मेरे साथ आप लोग बोलेंगे, मैं कहूंगा सरदार पटेल आप लोग कहेंगे अमर रहे, अमर रहे,… सरदार पटेल, (अमर रहे) सरदार पटेल, (अमर रहे) सरदार पटेल (अमर रहे)।

मंच पर विराजमान मंत्रिपरिषद के हमारे वरिष्‍ठ साथी, आदरणीय सुषमा जी, आदरणीय वैंकेया जी, श्रीमान रविशंकर जी, दिल्‍ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर और सारे नौजवान साथियों

आज सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की जन्‍म जयंती का प्रेरक पर्व है। जो देश इतिहास को भूला देता है, वह देश कभी भी इतिहास का निर्माण नहीं कर सकता है। और इसलिए एक जीवंत राष्‍ट्र के लिए, एक आशा-आकांक्षाओं के साथ भरे हुए राष्‍ट्र के लिए सपनों को सजा कर बैठी युवा पीढ़ी के लिए अपने ऐतिहासिक धरोहर सदा-सर्वदा प्रेरणा देती है और हमारे देश ने इस बात को भी कभी भी भूलना नहीं होगा कि हम इतिहास को विरासतों को अपने वैचारिक दायरे में न बांटे। इतिहास पुरूष, राष्‍ट्र पुरूष इतिहास की वो धरोहर हाते हैं जो आने वाली पीढि़यों के लिए नया उमंग और नया उत्‍साह भरते हैं।

आज श्रीमती इंदिरा गांधी जी की भी पुण्‍य तिथि है। सरदार साहब का जीवन देश की एकता के लिए आहूत हो गया। बैरिस्‍टर के नाते, सफल बैरिस्‍टर गांधी के चरणों में समर्पित हो गए, और हिंदुस्‍तान के किसानों को आजादी के आंदोलन में जोड़कर के उन्‍होंने अंग्रेज सल्‍तनत को हिला दिया था। अंग्रेज सल्‍तनत ने भांप लिया था अगर देश का गांव, देश का किसान आजादी के आंदोलन का हिस्‍सा बन गया तो अंग्रेज सल्‍तनत की कोई ताकत नहीं है कि वो आजादी के दीवानों के खिलाफ लड़ाई लड़ सके।

कभी-कभी जब हम रामकृष्‍ण परमहंस को देखते हैं तो लगता है कि स्‍वामी विवेकानंद के बिना रामकृष्‍ण परमहंस अधूरे लगते हैं। वैसे ही जब महात्‍मा गांधी को देखते हैं तो लगता है कि सरदार साहब के बिना गांधी भी अधूरे लगते थे। यह एक अटूट नाता था। यह अटूट जोड़ी थी। जिस दांडी यात्रा ने हिंदुस्‍तान की आजादी को एक नया मोड़ दिया था। पूरे विश्‍व को सबसे पहले ताकतवर मैसेज देने का अवसर दांडी यात्रा में से पैदा हुआ था। उस दांडी यात्रा में एक सफल संगठक के रूप में, एक कार्यकर्ता के रूप में सरदार साहब की जो भूमिका थी, वो बेजोड़ थी। और महात्‍मा गांधी ने दांडी यात्रा की पूरी योजना सरदार साहब के हवाले की थी। हम कल्‍पना कर सकते थे कि देश की आजादी आंदोलन के अलग-अलग पढ़ाव में, महात्‍मा गांधी के साथ रहकर के सरदार साहब की कितनी अहम भूमिका रही थी और आजादी के बाद सरदार साहब का लाभ देश को बहुत कम मिला। बहुत कम समय तक हमारे बीच रहे। लेकिन इतने कम समय में सरदार साहब ने अंग्रेजों के सारे सपनों को धूल में मिला दिया था, चूर-चूर कर दिया था। अपनी दूर दृष्टि के द्वारा, अपने कूटनीति सामर्थ्‍य के द्वारा, अपनी राष्‍ट्र भक्ति के द्वारा। अंग्रेज चाहते थे कि देश आजाद होने के बाद सैकड़ों टुकड़ों में बिखर जाए। आपस में लड़ते रहे, मर मिटते रहे, यह अंग्रेजों का इरादा था, लेकिन सरदार साहब ने अपनी कूटनीति के द्वारा, अपनी दीर्घ दृष्टि के द्वारा, अपने लोखंडित मनोबल के द्वारा साढ़े पांच सौ से भी अधिक रियासतों को एक सूत्र में बांध दिया। जिसे सम्‍मान देने की जरूरत थी, उसे सम्‍मान दिया। जिसको पुचकारने की जरूरत थी, उसको पुचकारा और जिसको आंख दिखाने की जरूरत थी उसको आंख दिखाने में भी सरदार पटेल ने कभी हिचक नहीं की, संकोच नहीं किया। उस सामर्थ्‍य का परिचय दिया था। और उसी महापुरूष ने, एक प्रकार से आज जब हिंदुस्‍तान देख रहे हैं वो एक भारत का सफलदृष्‍टा उसके नियंता सरदार पटेल को देश कभी भूल नहीं सकता है।

शताब्दियों पहले इतिहास में चाणक्‍य का उल्‍लेख इस बात के लिए आता है कि उन्‍होंने अनेक राजे-रजवाड़ों को एक करके, एक सपना लेकर के, राष्‍ट्र के पुनरूद्धार का सपना देकर के सफल प्रयास किया था। चाणक्‍य के बाद उस महान काम को करने वाले एक महापुरूष हैं, जिनका आज हम जन्‍म जयंती पर्व मना रहे हैं, वो सरदार वल्‍लभ भाई पटेल हैं। लेकिन यह कैसा दुर्भाग्‍य है, जिस व्‍यक्ति ने देश की एकता के लिए अपने आप को खपा दिया था, आलोचनाएं झेली थी, विरोध झेले थे। अपने राजनीतिक यात्रा में रूकावटें महसूस की थी। लेकिन उस लक्ष्‍य की पूर्ति के मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए थे, और वो लक्ष्‍य था भारत की एकता। उसी देश में, उसी महापुरूष की जन्‍म जयंती पर, 30 साल पहले भारत की एकता को गहरी चोट पहुंचाने वाली एक भयंकर घटना ने आकार लिया। हमारे ही अपने लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। और वो घटना किसी सम्‍प्रदाय के लोगों के सीने पर लगे घाव की नहीं थी, वो घटना भारत के हजारों साल के महान व्यवस्था के सीने पर लगा हुआा एक छूरा था, एक खंजर था, भयंकर आपत्तिजनक था। लेकिन दुर्भाग्‍य रहा इतिहास का कि उसे महापुरूष के जयंती के दिन यह हो गया। और तब जाकर के देश की एकता के लिए, हम लोगों ने अधिक जागरूकता के साथ, अधिक जिम्‍मेवारी के साथ। सरदार साहब ने हमें एक भारत दिया, श्रेष्‍ठ भारत बनाना हमारी जिम्‍मेवारी है। ‘एक भारत श्रेष्‍ठ भारत’ इस सपने को पूरा करने के लिए भारत की जो महान विरासत है वो विरासतें विविधता में एकता की है। उस विविधता में एकता की विरासत को लेकर के, जातिवाद से परे उठकर के, भाषावाद से परे उठकर के, सम्‍प्रदायवाद से परे उठकर के एक भारत समृद्ध भारत, ऊंच-नीच के भेदभाव से मुक्‍त भारत यह सपने को साकार करने के लिए आज से उत्‍तम पर्व नहीं हो सकता, जो हमें आने वाले दिनों के लिए प्रेरणा देता रहे।

और युवा पीढ़ी आज इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर पूरे हिंदुस्‍तान में Run for Unity के लिए दौड़ रही है। मैं समझता हूं यह हमारा प्रयास एकता के मंत्र को निरंतर जगाए रखना चाहिए। और हमारे शास्‍त्रों में कहा है राष्‍ट्रयाम जाग्रयम वयम.. हर पल हमें जागते रहना चाहिए अपने सपनों को लेकर के, सोचते रहना चाहिए, उसके अनुरूप काम करते रहना चाहिए तभी संभव होता है। भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है। अनेक विविधताओं से भरा हुआ देश है। विविधता में एकता यही हमारी विशेषता है। हम कभी एकरूपता के पक्षकार नहीं रहे। हम विविधताओं से भरे हुए रहते हैं। एक ही प्रकार के फूलों से बना गुलदस्‍ता और रंग-बिरंगे फूलों से बने गुलदस्‍ते में कितना फर्क होता है। भारत उन विशेषताओं से भरा हुआ देश है, उन विशेषताओं को बनाते हुए एकता के सूत्र को जीवंत रखना, एकता के सूत्र को बलवंत बनाना यही हम लोगों का प्रयास है और यही एकता का संदेश है। राज्‍य अनेक राष्‍ट्र एक, पंथ अनेक लक्ष्‍य एक, बोली अनेक स्‍वर एक, भाषा अनेक भाव एक, रंग अनेक तिरंगा एक, समाज अनेक भारत एक, रिवाज अनेक संस्‍कार एक, कार्य अनेक संकल्‍प एक, राह अनेक मंजिल एक, चेहरे अनेक मुस्‍कान एक, इसी एकता के मंत्र को लेकर के यह देश आगे बढ़े।

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Our country has come a long way in the last 10 years, but a lot of work still remains: PM Modi in Janjgir-Champa
April 23, 2024
Our country has come a long way in the last 10 years, but a lot of work still remains: PM Modi in Janjgir-Champa
For 60 years, the Congress chanted the slogan of ‘Garibi Hatao’ in the country and kept filling the coffers of its leaders: PM Modi
The Congress never wants to increase the participation of Dalits, backward classes, and tribal people: PM Modi in Janjgir-Champa

कोसा, कासा और कंचन की धरती पर आज एक अलग ही उत्साह नज़र आ रहा है। कुछ महीने पहले मैं विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए आपसे आशीर्वाद मांगने आया था। भाजपा के हर साथी को आप सबने बहुत आशीर्वाद दिया, हमारे सेवाभाव को मान दिया, इसके लिए सबसे पहले तो मैं आप सबका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। अब मैं आज फिर से आपके पास आशीर्वाद मांगने आया हूं। तीसरी बार भाजपा सरकार के लिए आपके भरपूर आशीर्वाद लेने के लिए मैं आपके पास आया हूं। पिछले 10 साल में अपना देश बहुत आगे आया है, लेकिन बहुत सारा काम बाकी है। और छत्तीसगढ़ में तो मुझे पिछली सरकार ने मेरे कोई काम यहां आगे बढ़ने ही नहीं दिए। अब विष्णुदेव जी हैं तो वो काम भी मुझे पूरे करने हैं।

10 साल आपने मुझे देखा है, मैं लागातार आपके लिए दौड़ता रहता हूं कि नहीं दौड़ता हूं। काम करता रहता हूं कि नहीं करता रहता हूं। एक भी छुट्टी लिए बिना करता हूं कि नहीं करता हूं। भरपूर मेहनत करता हूं कि नहीं करता हूं। और सब आप ही के लिए कर रहा हूं न। मुझे बताइए आप ही के लिए कर रहा हूं न। मेरे लिए तो नहीं कर रहा हूं न। बाकी नेताओं को तो अपने बच्चों के लिए कुछ करना होता है। मोदी के लिए तो आप ही मेरा परिवार हैं। अब मुझे बताइए, आपलोग तो बहुत उदार हैं, बहुत आशीर्वाद देने वाले लोग हैं। और मैंने जब-जब आपसे आशीर्वाद मांगा, आपने कोई कमी नहीं रखी। लेकिन आज मैं आपसे आग्रह करने आया हूं। अगर मोदी आप कहते हैं इतना काम करता है, सबलोग। सोशल मीडिया में कहते हैं मोदी कितना काम करता है। अब मैं आपसे एक और बात कहना चाहता हूं। अब मोदी इतना सारा करता है, क्या आपको मोदी के लिए एक घंटा निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए। 7 मई को वोट देने के लिए, मोदी के लिए एक घंटा निकालोगे। जरा हाथ ऊपर करके बताओ निकालोगे। मोदी को वोट करोगे। पक्का करोगे। आपको जांजगीर-चंपा से हमारी छोटी बहन कमलेश जांगडे और रायगढ़ से हमारा छोटा भाई राधेश्याम राठिया जी को भारी मतों से जिताकर दिल्ली में मेरी मदद के लिए भेजना है। भेजेंगे। ये दोनों मेरे साथी, भारत को शक्तिशाली बनाने के लिए एक मजबूत सरकार बनाने के लिए दिल्ली में मेरा साथ देने वाले हैं। करेंगे? मुझे मां चंद्रहासिनी, अष्टभुजी मैया, शिवरीनारायण, गिरोधपुरी धाम, तुर्री धाम, दमाखेड़ा की कृपा, और आप जनता-जनार्दन के आशीर्वाद पर अटूट भरोसा है। इसी भरोसे के कारण ही छत्तीसगढ़ कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,

आज मेरा सौभाग्य है। आज यहां मंच पर मेरे साथ पूज्य आचार्य मेहत्तर राम जी रामनामी और माता सेत बाई रामनामी भी रूबरू हमें आशीर्वाद देने आए हैं। मेरे लिए तो खुशी है कि 22 जनवरी को अयोध्या में आकरके भी मुझे आशीर्वाद दिया था। रामनामी समाज, अपनी भक्ति, अपने भजन, श्रीराम के प्रति अपने समर्पण और प्रकृति प्रेम के लिए जाना जाता है। कहते हैं, रामनामी समाज के पूर्वजों ने डेढ़ सौ साल पहले ही बता दिया था कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कब होगी। मोदी को जिस मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा का सौभाग्य मिला। अयोध्या के जिस मंदिर की उम्मीद देश छोड़ चुका था, सबने मान लिया था, अब मामला खतम, नहीं होगा, उस उम्मीद को पूरा करने का काम भाजपा ने किया है। ये कमल वालों ने किया है। कांग्रेस के लोग हम पर तंज करते थे, हर चुनाव में हमें पूछा जाता था मंदिर कब बनेगा। कांग्रेस वाले तो आए-दिन गली मोहल्ले में अरे बताओ मंदिर कब बनेगा। और नारा देते थे - मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे। हमने उन्हें तारीख भी बताई, समय भी बताया, निमंत्रण भी भेजा, लेकिन कांग्रेस के सातवें आसमान के अहंकार ने वो अपने आप को राम से भी बड़ा मानते हैं। प्रभु राम से भी बड़ा मानते हैं, और उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का निमंत्रण ठुकरा दिया। हमारे ऐसे संतों का अपमान है कि नहीं है। माता शबरी का अपमान है कि नहीं है। और ये क्षेत्र तो माता शबरी का स्थान है, छत्तीसगढ़ तो प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। मैं आपसे पूछता हूं क्या ये छत्तीसगढ़ का अपमान नहीं है? ये छत्तीसगढ़ का अपमान है कि नहीं है? क्या ये माता शबरी का अपमान है कि नहीं है?

साथियों,

धर्म के नाम पर देश को बांटने वाली कांग्रेस आजादी के बाद भी, पहले दिन से तुष्टिकरण में लगी हुई थी। तुष्टिकरण, वोट बैंक की राजनीति कांग्रेस के DNA में है। तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस को दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों का हक भी छीनना पड़े तो वो एक सेकेंड नहीं लगाएंगे। जबकि भाजपा, सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चलने वाली पार्टी है। हमारी प्राथमिकता गरीब, युवा, महिला और किसानों का कल्याण है। कांग्रेस ने 60 साल तक देश में गरीबी हटाओ का नारा दिया और अपने नेताओं की तिजोरी भरती रही। लेकिन मोदी ने नारेबाजी नहीं की, मोदी ने आपसे नाता जोड़ा, नारा नहीं दिया और मोदी ने 10 वर्ष में 25 करोड़ देशवासियों को जो गरीबी में जिंदगी जीते थे, जो मुसीबत में जीते थे, जिनके सपने बचे नहीं थे। उन 25 करोड़ गरीबों को गरीबी से बाहर निकाला है।

साथियों,

गरीब कल्याण के लिए हमारी नीति भी सही है और उससे भी ज्यादा हमारी नीयत सही है। और जब नीयत सही होते हैं नतीजे भी सही मिलते हैं। और उसके कारण 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। हमारे पिछले 10 साल का ट्रैक रिकॉर्ड यही है। हम जो कहते हैं, उसको करने के लिए मेहनत करने में कोई कमी नहीं रखते। हर चुनौती को चुनौती देते हैं। और उसे पूरा करके रहते हैं। अब देखिए यहां हमारा धान का उदाहरण ले लो। पानी होने के बावजूद यहां का किसान कम फसल उगाता था। फसल कम इसलिए उगाता था क्योंकि खरीद कम होती थी, भाव कम मिलता था, ऊपर से पैसा समय पर नहीं मिलता था। लेकिन आपने देखा है, हमारे नए मुख्यमंत्री भाई विष्णु देव साय जी और उनकी पूरी टीम ने आते ही कमाल कर दिया है। 2 साल का बाकी बकाया था न वो भी आपके चरणों में सुपुर्द कर दिया। रिकॉर्ड MSP पर प्रति एकड़ रिकॉर्ड खरीद भी की गई है। 45 हज़ार करोड़ रुपए इतने कम समय में यहां धान किसानों को मिल चुके हैं। छत्तीसगढ़ में तेंदुपत्ता संग्राहकों को दी गारंटी भी पूरी हुई है। छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के भी 7 हज़ार करोड़ रुपए मिले हैं। और अब मोदी की गारंटी है कि ये पैसे ऐसे ही आगे भी किसानों को मिलता रहेगा।

साथियों,

भाजपा सरकार खेती में हमारी माताओं-बहनों की भागीदारी को भी कई गुणा बढ़ाने में जुटी है। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक खेती की लागत कम करने वाली है। और ये जो ड्रोन क्रांति आने वाली है, इसका नेतृत्व हमारी बहनें करेंगी, आदिवासी बहनें करेंगी। नमो ड्रोन दीदी योजना से बहनों को पहले ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दी जा रही है और सरकार उनको महंगे ड्रोन भी दे रही है। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना की देशभर में बहुत चर्चा है। यहां लाखों बहनों को हर महीने सीधी मदद पहुंच रही है। मोदी ने भी गारंटी दी है कि 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाएंगे। (बेटी आप कबसे ये फोटो लेकर खड़ी हो, थक जाओगी। क्या करना है, मुझे देना चाहती हो। मुझे देने के लिए लाई हो, भाई जरा लेकरके मेरे एसपीजी के लोगों को दे दीजिए। बेटा पीछे अपना नाम पता लिख देना। अपना नाम पता लिख देना, मैं तुम्हे चिट्ठी भेजूंगा। अच्छा इधर भी है। ये कौन है, किसने किया है। ये बहुत मेहरबान लोग हैं।) साथियों, ये जो नमो ड्रोन दीदी वाला मेरा अभियान है, इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी, वनधन केंद्रों से जुड़ी यहां की लाखों बहनों को सीधा लाभ होगा।

साथियों,

भाजपा सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है। यहां जांजगीर-चांपा में करीब पचास हजार परिवारों को पक्के घर मिले हैं। जांजगीर-चांपा में ही, करीब 2 लाख नल कनेक्शन दिए हैं। करीब 3 लाख बहनों को यहां सस्ते सिलेंडर वाला उज्जवला कनेक्शन मिला है। भाइयों और बहनों, मेरे लिए आप ही मेरा परिवार है। मेरा भारत, मेरा परिवार। परिवार के हर सुख-दुख की चिंता करना मेरा भी दायित्व है। इसलिए मैंने तय किया है कि मुफ्त राशन देने वाली योजना आने वाले 5 साल तक चलती रहेगी। आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की गारंटी यहां के लाखों परिवारों को मिल रही है। अब छत्तीसगढ़ के जितने भी परिवार हैं, उनमें जो भी बुजुर्ग हैं, 70 साल से ऊपर के जो भी लोग हैं। अब अगर आपके परिवार में 70 साल से ऊपर के माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची अगर कोई बीमार हो जाए। तो आप इलाज कराने में जरा भी कंजूसी मत करना। अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज करना, खर्चा आपका बेटा देगा।

भाइयों और बहनों,

2014 से पहले करीब 60 वर्ष तक कांग्रेस के एक ही परिवार ने सीधा या रिमोट से सरकार चलाई। कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि दलित-पिछड़े-आदिवासियों की भागीदारी बढ़े। 2014 में आपने अपने बीच से आए मोदी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। मैं आपलोगों के बीच निकला हुआ हूं। मैं गरीबी को जी करके आया हूं। जिन मुसीबतों को आपके माता-पिता ने झेला है न, वो मैंने भी झेली है। आज देखिए इसी के कारण भाजपा ने एक दलित परिवार के बेटे को देश का राष्ट्रपति बनाया। और कांग्रेस ने उनका विरोध किया। आजादी के इतने साल बाद भाजपा ने देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति देने का फैसला किया। अब मुझे बताइए कांग्रेस का क्या जाता था भाई। कांग्रेस ने स्वागत करना चाहिए था नहीं करना चाहिए था। कांग्रेस ने साथ देना चाहिए था कि नहीं देना चाहिए था। लेकिन आदिवासियों की घोऱ विरोधी कांग्रेस ने एक आदिवासी बेटी जब राष्ट्रपति बन रही थी, उनका भी विरोध किया और जीत गई तो अनाप-शनाप बोल करके उनका अपमान भी किया। यहां छत्तीसगढ़ में आपने भरोसा जताया तो हमने मेरे साथी अरुण साव जी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी। लेकिन कांग्रेस को गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों की सत्ता में ये भागीदारी पच नहीं रही।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस ने अब एक और बड़ा खेल शुरु कर दिया है। पहले कर्नाटका से कांग्रेस के सांसद ने कहा कि दक्षिण भारत को अलग देश घोषित कर देंगे। अब कांग्रेस के गोवा के उम्मीदवार कह रहे हैं कि गोवा पर भारत का संविधान लागू नहीं होता। वो साफ-साफ कह रहे हैं कि गोवा पर देश का संविधान थोपा गया और उन्होंने ये बातें कांग्रेस के शहज़ादे को बताई हैं। ये बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान है कि नहीं है। ये बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान है कि नहीं है। ये भारत के संविधान का अपमान है कि नहीं है। ये भारत के संविधान के साथ छेड़छाड़ है नहीं है। कांग्रेस का उम्मीदवार कह रहा है कि गोवा में संविधान नहीं चलेगा। ये जम्मू कश्मीर के लोग भी कहा करते थे। आपने मोदी को आशीर्वाद दिया आज उनकी बोलती बंद हो गई, और देश का संविधान वहां चल रहा है। बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान जो जम्मू-कश्मीर में नहीं चलता था वो भी लागू हो गया। भाइयों-बहनों कांग्रेस का उम्मीदवार कह रहा है कि उसने उनके नेता को कहा है। और ये सार्वजनिक करता है उसका मतलब, उस नेता ने उसको मूक सहमति दी है। ये सोची समझी चाल है देश को तोड़ने की। कांग्रेस को देश के एक बड़े हिस्से ने नकार दिया है। इसलिए वो देश में ही ऐसे टापू बनाना चाहती है। आज गोवा में संविधान को नकार रहे हैं, कल पूरे देश में बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को नकारने का पाप करेंगे। यही करेंगे।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस के पास ना देश के लिए कोई विजन है और ना ही गरीब कल्याण की उसे ABCD आती है। अब आप मुझे बताइए गरीब मां बेटा भी डॉक्टर बनना चाहे तो बनना चाहिए कि नहीं बनना चाहिए। गरीब मां बेटा इंजीनियर बनना चाहिए कि नहीं बनना चाहिए। गरीब मां बेटा साइंटिस्ट बनना चाहिए कि नहीं बनना चाहिए। लेकिन उन्होंने ऐसी स्थिति बनाई थी कि अगर आप अंग्रेजी नहीं पढ़े हैं तो डॉक्टर नहीं बन सकते, इंजीनियर नहीं बन सकते, साइंटिस्ट नहीं बन सकते। मोदी ने आकर तय कर दिया, अब गरीब मां का बेटा भी डॉक्टर बनेगा, वो अपनी मातृभाषा में पढ़ेगा। अंग्रेजी नहीं आएगी, गांव के स्कूल में पढ़कर आएगा, अगर डाक्टर बनना चाहता है तो वो बनेगा। ये काम हम करते हैं। मोदी आत्मनिर्भर भारत की बात करता है तो कांग्रेस कहती है ये तो मुद्दा ही नहीं है। यहां का कोसा, हमारा कोसा सिल्क दुनियाभर में छा जाए, मोदी इसके लिए समर्पित है। इसलिए मैं वोकल फॉर लोकल की बात करता हूं। यहां जो हमारे विश्वकर्मा साथी हैं, कांसे को शानदार कला में ढालते हैं, दूसरे शिल्प में जुटे हैं। ऐसे साथियों के लिए हमने 13 हजार करोड़ रुपए की विश्वकर्मा योजना बनाई है। हम ऐसे विश्वकर्मा साथियों को आर्थिक मदद दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जो सबसे पिछड़ी जनजातियां हैं, उनके लिए भी पीएम जनमन योजना बनाई है। इस योजना पर भी करीब 25 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन साथियों, गरीब सेवा के मोदी के इन प्रयासों पर यहां कांग्रेस वाले क्या कहते हैं? यहां कांग्रेस वाले कहते हैं- मोदी का सिर फोड़ देंगे। अरे जबतक मेरे देश की माताएं-बहनें बैठी हैं न कोई मोदी को कुछ नहीं कर सकता। ये माताएं-बहनें मेरा रक्षा कवच है। ये माताएं-बहनें मेरा रक्षा कवच है। कोई कुछ नहीं कर सकता है। अब ये कैसे लोग हैं, कांग्रेस के नेता ने पूरे मोदी समाज को गालियां दी थी। साहू समाज को गालियां दी थी। अब मोदी का सिर फोड़ने की बात करते हैं। ओबीसी समाज को गालियां दी थी। भाजपा ने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया...मेडिकल की पढ़ाई में आरक्षण दिया। गरीबों की संतानें भी डॉक्टर-इंजीनियर बन सकें, इसलिए मैंने मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई स्थानीय भाषा में भी शुरू करने का काम किया। लेकिन यहां कांग्रेस के एक नेता कहते हैं कि मोदी मर जाए। अब बताइए माला जप रहे, जहां 140 करोड़ लगों का आशीर्वाद होता है न वहां मौत को भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।

साथियों,

ये जो बौखलाहट है, ये मोदी से नहीं है, ये आपके एक वोट की ताकत है न इसलिए ये कांप रहे हैं। ये महादेव घोटाले, शराब घोटाले, भर्ती घोटाले में चल रही तेज़ जांच की बौखलाहट है। मैं कहता हूं भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं भ्रष्टाचारी बचाओ। ये कितनी भी गालियां दें, धमकियां दें, सर फोड़ने की बातें करें, मारने-मरने की बातें करें, जब तक आपका सुरक्षा कवच है, छत्तीसगढ़ महतारी का आशीर्वाद है, ये मोदी का कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। और साथियों, आपने देखा होगा पिछले 30 साल जब भी चुनाव आता है तो एक ही घिसी पिटी टेप रिकार्ड बजाते रहते हैं...कानों-कानों में कहते रहते, देखो भाजपा वाले आएंगे संविधान खतम कर देंगे। भाजपा वाले आएंगे आरक्षण खतम कर देंगे। अरे कितने दिन झूठ चलाते रहोगे। मेरे शब्द लिख के रखिए, मोदी तो छोड़िए, भाजपा तो छोड़िए, अरे खुद बाबासाहेब अंबेडकर भी आकरके के कहे न तो भी होने वाला नहीं है। कोई संविधान बदल नहीं सकता है। और मेरी एक बात याद रखेंगे? इंडी गठबंधन को दिया आपका वोट केंद्र में सरकार नहीं बना सकता। BJP-NDA को दिया आपका वोट विकसित भारत बनाएगा। इसलिए, आपको हर बूथ पर कमल खिलाना है। कमल खिलाएंगे? घर-घर जाएंगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे। पोलिंग बूथ जीतेंगे। अच्छा मेरा एक काम करेंगे। मेरा काम करेंगे। जरा हाथ ऊपर करके बताओ न करेंगे। देखिए घर-घर जाना और कहना मोदी जी आए थे, मोदी जी ने जोहार कहा है, मोदी जी ने राम-राम कहा है। कह देंगे।

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!