Telangana's faith in BJP is rising: PM Modi in Hyderabad

Published By : Admin | July 3, 2022 | 18:31 IST
Telangana's faith in BJP is rising, says PM Modi in Hyderabad
In Telangana, people are paving the way for BJP's double-engine govt: PM Modi in Hyderabad
In the last 8 years, we have initiated various policies for the welfare of the poor, Dalit, backward, and tribal people: PM Modi

भारत माता की...
भारत माता की...
भारत माता की...
तेलंगाना बीजेपी नी,
आशिर्वदिन-चटानिकी,
येंथो धूरम नुन्डी,
वच्चिना।
प्रथी कार्यकर्ताकु,
सोधरा – सोधरि-मनुलकु,
मातृ मुर्थु-लकु,
ना नमस्कारम।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्रीमान जे पी नड्डा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सदस्यगण, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री- उपमुख्यमंत्री, तेलंगाना बीजेपी के अध्यक्ष बंडी संजय कुमार जी, भाजपा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारीगण, सांसद, विधायकगण, अन्य महानुभाव और तेलंगाना के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, आज ऐसा लग रहा है कि जैसे पूरे तेलंगाना का स्नेह यहां इस मैदान में ही सिमट आया है। तेलंगाना के अलग-अलग जिलों से आप यहां इतनी बड़ी संख्या में आए हैं। इस स्नेह के लिए, इस आशीर्वाद के लिए मैं तेलंगाना का अभिनंदन करता हूं, तेलंगाना की धरती को वंदन करता हूं।

भाइयों और बहनों,
आप सभी लोगों के इस स्नेह को ध्यान में रखते हुए ही हमने इस बार भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हैदराबाद में कराने का फैसला किया था। बीते 2 दिनों से यहां देशभर से भाजपा के प्रतिनिधि, अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री आप के इस प्यार को इस स्नेह को अनुभव कर रहे हैं। जिस तरह हैदराबाद शहर हर टैलेंट की उम्मीदों को नई उड़ान देता है, वैसे ही भाजपा भी देश की आशाओं-अपेक्षाओं को अब पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत कर रही हैं। इसलिए आज जब हम 21वीं सदी के समर्थ, सशक्त, आत्मनिर्भर भारत के रोडमैप पर काम कर रहे हैं, तब हैदराबाद में हुए भाजपा के इस मंथन का विशेष महत्व है।

साथियों,
तेलंगाना के लोग, पूरी दुनिया में कड़ी मेहनत और देश के विकास के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। तेलंगाना में कला, कौशल, कर्मठता भरपूर है। तेलंगाना, प्राचीनता और पराक्रम की पुण्य स्थली है। यहाँ भद्राचलम् में श्री राम से लेकर यादाद्रि में श्री नरसिम्हा तक, आलमपुर में जोगुलाम्बा से लेकर वरंगल में भद्रकाली तक, इस पवित्र भूमि से ईश्वरीय आशीर्वाद हमारे भारत पर अविरल बरसते हैं।विश्व प्रसिद्ध रामप्पा मंदिर से लेकर अद्भुत काकतीय तोरणम् तक, तेलंगाना का आर्ट और आर्किटैक्चर हमें गौरव से भर देता है।प्रतापरुद्र से राणि रुद्रमा देवी और कुमुरम् भीम् तक, तेलंगाना की इस वीर भूमि के शौर्य और बलिदान की गाथाएँ अतुलनीय हैं।
भद्राचलम् रामदासु से लेकर पाल्कुरिकि सोमनाथ तक, यहाँ के काव्य का माधुर्य, यहाँ के साहित्य का सौन्दर्य, पूरे भारत के लिए अमूल्य निधि है।इस धरती की ये आस्था, ये श्रद्धा और ये विरासत हमें जन-जन की सेवा के लिए समर्पण की ऊर्जा देती है। इसीलिए साथियों,ऐसे तेलंगाना का विकास, चौतरफा विकास, भारतीय जनता पार्टी की पहली प्राथमिकताओं में से एक है।सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चलते हुए हम तेलंगाना के विकास का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

भाइयों और बहनों,
बीते 8 वर्षों में हमने हर भारतीय के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया है। देशवासियों का जीवन कैसे आसान हो, विकास का लाभ कैसे हर व्यक्ति, हर क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए हमने निरंतर काम किया है। दशकों तक जो वंचित रहे, शोषित रहे, उनको भी राष्ट्रीय योजनाओं के माध्यम से हमने विकास में भागीदार बनाया है। यही कारण है कि गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी, सभी को आज लगता है कि भाजपा सरकार उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं, दोनों की पूर्ति कर रही है। देश की महिलाओं, हमारी बहनों-बेटियों को भी आज महसूस हो रहा है कि उनका जीवन आसान हुआ है, उनकी सुविधा बढ़ी है, अब वो राष्ट्र के विकास में अधिक योगदान दे सकती हैं।

साथियों,
भाजपा सरकार के इसी सेवाभाव का लाभ तेलंगाना के हर गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी, मिडिल क्लास परिवार को भी मिल रहा है, तेलंगाना की बहनों-बेटियों को मिल रहा है। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान जब सौ साल का सबसे बड़ा संकट आया, तो हमारी सरकार ने तंलागाना के हर परिवार की मदद का प्रयास किया। पूरे देश के साथ-साथ तेलंगाना के भी करोड़ों साथियों को तेज़ी से, मुफ्त कोरोना वैक्सीन लगाई गई।
तेलंगाना के गरीबों को मुफ्त राशन हो, गरीबों को मुफ्त इलाज हो, भाजपा सरकार की नीतियों का लाभ सभी को बिना भेदभाव मिल रहा है और सेवा भाव से मिल रहा है। यही तो सबका साथ, सबका विकास है।
इसी वजह से आज देश के सामान्य नागरिक का भाजपा पर इतना विश्वास है। मुझे खुशी है कि तेलंगाना के लोगों का भी भाजपा पर ये विश्वास लगातार बढ़ रहा है। जहां तक मेरी नजर पहुंच रही है, जोश से भरे नौजवान दिखाई दे रहे हैं। आपका ये प्यार, आपका ये उत्साह आज पूरे देश को पता चल रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जितना जनसमर्थन तेलंगाना में हासिल किया था, उसमें निरंतर वृद्धि हो रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को आपने भरपूर प्यार दिया, भऱपूर समर्थन दिया।

मेरे प्यारे भाइयों-बहनों
भाजपा ने जितना समर्थन तेलंगाना में हासिल किया, उसमें निरंतर वृद्धि होती रही है और ये वृद्धि ही भारतीय जनता पार्टी के प्रति आपके प्यार को दर्शाती है। आपका निरंतर प्यार बढ़ता रहा है, निरंतर वृद्धि होती जा रही है। वो हर चीज में दिखाई दे रही है। ग्रेटर हैदराबाद के चुनाव में इसकी एक और झलक हमने देखी, जब भाजपा को अभूतपूर्व सफलता मिली। देश के दूसरे राज्यों में भी हमने देखा है , जहां जहां भाजपा की डबल इंजन सरकार है, उन राज्यों का विकास और जनता का विश्वास कई गुणा बढ़ा है। यही आकांक्षा अब तेलंगाना के लोगों की भी है। तेलंगाना के लोग लगातार भाजपा की डबल इंजन सरकार के लिए, जनता जनार्दन खुद ही रास्ता बना रही है।

साथियों,
यहां बड़ी संख्या में हमारी माताएं-बहनें आशीर्वाद देने आई हैं।साथियों, आपका प्यार, आपका उत्साह मैं भली भांति समझ सकता हूं।

साथियों,
हमारी सरकार ने महिलाओं-बहनों-बेटियों की गरिमा, उनके स्वास्थ्य, उनका जीवन आसान बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।स्वच्छ भारत अभियान से तेलंगाना की लाखों गरीब माताओं-बहनों-बेटियों को सम्मान का जीवन मिला है। उज्जवला योजना से मिले मुफ्त गैस कनेक्शन से तेलंगाना की लाखों गरीब बहनों को धुएं से मुक्ति मिली है। मातृत्व के समय पोषण से लेकर टीकाकरण तक की सुविधाओं को हमने तेलंगाना के गांव-गांव तक पहुंचाया है, हर लाभार्थी तक पहुंचाया है। इसी का परिणाम है कि आज बहनों-बेटियों का स्वास्थ्य भी सुधर रहा है और उनके जीवन पर संकट भी कम हुआ है।
भारत में पहली बार पुरुषों की तुलना में महिलाओँ की संख्या अधिक हुई है।

भाइयों और बहनों,
हम इस 21वीं सदी में देश की नारीशक्ति को राष्ट्रशक्ति बनाने का ईमानदार प्रयास कर रहे हैं।हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों में जमा धनराशि में महिलाओं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
ग्रामीण महिलाओं के मामले में ये आंकड़े और भी ज्यादा हैं। सर्वे बताते हैं कि आज हमारी बहनों की, संपत्ति में हिस्सेदारी भी बढ़ी है और परिवार के आर्थिक फैसलों में पूछ भी बढ़ रही है।ये इसलिए संभव हो रहा है क्योंकि हमने बहनों को बैंकिंग से जोड़ा, देश की अर्थव्यवस्था में बेटियों की सीधी-सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया। आपके प्यार के लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं, धन्यवाद करता हूं।

साथियों,
जनधन योजना के तहत पूरे देश में 45 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं, जिसमें से एक करोड़ से ज्यादा जनधन बैंक खाते तेलंगाना में खुले हैं। इन जनधन खातों में 55 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के हैं।
इसी तरह जो मुद्रा लोन दिए गए हैं उसमें से दो तिहाई से अधिक लोन महिलाओं को दिए गए हैं। स्टैंड अप इंडिया के तहत दिए गए लोन में से 80 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को दिया गया है। यहां तक कि रेहड़ी-ठेले-पटरी वाले देश के लाखों साथियों को भी केंद्र सरकार ने बैंकों से जोड़ा है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत तेलंगाना के भी हज़ारों साथियों को मदद मिली है।

भाइयों और बहनों,
तेलंगाना भारत में Research और Innovation का भी एक बड़ा केंद्र है। कोरोना काल में वैक्सीन को लेकर, दूसरे साजो सामान को लेकर जो काम यहां हुआ है, उसने पूरी दुनिया में करोड़ों जीवन बचाने में मदद की है। बीते 8 वर्षों से केंद्र सरकार इस इकोसिस्टम को सशक्त करने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है। हैदराबाद में आधुनिक साइंस सिटी बनाने के लिए भी भाजपा सरकार गंभीर प्रयास कर रही है। कुछ समय पहले National Animal Resource facility for Biomedical Research, जैसा आधुनिक रिसर्च सेंटर हैदराबाद में तैयार हो चुका है।

साथियों,
भाजपा सरकार सिर्फ टेक्नॉलॉजी और इनोवेशन के प्रोजेक्ट ही नहीं बना रही, बल्कि गरीब और ग्रामीण परिवारों के बेटे-बेटियों की प्रतिभा को भी प्रोत्साहित कर रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हमने स्थानीय भाषा में पढ़ाई को प्राथमिकता दी है।अब आप ही बताइए, जब तेलुगू में टेक्नॉलॉजी और मेडिकल की पढ़ाई होगी, तो तेलंगाना के गांवों की, गरीब परिवारों की माताओं के सपने सच होंगे या नहीं? इससे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए टैलेंट का पूल बड़ा होगा या नहीं?

भाइयों और बहनों,
आत्मनिर्भर भारत अभियान को रामागुंडम खाद कारखाना भी सशक्त कर रहा है।  आप सभी ये जानते हैं कि बीते दशकों में देश के जो अनेक खाद कारखाने बंद हुए थे, उनमें से ये भी एक था। 2015 में हमने इसको फिर से चालू करने के लिए काम शुरु किया, लगभग साढ़े 6 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश किया। अब यहां फर्टिलाइजर का उत्पादन शुरु हो चुका है। बहुत जल्द इसको भी राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया जाएगा।
ये तेलंगाना के किसानों के लिए, भारत के किसानों के लिए कितनी बड़ी सुविधा है। इसका आप अंदाज लगा सकते हैं। इससे खाद पर हमारी विदेशी निर्भरता कम हो जाएगी।

भाइयों और बहनों,
हमारा निरंतर प्रयास है कि तेलंगाना के किसानों का जीवन आसान हो, उनको अपनी उपज का अधिक से अधिक दाम मिले।  तेलंगाना में पानी से जुड़े लगभग 35 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के 5 बड़े प्रोजेक्ट्स पर केंद्र सरकार काम कर रही है।  बीते 6 सालों में केंद्र सरकार ने तेलंगाना के धान किसानों से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए का धान खरीदा है। धान किसानों को लागत का डेढ़ गुणा पैसा भी दिया है। इस बार भी धान की MSP में 80 रुपए की वृद्धि कर उसे दो हजार रुपए प्रति क्विंटल से ज्यादा कर दिया गया है।

भाइयों और बहनों,
खेती हो या उद्योग, हर सेक्टर के विकास के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत आवश्यक है। तेलंगाना का गांव हो या शहर, आधुनिक कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अभूतपूर्व काम कर रही है। हैदराबाद में यातायात और सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार 1500 करोड़ रुपए की लागत से 4 और 6 लेन के कई फ्लाई ओवर और एलीवेटेड कॉरिडोर बना रही है। इस हाईटेक सिटी में जाम की परेशानी कम करने के लिए केंद्र सरकार 350 किलोमीटर परिधि की रीजनल रिंग रोड भी बनाने जा रही है।

भाइयों और बहनों,
हमारा प्रयास है कि तेलंगाना के कोने-कोने तक बेहतरीन कनेक्टिविटी पहुंचे। पिछले 8 वर्षों में तेलंगाना में नेशनल हाईवे की लंबाई दोगुनी हो चुकी है। 2014 में तेलंगाना राज्य में लगभग 2500 किलोमीटर के नेशनल हाईवे थे, आज 5 हज़ार किलोमीटर लंबा नेटवर्क है। शहर ही नहीं, गांवों को भी नेशनल हाईवे से जोड़ते हुए 2700 किलोमीटर से अधिक की सड़कें बनाई जा चुकी हैं। पीएम ग्रामीण सड़क योजना के तीसरे फेज़ के तहत लगभग ढाई हज़ार किलोमीटर की नई सड़कों के लिए भी 1700 करोड़ रुपए से अधिक स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार रेलवे में भी बीते 8 वर्षों में तेलंगाना के लिए 31 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। लगभग 180 किलोमीटर की नई रेल लाइन तेलंगाना में बिछाई जा चुकी हैं।

साथियों,
आत्मनिर्भरता की बात आती है तो मैंने हमेशा 5F की बात की है, farm to fibre, fibre to factory, factory to fashion और fashion to foreign की बात की है। ये बात मैं कह रहा हूं, इसी सोच के तहत हमने तय किया कि textile में देश के एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए हम देश में 7 mega textile park बनाएंगे। Textile park जब लगता है तो किसान को भी फायदा होता है, मज़दूर को भी काम मिलता है, व्यापार-कारोबार भी फलता-फूलता है। इनमें से एक mega textile park का निर्माण तेलंगाना में भी होना है। ये टेक्सटाइल पार्क यहां बन जाएगा तो तेलंगाना के किसानों को तो लाभ होगा ही, यहां हज़ारों नौजवानों के लिए रोज़गार के नए अवसर बनेंगे।

साथियों,
हैदराबाद, देश की आत्मनिर्भरता का, देश के आत्मविश्वास का प्रमुख सेंटर है। तेलंगाना के दूसरे शहरों और गांवों में भी असीम सामर्थ्य हैं। यहां के खेतों में, यहां के किसानों के पास देश और दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है। यहां प्रकृति ने भी कोई कमी नहीं रखी है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जब तेलंगाना में भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनेगी, तो तेलंगाना के हर शहर, तेलंगाना के हर गांव के विकास के लिए और तेजी से काम होगा। हमें सबको पॉजिटिविटी से जोड़ना है, सबको विकास से जोड़ना है। तेलंगाना के विकास की गति को हमें और तेज़ करना है। सबका प्रयास से ही हम तेलंगाना को विकास के नए शिखर पर ले जा सकते हैं।
मेरे प्यारे तेलंगाना के भाइयों बहनों विशेषकर मेरी माताएं-बहनें विशेषकर मेरे जोश से भरे नौजवान आप इतनी बड़ी संख्या में यहां हमें आशीर्वाद देने के लिए आए हैं। इसलिए मैं हृदय से तेलंगाना वासियों का नमन करता हूं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ एक बार जोर से बोलिए

भारत माता की...
दोनों मुट्ठी उपर करके बोलिए
भारत माता की...
भारत माता की...
भारत माता की...
बहुत-बहुत धन्यवाद

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PM Modi's Interview to IANS
May 27, 2024

पहले तो मैं आपकी टीम को बधाई देता हूं भाई, कि इतने कम समय में आपलोगों ने अच्छी जगह बनाई है और एक प्रकार से ग्रासरूट लेवल की जो बारीक-बारीक जानकारियां हैं। वह शायद आपके माध्यम से जल्दी पहुंचती है। तो आपकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

Q1 - आजकल राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को पाकिस्तान से इतना endorsement क्यों मिल रहा है ? 370 ख़त्म करने के समय से लेकर आज तक हर मौक़े पर पाकिस्तान से उनके पक्ष में आवाज़ें आती हैं ?

जवाब – देखिए, चुनाव भारत का है और भारत का लोकतंत्र बहुत ही मैच्योर है, तंदरुस्त परंपराएं हैं और भारत के मतदाता भी बाहर की किसी भी हरकतों से प्रभावित होने वाले मतदाता नहीं हैं। मैं नहीं जानता हूं कि कुछ ही लोग हैं जिनको हमारे साथ दुश्मनी रखने वाले लोग क्यों पसंद करते हैं, कुछ ही लोग हैं जिनके समर्थन में आवाज वहां से क्यों उठती है। अब ये बहुत बड़ी जांच पड़ताल का यह गंभीर विषय है। मुझे नहीं लगता है कि मुझे जिस पद पर मैं बैठा हूं वहां से ऐसे विषयों पर कोई कमेंट करना चाहिए लेकिन आपकी चिंता मैं समझ सकता हूं।

 

Q 2 - आप ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम तेज करने की बात कही है अगली सरकार जब आएगी तो आप क्या करने जा रहे हैं ? क्या जनता से लूटा हुआ पैसा जनता तक किसी योजना या विशेष नीति के जरिए वापस पहुंचेगा ?

जवाब – आपका सवाल बहुत ही रिलिवेंट है क्योंकि आप देखिए हिंदुस्तान का मानस क्या है, भारत के लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं। दीमक की तरह भ्रष्टाचार देश की सारी व्यवस्थाओं को खोखला कर रहा है। भ्रष्टाचार के लिए आवाज भी बहुत उठती है। जब मैं 2013-14 में चुनाव के समय भाषण करता था और मैं भ्रष्टाचार की बातें बताता था तो लोग अपना रोष व्यक्त करते थे। लोग चाहते थे कि हां कुछ होना चाहिए। अब हमने आकर सिस्टमैटिकली उन चीजों को करने पर बल दिया कि सिस्टम में ऐसे कौन से दोष हैं अगर देश पॉलिसी ड्रिवन है ब्लैक एंड व्हाइट में चीजें उपलब्ध हैं कि भई ये कर सकते हो ये नहीं कर सकते हो। ये आपकी लिमिट है इस लिमिट के बाहर जाना है तो आप नहीं कर सकते हो कोई और करेगा मैंने उस पर बल दिया। ये बात सही है..लेकिन ग्रे एरिया मिनिमल हो जाता है जब ब्लैक एंड व्हाइट में पॉलिसी होती है और उसके कारण डिसक्रिमिनेशन के लिए कोई संभावना नहीं होती है, तो हमने एक तो पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस पर बल दिया। दूसरा हमने स्कीम्स के सैचुरेशन पर बल दिया कि भई 100% जो स्कीम जिसके लिए है उन लाभार्थियों को 100% ...जब 100% है तो लोगों को पता है मुझे मिलने ही वाला है तो वो करप्शन के लिए कोई जगह ढूंढेगा नहीं। करप्शन करने वाले भी कर नहीं सकते क्योंकि वो कैसे-कैसे कहेंगे, हां हो सकता है कि किसी को जनवरी में मिलने वाला मार्च में मिले या अप्रैल में मिले ये हो सकता है लेकिन उसको पता है कि मिलेगा और मेरे हिसाब से सैचुरेशन करप्शन फ्री गवर्नेंस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सोशल जस्टिस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सेकुलरिज्म की गारंटी देता है। ऐसे त्रिविध फायदे वाली हमारी दूसरी स्कीम, तीसरा मेरा प्रयास रहा कि मैक्सिमम टेक्नोलॉजी का उपयोग करना। टेक्नोलॉजी में भी..क्योंकि रिकॉर्ड मेंटेन होते हैं, ट्रांसपेरेंसी रहती है। अब डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर में 38 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हमने। अगर राजीव गांधी के जमाने की बात करें कि एक रुपया जाता है 15 पैसा पहुंचता है तो 38 लाख करोड़ तो हो सकता है 25-30 लाख करोड़ रुपया ऐसे ही गबन हो जाते तो हमने टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया है। जहां तक करप्शन का सवाल है देश में पहले क्या आवाज उठती थी कि भई करप्शन तो हुआ लेकिन उन्होंने किसी छोटे आदमी को सूली पर चढ़ा दिया। सामान्य रूप से मीडिया में भी चर्चा होती थी कि बड़े-बड़े मगरमच्छ तो छूट जाते हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़कर आप चीजें निपटा देते हो। फिर एक कालखंड ऐसा आया कि हमें पूछा जाता था 19 के पहले कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें करते थे क्यों कदम नहीं उठाते हो, क्यों अरेस्ट नहीं करते हो, क्यों लोगों को ये नहीं करते हो। हम कहते थे भई ये हमारा काम नहीं है, ये स्वतंत्र एजेंसी कर रही है और हम बदइरादे से कुछ नहीं करेंगे। जो भी होगा हमारी सूचना यही है जीरो टोलरेंस दूसरा तथ्यों के आधार पर ये एक्शन होना चाहिए, परसेप्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए। तथ्य जुटाने में मेहनत करनी पड़ती है। अब अफसरों ने मेहनत भी की अब मगरमच्छ पकड़े जाने लगे हैं तो हमें सवाल पूछा जा रहा है कि मगरमच्छों को क्यों पकड़ते हो। ये समझ में नहीं आता है कि ये कौन सा गैंग है, खान मार्केट गैंग जो कुछ लोगों को बचाने के लिए इस प्रकार के नैरेटिव गढ़ती है। पहले आप ही कहते थे छोटों को पकड़ते हो बड़े छूट जाते हैं। जब सिस्टम ईमानदारी से काम करने लगा, बड़े लोग पकड़े जाने लगे तब आप चिल्लाने लगे हो। दूसरा पकड़ने का काम एक इंडिपेंडेंट एजेंसी करती है। उसको जेल में रखना कि बाहर रखना, उसके ऊपर केस ठीक है या नहीं है ये न्यायालय तय करता है उसमें मोदी का कोई रोल नहीं है, इलेक्टेड बॉडी का कोई रोल नहीं है लेकिन आजकल मैं हैरान हूं। दूसरा जो देश के लिए चिंता का विषय है वो भ्रष्ट लोगों का महिमामंडन है। हमारे देश में कभी भी भ्रष्टाचार में पकड़े गए लोग या किसी को आरोप भी लगा तो लोग 100 कदम दूर रहते थे। आजकल तो भ्रष्ट लोगों को कंधे पर बिठाकर नाचने की फैशन हो गई है। तीसरा प्रॉब्लम है जो लोग कल तक जिन बातों की वकालत करते थे आज अगर वही चीजें हो रही हैं तो वो उसका विरोध कर रहे हैं। पहले तो वही लोग कहते थे सोनिया जी को जेल में बंद कर दो, फलाने को जेल में बंद कर दो और अब वही लोग चिल्लाते हैं। इसलिए मैं मानता हूं आप जैसे मीडिया का काम है कि लोगों से पूछे कि बताइए छोटे लोग जेल जाने चाहिए या मगरमच्छ जेल जाने चाहिए। पूछो जरा पब्लिक को क्या ओपिनियन है, ओपिनियन बनाइए आप लोग।

 

Q3- नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक सबने गरीबी हटाने की बात तो की लेकिन आपने आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया, इसे लेकर कैसे रणनीति तैयार करते हैं चाहे वो पीएम स्वनिधि योजना हो, पीएम मुद्रा योजना बनाना हो या विश्वकर्मा योजना हो मतलब एकदम ग्रासरूट लेवल से काम किया ?

जवाब – देखिए हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। पहले चीजें बाहर से आती थी तो कहते थे देखिए देश को बेच रहे हैं सब बाहर से लाते हैं। आज जब देश में बन रहा है तो कहते हैं देखिए ग्लोबलाइजेशन का जमाना है और आप लोग अपने ही देश की बातें करते हैं। मैं समझ नहीं पाता हूं कि देश को इस प्रकार से गुमराह करने वाले इन ऐलिमेंट्स से देश को कैसे बचाया जाए। दूसरी बात है अगर अमेरिका में कोई कहता है Be American By American उसपर तो हम सीना तानकर गर्व करते हैं लेकिन मोदी कहता है वोकल फॉर लोकल तो लोगों को लगता है कि ये ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ है। तो इस प्रकार से लोगों को गुमराह करने वाली ये प्रवृत्ति चलती है। जहां तक भारत जैसा देश जिसके पास मैनपावर है, स्किल्ड मैनपावर है। अब मैं ऐसी तो गलती नहीं कर सकता कि गेहूं एक्सपोर्ट करूं और ब्रेड इम्पोर्ट करूं..मैं तो चाहूंगा मेरे देश में ही गेहूं का आटा निकले, मेरे देश में ही गेहूं का ब्रेड बने। मेरे देश के लोगों को रोजगार मिले तो मेरा आत्मनिर्भर भारत का जो मिशन है उसके पीछे मेरी पहली जो प्राथमिकता है कि मेरे देश के टैलेंट को अवसर मिले। मेरे देश के युवाओं को रोजगार मिले, मेरे देश का धन बाहर न जाए, मेरे देश में जो प्राकृतिक संसाधन हैं उनका वैल्यू एडिशन हो, मेरे देश के अंदर किसान जो काम करता है उसकी जो प्रोडक्ट है उसका वैल्यू एडिशन हो वो ग्लोबल मार्केट को कैप्चर करे और इसलिए मैंने विदेश विभाग को भी कहा है कि भई आपकी सफलता को मैं तीन आधारों से देखूंगा एक भारत से कितना सामान आप..जिस देश में हैं वहां पर खरीदा जाता है, दूसरा उस देश में बेस्ट टेक्नोलॉजी कौन सी है जो अभीतक भारत में नहीं है। वो टेक्नोलॉजी भारत में कैसे आ सकती है और तीसरा उस देश में से कितने टूरिस्ट भारत भेजते हो आप, ये मेरा क्राइटेरिया रहेगा...तो मेरे हर चीज में सेंटर में मेरा नेशन, सेंटर में मेरा भारत और नेशन फर्स्ट इस मिजाज से हम काम करते हैं।

 

Q 4 - एक तरफ आप विश्वकर्माओं के बारे में सोचते हैं, नाई, लोहार, सुनार, मोची की जरूरतों को समझते हैं उनसे मिलते हैं तो वहीं दूसरी तरफ गेमर्स से मिलते हैं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात करते हैं, इन्फ्लुएंसर्स से आप मिलते हैं इनकी अहमियत को भी सबके सामने रखते हैं, इतना डाइवर्सीफाई तरीके से कैसे सोच पाते हैं?

जवाब- आप देखिए, भारत विविधताओं से भरा हुआ है और कोई देश एक पिलर पर बड़ा नहीं हो सकता है। मैंने एक मिशन लिया। हर डिस्ट्रिक्ट का वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पर बल दिया, क्यों? भारत इतना विविधता भरा देश है, हर डिस्ट्रिक्ट के पास अपनी अलग ताकत है। मैं चाहता हूं कि इसको हम लोगों के सामने लाएं और आज मैं कभी विदेश जाता हूं तो मुझे चीजें कौन सी ले जाऊंगा। वो उलझन नहीं होती है। मैं सिर्फ वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट का कैटलॉग देखता हूं। तो मुझे लगता है यूरोप जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। अफ्रीका जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। और हर एक को लगता है एक देश में। यह एक पहलू है दूसरा हमने जी 20 समिट हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्से में की है। क्यों? दुनिया को पता चले कि दिल्ली, यही हिंदुस्तान नहीं है। अब आप ताजमहल देखें तो टूरिज्म पूरा नहीं होता जी मेरे देश का। मेरे देश में इतना पोटेंशियल है, मेरे देश को जानिए और समझिए और इस बार हमने जी-20 का उपयोग भारत को विश्व के अंदर भारत की पहचान बनाने के लिए किया। दुनिया की भारत के प्रति क्यूरियोसिटी बढ़े, इसमें हमने बड़ी सफलता पाई है, क्योंकि दुनिया के करीब एक लाख नीति निर्धारक ऐसे लोग जी-20 समूह की 200 से ज्यादा मीटिंग में आए। वह अलग-अलग जगह पर गए। उन्होंने इन जगहों को देखा, सुना भी नहीं था, देखा वो अपने देश के साथ कोरिलिरेट करने लगे। वो वहां जाकर बातें करने लगे। मैं देख रहा हूं जी20 के कारण लोग आजकल काफी टूरिस्टों को यहां भेज रहे हैं। जिसके कारण हमारे देश का टूरिज्म को बढ़ावा मिला।

इसी तरह आपने देखा होगा कि मैंने स्टार्टअप वालों के साथ मीटिंग की थी, मैं वार्कशॉप करता था। आज से मैं 7-8 साल पहले, 10 साल पहले शुरू- शुरू में यानी मैं 14 में आया। उसके 15-16 के भीतर-भीतर मैंने जो नए स्टार्टअप की दुनिया शुरू हुई, उनकी मैंने ऐसे वर्कशॉप की है तो मैं अलग-अलग कभी मैंने स्पोर्ट्स पर्सन्स के की, कभी मैंने कोचों के साथ की कि इतना ही नहीं मैंने फिल्म दुनिया वालों के साथ भी ऐसी मीटिंग की।

मैं जानता हूं कि वह बिरादरी हमारे विचारों से काफी दूर है। मेरी सरकार से भी दूर है, लेकिन मेरा काम था उनकी समस्याओं को समझो क्योंकि बॉलीवुड अगर ग्लोबल मार्केट में मुझे उपयोगी होता है, अगर मेरी तेलुगू फिल्में दुनिया में पॉपुलर हो सकती है, मेरी तमिल फिल्म दुनिया पॉपुलर हो सकती है। मुझे तो ग्लोबल मार्केट लेना था मेरे देश की हर चीज का। आज यूट्यूब की दुनिया पैदा हुई तो मैंने उनको बुलाया। आप देश की क्या मदद कर सकते हैं। इंफ्लुएंसर को बुलाया, क्रिएटिव वर्ल्ड, गेमिंम अब देखिए दुनिया का इतना बड़ा गेमिंग मार्केट। भारत के लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं, पैसा लगा रहे हैं और गेमिंग की दुनिया में कमाई कोई और करता है तो मैंने सारे गेमिंग के एक्सपर्ट को बुलाया। पहले उनकी समस्याएं समझी। मैंने देश को कहा, मेरी सरकार को मुझे गेमिंग में भारतीय लीडरशिप पक्की करनी है।

इतना बड़ा फ्यूचर मार्केट है, अब तो ओलंपिक में गेमिंग आया है तो मैं उसमें जोड़ना चाहता हूं। ऐसे सभी विषयों में एक साथ काम करने के पक्ष में मैं हूं। उसी प्रकार से देश की जो मूलभूत व्यवस्थाएं हैं, आप उसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। हमें गांव का एक मोची होगा, सोनार होगा, कपड़े सिलने वाला होगा। वो भी मेरे देश की बहुत बड़ी शक्ति है। मुझे उसको भी उतना ही तवज्जो देना होगा। और इसलिए मेरी सरकार का इंटीग्रेटेड अप्रोच होता है। कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच होता है, होलिस्टिक अप्रोच होता है।

 

Q 5 - डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया उसका विपक्ष ने मजाक भी उड़ाया था, आज ये आपकी सरकार की खास पहचान बन गए हैं और दुनिया भी इस बात का संज्ञान ले रही है, इसका एक उदहारण यूपीआई भी है।

जवाब – यह बात सही है कि हमारे देश में जो डिजिटल इंडिया मूवमेंट मैंने शुरू किया तो शुरू में आरोप क्या लगाए इन्होंने? उन्होंने लगाई कि ये जो सर्विस प्रोवाइडर हैं, उनकी भलाई के लिए हो रहा है। इनको समझ नहीं आया कि यह क्षेत्र कितना बड़ा है और 21वीं सदी एक टेक्नॉलॉजी ड्रिवन सेंचुरी है। टेक्नोलॉजी आईटी ड्रिवन है। आईटी इन्फोर्स बाय एआई। बहुत बड़े प्रभावी क्षेत्र बदलते जा रहे हैं। हमें फ्यूचरस्टीक चीजों को देखना चाहिए। आज अगर यूपीआई न होता तो कोई मुझे बताए कोविड की लड़ाई हम कैसे लड़ते? दुनिया के समृद्ध देश भी अपने लोगों को पैसे होने के बावजूद भी नहीं दे पाए। हम आराम से दे सकते हैं। आज हम 11 करोड़ किसानों को 30 सेकंड के अंदर पैसा भेज सकते हैं। अब यूपीआई अब इतनी यूजर फ्रेंडली है तो क्योंकि यह टैलेंट हमारे देश के नौजवानों में है। वो ऐसे प्रोडक्ट बना करके देते हैं कि कोई भी कॉमन मैन इसका उपयोग कर सकता है। आज मैंने ऐसे कितने लोग देखे हैं जो अपना सोशल मीडिया अनुभव कर रहे हैं। हमने छह मित्रों ने तय किया कि छह महीने तक जेब में 1 पैसा नहीं रखेंगे। अब देखते हैं क्या होता है। छह महीने पहले बिना पैसे पूरी दुनिया में हम अपना काम, कारोबार करके आ गए। हमें कोई तकलीफ नहीं हुई तो हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। तो यूपीआई ने एक प्रकार से फिनटेक की दुनिया में बहुत बड़ा रोल प्ले किया है और इसके कारण इन दिनों भारत के साथ जुड़े हुए कई देश यूपीआई से जुड़ने को तैयार हैं क्योंकि अब फिनटेक का युग है। फिनटेक में भारत अब लीड कर रहा है और इसलिए दुर्भाग्य तो इस बात का है कि जब मैं इस विषय को चर्चा कर रहा था तब देश के बड़े-बड़े विद्वान जो पार्लियामेंट में बैठे हैं वह इसका मखौल उड़ाते थे, मजाक उड़ाते थे, उनको भारत के पोटेंशियल का अंदाजा नहीं था और टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य का भी अंदाज नहीं था।

 

Q 6 - देश के युवा भारत का इतिहास लिखेंगे ऐसा आप कई बार बोल चुके हैं, फर्स्ट टाइम वोटर्स का पीएम मोदी से कनेक्ट के पीछे का क्या कारण है?

एक मैं उनके एस्पिरेशन को समझ पाता हूं। जो पुरानी सोच है कि वह घर में अपने पहले पांच थे तो अब 7 में जाएगा सात से नौ, ऐसा नहीं है। वह पांच से भी सीधा 100 पर जाना चाहता है। आज का यूथ हर, क्षेत्र में वह बड़ा जंप लगाना चाहता है। हमें वह लॉन्चिंग पैड क्रिएट करना चाहिए, ताकि हमारे यूथ के एस्पिरेशन को हम फुलफिल कर सकें। इसलिए यूथ को समझना चाहिए। मैं परीक्षा पर चर्चा करता हूं और मैंने देखा है कि मुझे लाखों युवकों से ऐसी बात करने का मौका मिलता है जो परीक्षा पर चर्चा की चर्चा चल रही है। लेकिन वह मेरे साथ 10 साल के बाद की बात करता है। मतलब वह एक नई जनरेशन है। अगर सरकार और सरकार की लीडरशिप इस नई जनरेशन के एस्पिरेशन को समझने में विफल हो गई तो बहुत बड़ी गैप हो जाएगी। आपने देखा होगा कोविड में मैं बार-बार चिंतित था कि मेरे यह फर्स्ट टाइम वोटर जो अभी हैं, वह कोविड के समय में 14-15 साल के थे अगर यह चार दीवारों में फंसे रहेंगे तो इनका बचपन मर जाएगा। उनकी जवानी आएगी नहीं। वह बचपन से सीधे बुढ़ापे में चला जाएगा। यह गैप कौन भरेगा? तो मैं उसके लिए चिंतित था। मैं उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात करता था। मैं उनको समझाता था का आप यह करिए। और इसलिए हमने डेटा एकदम सस्ता कर दिया। उस समय मेरा डेटा सस्ता करने के पीछे लॉजिक था। वह ईजिली इंटरनेट का उपयोग करते हुए नई दुनिया की तरफ मुड़े और वह हुआ। उसका हमें बेनिफिट हुआ है। भारत ने कोविड की मुसीबतों को अवसर में पलटने में बहुत बड़ा रोल किया है और आज जो डिजिटल रिवॉल्यूशन आया है, फिनटेक का जो रिवॉल्यूशन आया है, वह हमने आपत्ति को अवसर में पलटा उसके कारण आया है तो मैं टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को समझता हूं। मैं टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपने हमें समय दिया।

नमस्कार भैया, मेरी भी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप भी बहुत प्रगति करें और देश को सही जानकारियां देते रहें।