोगों ने जो तपस्या की है, जो कष्ट उठाया है; मैं आपको सिर झुकाकर नमन करता हूँ।

उत्तरप्रदेश ने मुझे भरपूर प्यार दिया है और मेरा ये विश्वास है कि आने वाले दिनों में हिंदुस्तान का भाग्य भी उत्तरप्रदेश ही बदलने वाला है। अपार संभावनाओं से भरा हुआ प्रदेश है; विकास की नई उंचाईयों तक पहुँचने की ताकत रखने वाला ये प्रदेश है। आपने देखा होगा कि सरकार गाँव, गरीब, किसान, सबकी भलाई के लिए एक के बाद एक निर्णय करती चली जा रही है। दिल्ली में ये सरकार ऐसी है जो सिर्फ योजनाओं की घोषणा ही नहीं करती बल्कि योजनाओं को लागू करती है। हमारे इस इलाके में हमारे गन्ना किसान, उनपर जो बीतती है... हमने एक ऐसा निर्णय किया जिससे मिल मालिकों को तकलीफ़ हो रही है। हमने कहा कि हम 6000 करोड़ रूपये का पैकेज देंगे और सरकार ने 6000 करोड़ रूपये का पैकेज दिया लेकिन हमने कहा कि ये 6000 करोड़ रूपये जन-धन अकाउंट के द्वारा सीधे गन्ना किसानों तक पहुँचाओगे, तभी देंगे और अगर मिल वाले रखेंगे तो नहीं देंगे। मेरे गन्ना किसान के भाईयों-बहनों, मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं बराबर इस बात पर लगा हूँ कि गन्ना किसान के पास पैसा पहुंचना चाहिए; सिर्फ सुगर मिल के लोगों के पास पैसा पड़ा रहे, ये पुराना कारोबार अब नहीं चलेगा।

हमने एक महत्वपूर्ण निर्णय किया है और वह महत्वपूर्ण निर्णय है – चीनी को निर्यात करने का और इसमें जो मदद चाहिए होगी, हम वो मदद देंगे ताकि पैसे मिले और गन्ना किसानों को पैसे बांटे जा सकें। एक और महत्वपूर्ण निर्णय हमने किया है कि सालों से जो पेट्रोल लॉबी हुआ करती थी, वो करने नहीं देती थी अब हमने तय किया है कि पेट्रोल के अंदर 10% एथेनॉल मिलाया जाएगा। ये एथेनॉल सुगर केन (गन्ना) से निकलता है और हर दो साल के बाद जो मिलें बंद हो जाती हैं, किसान का गन्ना कोई लेता नहीं है; अब ये 10% गन्ना की खरीद होगी, गन्ने पर काम होगा और किसानों को लाभ मिलेगा। बहुत बड़ा फ़ैसला हमने किया है। पहले पेट्रोल लॉबी ये काम करने नहीं देती थी।

भाईयों-बहनों, हिंदुस्तान की पॉलिटिकल पार्टियां, सभी राज्य सरकारें...हमारी जब सरकार बनी थी तो उन्होंने आकर के कहा कि अगर हमारे राज्य का विकास करना है तो ये भूमि अधिग्रहण बिल की जो गलतियां हैं, उन्हें ठीक करना चाहिए, इसलिए इन गलतियों को जरा ठीक कर दीजिए। भारत सरकार राजनीतिक तरीकों से नहीं सोच सकती, भारत सरकार राजनीतिक तराजू से हर चीज को नहीं तौल सकती। अब जब सभी राज्यों ने कहा, आग्रह किया और इसका दवाब डाला तो हमने कहा कि ठीक है, जो गलतियाँ हैं, हम उन्हें ठीक करेंगे। हम संसद में गए और अचानक जिनकी सरकारें कहती थी कि ये करो, उनके मुखियाओं ने मुंह फेर लिया। किसान को जो ज्यादा मुआवजा मिलना चाहिए, वो मामला दिसम्बर से लेकर अब तक लटका रहा।

मेरे किसान भाईयों-बहनों, अभी 15 दिन पहले हमने निर्णय कर दिया कि जिन 13 कानूनों में किसान को पूरा मुआवजा नहीं मिलता था, अब पूरा मुआवजा देने का निर्णय सरकार ने कर दिया। इस बार दलहन में हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ा दिया। उसका परिणाम ये हुआ है कि आज देश को दलहन विदेशों से लाना पड़ता है... हमने एमएसपी घोषित कर ज्यादा पैसा देना तय किया। मैं आज देश के किसानों के सामने सर झुकाना चाहता हूँ, नमन करना चाहता हूँ कि पहले से 110% उन्होंने दलहन में बढ़ोतरी कर दी और गरीब से गरीब व्यक्ति को दलहन मिले, इसलिए हमारे किसानों ने इस बार फसल में 110% काम किया है; मैं किसानों का अभिनंदन करना चाहता हूँ।

भाईयों-बहनों, आप जानते हैं कि दिल्ली में काम करने वाली सरकार है, तेज गति से काम करने वाली सरकार है। एक के बाद एक फैसले लेकर के लागू करने वाली सरकार है। लेकिन जो 400 से 40 पर आ गए हैं, ये अभी अपना पराजय पचा नहीं पा रहे हैं। इनको तो लगता है कि दिल्ली की गाड़ी तो इस देश की जनता ने उनके नाम लिखकर दी है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी एक ही परिवार देश चलाएगा, यही उनलोगों ने मान लिया है। वे मानते हैं कि दिल्ली की गद्दी पर उनका हक़ है। वे लोकतंत्र को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनको अभी तक पता नहीं चल रहा है और उनके दिमाग में इतना गुस्सा भरा है कि देश की जनता ने उन्हें हराया क्यों; देश की जनता ने उन्हें 400 से 40 पर लाकर खड़ा क्यों कर दिया।

मां को गुस्सा इसलिए आता है कि बेटा रह गया और बेटे को गुस्सा इसलिए आ रहा है कि हम इतने पढ़े-लिखे लोग, अंग्रेजी बोलने वाले लोग, दुनिया भर में बचपन से घूमने वाले लोग और ये चाय वाला; ये चाय वाला बैठ गया। वो ये पचा नहीं पा रहे हैं कि गरीब का बेटा दिल्ली की गद्दी पर तो क्या दिल्ली की गलियों में भी आये तो ये देखने के लिए तैयार नहीं हैं। इनकी जो ये गरीब विरोधी मानसिकता है, ये उसी का परिणाम है। आज भी देश की जनता ने जो फैसला किया है, चुनाव में जो निर्णय किया है, उसको स्वीकारने के लिए उनका मन तैयार नहीं है।

मैं कभी सोचता था कि 1975 में श्रीमती इंदिरा गाँधी की सीट चली गई, उनको प्रधानमंत्री पद छोड़ने की नौबत आ गई और आपने उनको अयोग्य घोषित कर दिया तो गुस्से में आकर उन्होंने आपातकाल घोषित कर दी; ऐसा मुझे लगता था। कुर्सी बचाने के लिए गुस्से में आकार के आपातकाल लाई होगी, लोगों को जेल में बंद कर दिया होगा लेकिन अब मुझे लगता है कि इनकी रगों में और इनके स्वभाव में सामंतशाही पड़ी हुई है और इसलिए ये किसी को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं, लोकतंत्र को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं, जनता-जनार्दन के आदेश को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।

राजनीति में आदरणीय मुलायम सिंह जी भी हैं, मुलायम सिंह जी हमारे विरोधी हैं लेकिन उसके बावजूद वे लोकतंत्र की इज्ज़त करते हैं। संसद चले इसके लिए मुलायम सिंह जी रात-रात मेहनत करते रहे लेकिन इनलोगों ने संसद चलने नहीं दी। विरोध तो मुलायम सिंह जी हमारा करते हैं; मोदी की जितनी आलोचना हो सकती है, वे करते हैं लेकिन जब संसद और लोकतंत्र की बात आई तो मुलायम सिंह जी भी संसद के अन्दर संसद के नियमों, इसकी परंपरा और इसके मूल्यों के लिए खड़े हो गए। यही तो लोकतंत्र की ताकत होती है लेकिन ये हैं कि मानते नहीं। ये लोकतंत्र को मानते नहीं, ये अपने पराजय को मानते नहीं, ये किसी के विजय को मानते नहीं।

भाईयों-बहनों, 125 साल पुरानी आज देश के लोकतंत्र के लिए खतरा बनी हुई है। ये लोकतंत्र को मानने और चलने देने के लिए तैयार नहीं है। मैं कांग्रेस के नेताओं को चेतावनी देना चाहता हूँ कि देश की जनता ने आपको नकार क्यों दिया, उसका आप आत्मचिंतन करो; 400 से 40 कैसे हो गए, इसका घर में बैठकर हिसाब करो, मोदी को गाली देने से 40 से बढ़ नहीं सकते। कांग्रेस पार्टी की नकारात्मक और विरोधियों को ख़त्म करने की राजनीति... यही कांग्रेस को आज महंगा पड़ रहा है। उन्होंने संसद चलने नहीं दी, एक काम होने नहीं दिया, देश का पैसा बर्बाद किया, चुनी हुई सरकार और लोकतंत्र को अपमानित किया और ये सब करने के बाद पाया क्या? मध्यप्रदेश में चुनाव हुआ अभी, कुछ महीनों पहले चुनाव हुआ और उसमें कांग्रेस पार्टी साफ हो गई। अभी राजस्थान में चुनाव हुआ और वहां भी कांग्रेस पार्टी साफ हो गई। स्थानीय निकायों के चुनाव हार गए और बेंगुलुरु में चुनाव हुआ, वहां भी बुरे हाल हो गए उनके। और इसलिए कानून तोड़-मरोड़ करके बेंगुलुरु पर कब्ज़ा करने का षडयंत्र किया गया।

भाईयों-बहनों, अब देश बदल चुका है, नौजवान जाग चुका है। अब हिंदुस्तान का नौजवान नकारात्मक राजनीति को स्वीकार नहीं करता है। अगर कांग्रेस पार्टी जनता के दिलों में जगह बनाना चाहती है तो सकारात्मक राजनीति करे, अपनी लकीर लंबी करे, जनता के लिए चार अच्छे काम करे; ये लोकतंत्र है, जनता आपको माफ़ कर सकती है लेकिन अगर नकारात्मक राजनीति करोगे तो जितनी ज्यादा करोगे... मैंने चुनाव में इस परिवार को कहा था कि बहुत हो चुका... “जितना ज्यादा कीचड़ उछालोगे, उतना ही ज्यादा कमल खिलेगा” और इसलिए आईये, हम जन-जन तक पहुंचें; सकारात्मक राजनीति पर बल दें; गरीबों के कल्याण के लिए काम करें; भारत सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाएं, चाहे बीमा का काम हो, चाहे अटल पेंशन योजना हो, चाहे जन-धन योजना हो, चाहे गरीबों को देने वाले गैस सिलिंडर हों; हर गरीब की भलाई के काम में हमारा कार्यकर्ता जुड़ जाए और देश के सामान्य लोगों के जीवन में बदलाव आए, इसके लिए पूरी ताकत लगाएं। मैं फिर एक बार आप सबका ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ। 24 घंटे से भी कम समय में आपने ये जिस शक्ति का परिचय करवाया, ये जनसैलाब का जो दर्शन मुझे करवाया है, इतनी बड़ी तादाद में आकर के आपने जो आशीर्वाद दिये हैं, मैं फिर एक बार उत्तरप्रदेश और यहाँ की जनता को नमन करता हूँ।   

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

बहुत-बहुत धन्यवाद!

Modi Govt's #7YearsOfSeva
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Corona period has proved importance of skill, re-skill and up-skill: PM Modi
June 18, 2021
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One lakh youth will be trained under the initiative in 2-3 months: PM
6 customized courses launched from 111 centres in 26 states
Virus is present and possibility of mutation is there, we need to stay prepared: PM
Corona period has proved importance of skill, re-skill and up-skill: PM
The pandemic has tested the strength of every country, institution, society, family and person of the world: PM
People below 45 years of age will get the same treatment for vaccination as for people above 45 years of age from June 21st: PM
PM Lauds ASHA workers, ANM, Anganwadi and health workers deployed in the dispensaries in the villages

नमस्कार, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान महेंद्र नाथ पांडे जी, आर के सिंह जी, अन्य सभी वरिष्ठ मंत्रीगण, इस कार्यक्रम में जुड़े सभी युवा साथी, प्रोफेशनल्स, अन्य महानुभाव और भाइयों और बहनों,

कोरोना के खिलाफ महायुद्ध में आज एक महत्वपूर्ण अभियान का अगला चरण प्रारंभ हो रहा है। कोरोना की पहली वेव के दौरान देश में हजारों प्रोफेशनल्स, स्किल डवलपमेंट अभियान से जुड़े। इस प्रयास ने देश को कोरोना से मुकाबला करने की बड़ी ताकत दी। अब कोरोना की दूसरी वेव के बाद जो अनुभव मिले हैं, वो अनुभव आज के इस कार्यक्रम का प्रमुख आधार बने हैं। कोरोना की दूसरी वेव में हम लोगों ने देखा कि कोरोना वायरस का बदलना और बार-बार बदलता स्वरूप किस तरह की चुनौतियां हमारे सामने ला सकता है। ये वायरस हमारे बीच अभी भी है और जब तक ये है, इसके म्यूटेट होने की संभावना भी बनी हुई है। इसलिए हर इलाज, हर सावधानी के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए हमें देश की तैयारियों को और ज्यादा बढ़ाना होगा। इसी लक्ष्य के साथ आज देश में 1 लाख फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स तैयार करने का महाअभियान शुरु हो रहा है।

साथियों,

इस महामारी ने दुनिया के हर देश, हर संस्था, हर समाज, हर परिवार, हर इंसान के सामर्थ्य को, उनकी सीमाओं को बार-बार परखा है। वहीं, इस महामारी ने साइंस, सरकार, समाज, संस्था और व्यक्ति के रूप में भी हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए सतर्क भी किया है। पीपीई किट्स और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कोविड केयर और ट्रीटमेंट से जुड़े मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का जो बड़ा नेटवर्क आज भारत में बना है, वो काम अब भी चल रहा है और वो इसी का परिणाम है। आज देश के दूर-सुदूर में अस्पतालों तक भी वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स पहुंचाने का भी तेज गति से प्रयास किया जा रहा है। डेढ़ हजार से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट्स बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और हिन्दुस्तान के हर जिले में पहुंचने का एक भगीरथ प्रयास है। इन प्रयासों के बीच एक स्किल्ड मैनपावर का बड़ा पूल होना, उस पूल में नए लोग जुड़ते रहना, ये भी उतना ही जरूरी है। इसी को देखते हुए, कोरोना से लड़ रही वर्तमान फोर्स को सपोर्ट करने के लिए, देश में करीब 1 लाख युवाओं को ट्रेन करने का लक्ष्य रखा गया है। ये कोर्स दो-तीन महीने में ही पूरा हो जाएगा, इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे और एक ट्रेन्ड सहायक के रूप में वर्तमान व्यवस्था को काफी कुछ सहायकता देंगे, उनका बोझ हल्का करेंगे। देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की मांग के आधार पर, देश के टॉप एक्सपर्ट्स ने क्रैश कोर्स डिजायन किया है। आज 6 नए कस्टमाइज़्ड कोर्स लॉन्च किए जा रहे हैं। नर्सिंग से जुड़ा सामान्य काम हो, होम केयर हो, क्रिटिकल केयर में मदद हो, सैंपल कलेक्शन हो, मेडिकल टेक्निशियन हों, नए-नए उपकरणों की ट्रेनिंग हो, इसके लिए युवाओं को तैयार किया जा रहा है। इसमें नए युवाओं की स्किलिंग भी होगी और जो पहले से इस प्रकार के काम में ट्रेन्ड हो चुके हैं, उनकी अप-स्किलिंग भी होगी। इस अभियान से, कोविड से लड़ रही हमारी हेल्थ सेक्टर की फ्रंटलाइन फोर्स को नई ऊर्जा भी मिलेगी और हमारे युवाओं रोजगार के नए अवसर के लिए उनके लिए सुविधा भी बनेगी।

साथियों,

Skill, Re-skill और Up-Skill, ये मंत्र कितना महत्वपूर्ण है, ये कोरोना काल ने फिर सिद्ध किया है। हेल्थ सेक्टर के लोग Skilled तो थे ही, उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए बहुत कुछ नया सीखा भी। यानि एक तरह से उन्होंने खुद को Re-skill किया। इसके साथ ही, उनमें जो स्किल पहले से थी, उसका भी उन्होंने विस्तार किया। बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी स्किल को अपग्रेड या वैल्यू एडिशन करना, ये Up-Skilling है, और समय की यही मांग है और जिस गति से टेक्नोलॉजी जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है तब लगातार dynamic व्यवस्था Up-Skilling की अनिवार्य हो गई है। Skill, Re-skill और Up-Skill, के इसी महत्व को समझते हुए ही देश में Skill India Mission शुरु किया गया था। पहली बार अलग से कौशल विकास मंत्रालय बनाना हो, देशभर में प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र खोलना हो, ITI's की संख्या बढ़ाना हो, उनमें लाखों नई सीट्स जोड़ना हो, इस पर लगातार काम किया गया है। आज स्किल इंडिया मिशन हर साल लाखों युवाओं को आज की जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग देने में बहुत बड़ी मदद कर रहा है। इस बात की देश में बहुत चर्चा नहीं हो पाई, कि स्किल डवलपमेंट के इस अभियान ने, कोरोना के इस समय में देश को कितनी बड़ी ताकत दी। बीते साल जब से कोरोना की चुनौती हमारे सामने आई है, तब से ही कौशल विकास मंत्रालय ने देशभर के लाखों हेल्थ वर्कर्स को ट्रेन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Demand Driven Skill Sets तैयार करने की जिस भावना के साथ इस मंत्रालय को बनाया गया था, उस पर आज और तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

हमारी जनसंख्या को देखते हुए, हेल्थ सेक्टर में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स से जुड़ी जो विशेष सेवाएं हैं, उनका विस्तार करते रहना उतना ही आवश्यक है। इसे लेकर भी पिछले कुछ वर्षों में एक फोकस्ड अप्रोच के साथ काम किया गया है। बीते 7 साल में नए AIIMS, नए मेडिकल कॉलेज और नए नर्सिंग कॉलेज के निर्माण पर बहुत ज्यादा बल दिया गया। इनमें से अधिकांश ने काम करना शुरू भी कर दिया है। इसी तरह, मेडिकल एजुकेशन और इससे जुड़े संस्थानों में रिफॉर्म्स को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज जिस गति से, जिस गंभीरता से हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करने पर काम चल रहा है, वो अभूतपूर्व है।

साथियों,

आज के इस कार्यक्रम में, मैं हमारे हेल्थ सेक्टर के एक बहुत मजबूत स्तंभ की चर्चा भी जरूर करना चाहता हूं। अक्सर, हमारे इन साथियों की चर्चा छूट जाती है। ये साथी हैं- हमारे आशा-एनम-आंगनवाड़ी और गांव-गांव में डिस्पेंसरियों में तैनात हमारे स्वास्थ्य कर्मी। हमारे ये साथी संक्रमण को रोकने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान तक में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की स्थितियां, भौगौलिक परिस्थिति कितनी भी विपरीत हों, ये साथी एक-एक देशवासी की सुरक्षा के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। गांवों में संक्रमण के फैलाव को रोकने में, दूर-सुदूर के क्षेत्रों में, पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को सफलता पूर्वक चलाने में हमारे इन साथियों ने बहुत बड़ी भूमिका अदा की है। 21 जून से जो देश में टीकाकरण अभियान का विस्तार हो रहा है, उसे भी हमारे ये सारे साथी बहुत ताकत दे रहे हैं, बहुत ऊर्जा दे रहे हैं। मैं आज सार्वजनिक रूप से इनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं, इन हमारी सभी साथियों की सराहना करता हूं।

साथियों,

21 जून से जो टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है, उससे जुड़ी अनेक गाइडलाइंस जारी की गई हैं। अब 18 साल से ऊपर के साथियों को वही सुविधा मिलेगी, जो अभी तक 45 साल से ऊपर के हमारे महानुभावों को मिल रही थी। केंद्र सरकार, हर देशवासी को टीका लगाने के लिए, 'मुफ्त' टीका लगाने के लिए, प्रतिबद्ध है। हमें कोरोना प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखना है। मास्क और दो गज़ की दूरी, ये बहुत ज़रूरी है। आखिर में, मैं ये क्रैश कोर्स करने वाले सभी युवाओं को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मुझे विश्वास है, आपकी नई स्किल्स, देशवासियों का जीवन बचाने में लगातार काम आएगी और आपको भी अपने जीवन का एक नया प्रवेश एक बहुत ही संतोष देगा क्योंकि आप जब पहली बार रोजगार के लिए जीवन की शुरूआत कर रहे थे तब आप मानव जीवन की रक्षा में अपने आप को जोड़ रहे थे। लोगों की जिन्दगी बचाने के लिए जुड़ रहे थे। पिछले डेढ़ साल से रात-दिन काम कर रहे हमारे डॉक्टर, हमारी नर्सिस इतना बोझ उन्होंने झेला है, आपके आने से उनको मदद मिलने वाली है। उनको एक नई ताकत मिलने वाली है। इसलिए ये कोर्स अपने आप में आपकी जिन्दगी में एक नया अवसर लेकर के आ रहा है। मानवता की सेवा का लोक कल्याण का एक विशेष अवसर आपको उपलब्ध हो रहा है। इस पवित्र कार्य के लिए, मानव सेवा के कार्य के लिए ईश्वर आपको बहुत शक्ति दे। आप जल्द से जल्द इस कोर्स की हर बारीकी को सीखें। आपने आप को उत्तम व्यक्ति बनाने का प्रयास करें। आपके पास वो स्किल हो जो हर किसी की जिन्दगी बचाने के काम आए। इसके लिए मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !