PM Modi addresses a vibrant gathering in Ramtek, Maharashtra, paying homage to esteemed leaders including Baba Jumdevji, Gond Raja Bakht Buland Shah, and Baba Saheb Ambedkar
PM Modi urges the audience to unite and send their blessings to NDA in the upcoming Lok Sabha Elections 2024, symbolizing collective support and solidarity
PM Modi highlights the transformative initiatives undertaken by the NDA government to empower marginalized communities, ensuring social justice and inclusive development
Modi worked to provide facilities to the poor, to reduce their worries: PM Modi in Ramtek
PM Modi urge the people of Maharashtra to vote for the country's unity and progress, cautioning against the divisive agenda of opportunistic alliances


भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
प्रभु श्रीरामचंद्रांच्या पावन भूमिमध्ये,
अणि श्री रघुजी भोसले महाराज्यांच्या शौर्याचा वारसा लाभलेल्या,
या रामटेकच्या पावन भूमिला माझा साष्टांग नमस्कार!

क्या वो छोटी बालिका राम बनके आई है क्या...इस पावन धरा से मैं महान त्यागी बाबा जुमदेवजी…गोंड राजा बख्त बुलंद शहा…और बाबा साहेब आंबेडकर को भी नमन करता हूं।

यहां बाबा जूमदेव जी ने ‘परमात्मा एक सेवा मंडल’ इसके माध्यम से जो नशामुक्ति का अभियान चलाया है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है। मैं इस अभियान में जुड़े सभी लोगों की सराहना करता हूं।

साथियों,
शाम हो रही है, लेकिन आपका उत्साह देखकर लगता है कि अभी दिन शुरू ही हुआ है। ये आपका उत्साह-उमंग एक बार फिर अपनी जरा मोबाइल की फ्लैश लाइट कीजिए। सबसे सब, मैं फिर पूछता हूं आपको लाइट क्यों की। ये आपकी फ्लैश लाइट से आपके आशीर्वाद सीधे-सीधे यहां पहुंच रहे हैं। ये आपकी फ्लैश लाइट 19 तारीख को ज्यादा से ज्यादा मतदान करने का संकल्प है। ये जोश है, जो संदेश दे रहा है- फिर एक बार मोदी सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार। 4 जून...400 पार। 4 जून...400 पार। 4 जून...400 पार।

भाइयों और बहनों,
19 अप्रैल को आपको सिर्फ एक सांसद नहीं चुनना है। आपको अगले एक हजार साल के भारत की नींव मजबूत करने के लिए मतदान करना है। आपको विकसित भारत के संकल्प के लिए मतदान करना है।

साथियों,
आजकल ये टीवी वाले, मीडिया वाले चुनाव को लेकर लगातार सर्वे दिखा रहे हैं। इस सर्वे में NDA की बंपर जीत दिखाई दे रही है। लेकिन मैं आज मीडिया वालों की मदद करना चाहता हूं। ये सर्वे के पीछे, ये मीडिया वाले इतना खर्चा क्यों करते हो भाई। इनको पैसा बचाने का एक फॉर्मूला आज मैं देना चाहता हूं। जब मोदी को गालियां बढ़ जाएं तो रुझान समझ जाइए- फिर एक बार मोदी सरकार। जब ये लोग मेरे स्वर्गीय पिताजी या माताजी को गाली देने लगें तो समझ जाइए- फिर एक बार मोदी सरकार। जब EVM पर सवाल उठने लगें, तो रुझान समझ जाइए- फिर एक बार मोदी सरकार।

साथियों,
आजकल ये इंडी गठबंधन वाले और उनके लोग ये झूठ भी फैला रहे हैं कि मोदी तीसरी बार सरकार में आया तो लोकतंत्र और संविधान खतरे में पड़ जाएगा। अभी नितिन जी ने उसका बड़ा जमकर के जवाब दिया है। मैं जब से राजनीति में आया हूं, ये कोई ऐसा चुनाव नहीं गया है, जिसमें उन्होंने ये घिसी-पिटी कथा न सुनाई हो। अटलजी की सरकार बनी तब भी ऐसे ही गीत गा रहे थे। इसका मतलब इनकी बैंकरप्सी इतनी है कि इनके पास कोई नया आइडिया भी नहीं है। इमरजेंसी के दौरान क्या लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ा था? पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक, अगर इन लोगों के परिवार का सरकार का, एक प्रकार से कब्जा था, चारों तरफ वो ही नजर आ रहे थे। क्या उस समय लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ता था। एक गरीब का बेटा जैसे ही देश का प्रधानमंत्री बन गया, इन्हें लोकतंत्र और संविधान खतरे में दिखाई देने लगा।

ये इंडी गठबंधन वाले, कभी गरीब को आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते। अभी हमारे शिंदे जी एक कहावत बता रहे थे। मराठी में एक और कहावत है - काठी मारल्याने पाणी दुभंगत नाही. यानि पानी में जितनी लाठी मारी जाए, पानी में कभी भेद नहीं हो सकता है। गरीब के इस बेटे पर ये लोग चाहे जितना हमला करें, मोदी देश की जनता की सेवा के संकल्प से पीछे नहीं हटेगा।

साथियों,
ये इंडी गठबंधन वाले पूरी ताकत से देश के लोगों को बांटने में जुटे हैं। वो जानते हैं कि देश के लोग एकजुट हो गए, तो इंडी गठबंधन वालों की राजनीति खत्म हो जाएगी। इसलिए मैं महाराष्ट्र के लोगों से कहूंगा, देशवासियों से कहूंगा- एकजुट होकर, एकजुट होकर देश के नाम पर वोट दीजिए। ये इंडी गठबंधन वाले ताकतवर हुए तो देश को खंड-खंड कर देंगे। आज भी ये एक समाज को दूसरे समाज से लड़ाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे। आज भी ये भारत की संस्कृति को निशाना बनाना उसका कोई मौका नहीं छोड़ते। हमारा ये रामटेक वो स्थान है, जहां खुद प्रभु राम के पैर पड़े हैं। इस बार रामनवमी पर अयोध्या में हमारे रामलला, टैंट में नहीं, भव्य मंदिर में दर्शन देंगे। 500 साल बाद ये पल आ रहा है। रामटेक को, पूरे महाराष्ट्र को, पूरे देश को अद्भुत आनंद हो रहा है। लेकिन हम ये ना भूलें कि जब प्राण प्रतिष्ठा का अवसर आया, तो इन इंडी गठबंधन वालों ने इसका भी बहिष्कार किया था। निमंत्रण को ठुकरा दिया। ये लोग सनातन पर हमले करते हैं। सनातन को खत्म करने की सौगंध लेने वालों के साथ रैलियां करते हैं।

साथियों,
आजकल नवरात्रि का पर्व है। शक्ति की उपासना का पर्व है। ये लोग हिंदू धर्म की शक्ति को भी समाप्त करना चाहते हैं। आप मुझे बताइए, क्या ऐसे इंडी गठबंधन वालों को महाराष्ट्र में एक भी सीट जीतने देंगे? एक भी सीट जीतने देंगे? उनको इनके पापों की सजा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए। ये चुनाव में वोट देकर के उनको सजा देंगे कि नहीं देंगे। साथियों, भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और एनसीपी ये सब मिलकर के आज आपके पास आए हैँ। आपका एक-एक वोट इनको जिताने के लिए तो है, लेकिन उनको सजा देने के लिए भी है।

साथियों,
आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने साजिश के तहत SC-ST-OBC समाज को हर प्रकार से पीछे रखा। कांग्रेस ने बाबासाहेब आंबेडकर की राजनीति को खत्म किया। कांग्रेस ने बाबासाहेब को भारत रत्न से वंचित रखा। जब बीजेपी के समर्थन से केंद्र में सरकार बनी तो बाबासाहेब को भारत रत्न दिया गया। जब 2014 में NDA सरकार बनी, तो एक दलित मां के बेटे, भारत के राष्ट्रपति बने। जब 2019 में फिर NDA सरकार बनी, तो एक आदिवासी मां की बेटी, पहली बार देश की पहली नागरिक राष्ट्रपति बनीं। NDA सरकार में हमने रिकॉर्ड संख्या में ओबीसी समाज से मंत्री बनाए हैं।

साथियों,
ये NDA सरकार है, जिसने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया। ये NDA सरकार है, जिसने मेडिकल की पढ़ाई में ओबीसी के लिए आरक्षण तय किया। ये NDA सरकार थी, जिसने अलग आदिवासी मंत्रालय बनाया। 10 वर्षों में आदिवासी कल्याण का बजट 5 गुणा बढ़ा है। NDA सरकार की नीतियों के कारण ही स्कूल-कॉलेज में SC/ST/OBC युवाओं का नामांकन बहुत अधिक बढ़ा है।

भाइयों और बहनों,
सबका साथ, सबका विकास का हमारा ये मंत्र संविधान की सच्ची भावना है। लेकिन परिवारवादी पार्टियों ने हमेशा संविधान की इस भावना का अपमान किया। सामाजिक न्याय का झूठ बोलकर ये लोग सिर्फ अपने ही परिवार को आगे बढ़ाते रहे। इन लोगों के राज में दशकों तक SC-ST-OBC परिवार, मूल सुविधाओं से ही वंचित थे। गरीब को सुविधाएं देने का काम, उसकी चिंता कम करने का काम ये गरीब मां के बेटे मोदी ने किया है। आज जब मोदी, शत-प्रतिशत लाभार्थियों को, शत-प्रतिशत योजनाओं के लाभ की गारंटी देता है..तो यही सच्चा सामाजिक न्याय है। यही सच्चा सेकुलरिज्म होता है। क्योंकि उसमें भेदभाव की कोई संभावनाएं ही नहीं बचतीं। इसमें जो हकदार है, वो छूट नहीं जाता। शत-प्रतिशत लोगों को उसका हक का जो लाभ है, उसे पहुंचता है। और उसके कारण भ्रष्टाचार की दुकान भी बंद हो जाती है।

गरीब को पक्के घर देने की गारंटी हो, मुफ्त राशन देने की बात हो, मुफ्त इलाज की बात हो, टॉयलेट, बिजली-पानी-गैस कनेक्शन की गारंटी हो, मोदी की इन गारंटियों के बहुत बड़े लाभार्थी SC-ST-OBC परिवार ही हैं। जिन आदिवासी बाहुल्य जिलों को पहले पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया था। 10 वर्षों में वहां विकास की नई आशा जगी है। इसका परिणाम ये है कि 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं। इसमें, आकांक्षी जिलों ने, एस्परेशनल डिस्ट्रिक्ट ने, बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इसलिए मैं कहता हूं कि जब नीयत सही, तो नतीजे भी सही।

भाइयों और बहनों,
ये कांग्रेस है, जिसने एक देश, एक संविधान लागू नहीं होने दिया। यहां ये संविधान के नाम पर झूठ फैलाने वाले लोग मैं उनको सवाल पूछता हूं, अगर आपके लिए संविधान की इतनी अहमियत थी तो आपने बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को पूरे हिंदुस्तान में लागू करने की हिम्मत क्यों नहीं दिखाई। 70-75 साल तक बाबासाहेब आंबेडकर का संविधान पूरे हिंदुस्तान में लागू नहीं हुआ था। कौन जिम्मेवार है? कौन जिम्मेवार है? कौन जिम्मेवार है? ये मोदी है जिसने कश्मीर से कन्याकुमारी तक बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को लागू करके दिखाया। कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में अलगाव और आतंक को हवा देने वाला आर्टिकल-370 बनाए रखा। जम्मू-कश्मीर का संविधान अलग था। हम सबका संविधान अलग था। 370 की एक दीवार खड़ी कर दी गई थी। और मोदी ने जब कहा 370 हटानी है तो कहते थे, आग लग जाएगी। कहीं आग लगी भई। आग लगी क्या। 370 हटी की नहीं हटी। कश्मीर में संविधान लागू हुआ कि नहीं हुआ। बाबासाहेब आंबेडकर की आत्मा जहां होगी, आज मोदी को और हम सबको आशीर्वाद देती होगी।

लेकिन मोदी ने जब आर्टिकल-370 हटाया तो कांग्रेस के अध्यक्ष क्या कहते हैं, सुना है आपने। कांग्रेस के अध्यक्ष कहते हैं कि ये मोदी जहां जाते हैं वहां 570, 370 बोलते हैं, अरे भई 370 का राजस्थान में क्या लेना-देना। आंध्र में क्या लेना-देना। ये 370 हटाने से देश को क्या फायदा हुआ? क्या ऐसी भाषा कभी हम सुन सकते हैं क्या। ये भी कांग्रेस की दलित, आदिवासी, महिला विरोधी और वोट बैंक की राजनीति का जीता-जागता प्रमाण है। मैं आपको समझाता हूं। आर्टिकल 370 हटने से जम्मू-कश्मीर में इन सभी वर्गों को पहली बार संवैधानिक अधिकार मिला है। वहां मेरे एससी-एसटी भाई-बहनों को आरक्षण नहीं था। वहां पर हमारे वाल्मीकि समाज, हमारे दलित समाज के लोगों को नागरिक के नाते जो हक मिलने चाहिए ना, वो भी प्राप्त नहीं थे। आजादी के इतने सालों बाद भी ये कांग्रेस और इंडी-गठबंधन को जब मैं ये कहता हूं तो चुभने लगता है। आपने हिंदुस्तान के मुकुट को वहां के लोगों को, वहां की महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा था। बाबासाहेब आंबेडकर ने SC-ST-OBC महिला उनको जो अधिकार दिए, वो जम्मू-कश्मीर के लोगों को नहीं थे और आप संविधान के नाम पर देश को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे है।

भाइयों और बहनों,
कांग्रेस, नागरिकता देने वाले कानून, CAA का भी विरोध कर रही है। क्योंकि इसके भी सबसे बड़े लाभार्थी, दलित हैं, बौद्ध अनुयायी हैं। अघाड़ी वाले कितना भी विरोध कर लें, CAA के तहत हर हकदार को नागरिकता मिलकर रहेगी, और ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,
ये जो अघाड़ी है, ये जो इंडी-गठबंधन है, ये विरासत और विकास, दोनों के घोर विरोधी हैं। गोसी खुर्द बांध परियोजना को कांग्रेस ने दशकों तक लटकाया। इससे किसानों को कितनी मुश्किलें हुईं। जब आपने NDA की, महायुति की सरकार बनाई, तब इस पर तेज़ी से काम शुरू हुआ। इससे गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर और नागपुर जिलों के लाखों किसानों को लाभ हुआ। यहां पीने के पानी और सिंचाई के पानी के लिए एकनाथ जी, देवेंद्र जी और अजीत जी की टीम शानदार काम कर रही है। रात-दिन काम कर रही है। हर घर नल से जल पहुंचे, मोदी की इस गारंटी को पूरा करने में ये मेरे साथी दिन-रात जुटे हुए हैं।

साथियों,
विकसित भारत के निर्माण में हमारे किसान एक मजबूत स्तंभ हैं। महाराष्ट्र में पीएम स्वनिधि के तहत हजारों करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंचे हैं। आने वाले 5 सालों में हम दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर होना चाहते हैं। 2014 से पहले कांग्रेस की सरकार ने करीब 600 करोड़ रुपये की दाल MSP पर खरीदी थी। और उस समय कृषि मंत्री कौन थे, वो आपको मालूम है। याद है ना। आजकल वो मुझे गाली देने की कतार में खड़े हो गए। सिर्फ 600 करोड़ की दाल। हमने 10 सालों में करीब सवा लाख करोड़ रुपये दलहन और तिलहन किसानों को MSP के रूप में दिए हैं। फर्क साफ दिखता है।

भाइयों और बहनों,
नागपुर और विदर्भ का पूरा क्षेत्र आज आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहा है। आज नागपुर में IIM, ट्रिपल आईआईटी, एम्स, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी है। आज नागपुर में मेट्रो की रफ्तार है। गोंदिया में बिरसी एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है। अमरावती में टेक्सटाइल पार्क बन रहा है। रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट पर भी काम हो रहा है, जो टूरिज्म को बहुत बढ़ावा देने वाला है। बाला साहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग से इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। ऐसा विकास, एक ईमानदार, मजबूत और स्थिर NDA सरकार ही कर सकती है।

साथियों,
10 सालों में विकास के बहुत सारे काम हुए हैं। लेकिन ये तो ट्रेलर है। आजकल बड़ी-बड़ी होटल में कोई खाना खाने जाता है ना तो शुरू में थाली आने से पहले ऐपेटाइजर आता है। बड़ी चटाखेदार बानगियां आती हैं। कभी-कभी तो लगता है यार इसी से तो पेट भर गया। लेकिन आपको मालूम है वो ऐपेटाइजर होता है, थाली आनी बाकी है। ये दस साल में मैंने जो काम किया है ना, वो तो ऐपेटाइजर है। अभी तो थाली आनी बाकी है। आने वाले 5 साल में हमें देश को, महाराष्ट्र को बहुत आगे ले जाना है। और इसके लिए...मेरे साथियों में आपको गारंटी देता हूं, आपका सपना ये मोदी का संकल्प है।

साथियों,
मैं आपको गारंटी देता हूं हर पल देश के नाम, हर पल आपके नाम। 24 बाय 7 फॉर 2047। और इसके लिए 19 अप्रैल को, रामटेक से राजू पार्वे जी, भंडारा-गोंदिया से सुनील जी और नागपुर से भाई नितिन गडकरी जी को भारी मतों से विजयी बनाना है। NDA के हर कैंडिडेट को मिला वोट, मोदी को मजबूत करेगा। लेकिन इसके लिए मेरी एक इच्छा है, पूरी करोगे। जरा सबसे सब बताइये पूरी करोगे। गर्मी कितनी ही क्यों न हो। कितनी ही गर्मी क्यों न हो। सुबह-सुबह ज्यादा से ज्यादा मतदान करना है, करोगे। लोगों से मतदान करवाओगे। मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ोगे। मेरा एक और काम है। करोगे। हमें हर पोलिंग बूथ जीतना है। जीतोगे। हर पोलिंग बूथ जीतना है इस बार। हर पोलिंग बूथ का रिकॉर्ड तोड़ना है, तोड़ोगे।

अच्छा मेरा एक और काम है, करोगे। ये मेरा पर्सनल काम है करोगे। पक्का करोगे। देखिए, आप चुनाव प्रचार में घर-घर जा रहे हैं। तो लोगों को जरूर घर में जाकर बताना कि मोदी जी रामटेक आए थे। और मोदी जी ने आप सबको राम-राम कहा है। मेरे राम-राम पहुंचा दोगे। हर घर में पहुंचा दोगे। जब माताओं-बहनों को, बुजुर्गों को मेरा राम-राम कहोगे ना, तो वो मुझे आशीर्वाद देंगे। वो आशीर्वाद मुझे ऊर्जा देता है। आपके लिए जीने के लिए, आपके लिए जूझने के लिए, आपके लिए दौड़ने के लिए, आपके लिए दिन-रात खपाने के लिए, मुझे वहां से ताकत मिलती है और इसलिए ये मेरा व्यक्तिगत काम है। आप घर-घर जाकर के हरेक को मेरा राम-राम पहुंचाओगे। पक्का पहुंचाओगे।
मेरे साथ बोलिए
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
वंदे मातरम्। वंदे मातरम्। वंदे मातरम्। वंदे मातरम्। वंदे मातरम्। वंदे मातरम्। वंदे मातरम्।
बहुत-बहुत धन्यवाद

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PM Modi's Interview to IANS
May 27, 2024

पहले तो मैं आपकी टीम को बधाई देता हूं भाई, कि इतने कम समय में आपलोगों ने अच्छी जगह बनाई है और एक प्रकार से ग्रासरूट लेवल की जो बारीक-बारीक जानकारियां हैं। वह शायद आपके माध्यम से जल्दी पहुंचती है। तो आपकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

Q1 - आजकल राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को पाकिस्तान से इतना endorsement क्यों मिल रहा है ? 370 ख़त्म करने के समय से लेकर आज तक हर मौक़े पर पाकिस्तान से उनके पक्ष में आवाज़ें आती हैं ?

जवाब – देखिए, चुनाव भारत का है और भारत का लोकतंत्र बहुत ही मैच्योर है, तंदरुस्त परंपराएं हैं और भारत के मतदाता भी बाहर की किसी भी हरकतों से प्रभावित होने वाले मतदाता नहीं हैं। मैं नहीं जानता हूं कि कुछ ही लोग हैं जिनको हमारे साथ दुश्मनी रखने वाले लोग क्यों पसंद करते हैं, कुछ ही लोग हैं जिनके समर्थन में आवाज वहां से क्यों उठती है। अब ये बहुत बड़ी जांच पड़ताल का यह गंभीर विषय है। मुझे नहीं लगता है कि मुझे जिस पद पर मैं बैठा हूं वहां से ऐसे विषयों पर कोई कमेंट करना चाहिए लेकिन आपकी चिंता मैं समझ सकता हूं।

 

Q 2 - आप ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम तेज करने की बात कही है अगली सरकार जब आएगी तो आप क्या करने जा रहे हैं ? क्या जनता से लूटा हुआ पैसा जनता तक किसी योजना या विशेष नीति के जरिए वापस पहुंचेगा ?

जवाब – आपका सवाल बहुत ही रिलिवेंट है क्योंकि आप देखिए हिंदुस्तान का मानस क्या है, भारत के लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं। दीमक की तरह भ्रष्टाचार देश की सारी व्यवस्थाओं को खोखला कर रहा है। भ्रष्टाचार के लिए आवाज भी बहुत उठती है। जब मैं 2013-14 में चुनाव के समय भाषण करता था और मैं भ्रष्टाचार की बातें बताता था तो लोग अपना रोष व्यक्त करते थे। लोग चाहते थे कि हां कुछ होना चाहिए। अब हमने आकर सिस्टमैटिकली उन चीजों को करने पर बल दिया कि सिस्टम में ऐसे कौन से दोष हैं अगर देश पॉलिसी ड्रिवन है ब्लैक एंड व्हाइट में चीजें उपलब्ध हैं कि भई ये कर सकते हो ये नहीं कर सकते हो। ये आपकी लिमिट है इस लिमिट के बाहर जाना है तो आप नहीं कर सकते हो कोई और करेगा मैंने उस पर बल दिया। ये बात सही है..लेकिन ग्रे एरिया मिनिमल हो जाता है जब ब्लैक एंड व्हाइट में पॉलिसी होती है और उसके कारण डिसक्रिमिनेशन के लिए कोई संभावना नहीं होती है, तो हमने एक तो पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस पर बल दिया। दूसरा हमने स्कीम्स के सैचुरेशन पर बल दिया कि भई 100% जो स्कीम जिसके लिए है उन लाभार्थियों को 100% ...जब 100% है तो लोगों को पता है मुझे मिलने ही वाला है तो वो करप्शन के लिए कोई जगह ढूंढेगा नहीं। करप्शन करने वाले भी कर नहीं सकते क्योंकि वो कैसे-कैसे कहेंगे, हां हो सकता है कि किसी को जनवरी में मिलने वाला मार्च में मिले या अप्रैल में मिले ये हो सकता है लेकिन उसको पता है कि मिलेगा और मेरे हिसाब से सैचुरेशन करप्शन फ्री गवर्नेंस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सोशल जस्टिस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सेकुलरिज्म की गारंटी देता है। ऐसे त्रिविध फायदे वाली हमारी दूसरी स्कीम, तीसरा मेरा प्रयास रहा कि मैक्सिमम टेक्नोलॉजी का उपयोग करना। टेक्नोलॉजी में भी..क्योंकि रिकॉर्ड मेंटेन होते हैं, ट्रांसपेरेंसी रहती है। अब डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर में 38 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हमने। अगर राजीव गांधी के जमाने की बात करें कि एक रुपया जाता है 15 पैसा पहुंचता है तो 38 लाख करोड़ तो हो सकता है 25-30 लाख करोड़ रुपया ऐसे ही गबन हो जाते तो हमने टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया है। जहां तक करप्शन का सवाल है देश में पहले क्या आवाज उठती थी कि भई करप्शन तो हुआ लेकिन उन्होंने किसी छोटे आदमी को सूली पर चढ़ा दिया। सामान्य रूप से मीडिया में भी चर्चा होती थी कि बड़े-बड़े मगरमच्छ तो छूट जाते हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़कर आप चीजें निपटा देते हो। फिर एक कालखंड ऐसा आया कि हमें पूछा जाता था 19 के पहले कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें करते थे क्यों कदम नहीं उठाते हो, क्यों अरेस्ट नहीं करते हो, क्यों लोगों को ये नहीं करते हो। हम कहते थे भई ये हमारा काम नहीं है, ये स्वतंत्र एजेंसी कर रही है और हम बदइरादे से कुछ नहीं करेंगे। जो भी होगा हमारी सूचना यही है जीरो टोलरेंस दूसरा तथ्यों के आधार पर ये एक्शन होना चाहिए, परसेप्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए। तथ्य जुटाने में मेहनत करनी पड़ती है। अब अफसरों ने मेहनत भी की अब मगरमच्छ पकड़े जाने लगे हैं तो हमें सवाल पूछा जा रहा है कि मगरमच्छों को क्यों पकड़ते हो। ये समझ में नहीं आता है कि ये कौन सा गैंग है, खान मार्केट गैंग जो कुछ लोगों को बचाने के लिए इस प्रकार के नैरेटिव गढ़ती है। पहले आप ही कहते थे छोटों को पकड़ते हो बड़े छूट जाते हैं। जब सिस्टम ईमानदारी से काम करने लगा, बड़े लोग पकड़े जाने लगे तब आप चिल्लाने लगे हो। दूसरा पकड़ने का काम एक इंडिपेंडेंट एजेंसी करती है। उसको जेल में रखना कि बाहर रखना, उसके ऊपर केस ठीक है या नहीं है ये न्यायालय तय करता है उसमें मोदी का कोई रोल नहीं है, इलेक्टेड बॉडी का कोई रोल नहीं है लेकिन आजकल मैं हैरान हूं। दूसरा जो देश के लिए चिंता का विषय है वो भ्रष्ट लोगों का महिमामंडन है। हमारे देश में कभी भी भ्रष्टाचार में पकड़े गए लोग या किसी को आरोप भी लगा तो लोग 100 कदम दूर रहते थे। आजकल तो भ्रष्ट लोगों को कंधे पर बिठाकर नाचने की फैशन हो गई है। तीसरा प्रॉब्लम है जो लोग कल तक जिन बातों की वकालत करते थे आज अगर वही चीजें हो रही हैं तो वो उसका विरोध कर रहे हैं। पहले तो वही लोग कहते थे सोनिया जी को जेल में बंद कर दो, फलाने को जेल में बंद कर दो और अब वही लोग चिल्लाते हैं। इसलिए मैं मानता हूं आप जैसे मीडिया का काम है कि लोगों से पूछे कि बताइए छोटे लोग जेल जाने चाहिए या मगरमच्छ जेल जाने चाहिए। पूछो जरा पब्लिक को क्या ओपिनियन है, ओपिनियन बनाइए आप लोग।

 

Q3- नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक सबने गरीबी हटाने की बात तो की लेकिन आपने आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया, इसे लेकर कैसे रणनीति तैयार करते हैं चाहे वो पीएम स्वनिधि योजना हो, पीएम मुद्रा योजना बनाना हो या विश्वकर्मा योजना हो मतलब एकदम ग्रासरूट लेवल से काम किया ?

जवाब – देखिए हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। पहले चीजें बाहर से आती थी तो कहते थे देखिए देश को बेच रहे हैं सब बाहर से लाते हैं। आज जब देश में बन रहा है तो कहते हैं देखिए ग्लोबलाइजेशन का जमाना है और आप लोग अपने ही देश की बातें करते हैं। मैं समझ नहीं पाता हूं कि देश को इस प्रकार से गुमराह करने वाले इन ऐलिमेंट्स से देश को कैसे बचाया जाए। दूसरी बात है अगर अमेरिका में कोई कहता है Be American By American उसपर तो हम सीना तानकर गर्व करते हैं लेकिन मोदी कहता है वोकल फॉर लोकल तो लोगों को लगता है कि ये ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ है। तो इस प्रकार से लोगों को गुमराह करने वाली ये प्रवृत्ति चलती है। जहां तक भारत जैसा देश जिसके पास मैनपावर है, स्किल्ड मैनपावर है। अब मैं ऐसी तो गलती नहीं कर सकता कि गेहूं एक्सपोर्ट करूं और ब्रेड इम्पोर्ट करूं..मैं तो चाहूंगा मेरे देश में ही गेहूं का आटा निकले, मेरे देश में ही गेहूं का ब्रेड बने। मेरे देश के लोगों को रोजगार मिले तो मेरा आत्मनिर्भर भारत का जो मिशन है उसके पीछे मेरी पहली जो प्राथमिकता है कि मेरे देश के टैलेंट को अवसर मिले। मेरे देश के युवाओं को रोजगार मिले, मेरे देश का धन बाहर न जाए, मेरे देश में जो प्राकृतिक संसाधन हैं उनका वैल्यू एडिशन हो, मेरे देश के अंदर किसान जो काम करता है उसकी जो प्रोडक्ट है उसका वैल्यू एडिशन हो वो ग्लोबल मार्केट को कैप्चर करे और इसलिए मैंने विदेश विभाग को भी कहा है कि भई आपकी सफलता को मैं तीन आधारों से देखूंगा एक भारत से कितना सामान आप..जिस देश में हैं वहां पर खरीदा जाता है, दूसरा उस देश में बेस्ट टेक्नोलॉजी कौन सी है जो अभीतक भारत में नहीं है। वो टेक्नोलॉजी भारत में कैसे आ सकती है और तीसरा उस देश में से कितने टूरिस्ट भारत भेजते हो आप, ये मेरा क्राइटेरिया रहेगा...तो मेरे हर चीज में सेंटर में मेरा नेशन, सेंटर में मेरा भारत और नेशन फर्स्ट इस मिजाज से हम काम करते हैं।

 

Q 4 - एक तरफ आप विश्वकर्माओं के बारे में सोचते हैं, नाई, लोहार, सुनार, मोची की जरूरतों को समझते हैं उनसे मिलते हैं तो वहीं दूसरी तरफ गेमर्स से मिलते हैं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात करते हैं, इन्फ्लुएंसर्स से आप मिलते हैं इनकी अहमियत को भी सबके सामने रखते हैं, इतना डाइवर्सीफाई तरीके से कैसे सोच पाते हैं?

जवाब- आप देखिए, भारत विविधताओं से भरा हुआ है और कोई देश एक पिलर पर बड़ा नहीं हो सकता है। मैंने एक मिशन लिया। हर डिस्ट्रिक्ट का वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पर बल दिया, क्यों? भारत इतना विविधता भरा देश है, हर डिस्ट्रिक्ट के पास अपनी अलग ताकत है। मैं चाहता हूं कि इसको हम लोगों के सामने लाएं और आज मैं कभी विदेश जाता हूं तो मुझे चीजें कौन सी ले जाऊंगा। वो उलझन नहीं होती है। मैं सिर्फ वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट का कैटलॉग देखता हूं। तो मुझे लगता है यूरोप जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। अफ्रीका जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। और हर एक को लगता है एक देश में। यह एक पहलू है दूसरा हमने जी 20 समिट हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्से में की है। क्यों? दुनिया को पता चले कि दिल्ली, यही हिंदुस्तान नहीं है। अब आप ताजमहल देखें तो टूरिज्म पूरा नहीं होता जी मेरे देश का। मेरे देश में इतना पोटेंशियल है, मेरे देश को जानिए और समझिए और इस बार हमने जी-20 का उपयोग भारत को विश्व के अंदर भारत की पहचान बनाने के लिए किया। दुनिया की भारत के प्रति क्यूरियोसिटी बढ़े, इसमें हमने बड़ी सफलता पाई है, क्योंकि दुनिया के करीब एक लाख नीति निर्धारक ऐसे लोग जी-20 समूह की 200 से ज्यादा मीटिंग में आए। वह अलग-अलग जगह पर गए। उन्होंने इन जगहों को देखा, सुना भी नहीं था, देखा वो अपने देश के साथ कोरिलिरेट करने लगे। वो वहां जाकर बातें करने लगे। मैं देख रहा हूं जी20 के कारण लोग आजकल काफी टूरिस्टों को यहां भेज रहे हैं। जिसके कारण हमारे देश का टूरिज्म को बढ़ावा मिला।

इसी तरह आपने देखा होगा कि मैंने स्टार्टअप वालों के साथ मीटिंग की थी, मैं वार्कशॉप करता था। आज से मैं 7-8 साल पहले, 10 साल पहले शुरू- शुरू में यानी मैं 14 में आया। उसके 15-16 के भीतर-भीतर मैंने जो नए स्टार्टअप की दुनिया शुरू हुई, उनकी मैंने ऐसे वर्कशॉप की है तो मैं अलग-अलग कभी मैंने स्पोर्ट्स पर्सन्स के की, कभी मैंने कोचों के साथ की कि इतना ही नहीं मैंने फिल्म दुनिया वालों के साथ भी ऐसी मीटिंग की।

मैं जानता हूं कि वह बिरादरी हमारे विचारों से काफी दूर है। मेरी सरकार से भी दूर है, लेकिन मेरा काम था उनकी समस्याओं को समझो क्योंकि बॉलीवुड अगर ग्लोबल मार्केट में मुझे उपयोगी होता है, अगर मेरी तेलुगू फिल्में दुनिया में पॉपुलर हो सकती है, मेरी तमिल फिल्म दुनिया पॉपुलर हो सकती है। मुझे तो ग्लोबल मार्केट लेना था मेरे देश की हर चीज का। आज यूट्यूब की दुनिया पैदा हुई तो मैंने उनको बुलाया। आप देश की क्या मदद कर सकते हैं। इंफ्लुएंसर को बुलाया, क्रिएटिव वर्ल्ड, गेमिंम अब देखिए दुनिया का इतना बड़ा गेमिंग मार्केट। भारत के लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं, पैसा लगा रहे हैं और गेमिंग की दुनिया में कमाई कोई और करता है तो मैंने सारे गेमिंग के एक्सपर्ट को बुलाया। पहले उनकी समस्याएं समझी। मैंने देश को कहा, मेरी सरकार को मुझे गेमिंग में भारतीय लीडरशिप पक्की करनी है।

इतना बड़ा फ्यूचर मार्केट है, अब तो ओलंपिक में गेमिंग आया है तो मैं उसमें जोड़ना चाहता हूं। ऐसे सभी विषयों में एक साथ काम करने के पक्ष में मैं हूं। उसी प्रकार से देश की जो मूलभूत व्यवस्थाएं हैं, आप उसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। हमें गांव का एक मोची होगा, सोनार होगा, कपड़े सिलने वाला होगा। वो भी मेरे देश की बहुत बड़ी शक्ति है। मुझे उसको भी उतना ही तवज्जो देना होगा। और इसलिए मेरी सरकार का इंटीग्रेटेड अप्रोच होता है। कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच होता है, होलिस्टिक अप्रोच होता है।

 

Q 5 - डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया उसका विपक्ष ने मजाक भी उड़ाया था, आज ये आपकी सरकार की खास पहचान बन गए हैं और दुनिया भी इस बात का संज्ञान ले रही है, इसका एक उदहारण यूपीआई भी है।

जवाब – यह बात सही है कि हमारे देश में जो डिजिटल इंडिया मूवमेंट मैंने शुरू किया तो शुरू में आरोप क्या लगाए इन्होंने? उन्होंने लगाई कि ये जो सर्विस प्रोवाइडर हैं, उनकी भलाई के लिए हो रहा है। इनको समझ नहीं आया कि यह क्षेत्र कितना बड़ा है और 21वीं सदी एक टेक्नॉलॉजी ड्रिवन सेंचुरी है। टेक्नोलॉजी आईटी ड्रिवन है। आईटी इन्फोर्स बाय एआई। बहुत बड़े प्रभावी क्षेत्र बदलते जा रहे हैं। हमें फ्यूचरस्टीक चीजों को देखना चाहिए। आज अगर यूपीआई न होता तो कोई मुझे बताए कोविड की लड़ाई हम कैसे लड़ते? दुनिया के समृद्ध देश भी अपने लोगों को पैसे होने के बावजूद भी नहीं दे पाए। हम आराम से दे सकते हैं। आज हम 11 करोड़ किसानों को 30 सेकंड के अंदर पैसा भेज सकते हैं। अब यूपीआई अब इतनी यूजर फ्रेंडली है तो क्योंकि यह टैलेंट हमारे देश के नौजवानों में है। वो ऐसे प्रोडक्ट बना करके देते हैं कि कोई भी कॉमन मैन इसका उपयोग कर सकता है। आज मैंने ऐसे कितने लोग देखे हैं जो अपना सोशल मीडिया अनुभव कर रहे हैं। हमने छह मित्रों ने तय किया कि छह महीने तक जेब में 1 पैसा नहीं रखेंगे। अब देखते हैं क्या होता है। छह महीने पहले बिना पैसे पूरी दुनिया में हम अपना काम, कारोबार करके आ गए। हमें कोई तकलीफ नहीं हुई तो हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। तो यूपीआई ने एक प्रकार से फिनटेक की दुनिया में बहुत बड़ा रोल प्ले किया है और इसके कारण इन दिनों भारत के साथ जुड़े हुए कई देश यूपीआई से जुड़ने को तैयार हैं क्योंकि अब फिनटेक का युग है। फिनटेक में भारत अब लीड कर रहा है और इसलिए दुर्भाग्य तो इस बात का है कि जब मैं इस विषय को चर्चा कर रहा था तब देश के बड़े-बड़े विद्वान जो पार्लियामेंट में बैठे हैं वह इसका मखौल उड़ाते थे, मजाक उड़ाते थे, उनको भारत के पोटेंशियल का अंदाजा नहीं था और टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य का भी अंदाज नहीं था।

 

Q 6 - देश के युवा भारत का इतिहास लिखेंगे ऐसा आप कई बार बोल चुके हैं, फर्स्ट टाइम वोटर्स का पीएम मोदी से कनेक्ट के पीछे का क्या कारण है?

एक मैं उनके एस्पिरेशन को समझ पाता हूं। जो पुरानी सोच है कि वह घर में अपने पहले पांच थे तो अब 7 में जाएगा सात से नौ, ऐसा नहीं है। वह पांच से भी सीधा 100 पर जाना चाहता है। आज का यूथ हर, क्षेत्र में वह बड़ा जंप लगाना चाहता है। हमें वह लॉन्चिंग पैड क्रिएट करना चाहिए, ताकि हमारे यूथ के एस्पिरेशन को हम फुलफिल कर सकें। इसलिए यूथ को समझना चाहिए। मैं परीक्षा पर चर्चा करता हूं और मैंने देखा है कि मुझे लाखों युवकों से ऐसी बात करने का मौका मिलता है जो परीक्षा पर चर्चा की चर्चा चल रही है। लेकिन वह मेरे साथ 10 साल के बाद की बात करता है। मतलब वह एक नई जनरेशन है। अगर सरकार और सरकार की लीडरशिप इस नई जनरेशन के एस्पिरेशन को समझने में विफल हो गई तो बहुत बड़ी गैप हो जाएगी। आपने देखा होगा कोविड में मैं बार-बार चिंतित था कि मेरे यह फर्स्ट टाइम वोटर जो अभी हैं, वह कोविड के समय में 14-15 साल के थे अगर यह चार दीवारों में फंसे रहेंगे तो इनका बचपन मर जाएगा। उनकी जवानी आएगी नहीं। वह बचपन से सीधे बुढ़ापे में चला जाएगा। यह गैप कौन भरेगा? तो मैं उसके लिए चिंतित था। मैं उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात करता था। मैं उनको समझाता था का आप यह करिए। और इसलिए हमने डेटा एकदम सस्ता कर दिया। उस समय मेरा डेटा सस्ता करने के पीछे लॉजिक था। वह ईजिली इंटरनेट का उपयोग करते हुए नई दुनिया की तरफ मुड़े और वह हुआ। उसका हमें बेनिफिट हुआ है। भारत ने कोविड की मुसीबतों को अवसर में पलटने में बहुत बड़ा रोल किया है और आज जो डिजिटल रिवॉल्यूशन आया है, फिनटेक का जो रिवॉल्यूशन आया है, वह हमने आपत्ति को अवसर में पलटा उसके कारण आया है तो मैं टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को समझता हूं। मैं टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपने हमें समय दिया।

नमस्कार भैया, मेरी भी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप भी बहुत प्रगति करें और देश को सही जानकारियां देते रहें।