The world sees a new future for itself in India’s achievements: PM Modi

Published By : Admin | January 25, 2023 | 18:40 IST
“The mantra of Jai Hind inspires one and all”
“Interacting with the youth is always special for me”
“NCC and NSS connect young generation with the national goals and national concerns”
“You are going to be the biggest beneficiary of the ‘Viksit Bharat’ and you carry the biggest responsibility of building it”
“The world sees a new future for itself in India’s achievements”
“The scope of your success widens when your goals are linked with the goals of the country. The world will see your success as India's success”
“India's youth have to tap the unseen possibilities, explore the unimagined solutions”
“You are young, this is time for you to make your future. You are the creator of new thoughts and new standards. You are the trailblazer for New India”

केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे वरिष्ठ साथी, देश के रक्षा मंत्री श्रीमान राजनाथ सिंह जी, DG NCC, शिक्षकगण, अतिथिगण, मेरे आंतरिक मंत्री परिषद के सभी अन्य साथी, अन्य अतिथिगण, गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हो रहे विभिन्न आर्टिस्ट्स, NCC और NSS के मेरे युवा साथियों!

मैं देख रहा था, आज पहली बार नेताजी की वेशभूषा में इतने सारे बाल अवतार प्रधानमंत्री आवास पर आए हैं। मैं सबसे पहले आप सबको salute करता हूँ। जय हिन्द का मंत्र हर बार हमें प्रेरणा देता है।

साथियों,

बीते कुछ हफ्तों में युवा साथियों से मुझे बार-बार मिलने का अवसर मिला। महीना भर पहले हमने ‘वीर बाल दिवस’ मनाया, हमें वीर साहबज़ादों के शौर्य और बलिदान को नमन करने का अवसर मिला। उसके बाद कर्नाटक में ‘नेशनल यूथ फ़ेस्टिवल’ में शामिल हुआ। उसके दो दिन बाद ही देश के युवा अग्निवीरों से बातचीत हुई। फिर यूपी में खेल महाकुंभ के एक कार्यक्रम में युवा खिलाड़ियों से संवाद हुआ। इसके बाद मुझे आज और संसद में और फिर प्रधानमंत्री निवास पर Know your Leader कार्यक्रम में शामिल देश भर के विद्यार्थियों से मिलने का अवसर मिला। कल ही राष्ट्रीय बाल पुरस्कार जीतने वाले देश के होनहार बच्चों से मुलाकात हुई। आज आप सबसे इस विशेष कार्यक्रम में मुलाक़ात हो रही है। कुछ ही दिन बाद मैं ‘परीक्षा पर चर्चा’ इसके माध्यम से देश भर के लाखों युवाओं, विद्यार्थियों के साथ संवाद करने वाला हूं। हर वर्ष की भांति इस बार भी एनसीसी के कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर मुझे मिलने वाला है।

साथियों,

ये युवा संवाद दो कारणों से मेरे लिए विशेष महत्‍व का होता है। एक तो इसलिए क्योंकि युवाओं में ऊर्जा होती है, ताजगी होती है, जोश होता है, जुनून होता है, नयापन होता है। आपके माध्यम से ये सारी सकारात्मकता मुझे निरंतर प्रेरित करती रहती है, दिन-रात मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करती है। दूसरा, आप सभी आजादी के इस अमृतकाल में देश की आकांक्षा, देश के सपनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। विकसित भारत के सबसे बड़े लाभार्थी भी आप होने वाले हैं और इसके निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी आपके ही कंधों पर है। जिस प्रकार अलग-अलग कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, वो उत्साहित करने वाली है। पराक्रम दिवस पर एक बड़े संदेश के साथ आयोजित प्रतियोगिताओं में आप जैसे बच्चों की भागीदारी इसी का एक उदाहरण है। ऐसे कितने ही आयोजन, अमृत महोत्सव से जुड़े कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं देश में लगातार हो रही हैं। लाखों-करोड़ों युवा इनसे जुड़ रहे हैं। ये कम आयु में देश के लिए बड़े सपनों और समर्पण का प्रतीक है। ये इस बात का सबूत है कि भारत की युवा पीढ़ी देश की जिम्मेदारियों के लिए तैयार भी है, और अपना दायित्व निभाने के लिए तत्पर भी है। मैं इन कविता, ड्राइंग, ड्रेसिंग और essay राइटिंग की इन प्रतियोगिताओं में जीतने वाले आप सभी युवकों को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। हर बार की तरह बड़ी संख्या में हमारे NCC और NSS के कैडेट्स, विभिन्न आर्टिस्ट्स, गणतन्त्र दिवस की परेड में भी शामिल होने जा रहे हैं। आप सबको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

साथियों,

NCC और NSS ऐसे संगठन हैं, जो युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय लक्ष्यों से, राष्ट्रीय सरोकारों से जोड़ते हैं। कोरोना काल में किस प्रकार NCC और NSS के वॉलंटियर्स ने देश के सामर्थ्य को बढ़ाया, ये पूरे देश ने अनुभव किया है। इसलिए सरकार का भी ये निरंतर प्रयास रहा है कि इन संगठनों को प्रोत्साहित किया जाए, इनका विस्तार किया जाए। अब जैसे हमारे सीमावर्ती और सागर तट पर बसे जिलों में अनेक प्रकार की चुनौतियां आती रहती हैं। इनसे निपटने के लिए भी सरकार आप जैसे युवाओं को तैयार कर रही है। देश के दर्जनों ऐसे जिलों में एनसीसी का विशेष प्रोग्राम चलाया जा रहा है, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के माध्यम से विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे युवा साथी भविष्य के लिए भी तैयार होंगे और जरूरत पड़ने पर फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका भी निभा सकेंगे। अब तो हम वाइब्रेंट बॉर्डर एरिया प्रोग्राम पर भी काम कर रहे हैं। इसके तहत बॉर्डर के गांवों का विकास किया जा रहा है, वहां हर प्रकार की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रयास यही है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं का सामर्थ्य बढ़े, परिवार अपने गांव की तरफ रहना पसंद करें, वहीं शिक्षा और रोज़गार के बेहतर अवसर बनें।

साथियों,

सरकार के इन प्रयासों के बीच, आपको अपने जीवन में एक बात जरूर काम आएगी। आप जब जीवन में कुछ बेहतर करते हैं, कोई सफलता हासिल करते हैं तो उसके पीछे आपके साथ-साथ आपके माता-पिता, आपके परिवार की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। उसमें आपके टीचर्स की, स्कूल की, और आपके दोस्तों की भी बड़ी भूमिका होती है। यानी, आपको सबका साथ मिलता है और वही प्रगति का कारण होता है। सबने आपकी क्षमता और फैसलों पर विश्वास किया होगा। सब आपके प्रयास में शामिल हुए होंगे। और आज जब आप गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हो रहे हैं, इससे आपके परिवार, स्कूल-कॉलेज और इलाके का भी सम्मान बढ़ा है। यानी, हमारी सफलताएं अकेले हमारे प्रयासों से नहीं आतीं। और, हमारी सफलताएं कभी अकेले हमारी नहीं होतीं। यही नज़रिया आपको आपके जीवन में समाज और देश को लेकर भी रखना है। जिस भी क्षेत्र में आपकी रुचि होगी, आपको उसमें आगे बढ़ना है। लेकिन, लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आपको बहुत सारे लोगों को अपने साथ लेना होगा। आपको टीम स्पिरिट से काम करना होगा। इसलिए, जब आप अपने लक्ष्यों को, अपने गोल्स को देश के गोल्स के साथ जोड़कर देखेंगे, तो आपकी सफलता का दायरा विस्तृत हो जाएगा। आपकी सफलता को दुनिया भारत की सफलता के रूप में देखेगी। डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम, होमी जहाँगीर भाभा और डॉ सीवी रमन जैसे वैज्ञानिक हों, या फिर मेजर ध्यानचंद से लेकर आज के बड़े खिलाड़ियों तक, इन्होंने अपने जीवन में जो काम किए, जो मुकाम हासिल किए, पूरा विश्व उन्हें भारत की सफलता के रूप में देखता है। और, उससे भी आगे दुनिया भारत की इन सफलताओं में अपने लिए नए भविष्य को देखती है। यानी, ऐतिहासिक सफलताएँ वो होती हैं, जो पूरी मानवता के विकास की सीढ़ियाँ बन जाएँ। यही सबका प्रयास की भावना की असली ताकत है।

साथियों,

आज आप जिस कालखंड में हैं, उसकी और एक विशेष बात है। आज देश में युवाओं के जितने नए अवसर हैं, वो अभूतपूर्व हैं। आज देश स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियान चला रहा है। स्पेस सेक्टर से लेकर एनवायरनमेंट और क्लाइमेट से लेकर, उसके साथ जुड़े हुए challenges तक, भारत आज पूरी दुनिया के भविष्य के लिए काम कर रहा है। Artificial intelligence, Machine learning और virtual reality जैसी futuristic fields में देश forefront पर है। स्पोर्ट्स और creativity के लिए भी देश एक अच्छा ecosystem तैयार कर चुका है। आपको इसका हिस्सा बनना है। आपको unseen possibilities को सर्च करना है, untouched areas को explore करना है, और unimagined solutions को खोजना है।

साथियों,

भविष्य के बड़े लक्ष्य और बड़े संकल्प ये हमारे लिए बेहद जरूरी हैं। लेकिन साथ ही, हमें वर्तमान की छोटी बड़ी प्राथमिकताओं को भी उतना ही महत्व देना होगा। इसलिए, मेरा आप सभी से आग्रह होगा, आप देश में हो रहे हर बदलाव से परिचित रहें। देश में जो नए नए अभियान चलाये जा रहे हैं, आप उनमें भागीदारी करें। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का उदाहरण हमारे सामने है। आप युवाओं को इसे अपने जीवन का मिशन बनाना चाहिए। आपके पास creativity भी है और जोश भी है। आप संकल्प ले सकते हैं हम हमारे दोस्तों की एक टीम बनाकर अपने मोहल्ले को, गाँव-शहर-कस्बे को स्वच्छ बनाने के लिए निरंतर काम करते रहेंगे। जब आप स्वच्छता के लिए बाहर निकलेंगे, तो बड़े लोगों पर उसका ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। इसी तरह, अमृत महोत्सव में आप स्वतन्त्रता सेनानियों से जुड़ी कम से कम एक किताब पढ़ने का संकल्प जरूर लीजिये। आपमें से कई लोग कविता और कहानी लिखेंगे, Vlogging करने जैसे कामों में भी इंटरेस्ट रखते होंगे। आज़ादी की लड़ाई और किसी स्वाधीनता सेनानी के जीवन पर ऐसा कोई creative काम करिए। आप अपने स्कूल को भी इस विषय पर कार्यक्रम और प्रतियोगिता कराने के लिए कह सकते हैं। आप सबके जिलों में 75 अमृत सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। आप अपने पड़ोस के अमृत सरोवर में अपने दोस्तों के साथ मिलकर बहुत योगदान दे सकते हैं। जैसे कि, अमृत सरोवर के पास वृक्षारोपण कर सकते हैं। उसके रखरखाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए कोई रैली निकाल सकते हैं। देश में चल रहे फिट इंडिया मूवमेंट के बारे भी आपने जरूर सुना होगा। युवाओं के लिए ये बहुत आकर्षित करने वाला अभियान है। आप खुद तो इससे जुड़ें ही, साथ ही अपने घर वालों को भी जरूर जोड़ें। आपके घर में रोज सुबह थोड़ी देर सब लोग मिलकर योग करें, आप ये संस्कृति घर में शुरू कर सकते हैं। आपने सुना होगा, इस साल हमारा भारत G-20 की अध्यक्षता भी कर रहा है। ये भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। आप इसके बारे में भी जरूर पढ़ें। स्कूल-कॉलेज में भी इससे जुड़ी चर्चा करें।

साथियों,

इस समय देश अपनी ‘विरासत पर गर्व’ और ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’ के संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। ये संकल्प भी देश के युवाओं के लिए एक ज़िम्मेदारी हैं। हमारी विरासत को भविष्य के लिए सहेजने और संवारने की ज़िम्मेदारी आपकी है। ये काम आप तब कर पाएंगे जब आप देश की विरासत को जानेंगे, समझेंगे। मेरा सुझाव है कि आप जब घूमने जाएं, तो हेरिटेज साइट्स पर भी जरुर जाएँ। उन्हें देखें, जानें। आप युवा हैं, आपके लिए ये भविष्य के विजन के निर्माण का समय है। आप नए विचारों के, नए मापदंडों के निर्माता हैं। आप नए भारत के लिए नए रास्ते बनाने वाले लोग हैं। मुझे विश्वास है, आप हमेशा की तरह देश की अपेक्षाओं और देश की आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे। आप सभी को एक बार फिर बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद!

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From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!