PM Modi describes India’s democratic system of governance as a great teacher, which inspires over 125 crore people
The teachings of the Vedas, which describe the entire world as one nest, or one home, are reflected in the values of Visva Bharati University: PM
India and Bangladesh are two nations, whose interests are linked to mutual cooperation and coordination among each other: PM Modi
Gurudev Rabindranath Tagore is respected widely across the world; he is a global citizen: PM Modi
Institutions such as Visva Bharati University have a key role to play in the creation of a New India by 2022: PM Modi

ভারতের গণতান্ত্রিক শাসন ব্যবস্থাকে এক মহান শিক্ষাদর্শ বলে বর্ণনা করেছেন প্রধানমন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী। তাঁর মতে দেশের ১২৫ কোটি জনসাধারণ এই শিক্ষাদর্শে অনুপ্রাণিত। গুরুদেব রবীন্দ্রনাথ ঠাকুরের পূণ্য ভূমিতে উপস্থিত থেকে বিদগ্ধজনের সান্নিধ্যে নিজেকে ভাগ্যবান বলে মনে করছেন তিনি।

পশ্চিমবঙ্গের শান্তিনিকেতনে আজ বিশ্বভারতীর সমাবর্তন উৎসবে প্রদত্ত আচার্যের ভাষণে একথা বলেন প্রধানমন্ত্রী। গুরুদেব রবীন্দ্রনাথ ঠাকুরের উদ্দেশে গভীর শ্রদ্ধা নিবেদন করে তিনি বলেন, এই বিশ্ববিদ্যালয়ে পঠনপাঠন শেষে যাঁরা ডিগ্রি লাভ করেছেন তাঁরা কিন্তু আক্ষরিক অর্থে এক মহান উত্তরাধিকারকে বহন করে নিয়ে যাওয়ার সম্মান লাভ করেছেন।

শ্রী মোদী বলেন, বেদের শিক্ষাদর্শ অনুযায়ী সমগ্র বিশ্ব সংসারই হল একটিমাত্র আবাসভূমি। এই মূল্যবোধই প্রতিফলিত হয়েছে বিশ্বভারতীর নীতি ও শিক্ষাদর্শে।

অনুষ্ঠানে বাংলাদেশের প্রধানমন্ত্রী শেখ হাসিনাকে স্বাগত জানিয়ে শ্রী মোদী বলেন, ভারত ও বাংলাদেশ দুটি পৃথক রাষ্ট্র হলেও পারস্পরিক সহযোগিতা, সম্প্রীতি ও সমন্বয়ের মধ্য দিয়ে তারা একে অপরের সঙ্গে যুক্ত।

প্রধানমন্ত্রী বলেন, গুরুদেব রবীন্দ্রনাথ ঠাকুর বিশ্বের সর্বত্রই এক পরম শ্রদ্ধেয় ব্যক্তিত্ব। তিন বছর আগে তাজিকিস্তানে গুরুদেব রবীন্দ্রনাথের একটি মূর্তির আবরণ উন্মোচনের সৌভাগ্য তাঁর হয়েছিল বলে স্মৃতিচারণ করেন শ্রী নরেন্দ্র মোদী। তিনি বলেন, বিশ্বের বিভিন্ন বিশ্ববিদ্যালয়ে আজও রবীন্দ্রনাথ ঠাকুর একটি পাঠ্য বিষয়। রবীন্দ্রনাথ ঠাকুরকে এক বিশ্ব নাগরিক বলে বর্ণনা করেন প্রধানমন্ত্রী।

শ্রী মোদী বলেন, রবীন্দ্রনাথ চাইতেন ভারতীয়ত্ব অটুট রেখে, ছাত্রছাত্রীরা সারা বিশ্বের উন্নয়নের খবর জানুক। সন্নিহিত গ্রামগুলিতে শিক্ষার প্রসার ও দক্ষতা বিকাশের কাজে উদ্যোগ নেওয়ার জন্য বিশ্বভারতী বিশ্ববিদ্যালয়ের ভূয়সী প্রশংসা করেন প্রধানমন্ত্রী। ২০২১ সালে বিশ্বভারতীর শতবর্ষ পূর্তিকালে এই ধরণের গ্রামের সংখ্যা ১০০-তে নিয়ে যাওয়ার জন্য বিশ্ববিদ্যালয় কর্তৃপক্ষকে অনুরোধ জানান তিনি। একইসঙ্গে এই গ্রামগুলির সার্বিক উন্নয়নের লক্ষ্যে কাজ করার কথাও বলেন প্রধানমন্ত্রী।

আগামী ২০২২ সালের মধ্যে এক নতুন ভারত গড়ে তোলার কাজে বিশ্বভারতীর মতো প্রতিষ্ঠানগুলির যে এক গুরুদায়িত্ব রয়েছে একথাও এদিন তাঁর ভাষণে স্মরণ করিয়ে দেন প্রধানমন্ত্রী। শিক্ষাক্ষেত্রের বিকাশে কেন্দ্রীয় সরকার যে সব উদ্যোগ নিয়েছে, তারও একটি সংক্ষিপ্ত চিত্র তুলে ধরেন প্রধানমন্ত্রী।

শান্তিনিকেতনে বাংলাদেশ ভবনের উদ্বোধন অনুষ্ঠানে, প্রধানমন্ত্রী এই ভবনটিকে ভারত ও বাংলাদেশের সাংস্কৃতিক সম্পর্কের এক বিশেষ প্রতীক রূপে বর্ণনা করেন।

শ্রী মোদী বলেন, বিশ্বভারতী বিশ্ববিদ্যালয় এবং এই পূণ্য ভূমি, ভারত ও বাংলাদেশ – উভয়েরই স্বাধীনতা সংগ্রামের সাক্ষী। এই দুটি দেশের মিলিত ঐতিহ্যের একটি প্রতীক রূপে বিরাজ করবে এই স্থানটি।

প্রধানমন্ত্রী বলেন, বঙ্গবন্ধু শেখ মুজিবর রহমানকে সমানভাবে শ্রদ্ধার চোখে দেখে ভারত ও বাংলাদেশ। আবার, নেতাজী সুভাষ চন্দ্র বোস, স্বামী বিবেকানন্দ এবং মহাত্মা গান্ধীও সমানভাবে শ্রদ্ধার আসনে অধিষ্ঠিত ভারত ও বাংলাদেশে।

এই প্রসঙ্গেরই সূত্র ধরে শ্রী মোদী বলেন, গুরুদেব রবীন্দ্রনাথ যতটা ভারতবর্ষের, ঠিক ততটাই বাংলাদেশেরও। রবীন্দ্রনাথের বিশ্ব মানবতার বাণী প্রতিফলিত হয়েছে কেন্দ্রীয় সরকারের ‘সব কা সাথ সব কা বিকাশ’ নীতির মধ্যেও। সন্ত্রাস ও নিষ্ঠুরতার বিরুদ্ধে জেহাদ ঘোষণার যে সঙ্কল্প গ্রহণ করেছে ভারত ও বাংলাদেশ, তা ভবিষ্যৎ প্রজন্মকেও অনুপ্রাণিত করে যাবে বাংলাদেশ ভবনের মাধ্যমে। গত বছর নয়াদিল্লিতে ভারতীয় সেনাদের যেভাবে সম্মানিত করা হয়েছিল বাংলাদেশের পক্ষ থেকে, সেকথাও এদিন স্মরণ করেন শ্রী নরেন্দ্র মোদী।

ভারত ও বাংলাদেশের পারস্পরিক সম্পর্কের ক্ষেত্রে গত কয়েক বছর ধরে এক স্বর্ণ যুগের আবির্ভাব ঘটেছে বলে মনে করেন প্রধানমন্ত্রী। স্থল সীমান্তের মতো একটি গুরুত্বপূর্ণ বিষয়ের নিষ্পত্তি এবং দু’দেশের মধ্যে অন্যান্য সংযোগ ও যোগাযোগ প্রকল্পগুলির কথাও প্রসঙ্গত উল্লেখ করেন তিনি।

ভারত ও বাংলাদেশ – দুটি দেশেরই লক্ষ্য অভিন্ন এবং সেই লক্ষ্য পূরণের জন্য দুটি দেশ একইভাবে কাজ করে চলেছে বলে উল্লেখ করেন শ্রী নরেন্দ্র মোদী।

দুই প্রধানমন্ত্রীই আজ ভিজিটার্স বুকে স্বাক্ষর করেন।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Explore More
শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ

জনপ্রিয় ভাষণ

শ্রী রাম জন্মভূমি মন্দিরের ধ্বজারোহণ উৎসবে প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্যের বাংলা অনুবাদ
BAPS Swaminarayan Temple in Paris: PM Modi calls pran pratishtha a new era for India-France cultural relations

Media Coverage

BAPS Swaminarayan Temple in Paris: PM Modi calls pran pratishtha a new era for India-France cultural relations
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
The inauguration of Swaminarayan Temple is a new milestone in the cultural relations between India and France: PM Modi
September 06, 2026
It is a matter of great joy that BAPS Swaminarayan Hindu Mandir is being inaugurated in Paris: PM
This temple will surely enrich the diversity of France and energize our cultural relations: PM
India-France Strategic Partnership is special as it rests on the strong foundation of old cultural and political bonds: PM

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!