The wonderful homes under PM Awas Yojana are being made possible because there are no middlemen: PM
It is my dream, it is our endeavour to ensure that every Indian has his own house by 2022: PM Modi
Till now, we only heard about politicians getting their own homes. Now, we are hearing about the poor getting their own homes: PM Modi

প্ৰধানমন্ত্ৰী শ্ৰী নৰেন্দ্ৰ মোদীয়ে আজি ভালছাদ জিলাৰ জুজৱা গাঁৱত আয়োজিত এক বিশাল ৰাজহুৱা সভাত প্ৰধানমন্ত্ৰী আৱাস যোজনা(গ্ৰামীণ)ৰ হিতাধিকাৰীৰ সমূহীয়া ই-গৃহপ্ৰৱেশ অনুষ্ঠানত হাজাৰ হাজাৰ লোকৰ সৈতে সাক্ষী হিচাপে যোগদান কৰে। এই উপলক্ষে ৰাজ্যখনৰ ২৬খন জিলাৰ ১ লাখ হিতাধিকাৰীক গৃহ হস্তান্তৰ কৰে। কেইবাখনো জিলাৰ হিতাধিকাৰীয়ে ভিডিঅ’ লিংকযোগে মুল অনুষ্ঠানৰ সৈতে সংযোগ স্থাপন কৰাৰ লগতে প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে ইয়াৰে একাংশ লোকৰে বাৰ্তালাপ কৰে।

একেটা অনুষ্ঠানতে প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে দীনদয়াল উপাধ্যায় গ্ৰামীণ কৌশল বিকাশ যোজনা, মুখ্যমন্ত্ৰী গ্ৰামোদয় যোজনা আৰু ৰাষ্ট্ৰীয় গ্ৰামীণ জীৱিকা অভিযানকে ধৰি বিভিন্ন উন্নয়নমুলক আঁচনিৰ অধীনত একাংশ নিৰ্বাচিত হিতাধিকাৰীক প্ৰশংসা-পত্ৰ আৰু সংস্থাপন পত্ৰ বিতৰণ কৰে। তেওঁ মহিলা বেংক কৰেছপনডেণ্টক নিযুক্তি পত্ৰ আৰু মিনি-এটিএম প্ৰদান কৰে।

ইয়াৰ পাছতে প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে এষ্টল পানী যোগান আঁচনিৰ আধাৰশিলা স্থাপন কৰে।

এই উপলক্ষে আগবঢ়োৱা ভাষণত প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে ৰাখী বন্ধন উৎসৱ সমাগত বুলি উল্লেখ কৰে। তেওঁ  ১ লাখতকৈ অধিক লোকে তেওঁলোকৰ নামত এটাকৈ আৱাস লাভ কৰাক লৈ তেওঁ সন্তুষ্টি প্ৰকাশ কৰে আৰু ৰাখী বন্ধনৰ প্ৰাকমুহূৰ্তত এয়া এক উপহাৰ বুলি কয়। তেওঁ লগতে কয় যে এখন নতুন ঘৰে এক নতুন সপোন লৈ আনিছে আৰু পৰিয়ালক এক নতুন সামূহিক উৎসাহেৰে তেওঁলোকৰ সপোনবোৰ পূৰণ কৰাত কঠোৰ পৰিশ্ৰম কৰিবলৈ উদ্গনি যোগাব।

ই-গৃহপ্ৰৱেশৰ সময়ত দেখা গৃহসমূহৰ মানদণ্ড উৎকৃষ্ট মানদণ্ডৰ বুলি উল্লেখ কৰি প্ৰধানমন্ত্ৰী যে এয়া মধ্যস্থতাকাৰী নথকাৰ বাবেই সম্ভৱ হৈছে। প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কেন্দ্ৰীয় চৰকাৰৰ ২০২২ চনৰ ভিতৰত “সকলোৰে বাবে গৃহ” ভিজন সুনিশ্চিত কৰাৰ সম্পৰ্কে পুনৰ দোঁহাৰে।

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয় যে দীৰ্ঘদিন ধৰি ফেন্সি আৱাস গঢ়ি তোলাৰ সন্দৰ্ভত ৰাজনীতিবিদসকলে বক্তৃতা দি আহিছিল। তেওঁ কয় যে এই বক্তৃতা বৰ্তমান দুখীয়া লোকে তেওঁলোকৰ গৃহ লাভলৈ পৰিৱৰ্তন হ’ল।

এষ্টল পানী যোগান আঁচনিৰ আধাৰশিলা স্থাপন কৰি প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কয় যে বিশুদ্ধ পানীয়ে জনসাধাৰণক বিভিন্ন ৰোগৰ পৰা ৰক্ষা কৰে।

প্ৰধানমন্ত্ৰীয়ে কেনেকৈ চৰকাৰে আৱাস প্ৰদান, বিদ্যুৎ যোগান, বিশুদ্ধ খোৱাপানী যোগান আৰু স্বচ্ছ ৰন্ধন গেছ যোগানেৰে দুখীয়া লোকসকলৰ জীৱনলৈ পৰিৱৰ্তন আনিছে সেই সম্পৰ্কে বিস্তৃত ব্যাখ্যা আগবঢ়ায়।

Click here to read PM's speech

Explore More
শ্ৰী ৰাম জনমভূমি মন্দিৰৰ ধ্বজাৰোহণ উৎসৱত প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ সম্বোধনৰ অসমীয়া অনুবাদ

Popular Speeches

শ্ৰী ৰাম জনমভূমি মন্দিৰৰ ধ্বজাৰোহণ উৎসৱত প্ৰধানমন্ত্ৰীৰ সম্বোধনৰ অসমীয়া অনুবাদ
India’s Defence Exports Explode: ₹40,000 Crore Milestone Signals a New Manufacturing Era

Media Coverage

India’s Defence Exports Explode: ₹40,000 Crore Milestone Signals a New Manufacturing Era
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!