भारत को शंघाई सहयोग संगठन की स्थायी सदस्यता मिली 
भारत के चीन और रूस के साथ मजबूत संबंध हैं: एससीओ अधिवेशन में प्रधानमंत्री 
प्राचीन समय से ही भारत के संपूर्ण मध्य यूरेशिया के साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं: प्रधानमंत्री

 

President Putin, Shanghai Cooperation Organisation के सभी माननीय नेतागण और निमंत्रित सभी महानुभाव,

• मैं Shanghai Cooperation Organisation के plenary session में भारत को आमंत्रित करने के लिए आपका धन्यवाद करता हूं।

• मैं सवा सौ करोड़ भारतवासियों की ओर से शुभकामनाएं लाया हूं।

• मैं भारत को SCO का पूर्ण सदस्य बनाने के लिए आपके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

• यह हमारे बीच एतिहासिक और प्राचीन संबंधों का प्रतीक है।



• इससे इस क्षेत्र में, जिसे मानव इतिहास का pivot कहा गया है, शांति और समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।

• भारत की सदस्यता Eurasia के विभिन्न क्षेत्रों को फिर से जोड़ने और एकीकृत करने के हमारे साझे दृष्टि को आगे ले जाएगा।

• Central Eurasian क्षेत्र के साथ भारत के प्राचीन समय से आध्यत्मिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। और इससे हम दोनों सम्पन्न हुए हैं।

• इस सदी की शुरूआत से, जबसे इस क्षेत्र का राजनैतिक परिदृश्य बदलने लगा है, भारत ने सेंट्रल एशियन देशों के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को फिर से सुदृढ़ किया है।

• सेंट्रल एशिया के सभी पांच देशों की मेरी वर्तमान यात्रा इस बात का प्रतीक है कि भारत इस क्षेत्र को कितना महत्व देता है।

• भारत के चीन और रूस के साथ मजबूत और गहरे Strategic संबंध हैं।

• Shanghai Cooperation Organisation की हमारी सदस्यता इन संबंधों के स्वाभाविक कड़ी के रूप में है।

• मैं यहां उपस्थित सभी देशों के साथ SCO मे आपसी सहयोग से एकीकृत और जुड़ा हुआ Eurasia विश्व के सबसे dynamic क्षेत्रों में एक बन सकता है।

• पिछली कुछ शताब्दियों से, इस बड़े भू-भाग देशों का ध्यान समुद्र और अन्य क्षेत्रों की दिशा में रहा है। अब समय आ गया है कि हम इस भू-भाग में एक दूसरे के तरफ हाथ बढ़ाएँ।

• सफलता के लिए जो भी साधन आवश्यक है वो हमारे पास है।

• हमारे यहां humanity का 2/5 हिस्सा निवास करता है। हमारे यहां भरपूर प्राकृतिक संसाधन, स्किल, मार्केट और technology उपलब्ध है।

• भारत एक Observer के रूप में SCO की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेता रहा है।

• आने वाले समय में, भारत इस क्षेत्र में यातायात और संचार को उन्नत बनाने में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। हम यूरोप के उत्तरी कोने से एशिया के दक्षिणी समुद्री तट को physical और digital connectivity नेटवर्क से जोड़ सकते हैं। International North South Transport Corridor इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है।

• इस क्षेत्र में infrastructure के विकास में सहयोग देने मे भारत को खुशी होगी।

• हम उन सभी प्रयत्नों का समर्थन करते हैं जो बाधाएँ कम करते हुए इस क्षेत्र में व्यापार और निवेश को बढ़ाने मे मदद करें ।



• भारत की ऊर्जा और संसाधनों की बढ़ती जरूरतें; और भारत मे मौजूद एक बड़ा बाजार, SCO क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए अहम भूमिका निभा सकता है।

• साथ ही साथ, भारत SCO क्षेत्र के देशों के साथ मिलकर मानव संसाधन विकास; information technology; pharmaceuticals और healthcare; banking और capital market; small and medium enterprises; micro-finance; food security और agriculture के क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार है।

• SCO क्षेत्र सांस्कृतिक विविधताओं से संपन्न है। इस संदर्भ मे हमारे नागरिकों, विशेषकर युवायों के बीच, और अधिक आदान-प्रदान, इस क्षेत्र के भीतर और बाहर भी, आपसी समझ बढ़ाने मे मदद करेगा।

• इस क्षेत्र की ecology काफी fragile हैं और हमारी प्राकृतिक विरासत बहुत ही सुंदर है। Sustainable Development के लिए और climate change से लड़ने के लिए हम SCO के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।

• हमारा मानना है कि समृद्ध भविष्य का आधार शांति है।

• भारत इस क्षेत्र में शांति और मैत्री बढ़ाने में योगदान देगा।

• आतंकवाद और अतिवाद इस क्षेत्र के लिए एक बड़े खतरे के रूप मे उभर रही हैं। हम SCO के साथ मिलकर इनका सामना करेंगे। अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता अफगानिस्तान की जनता का अधिकार है और यह साथ ही साथ इस पूरे भू-भाग में शांति और समृद्धि को बढ़ाएगा।

• Excellencies, अंत में मैं यह कहना चाहूंगा कि humanity का 1/6 हिस्सा भारत में निवास करता है। भारत 7.5 प्रतिशत की विकास दर प्रगति कर रहा है। पड़ोसी देशों के लिए भारत एक अवसर है। वहीं दूसरी ओर भारत के विकास के सपनों को साकार करने के लिए पड़ोसियों के साथ partnership बहुत महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ मे SCO के साथ हमारी भागीदारी हमारे सपनों को पूरा करने के लिए बहुत अहम है। मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि भारत SCO को हर क्षेत्र मे सहयोग देगा।

• इस अवसर पर मैं पाकिस्तान को SCO में शामिल होने पर बहुत बधाई देता हूं।

• मैं इस बैठक की सफलता की कामना करता हूं और आने वाले समय में आप सबके साथ एक सशक्त संबंध स्थापित करूँगा। मुझे खुशी है कि भारत कि सदस्यता का कार्य उज्‍बेकिस्तान की Chairmanship में होगा। President Karimov को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। बहुत-बहुत धन्यवाद।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
From 17,000 Violent Incidents To Bastar Olympics: How PM Modi Got The Maoists To Turn In

Media Coverage

From 17,000 Violent Incidents To Bastar Olympics: How PM Modi Got The Maoists To Turn In
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को कतर के अमीर ने टेलीफोन कॉल किया
June 23, 2026
कतर के अमीर ने कतर में हुई एक दुर्घटना में भारतीय नागरिकों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री ने कतर के अमीर को धन्यवाद दिया और घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए उनका आभार व्यक्त किया
दोनों नेताओं ने अपने नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में कतर के सकारात्मक योगदान के लिए सराहना व्यक्त की
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आज कतर के अमीर, महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल-थानी का टेलीफोन कॉल आया।

कतर के अमीर ने 21 जून को कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुई दुर्घटना में भारतीय नागरिकों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त के लिए कतर के अमीर को धन्यवाद दिया और घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

दोनों नेताओं ने अपने नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और एक-दूसरे के प्रति अपना सहयोग और एकजुटता को फिर से व्यक्त किया।

पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने शांति प्रयासों में कतर के सकारात्मक योगदान की सराहना की और उम्मीद जताई कि इन प्रयासों से क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता आएगी।

दोनों नेताओं ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

दोनों नेताओं ने नियमित रूप से संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई।