PM Modi emphasizes Chennai's pivotal role in India's development journey
Smart City Mission, AMRUT Scheme, Chennai Metro, and more projects are set to transform the cityscape: PM Modi in Chennai
Direct fund transfer to Tamil Nadu beneficiaries underscores BJP's transparent governance model: PM Modi
PM Modi lauds PM Surya Ghar Scheme, highlighting Tamil Nadu's significant role in achieving energy self-reliance
PM Modi celebrates India's strides in the energy sector, emphasizes clean politics over dynastic interests
PM Modi applauds to Supreme Court's decision against corrupt practices, vows to continue serving India with dedication

वणक्कम् चेन्नई
Every time I come to Chennai; I feel energised by the people. It is great to be here in this city which is full of life. Chennai is also a great hub of talent, trade and tradition.In our mission to build a developed India, the people of Chennai will play a very-very important role.

साथियों,
तमिलनाडु के प्रति मेरा लगाव बहुत पहले से है। मुझसे आपका प्रेम भी बहुत पुराना है। लेकिन, इधर कुछ वर्षों से मैं जब भी तमिलनाडु आता हूं, कुछ लोगों के पेट में दर्द होने लगता है। इन्हें इस बात से तकलीफ होती है कि बीजेपी का जनाधार यहां लगातार बढ़ रहा है। और आज यहां चेन्नई में भी हम देख रहे हैं। दूर-दूर तक लोग ही लोग बैठे हैं, उत्साह से भरे हुए लोग बैठे हैं।



साथियों,
मोदी ने विकसित भारत के साथ-साथ विकसित तमिलनाडु का संकल्प लिया हुआ है। हमें जल्द ही भारत को दुनिया की टॉप 3 इकॉनमी बनाना है। इसमें तमिलनाडु की, चेन्नई की भी बड़ी भूमिका है। भारत सरकार चेन्नई जैसे शहरों को विकसित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। हमारी सरकार द्वारा, चेन्नई में हजारों करोड़ रुपये के Urban Infrastructure Projects पर काम किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन हो, पीने के पानी और सीवेज मैनेजमेंट के लिए AMRUT Scheme हो, चेन्नई मेट्रो और चेन्नई एयरपोर्ट प्रोजेक्ट हो हमने ऐसे कई प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया है, जिससे यहां Ease of Living बढ़े। चेन्नई पोर्ट से मदुरवोयल के बीच कॉरिडोर बनाने के लिए भी हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

साथियों,
केंद्र सरकार के इन प्रयासों के बीच DMK सरकार ने चेन्नई के लोगों की जरूरतों से, आपके सपनों से मुंह फेर रखा है। अभी कुछ समय पहले इतना बड़ा साइक्लोन आया। चेन्नई के लोगों को इतनी परेशानी हुई। लेकिन DMK सरकार ने मदद करने की जगह लोगों की मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ाने का काम किया। DMK के लोग संकट के समय Flood Management नहीं करते, बल्कि, ये Media Management करने में लगे रहते हैं। लोगों के घरों में पानी भरा हुआ था, लेकिन ये लोग मीडिया से कह रहे थे कि सब ठीक हो गया है। इसी से पता चलता है कि DMK सरकार को जनता के सुख-दुख से आपके सुख-दुख से कोई मतलब नहीं है।

साथियों,
BJP की केंद्र सरकार संवेदनशील है, और गरीब की चिंता करने वाली सरकार है। कोरोना महामारी में हमने सबसे पहले गरीबों के लिए मुफ्त राशन की चिंता की। जब देश ने अपनी वैक्सीन बनाई तो हमने तय किया कि हर एक व्यक्ति को मुफ्त में वैक्सीन मिले। तमिलनाडु तो MSME Sector का Leader State है। हमारी MSME को नुकसान न हो, इसके लिए हमारी सरकार ने तमिलनाडु की लाखों MSMEs को हजारों करोड़ रुपए का क्रेडिट भी दिलाया।

साथियों,
बीजेपी की केंद्र सरकार, तमिलनाडु के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए भारत सरकार, अनेक योजनाओं का पैसा सीधे यहां के लाभार्थियों को भेज रही है। DMK को दिक्कत इसी बात से है कि लाखों करोड़ रुपये का ये लाभ सीधे तमिलनाडु के लोगों के अकाउंट में पहुंच रहा है। आज टॉयलेट्स, गैस कनेक्शन, नल से जल कनेक्शन, फ्री हेल्थ इंश्योरेंश, सड़क, रेल, हाइवे, पोर्ट सब पर काम हो रहा है। लाखों करोड़ रुपए के इन विकास कार्यों को लूटने में DMK के लोगों को मुश्किल आ रही है। इस बात से यहां की एक फ़ैमिली बहुत परेशान है। इसलिए ये DMK के लोग सोच रहे हैं कि अगर पैसे नहीं तो कम से कम इन कामों का क्रेडिट ही खा सकें! लेकिन, उसमें भी इन्हें सफलता नहीं मिल रही। मैं DMK को बताना चाहता हूं, मोदी तमिलनाडु के विकास का पैसा आपको लूटने नहीं देगा। और जो पैसा आपने लूटा है, वो वसूलकर वापस तमिलनाडु के लोगों पर खर्च किया जाएगा। ये मोदी की गारंटी है- इदु मोदियिन् गारंटी।

साथियों,
परिवारवादी पार्टियां सिर्फ और सिर्फ अपने भविष्य की सोचती हैं, जबकि मोदी देश के भविष्य का सोचकर काम कर रहा है। परिवारवादी पार्टियों के समय देश के 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी, देश के ढाई करोड़ से ज्यादा घर अंधेरे में थे। आप भी जानते हैं कि 21वीं सदी की बहुत बड़ी चुनौती Energy Security है। आज हमारी सरकार इस दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। अभी मैं कलपाक्कम से ही आ रहा हूं जहां भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आज कलपाक्कम में, देश के पहले और मेड इन इंडिया, फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने बिजली उत्पादन के लिए ऐतिहासिक पड़ाव पार किया है। तकनीकी भाषा में कहें तो आज इस परमाणु ऊर्जा केंद्र में “Core Loading” का आरंभ हो गया है। कुछ ही समय में इससे बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। इस रिएक्टर के चालू होने के बाद भारत, ऐसी टेक्नॉलॉजी हासिल करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा। मैं सभी भारत वासियों को इस उपलब्धि के लिए बहुत-बधाई देता हूं।

साथियों,
जब संकल्प बड़े हों तो परिश्रम भी उतना ही ज्यादा करना पड़ता है। साल 2024 की शुरुआत हुए बहुत सप्ताह नहीं गुजरे हैं। अभी तो हम मार्च की शुरुआत में हैं, लेकिन ये कालखंड दिखाता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। कुछ दिन पहले ही मैंने काकरापार परमाणु ऊर्जा केंद्र में स्थापित 1,400 मेगावाट की क्षमता वाले दो नए रिएक्टर राष्ट्र को समर्पित किए। आज ही तेलंगाना से अनेक पावर प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण हुआ है। इसी कालखंड में, तेलंगाना में, 1600 मेगावॉट के थर्मल पावर प्लांट का लोकार्पण हुआ है। झारखंड में 1300 मेगावॉट के थर्मल पावर प्लांट का लोकार्पण हुआ है। यूपी में 1600 मेगावॉट के थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास हुआ है। यूपी में ही 300 मेगावॉट के सोलर पावर प्लांट का शिलान्यास हुआ है। राजस्थान में भी बड़े सोलर पावर प्लांट का शिलान्यास हुआ है। यूपी में ही अल्ट्रा मेगा रीन्यूएबल पार्क का शिलान्यास हुआ है। हिमाचल में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में 4G इथेनॉल प्लांट का शिलान्यास हुआ है। यूपी के नोएडा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकले पानी से ग्रीन हाइड्रोजन बनाने का काम शुरु हुआ है। ये मैं 50 दिन का हिसाब आपको दे रहा हूं। ये 50 दिन में सिर्फ एनर्जी के क्षेत्र में क्या काम हुआ है मैं इसकी बात कर रहा हूं। विकास कैसे होता है, स्केल कितना बड़ा होता है इसका अंदाज देश को आएगा।

साथियों,
आप जरा, एक बात मैं कहने जा रहा हूं जरा ध्यान से सुनिए। चेन्नई के लोग भी सुनें, तमिलनाडु के लोग भी सुनें और देश के लोग भी सुनें। कुछ दिन पहले तमिलनाडु में ही देश के पहले ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल वेसल को लॉन्च किया गया था। यूपी के मेरठ-सिंभावली ट्रांसमिशन लाइन्स का उद्घाटन इसी दौरान हुआ है। कर्नाटका के कोप्पल में विंड एनर्जी ज़ोन से ट्रांसमिशन लाइन्स का उद्घाटन भी किया गया है।

साथियों,
जो एक महत्वपूर्ण बात मैं कहना चाहता हूं… भारत सरकार द्वारा 1 करोड़ परिवारों को मुफ्त बिजली…ये आपके लिए है चेन्नई के लिए है…तमिलनाडु के लिए है, देश के लिए है विशेषकर मध्यम वर्ग के लिए हैं। मुफ्त बिजली, जीरो बिल देने वाली। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना भी शुरु की गई है। इस योजना पर सरकार 75 हजार करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है। बिजली से जुड़े ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स भारत को बिजली सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाएंगे। और इसमें तमिलनाडु की बहुत बड़ी भूमिका रहेगी। आप अपने सोलर से बिजली बना सकेंगे। 300 यूनिट बिजली आपका जीरो बिल और ज्यादा बिजली पैदा करेंगे तो सरकार खरीदेगी आपको बिजली बेचकर कमाई होगी। हर परिवार की बिजली खुद की होगी, बिजली बेचकर कमाई भी होगी।

साथियों,
ये आप DMK वालों को भलीभांति जानते हैं। और कांग्रेस को भी आप अच्छी तरह जानते हैं। ये दोनों लोग हैं ऐसे और इनके जैसे और भी हैं। DMK औऱ कांग्रेस जैसी पार्टियां कहती हैं, उनका मोटो है- Family First और मोदी कहता है- Nation First. इसलिए अब इंडी गठबंधन के लोगों ने मुझे गाली देने का नया फॉर्मूला निकाला है। ये लोग कहने लगे हैं कि मोदी का तो कोई परिवार ही नहीं है, मतलब जिनको परिवार है उनको भ्रष्टाचार करने का लाइसेंस मिल जाता है। क्या जिनको परिवार है उनको सत्ता परिवार के लोगों के लिए हड़प करने का लाइसेंस मिल जाता है क्या। मेरे प्यारे देशवासियों, मेरे प्यारे परिवारजनों ये बार-बार मेरे परिवार को गाली देने का उनको शौक लग गया है। भाइयों-बहनों, मैंने घर छोड़ा है। खुद के लिए नहीं, मौजमस्ती के लिए नहीं, मेरे देश के लिए। ये मेरा देश यही मेरा परिवार है। 140 करोड़ भारतवासी यही मेरा परिवार है। देश के युवा मेरा परिवार हैं इसलिए मैं उनके भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा हूं। देश की बहनें-बेटियां मेरा परिवार हैं इसलिए मैं उन्हें ज्यादा से ज्यादा नए अवसर देने के लिए काम कर रहा हूं। देश के किसान, देश के गरीब ये सब मेरे परिवार हैं इसलिए मैं उन्हें Empower करने के लिए खुद को खपा रहा हूं। और मेरे परिवारजनों, जिसका कोई नहीं है, वो भी मोदी के हैं और मोदी उनका है।
मेरा भारत- मेरा परिवार ! मेरा भारत- मेरा परिवार ! इसलिए आज पूरा देश कश्मीर से कन्याकुमारी, कच्छ से कामरूप तक आज पूरा देश एक सुर में कह रहा है-
मैं हूं...मोदी का परिवार !
मैं हूं...मोदी का परिवार !
नान् दान्.... मोदियिन् कुडुम्बम्
नान् दान्.... मोदियिन् कुडुम्बम्
नान् दान्.... मोदियिन् कुडुम्बम्
यही…यही मेरा परिवार है।

साथियों,
कांग्रेस, DMK और इंडी गठबंधन से जुड़ी पार्टियां भ्रष्टाचार और परिवारवाद में डूबी हुई पार्टियां हैं। उनके लिए अपना परिवार ही सब कुछ है, उनके लिए भ्रष्टाचार ही सब कुछ है। इंडी गठबंधन के भ्रष्ट नेताओं को संरक्षण देने वाले एक फैसले को आज सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है। मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। साथियों, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इंडी एलायंस में मातम छाया हुआ है। आंसू उनके सूख नहीं रहे हैं। डरे हुए हैं, कांप रहे हैं। क्योंकि इंडी अलायंस को रिश्वतखोरी के अलावा, भ्रष्टाचार के अलावा, देश की व्यवस्थाओं को करप्ट करने के अलावा और कुछ भी न करना आता है न करने का इरादा है और न ही वो अपने परिवार के बाहर सोच सकते हैं। दशकों तक इंडी अलायंस में शामिल दलों ने लूट की राजनीति की है। आज इन्हीं लोगों की वजह से देश का युवा, राजनीति से, व्यवस्थाओं से इतना चिढ़ा रहता है। आज आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, स्वच्छ राजनीति को बढ़ावा देगा। और आप ये जानते हैं कि मोदी का सबसे बड़ा प्रिय काम है… स्वच्छता अभियान। और स्वच्छता अभियान कैसा भी हो, मुझे सब जगह पर साफ-सफाई करनी ही है। बस आपके आशीर्वाद चाहिए।

साथियों,
परिवारवाद का एक स्वभाव है। ये परिवारवादी जो पार्टियां होती है न उनको परिश्रम से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं होता है। वो मेहनत-वेहनत करना…अपनी जिम्मेदारी मानते ही नहीं हैं। इसलिए परिवारवाद अपने साथ अहंकार भी लेकर आता है। और जब कोई परिवारवादी सरकार में किसी अहम पद पर आ जाता है, तो उसे लगता है कि देश और देश की जनता उसकी गुलाम है। वो अपने पद की गरिमा तक भूल जाता है। आज हमने ये भी देखा है कि कैसे देश की सबसे बड़ी अदालत ने, सुप्रीम कोर्ट ने DMK परिवार के एक मंत्री से सख्त सवाल किए हैं। करोड़ों लोगों की आस्था का घोर अपमान करना भी परिवारवादियों की एक निशानी है, पहचान है, आदत है। और मुझे अफसोस है कि जिन्हें अपने अहंकार में जनता की भावनाओं तक की परवाह नहीं है, वो तमिलनाडु सरकार में प्रमुख पद पर बने बैठे हैं।

साथियों,
आज मैं एक गंभीर विषय की भी चर्चा करना चाहता हूं। मैं अपनी एक चिंता साझा करना चाहता हूं। और मैं चाहता हूं कि तमिलनाडु हर मां-बाप मेरी इस चिंता को समझे। मुझे आपके बच्चों की चिंता है, मुझे आपके बेटे-बेटियों की चिंता है। और इसलिए मैं बहुत चिंता के साथ, बड़ी गंभीरता के साथ, मेरे दिल का एक दर्द आपसे साझा करना चाहता हूं। आप जानते हैं कि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ पार्टी के संरक्षण में ड्रग्स, ड्रग्स के गिरोह पनप रहे हैं। और जो जानकारियां मेरे पास आ रही हैं, वो चिंताजनक है। मुझे आपकी आने वाली पीढ़ी की चिंता है। मुझे आपके बेटे-बेटियों की चिंता है। आपको ऐसी पार्टी से बहुत सावधान रहने की जरूरत है जो आपके बच्चों का भविष्य तबाह होता देख रही है, आंखें मूंद करके बैठी है। आप लोग भाजपा को मजबूत करेंगे तो तमिलनाडु के दुश्मनों पर भी कार्रवाई और तेज होगी। और ये मोदी की गारंटी है- इदु मोदियिन् गारंटी।

साथियों,
विकसित तमिलनाडु के लिए हम सबको मिलकर काम करना है। विकसित तमिलनाडु से ही विकसित भारत का रास्ता मजबूत होगा। और हम ये संकल्प लेकर चले हैं। हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। आप इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। दिल्ली में एयर कंडीशन कमरों में बैठ करके जो राजनीति की कथाएं क्रिएट करने में लगे रहते हैं खबरों को मैन्यूफैक्चर करने में लगे रहते हैं, ये चेन्नई का दृश्य आज उनकी भी नींद खराब कर देगा कि तमिलनाडु जग चुका है, एनडीए के साथ जुड़ चुका है।

मेरे साथ बोलिए…भारत माता की…पूरी ताकत से दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए। भारत माता की…भारत माता की…भारत माता की…वंदे..वंदे..वंदे..वंदे..वंदे।
बहुत बहुत धन्यवाद

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PM chairs valedictory session of National Departmental Summit on Water
September 02, 2026
This marks the first in a series of Summits envisioned by PM to strengthen spirit of Team India and deepen cooperative federalism
PM stresses adoption of a continuous process of review and follow up to act on actionable and time-bound outcomes
Emphasising Jan Bhagidari, PM calls for promoting Jal Utsav to deepen public awareness on water conservation
PM calls for greater adoption of water-saving technologies and learning from global best practices
PM calls for robust water data governance through effective use of AI
PM suggests structured inter-State Study-visits involving public representatives, officials and farmers on water related issues

Prime Minister Shri Narendra Modi today chaired the valedictory session of the two-day National Departmental Summit on Water, organised by the Ministry of Jal Shakti. The Summit is the first in a series of Departmental Summits envisioned by Prime Minister to strengthen the spirit of Team India, deepen cooperative federalism and foster collective ownership of national priorities through closer collaboration between the Centre and the States. It brought together Ministers and senior officials from States and Union Territories for focused deliberations on various dimensions of India’s water security.

Prime Minister appreciated the intensive two-day deliberations and emphasised that the actionable and time-bound action points emerging from the Summit should be pursued through a continuous process of review and learning. He suggested that the Summit should not remain a one-time exercise and called for a continuous process of review and follow-up.

Prime Minister called for sensitising Urban Local Bodies to the challenges arising from urbanisation, including population growth and future water requirements, and suggested organising similar Chintan Shivirs for Urban Local Bodies. He called for greater adoption of water-saving technologies. He also suggested dedicated exhibitions and workshops, including exposure to global best practices, to enable Indian manufacturers and stakeholders to develop and scale efficient solutions.

Emphasising Jan Bhagidari, Prime Minister suggested promoting “Jal Utsav” to create greater awareness among people. Prime Minister called for making de-silting a regular programme and developing clear criteria and SOPs for de-silting. On dam safety, he stressed rigorous preparedness before every monsoon, adherence to prescribed precautions and creating awareness among school students, including through suitable incorporation in educational curricula.

Prime Minister further called for strengthening knowledge and capacity on water management and governance in universities and higher educational institutions. He suggested structured inter-State study-visits involving public representatives, officials and farmers to facilitate practical learning and replication of successful interventions.

Prime Minister called for robust water data governance, with water-sector data brought together, systematically managed, analysed and effectively utilised. He recommended the use of AI for data collection and analysis through a uniform format. He also stressed anticipatory and integrated planning to address water scarcity through suitable utilisation of treated water for agriculture and industrial purposes.

Drawing upon his experience as Chief Minister of Gujarat, Prime Minister noted that instances of water scarcity could be transformed into opportunities through systematic planning, commitment and deployment of adequate resources and capable officers.

Union Minister for Jal Shakti Shri C. R. Patil highlighted four key outcomes of the summit: accelerated completion of water infrastructure projects; strengthening water conservation as a sustained people’s movement; ensuring long-term sustainability of drinking-water sources; and institutionalising effective operation and maintenance of rural drinking-water schemes.