Text of PM's Remark at SCO Heads of State Council Plenary Session

Published By : Admin | July 10, 2015 | 16:10 IST
India becomes permanent member of Shanghai Cooperation Organisation
India has strong strategic ties with China & Russia: PM at SCO Plenary Session
India shares spiritual, cultural, political & economical relations with whole of Central Eurasia since ancient times: PM

President Putin, Shanghai Cooperation Organisation के सभी माननीय नेतागण और निमंत्रित सभी महानुभाव,

• मैं Shanghai Cooperation Organisation के plenary session में भारत को आमंत्रित करने के लिए आपका धन्यवाद करता हूं।

• मैं सवा सौ करोड़ भारतवासियों की ओर से शुभकामनाएं लाया हूं।

• मैं भारत को SCO का पूर्ण सदस्य बनाने के लिए आपके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

• यह हमारे बीच एतिहासिक और प्राचीन संबंधों का प्रतीक है।



• इससे इस क्षेत्र में, जिसे मानव इतिहास का pivot कहा गया है, शांति और समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।

• भारत की सदस्यता Eurasia के विभिन्न क्षेत्रों को फिर से जोड़ने और एकीकृत करने के हमारे साझे दृष्टि को आगे ले जाएगा।

• Central Eurasian क्षेत्र के साथ भारत के प्राचीन समय से आध्यत्मिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। और इससे हम दोनों सम्पन्न हुए हैं।

• इस सदी की शुरूआत से, जबसे इस क्षेत्र का राजनैतिक परिदृश्य बदलने लगा है, भारत ने सेंट्रल एशियन देशों के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को फिर से सुदृढ़ किया है।

• सेंट्रल एशिया के सभी पांच देशों की मेरी वर्तमान यात्रा इस बात का प्रतीक है कि भारत इस क्षेत्र को कितना महत्व देता है।

• भारत के चीन और रूस के साथ मजबूत और गहरे Strategic संबंध हैं।

• Shanghai Cooperation Organisation की हमारी सदस्यता इन संबंधों के स्वाभाविक कड़ी के रूप में है।

• मैं यहां उपस्थित सभी देशों के साथ SCO मे आपसी सहयोग से एकीकृत और जुड़ा हुआ Eurasia विश्व के सबसे dynamic क्षेत्रों में एक बन सकता है।

• पिछली कुछ शताब्दियों से, इस बड़े भू-भाग देशों का ध्यान समुद्र और अन्य क्षेत्रों की दिशा में रहा है। अब समय आ गया है कि हम इस भू-भाग में एक दूसरे के तरफ हाथ बढ़ाएँ।

• सफलता के लिए जो भी साधन आवश्यक है वो हमारे पास है।

• हमारे यहां humanity का 2/5 हिस्सा निवास करता है। हमारे यहां भरपूर प्राकृतिक संसाधन, स्किल, मार्केट और technology उपलब्ध है।

• भारत एक Observer के रूप में SCO की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है।

• आने वाले समय में, भारत इस क्षेत्र में यातायात और संचार को उन्नत बनाने में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। हम यूरोप के उत्तरी कोने से एशिया के दक्षिणी समुद्री तट को physical और digital connectivity नेटवर्क से जोड़ सकते हैं। International North South Transport Corridor इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है।

• इस क्षेत्र में infrastructure के विकास में सहयोग देने मे भारत को खुशी होगी।

• हम उन सभी प्रयत्नों का समर्थन करते हैं जो बाधाएँ कम करते हुए इस क्षेत्र में व्यापार और निवेश को बढ़ाने मे मदद करें ।



• भारत की ऊर्जा और संसाधनों की बढ़ती जरूरतें; और भारत मे मौजूद एक बड़ा बाजार, SCO क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए अहम भूमिका निभा सकता है।

• साथ ही साथ, भारत SCO क्षेत्र के देशों के साथ मिलकर मानव संसाधन विकास; information technology; pharmaceuticals और healthcare; banking और capital market; small and medium enterprises; micro-finance; food security और agriculture के क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार है।

• SCO क्षेत्र सांस्कृतिक विविधताओं से संपन्न है। इस संदर्भ मे हमारे नागरिकों, विशेषकर युवायों के बीच, और अधिक आदान-प्रदान, इस क्षेत्र के भीतर और बाहर भी, आपसी समझ बढ़ाने मे मदद करेगा।

• इस क्षेत्र की ecology काफी fragile हैं और हमारी प्राकृतिक विरासत बहुत ही सुंदर है। Sustainable Development के लिए और climate change से लड़ने के लिए हम SCO के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।

• हमारा मानना है कि समृद्ध भविष्य का आधार शांति है।

• भारत इस क्षेत्र में शांति और मैत्री बढ़ाने में योगदान देगा।

• आतंकवाद और अतिवाद इस क्षेत्र के लिए एक बड़े खतरे के रूप मे उभर रही हैं। हम SCO के साथ मिलकर इनका सामना करेंगे। अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता अफगानिस्तान की जनता का अधिकार है और यह साथ ही साथ इस पूरे भू-भाग में शांति और समृद्धि को बढ़ाएगा।

• Excellencies, अंत में मैं यह कहना चाहूंगा कि humanity का 1/6 हिस्सा भारत में निवास करता है। भारत 7.5 प्रतिशत की विकास दर प्रगति कर रहा है। पड़ोसी देशों के लिए भारत एक अवसर है। वहीं दूसरी ओर भारत के विकास के सपनों को साकार करने के लिए पड़ोसियों के साथ partnership बहुत महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ मे SCO के साथ हमारी भागीदारी हमारे सपनों को पूरा करने के लिए बहुत अहम है। मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि भारत SCO को हर क्षेत्र मे सहयोग देगा।

• इस अवसर पर मैं पाकिस्तान को SCO में शामिल होने पर बहुत बधाई देता हूं।

• मैं इस बैठक की सफलता की कामना करता हूं और आने वाले समय में आप सबके साथ एक सशक्त संबंध स्थापित करूँगा। मुझे खुशी है कि भारत कि सदस्यता का कार्य उज्‍बेकिस्तान की Chairmanship में होगा। President Karimov को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the importance of prudence and thoughtful decision-making
June 16, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi said that the doors to happiness and prosperity open through actions guided by patience, wisdom and foresight. He noted that every decision requires careful understanding, as success is built on steps taken with due thought and consideration.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”

The Subhashitam conveys that one should never undertake any task without thinking, for doing so without thinking can lead to great calamities. Conversely, success and prosperity automatically seek out and choose the person who thinks carefully.

The Prime Minister wrote on X;

“धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।

सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”