وزیر اعظم جناب نریندر مودی نے آج جنوبی افریقہ کے شہر جوہانسبرگ میں جی 20 سربراہ اجلاس کے موقع پر اطالوی جمہوریہ کی وزیر اعظم محترمہ جورجیا میلونی سے ملاقات کی ۔  دونوں لیڈروں نے اس سے قبل اس سال جون میں کینیڈا کے كاناناسكيس میں جی 7سربراہ اجلاس کے موقع پر مختصر بات چیت کی تھی ۔

وزیر اعظم میلونی نے دہلی میں دہشت گردی کے واقعے پر ہندوستان کے ساتھ یکجہتی کا اظہار کیا اور دہشت گردی کی لعنت سے نمٹنے کے لیے مل کر کام کرنے کے واسطے اٹلی کے مضبوط عزم کا اعادہ کیا ۔  اس تناظر میں ، دونوں رہنماؤں نے ’دہشت گردی کی مالی اعانت کا مقابلہ کرنے کے لیے بھارت-اٹلی مشترکہ پہل‘ کو اپنایا ۔  اس پہل کا مقصد دہشت گردی کا مقابلہ کرنے کے لیے دو طرفہ تعاون کو مضبوط کرنا اور فنانشل ایکشن ٹاسک فورس (ایف اے ٹی ایف) اور گلوبل کاؤنٹر ٹیرازم فورم (جی سی ٹی ایف) سمیت عالمی اور کثیرجہتی پلیٹ فارم میں تعاون کرنا ہے ۔

 

دونوں رہنماؤں نے تجارت اور سرمایہ کاری ، دفاع ، سلامتی ، خلا ، سائنس اور ٹیکنالوجی ، تعلیم اور عوام سے عوام کے تعلقات جیسے شعبوں میں دو طرفہ اسٹریٹجک شراکت داری میں پیش رفت کا جائزہ لیا اور اسے مثبت قراردیا ۔  دونوں رہنماؤں نے جوائنٹ  اسٹریٹجک ایکشن پلان 29-2025 کی پیش رفت پر اطمینان کا اظہار کیا ۔

دونوں رہنماؤں نے متعلقہ صنعتوں کی مضبوط شرکت کے ساتھ اس سال نئی دہلی اور بریشا میں منعقدہ دو کاروباری فورموں کا خیرمقدم کیا ۔  دونوں رہنماؤں نے کاروبار ، ٹیکنالوجی ، اختراع اور سرمایہ کاری کی شراکت داری کو بڑھانے کے لیے جاری کوششوں کا ذکر کیا جس کا مقصد دونوں معیشتوں کی مسابقت کو بڑھانا اور مستحکم سپلائی چین بنانا ہے ۔

دونوں رہماؤں نے اطالوی خلائی وفد کے ہندوستان کے حالیہ دورے کو سراہا  جو اس شعبے میں سرکاری اور نجی دونوں سطحوں پر تعاون کو فروغ دے گا ۔

وزیر اعظم میلونی نے باہمی طور پر فائدہ مند ہندوستان-یورپی یونین آزادانہ تجارتی معاہدے کے اختتام اور 2026 میں ہندوستان کی میزبانی میں ہونے والی اے آئی امپیکٹ سمٹ کی کامیابی کے لیے اٹلی کی مضبوط حمایت کا اعادہ کیا ۔

اس دورے نے دونوں ممالک کے درمیان باقاعدگی سے اعلی سطحی تبادلوں کی روایت کی تصدیق کی ۔  دونوں رہنما جمہوریت ، قانون کی حکمرانی اور پائیدار ترقی کی مشترکہ اقدار کو برقرار رکھنے کے لیے کثیرجہتی اور عالمی پلیٹ فارم پر اپنی بات چیت جاری رکھنے اور مل کر کام کرنے کے لیے پرامید ہیں۔

 

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Text of PM’s speech at the launch of ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’ via VC
August 02, 2026


नमस्‍कार!

आज हम सभी देशवासी एक महान और महत्वपूर्ण संकल्प के लिए एकजुट हुए हैं। इस संकल्प को लेकर, इसक कार्यक्रम से जुड़े सभी पूज्य संतजन, अलग-अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे सभी राज्यपाल, सभी मुख्यमंत्री, अन्‍य सभी जनप्रतिनिधिगण, 28 हजार से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से युवा साथी, मैं आज इस शुभ घड़ी पर, शुभ संकल्प के लिए करोड़ों-करोड़ों नौजवानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं। आज हम सभी जिस अभियान के साक्षी बन रहे हैं, वह अभियान व्यक्ति के लिए हैं, परिवार के लिए हैं, समाज के लिए भी है और सबसे बड़ी बात है, यह राष्‍ट्र के लिए है।

साथियों,

विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए ‘नशा मुक्त युवा’ इस मूवमेंट का नाम ही इसके संकल्प को स्पष्ट करता है, क्योंकि आज जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है, तो इसके लिए आवश्यक है, देश का युवा तन से स्वस्थ हो, मन से स्वस्थ हो, आत्‍मविश्‍वास से भरपूर हो और ड्रग्स जैसी घातक आदत से हमेशा-हमेशा दूर ही रहे, दूर हो। यही इस अभियान का उद्देश्य है। इसलिए हम सबको यह संकल्प लेना है, हमारे युवा नशे और ड्रग्स के खतरों को समझे, हर तरह से जागरूक रहे और उससे दूर रहें और इस संकल्प में अब ‘राष्‍ट्रीय नशा मुक्त युवा’ अभियान की बड़ी भूमिका है।

साथियों,

काशी का सांसद होने के नाते मुझे खुशी है कि यह अभियान का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले साल काशी की पवित्र धरती से शुरू हुआ था। इसलिए वैज्ञानिक स्‍पष्‍टता के साथ-साथ इसमें आध्यात्मिक ऊर्जा भी है, संतों के आशीर्वाद भी हैं और महान सांस्कृतिक विरासत भी हैं। इसमें वह सांस्कृतिक समर्पण भी है, जिसने सदियों से नशे को खारिज किया है। यही वजह है, देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन करोड़ों-करोड़ों देशवासियों के हित के लिए आज हमारे साथ जुड़ चुके हैं। सामाजिक संगठनों ने, NGOs ने इस दिशा में संकल्प लिया है। सबने मिलकर ‘काशी डिक्लेरेशन’ के जरिए रोडमैप तैयार किया है और आज हम देख रहे हैं, काशी से उठा वो कल्याणकारी विचार अब यह एक नेशनल प्रोजेक्ट्स बन गया है। आज से देशभर में ‘नशा मुक्त युवा’ अभियान आरंभ हो रहा है।

साथियों,

कुछ काम ऐसे होते हैं, जो व्यक्तिगत रूप से कोई प्रयास करे, तो कभी-कभी निराश हो जाता है, थकान महसूस करता है, लंबी दूरी चलने में मन तैयार नहीं होता है, लेकिन जब सामूहिक अभियान बन जाता है, कंधे से कंधा मिलाकर करोड़ों लोग चल पड़ते हैं, तो ऐसे सभी जो व्यक्तिगत रूप से अपने आप कुछ नहीं कर पाते हैं, उनको भी एक नई ऊर्जा मिल जाती है। सामूहिकता की एक ताकत होती है और आज उस ताकत को लेकर के यह अभियान हर युवा मन को छूने वाला है। थोड़ी देर पहले देश के लाखों युवाओं ने नशा मुक्ति की शपथ ली है। आपने अपने जीवन को नशे से दूर रखने का संकल्प लिया है। आपने अपने स्कूल, अपने कॉलेज और अपने समाज में नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया है।

साथियों,

आज लिया गया यह संकल्प आने वाले 100 सप्ताह तक लगातार ऐसे ही आगे बढ़ेगा। हर रविवार, कला, संस्‍कृति, स्पोर्ट्स, मेडिटेशन, आध्यात्म और सेवा से जुड़ी गतिविधियां होंगी। नशा मुक्ति का संदेश नए लोगों तक पहुंचेगा। आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे, हंड्रेड मजबूत स्‍टेप्‍स।

साथियों,

आज हजारों स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लाखों विद्यार्थी इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े हैं। माई भारत के वॉलंटियर्स भी लाखों की तादाद में आज इससे जुड़े हैं। मेरे एनएसएस के नौजवान भी आज हमारे साथ शामिल हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों से, अलग-अलग संस्‍थानों से, अलग-अलग बैकग्राउंड के एक करोड़ से अधिक युवा आज एक साथ हैं। मेरा आप सभी से आग्रह है, आप सब इस बड़े मोवमेंट के लीडर हैं। आपने मेरे इस विश्वास को और मजबूत किया है कि भारत का युवा कितना जागरूक है, कितना समझदार है और अपने कर्तव्यों के प्रति कितना गंभीर है। मैं आप सभी को इस अभियान के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे युवा साथियों,

आप भारत की अमृत पीढ़ी हैं। आप अगले 20-25 वर्षों में अपने जीवन को भी दिशा देंगे और आप ही 2047 में देश को विकसित भारत की मंजिल तक लेकर जाएंगे और उसको शिखर पर आप ही बैठे होंगे, उसका सारा रसपान करने का अवसर आप ही को मिलने वाला है। देश को आपकी ऊर्जा, आपकी कल्पनाशक्ति और आपके टैलेंट की जरूरत है। इसलिए, देश के लिए और अपने जीवन के लिए, खुद को नशा मुक्त रखना बहुत जरूरी है। नशा फोकस को भटकाता है, और धीरे-धीरे युवा को उसके अपने सपनों से दूर ले जाता है। अभी जिन नौजवानों ने नाट्य मंचन किया, बहुत कम समय में, बहुत अच्छे तरीके से नाट्य मंचन में उन्होंने समस्या भी बताई, समस्या के कारण पैदा हुए संकट भी बताए और बाहर निकलने के सामूहिक प्रयत्न का रास्ता भी दिखाया। नाट्य मंचन छोटा था, लेकिन जैसा उन्होंने कहा, आओ हम नाटक देखें! यह नाटक नहीं था, यह हम लोगों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश था। हमें जगा रहा था, हमें जूझने के लिए प्रेरित कर रहा था।

साथियों,

आजकल हम देखते हैं, आज के युवा स्‍टार्टअप्‍स की दुनिया में छाए हैं, AI को लीड कर रहे हैं, Sports में तिरंगा लहरा रहे हैं, स्‍पेस से लेकर Science तक नए कीर्तिमान बना रहे हैं। लेकिन साथियों, जब कोई युवा, अगर ड्रग्स के एडिक्‍शन में फंस जाए, तो केवल एक युवा नहीं हारता, एक सपना हार जाता है, एक सपने की बाल मृत्यु हो जाती है, एक परिवार हार जाता है, पूरा का पूरा परिवार टूट जाता है, समाज से भी नफरत का शिकार बन जाता है। नशा केवल शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता, नशा एक माँ की मुस्कान छीन लेता है। नशा एक पिता के सपनों को चूर-चूर कर देता है। एक बहन की राखी की उम्मीद को कमजोर कर देता है। एक छोटे भाई का आदर्श छीन लेता है। घर के बुजुर्ग हर दिन इस दर्द को जीते हैं कि उनका अपना बच्चा धीरे-धीरे खुद को खो रहा है, खुद को गला रहा है, तिल-तिल गल रहा है, आंखों के सामने उसे बर्बाद होते देख रहे हैं और जब परिवार में, समाज में ऐसा होता है और कहीं न कहीं, राष्ट्र की शक्ति भी कमजोर पड़ जाती है और इसलिए दुश्मन देश भी षड्यंत्र करके हमारे देश के युवाओं को इस नशे की लत में खींचने के लिए कोई कोशिश बाकी नहीं रखते हैं। ड्रग्स सप्लाई कर-करके कमाई करना और हमारे जैसे देश को तबाह करना, यह भी उनकी आतंकी साजिश का हिस्सा होता है और इसलिए हमें हर एक युवा को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना है।

साथियों,

नशा मुक्त रहकर आपको अपने पोटेंशियल को प्रोटेक्ट करना है! आपको ध्यान रखना है, ड्रग्स कुछ समय के लिए 'High' देता है। लेकिन आपके करियर और फैमिली लाइफ को 'Low' कर देता है। हमें नशे को किसी भी तरह की स्वीकार्यता नहीं देनी है।

साथियों,

हमारे समाज में भी हमेशा नशे को एक बुराई के रूप में देखा है। हमारे संतों ने, गुरुओं ने हमें इससे बचने के लिए चेताया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी कहा गया है- "जितु पीतै मति दूरि होइ बरलु पवै विचि आइ। आपणा पराइआ न पछाणई खसमहु धके खाइ॥'' अर्थात, जिस पदार्थ के सेवन से बुद्धि और विवेक साथ छोड़ दें, इंसान अपने और पराए की पहचान भूल जाए, ऐसा नशा उसे पतन की ओर ले जाता है।

साथियों,

हमारी संस्कृति में बचाव के लिए चेतावनी भी दी गईं है और नशे की आदत लगने पर उससे निकलने के रास्ते भी बताए गए हैं। समाज का सहयोग, योग और ध्यान की ताकत, यह नशे के खिलाफ हमारे अंतर्मन को ताकत देते हैं। और आज तो हमारे पास नशा छोड़ने के लिए rehabilitation center जैसी सुविधाएं भी हैं। इसलिए, अगर कोई युवा गलती से नशे में फंस भी गया है, तो इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि उसके सारे रास्ते बंद हो गए हैं। हमें हमेशा इस बात का ध्यान रखना है, घर का कोई बच्चा अगर नशे का शिकार बन गया है, तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में छिपाएं नहीं। जिसकी जरूरत हो, उसका सहयोग मांगे, मन खोलकर के उससे बात करें, जो एक्सपर्ट्स हैं, उनका सहयोग लें। मेडिकल हेल्प से अपने बच्चे को नशे से मुक्त कराने का प्रयास करें। हमें परिवार में बच्चों से खुलकर संवाद की संस्कृति भी बनानी चाहिए, ताकि ऐसे भंवर में फंसने से पहले ही आप उसका हाथ थाम सके। आपको भनक आ जाएगी, थोड़ा ध्यान रखिए पता चलेगा, उसमें बदलाव आ रहा है, वो खोया-खोया लग रहा है, वो मुँह छुपा रहा है, कमरे में बंद हो जा रहा है, देर रात आ रहा है, पैसे अनाब-शनाब मांग रहा है, यह सारी चीजों से पता चल जाता है, भनक आ जाती है, कुछ मामला गड़बड़ है।

साथियों,

एक आवाहन मैं कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ के हमारे प्रोफेसर्स साथियों से भी करना चाहता हूँ, आप भी कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट्स के साथ ड्रग्स के खतरों पर बात करें। नशे के खिलाफ अपने कैम्पस में एक मूवमेंट चलाएं। आपके प्रयास बड़े-बड़े परिणाम ला सकते हैं। और साथियों, हमें एक और बात ध्यान रखनी है, जो युवा नशे से लड़कर बाहर निकलते हैं, वह कमजोर नहीं होते, जो नशे को परास्‍त करके निकला है न, वह असली योद्धा होता है, समाज को उनका सम्मान करना चाहिए, अपनापन देना चाहिए, उसे दूसरा अवसर देना चाहिए क्योंकि ड्रग्स से जुड़ा किसी का अतीत उसकी पहचान नहीं हो सकता, उसका साहस उसकी पहचान होता है।

साथियों,

ड्रग्स के खिलाफ अभियान में आज सरकार भी मजबूती से युवाओं के साथ खड़ी है। देश में नशे के कारोबारियों और तस्करों पर सख्ती के साथ कार्रवाई हो रही है। पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। हजारों करोड़ रुपए की ड्रग्स भी जब्त की गई है। यह दिखाता है कि, ड्रग्स के खिलाफ हमारी सरकार कितनी सख्त है। मुझे विश्वास है, केन्‍द्र सरकार, राज्य सरकार, हर कोई इसे मिशन मोड में करेंगे। मुझे विश्वास है, हमारे देश का युवा नशे से मुक्त रहकर अपनी युवा ऊर्जा को न केवल संरक्षित करेगा, बल्कि विकसित भारत के संकल्पों को भी आगे बढ़ाएगा। और जब मैं आज अनेक महान संतों को मेरे सामने देख रहा हूं, दूर से मैं मन से उनको प्रणाम करता हूं। मैं इन सभी सामाजिक संस्‍थाएं, आध्यात्मिक संस्‍थाएं, आध्यात्मिक गुरुजन, आपका देश के कोने-कोने में संगठन है, आपके युवा साथी डिवोटीज हैं। आने वाले 100 दिन में हर एक संगठन, एक सप्ताह अपने जिम्मे ले सकता है, पूरा सप्ताह पूरे देश में वह संगठन नेतृत्व करे, बाकी सब शक्तियां उसके साथ जुड़े और रविवार को बहुत बड़ा कार्यक्रम करें। दूसरे सप्ताह, दूसरा संगठन, दूसरी शक्ति, सप्ताह भर प्रयोग करें, कार्यक्रम करे और रविवार को बड़ा कार्यक्रम करे। अगर 100 सप्ताह हमारे देश के ऐसे आध्यात्मिक, सामाजिक संगठन, युवा संगठन एक-एक सप्ताह अपने जिम्मे ले लें और बाकी सारी शक्तियां वह जुड़े और रविवार सब मिलकर के करें, आप कल्पना कर सकते हैं, देश में कितना बड़ा आंदोलन खड़ा हो जाएगा। मैं एक बार फिर आप सबने समय निकाला, इस पवित्र कार्य में हम सबको आशीर्वाद दिए, इसके लिए संतों का, आचार्यो का, संगठन के महारथियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इन एक करोड़ से ज्यादा जुटे नौजवानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं, आपने यह बहुत बड़ा काम किया है। मैं माई भारत के वॉलंटियर्स की बधाई करता हूं, वो जो भी ठान लेते हैं, आजकल करके दिखाते हैं। अभी पिछले दिनों मुझे माई भारत के वॉलंटियर्स को मिलने का मौका मिला, वह हिन्‍दुस्‍तान के सीमावर्ती गांवों में जाकर के एक-एक सप्ताह रूक करके आए हैं। जिसे कभी देश का आखिरी गांव कहा जाता है, जाता था जिसको आज हम देश का पहला गांव कहते हैं, वहां जाकर के आए। उनके अनुभव बड़े प्रेरक थे और आज इतना बड़ा कार्यक्रम माई भारत के वॉलंटियर्स कर पाते हैं, यह अपने आप में उनकी राष्‍ट्र के प्रति जागरूक समर्पित भावना का प्रतीक है, मैं उनकी बधाई देता हूं, उनका भी अभिनंदन करता हूं। और मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके सामूहिक प्रयत्नों से यह हमारी मोवमेंट घर-घर पहुंचेगी, हर युवा के दिन में पहुंचेगी और यह ड्रग्स के कारोबारियों के लिए बहुत बड़ा खौफ भी बन जाएगी। आइए, हम सब मिलकर के आगे चलें, मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!