Published By : Admin |
November 8, 2025 | 09:26 IST
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PM to participate in programme marking Silver Jubilee Celebration of formation of Uttarakhand
PM to inaugurate and lay foundation stones for various development initiatives worth over ₹8140 crores
Key sectors of projects: drinking water, irrigation, technical education, energy, urban development, sports, and skill development
PM to release ₹62 crores directly into accounts of more than 28,000 farmers under PM Fasal Bima Yojana
প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী উত্তরাখণ্ডের রাজ্য গঠনের রজতজয়ন্তী উপলক্ষে আয়োজিত এক অনুষ্ঠানে ৯ নভেম্বর দেরাদুন সফর করবেন। সফরকালে তিনি একটি স্মারক ডাকটিকিট প্রকাশ করবেন এবং এক জনসভায় ভাষণ দেবেন।
প্রধানমন্ত্রী ৮১৪০ কোটি টাকারও বেশি একগুচ্ছ উন্নয়নমূলক প্রকল্পের উদ্বোধন ও শিলান্যাস করবেন। এর মধ্যে ৯৩০ কোটি টাকার প্রকল্পের উদ্বোধন করবেন তিনি। ৭২১০ কোটি টাকার প্রকল্পের শিলান্যাসও করা হবে। এই প্রকল্পগুলি পানীয় জল, সেচ, কারিগরি শিক্ষা, জ্বালানী, শহরাঞ্চলের উন্নয়ন, খেলাধুলা এবং দক্ষতা বিকাশের সঙ্গে যুক্ত।
শ্রী মোদী পিএম ফসল বীমা যোজনার আওতায় ২৮,০০০-এরও বেশি কৃষকের ব্যাঙ্ক অ্যাকাউন্টে ৬২ কোটি টাকার বেশি অর্থ প্রত্যক্ষ সুবিধা হস্তান্তের মাধ্যমে পাঠাবেন।
প্রধানমন্ত্রী যে প্রকল্পগুলির উদ্বোধন করবেন তার মধ্যে উল্লেখযোগ্য : অম্রুত প্রকল্পের আওতায় দেরাদুন সহ ২৩টি অঞ্চলে জল সরবরাহ, পিথরাগড় জেলায় বিদ্যুতের সাবস্টেশন, বিভিন্ন সরকারি ভবনে সৌরবিদ্যুতের ব্যবস্থাপনা, নৈনিতালে হালদোয়ানি স্টেডিয়ামে অ্যাস্ট্রোটার্ফ হকি খেলার মাঠ।
প্রধানমন্ত্রী যে প্রকল্পগুলির শিলান্যাস করবেন তার মধ্যে উল্লেখযোগ্য : সং জলাধার পানীয় জল প্রকল্প। এই প্রকল্পে দৈনিক ১৫০ মিলিয়ন লিটার জল দেরাদুন এবং নৈনিতালের জমরানী বহুমুখী জলাধার প্রকল্পে পাঠানো হবে। অন্য প্রকল্পগুলির মধ্যে রয়েছে বিদ্যুতের সাবস্টেশন, চম্পাওয়াতে মহিলাদের জন্য স্পোর্টস কলেজ, নৈনিতালে উন্নতমানের ডেয়ারি প্ল্যান্ট।
The inauguration of Swaminarayan Temple is a new milestone in the cultural relations between India and France: PM Modi
September 06, 2026
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It is a matter of great joy that BAPS Swaminarayan Hindu Mandir is being inaugurated in Paris: PM
This temple will surely enrich the diversity of France and energize our cultural relations: PM
India-France Strategic Partnership is special as it rests on the strong foundation of old cultural and political bonds: PM
पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!
आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।
साथियों,
आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।
साथियों,
BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।
साथियों,
बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।
साथियों,
दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।
साथियों,
इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।
साथियों,
स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!