If you want to know what is Rajasthan's relation with Kashmir, then go to the homes of the brave martyrs of Rajasthan and ask! : PM Modi’s Attack on the Opposition
I say- Remove corruption. They say – Save the corrupt: PM Modi taking a sharp jibe at the Opposition
Now we are working to create 3 crore Lakhpati Didis in the country!: PM Modi at the Karauli rally
We have started the National Mission for Oil Seeds, and Karauli-Dholpur will play a big role in this also: PM Modi

राम राम सा। 

नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में मुझे कैला मैया के चरणों में प्रणाम करने का अवसर मिला है। मैं मेहंदीपुर बालाजी, मदन मोहन जी और भगवान महावीर जी को भी प्रणाम करता हूँ। आज महान समाज सुधारक महात्मा फुले जी की जन्म जयंती भी है। मैं उनकी पुण्यस्मृति को भी नमन करता हूँ!

साथियों, 

करौली-धौलपुर की ये धरती भक्ति और शक्ति की धरती है। करौली उस बृज का क्षेत्र है, जहां की रज भी सिर पर धारण करते हैं। यहाँ आपका ये आशीर्वाद, इतनी बड़ी संख्या में पधारे मेरे युवा साथी और शक्ति स्वरुपा माताओं-बहनों का ये स्नेह, देश के लिए बड़ा संदेश है। 4 जून को क्या परिणाम होगा, वो आज करौली में स्पष्ट दिख रहा है। करौली बता रहा है- 4 जून.., 400 पार! 4 जून.., 400 पार! 4 जून.., 400 पार! पूरा राजस्थान कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

2024 का लोकसभा चुनाव कौन सांसद बनेगा या कौन नहीं बस सकता, इतने भर का नहीं है। ये चुनाव विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देने का चुनाव है। पिछले 10 वर्षों में बीजेपी ने उन समस्याओं के समाधान निकाले, जिन समस्याओं के आगे काँग्रेस ने हाथ खड़े कर दिए थे। काँग्रेस दशकों तक गरीबी हटाओ का नारा देती रही। लेकिन मोदी ने 25 करोड़ देशवासियों को गरीबी से बाहर निकालने का काम किया। काँग्रेस ने किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया। लेकिन, भाजपा सरकार निरंतर किसानों को समृद्ध बनाने के लिए काम कर रही है। आज देश के 10 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि मिल रही है। करौली-धौलपुर के सवा तीन लाख से ज्यादा किसानों के खातों में भी सात सौ करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं। पहली बार किसी सरकार ने पशुधन की भी इतनी चिंता की है। करौली में 80 हजार से ज्यादा किसानों के पशुधन को खुरपका-मुंहपका के डेढ़ लाख से ज्यादा टीके मोदी सरकार ने लगवाए हैं। जब कोरोना में मुफ्त में टीके लगवाए तो चारों तरफ वाहवाही होती थी। लेकिन आपको जानकर के खुशी होगी कि पशुओं का भी मुफ्त टीकाकरण का भी अभियान हजारों करोड़ रुपये खर्च करके किया जा रहा है।

साथियों,

यह हमारा राजस्थान, यह तो मोटे अनाज...जैसा बाजरा, ज्वार, सावां, कोदो-कुटकी जैसे श्रीअन्न की पैदावार में सबसे आगे है। पहले मोटे अनाज पैदा करने वाले हमारे किसान भाई-बहनों को कोई पूछता नहीं था। हमने मिलेट मिशन चलाया। और हमने दुनिया को समझाया कि कि हमारा जो मोटा अनाज है ना, ये सुपर फूट है सुपर फूड। और हमने उसका नाम भी, क्योंकि देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नाम थे, तो आज वही मोटे अनाज श्रीअन्न के नाम से जाने जा रहा है और पूरी दुनिया में उनकी मांग बढ़ रही है। आपको जानकर खुशी होगी पिछले वर्ष अमेरिका में वाइट हाउस में राष्ट्रपति जी ने मुझे निमंत्रण दिया था। और उन्होंने बहुत बड़ा भोज रखा था। और जानकर खुशी होगी, उस भोज में सब कुछ वेजीटेरियन था। इतना ही नहीं, उसमें हमारा मोटा अनाज था। ये सुपर फूड, ये मोटा अनाज दुनिया में अपनी नई जगह बना रहा है। इससे राजस्थान के किसानों को इसका बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। हमने नेशनल मिशन फॉर आयल सीड शुरू किया हैं, इसमें भी करौली-धौलपुर की बहुत भूमिका होगी।

साथियों,

काँग्रेस ने दलितों-आदिवासियों और महिलाओं को भी ना कभी अवसर दिये, ना सम्मान दिया। भाजपा ने देश के 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों के जन-धन खाते खुलवाए। हमने 11 करोड़ परिवारों के लिए शौचालय बनवाए। भाजपा सरकार ने 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर दिये। और इनमें से अधिकांश लाभार्थी समाज के वंचित वर्ग के लोग हैं। ज़्यादातर पीएम आवास घर की महिलाओं के नाम पर हैं। भाजपा ने करोड़ों बहनों को उज्ज्वला सिलैंडर देकर उन्हें धुएँ से बचाया है। अब हम देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लिए काम कर रहे हैं! मुझे बताइये, ये सारे काम जो मैं बोल रहा हूं, ये काम पहले नहीं होने चाहिए थे कि नहीं होने चाहिए थे? देश आजाद होने के तुरंत बाद ये  काम करने चाहिए थे कि नहीं करने चाहिए थे। ये काम भी नहीं किया इन्होंने। ये काम भी मुझे करना पड़ रहा है। 

साथियों

हमारे दलितों, आदिवासियों और महिलाओं की कितनी पीढ़ियों की जिंदगी काँग्रेस की उपेक्षा के कारण तकलीफ से गुजर गई। लेकिन आज गरीब का बेटा 10 साल से प्रधानसेवक है, तो गरीब को कितनी ही परेशानियों से मुक्ति मिली है। साथियों, आपको पता है विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए मेरा हर पल, हर क्षण देश के लिए है। पल-पल आपके नाम। हर पल देश के नाम। और इसलिए मैं तो कहता हूं 24 बाय 7,  24 बाय 7 फॉर 2047। 

साथियों, 

जो लोग हमारा घोर विरोध करते हैं। ये परिवारवाद और भ्रष्टाचार के दलदल में डूबी काँग्रेस जनता की मजबूरियों में मुनाफा खोजती है। राजस्थान में पानी के संकट को बड़ा बनाने वाली कांग्रेस ही है। केंद्र सरकार ने हर घर पानी पहुंचाने के लिए जलजीवन मिशन शुरू किया। उसमें भी काँग्रेस ने भ्रष्टाचार किया। आज हमारे प्रयासों से करौली-धौलपुर के डेढ़ लाख घरों में पानी पहुंचा है। और अभी भजनलाल जी बड़ा विस्तार से वर्णन कर रहे थे, जिस ERCP प्रोजेक्ट को काँग्रेस सरकार ने वर्षों से लटकाया था, उसे भी भजनलाल जी की सरकार ने 100 दिन के भीतर ही पास करवा दिया। और इसका बड़ा लाभ करौली-धौलपुर को मिलेगा। हरियाणा के साथ हुये समझौते से राजस्थान के कई जिलों तक पानी पहुंचेगा। और मैं आपको बताना चाहता हूं। ये संभव इसलिए हुआ, क्योंकि हरियाणा में भी बीजेपी की सरकार है। और राजस्थान में आप बीजेपी सरकार लाए हैं। तो हमने मिलजुल कर के रास्ता निकाला। केंद्र सरकार सरकार में भी हम बैठे थे। 

आपको याद होगा, हिंदुस्तान में बहुत सारे राज्य हैं, जो पड़ौसी राज्य  के साथ पानी के मुद्दे पर पिछले 30-30, 40-40 साल से लड़ाई चल रही है। और पानी समंदर में जा रहा है और लड़ाई चल रही है। मुझे याद है गुजरात में नर्मदा योजना, हमने केनाल बनाई और बिना  कोई झगड़ा, बिना कोई मनमुटाव, गुजरात ने राजस्थान जो पानी मिलना चाहिए। वो केनाल बनते ही पानी देना शुरू कर दिया और गुजरात से सटे हुए जो जिले हैं, वहां पानी पहुंच गया। और मुझे याद है, उस समय भैरोंसिंह शेखावत, जसवंत सिंह जी गुजरात आए थे, मैं मुख्यमंत्री था। और उन्होंने मेरी बहुत बधाई की। बहुत अभिनंदन किया। मैंने कहा क्या है, आप तो मुझसे बड़े हैं। बोले जी, पानी देना कितनी बड़ी बात होती है और आपने पानी पहुंचाया है। राजस्थान कभी भी आपको भूलेगा नहीं। ये शब्द उस दिन थे। मैं गुजरात से आता हूं। पानी की दिक्कत क्या होती है, मैं भलीभांति समझता हूं। राजस्थान पानी की कैसी मुसीबतों से गुजरता है, मैं भलीभांति समझता हूं। और इसलिए, समस्या  का समाधान खोजने के लिए कोई न कोई रास्ते खोजते रहते हैं। हम हाथ जोड़कर बैठे नहीं रहते हैं। 

साथियों,

काँग्रेस ने जिस पानी में पैसा कमाने का पाप किया, बीजेपी ने उसे सेवा, ज़िम्मेदारी और जवाबदेही का काम मान करके पूरा किया। आने वाले समय में राजस्थान के घर-घर पानी पहुंचेगा, ये मोदी की गारंटी है। आपके सपने ही मेरा संकल्प हैं।

साथियों,

आप लोग मुझे भलीभांति जानते हैं। कितने साल हो गए मेरी ज़िंदगी करीबी से जानते हुए। आपने मैं कैसे काम कर रहा हूं, सब देखा है। आप सब ये जानते हैं कि मोदी आराम करने के लिए पैदा नहीं हुआ है। न ही मोदी मौज करने के लिए पैदा हुआ है। मोदी मेहनत करता है, क्योंकि मोदी के लक्ष्य बहुत बड़े हैं। और ऐसे लक्ष्य जो सिर्फ और सिर्फ मेरे देशवासियों से जुड़े हैं। आप सबसे जुड़े हैं। ऐसे लक्ष्य जो आपके बच्चों से, देश के युवाओं से जुड़े हैं। जबकि साथियों, काँग्रेस ऐसी पार्टी है जिसने युवाओं की नौकरी में भी लूट के मौके तलाशे हैं। यहां कांग्रेस सरकार के संरक्षण में पेपरलीक इंडस्ट्री, पेपरलीक इंडस्ट्री खड़ी हो गई थी। मोदी ने आपको गारंटी दी, बीजेपी सरकार आएगी, पेपरलीक माफिया जेल के भीतर दिखाई देंगे। आज मोदी की गारंटी भी पूरी हुई कि नहीं हुई। मोदी मोदी की गारंटी भी पूरी हुई कि नहीं हुई। आज राजस्थान ही नहीं, पूरे देश में भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो रही है।  इसीलिए, इंडी अलायंस के लोग मोदी के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। अब मजा देखिए, देश में क्या चल रहा है। एक तरफ मोदी है, जो कहता है- भ्रष्टाचार हटाओ। और दूसरी तरफ वो लोग हैं, जो कहते हैं- भ्रष्टाचारी बचाओ। ये सारे लोग, जो भ्रष्टाचारियों को बचाने निकले हैं ना,  कान खोलकर के सुन लें। मोदी को कितनी भी धमकियां दे दें...भ्रष्टाचारियों को जेल जाना ही पड़ेगा- ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

60 साल सत्ता संभालने वाली काँग्रेस के पापों की लिस्ट काफी लंबी है, लेकिन आज मैं राजस्थान की धरती से कांग्रेस का एक महापाप बताता हूं। ऐसा महापाप, जिसकी कोई माफी नहीं है, कोई प्रायश्चित्त नहीं है। ये महापाप है- राजस्थान के सम्मान और पहचान के साथ खिलवाड़ का। काँग्रेस ने राजस्थान में वोटबैंक के लिए तुष्टीकरण का गंदा खेल खेला। ये वो धरती है जो मदनमोहन जी के विग्रह की रक्षा के लिए अपने बलिदान देने के लिए तैयार हो गई थी। उसी धरती पर काँग्रेसी नेताओं ने तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार के लिए मंदिरों को गिराकर उनकी ज़मीनें कब्जा कीं। यहाँ रामनवमी की शोभायात्रा पर पत्थर बरसाए जाते थे! जिस राजस्थान ने, जिस राजस्थान ने, धौलपुर ने अयोध्या में 500 साल के इंतज़ार के बाद बन रहे भव्य राममंदिर के लिए पत्थर भेजे, उसी राममंदिर पर काँग्रेस पार्टी के नेता कैसी-कैसी भाषा बोल रहे हैं। इन लोगों ने रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का बहिष्कार तक किया। इंडी गठबंधन में इनकी साथी पार्टी सनातन को नष्ट करने की बात करती है। और ये काँग्रेस वाले उनके मौन समर्थन में खड़े रहते हैं। साथियों आप बताओ, कांग्रेस का ये पाप माफी लायक है क्या ? ऐसे पाप को माफ किया जा सकता है क्या। इन्हें सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? और इस बार जब आप 19 तारीख को वोट देने जाएं ना, तो बटन दबाते समय, बटन ऐसे दबाइये, ताकि ये पापियों को सजा देने का आपको संतोष मिले।

साथियों, 

आप कांग्रेस नेताओं के बयानों से इनके मंसूबों का अंदाज लगा सकते हैं। काँग्रेस के शहजादे विदेश में कहते हैं कि भारत कोई राष्ट्र नहीं है। देश सर्जिकल स्ट्राइक करता है तो ये सेना से सबूत मांगते हैं। सेना के शौर्य को काँग्रेस के शहजादे खून की दलाली बोलते हैं। टुकड़े-टुकड़े गैंग के पीछे सबसे पहले काँग्रेस खड़ी होती है। कर्नाटक से काँग्रेस सांसद दक्षिण भारत को तोड़कर अलग करने की बात कर रहे हैं। और अब तो, काँग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक खुलेआम देश की एकता के सामने सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं। ऐसी भाषा बोल रहे हैं। ये विदेश की धरती पर जाकर कश्मीर का राग अलापते हैं, लेकिन जब मैं राजस्थान में कश्मीर की बात करता हूं तो ये पूछते हैं अगर कश्मीर से 370 हट गया, तो राजस्थान का क्या वास्ता? ये कांग्रेस अध्यक्ष ने यहां आकर बोला। कि भई कश्मीर तो दूर है। वहां से 370 हट गया तो इसमें राजस्थान का क्या वास्ता।

मैं जरा काँग्रेस पार्टी को बताना चाहता हूँ। जरा कान खोलकर के सुन लो। और आपके नेताओं को भी भेज देना मेरा वीडियो। कांग्रेस के नेता समझ लें, राजस्थान का कश्मीर से क्या वास्ता है, ये जानना है तो राजस्थान के बलिदानी वीर शहीदों के घर जाकर पूछो! उनके गाँव की मिट्टी बताएगी कि राजस्थान का कश्मीर से क्या वास्ता है! कश्मीर की धरती पर मेरे राजस्थान के अनेक वीर संतानों ने बलिदान दिए हैं और मुझसे पूछते हो कि क्या वास्ता है। इस मिट्टी के शहीदों की समाधियाँ तुम्हें बताएँगी, राजस्थान का कश्मीर से क्या रिश्ता है। सत्ता से दूर होकर इनकी सोच इतनी संकुचित हो गई है कि ये लोग राणा प्रताप की धरती से पूछते हैं कि कश्मीर का बाकी देश से क्या लेना-देना? आप कल्पना करिए, जब विपक्ष में रहकर इसकी सोच ऐसी है, तो ये सत्ता में देश की अखंडता और एकता के साथ क्या-क्या खिलवाड़ कर सकते हैं!

साथियों, 

यही कांग्रेस है जिसने भारत का एक द्वीप....तमिलनाडु के पास कच्चातीवू द्वीप को श्रीलंका को दे दिया था। इस देशविरोधी कुकृत्य को काँग्रेस बेशर्मी से जायज ठहरा रही है। कल ही काँग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा है, कच्चातीवू द्वीप है, वो टापू है क्या वहां कोई रहता है क्या? रहता नहीं है तो क्या दे देनी है क्या। फिर तो रेगिस्तान को तुम क्या कहोगे कल। यही कहोगे कोई रहता है क्या। क्या कोई देश की सेवा ऐसे होती है क्या। ये तरीका है क्या। ये है इनकी मानसिकता! इनके लिए देश का खाली हिस्सा, सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा है! कल ये कांग्रेसी, राजस्थान जैसे सीमावर्ती राज्य की खाली जमीन यही कहकर किसी भी देश को दे सकते हैं! कांग्रेस का सिर्फ इतिहास ही खतरनाक नहीं है, बल्कि कांग्रेस के इरादे भी खतरनाक हैं। 

साथियों,

करौली और धौलपुर में 19 अप्रैल को मतदान है। बीजेपी ने बहन इन्दुमती जाटव जी को अपना प्रत्याशी बनाया है। इन्दुमती जी के पास अपनी पार्टी के कामों की पहचान है। चंबल नदी पर बना पुल हो, दिल्ली-मुंबई एक्स्प्रेसवे हो, या अब धौलपुर से सरमथुरा तक बन रही ब्रॉड गेज रेललाइन हो, बीजेपी ने इस क्षेत्र के विकास को नई पहचान दी है। इंदुमती जी करौली-धौलपुर में विकास को और तेजी से आगे बढ़ाने के लिए आपकी प्रतिनिधि का काम करेंगी। और इसके लिए आपको 19 अप्रैल को, गर्मी कितनी ही क्यों ना हो, पहले मतदान, फिर जलपान। अच्छा, मतदान के, मतदान के पुराने रिकॉर्ड तोड़ोगे आप। अपने पोलिंग बूथ में पहले जो मतदान हुआ होगा, उससे ज्यादा मतदान कराकर उसका रिकॉर्ड तोड़ोगे। पक्का तोड़ोगे। मैं आपको एक चैलेंज देता हूं...दे दूं। आपको एक चैलेंज देता हूं...दे दूं। क्या हम सभी पोलिंग बूथ जीत सकते हैं। सभी पोलिंग बूथ जीत सकते हैं। हमें सब सभी पोलिंग बूथ जीतने के लिए काम करना है। अभी एक सप्ताह हमारे पास है। पोलिंग बूथ जीतने के लिए पूरी ताकत लगाइये। करेंगे। पक्का करेंगे। अच्छा मेरा एक काम करेंगे। क्यों ठंडे पड़ गए। चुनाव के लिए तो सब करोगे। इंदूजी के लिए सब करोगे। लेकिन मोदी जी के लिए कुछ नहीं करोगे। अच्छा मेरा एक काम करोगे। लेकिन ये चुनाव वाला काम नहीं है। करोगे। पक्का। देखिए आप आने वाले दिनों में घर-घर जाना और जाकर के बताना कि अपने मोदी जी आए थे। उन्होंने आपको प्रणाम भेजा है। हर घऱ मेरा प्रणाम पहुंचेगा। याद रख करके पहुंचाओगे। पक्का।

मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय

भारत माता की जय

भारत माता की जय

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

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Role of newspapers is crucial in the journey to Viksit Bharat: PM Modi at inauguration of INS Towers in Mumbai
July 13, 2024
“Role of newspapers is very important in the journey to Viksit Bharat in the next 25 years”
“The citizens of a country who gain confidence in their capabilities start achieving new heights of success. The same is happening in India today”
“INS has not only been a witness to the ups and downs of India’s journey but also lived it and communicated it to the people”
“A country’s global image directly affects its economy. Indian publications should enhance their global presence”

महाराष्ट्र के गवर्नर श्रीमान रमेश बैस जी, मुख्यमंत्री श्रीमान एकनाथ शिंदे जी, उप मुख्यमंत्री भाई देवेंद्र फडणवीस जी, अजित दादा पवार जी, इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी के प्रेसिडेंट भाई राकेश शर्मा जी, सभी वरिष्‍ठ महानुभाव, देवियों और सज्जनों!

सबले पहले मैं इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी के सभी सदस्यों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आज आप सभी को मुंबई में एक विशाल और आधुनिक भवन मिला है। मैं आशा करता हूँ, इस नए भवन से आपके कामकाज का जो विस्तार होगा, आपकी जो Ease of Working बढ़ेगी, उससे हमारे लोकतंत्र को भी और मजबूती मिलेगी। इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी तो आज़ादी के पहले से अस्तित्व में आने वाली संस्‍थाओं में से एक है और इसलिए आप सबने देश की यात्रा के हर उतार-चढ़ाव को भी बहुत बारीकी से देखा है, उसे जिया भी है, और जन-सामान्‍य को बताया भी है। इसलिए, एक संगठन के रूप में आपका काम जितना प्रभावी बनेगा, देश को उसका उतना ही ज्यादा लाभ मिलेगा।

साथियों,

मीडिया केवल देश के हालातों का मूकदर्शक भर नहीं होता। मीडिया के आप सभी लोग, हालातों को बदलने में, देश को दिशा देने में एक अहम रोल निभाते हैं। आज भारत एक ऐसे कालखंड में है, जब उसकी अगले 25 वर्षों की यात्रा बहुत अहम है। इन 25 वर्षों में भारत विकसित बने, इसके लिए पत्र-पत्रिकाओं की भूमिका भी उतनी ही बड़ी है। ये मीडिया है, जो देश के नागरिकों को जागरूक करता है। ये मीडिया है, जो देश के नागरिकों को उनके अधिकार याद दिलाता रहता है। और यही मीडिया है, जो देश के लोगों को ये एहसास दिलाता है कि उनका सामर्थ्य क्या है। आप भी देख रहे हैं, जिस देश के नागरिकों में अपने सामर्थ्य को लेकर आत्मविश्वास आ जाता है, वो सफलता की नई ऊंचाई प्राप्त करने लगते हैं। भारत में भी आज यही हो रहा है। मैं एक छोटा सा उदाहरण देता हूं आपको। एक समय था, जब कुछ नेता खुलेआम कहते थे कि डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत के लोगों के बस की बात नहीं है। ये लोग सोचते थे कि आधुनिक टेक्नोलॉजी वाली चीजें इस देश में नहीं चल पाएंगी। लेकिन भारत की जनता की सूझबूझ और उनका सामर्थ्य दुनिया देख रही है। आज भारत डिजिटल ट्रांजेक्शन में दुनिया में बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ रहा है। आज भारत के UPI की वजह से आधुनिक Digital Public Infrastructure की वजह से लोगों की Ease of Living बढ़ी है, लोगों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पैसे भेजना आसान हुआ है। आज दुनियाभर में हमारे जो देशवासी रहते हैं, खासकर के गल्‍फ के देशों में, वो सबसे ज्यादा रेमिटेंस भेज रहे हैं और उनको जो पहले खर्च होता था, उसमें से बहुत कमी आ गई है और इसके पीछे एक वजह ये डिजिटल रेवेल्यूशन भी है। दुनिया के बड़े-बड़े देश हमसे टेक्नोलॉजी और हमारे implementation model को जानना-समझने को प्रयास कर रहे हैं। ये इतनी बड़ी सफलता सिर्फ सरकार की है, ऐसा नहीं है। इस सफलता में आप सभी मीडिया के लोगों की भी सहभागिता है औऱ इसलिए ही आप सब बधाई के भी पात्र हैं।

साथियों,

मीडिया की स्वाभाविक भूमिका होती है, discourse create करना, गंभीर विषयों पर चर्चाओं को बल देना। लेकिन, मीडिया के discourse की दिशा भी कई बार सरकार की नीतियों की दिशा पर निर्भर होती है। आप जानते हैं, सरकारों में हमेशा हर कामकाज के अच्छा है, बुरा है, लेकिन वोट का गुणा-भाग, उसकी आदत लगी ही रहती है। हमने आकर के इस सोच को बदला है। आपको याद होगा, हमारे देश में दशकों पहले बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। लेकिन, उसके बाद की सच्चाई ये थी कि 2014 तक देश में 40-50 करोड़ गरीब ऐसे थे, जिनका बैंक अकाउंट तक नहीं था। अब जब राष्ट्रीयकरण हुआ तब जो बातें कही गई और 2014 में जो देखा गया, यानी आधा देश बैंकिंग सिस्टम से बाहर था। क्या कभी हमारे देश में ये मुद्दा बना? लेकिन, हमने जनधन योजना को एक मूवमेंट के तौर पर लिया। हमने करीब 50 करोड़ लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा। डिजिटल इंडिया और भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों में यही काम हमारा सबसे बड़ा माध्यम बना है। इसी तरह, स्वच्छता अभियान, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया जैसे अभियानों को अगर हम देखेंगे! ये वोट बैंक पॉलिटिक्स में कहीं फिट नहीं होते थे। लेकिन, बदलते हुए भारत में, देश के मीडिया ने इन्हें देश के नेशनल discourse का हिस्सा बनाया। जो स्टार्ट-अप शब्द 2014 के पहले ज्यादातर लोग जानते भी नहीं थे, उन्हें मीडिया की चर्चाओं ने ही घर-घर तक पहुंचा दिया है।

साथियों,

आप मीडिया के दिग्गज हैं, बहुत अनुभवी हैं। आपके निर्णय देश के मीडिया को भी दिशा देते हैं। इसलिए आज के इस कार्यक्रम में मेरे आपसे कुछ आग्रह भी हैं।

साथियों,

किसी कार्यक्रम को अगर सरकार शुरू करती है तो ये जरूरी नहीं है कि वो सरकारी कार्यक्रम है। सरकार किसी विचार पर बल देती है तो जरूरी नहीं है कि वो सिर्फ सरकार का ही विचार है। जैसे कि देश ने अमृत महोत्सव मनाया, देश ने हर घर तिरंगा अभियान चलाया, सरकार ने इसकी शुरुआत जरूर की, लेकिन इसको पूरे देश ने अपनाया और आगे बढ़ाया। इसी तरह, आज देश पर्यावरण पर इतना ज़ोर दे रहा है। ये राजनीति से हटकर मानवता के भविष्य का विषय है। जैसे कि, अभी ‘एक पेड़ मां के नाम’, ये अभियान शुरू हुआ है। भारत के इस अभियान की दुनिया में भी चर्चा शुरू हो गई है। मैं अभी जी7 में गया था जब मैंने इस विषय को रखा तो उनके लिए बड़ी उत्सुकता थी क्योंकि हर एक को अपनी मां के प्रति लगाव रहता है कि उसको लगता है कि ये बहुत क्लिक कर जाएगा, हर कोई कह रहा था। देश के ज्यादा से ज्यादा मीडिया हाउस इससे जुड़ेंगे तो आने वाली पीढ़ियों का बहुत भला होगा। मेरा आग्रह है, ऐसे हर प्रयास को आप देश का प्रयास मानकर उसे आगे बढ़ाएं। ये सरकार का प्रयास नहीं है, ये देश का है। इस साल हम संविधान का 75वां वर्ष भी मना रहे हैं। संविधान के प्रति नागरिकों में कर्तव्य बोध बढ़े, उनमें जागरूकता बढ़े, इसमें आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका हो सकती है।

साथियों,

एक विषय है टूरिज्म से जुड़ा हुआ भी। टूरिज्म सिर्फ सरकार की नीतियों से ही नहीं बढ़ता है। जब हम सब मिलकर देश की ब्रांडिंग और मार्केटिंग करते हैं तो, देश के सम्मान के साथ-साथ देश का टूरिज़्म भी बढ़ता है। देश में टूरिज्म बढ़ाने के लिए आप लोग अपने तरीके निकाल सकते हैं। अब जैसे मान लीजिए, महाराष्ट्र के सभी अखबार मिलकर के तय करें कि भई हम सितम्बर महीने में बंगाल के टूरिज्म को प्रमोट करेंगे अपनी तरफ से, तो जब महाराष्ट्र के लोग चारों तरफ जब बंगाल-बंगाल देखें तो उनको करें कि यार इस बार बंगाल जाने का कार्यक्रम बनाएं, तो बंगाल का टूरिज्‍म बढ़ेगा। मान लीजिए आप तीन महीने के बाद तय करें कि भई हम तमिलनाडु की सारी चीजों पर सब मिलकर के, एक ये करें के एक दूसरा करें ऐसा नहीं, तमिलनाडु फोकस करेंगे। आप देखिए एक दम से महाराष्ट्र के लोग टूरिज्‍म में जाने वाले होंगे, तो तमिलनाडु की तरफ जाएंगे। देश के टूरिज्म को बढ़ाने का एक तरीका हो और जब आप ऐसा करेंगे तो उन राज्यों में भी महाराष्ट्र के लिए ऐसे ही कैम्पेन शुरू होंगे, जिसका लाभ महाराष्‍ट्र को मिलेगा। इससे राज्यों में एक दूसरे के प्रति आकर्षण बढ़ेगा, जिज्ञासा बढ़ेगी और आखिरकार इसका फायदा जिस राज्य में आप ये इनिशिएटिव ले रहे हें और बिना कोई एक्‍स्‍ट्रा प्रयास किए बिना आराम से होने वाला काम है।

साथियों,

आप सभी से मेरा आग्रह अपनी ग्लोबल प्रेजेंस बढ़ाने को लेकर भी है। हमें सोचना होगा, दुनिया में हम नहीं है। As far as media is concerned हम 140 करोड़ लोगों के देश हैं। इतना बड़ा देश, इतना सामर्थ्य और संभावनाएं और बहुत ही कम समय में हम भारत को third largest economy होते देखने वाले हैं। अगर भारत की सफलताएं, दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का दायित्व भी आप बहुत बखूबी ही निभा सकते हैं। आप जानते हैं कि विदेशों में राष्ट्र की छवि का प्रभाव सीधे उसकी इकोनॉमी और ग्रोथ पर पड़ता है। आज आप देखिए, विदेशों में भारतीय मूल के लोगों का कद बढ़ा है, विश्वसनीयता बढ़ी है, सम्मान बढ़ा है। क्योंकि, विश्व में भारत की साख बढ़ी है। भारत भी वैश्विक प्रगति में कहीं ज्यादा योगदान दे पा रहा है। हमारा मीडिया इस दृष्टिकोण से जितना काम करेगा, देश को उतना ही फायदा होगा और इसलिए मैं तो चाहूंगा कि जितनी भी UN लैंग्वेज हैं, उनमें भी आपके पब्लिकेशंस का विस्तार हो। आपकी माइक्रोसाइट्स, सोशल मीडिया accounts इन भाषाओं में भी हो सकते हैं और आजकल तो AI का जमाना है। ये सब काम आपके लिए अब बहुत आसान हो गए हैं।

साथियों,

मैंने इतने सारे सुझाव आप सबको दे डाले हैं। मुझे मालूम है, आपके अखबार में, पत्र पत्रिकाओं में, बहुत लिमिटेड स्पेस रहती है। लेकिन, आजकल हर अखबार पर और हर एक के पास एक publication के डिजिटल editions भी पब्लिश हो रहे हैं। वहाँ न स्पेस की limitation है और न ही distribution की कोई समस्या है। मुझे भरोसा है, आप सब इन सुझावों पर विचार करके, नए experiments करेंगे, और लोकतंत्र को मजबूत बनाएँगे। और मैं पक्‍का मानता हूं कि आपके लिए एक, भले ही दो पेज की छोटी एडिशन जो दुनिया की UN की कम से कम languages हों, दुनिया का अधिकतम वर्ग उसको देखता है, पढ़ता है… embassies उसको देखती हैं और भारत की बात पहुंचाने की एक बहुत बड़ा source आपके ये जो डिजिटल एडिशंस हैं, उसमें बन सकता है। आप जितना सशक्त होकर काम करेंगे, देश उतना ही आगे बढ़ेगा। इसी विश्वास के साथ, आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद! और आप सबसे मिलने का मुझे अवसर भी मिल गया। मेरी आपको बहुत शुभकामनाएं हैं! धन्‍यवाद!