India is now manufacturing everything from mobile phones to fighter jets and aircraft carriers: PM Modi in Haryana
Voting for Congress means putting Haryana's stability and development at risk: PM Modi launching attack on the Opposition
Every commitment made by the BJP is a solid guarantee: PM Modi in Haryana’s Sonipat rally
Haryana is a medal factory for India: PM Modi praising Haryana’s talent pool
The fourth generation of the Congress royal family is now advocating for the abolition of reservations: PM Modi in Haryana’s Sonipat rally

भारत माता की जय !
भारत माता की जय !
भारत माता की जय !
सारे बुजुर्गा नै//
भाई बहना नै//
और नौजवान साथिया नै//
राम राम !!

सोनीपत की इस धरती से मैं देश के महान सपूत, सर छोटूराम जी को प्रणाम करता हूं। सर छोटूराम जी का जीवन किसानों और वंचितों के लिए समर्पित रहा। हरियाणा की लोककला को समृद्ध करने वाले बाबा लख्मीचंद जी को भी मैं नमन करता हूं। आज 25 सितंबर है। हमारे पथ प्रदर्शक, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी की जन्म जयंती भी है। अंत्योदय और गरीबों की सेवा के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी ने जो रास्ता दिखाया, वो प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के लिए संकल्प-पथ की तरह है। उनकी प्रेरणा से भाजपा, भारत को विकास की नई ऊंचाई पर ले जा रही है, गरीबों का उत्थान कर रही है। मैं श्रद्धेय दीन दयाल जी को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

साथियों,

जैसे-जैसे वोटिंग का दिन पास आ रहा है, वैसे-वैसे कांग्रेस पस्त पड़ती जा रही है। हरियाणा में भाजपा के लिए समर्थन बढ़ता ही जा रहा है। आपका ये प्यार, ये अपनापन, हरियाणा का ये प्यार तो मेरी जिंदगी की बहुत बड़ी अमानत है। मैं गर्व के साथ कहता हूं, मैं जो कुछ भी हूं, उसमें हरियाणा का भी बहुत बड़ा योगदान है। आज पूरा हरियाणा कह रहा है- फिर एक बार....भाजपा सरकार। फिर एक बार....भाजपा सरकार। फिर एक बार....भाजपा सरकार। फिर एक बार....भाजपा सरकार। फिर एक बार....भाजपा सरकार।

साथियों,

आज जम्मू-कश्मीर में दूसरे चरण का मतदान भी हो रहा है। ये मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। लोग सुबह से ही वोट डालने के लिए कतारों में लग गए हैं। पहले चरण में जिस तरह जम्मू-कश्मीर में वोटिंग का रिकॉर्ड टूटा, वो भी दुनिया ने देखा है। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों की सराहना करूंगा, उन्हें बधाई दूंगा कि वो लोकतंत्र के इस पर्व में उतने उत्साह से हिस्सा ले रहे हैं।

साथियों,

भाजपा सरकार में हरियाणा आज खेती और उद्योग, दोनों मामलों में देश के टॉप राज्यों में अपनी जगह बना रहा है। जब औद्योगीकरण बढ़ता है, तो इसका सबसे अधिक फायदा गरीब को, किसान को और दलित को होता है। बाबासाहेब आंबेडकर, जिन्होंने बाबासाहेब को पढ़ा होगा, न पढ़ा हो तो पढ़ लें। बाबासाहेब आंबेडकर मानते थे कि दलितों के सशक्तिकरण में उद्योगों की बड़ी भूमिका होती है। वो देखते थे कि गरीब के पास, दलितों के पास, वंचितों के पास पर्याप्त जमीन नहीं होती। वो जानते थे, बहुत से गरीब साथी भूमिहीन होते थे। खेत मजदूरी में अपनी जिंदगी काटते थे। इसलिए बाबासाहेब कहते थे कि जब फैक्ट्रियां लगती हैं, तो दलितों-वंचितों को अवसर मिलता है। इसलिए बाबासाहेब, दलितों से टेक्निकल स्किल सीखने के लिए कहते थे। भाजपा की नीति-निर्णयों में, भाजपा के विचारों में आपको बाबासाहेब की यही सोच दिखाई देगी। दलित और वंचित समाज को उद्योगों में अवसर देकर ही सच्चा सशक्तिकरण संभव है।

साथियों,

आज हमारे भारत में एक और चुनौती है, जिस पर सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही बात करती है। हमारे देश में खेत का साइज भी लगातार कम हो रहा है। जैसे-जैसे परिवार बढ़ता है। जमीन के टुकड़े होते हैं। जमीन बंट जाती है। धीरे-धीरे एक छोटा टुकड़ा बच्चों के नसीब आता है। आबादी बढ़ रही है, लेकिन खेत छोटा हो रहा है। ऐसे में खेती से जुड़े सभी अर्थशास्त्री भी मानते हैं कि गांव में खेती के साथ-साथ कमाई के दूसरे जरिए भी होने चाहिए। अकेली खेती पर गुजारा, पूरा परिवार के लिए और इसलिए हर मां-बाप चाहता है कि एक बेटा खेती करेगा। दूसरा शहर में जाकर काम करेगा। और इसलिए जब उद्योगों का विस्तार होता है, तो उससे किसानों का जीवन भी बेहतर होता है। इससे किसान परिवार के बच्चों को भी अच्छी नौकरियां मिलती हैं, अच्छे अवसर मिलते हैं। और इसलिए साथियों, भाजपा खेती को भी बढ़ावा देती है, व्यापार-कारोबार को भी बढ़ावा देती है।

भाइयों और बहनों,

कल रात को ही मैं अमेरिका से भारत लौटा हूं। अमेरिका में मेरी मुलाकात दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं से, बड़ी-बड़ी कंपनियां चलाने वालों से हुई। जिन कंपनियों के CEO से मैं मिला, एक-एक कंपनी लाखों-करोड़ रुपए के कारोबार करती है। मैंने उन्हें भारत के नौजवानों के टेलेंट के बारे में बताया।

साथियों,

पिछले 10 साल में पूरी दुनिया में भारत पर भरोसा बढ़ा है। और मैं हरियाणा के लोगों को एक बात तो जरूर बताऊंगा। कल जब मैं न्यूयार्क गया, परसों। तो वहां स्वागत के लिए बहुत बड़ी मात्रा में भारतीय समुदाय था। लेकिन सबसे बड़ी बात वो थी कि वहां पर पूरा हरियाणा खड़ा कर दिया गया था। अमेरिका में पली-बढ़ी हमारी हरियाणा की बेटी और उसके साथ और पांच-सात बहनें, हरियाणा के हमारे साथी, उन्होंने हरियाणा का नृत्य जो आप यहां देख रहे थे ना, वैसा नृत्य न्यूयार्क में करके स्वागत कर रहे थे। यानी हरियाणा खड़ा कर दिया था उन्होंने।

साथियों,

आज एक बात का विश्वास हुआ है कि अब भारत, करप्शन, परिवारवाद से मुक्त होकर तरक्की कर रहा है। दुनिया को लगता है कि आने वाले समय में कोई देश सबसे तेज आगे बढ़ेगा, तो वो देश है- भारत। बेटे आप बहुत बढ़िया चित्र बनाकर लाए हो। लेकिन ऐसे खड़े रहोगे तो थक जाओगे। आप मेरे लिए लाए हैं। चलिए मैं मेरे एसपीजी को कहता हूं, वो आपसे वो फोटो ले लेंगे। पीछे अपना नाम-पता लिख लेना। मैं आपको चिठ्ठी लिखूंगा। अपना नाम-पता पीछे लिख देना। इतना बढ़िया चित्र बनाया है इस बेटे ने।

साथियों,

आज दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत में निवेश के लिए, यहां अपनी फैक्ट्रियां लगाने के लिए आतुर हैं। आप सोचिए, जब इतनी बड़ी कंपनियां, भारत में निवेश करेंगी तो इसका बहुत अधिक फायदा मेरे हरियाणा को होगा। यहां के हमारे नौजवानों को होगा। यहां के किसानों को होगा। आज हमारा ये हरियाणा गुरुग्राम-फरीदाबाद से लेकर, सोनीपत-पानीपत तक, दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों का सेंटर बन रहा है। थैक्यू बेटा। मिल गया, मुझे मिल जाएगा। इनको दे दीजिए। हां, शाबाश। अब आराम से बैठो बेटा। देखिए, गिरना मत। देश से निर्यात होने वाले 35 प्रतिशत से अधिक कालीन और करीब 20 प्रतिशत कपड़े हरियाणा में ही बनते हैं। यहां खरखौदा में देखिए, भाजपा औद्योगिक शहर बना रही है। कोशिश यही है कि यहां के हमारे नौजवानों को ज्यादा से ज्यादा नौकरियां मिलें, रोजगार मिलें। हरियाणा भाजपा ने घोषणा की है कि ऐसे अनेक औद्योगिक शहर, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बनाए जाएंगे। अभी मारुति का कारखाना लगना भी यहां तय हो गया है। आने वाले समय में ऐसे कई बड़े-बड़े कारखाने यहां लगने वाले हैं।

साथियों,

मेक इन इंडिया के 10 सालों ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। हम मोबाइल फोन से लेकर लड़ाकू विमान और विमान वाहक पोत तक, अब भारत में बना रहे हैं। बीते 3 साल में ही मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सेक्टर में लाखों नए रोजगार बने हैं। आज भारत में बनी चीजें हम उन देशों को भी बेच रहे हैं, जहां से पहले हम मंगाया करते थे। अब आप देखिए, भारत में बनी सुजुकी गाड़ियां, मूलत: वो कंपनी जापान की है। सुजुकी कंपनी गाड़ी अब यहां बनाती है। और जापान वाले भारत से वो गाड़ी मंगवाकर खरीदते हैं। और ये कमाल कहां होता है, मालूम है। ये कमाल कहां होता है, मालूम है। ये कमाल मेरी हरियाणा की धरती से होता है। हरियाणा की धरती से बने उत्पाद आज दुनिया के बाजारों में पहुंच रहे हैं, यही है नए भारत की ताकत।

साथियों,

अब जब दुनिया भर से लोग भारत में फैक्ट्री लगाने आना चाहते हैं। नई कंपनियां खोलने आना चाहते हैं। तो आप खुद सोचिए, हरियाणा में यहां कैसी सरकार होनी चाहिए? हरियाणा में उद्योगों को बढ़ावा देने वाली भाजपा सरकार जरूरी है। हरियाणा में नौकरियों को बढ़ावा देने वाली भाजपा सरकार जरूरी है। क्योंकि आप भी जानते हैं, जहां भी कांग्रेस सरकार आई, और कांग्रेस को मौका मिला। जहां-जहां कांग्रेस ने पैर रखा, एक काम पक्का- करप्शन, करप्शन, करप्शन। भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार। भाई-भतीजावाद, भाई-भतीजावाद, भाई-भतीजावाद। भारत के सरकारी सिस्टम में भ्रष्टाचार को पैदा करने वाली, पालने-पोसने वाली, हमारे देश में भ्रष्टाचार की कोई जन्मदात्री है, तो कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस का शाही परिवार, देश का सबसे भ्रष्ट परिवार है। और जब हाईकमान भ्रष्टाचारी है, तो नीचे फिर लूट का खुला लाइसेंस मिल ही जाता है। याद कीजिए, 10 साल पहले जब यहां कांग्रेस की सरकार थी, तब क्या होता था? आज जो नए वोटर हैं ना। 18 साल, 20 साल के, उन्हें तो पता तक नहीं होगा कि दस साल पहले हरियाणा को कैसे लूटा गया था। तब हरियाणा में किसानों की जमीन को जमकर के लूटा गया। कांग्रेस ने हरियाणा को दलालों और दामादों के हवाले कर दिया था। दलालों और दामादों से बचना है तो कमल ही बचाएगा। किस-किस कांग्रेस नेता पर आरोप लगे हैं, ये आप अच्छे से जानते हैं। हरियाणा में एक भी नौकरी ऐसी नहीं थी, ये दस साल पहले की कथा है, एक भी नौकरी ऐसी नहीं थी, जिसमें खर्ची और पर्ची न चलती हो। सरकारी ठेकों में जमकर भ्रष्टाचार होता था। हरियाणा को लूटकर खाने वाली ऐसी करप्ट कांग्रेस को हरियाणा की सरकार से मीलों-मीलों दूर रखना है। तब जाके हरियाणा बचेगा। और आपका तो मुझपर हक है। मुझे भी तो हरियाणा का कर्ज चुकाना है। और मुझे खुशी है कि हरियाणा के लोग इतने समझदार हैं कि वो राज्य और केंद्र की ताकत क्या होती है, ये जितना हरियाणा के लोग समझते हैं ना, हिंदुस्तान में और कोई उतना नहीं समझता है। जितना हरियाणा वाले समझते हैं और इसलिए हरियाणा हमेशा राज्य में वही सरकार बनाता है, जिसकी दिल्ली में सरकार होती है। हरियाणा के लोगों को इसकी बराबर समझ है।

साथियों,

जैसी स्थिति यहां कांग्रेस ने उस समय बनाई थी, आज कर्नाटका में उनकी सरकार है। जरा देखिए, अभी तो दो साल हुए हैं, क्या हाल करके रखा है। वहां कांग्रेस के मुख्यमंत्री उन पर जमीन घोटाले के आरोप लगे हैं। जब इसकी जांच शुरु हुई, तो कर्नाटका के मुख्यमंत्री हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने भी उनको एक और डंडा मारा। उन्होंने कहा, कोई मदद नहीं होगी और कल ही हाईकोर्ट ने साफ-साफ कहा कि जांच के आदेश सही हैं। और जांच होनी चाहिए। अब देखिए, दो साल मुश्किल से हुए हैं। आदत जाती नहीं है। क्या हरियाणा में इनको ये पाप करने का ठेका दे सकते हैं क्या। हरियाणा में इनको घुसने दे सकते हैं क्या। आप ये गलती मत करना, दस साल बाहर रहे तो सुधर गए होंगे। ये सुधर सकते ही नहीं है जी। ये कभी नहीं सुधर सकते।

और भाइयों और बहनों,

कर्नाटका में सिर्फ जमीन घोटाले का ही मामला नहीं है। वहां मेरे दलित भाई-बहन, ये समझिए, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष भी कर्नाटका से आते हैं। दलित समाज से हैं। कर्नाटका में दलितों के लिए जो फंड था, उसमें भी कांग्रेस ने घोटाला किया। ये वहां की कांग्रेस सरकार ने, वहां के सीएम ने विधानसभा में खुद इस बात को स्वीकार किया है। अब बताइए, जहां भ्रष्टाचार होगा, वहां दुनिया का कोई देश, कोई भी निवेश करने वाला, कोई भी कारखाना लगाने वाला, हरियाणा की धरती पर आएगा क्या? तो हरियाणा का नुकसान होगा कि नहीं होगा। हरियाणा में निवेश नहीं आएगा, तो नौजवानों को नौकरी कैसे मिलेगी?

साथियों,

कांग्रेस से बड़ी बेईमान और धोखेबाज पार्टी देश में और कोई नहीं है। ये हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं। लेकिन जहां सत्ता में है, जरा आप यहां आए हो तो उनको पूछो, तुम यहां आकर के सारे सपने दिखा रहे हो। कर्नाटका में तुम्हारी सरकार है। वहां तो किसानों को लागू करो ना बोल रहे वो। तेलंगाना में तुम्हारी सरकार है, वहां तो लागू करो। ये झूठ बोल रहे हैं। ये आपकी आंख में धूल झोंक रहे हैं।

साथियों,

हरियाणा की भाजपा सरकार ने किसानों से 24 फसलें MSP पर खरीदने का फैसला लिया। लेकिन जब यहां कांग्रेस की सरकार थी, तो MSP पर फसलें खऱीदने से सबसे ज्यादा नफरत करती थी। यही कांग्रेस की सच्चाई है, जो हरियाणा के किसान को पूरी तरह कांग्रेस को पहचान लेना जरूरी है।

साथियों,

भाजपा सरकार, निरंतर किसान हक में बड़े फैसले ले रही है। अपनी तीसरी पारी के पहले 100 दिनों में ही हमारी सरकार ने किसानों के लिए अनेक बड़े फैसले लिए गए हैं। कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने बासमती के निर्यात को लेकर बड़ा फैसला लिया। अभी तक बासमती के एक्सपोर्ट के लिए न्यूनतम मूल्य तय था। उस सीमा से नीचे, निर्यात संभव नहीं था। इससे भारत के बजाय, दूसरे देशों से लोग इंपोर्ट करते थे। अब हमने किसानों की भलाई के लिए ये सीमा भी हटा दी है। और इससे ज्यादा बासमती एक्सपोर्ट हो पाएगा। इसका सीधा फायदा धान किसानों को होगा। उन्हें और ज्यादा पैसा मिलेगा।

साथियों,

हमने भारत के तिलहन किसानों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। विदेश से आयात होने वाले तेल पर हमने टैक्स बढ़ा दिया है। कोशिश यही है कि भारत के किसानों के तिलहन की ज्यादा से ज्यादा खरीद हो। और तिलहन की खेती करने वाले किसानों को ज्यादा से ज्यादा उसका लाभ हो। तिलहन किसानों को भी इसका लाभ होगा। अब जैसे सूरजमुखी के आयात पर पहले टैक्स नहीं था। अब 20 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है। इससे हरियाणा के सूरजमुखी की पैदावार से जुड़े हमारे जो किसान भाई-बहन हैं, उनको बेहतर दाम मिलेंगे। भाजपा ये सब इसलिए कर रही है, ताकि हमारे किसान ज्यादा से ज्यादा तिलहन उगाएं, और पैसे कमाएं। और भाजपा, कांग्रेस की तरह कोरी घोषणाएं नहीं कर रही है, बल्कि जमीन पर बारीक से बारीक काम कर रही है। तभी हरियाणा के किसानों को भाजपा पर भरोसा होता है।

साथियों,

हरियाणा के किसान हों या युवा, उनका भविष्य, भाजपा सरकार में ही सुरक्षित है। बीते 10 साल से हरियाणा में भाजपा की सरकार है। हमारी सरकार पर, हमारे मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं लगे। यहां भाजपा सरकार ने सरकारी नौकरियों में खर्ची और पर्ची को बंद किया। 8 अक्टूबर के बाद भाजपा की नई सरकार एक बार फिर नौजवानों के लिए हजारों नए अवसर बनाएगी। यहां युवाओं को बहुत बड़ी संख्या में नए रोजगार मिलेंगे।

साथियों,

सोनीपत-पानीपत की ये पूरी बेल्ट अवसरों से भरी है। यहां पर हो रहे विकास कार्य, इस पूरे क्षेत्र को आधुनिक पहचान दे रहे हैं। भाजपा सरकार ने सोनीपत तक मेट्रो के विस्तार को स्वीकृति दी है। आज जिस तरह इस क्षेत्र में भाजपा ने नए हाईवे बनवाए हैं। उस मामले में तो ये क्षेत्र सबसे कनेक्टेड इलाकों में से एक बन रहा है।

साथियों,

हरियाणा, भारत की मेडल फैक्ट्री भी है। हाल में ओलंपिक्स और पैरालंपिक्स में, भारत के शानदार प्रदर्शन में हरियाणा के खिलाड़ियों की बड़ी भूमिका रही है। अब भारत में हम 2036 में ओलंपिक्स कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसका फायदा हरियाणा के नौजवानों को होगा। यहां स्पोर्ट्स का नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा। गांव-गांव में नए खिलाड़ियों को अवसर मिलेगा। आप देखिए, देश की तीसरी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, यहां भाजपा ने ही सोनीपत में बनवाई है। अब हरियाणा भाजपा ने घोषणा की है, हर जिले में अलग-अलग ओलंपिक्स खेलों की नर्सरी बनाएंगे। हरियाणा की बेटियां, हरियाणा के बेटे दुनिया भर में जाकर मेडल लाएं, उसमें भाजपा हर तरह से उनकी मदद कर रही है।

साथियों,

आपके पास तो, हमारे साथी मोहन लाल बड़ोली जी के रूप में हरियाणा भाजपा का अध्यक्ष है। अरविंद शर्मा जी जैसे अनुभवी जनप्रतिनिधि हैं, जिनको इतने साल तक केंद्र में रहने का अनुभव है। इनके रहते, यहां के विकास की गति और तेज होना तय है।

साथियों,

सोनीपत की ये धरती उन वीर जवानों की भी धरती है, जिन्होंने हिमालय की ऊंची चोटियों पर दिन-रात मातृभूमि की रक्षा की है। हरियाणा की वीर माताओं की हजारों संतानें आज बॉर्डर पर हैं। यहां की अनेक संतानें हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में हालात को सामान्य बनाने में मदद की है। वहां आतंक और अलगाव के जख्म हरियाणा के वीर बेटों ने अपने शरीर पर खाए हैं। आप मत भूलिए, कांग्रेस की कुनीति से निकले पत्थर, हरियाणा की संतानों पर फेंके जाते थे। आज जब जम्मू कश्मीर में शांतिपूर्ण मतदान होता है, तो सबसे अधिक खुशी हरियाणा की वीर माताओं को होती है। लेकिन कांग्रेस और इसके साथियों को जम्मू-कश्मीर में शांति पसंद नहीं है। कांग्रेस, जम्मू-कश्मीर में फिर से धारा 370, आर्टिकल-370 वापस लाना चाहती है। कांग्रेस, जम्मू-कश्मीर में आतंक और अलगाव को फिर से हवा देना चाहती है। तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस देश के दुश्मनों के एजेंडे को भारत में लागू करना चाहती है। ऐसी कांग्रेस को आप हरियाणा के लोग सबक सिखाएंगे? ये मुझे पूरा भरोसा है। आर्टिकल-370 को वापस लाना, उन वीरों की कुर्बानी का अपमान होगा, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ी है।

साथियों,

कांग्रेस ने दलितों, पिछड़ों और शोषितों के साथ भी धोखा किया है। आजकल कांग्रेस के भीतर यहां जो सिर-फुट्टौवल हो रही है। ये पुराने पापों का ही परिणाम है। याद कीजिए, 2014 से पहले जब यहां कांग्रेस का राज था। जब हुड्डा जी यहां सीएम हुआ करते थे। तब ऐसा कोई साल नहीं था, जब दलितों के साथ अन्याय नहीं होता था। अनेक दलितों को जान से हाथ धोना पड़ा। दलित परिवारों की बहू-बेटियों पर अत्याचार होते थे। हर कोई जानता था, कि दलितों के खिलाफ इस घिनौने खेल को कांग्रेस ही खाद-पानी देती है। और जो भी कांग्रेस की इस दलित-विरोधी हरकत के खिलाफ बोलता है। कांग्रेस उसके खिलाफ साजिशें करने लगती है। ये आज हरियाणा का दलित समाज एक बार फिर हरियाणा के अंदर कांग्रेस का जो ड्रामा चल रहा है, उसे देख रही है।

साथियों,

कांग्रेस ने हमेशा ही, दलित, ओबीसी और आदिवासियों को भागीदारी से वंचित रखा है। ये तो बाबा साहेब आंबेडकर थे, जिन्होंने दलितों को आरक्षण दिया। वरना ओबीसी की तरह, दलितों को भी अपने हक के लिए कांग्रेस की हार का ही इंतजार करना पड़ता। जब-जब कांग्रेस सरकार से दूर रही है, तब-तब गरीबों को, SC/ST/OBC को उनका हक मिला है। और जब-जब कांग्रेस सरकार में रही है, उसने दलितों-पिछड़ों का हक छीना है। कांग्रेस के शाही परिवार से जो भी प्रधानमंत्री बना, उसने हमेशा आरक्षण का विरोध किया है। आरक्षण का विरोध, आरक्षण से नफरत, ये कांग्रेस के DNA में है। इसलिए आज भी हम देखते हैं, कांग्रेस के शाही खानदान की चौथी पीढ़ी भी आरक्षण को हटाने की बात कर रही है। आपको कांग्रेस की आरक्षण विरोधी, आरक्षण विरोधी चालों से सावधान रहना है।

साथियों,

बीजेपी ने दलित, ओबीसी और आदिवासियों को सही मायने में भागीदारी दी है। वंचित और पिछड़े समाज के हर व्यक्ति को भाजपा ने हमेशा आगे बढ़ाया। यहां हरियाणा में देखिए, हमारे नायब सिंह सैनी जी को भाजपा ने सीएम बनाया। इतने कम समय में ही इन्होंने पूरे हरियाणा के लोगों के दिल में जगह बनाई है। आज यहां लोग कहते हैं कि—
यो नायब सैनी //
एक किसान-मज़दूर का बेट्टा सेह।
इसके किवाड़ //
लोगां ताई चौबी घंटे खुले रवे सेह।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस की सरकारों की एक और पहचान है। कांग्रेस सरकार, अस्थिरता के लिए भी जानी जाती हैं। बीते कुछ सालों में ही जहां-जहां इनकी सरकारें बनीं, वहां यही देखने को मिला है। कांग्रेस शासित हर राज्य में, उनके मुख्यमंत्री और मंत्री झगड़ों में उलझे हुए हैं। उनको जनता की तकलीफ, उनके दुख-दर्द से कोई लेना देना नहीं है। कर्नाटका में, उनके सीएम और डिप्टी सीएम आपसी लड़ाई में बिजी हैं। तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश वहां भी यही कहानी है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी, जब उनकी सरकारें थीं, पूरा पांच साल नंबर-1, नंबर-2 एक-दूसरे की टांग खींचने में लगे रहे। इसलिए, हरियाणा को भी बहुत सावधान रहना है। गलती से भी, मेरे शब्द लिखकर रखना भाइयो, हरियाणा का मुझपर हक है, इसलिए मैं अपनी बात आपके सामने बड़े विश्वास से कह रहा हूं। याद रखना, गलती से भी, गलती से भी कांग्रेस आ गई तो अपने झगड़ों में ही हरियाणा को बर्बाद कर छोड़ेंगे। यहां पर कांग्रेस में जिस तरह झगड़े बढ़ रहे हैं, पूरा हरियाणा देख रहा है। कांग्रेस को वोट देना यानि हरियाणा की स्थिरता और विकास को दांव पर लगाना है। बर्बादी के दरवाजे खोलना है। ये अस्थिरता, हरियाणा में हर काम ठप कर देगी। यहां निवेश और नौकरी, दोनों पर असर होगा। इसलिए आपको सिर्फ और सिर्फ कमल के निशान पर बटन दबाना है।

साथियों,

इस भूमि ने भगत फूल सिंह जैसे महापुरुष देश को दिए हैं। जिन्होंने तब बेटियों की शिक्षा को अपना मिशन बनाया, जब बेटियों को पढ़ाना असंभव था। ये मेरा सौभाग्य है कि 2015 में पानीपत से ही मुझे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का शुभारंभ करने का अवसर मिला। कांग्रेस ने 60 साल देश पर राज किया। लेकिन उसे कभी देश की बेटियों की चिंता नहीं हुई। अगर कांग्रेस को चिंता होती तो, गैस, नल से जल, बिजली, टॉयलेट, बैंक में खाते, ऐसी मूल सुविधाएं आज 60-70 साल के बाद, मेरे आने के बाद मिलीं। मुझे संतोष है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से हरियाणा को फायदा हुआ। 10 साल पहले हरियाणा में 1000 बेटों पर सिर्फ 866 बेटियां थीं। आज ये संख्या बढ़कर 914 हो चुकी है। आज हरियाणा की बेटियां, स्पोर्ट्स में दम दिखा रही हैं। आज हरियाणा की बेटियां पुलिस और सेना में दम दिखा रही हैं। हमें गर्व है कि NDA में जो महिला कैडेट्स का जो फर्स्ट बैच था, उसमें हरियाणा की बेटी ने टॉप किया।

साथियों,

हरियाणा भाजपा, नारीशक्ति को और सशक्त करने के लिए आगे बढ़कर काम कर रही है। हरियाणा भाजपा ने, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत हर महीने 2100 रुपए देने का वायदा किया है। गरीब परिवारों को 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने की योजना भी जारी रहेगी। हरियाणा भाजपा ने 5 लाख लखपति दीदी बनाने और हर गांव में ड्रोन पायलट दीदी बनाने की भी घोषणा की है।

साथियों,

भाजपा का संकल्प, ये पक्की गारंटी होता है। भाजपा जो कहती है, वो करके दिखाती है। हरियाणा में भी हर वायदे तेजी से जमीन पर उतरकर रहेंगे। आपके घर तक पहुंचेंगे। इसलिए 5 अक्टूबर को, हमारे इन सभी उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाना है। लगातार तीसरी बार, हरियाणा में कमल खिलाना है। एक बार फिर, इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आप आए। मैं आपको बहुत-बहुत आभारी हूं। दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए....

भारत माता की जय !
भारत माता की जय !
भारत माता की जय !
बहुत बहुत धन्यवाद !

Explore More
شری رام جنم بھومی مندر دھوجاروہن اتسو کے دوران وزیر اعظم کی تقریر کا متن

Popular Speeches

شری رام جنم بھومی مندر دھوجاروہن اتسو کے دوران وزیر اعظم کی تقریر کا متن
Parliament on verge of history, says PM Modi, as it readies to take up women's bills

Media Coverage

Parliament on verge of history, says PM Modi, as it readies to take up women's bills
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM Modi in Uttarakhand
April 14, 2026
The Delhi-Dehradun Economic Corridor, being inaugurated today, is a world-class infrastructure project that will deepen connectivity, boost the economy and tourism: PM
With the completion of 25 years since its formation, Uttarakhand has now entered its 26th year; Today, with the inauguration of the Delhi-Dehradun Expressway, another major milestone has been added: PM
The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM
The Corridor will save time, travel will become cheaper and faster, people will spend less on petrol and diesel, and fares and freight costs will decrease;it will also facilitate employment: PM
Our mountains, these forest areas, this heritage of Devbhoomi, these are very, very sacred places; It is our duty to keep such places clean: PM
Plastic bottles, heaps of garbage in these areas hurt the sanctity of Devbhoomi ; it is very essential that we keep these sites of Devbhoomi, our pilgrimage sites, clean and beautiful: PM

 

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह जी, यहां के लोकप्रिय और कर्मठ युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी नितिन गड़करी जी, अजय टमटा जी, टेक्नॉलोजी के माध्यम से जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, गर्वनर आनंदी बेन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, मंच पर उपस्थित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी, पूर्व मुख्यमंत्री भाई रमेश पोखरियाल, विजय बहुगुना जी, तीरथ सिंह रावत जी, त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, उत्तराखंड सरकार के सभी मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण और विशाल संख्या में पधारे मेरे प्यारे भाईयों बहनों।

देवभूमि उत्तराखंड़ की इस पावन धरती पर आप सभी को मेरा प्रणाम। बहुत बडी संख्या में आए हुए पूज्य संतगण को भी प्रणाम। उत्तराखंड का प्यारा भुलों-भैबंदों, बौड़ी-भूलियों, स्याणा-बुजुर्गों, आप सबु तैं नमस्कार! मेरो प्यारो दाजी भाई, दीदी-बैनी, आमा-बाबा सबई लाई मेरो तरफ़ देखी ढोग दिनछू।

इस कार्यक्रम से टेक्नोलॉजी के जरिये भी दिल्ली, यूपी से अनेक लोग जुड़े हैं, मैं सभी का अभिनन्दन करता हूं। सबसे पहले तो मैं आप सबकी क्षमा चाहता हूं, उत्तरप्रदेश और दिल्ली के कार्यक्रम में जुड़े हुए लोगों की भी क्षमा मांगता हूं, कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई, सब स्थान पर लंबे समय तक आप सबको इंतजार करना पड़ा, और कारण यही था, मैं निकला तो समय पर था, लेकिन करीब-करीब 12 किलोमीटर का रोड शो, काली मंदिर से लेकर के यहां तक, इतना उत्साह इतना उमंग, कि मेरे लिए तेज गति से गाड़ी चलाना बड़ा मुश्किल हो गया। तो धीरे-धीरे लोगों को प्रणाम करते-करते, जनता जनार्दन के आशीर्वाद लेते लेते यहां पहुंचने में मुझे एक घंटे से भी ज्यादा देरी हो गई, और इसके लिए मैं आपकी क्षमा मांगता हूं, और ऐसी धूप में 12 किलोमीटर ये जन सैलाब, ये उत्तराखंड़ का प्यार, माताओं-बहनों का आशीर्वाद, मैं आज उत्तराखंड़ से एक नई ऊर्जा लेकर के जाऊंगा, नई प्रेरणा लेकर के जाऊंगा और मैं इसके लिए हर किसी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज देश में पर्व त्योहार की उमंग है। विभिन्न हिस्सों में नववर्ष का आगमन हुआ है। मैं देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बीहू और पुथांडु की शुभकामनाएं देता हूं!

साथियों,

अगले कुछ ही दिनों में, यमुनोत्री, गंगोत्री, बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी शुरू होने जा रही है। इस पवित्र समय का, देश के कोटि-कोटि आस्थावान, श्रद्धाभाव से इंतज़ार करते हैं। मैं पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और यहां के आराध्य देवों को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं संतला माता को भी नमन करता हूं। यहां आने से पहले मुझे, मां डाट काली के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। देहरादून शहर पर, मां डाट काली की बड़ी कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में, माता डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरा करने के साथ ही छब्बीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा, बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था, कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों, और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से, ये युवा राज्य, विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। ये प्रोजेक्ट भी, उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। इस एक्सप्रेसवे का बहुत बड़ा हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को भी बहुत फायदा होगा। टूरिज्म के लिहाज से ये प्रोजेक्ट बहुत अहम है। मैं पूरे देश को इस प्रोजेक्ट की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती भी है। मैं बाबा साहेब को कोटि-कोटि देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वो संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। जिन दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना के अनुरूप काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, ये हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने संविधान की इस भावना को आगे बढ़कर और उस भावना को आगे बढ़ाकर पूरे देश को राह दिखाई है।

साथियों,

बाबा साहेब का जीवन, गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार आज उसी भावना के साथ, हर गरीब, हर वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है। और सामाजिक न्याय का एक बहुत बड़ा माध्यम, देश का संतुलित विकास है, सबको सुविधा है, सबकी समृद्धि है। इसलिए ही बाबा साहेब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की, औद्योगीकरण की भरपूर वकालत करते थे।

साथियों,

भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी, अक्सर लोग, इसके लिए हाथ की रेखाओं को देखते हैं, दिखाते हैं। जो भविष्य वक्ता होते हैं ना, वो हस्त रेखाएं देखते हैं, और हर व्यक्ति के भविष्य के विषय में बताते हैं। मैं इस विज्ञान को तो नहीं जानता हूं, लेकिन कहते हैं कि ये भी एक शास्त्र है। अब ये तो हो गई व्यक्ति के भाग्य की जो उसके हाथ में रेखाएं हैं उसकी बात, लेकिन मैं अगर इसी संदर्भ मे बात को, इसी संदर्भ को राष्ट्र-जीवन से जोड़कर के देखूं, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं कौन सी होती हैं? राष्ट्र की भाग्य रेखाएं ये हमारी ये सड़कें होती हैं, हमारे हाईवे होते हैं, हमारे एक्सप्रेसवे होते हैं, एयरवे, रेलवे, वॉटरवे, ये हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं होती हैं। और बीते एक दशक से हमारा देश, विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। ये विकास रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं हैं, ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं और ये मोदी की भी गारंटी है। बीते दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की इन विकास-रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं। अभी नितिन जी ने बहुत सारे आंकड़ें सिर्फ उत्तराखंड़ से संबंधित बताए हैं आपको। देखिए साल 2014 तक ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए साल में, पूरे देश में, 2 लाख करोड़ रुपए भी खर्च नहीं होते थे। ये मैं पूरे हिन्दुस्तान की बात बताता हूं, 2 लाख करोड़ भी नहीं होते थे, आज ये छह गुना अधिक, 12 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो चुका है। यहां उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। 2014 के पहले पूरे देश के लिए 2 लाख करोड़, आज अकेले उत्तराखंड़ के लिए सवा दो लाख करोड़ रूपया। कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़क के इंतज़ार में पीढ़ियां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से, अब सड़क गांव तक पहुंच रही है, जो गांव पहले वीरान पड़ गए थे, वो फिर से जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना हो, रेल परियोजनाओं का विस्तार हो, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे हो, विकास की ये रेखाएं, इस क्षेत्र के कोने-कोने में जीवन की भी भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

साथियों,

21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड और जिस स्केल पर काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। मैं आपको उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और दिल्ली का ही उदाहरण देता हूं। कुछ सप्ताह पहले ही, दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ, मेरठ में मेट्रो-सेवा की शुरुआत हुई, दिल्ली-मेरठ नमो-भारत रेल देश को समर्पित की गई, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत हुई, हवाई जहाजों के लिए MRO फेसिलिटी पर काम शुरू हुआ, और आज, देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे शुरु हो रहा है।

साथियों,

इतने छोटे से रीजन में ये सब इतने कम समय में हो रहा है। कल्पना कीजिए, देश में कितने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। और इसलिए ही मैं कहता हूं - 21वीं सदी का भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस नए युग में प्रवेश कर रहा है, वो अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है।

साथियों,

आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले, अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर्स, उस पर काम चल रहा है। जैसे दिल्ली-मुबंई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलुरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ऐसे बहुत से इकोनॉमिक कॉरिडोर देश में बनाए जा रहे हैं। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। और इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, सड़क के अलावा नए-नए व्यापार-कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों के लिए, गोदामों के लिए पूरा नेटवर्क, उसका आधार तैयार करते हैं।

साथियों,

देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। पहला फायदा तो ये है कि इससे समय बचेगा, आना-जाना सस्ता और तेज होगा, लोगों का पेट्रोल-डीजल कम खर्च होगा, किराया-भाड़ा कम होगा, और दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का होगा। अभी इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए, तो हज़ारों श्रमिकों को काम मिला है। साथ ही, जो इंजीनियर हैं, अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स हैं, ट्रांसपोर्ट से, उससे जुड़े साथी हैं, उनको भी बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला है। किसानों और पशुपालकों की उपज भी, अब तेज़ गति से, बड़ी मंडियों और बड़े बाज़ारों तक पहुंचेगी।

साथियों,

इस शानदार एक्सप्रेस-वे से उत्तराखंड के टूरिज्म को बहुत ही बड़ा फायदा होगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए ये सबसे प्रमुख मार्ग बनेगा। और हम सभी जानते हैं, जब टूरिज्म का विकास होता है, तो हर कोई कुछ न कुछ कमाता है। होटल हो, ढाबे वाले हो, टैक्सी हो, ऑटो हो, होम स्टे हो, सबको इसका फायदा होता है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि आज उत्तराखंड, विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्टस और wed in india, शादी के लिए, बहुत बेहतरीन डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए बारहमासी पर्यटन बहुत जरूरी है। इसलिए मेरा सर्दियों में होने वाली धार्मिक यात्राओं को लेकर बहुत आग्रह रहा है। और मुझे खुशी है कि हर साल इन यात्राओं में लोगों की संख्या बढ़ रही है। आपको याद होगा, मैं 2023 में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर गया था। पहले बहुत जाता था, बीच में बिल्कुल जा नहीं पाया, कई वर्षों के बाद मैं गया, और मुझे मुख्यमंत्री जी बता रहे थे, गर्वनर साहब बीच मे आए, वो भी बता रहे थे कि 2023 में वहां गया और उसके बाद, बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां जा रहे हैं। पहले वहां कुछ सौ लोग ही सर्दियों में यात्रा के लिए जाते थे। साल 2025 में, करीब-करीब 40 हजार से अधिक लोगों ने इन पवित्र स्थानों की यात्रा की है। कभी एक हजार नहीं होते थे, अगर चालीस हजार पहुंचते हैं तो यहां के लोगों की रोजी-रोटी की कितनी बड़ी ताकत आ जाती है। इसी तरह साल 2024 में शीतकालीन चारधाम यात्रा में, करीब अस्सी हज़ार श्रद्धालु आए थे। 2025 में ये संख्या डेढ़ लाख पार कर चुकी है।

साथियों,

हम ऐसा विकसित भारत बनाने में जुटे हैं, जहां प्रगति भी हो, प्रकृति भी हो और संस्कृति भी हो। और इसलिए, आज होने वाले हर निर्माण को, इन्हीं त्रिवेणी, प्रगति, प्रकृति और सांस्कृति की त्रिवेणी, इन्हीं मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर से इंसानों को भी सुविधा हो, और वहां रहने वाले वन्यजीवों को भी असुविधा न हो, ये हमारा प्रयास है। और इसलिए ही इस एक्सप्रेसवे पर, करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी बनाया गया है। हाथियों को भी असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है।

वैसे साथियों,

मैं आज देशभर के सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से भी एक आग्रह करना चाहता हूं। हमारे पहाड़, ये वन क्षेत्र, ये देवभूमि की धरोहर, ये बहुत ही बहुत पवित्र स्थान हैं। ऐसे स्थानों को साफ-सुथरा रखना, ये हम सभी का कर्तव्य है। यहां रहने वालों का भी और यात्री के रूप में आने वालों का भी। इन इलाकों में प्लास्टिक की बोतलें, कूड़े-कचरे का ढेर, ये देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचाता है। इसलिए बहुत आवश्यक है कि हम देवभूमि के इन स्थलों को, हमारे इन तीर्थ स्थलों को स्वच्छ रखें, सुंदर रखें।

साथियों,

अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ का भी आयोजन होना है। हमें आस्था के इस संगम को दिव्य-भव्य और स्वच्छ बनाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़नी है।

साथियों,

उत्तराखंड में नंदा देवी राजजात यात्रा भी होती है। ये आस्था का उत्सव तो है ही, ये हमारी सांस्कृतिक चेतना का भी जीवंत उदाहरण है। जहां मां नंदा को बेटी मानकर पूरे सम्मान के साथ विदा किया जाता है। इस यात्रा में बहनों-बेटियों की भागीदारी, इसे विशेष बनाती है। मैं मां नंदा को प्रणाम करते हुए, देशभर की बहनों-बेटियों को भी विशेष संदेश देना चाहता हूं। विकसित भारत के निर्माण में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है। इस देश की बेटियों की, इस देश की माताओं की, बहनों की बहुत बड़ी भूमिका मैं देख रहा हूं। और बहनों-बेटियों की सुविधा, सुरक्षा और लोकतंत्र में भागीदारी, ये डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। आप अभी देख रही हैं, कि दुनिया में कितना बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी कितना हाहाकार मचा है। ऐसे मुश्किल हालात में भी, सरकार का निरंतर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो।

साथियों,

बहनों-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव अब देश के सामने है। 4 दशकों के इंतज़ार के बाद संसद ने, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए तैंतीस प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया। अब महिलाओं को ये जो हक मिला है ना, इस हक को लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए। अब ये लागू होना चाहिए। अब जो 2029 में लोकसभा के चुनाव होंगे, अब तब से लेकर विधान सभा के भी चुनाव आते रहेंगे, जो भी चुनाव आते रहेंगे, 2029 से ही ये लागू हो जाना चाहिए। ये देश की भावना है, ये देश की हर बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए, 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। देश की बहनों-बेटियों के हक से जुड़े इस काम को, सभी राजनीतिक दल मिलकर के सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं, उसको पूरा करे। और मैंने आज देश की सभी बहनों के नाम एक खुला पत्र लिखा है, सोशल मीडिया में शायद ये मेरा पत्र आप तक पहुंचा होगा, हो सकता है टीवी और अखबार वाले भी इस पत्र का जिक्र करते होंगे। मैंने बड़े आग्रह के साथ देश की माताओं-बहनों को इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है। मुझे पक्का विश्वास है कि पत्र मेरे देश की माताएं-बहनें जरूर पढ़ेंगी। एक एक शब्द पर मनन करेंगी, और इतना बड़ा पवित्र कार्य करने के लिए 16-17-18 को संसद में आने वाले सभी सांसदों को उनके आशीर्वाद भी मिलेंगे। मैं आज देवभूमि से देश के सभी दलों से फिर अपील करूंगा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जरूर समर्थन करें। 2029 में हमारे देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या हमारी माताएं-बहनें, हमारी बेटियां, उनको उनका हक हम देकर रहें।

साथियों,

मैं उत्तराखंड आउं और फौज की बात ना हो, तो बात अधूरी ही रहती है। ये गढ़ी कैंट, ये सभा स्थल, ये उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा का प्रमाण है। यहां पास ही देश की रक्षा सुरक्षा से जुड़े कई संस्थान हैं, 1962 की लड़ाई में, शहीद जसवंत सिंह रावत जी के शौर्य को देश कभी भुला नहीं सकता।

साथियों,

सेना के सामर्थ्य को सशक्त करना हो, या हमारे सैनिक परिवारों की सुविधा और सम्मान हो, हमारी सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। वन रैंक वन पेंशन के माध्यम से हमारी सरकार ने, अब तक करीब सवा लाख करोड़ रुपए पूर्व फौजियों को उनके खाते में जमा कर दिए हैं। उत्तराखंड के भी हजारों परिवारों को इसका लाभ मिला है। इसके अलावा, इस वर्ष पूर्व फौजियों के लिए health scheme का बजट भी छत्तीस प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और इससे अधिक के ex-servicemen के लिए, दवाईयों की door step home delivery भी शुरू की गई है। पूर्व फौजियों के बच्चों की एजुकेशन ग्रांट भी डबल की गई है। और बेटियों के विवाह के लिए जो सहायता मिलती है, उसको भी 50 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है।

साथियों,

देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति, ऐसे हर आयाम को जोड़ते हुए, हमें देश को विकसित बनाना है। एक बार फिर दिल्ली-वासियों को, उत्तर प्रदेश वासियों को, और एक प्रकार से देशवासियों को, इस शानदार एक्सप्रेसवे की मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

बहुत-बहुत धन्यवाद !