Poorvanchal Expressway would transform the towns and cities that it passes through: PM Modi
Connectivity is necessary for development: PM Narendra Modi
Sabka Saath, Sabka Vikaas is our mantra; our focus is on balanced development: PM
PM Modi slams opposition for obstructing the law on Triple Talaq from being passed in the Parliament

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्रीमान राम नायक जी , मुख्यमंत्री, यशश्वी, तेजस्वी, परिश्रमी, श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, हमेशा मुस्कराने का जीनका स्वभाव है वैसे मेरे साथी उप-मुख्यमंत्री श्रीमान केशव प्रसाद मौर्या जी,औद्योगिक विकास मंत्री श्रीमान सतीश महाना जी, राज्य सरकार में मंत्री भाई श्री दारा सिंह जी, संसद में मेरे साथी और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान महेन्द्र नाथ पांडेय जी, संसद में हमारी साथी बहन नीलम सोनकर जी, विधायक भाई श्री अरुण जी और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों  और बहनों।    

ऋषि मुनियों की तपभूमि और साहित्‍य जगत को अनेक मनीषी देने वाली आजमगढ़ की इस भूमि को मैं नमन करता हूं। आज उत्‍तर प्रदेश के विकास में एक नया अध्‍याय जुड़ने की शुरूआत हुई है। पूर्वी भारत में पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के एक बड़े क्षेत्र में विकास की एक नई गंगा बहेगी। यह गंगा पूर्वांचल एक्‍सप्रेसवे के तौर पर आपको मिलने जा रही है और जिसका शिलान्‍यास करने का हमें अवसर मिला है।

साथियों उत्‍तर प्रदेश का इस तरह विकास हो, तेज गति से विकास हो, जो इलाके पिछड़े  हैं, उन्‍हें ज्‍यादा ऊर्जा लगाकर दूसरों  के बराबर लाया जाए, इस दिशा में काम करने फैसला यह उत्‍तर प्रदेश की जनता-जनार्दन का है, आपका है, हम तो सेवक के रूप में उसका पालन कर रहे हैं। चार वर्ष पूर्व उत्‍तर प्रदेश ने भारतीय जनता पार्टी को भरपूर आशीर्वाद देकर केंद्र सरकार में कार्य करने की जिम्‍मेदारी दी। मुझे काशी से चुना और पिछले वर्ष आपने विकास की गति को दोगुना करने वाला ऐतिहासिक फैसला किया। पिछले एक वर्ष में जिस तरह से योगी आदित्यनाथ  जी की कमान में कार्य किया गया है, वह अभूतपूर्व है। बड़े-बड़े अपराधियों की स्थिति क्‍या है यह आपको भलीभांति पता है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने उत्‍तर प्रदेश में विकास का उत्‍तम वातावरण बनाने का प्रयास किया है। अपराध पर नियंत्रण लगाकर, भ्रष्‍टाचार पर नियंत्रण लगाकर योगी जी ने बड़े से बड़ा निवेश लाने और छोटे से छोटे उद्यमी के लिए व्‍यापार को सुलभ बनाने का काम किया है। किसान हो या नौजवान हो, महिलाएं  हो या पीडि़त, शोषित, वंचित वर्ग हो, सभी के उत्‍थान के लिए संकल्‍पबद्ध होकर योगी जी की सरकार आपकी सेवा में डूबी हुई है। पहले के दस वर्षों में उत्‍तर प्रदेश की जिस तरह की पहचान बन गई थी, वो पहचान अब बदलनी शुरू हो चुकी है। अब जनता का पैसा जनता के भलाई के लिए खर्च हो रहा है। एक-एक पाई को ईमानदारी के साथ खर्च किया जा रहा है। यह बदली हुई कार्य संस्‍कृति उत्‍तर प्रदेश को नई ऊंचाईयों पर ले करके जाएगी।

भाईयों और बहनों, पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे पूरे यूपी, विशेषतौर पर पूर्वी उत्‍तर प्रदेश की आशाओं और अकांक्षाओं को नई बुलंदियां देने वाला है। पूर्वांचल एक्‍सप्रेस वे पर 23 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा खर्च किए जाएंगे। लखनऊ से लेकर गाजीपुर के बीच 340 किलोमीटर के रास्‍ते में जितने भी शहर, कस्‍बे और गांव आएंगे, वहां की तस्‍वीर बदलने जा रही है। इतना ही नहीं ,इस सड़क के बनने के बाद दिल्‍ली से गाजीपुर की दूरी भी कई घंटे कम हो जाएगी और वो घंटों तक लगने वाला जाम, वो बर्बाद हो रहा पेट्रोल और डीजल, वो पर्यावरण को नुकसान यह सारी बातें एक्‍सकप्रेस वे बनने के बाद बीते हुए कल की बात बन जाएगी। और सबसे बड़ी बात कि क्षेत्र के लोगों का समय बच जाएगा और यह बहुत बड़ी बात होती है। यहां का किसान हो, पशुपालक हो, मेरा बुनकर भाई हो, मिट्टी के बर्तनों का काम करने वाला हो, हर किसी के जीवन को यह एक्‍सप्रेसवे नई दिशा देने वाला है, नई गति देने वाला है। इस रोड़ के बन जाने से पूर्वांचल के किसान भाईयों-बहनों का अनाज, फल, सब्‍जी, दूध कम समय में दिल्‍ली की मंडियों तक पहुंच पाएगा। एक प्रकार से industrial corridor के रूप में विकसित होगा। इस पूरे एक्‍सप्रेसवे के इर्द-गिर्द नये उद्योग विकसित होंगे। भविष्‍य में यहां शिक्षण, प्रशिक्षण संस्‍थान, Industrial Training Institute, Medical Institute जैसे तमाम संस्‍थाओं की संभावना मैं देख रहा हूं। इसके अलावा एक और चीज बढ़ेगी और वो है पर्यटन, tourism. इस क्षेत्र में जो हमारे महत्‍वपूर्ण पौराणिक स्‍थान है, भगवान राम से जुड़े हुए हैं, हमारे ऋषि-मुनियों से जुड़े हुए हैं, उनका अब अधिक प्रचार-प्रसार हो पाएगा। इससे यहां के युवाओं को अपने पारंपरिक कामकाज के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर भी उपलब्‍ध होंगे।

साथियों, मुझे यह भी बताया गया है कि आने वाले में समय गोरखपुर  को भी एक एक्‍सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा बुंदेलखंड में भी ऐसा ही एकसप्रेसवे बनाने का निर्णय यहां की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है। यह सारे प्रयास उत्‍तर प्रदेश में connectivity को नये स्‍तर पर ले जाएंगे। 21वीं सदी में विकास की बुनियादी शर्त होती है connectivity। जैसे-जैसे किसी भी इलाके में connectivity बढ़ती है, वहां पर पूरा ecosystem खुद विकसित होने लगता है। Connectivity से रोजगार के नये अवसर पैदा करना, कारोबार को आसान करना और देश के किसान, गरीब, वंचित, शोषित, पिछड़ों का जीवन स्‍तर ऊपर उठाने का निरंतर प्रयास चल रहा है।

भाईयों और बहनों, जब आपकी नीयत काम करने की हो और लक्ष्‍य विकास हो, तो काम की गति अपने आप बढ़ जाती है। फाइलों को फिर इंतजार नहीं करना पड़ा कि किसी की सिफारिश लगे और तब जा करके फाइल बढ़े। यही वजह है कि बीते चार वर्षों में उत्‍तर प्रदेश में नेशनल हाइवे का नेटवर्क लगभग दोगुना हो चुका है। 2014 से पहले जितनी लम्‍बाई के नेशनल हाईवे थे, जितनी संख्‍या में नेशनल हाईवे थे, अब उससे दोगुने हो चुके हैं। सोचिये, आजादी के बाद जितना काम हुआ, उतना सिर्फ चार साल में भाजपा की सरकार ने करके दिखाया है। अब यहां योगी जी की सरकार बनने के बाद गति और बढ़ गई है। उत्‍तर प्रदेश में सिर्फ हाईवे ही नहीं, बल्कि वाटर-वे और एयर-वे पर भी काम तेजी से चल रहा है। गंगा जी में बनारस से ह‍लदिया तक चलने वाले जहाज जिस पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और आगे ले जाएंगे। इसके अलावा हवाई कनेक्टिविटी पर भी विशेष बल दिया जा रहा है और मैंने हमेशा सपना देखा है, हवाई चप्‍पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में उड़ सके इसे ध्‍यान में रखते हुए सरकार उड़ान योजना को तेज गति से आगे बढ़ा रही है। इस योजना के माध्‍यम से छोटे शहरों को हवाई connectivity से जोड़ा जा रहा है। उत्‍तर प्रदेश के भी 12 एयरपोर्ट इसी योजना के तहत विकसित किये जा रहे हैं। इसके अलावा कुशी नगर में और जेवर में इंटरनेशनल हवाई अड्डों के काम को भी गति दी गई है।

भाईयों और बहनों, मोदी हो या योगी आप ही लोग हमारा परिवार हैं। आपके सपने यही हमारे सपने हैं। हम गरीब और मध्‍यम वर्ग की आशा-आकांक्षाओं से जुड़े हुए हैं, इसलिए जब उड़ान योजना के तहत किरायों की बात आई तो यह सुनिश्‍चित किया गया कि एक घंटे तक का सफर करने के लिए ढाई हजार रुपये से ज्‍यादा न खर्च करना पड़े। आज इसी का नतीजा है कि पिछले साल जितने लोगों ने ट्रेन के एसी कोच में सफर किया, उससे अधिक लोगों ने हवाई जहाज में यात्रा की। साथियों , पहले की सरकारों की नीतियां ऐसी रही कि देश का यह हिस्‍सा यह हमारा पूर्वी भारत, यह हमारा उत्‍तर प्रदेश का पूर्वी उत्‍तर प्रदेश हमेशा विकास की दौड़ में पीछे रहा है, जबकि मैंने मानता हूं कि पूर्वी भारत में देश के विकास को कई गुना तेज करने की क्षमता है, पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में भी वैसी ही क्षमता है। यहां के नौजवान अब दूसरे राज्‍यों में जा करके अपना लोहा मनवा सकते हैं, तो जब उन्‍हें यहीं पर सही अवसर मिल जाए तो निश्चित तौर पर वो पूरे क्षेत्र का कायाकल्‍प कर सकते हैं।

साथियों जब तक पूर्व में विकास का सूर्य नहीं उगेगा, तब तक न्‍यू इंडिया की चमक फीकी रह जाएगी। और इसलिए बीते चार वर्षों में पूर्वांचल, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, नॉर्थ ईस्‍ट इन क्षेत्रों में रोड़, रेल, एयरपोर्ट से जुड़े अनेक प्रोजेक्‍ट स्‍वीकृत किए गए। देश के इस पूर्वी हिस्‍से को एक प्रकार से विकास का नया corridor बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। यहां पर नये मेडिकल कॉलेज एम्‍स, बंद पड़े खाद के कारखानों को खोलने का काम किया जा रहा है। साथियों यह जो भी कार्य है, वो इस क्षेत्र के संतुलित विकास को बढ़ावा देंगे। बिना किसी भेदभाव 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। सबको सामान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिले, सबका संतुलित विकास हो। हमारी सरकार गांवों को विकास का केंद्र बिंदु बनाने के लिए काम कर रही है। देश की हर बड़ी पंचायत को ऑपटिकल फाइबर से जोड़ने का कार्य तेज गति से चल रहा है। अब तक एक लाख से ज्‍यादा पंचायतों को इससे जोड़ा भी जा चुका है। लगभग तीन लाख common service centre गांव और गरीब के सशक्‍तीकरण का उनका जीवन आसान बनाने का बहुत बड़ा काम कर रहे हैं। इसके अलावा गांवों में डेढ़ लाख से ज्‍यादा आरोग्‍य के लिए लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता करने के लिए डेढ़ लाख से ज्‍यादा wellness centre भी बनाए जा रहे हैं।

साथियों, पिछले चार साल में 'प्रधानमंत्री आवास योजना' और पुरानी आवास योजनाओं को पूरा करके गांव के गरीबों के लिए एक करोड़ से ज्‍यादा घरों का निर्माण किया गया है। 'प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना' के तहत देश के हर गांवों को जोड़ने का कार्य भी अब आखिरी चरण में चल रहा है। भाईयों और बहनों देश और गांवों में स्‍वराज्‍य का यही सपना पूज्य महात्‍मा गांधी ने देखा था, बाबा साहेब अम्‍बेडकर ने देखा था, पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय जी ने देखा था, डॉक्‍टर राम मनोहर लोहिया जी ने देखा था। यह नई बन रही व्‍यवस्‍थाएं सबके लिए हैं, सबका भला करने के लिए हैं। लेकिन दुर्भाग्‍य से समता और समानता की बातें करने वाले कुछ राजनीतिक दलों ने बाबा साहेब और राममनोहर लोहिया जी के नाम पर सिर्फ राजनीति करने का काम किया। साथियों मैं आजमगढ़ के लोगों से जानना चाहता हूं क्‍या पहले की सरकारों के समय जिस तरह का विकास यहां पर हुआ है क्‍या आप कल्‍पना कर सकते हैं? उन कार्यकलापों ने आपका भला किया है? क्‍या आजमगढ़ का और विकास नहीं होना चाहिए था? क्‍या जिन लोगों पर आजमगढ़ और इस क्षेत्र के लोगों ने भरोसा किया उन्‍होंने आपका भरोसा कुचलने का काम किया है कि नहीं किया है? सच्‍चाई यह है कि इन दलों ने जनता और गरीब का भला नहीं सिर्फ और सिर्फ अपना और अपने परिवार के सदस्‍यों का भला किया है। वोट गरीब से मांगे, वोट दलित से मांगे, वोट पिछड़ों से मांगे, उनके नाम पर सरकार बनाकर उन्‍होंने अपनी तिजोरियां  भर ली इसके सिवा कुछ नहीं किया। आजकल तो आप खुद देख रहे हैं कि जो कभी एक-दूसरे को देखना नहीं चाहते थे, पसंद नहीं करते थे, वो अब एकसाथ। सुबह-शाम जब भी मिलो - मोदी, मोदी, मोदी।  भाईयों और बहनों , अपने स्‍वार्थ के लिए यह जितने जमानत पर हैं, वे मिल करके सभी परिवारवादी पार्टियां, ये सारे लोग कुनबे देख लीजिए, यह परिवार वाली पार्टियां हैं, यह सारी परिवार वाली पार्टियां मिल करके अब आपके विकास को रोकने पर तुले हुए हैं। आपको सशक्‍त होने से रोकना चाहते हैं। उन्‍हें पता है कि अगर गरीब, किसान, दलित, पिछड़े यह अगर सशक्‍त हो गए तो उनकी दुकानें हमेशा के लिए बंद हो जाएगी।

भाईयों-बहनों, इन सारे दलों की पोल तो तीन तलाक पर इनके रवैये ने भी खोल दी है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए प्रयास कर रही है, वहीँ यह सारे दल मिल करके महिलाओं और विशेषकर मुस्लिम बहन-बेटियों के जीवन को और संकट में डालने का काम कर रहे हैं। लाखों-करोड़ों मुस्लिम बहन-बेटियों की हमेशा मांग थी कि तीन तलाक को बंद कराया जाए और दुनिया के इस्‍लामिक राष्‍ट्रों में भी तीन तलाक की प्रथा पर रोक लगी हुई है। मैंने अखबार में पढ़ा कांग्रेस पार्टी के अध्‍यक्ष श्रीमान नामदार ने यह कहा कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है। पिछले दो दिन से चर्चा चल रही है, मुझे आश्‍चर्य नहीं हो रहा है, क्‍योंकि पहले जब मनमोहन जी की सरकार थी तो स्‍वयं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने कह दिया था कि देश के प्राकृतिक संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार मुसलमानों का है। यह कह चुके थे। लेकिन मैं कांग्रेस पार्टी के यह नामदार से पूछना चाहता हूं आप कांग्रेस पार्टी मुस्लिमों की पार्टी है, आपको ठीक लगे, आपको मुबारक, लेकिन यह तो बताइये कि मुसलमानों की पार्टी सिर्फ पुरूषों की ही है या महिलाओं की भी है? क्‍या मुस्लिम महिलाओं के लिए भी इज्‍जत के लिए, सम्‍मान के लिए, गौरव के लिए, उनके हक के लिए कोई जगह है क्‍या? पार्लियामेंट में कानून रोक करके बैठ जाते हैं, हो-हल्‍ला करते हैं, पार्लियामेंट चलने नहीं देते। मैं यह परिवारवादी पार्टियां, यह मोदी को हटाने के लिए मैदान में दिन-रात एक करने वाली पार्टियों को कहना चाहता हूं, अभी पार्लियामेंट शुरू होने में चार-पांच दिन बाकी है। जरा आप उन तलाक के कारण पीडि़त मुस्लिम महिलाओं को जरा मिल करके आइये, हलाला के कारण परेशान उन मां-बहनों को मिल करके आइये, उनसे पूछ करके आइये और फिर पार्लियामेंट में आप अपनी बात बताइये।

भाईयो-बहनों ,21वीं सदी में ऐसे राजनीतिक दल जो 18वीं शताब्‍दी में गुजारा कर रहे हैं वो मोदी को हटाने के नारे दे सकते हैं, देश का भला नहीं कर सकते हैं भाईयों-बहनों। जब भाजपा सरकार ने संसद में कानून ला करके मुस्लिम बहन-बेटियों को अधिकार देने की कोशिश की, वे अब उसमें भी रोड़े अटका रहे हैं। यह चाहते हैं तीन तलाक होता रहे, मुस्लिम बहन-बेटियों का जीवन नरक बना रहे, लेकिन मैं विश्‍वास दिलाता हूं कि मैं इन राजनीतिक दलों को समझाने के लिए पूरी कौशिश करूंगा, उनको समझा करके हमारी बहन-बेटियों के अधिकार दिलाने के लिए उनको साथ लाने की कोशिश करूंगा, ताकि हमारी मुस्लिम बेटियों को जो तीन तलाक के कारण परेशानियां हो रही है उससे मुक्ति मिले।

भाईयों-बहनों, ऐसे नेताओं से, ऐसे दलों से सावधान रहने की जरूरत है। अपने स्‍वार्थ में डूबे ये लोग सबका भला नहीं सोचते। राष्‍ट्र का भला नहीं सोच सकते। वहीं दूसरी तरफ केंद्र की जो सरकार है, यूपी की जो भाजपा की सरकार है, उसके लिए देश ही परिवार है, देश ही सर्वोपरि है, सवा सौ करोड़ देशवासी हमारा परिवार है। किसान हो, गरीब हो, वंचित हो, शोषित हो, पिछड़ों का जीवन सरल और सुगम कैसे बने इसके लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। जनधन योजना के तहत उत्‍तर प्रदेश में लगभग पांच करोड़ गरीबों के बैंक के खाते खुले। लकड़ी के धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए 80 लाख से ज्‍यादा महिलाओं को मुफ्त में गैस सिलेंडर दिया गया।  सिर्फ एक रुपया महीना और 90 पैसे प्रति दिन की प्रीमियम पर एक करोड़ 60 लाख से ज्‍यादा गरीबों को सुरक्षा कवच दिया गया। अब आयुष्‍मान भारत के तहत सरकार की तैयारी हर गरीब परिवार को सालभर में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त ईलाज सुनिश्चित करने की है। अभी हाल ही में सरकार ने किसानों से किया अपना वादा पूरा किया। सरकार द्वारा खरीफ़  की 14 फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य एमएसपी में बहुत बड़ी बढ़ोतरी की गई है। धान हो, मक्‍का, ज्‍वार, बाजारा, तूर, उड़द, मूंग, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल इनके समर्थन मूल्‍य में दो सौ रुपये से ले करके 1800 रुपये तक की वृद्धि की गई है। कई फसलों में तो लागत का सौ प्रतिशत यानि दो गुना तक मूल्‍य मिलना तय किया।

साथियों हमारी सरकार देश की, देश के नागरिकों की आवश्‍यकता को समझते हुए योजनाएं बना रही है, फैसले ले रही है। ऐसे फैसले जिनका वर्षों से इंतजार था, जिन्‍हें पहले की सरकारें सिर्फ फाइलों में घूमाती रही, उन फैसलों को लेने का काम भी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्‍व में एनडीए की सरकार कर रही है। आपकी हर जरूरत के प्रति यह सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। यहां इस क्षेत्र में बनारसी साड़ी के कारोबार से जुड़े बुनकर भाई-बहन भी तो अच्‍छी तरह समझ ले उन्‍हें तो पिछली सरकारों ने भुला दिया, जबकि यह सरकार उनके लिए आधुनिक मशीनों, कम ब्‍याज पर कर्ज से ले करके नये बाजार बनाने तक का काम  कर रही है। बनारस में trade facilitation centre तो पिछले साल ही शुरू हो चुका है। यह centre आप सभी बुनकर और शिल्‍पकारों के लिए नई उम्‍मीद बन करके आया है। इससे हस्‍त शिल्‍पी और हाथ से बने कालीनों को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं योगी जी की सरकार ने taxtile sector के लिए भी नई नीति बनाई है। यहां जो भी उत्‍पादन होता है, उसका प्रचार-प्रसार और बाजार दिलाने  के लिए one district one product scheme पर काम किया जा रहा है।

भाईयों-बहनों, यहां की काली मिट्टी की कला तो अपने आप मे अनूठी है। मैं योगी जी और इनकी टीम को बधाई दूंगा जो उन्‍होंने हाल में जो माटी कला बोर्ड बनाने का फैसला लिया है, वो सराहनीय है। इससे न सिर्फ लाखों नये रोजगार सृजित होंगे, बल्कि एक कला भी जीवित रहेगी।

साथियों जब जनहित और राष्‍ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाता है, जब गरीब की चिंता रखते हुए उसके जीवन को सरल और सुगम बनाने के लक्ष्‍य  पर काम किया जाता है, तब इस तरह के फैसले होते हैं। वरना सिर्फ कागजों में योजना बनते  और भाषणों में शिलान्‍यास होते, वो आप भलीभांति जानते हैं, आपने उसे देखा है। उत्‍तर प्रदेश और देश अब उस कार्य संस्‍कृति से आगे बढ़ चुका है।

पूर्वांचल के, यूपी के आप सभी भाई-बहनों को इस आधुनिक एक्‍सप्रेसवे का काम शुरू होने पर फिर से एक बार बहुत-बहुत बधाई के साथ आपको अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आप इतनी बड़ी भरी संख्‍या में, इतनी गर्मी में ,यह जन सैलाब यह अपने आप में आपके प्‍यार का प्रतीक है। आप आशीर्वाद देने आएं, मैं हृदय से आपका बहुत-बहुत धन्‍यवाद करता हूं।

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नमस्कार साथियों!

कल राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ का लेखा-जोखा था और 140 करोड़ देशवासी और उसमें भी ज्यादातर युवा, उनके एस्पिरेशन को रेखांकित करने का बहुत ही सटीक उद्बोधन, सभी सांसदों के लिए कई मार्गदर्शक बातें भी, कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सदन में सबके सामने रखी हैं। सत्र के प्रारंभ में ही और 2026 के प्रारंभ में ही, आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में राष्ट्र के मुखिया के रूप में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि सभी माननीय सांसदों ने उसको गंभीरता से लिया ही होगा और यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है, 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, यह दूसरी चौथाई का प्रारंभ हो रहा है, और 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है और यह दूसरे क्वार्टर का, इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का यह पहला बजट आ रहा है और वित्त मंत्री निर्मला जी, देश की पहली वित्त मंत्री ऐसी हैं, महिला वित्त मंत्री ऐसी हैं, जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में रजिस्टर हो रहा है।

साथियों,

इस वर्ष का प्रारंभ बहुत ही पॉजिटिव नोट के साथ शुरू हुआ है। आत्मविश्वास से भरा हिंदुस्तान आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है, आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय यूनियन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है, उसकी एक झलक है। यह फ्री ट्रेड फॉर एंबिशियस भारत है, यह फ्री ट्रेड फॉर एस्पिरेशनल यूथ है, यह फ्री ट्रेड फॉर आत्मनिर्भर भारत है और मुझे पक्का विश्वास है, खास करके जो भारत के मैन्युफैक्चरर्स हैं, वे इस अवसर को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। और मैं सभी प्रकार के उत्पादकों से यही कहूंगा कि जब भारत यूरोपियन यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स जिसको कहते हैं, वैसा समझौता हुआ है तब, मेरे देश के उद्योगकार, मेरे देश के मैन्युफैक्चरर्स, अब तो बहुत बड़ा बाजार खुल गया, अब बहुत सस्ते में हमारा माल पहुंच जाएगा, इतने भाव से वो बैठे ना रहे, यह एक अवसर है, और इस अवसर का सबसे पहले मंत्र यह होता है, कि हम क्वालिटी पर बल दें, हम अब जब बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के बाजार में जाएं और अगर उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के जाते हैं, तो हम यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के खरीदारों से पैसे ही कमाते हैं इतना ही नहीं, क्वालिटी के कारण से उनका दिल जीत लेते हैं, और वो लंबे अरसे तक प्रभाव रहता है उसका, दशकों तक उसका प्रभाव रहता है। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को प्रस्थापित कर देता है और इसलिए 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता, हमारे देश के मछुआरे, हमारे देश के किसान, हमारे देश के युवा, सर्विस सेक्टर में जो लोग विश्व में अलग-अलग जगह पर जाने के उत्सुक हैं, उनके लिए बहुत बड़े अवसर लेकर के आ रहा है। और मुझे पक्का विश्वास है, एक प्रकार से कॉन्फिडेंस कॉम्पिटेटिव और प्रोडक्टिव भारत की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है।

साथियों,

देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की यह पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। और अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं, बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं, इस रिफॉर्म एक्सप्रेसवे को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति को लगा रहे हैं और उसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को भी लगातार गति मिल रही है। देश लॉन्ग टर्म पेंडिंग प्रॉब्लम अब उससे निकल करके, लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर मजबूती के साथ कदम रख रहा है। और जब लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस होते हैं, तब predictivity होती है, जो विश्व में एक भरोसा पैदा करती है! हमारे हर निर्णय में राष्ट्र की प्रगति यह हमारा लक्ष्य है, लेकिन हमारे सारे निर्णय ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हमारी भूमिका, हमारी योजनाएं, ह्यूमन सेंट्रिक है। हम टेक्नोलॉजी के साथ स्पर्धा भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी को आत्मसात भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को स्वीकार भी करेंगे, लेकिन उसके साथ-साथ हम मानव केंद्रीय व्यवस्था को जरा भी कम नहीं आकेंगे, हम संवेदनशीलताओं की महत्वता को समझते हुए टेक्नोलॉजी की जुगलबंदी के साथ आगे बढ़ने के व्यू के साथ आगे सोचेंगे। जो हमारे टिकाकार रहते हैं साथी, हमारे प्रति पसंद ना पसंद का रवैया रहता है और लोकतंत्र में बहुत स्वाभाविक है, लेकिन एक बात हर कोई कहता है, कि इस सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजनाओं को फाइलों तक नहीं, उसे लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। और यही हमारी जो परंपरा है, उसको हम आने वाले दिनों में रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म के साथ आगे बढ़ाने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और भारत की डेमोग्राफी, आज दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है, तब इस लोकतंत्र के मंदिर में हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें, हमारे सामर्थ्य का, हमारे लोकतंत्र के प्रति समर्पण का, लोकतंत्र की प्रक्रियाओं के द्वारा हुए निर्णय का सम्मान करने का यह अवसर है, और विश्व इसका जरूर स्वागत भी करता है, स्वीकार भी करता है। आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान के माध्यम से रोते बैठने का नहीं है, आज हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णयों का कालखंड है। मैं सभी माननीय सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे आएं, राष्ट्र के लिए आवश्यक समाधानों के दौर को हम गति दें, निर्णयों को हम शक्ति दें और लास्ट माइल डिलीवरी में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ें, साथियों आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।