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Gujarat's Chief Minister Shri Narendrabhai Modi will perform the ground-breaking ceremony of the Mahatma Mandir here on Monday, June 7, 2010 at 10.30 a.m.

The majestic memorial to Mahatma Gandhi is being built by 'kar sevaks' with symbolic samples of soil and water brought in 50,000 pitchers from 26 nations, all the states in India, from all the 159 towns and 18,000 villages in Gujarat. The project has been undertaken as part of the state's golden jubilee celebration.

A 'time capsule' chronicling the march of the state since its foundation on May 1, 1960 will be lowered into the ground under the site of the Mahatma Mandir. The box, christened 'Kaal Sanduk' of 'Smriti Manjusha' is made of special gauge stainless steel after given proper treatment. The scripts too are written on a special paper mixed with plastic to last a long time.

It will contain audio-visual compact discs prepared by the Government of Gujarat, besides Ravishankar Maharaj's word-by-word speech delivered at the time of Gujarat's Foundation Day on May 1, 1960, the concept of the Mahatma Mandir and the opinion of 'kar sevaks' participating in the construction of Mahatma Mandir.

The time capsule will also carry the resolution passed by Gujarat's present and past Chief Ministers, MPs and MLAs at the unique parliamentary conclave, named 'Swarnim Gujarat Sanasadiya Parishad' held at the State Assembly on January 1, 2010.

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Text of PM’s speech at interaction with the beneficiaries of Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana in Uttar Pradesh
August 05, 2021
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August 5 is becoming a significant date in the Indian History as abrogation of 370, and Ram Mandir are associated with this: PM
Our youth has taken a big step in re-establishing the glory of our national game hockey today: PM
Our youth is scoring goal of victory whereas some are doing self-goal due to political selfishness: PM
India’s youth has firm belief that both they and India are on the move.: PM
This great country cannot become hostage to selfish and anti-national politics: PM
Double engine government has ensured that the schemes made for the poor, downtrodden, backward, tribals are implemented expeditiously in UP: PM
Uttar Pradesh was always seen through the prism of politics. The confidence that UP can become the powerhouse of India's growth engine has emerged in recent years: PM
This decade is the decade of making up for the shortfall of the last 7 decades for Uttar Pradesh: PM

नमस्ते,

आज आप सभी से बात करके बहुत संतोष हो रहा है। संतोष इस बात का, कि दिल्ली से अन्न का जो एक-एक दाना भेजा गया, वो हर लाभार्थी की थाली तक पहुंच रहा है। संतोष इस बात का कि पहले की सरकारों के समय उत्तर प्रदेश में गरीब के अनाज की जो लूट हो जाती थी उसके लिए अब वो रास्ता नहीं बचा है। यूपी में जिस तरह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को लागू किया जा रहा है, वो नए उत्तर प्रदेश की पहचान को और मजबूत करती है। मुझे आप से बात करकर के बहुत अच्छा लगा, और जिस हिम्मत के साथ आप बोल रहे थे, जिस विश्वास के साथ बोल रहे थे। और सच्चाई, आपके हर शब्द में सचचाई निकलती थी। उससे मुझे इतना संतोष मिला। आप लोगों के लिए काम करने के लिए मेरा उत्साह आज बढ़ गया है। चलिए आपसे बात करके तो बात जितनी बात करे कम पड जाएगी। आईए अब कार्यक्रम की और चलते हैं।

आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी भी हैं, कर्मयोगी भी हैं। ऐसे हमारे योगी आदित्यनाथ जी, यूपी सरकार के हमारे सभी मंत्रिगण, संसद में मेरे सभी सहयोगी, सभी सांसद विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष और विशाल संख्या में उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में आज इकटठे हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, अगस्त का ये महीना भारत के इतिहास में उसकी शुरूआत ही देखिए, एक प्रकार से उपलब्धियां लेकर के आई है। ऐसा लग रहा है कि भारत की विजय की शुरूआत हो चुकी है। इसमें भी आज की ये 5 अगस्त की तारीख बहुत विशेष बन गई है। बहुत महत्वपूर्ण बन गयी है। इतिहास इसको सालों तक दर्ज करेगा। ये 5 अगस्त ही है, जब 2 साल पहले देश ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को और सशक्त किया था। करीब – करीब सात दशक के बाद दो साल पहले 5 अगस्त को ही, आर्टिकल-370 को हटाकर जम्मू कश्मीर के हर नागरिक को हर अधिकार, हर सुविधा का पूरा भागीदार बनाया गया था। यही 5 अगस्त है जब पिछले साल कोटि-कोटि भारतीयों ने सैकड़ों साल बाद भव्य राम मंदिर के निर्माण की तरफ पहला कदम रखा। आज अयोध्या में तेजी से राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। और आज 5 अगस्त की तारीख, फिर एक बार हम सभी के लिए, उत्साह और उमंग लेकर आई है। आज ही, ओलंपिक के मैदान पर देश के युवाओं ने हॉकी के अपने गौरव को फिर से स्थापित करने की तरफ बड़ी छलांग लगाई है। करीब 4 दशक के बाद ये सवर्णिम पल आई है। जो हॉकी हमारी राष्ट्रीय पहचान रही है। आज हमारे युवाओं ने उस गौरव को पुन: हासिल करने की तरफ बहुत बड़ा देश को तोहफा दिया है। और ये भी संयोग है, कि आज ही यूपी के 15 करोड़ लोगों के लिए इतना पुण्य आयोजन हो रहा है। मेरे गरीब परिवार के भाइयों – बहनों को, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को, अनाज तो करीब - करीब एक साल से ज्यादा समय से मुफ्त में मिल रहा है। लेकिन मुझे उसमे शरीक होकर के इस पुण्य कार्यक्रम में आकर के आप सबके दर्शन करने का आज मुझे अवसर मिला है।

भाइयों और बहनों,

एक तरफ हमारा देश, हमारे युवा, भारत के लिए नई सिद्धियां प्राप्त कर रहे हैं, जीत का Goal के बाद Goal कर रहे हैं, तो वहीं देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो राजनीति स्वार्थ में डूबकर ऐसी चीजें कर रहे हैं। लगता है Self Goal करने में जुटे हैं। देश क्या चाहता है, देश क्या हासिल कर रहा है, देश कैसे बदल रहा है इसमे इनको कोई सरोकार नहीं। ये लोग अपने स्वार्थ के लिए देश का समय और देश की भावना, दोनों को आहत करने में जुटे हैं। भारत की संसद का, जनभावनाओं की अभिव्यक्ति के पावन स्थान का, ये लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से निरंतर अपमान कर रहे हैं। आज पूरा देश, मानवता पर आए सबसे बड़े संकट से 100 साल में आया हुआ पहली बार आया हुआ इतने बड़े संकट से बाहर निकलने के लिए जी-जान से देश का हर नागरिक जुटा है। प्रयास कर रहा है। और ये लोग, कैसे देशहित के काम को रोका जाए, इसकी स्पर्धा में लगे हैं। इस होड़ में जुटे हैं। लेकिन साथियों, ये महान देश, इस देश की महान जनता ऐसी स्वार्थ और देशहित विरोधी राजनीति का बंधक नहीं बन सकता। ये लोग देश को, देश के विकास को रोकने की कितनी भी कोशिश कर लें, ये देश इनसे रुकने वाला नहीं है। वो संसद को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन 130 करोड़ की जनता देश को रुकने न देने में लगे हुए हैं। हर कठिनाई को चुनौती देते हुए, देश हर मोर्चे पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सिर्फ बीते कुछ हफ्तों के कीर्तिमान ही देखें, और जरा देखिए जब देश नए किर्तिमान स्थापित कर रहा था। और कुछ लोग दिल्ली में संसद को रोकने में लगे हुए थे। कुछ ही सप्तहों में जो हमने किर्तिमान देखे तो भारतीयों का सामर्थ्य और सफलता चारों तरफ नजर आता है। ओलंपिक में अभूतपूर्व प्रदर्शन को पूरा देश उत्साहपूर्व देख रहा है। भारत टीकाकरण के मामले में भी 50 करोड़ के पड़ाव के बिल्कुल दरवाजे पर आकर के खड़ा हो गया है। देखते ही देखते उसको भी पार कर जाएगा। इस कोरोना कालखंड में भी भारतीयों का उद्यम नए प्रतिमान गढ़ रहा है। जुलाई में GST का कलेक्शन हो या हमारा एक्सपोर्ट हो, ये नई ऊंचाई छू रहे हैं। जुलाई में 1 लाख 16 हजार करोड़ रुपए का GST कलेक्शन होना ये बताता है कि अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है। वहीं आजादी के बाद पहली बार किसी एक महीने में भारत का एक्सपोर्ट ढाई लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो गया। ढाई लाख करोड़ से भी पार कर गया। ढाई लाख करोड़ रुपए से पार होना आजादी के बाद पहली बार इस महीने में हुआ है। कृषि निर्यात में हम दशकों बाद दुनिया के टॉप-10 देशों में शामिल हुए हैं। भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। लेकिन दशकों बाद टॉप-10 में हमारा नाम आया है। भारत का गौरव, देश का पहला मेड इन इंडिया, विमान वाहक पोत विक्रांत, समंदर में अपना ट्रायल शुरु कर चुका है। हर चुनौती को चुनौती देते हुए भारत ने लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड का निर्माण पूरा किया है। हाल ही में भारत ने e-RUPI लॉन्च किया है, जो आने वाले समय में डिजिटल इंडिया को मजबूती देगा और welfare scheme को बिल्कुल targeted और purpose को परिपूर्ण करेगा।

साथियों,

जो लोग सिर्फ अपने पद के लिए परेशान हैं, वो अब भारत को रोक नहीं सकते। नया भारत, पद नहीं पदक जीतकर के दुनिया में छा रहा है। नए भारत में आगे बढ़ने का मार्ग परिवार नहीं, बल्कि परिश्रम से तय होगा। और इसलिए, आज भारत का युवा कह रहा है- भारत चल पड़ा है, भारत का युवा चल पड़ा है।

साथियों,

इस कड़ी में योगी जी और उनकी सरकार ने जो आज का ये कार्यक्रम रखा है वो और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। इस मुश्किल समय में, एक भी गरीब ऐसा ना हो, जिसके घर में राशन ना हो, ये सुनिश्चित करना बहुत ज़रूरी है।

साथियों,

सौ साल का ये सबसे बड़ा संकट सिर्फ महामारी का ही नहीं है। बल्कि इसने कई मोर्चों पर देश और दुनिया की अरबों की आबादी को, पूरी मानवजात को अपनी चपेट में लिया है। और वो एक सबसे बड़ी चुनौतियां पैदा कर रहा है। अतीत में हमने अनुभव किया है कि जब देश पर पहले इस तरह का बड़ा संकट आता था तो देश की तमाम व्यवस्थाएं बुरी तरह से चरमरा जाती थी, हिल जाती थीं। लोगों का विश्वास भी डिग जाता था। लेकिन आज भारत, भारत का प्रत्येक नागरिक पूरी ताकत से इस महामारी का मुकाबला कर रहा है। मेडिकल सेवाओं से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हो, दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त टीकाकरण अभियान हो या फिर भारतवासियों को भुखमरी से बचाने का सबसे बड़ा अभियान हो, लाखों करोड़ रुपए के ये कार्यक्रम आज भारत सफलता के साथ आगे बढ़ा रहा है। महामारी के इस संकट के बीच, भारत ने बड़ी संख्या में रोज़गार निर्माण करने वाले लोग और बड़े-बड़े मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी रुकने नहीं दिया। मुझे खुशी है कि यूपी और यूपी के लोगों ने देश के सामर्थ्य को बढ़ाने के लिए, कंधे से कंधा मिलाकर के काम किया। यूपी में चल रहे हाईवे, एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और डिफेंस कॉरीडोर जैसे प्रोजेक्टस जिस गति से आगे बढ़ रहे हैं। ये उसका जीता - जागता उदाहरण हैं।

साथियों,

इतने संकट के बावजूद आज देश राशन से लेकर के दूसरे खाने-पीने के सामान की कीमतों को पूरी दुनिया में तूफान मचा हुआ है। ऐसे में हमे मालूम है छोटी सी भी ज्यादा बाढ़ भी आ जाये। दूध और सब्जी के भाव भी कितने बढ़ जाते हैं। थोड़ी भी असुविधा हो तो महंगाई कितनी बढ़ जाती है। हमारे सामने भी बड़ी चुनौती है। लेकिन मैं मेरे गरीब मध्यम वर्ग के भाई – बहनों को विश्वास दिलाता हूं। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। ताकि इसको नियंत्रण में हम रख पाएं, और ये भी आप सब को सहयोग से संभव होने वाला है। कोरोना काल में भी खेती और इससे जुड़े कामों को रुकने नहीं दिया गया, उन्हें पूरी सतर्कता के साथ जारी रखा गया। किसानों को बीज से लेकर खाद तक और फिर उपज बेचने तक समस्याएं ना हों, इसके लिए उचित प्रबंध किए गए। परिणाम हुआ कि हमारे किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन किया और सरकार ने भी MSP पर खरीदने के नए कॉर्ड स्थापित किए। और हमारे योगी जी की सरकार ने तो बीते 4 सालों में MSP पर खरीद में हर साल नए-नए रिकॉर्ड बनाए हैं। यूपी में इस साल गेहूं और धान की खरीद में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी संख्या में किसानों को MSP का लाभ पहुंचा है। यूपी के 13 लाख से अधिक किसान परिवारों को उनकी उपज का लगभग 24 हज़ार करोड़ रुपए सीधा उनके बैंक अकाउंट में पहुंचाया गया है।

साथियों,

केंद्र और उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार सामान्य जन की सुविधा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। कोरोना कालखंड के बावजूद गरीबों को सुविधाएं देने का अभियान मंद नहीं पड़ा। यूपी में अभी तक 17 लाख से अधिक ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों को अपने पक्के घर स्वीकृत हो चुके हैं। लाखों गरीब परिवारों को घर में ही शौचालय की सुविधा मिली है। लगभग डेढ़ करोड़ गरीब परिवारों को उज्जवला के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन और लाखों परिवारों को बिजली कनेक्शन दिए गए हैं। हर घर जल पहुंचाने का मिशन भी यूपी में तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। बीते 2 सालों के भीतर यूपी में 27 लाख ग्रामीण परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया जा चुका है।

भाइयों और बहनों,

डबल इंजन की सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों के लिए बनी योजनाएं ज़मीन पर तेज़ी से लागू हों। पीएम स्वनिधि योजना भी इसका एक बड़ा उदाहरण है। कोरोना से बनी परिस्थितियों में, इस कोरोना काल में जो परिस्थितियां बनी। रेहड़ी-पटरी-ठेला लगाने वाले बहनों-भाइयों की आजीविका फिर से पटरी पर आए इसके लिए उनको बैंकों से जोड़ा गया है। बहुत कम समय में ही इस योजना के तहत यूपी के लगभग 10 लाख साथियों को इसका लाभ देने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

साथियों,

बीते दशकों में उत्तर प्रदेश की हमेशा क्या पहचान बनीं, क्या उल्लेख होता था उत्तर प्रदेश का आपको याद होगा। उत्तर प्रदेश को हमेशा राजनीति के चश्मे से देखा गया है। यूपी देश के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है, इसकी चर्चा तक ही नहीं होने दी गई। दिल्ली के सिंहासन का रास्ता, यूपी से होकर गुज़रता है, इसका सपना देखने वाले तो बहुत लोग आए और गए, लेकिन ऐसे लोगों ने कभी ये याद नहीं रखा कि भारत की समृद्धि का रास्ता भी यूपी से होकर ही गुज़रता है। इन लोगों ने उत्तर प्रदेश को सिर्फ राजनीति का ही केंद्र बनाए रखा गया। किसी ने वंशवाद के लिए, किसी ने अपने परिवार के लिए, किसी ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, यूपी को सिर्फ इस्तेमाल किया गया। इन लोगों की संकीर्ण राजनीति में, भारत के इतने बड़े राज्य को भारत की आर्थिक प्रगति से जोड़ा ही नहीं गया। हां कुछ लोग जरुर समृद्ध हुए, कुछ परिवार जरूर आगे बढ़े। इन लोगों ने यूपी को नहीं बल्कि खुद को समृद्ध किया। मुझे खुशी है कि आज उत्तर प्रदेश, ऐसे लोगों के कुचक्र से बाहर निकलकर आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन की सरकार ने यूपी के सामर्थ्य को एक संकुचित नज़रिए से देखने का तरीका बदल डाला है। यूपी भारत के ग्रोथ इंजन का पावर हाउस बन सकता है, ये आत्मविश्वास बीते सालों में पैदा हुआ है। यूपी के इतिहास में पहली बार सामान्य युवाओं के सपनों की बात हो रही है। यूपी के इतिहास में पहली बार अपराधियों में भय का माहौल पैदा हुआ है। यूपी के इतिहास में पहली बार, गरीबों को सताने वालों, कमज़ोर वर्गों को डराने-धमकाने और अवैध कब्जा करने वालों के मन में डर पैदा हुआ है।

जिस व्यवस्था को भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की लत गई थी, उसमें सार्थक बदलाव की शुरुआत हुई है। आज यूपी में ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि जनता के हिस्से का एक-एक पैसा सीधे जनता के खातों में पहुंचे, जनता को लाभ हो। आज यूपी निवेश का केंद्र बन रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियां आज यूपी आने के लिए लालाइत हो रही हैं। यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर के मेगा प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन रहे हैं, रोज़गार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

भाइयों और बहनों,

उत्तर प्रदेश, यहां के परिश्रमी लोग, आत्मनिर्भर भारत, एक वैभवशाली भारत के निर्माण का बहुत बड़ा आधार हैं। आज हम आज़ादी के 75 वर्ष का पर्व मना रहे हैं, आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ये महोत्सव सिर्फ आज़ादी का उत्सव भर ही नहीं है। बल्कि ये आने वाले 25 वर्षों के लिए बड़े लक्ष्यों, बड़े संकल्पों का अवसर है। इन संकल्पों में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भागीदारी है, बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। बीते दशकों में उत्तर प्रदेश जो हासिल नहीं कर पाया, अब उसे हासिल करने की बारी आई है। ये दशक एक तरह से उत्तर प्रदेश के पिछले 7 दशकों में जो कमी रह गई उसकी भरपाई करने का दशक है। ये काम यूपी के सामान्य युवाओं, हमारी बेटियों, गरीब, दलित, वंचित, पिछड़ों की पर्याप्त भागीदारी और उनको बेहतर अवसर दिए बगैर नहीं हो सकता। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसी मंत्र के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। बीते समय में शिक्षा से जुड़े दो बड़े फैसले ऐसे हैं, जिसका उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा लाभार्थी होने वाला है। पहला फैसला इंजीनियरिंग की पढ़ाई से जुड़ा है। इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन से जुड़ी पढ़ाई से यूपी के गांव और गरीब की संतान बहुत हद तक भाषा की समस्या के कारण वंचित रह जाता था। अब इस बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। हिंदी सहित अनेक भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन की पढ़ाई शुरु हो रही है। आधुनिक टेक्नॉलॉजी का उपयोग करते हुए, बेस्ट कोर्स, श्रेष्ठपाठ्यक्रम तैयार किया गया है। देश के अनेक राज्यों के संस्थानों ने ये सुविधा लागू करनी शुरू कर दी है।

भाइयों और बहनों,

एक और अहम फैसला है मेडिकल शिक्षा से जुड़ा। मेडिकल शिक्षा में अखिल भारतीय कोटे से ओबीसी को, पिछड़ों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखा गया था। इस स्थिति को बदलते हुए हाल में हमारी सरकार ने इसमें ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया है। यही नहीं, सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों के बच्चों के लिए भी जो 10 प्रतिशत आरक्षण है, उसको भी इसी सेशन से लागू किया गया है। इस फैसले से मेडिकल प्रोफेशन में जो डॉक्टर बनना चाहते हैं। उस क्षेत्र में एक बड़े टैलेंट पूल को अवसर मिलेगा और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने के लिए, बेहतर करने के लिए, प्रोत्साहन मिलेगा। गरीब की बच्चें को डॉक्टर बनने का रास्ता खोला है।

भाइयों और बहनों,

हेल्थ सेक्टर में भी बीते सालों में उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व काम हुआ है। कल्पना कीजिए 4-5 साल पहले अगर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी आती तो यूपी की क्या स्थिति होती? तब तो सामान्य सर्दी-बुखार, हैज़ा जैसी बीमारियां तक जीवन के लिए संकट बन जाती थीं। आज उत्तर प्रदेश कोरोना टीकाकरण के मामले में करीब-करीब सवा पाँच करोड़ के पड़ाव पर पहुंचने वाला पहला राज्य बन रहा है। वो भी तब जब राजनीतिक विरोध मात्र के लिए मेड इन इंडिया वैक्सीन को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाया गया, झूठ प्रचारित किया गया। लेकिन यूपी की समझदार जनता ने हर भ्रम, हर झूठ को नकार दिया। मुझे विश्वास है कि उत्तर प्रदेश, सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन अभियान को और तेज़ गति से आगे बढ़ाएगा। और मास्क, दो गज़ की दूरी के नियमों में ढील नहीं आने देगा। एक बार फिर से पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के सभी लाभार्थियों को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। और आने वाला समय तो त्योहारों का समय है। दीवाली तक त्योहार ही त्योहार आ रहे हैं। और इसलिए हमने तय किया है। कि इन त्योहारों में हमारे किसी गरीब परिवार को तकलीफ न हो। इसलिए दीवाली तक ये मुफ्त राशन देने का चालू रहेगा। मैं फिर एक बार आप सबको आने वाले सभी त्योहारों के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आप स्वस्थ रहें, आपका परिवार स्वस्थ रहे। बहुत बहुत धन्यवाद !!