ভারতে জাপানের বিনিয়োগ সহজতর এবং দ্রুততর করার জন্য ভারতে বিকশিত জাপান প্লাস সিস্টেমের উপর জোর দিয়েছেন প্রধানমন্ত্রী
ভারতের শাসন নীতি-চালিত, এবং সরকার একটি স্বচ্ছ এবং পূর্বাভাসযোগ্য পরিবেশ নিশ্চিত করতে প্রতিশ্রুতিবদ্ধ: প্রধানমন্ত্রী
ভারতের যুবসমাজ, দক্ষ কর্মীবাহিনী এবং কম খরচের শ্রম এটিকে উৎপাদনের জন্য একটি আকর্ষণীয় গন্তব্য করে তুলেছে: প্রধানমন্ত্রী
ভারতের বিপুল বৈচিত্র্যের দিকে তাকিয়ে কৃত্রিম মেধার পরিমণ্ডল গড়ে তুলতে এই দেশ বড় ভূমিকা পালন করতে পারে
বিকশিত ভারত @২০৪৭ ’কে অর্থপূর্ণ করে তুলতে এবং দ্বিপাক্ষিক স্বার্থ চরিতার্থ করার লক্ষ্যে প্রতিনিধিদল তাঁদের সমর্থন ও দায়বদ্ধতার কথা ব্যক্ত করেছে

প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী কেইজাই দোয়ুকাই (জাপানের কর্পোরেট এক্সিকিউটিভদের সংগঠন) থেকে এক উচ্চ পর্যায়ের প্রতিনিধিদলের সঙ্গে সাক্ষাৎ করেছেন। কেউজাই দোয়ুকাই – এর চেয়ারপার্সন তাকেশি নিনামাই – এর নেতৃত্বাধীন ২০ জন সদস্যের বাণিজ্য প্রতিনিধিদলের সঙ্গে আজ ৭ লোককল্যাণ মার্গে প্রধানমন্ত্রীর এই সাক্ষাতের লক্ষ্য, ভারত – জাপান অর্থনৈতিক সহযোগিতাকে আরও শক্তিশালী করতে জাপানী প্রতিনিধিদলের বক্তব্য শোনা। 

দ্বিপাক্ষিক বাণিজ্যকে আরও শক্তিশালী করার পাশাপাশি কৃষি, সামুদ্রিক পণ্য, মহাকাশ, প্রতিরক্ষা, বীমা, প্রযুক্তি, পরিকাঠামো, অসামরিক বিমান পরিবহণ, পরিচ্ছন্ন জ্বালানী, পরমাণু শক্তি এবং এমএসএমই সহযোগিতার মতো মূল ক্ষেত্রগুলিতে যৌথ সহযোগ আরও বাড়ানোই মূল লক্ষ্য। 

প্রধানমন্ত্রী ভারত – জাপান বিশেষ কৌশলগত এবং বৈশ্বিক সহযোগিতার বিষয় উল্লেখ করে ভারতে ব্যবসা-বান্ধব পরিবেশ যোগানোর প্রতিশ্রুতি দিয়েছেন। তিনি আরও বলেন, ভারতে জাপানের বিনিয়োগ দ্রুত বাড়াতে ব্যবস্থা গড়ে তোলা হয়েছে। তিনি আরও বলেন, বিনিয়োগকারীদের মনে কোনও রকম দ্বিধাদ্বন্দ্ব থাকা উচিৎ না। 

 বিমান ক্ষেত্র ভারতে যথেষ্ট প্রসার লাভ করেছে। ভারত নতুন বিমানবন্দর নির্মাণ সহ লজিস্টিক সক্ষমতা বাড়ানোর পাশাপাশি উল্লেখযোগ্য পরিকাঠামো ক্ষেত্র নির্মিত হচ্ছে। 

ভারতের বিপুল বৈচিত্র্যের দিকে তাকিয়ে কৃত্রিম মেধার পরিমণ্ডল গড়ে তুলতে এই দেশ বড় ভূমিকা পালন করতে পারে। কৃত্রিম মেধার ক্ষেত্রে সহযোগিতার গুরুত্ব উল্লেখ করে ভারত, জাপানকে এক্ষেত্রে এগিয়ে আসার আহ্বান জানিয়েছে। 

প্রধানমন্ত্রী আরও বলেন, পরিচ্ছন্ন জ্বালানী ক্ষেত্রে ভারত উল্লেখযোগ্য পদক্ষেপ নিয়েছে। জৈব জ্বালানী লক্ষ্যে পদক্ষেপ নেওয়া হয়েছে। কৃষিক্ষেত্র জৈব জ্বালানীর মাধ্যমে বিশেষভাবে উপকৃত হতে পারে এবং মূল্য সংযোজক ভূমিকা পালন করতে পারে। 

বীমা ক্ষেত্রকে আরও উন্মুক্ত করার কথা বলেছেন প্রধানমন্ত্রী। সেইসঙ্গে, মহাকাশ ও পরমাণু প্রযুক্তি ক্ষেত্রে উচ্চ ক্ষমতাসম্পন্ন ক্ষেত্রগুলির যথেষ্ট সম্ভাবনা রয়েছে বলেও তিনি জানান। 

জাপানের প্রতিনিধিদল ভারতকে ঘিরে তাদের পরিকল্পনার কথা জানিয়েছে। মানবসম্পদ ও দক্ষতা বিকাশের ক্ষেত্রে ভারত – জাপান পরিপূরক ভূমিকা পালন করতে পারে বলে তাঁরা জানিয়েছেন। আগামী দিনে দ্বিপাক্ষিক বাণিজ্য ও বিনিয়োগ আরও প্রসারলাভ করবে বলে তাঁরা আশা প্রকাশ করেছেন। 

সান্তরি হোল্ডিংস লিমিটেডের প্রেসিডেন্ট এবং সিইও নিনামি তাকেশি জানান, প্রধানমন্ত্রী মোদীর নেতৃত্বে ভারত – জাপান দ্বিপাক্ষিক সম্পর্ক উল্লেখযোগ্যভাবে প্রসারলাভ করছে। তিনি আরও জানান, ভারতে জাপানের বিনিয়োগের প্রভূত সম্ভাবনা রয়েছে। ‘মেক ইন ইন্ডিয়া’কে বিশ্বের জন্য গড়ে তুলতে প্রধানমন্ত্রী মোদীর লক্ষ্যের প্রশংসা করেছেন তিনি। প্রতিনিধিদলের পক্ষ থেকে জানানো হয় যে, প্রধানমন্ত্রী পরিস্কারভাবে তাঁর দৃষ্টিভঙ্গী ব্যাখ্যা করেছেন এবং ভারতে জাপানের বিনিয়োগ যাতে আরও বৃদ্ধি পায়, তিনি সেই প্রত্যাশার কথাও জানিয়েছেন। 

বিকশিত ভারত @2047’কে অর্থপূর্ণ করে তুলতে এবং দ্বিপাক্ষিক স্বার্থ চরিতার্থ করার লক্ষ্যে জাপানী বাণিজ্য প্রতিনিধিদল তাঁদের সমর্থন ও দায়বদ্ধতার কথা ব্যক্ত করেছে। 

 

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!