For BJP, entire Uttar Pradesh is a family: PM Modi

Published By : Admin | February 6, 2022 | 13:31 IST
UP is now safe for girls and women; young women can now step out without fear and pursue their ambitions: PM Modi at virtual Jan Chaupal
Earlier, the government meant a single family; for BJP the entire UP is a family: PM Modi
The places of religious interest were forgotten by the previous regime. After BJP's development works, they are now seeing the gods in their dreams: PM Modi

आज हमारे लिए एक बहुत दुखद खबर आई है। हमारी लता दीदी आज हमें छोड़कर चली गईं हैं, परमात्मा में विलीन हो गईं। कल ही बसंत पंचमी का पर्व था, मां शारदा की हम आराधना कर रहे थे। जिनके कंठ से मां सरस्वती का आर्शीवाद छोटे-बड़े हर किसी को मिलता था। वो लता दी ब्रह्मलोक की यात्रा पर चली गईं। उनके व्यक्तित्व का विस्तार सिर्फ गानों की संख्या पर सीमित नहीं था। मेरे जैसे अनेकों लोग हैं जो गर्व से कहेंगे कि लता दीदी के साथ उनका निकट संबंध था। जीवन के हर क्षेत्र के लोग हमें लता दीदी के प्रति अपना स्नेह जताते हुए हर पल मिलेंगे। इससे पता चलता है कि लता दीदी के व्यक्तित्व की विशालता कितनी बड़ी थी। वो अपने संबंधों को संवेदना से सिंचित करती थी, निरंतर मजबूती देती थीं। आज हम सब दुःखी हैं, पूरा देश दुःखी है। लता जी जैसी आत्माएं मानवता को सदियों में कभी कभार वरदान की तरह मिलती हैं। भारत की जो पहचान उन्होंने बनाई, भारत के संगीत को जो स्वर दिया, उससे दुनिया को भारत को देखने का एक नया नजरिया मिला। आप दुनिया में कहीं भी जाइए, भारत रत्न लता जी के चाहने वाले आपको जरूर मिलेंगे। और हर पीढ़ी में मिलेंगे। वो आज भौतिक रूप से हमारे बीच भले ही न हों, लेकिन स्वर और स्नेह के रूप में वह हमारे बीच हमेशा उपस्थित रहेंगी। उनकी मधुर आवाज हमारे साथ हमेशा रहेगी। मैं भारी मन से लता दी को श्रद्धांजलि देता हूं।

साथियों,

आज मथुरा, बुलंदशहर और आगरा के आप सभी लोगों ने इस कार्यक्रम की तैयारी कर ली थी, आप मेरा इंतजार कर रहे थे, इसलिए मैं आपसे बात करने आया हूं। ये भी लोकतंत्र का एक ऐसा दायित्व है, जिसकी अपेक्षा हमेशा लता दीदी ने मुझसे की थी।

साथियों,
बृज भूमि का कण-कण श्री कृष्ण और राधारानी मय है। मथुरा, आगरा, बुलंदशहर के क्रांतिकारियों ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं ब्रज की इस पुण्य भूमि को नमन करता हूं।

साथियों,

उत्तर प्रदेश, भारत का दिल है, यूपी भारत की धड़कन है। यूपी ने हमेशा देश को दिशा दिखाई है। आज एक बार फिर यूपी देश को नया रास्ता दिखा रहा है। यूपी के लोगों ने दो टूक कह दिया है कि धन-दौलत, बाहुबल, जातिवाद, संप्रदायवाद के दम पर, परिवारवाद के दम पर भले कुछ लोग कितनी ही राजनीति कर लें, लेकिन वो जनता का प्यार नहीं पा सकते। जनता का आशीर्वाद तो उसे ही मिलेगा, तो सच्चे अर्थ में सेवा भावना से, सेवक बनकर यूपी के लोगों की सेवा करेगा, यूपी के लोगों का विकास करेगा। इसलिए यूपी की जनता ने तय कर दिया है कि इस बार भी चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा एक ही है- यूपी का विकास, यूपी का सबसे तेज विकास। और भाइयों और बहनों, पिछले पांच साल में योगी जी की सरकार ने दिखा दिया है कि अगर यूपी का विकास कोई कर सकता है, तो वो भाजपा है, भाजपा के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार है। इसलिए, पिछले कई महीनों से यूपी के लोग ये ठानकर बैठे हैं कि कमल का बटन फिर दबाना है, भाजपा को ही जिताना है।

साथियों,

पिछली बार मैं जब मथुरा आया था, ब्रज क्षेत्र में गया था तो आप सबसे जो प्यार मिला, जो स्नेह मिला, वो मैं कभी भूल नहीं सकता हूं। हमारी सरकार मथुरा को, यहां की पहचान को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। ब्रज के धार्मिक स्थानों के विकास के लिए योगी जी की सरकार ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद का निर्माण किया है। चुनाव देखकर कृष्ण भक्ति का चोला ओढ़ने वाले जब सरकार में थे, तो वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, बलदेव, नंद गांव, इन सब क्षेत्रों को वो भूल ही गए थे। यूपी के नक्शे में ये क्षेत्र हैं, उन्हें पता ही नहीं आता था। आज बीजेपी को अपार समर्थन देख, इन लोगों को अब सपने में भगवान कृष्ण की याद आने लगी है। और मैंने पहले ही कहा था जो सोते रहते हैं, वो सपने देखते हैं, जो जागते रहते हैं, वो संकल्प लेते हैं।

भाइयों और बहनों,

जो पहले सरकार में थे उन्हें ना तो आप लोगों की आस्था से मतलब रहा है और आप लोगों की जरूरतों से कोई लेना-देना। उनका सिर्फ एक ही एजेंडा रहा है- यूपी को लूटो। उन्हें यूपी के विकास से कोई वास्ता नहीं हैं उन्हें बस सरकार बनाने से मतलब रहा है। इसलिए आज वो योगी जी को, बीजेपी सरकार को पानी पी-पी कर कोस रहे हैं।

साथियों,

यूपी का इन लोगों ने जो हाल बना दिया था, वो इन नकली समाजवादियों के कर्मों का कच्चा-चिट्ठा है। पिछली सरकार में अपराधियों के हौसले इतने बुलन्द थे कि हाइवे पर गाड़ी रोक कर गाड़ियों से लूट पाट की जाती थी। बीच हाइवे पर ही महिलाओं, बेटियों के साथ क्या होता था बुलंदशहर के लोग ये अच्छी तरह जानते हैं। तब उत्तर प्रदेश में घरों-दुकानों पर अवैध कब्जे होना आम बात थी। लोग अपना घर छोड़कर पलायन को मजबूर होते थे। आगरा के दंगों में आरोपियों के सिर पर किसका हाथ था ये आप भली-भांति जानते हैं।

साथियों,

पहले की सरकारें भय फैलाने में जुटी थीं। भय निर्माण करना यही उनका काम था, जबकि हम भविष्य का निर्माण कर रहें हैं। अब रिकार्ड हाईवे भी बन रहे हैं और उन हाइवेज़ पर लोग निडर होकर सफर भी कर रहे हैं। अब बेटी घर से बाहर निकल भी रही है और उसके करियर की अनंत संभावनाओं के लिए अनेकों यूनिवर्सिटी कॉलेज भी बन रहे हैं। यही फर्क है भाजपा की सरकार और पिछली सरकारों में। इसलिए आज यूपी में बहनें-बेटियां खुले दिल से कह रही हैं-

पहले हमें घर से निकलने में लगता था डर,

अब भाजपा राज में अपराधी कांपे थर-थर।

भाजपा सरकार में अपराधी या तो जेल गए या प्रदेश छोड़ गये। कुछ ने जमानत रद्द करा ली, कुछ जेल से बाहर आने से कतराने लगे। और याद रखिए, ये सब योगी जी के कारण हुआ है ऐसा मैं नहीं कहता हूं। ये सब आपके कारण हुआ है, उत्तर प्रदेश के लोगों के कारण हुआ है, उत्तर प्रदेश की माताओं और बहनों के संकल्प के कारण हुआ है। क्योंकि आपने एक वोट योगी जी को दिया था। आपने एक वोट मोदी जी को दिया था, आपने भाजपा के कमल पर बटन दबाया था। ये आपके एक वोट की ताकत है जो यूपी को नई पहचान दिला रही है।

साथियों,

पहले की सरकारों का एक और पसंदीदा खेल होता था। तिजोरियों को भरने का खेल। सब मिलकर खेलते थे। मिलकर खाते थे। आज ऐसे लोगों का पूरा खेल बिगड़ गया है। पहले परिवार ही सरकार थी अब पूरा यूपी भाजपा सरकार का परिवार है।

भाइयों और बहनों,

परिवारवादी सरकारों के लिए सत्ता शासन का माध्यम थी। हमारे लिए सत्ता सिर्फ और सिर्फ जनता की सेवा करने का रास्ता है। हम लगातार इसी उद्देश्य से काम कर रहे हैं। हमारी सरकार गांव, गरीब को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। पिछले 2 साल से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से परेशान है। महामारी की शुरुआत में बहुत से लोगों ने भारत को लेकर कई तरह की आशंका जताई थी। वो लोग सोचते थे, कैसे हमारे गांव, हमारे गरीब इस महामारी में खुद को बचा पाएंगे। लेकिन आज दो साल के बाद भारत के प्रयासों से दुनिया सीख रही है। पिछले दो साल से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से हमने करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया है। हमारी सरकार ने चावल-दाल, गेहूं, चना,नमक और तेल गरीब के घर पहुंचाया है। इसका बहुत बड़ा लाभ यूपी के लोगों को हुआ है, गरीबों-दलितों-पिछड़ों को हुआ है, और आज भी हो रहा है।

साथियों,

आज आयुष्मान भारत योजना की वजह से यूपी के हर गरीब परिवार को 5 लाख रुपए तक का इलाज मिलना संभव हुआ है। पीएम आवास योजना के जरिए गरीब की सिर पर छत की चिंता भी दूर हो रही है। जिन गरीबों को घर नहीं मिला है उन्हें भी घर मिले इसके लिए इस बजट में सरकार ने करीब-करीब 50 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की है। जो यूपी के काम आएगी। योगी जी की सरकार दोबारा बनने के बाद, गरीबों को घर देने का काम और तेजी से किया जाएगा। और मैं आपको बता दूं, अगर ये कोरोना काल न आया होता, कोरोना की वैश्विक महामारी का संकट न आया होता, आने-जाने में इतनी रूकावट न आई होती, तो इस दो साल में योगी जी ये काम कर देते, ऐसे अनेक काम दो साल में कर देते। लेकिन ये दो साल बीच में कठिनाइयों से गुजारना पड़ा। सरकार की शक्ति को भी लोगों की जान बचाने में लगाड़ी पड़ी। नहीं तो जिस तरीके से 2017 से योगी जी ने मामला उठाया था काम का, अगर दो साल में ये रूकावट न आई होती तो आज यूपी कहां से कहां पहुंच गया होता। लेकिन मुझे विश्वास है उत्तर प्रदेश के लोग आने वाले पांच साल के लिए ऐसा भरपूर बहुमत देंगे, सरकार को ऐसी मजबूती देंगे और योगी जी भी इतनी ताकत से दौड़ेंगे कि जो दो साल बीमारी के कारण तकलीफ आई है न, उससे वे बाहर निकाल कर यूपी को आगे ले जाएंगे।

साथियों,

गरीब के घरों को लेकर नकली समाजवादियों का परिवारवादियों का क्या रवैया रहा है, ये मैं आपको जरूर याद दिलाना चाहता हूं। आगरा, मथुरा और बुलंदरशहर के शहरी क्षेत्रों में पिछली सरकार ने आठ हजार से भी कम घर गरीबों के लिए बनवाए थे। पिछले पांच साल में योगी जी की सरकार ने आगरा-मथुरा और बुलंदशहर में ही करीब 85 हजार घर बनाकर गरीबों को दिए हैं। आप सोचिए पहले की सरकार के कहां 8 हजार से भी कम और योगी जी के समय में कहां 85 हजार। यानि 10 गुना ज्यादा काम। यही फर्क है जो आज पूरे यूपी के लोगों को दिख रहा है। हमारी सरकार की योजनाओं से दलितों को, पिछड़ों को, गरीबों को सबसे ज्यादा लाभ हो रहा है।

साथियों,

आगरा, मथुरा और बुलंदशहर में उज्जवला योजना के तहत साढ़े सात लाख से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इससे महिलाओं के जीवन में जो इतना बड़ा फर्क आया है, वो हमारी माताएं-बहनें ही भली-भांति समझती हैं। इसलिए, यूपी की नारीशक्ति भी ठानकर बैठी हैं कि भाजपा को जिताना है, योगी जी को फिर मुख्यमंत्री बनवाना है।

भाइयों और बहनों,

यूपी की भलाई के लिए इन नकली समाजवादियों और उनके साथियों का सत्ता से दूर रहना आवश्यक है। आज भी वो किसानों से झूठे वादे किए जा रहे हैं, गन्ना किसानों को झूठी बातों को बता कर उकसाने का प्रयास भी कर रहे हैं। किसान भूले नहीं हैं कि सत्ता में रहकर उन्होंने क्या किया था, कैसे गन्ना किसानों को भुगतान के नाम पर रुला दिया था।

साथियों,

योगी जी की सरकार ने पिछले पांच साल में गन्ना किसानों का डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है। ये योगी जी से पहले की सरकारों में 10 साल में हुए भुगतान से भी काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं हमने पिछली सरकारों के समय जो बकाया था, उसका भुगतान भी किया है। इन लोगों का एक खेल गन्ना पर्चियों का भी था। गन्ना माफिया, किसानों की उपज औने-पौने खरीद कर अपनी जेब भरते थे। आज लाखों गन्ना किसानों को ई-गन्ना एप के जरिए पर्ची से सम्बंधित सभी जानकारी मिल रही है।

भाइयों और बहनों,

यूपी के किसानों को एमएसपी का पैसा मिले, इसके लिए भी टेक्नोलॉजी की ज्यादा से ज्यादा मदद ली जा रही है। ज्यादा खरीद केंद्र खोले जाने की वजह से खऱीद में भी हर साल नए रिकार्ड बनाए गये हैं। पीएम किसान सम्मान निधि भी छोटे किसानों के लिए बड़ी ताकत बन रही है। आगरा, मथुरा और बुलंदशहर के लाखों किसानों को इसका लाभ मिला है। उनके खाते में 1600 करोड़ से ज्यादा की रकम पहुंची है। इस बार के बजट में किसानों के लिए एक और बड़ी घोषणा की गई है। अब गंगा जी के दोनों किनारों पर प्राकृतिक खेती यानि नैचुरल फार्मिंग का एक कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके गंगा जी केमिकल फ्री तो होंगी ही, किसानों को भी उपज के अच्छे दाम मिलेंगे।

साथियों,

सरकार की एक और योजना का लाभ हमारे ब्रज के साथियों को मिला है। आज मैं उसका विशेष तौर पर जिक्र करना चाहता हूं। पहले किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ पशुपालकों और मछली पालकों को नहीं मिलता था। हमारी सरकार ने नियमों में बदलाव किया। इस बदलाव के बाद यूपी के करीब 1 लाख पशुपालकों को-मछलीपालकों को केसीसी दिया गया है। किसान क्रेडिट कार्ड दिया गया। इस वजह से उन्हें बैंक से 1100 हजार करोड़ रुपये की मदद भी मिली है। इसका बड़ा हमारे ब्रज क्षेत्र के पशुपालकों को भी हुआ है। हमारी सरकार जो यूपी में बायोगैस प्लांट का नेटवर्क बना रही है, गोबर-धन योजना को प्रोत्साहन दे रही है, उससे भी हमारे पशुपालकों को बहुत मदद मिल रही है।

भाइयों और बहनों,

यूपी का युवा भूला नहीं है कि कैसे इसी प्रदेश में पहले की सरकारों में नौकरी के लिए क्या योग्यता तय थी? क्या-क्या खेल होते थे? कहां-कहां से खेल होते थे? आज सब लोगों को पर्याप्त और समान अवसर मिल रहें हैं। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने युवाओं को रिकार्ड सरकारी नियुक्तियां दी है। भाजपा सरकार में दलित, शोषित, वंचित, गरीब, महिला, कारोबारी कोई भी हो सभी को हर योजना का लाभ मिला है। इसलिए, यूपी चाहे असरदार सरकार, फिर एक बार योगी सरकार। मैं आपसे भारी मतदान करने का आग्रह भी कर रहा हूं। पहले मतदान फिर जलपान, ये आप ज़रूर याद रखिएगा। आपका हर वोट कमल के फूल पर पड़ेगा, इसी विश्वास के साथ आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद ! और आने वाले दिनों के लिए मेरी अनेक-अनेक शुभकामनाएं, बहुत-बहुत धन्यवाद !

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PM Modi chairs 51st PRAGATI Meeting
May 27, 2026
PM reviews seven critical infrastructure projects across the Railways, Power and Road sectors
Projects reviewed span across 9 States with cumulative investment of around ₹30,000 crore
PM also reviews Ken Betwa Link Project and Swachh Bharat Mission-Urban 2.0
PM says Ken-Betwa River Inter-linking Project should serve as a model for other States to resolve inter-State water issues amicably
PM asks States to expedite the completion of solid waste management-related infrastructure, including waste processing plants and GOBARdhan plants
PM calls for mission-mode rooftop solar coverage in urban areas
Acting upon the advice of PM, system of monthly review of social sector schemes at State level operationalised, starting with review of Swachh Bharat Mission

Prime Minister Shri Narendra Modi chaired the 51st meeting of PRAGATI, the ICT-enabled, multi-modal platform aimed at fostering Pro-Active Governance and Timely Implementation, by seamlessly integrating efforts of the Central and State governments, at Seva Teerth, earlier today.

During the meeting, the Prime Minister reviewed seven critical infrastructure projects across the Railways, Power and Road sectors covering nine States worth around ₹30,000 crore. These projects, pivotal to economic growth and public welfare, were reviewed with a focus on timelines, inter-agency coordination, and timely issue resolution. Prime Minister also reviewed Ken Betwa Link Project and Swachh Bharat Mission-Urban 2.0.

While reviewing power sector projects, Prime Minister emphasized the need to accelerate rooftop solar adoption across urban areas, with a special focus on cities, residential clusters and public institutions. He underlined that rooftop solar should be taken up in mission mode to reduce electricity costs, improve energy security and promote clean energy at the household and community level.

While reviewing road and port connectivity projects, it was emphasised that Vadhavan Port should be developed as a model of port-led, multi-modal development, where every major mode of transport is seamlessly integrated to create a future-ready logistics ecosystem. The project should not be seen merely as a port, but as a national gateway connected through coastal shipping, inland waterways, dedicated freight corridors, high-speed rail connectivity, highways and airport linkages.

Prime Minister emphasised the need for effective implementation of Swachh Bharat Mission 2.0 and underlined that the mission should move beyond infrastructure creation and ensure measurable outcomes through regular monitoring, citizen participation and convergence between various stakeholders. He asked States to expedite the completion of solid waste management-related infrastructure, including waste processing plants and GOBARdhan plants.

While reviewing Ken-Betwa River Inter-linking Project, Prime Minister observed that Ken-Betwa project should serve as a model for other States to resolve inter-State water issues through cooperation, timely clearances, technology-based monitoring and mission-mode execution. States were encouraged to identify similar opportunities where river-linking, water conservation, groundwater recharge and efficient irrigation can be taken up in an integrated manner to ensure long-term water security.

Prime Minister also underlined that the delay in the implementation of public projects leads not only to cost escalation but also deprives citizens of timely access to essential facilities and development benefits. He observed that every delay has a direct impact on people’s lives, regional growth and public resources. He stressed that Ministries, Departments and States must adopt a more proactive and time-bound approach to resolve pending issues, remove bottlenecks and ensure faster execution.

Prime Minister also emphasized that innovative use of canal networks should be explored, including installation of solar panels along canals and over canals for clean electricity generation. This would help optimize land use, reduce evaporation losses, generate renewable energy and create additional economic value from water infrastructure.

At the beginning of the meeting, the Cabinet Secretary informed that, in pursuance of the directions of the Prime Minister, a system of monthly review of social sector schemes at the State level has also been operationalised. This mechanism aims to ensure regular monitoring, faster resolution of implementation issues and greater accountability at the State and district levels. As part of this initiative, Swachh Bharat Mission has been taken up for review at the State level in the first instance.