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وزیراعظم جناب نریندر مودی نے بھارت کے 73  ویں یوم جمہوریہ کے موقع پر عالمی  رہنماؤں کی طرف سے دی جانے والی  مبارک باد پر اُن کا شکریہ ادا کیا ہے۔

نیپال کے وزیراعظم کے ایک ٹوئیٹ  کے جواب میں وزیراعظم نے کہا؛

‘‘آپ کی دل کی گہرائیوں سے دی جانے والی مبارک باد کے لئے شکریہ،  وزیر اعظم شیر بھادر دیوبا۔ ہماری  صدیوں پرانی دوستی  اور  مضبوطی  کے لئے ہم مل کر کام کرنا جاری رکھیں گے’’۔

بھوٹان کے پی ایم کے  ایک ٹوئیٹ کے جواب میں وزیراعظم نے کہا؛

‘‘بھارت کے یوم جمہوریہ کے موقع پر دل کی گہرائیوں سے  مبارک باد کے لئے  بھوٹان کے وزیراعظم کا شکریہ۔  بھارت  ،بھوٹان کے ساتھ اپنی پرانی  اور  انوکھی دوستی  کو انتہائی اہمیت دیتا ہے۔ بھوٹان کی  سرکار اور وہاں کے لوگوں  کو تاشی ڈیلیک۔ہمارے  رشتے  اور مضبوط ہوں’’۔

 

 

سری لنکا کے پی ایم کے ایک ٹوئیٹ کے جواب وزیراعظم نے کہا؛

‘‘شکریہ وزیراعظم راج  پکشے، یہ  سال خاص ہے، کیونکہ دونوں ممالک اپنی  آزادی  کے 75  سال مکمل ہونے  کا جشن منا رہے ہیں۔ ہمارے  لوگوں کے درمیان تعلقات اور مضبوط ہوں،  یہی  تمنا ہے’’۔

 

اسرائیل کے پی ایم کے ٹوئیٹ کے ایک جواب میں وزیراعظم نے کہا؛

‘‘پی ایم نفتالی بینٹ، بھارت کے یوم جمہوریہ کے موقع پر نیک خواہشات کے لئے آپ کا شکریہ۔  مجھے  پچھلے سال نومبر  ہوئی ملاقات ہے، مجھے یقین ہے کہ بھارت – اسرائیل اسٹریٹجک شراکت داری  مستقبل میں بھی آگے بڑھتی رہے گی’’۔

 

 

 In response to a tweet by PM of Maldives, the Prime Minister said;

Thank you President @ibusolih for your warm greetings and good wishes.

 

In response to a tweet by PM of Mauritius, the Prime Minister said;

Thank you Prime Minister @JugnauthKumar for your warm wishes. The exceptional and multifaceted partnership between our countries continues to grow from strength to strength.

 

In response to a tweet by PM of Australia, the Prime Minister said;

Wishing my dear friend @ScottMorrisonMP and the people of Australia a very happy Australia Day. We have much in common, including love for democracy and cricket!

مودی ماسٹرکلاس: وزیر اعظم مودی کے ساتھ پریکشا پے چرچا
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Text of PM’s address at silver jubilee celebrations of TRAI
May 17, 2022
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“Self-made 5G Test-Bed is an important step toward self-reliance in critical and modern technology in the telecom sector”
“Connectivity will determine the pace of progress in 21st century India”
“5G technology is going to bring positive changes in the governance of the country, ease of living and ease of doing business”
“Coming out of the despair, frustration, corruption and policy paralysis of the 2G era, the country has moved rapidly from 3G to 4G and now 5G and 6G”
“In the last 8 years, new energy has been infused into the telecom sector with the ‘Panchamrita’ of Reach, Reform, Regulate, Respond and Revolutionise”
“Mobile manufacturing units increased from 2 to more than 200 bringing mobile phone within reach of the poorest of poor families”
“Today everyone is experiencing the need for collaborative regulation. For this it is necessary that all the regulators come together, develop common platforms and find solutions for better coordination”

नमस्कार, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी श्री अश्विनी वैष्णव जी, श्री देवुसिंह चौहान जी, डॉक्टर एल मुरुगन जी, टेलिकॉम और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर से जुड़े सभी लीडर्स, देवियों और सज्जनों!

Telecom Regulatory Authority of India - TRAI इससे जुड़े सभी साथियों को सिल्वर जुबली की बहुत बहुत बधाई। ये सुखद संयोग है कि आज आपकी संस्था ने 25 साल पूरे किए हैं, तब देश आज़ादी के अमृतकाल में अगले 25 वर्षों के रोडमैप पर काम कर रहा है, नए लक्ष्य तय कर रहा है। थोड़ी देर पहले मुझे देश को अपना, खुद से निर्मित 5G Test-bed राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला है। ये टेलिकॉम सेक्टर में क्रिटिकल और आधुनिक टेक्नॉलॉजी की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम है। मैं इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी साथियों को, हमारे IITs को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। साथ ही मैं देश के युवा साथियों को, researchers और companies को आमंत्रित करता हूं कि वो इस टेस्टिंग फैसिलिटी का उपयोग 5G टेक्नॉलॉजी के निर्माण के लिए करें। विशेष रूप से हमारे स्टार्ट अप्स के लिए अपने प्रोडक्ट टेस्ट करने का ये बहुत बड़ा अवसर है। यही नहीं, 5Gi के रूप में जो देश का अपना 5G standard बनाया गया है, वो देश के लिए बहुत गर्व की बात है। ये देश के गांवों में 5G टेक्नॉलॉजी पहुंचाने और उस काम में बड़ी भूमिका निभाएगा।

साथियों,

21वीं सदी के भारत में कनेक्टिविटी, देश की प्रगति की गति को निर्धारित करेगी। इसलिए हर स्तर पर कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाना ही होगा। और इसकी बुनियाद का काम करेंगे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, आधुनिक टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल। 5G टेक्नोलॉजी भी, देश की गवर्नेंस में, ease of living, ease of doing business इन अनेक विषयों में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। इससे खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और logistics, हर सेक्टर में ग्रोथ को बल मिलेगा। इससे सुविधा भी बढ़ेगी और रोज़गार के भी नए अवसर बनेंगे। अनुमान है कि आने वाले डेढ़ दशक में 5G से भारत की अर्थव्यवस्था में 450 बिलियन डॉलर का योगदान होने वाला है। यानि ये सिर्फ इंटरनेट की गति ही नहीं, बल्कि प्रगति और Employment Generation की गति को भी बढ़ाने वाला है। इसलिए, 5G तेज़ी से rollout हो, इसके लिए सरकार और इंडस्ट्री, दोनों को collective efforts की ज़रूरत है। इस दशक के अंत तक हम 6G सर्विस भी लॉन्च कर पाएं, इसके लिए भी हमारी टास्क फोर्स काम करना शुरु कर चुकी है।

साथियों,

हमारा प्रयास है कि टेलीकॉम सेक्टर और 5G टेक्नोलॉजी में हमारे स्टार्ट अप्स तेज़ी से तैयार हों, ग्लोबल चैंपियन बनें। हम अनेक सेक्टर्स में दुनिया के एक बड़े डिज़ायन पावर हाउस हैं। Telecom equipment मार्केट में भी भारत के डिज़ायन चैंपियन्स का सामर्थ्य हम सभी जानते हैं। अब इसके लिए ज़रूरी R&D इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर हमारा विशेष फोकस है। और इसमें आप सबकी भी बहुत बड़ी भूमिका है।

साथियों,

आत्मनिर्भरता और स्वस्थ स्पर्धा कैसे समाज में, अर्थव्यवस्था में multiplier effect पैदा करती है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण हम सब गर्व से कह सकते हैं, हमारा टेलिकॉम सेक्टर है। हम जरा पुरानी तरफ नजर करें 2G का काल, 2G का काल यानि निराशा, हताशा, करप्शन, पॉलिसी पैरालिसिस और आज उस कालखंड से बाहर निकलकर देश ने 3G से 4G और अब 5G और 6G की तरफ तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। ये transition बहुत smoothly, बहुत transparency के साथ हो रहा है और इसमें TRAI की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। Retrospective taxation हो, या AGR जैसे मुद्दे, जब भी इंडस्ट्री के सामने चुनौतियां आई हैं, तो हमने उतनी ही गति से respond करने का प्रयास किया है और जहां-जहां जरूरत पड़ी हमने reform भी किया है। ऐसे ही प्रयासों ने एक नया विश्वास पैदा किया। इसी का परिणाम है कि 2014 से पहले एक दशक से ज्यादा समय में जितना FDI टेलिकॉम सेक्टर में आया है, उससे डेढ़ गुणा से अधिक सिर्फ इन 8 सालों में आया है। भारत के potential पर investors के इसी sentiment को मज़बूत करने की ज़िम्मेदारी हम सभी पर है।

साथियों,

बीते वर्षों में सरकार जिस तरह नई सोच और अप्रोच के साथ काम कर रही है, उससे आप सभी भली-भांति परिचित हैं। Silos वाली सोच से आगे निकलकर अब देश whole of the government approach के साथ आगे बढ़ रहा है। आज हम देश में tele-density (टेली-डेंसिटी) और internet users के मामले में दुनिया में सबसे तेज़ी से expand हो रहे हैं तो उसमें टेलीकॉम समेत कई सेक्टर्स की भूमिका रही है। सबसे बड़ी भूमिका internet की है।2014 में जब हम आए तो हमने सबका साथ, सबका विकास और इसके लिए टेक्नॉलॉजी के व्यापक उपयोग को अपनी प्राथमिकता बनाया। इसके लिए सबसे ज़रूरी ये था कि देश के करोड़ों लोग आपस में जुड़ें, सरकार से भी जुड़ें, सरकार की भी सभी इकाइयां चाहे केंद्र हो, राज्य हो, स्थानीय स्वराज संस्थाएं हों, वे भी एक प्रकार से एक आर्गेनिक इकाई बनकर के आगे बढ़े। आसानी से कम से कम खर्च में जुड़ें, बिना करप्शन के सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकें। इसलिए हमने जनधन, आधार, मोबाइल की ट्रिनिटी को डायरेक्ट गवर्नेंस का माध्यम बनाना तय किया। मोबाइल गरीब से गरीब परिवार की भी पहुंच में हो, इसके लिए हमने देश में ही मोबाइल फोन की मैन्युफेक्चरिंग पर बल दिया। परिणाम ये हुआ कि मोबाइल मैन्युफेक्चरिंग यूनिट्स 2 से बढ़कर 200 से अधिक हो गईं। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफेक्चरर है, और जहां हम अपनी ज़रूरत के लिए फोन इंपोर्ट करते थे, आज हम मोबाइल फोन एक्सपोर्ट के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।

साथियों,

मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जरूरी था कि कॉल और डेटा महंगा ना हो। इसलिए टेलिकॉम मार्केट में healthy competition को हमने प्रोत्साहन किया। इसी का परिणाम है कि आज हम दुनिया के सबसे सस्ता डेटा प्रोवाइडर्स में से एक हैं। आज भारत देश के हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने में जुटा है। आपको भी पता है कि 2014 से पहले भारत में सौ ग्राम पंचायतें भी ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी से नहीं जुड़ी थीं। आज हम करीब-करीब पौने दो लाख ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचा चुके हैं। कुछ समय पहले ही सरकार ने देश के नक्सल प्रभावित अनेक जनजातीय जिलों में भी 4G कनेक्टिविटी पहुंचाने की बहुत बड़ी योजना को स्वीकृत किया है। ये 5G और 6G टेक्नॉलॉजी के लिए भी अहम है और मोबाइल और इंटरनेट के दायरे का भी इससे विस्तार होगा।

साथियों,

फोन और इंटरनेट तक ज्यादा से ज्यादा भारतीयों की पहुंच ने भारत के एक बहुत बड़े potential को खोल लिया है। इसने देश में एक सशक्त डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखी है। इसने देश में सर्विस की एक बहुत बड़ी डिमांड पैदा की है। इसका एक उदाहरण, देश के कोने-कोने में बनाए गए 4 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स हैं। इन कॉमन सर्विस सेंटर्स से आज सरकार की सैकड़ों सर्विसेस, गांव के लोगों तक पहुंच रही है। ये कॉमन सर्विस सेंटर्स लाखों युवाओं को रोजगार का भी माध्यम बने हैं। मैं पिछले दिनों गुजरात में एक कार्यक्रम में गया था। वहां दाहोड जिला जो जनजाति एक क्षेत्र है आदिवासी विस्तार है। वहां का एक दिव्यांग कपल मिला मुझे। वो कॉमन सर्विस सेंटर चलाते हैं। उन्होंने कहा मैं दिव्यांग था तो मुझे ये थोड़ी मदद मिल गई और मेने शुरू किया, और आज वो 28-30 हजार रुपया आदिवासी क्षेत्र के दूर दराज गांव में कॉमन सर्विस सेंटर से कमा रहे हैं। मतलब ये हुआ कि आदिवासी क्षेत्र के नागरिक भी ये सेवाएं क्या हैं, ये सेवाएं कैसे ली जाती हैं, ये सेवा कितनी सार्थक है इसको भी जानते हैं और एक दिव्यांग कपल वहां छोटे से गांव में लोगों की सेवा भी करता है, रोजी रोटी भी कमाता है। ये digital technology किस प्रकार से बदलाव ला रही है।

 

साथियों,

हमारी सरकार टेक्नोलॉजी को निरंतर अपग्रेड करने के साथ-साथ देश के डिलिवरी सिस्टम को भी लगातार सुधार रही है। इसने देश में सर्विस और मैन्युफेक्चरिंग, दोनों से जुड़े स्टार्ट अप इकोसिस्टम को बल दिया है। ये भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टम बनाने के पीछे एक अहम कारण है।

साथियों,

ये whole of the government Approach हमारे TRAI जैसे तमाम regulators के लिए भी वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अहम है। आज regulation सिर्फ एक sector की सीमाओं तक सीमित नहीं है। टेक्नॉलॉजी अलग-अलग सेक्टर्स को inter-connect कर रही है। इसलिए आज collaborative regulation की ज़रूरत हर कोई स्वाभाविक रूप से अनुभव कर रहा है। इसके लिए ज़रूरी है कि तमाम रेगुलेटर्स साथ आएं, common platforms तैयार करें और बेहतर तालमेल के साथ समाधान निकालें। मुझे पूरा विश्वास है कि इस कॉन्फ्रेंस से इस दिशा में महत्वपूर्ण समाधान निकलकर आएगा। आपको देश के टेलीकॉम कंज्यूमर्स के Interests की भी सुरक्षा करनी है और दुनिया के सबसे आकर्षक टेलिकॉम मार्केट की ग्रोथ को भी प्रोत्साहित करना है। TRAI की सिल्वर जुबली कॉन्फ्रेंस, हमारी आज़ादी के अमृतकाल की ग्रोथ को गति देने वाली हो, उर्जा देने वाली हो, नया विश्वास पैदा करनी वाली हो, एक नई छलांग मारने के सपने देखने वाली हो और साकार करने के संकल्प वाली हो, इसी कामना के साथ आप सभी का बहुत-बहुत आभार! आप सबको अनेक – अनेक शुभकामनाएं बहुत–बहुत धन्यवाद !