Shri Modi addresses BJP Karyakarta Sammelan in Kolkata

Published By : Admin | April 9, 2013 | 16:44 IST

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण और जुस्से से भरे हुए कार्यकर्ता भाइयों और बहनों..! ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे उस एतिहासिक भवन में आकर के आपके बीच बातचीत करने का अवसर मिला है, जिस भवन की स्मृतियाँ गुरूदेव के साथ, सुभाष बाबू के साथ जुड़ी हुई हैं और उसके कारण एक अलग प्रकार के वाइब्रेशन की अनुभूति होती है, जब इन महापुरूषों का स्मरण करते हैं। ऐसे अनेक महापुरूष जिन्होंने देश के लिए जीवन खपा दिया और बंगाल ने त्याग और तपस्या के क्षेत्र में एक बहुत ऊंची मिसाल कायम की है। रामकृष्ण परमहंस की धरती, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की धरती, स्वामी विवेकानंद जी की धरती, अनेक तपस्वी, तेजस्वी महापुरूषों की धरती... इस धरती को मैं नमन करता हूँ..! 15 अप्रैल को आप नववर्ष मनाने जा रहे हैं। आपके नववर्ष के लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं..! और इस नववर्ष से आने वाले नववर्ष तक आपको इतनी ताकत मिले, आपको इतना जन समर्थन मिले, आपके शब्दों का इतना सामर्थ्य बढ़े, आपके परिश्रम की इतनी पराकाष्ठा हो कि शासक कोई भी क्यों ना हो, आपकी बात सुनने के लिए मजबूर हो। ये सामर्थ्य आपको प्राप्त हो, ऐसी मैं आप सबको शुभकामना देता हूँ..!

भाइयों-बहनों, आप जानते हैं कि मैं वर्षों तक संगठन के कार्य से जुड़ा था। संगठन के कार्य हेतु अनेक बार पश्चिम बंगाल का भी प्रवास किया था। कार्यकर्ताओं के साथ घंटों तक बातें करने का मुझे अवसर मिलता था। देश भर में संगठन के कार्य के लिए भ्रमण करने का सौभाग्य मिला था। अब दायित्व बदल गया और उसके कारण मैं गुजरात में अपनी शक्ति और समय लगा रहा हूँ। लेकिन जब भी मैं गुजरात के कार्यकर्ताओं से बात करता हूँ, तो मैं हमेशा उन प्रदेशों के कार्यकर्ताओं का जिक्र करता हूँ जिन प्रदेशों में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को इतने कष्ट झेलने पड़ते हैं। राजनैतिक प्रतिस्पर्धी दुश्मन की तरह उनके साथ व्यवहार करते हैं। लोकतंत्र के नियमों का कोई पालन ना करते हुए, विपक्ष को खत्म कैसे करना है उसी का षडयंत्र करते रहते हैं। और उसके बावजूद भी सीने पर अनेक वार झेलते हुए, भारत माता का जयकार करते हुए, सालों से कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन खपा दिए। उनके अपने परिवारों को खपा दिया है। और उन कार्यकर्ताओं की श्रेणी में चाहे केरल हो, चाहे नार्थ ईस्ट के प्रदेश हों, चाहे कश्मीर की धरती हो, या फिर चाहे वो मेरा बंगाल हो... ये सब कार्यकर्ता देशभर के कार्यकर्ताओं की प्रेरणा होते हैं..! आपको लगता होगा कि गुजरात में तीन बार विजयी हो गए तो नरेन्द्र मोदी कुछ बन गए। मित्रों, हम गुजरात के कार्यकर्ता आज भी आपके तप और तपस्या का स्मरण करके दौड़ने की ताकत पाते हैं। आपसे हमें प्रेरणा मिलती है क्योंकि आपके सामने कई वर्षों तक दूर-दूर तक सत्ता नजर नहीं आई है। जमानत बच जाए तो भी बहुत है, ये पता होने के बाद भी एक विचार के लिए, एक आदर्श के लिए, माँ भारती के कल्याण के इस यज्ञ में कुछ आहूति देने के लिए दो-दो चार-चार पीढ़ी खप गई..! आपका ये त्याग और तपश्चर्या, मेरे बंगाल के कार्यकर्ताओं का ये पसीना कभी ना कभी तो रंग लाएगा..! मुझे विश्वास है मित्रों, एक ऐसा समय आएगा, जब चारों तरफ से निराश हुआ बंगाल का नागरिक आपको सीने से लगाएगा, आपको सिर-आंखों पर बैठाएगा। ये बंगाल की भूमि है, जो बराबर तराशती है और एक बार तराशने का मार्ग स्वीकार किया तो लंबे अर्से तक आपको अवसर भी देती है। इस भूमि की ये विशेषता है।

भाइयों-बहनों, राजनीति का रूप बदल चुका है। आज से दस साल पहले राजनीति जिस ढंग से चल रही थी, अब उस ढंग से राजनीति करना किसी के बस का रोग नहीं है। आज हिन्दुस्तान में कोई भी नेता हो, कोई भी दल हो, कोई भी विचार हो, किसी भी प्रकार के आचार हो लेकिन सबको, चाहते हुए या ना चाहते हुए, विकास की बात करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जनता जर्नादन के सामने जा कर के विकास के मुद्दों पर विश्वास पैदा करने की कोशिश करनी पड़ती है। और भाइयों-बहनों, मैं आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में एक बड़े संतोष के साथ अपने साथियों के सामने सिर झुकाकर कहना चाहता हूँ कि हिन्दूस्तान की राजनीति में ये मूलभूत परिवर्तन लाने का यश अगर किसी को जाता है, तो वो गुजरात की धरती को जाता है। विकास के मुद्दे पर राजनीति हो सकती है। सामान्य मानवी शासन क्यों बनाता है, सरकार किसके लिए होती है..? कोई अमीर बीमार हो जाए तो उसको सरकारी अस्पताल की जरूरत होती है क्या? उसके घर तो दुनिया भर के डॉक्टर आकर के कतार में खड़े हो जाते हैं। अस्पताल की जरूरत होती है गरीब आदमी को। किसी अमीर के बेटे को पढ़ना है तो सैकड़ों शिक्षक आकर के घर के दरवाजे पर खड़े हो जाएंगे। सरकार का काम होता है गरीब बच्चों को शिक्षा देना। जो रूपयों से खेलते हैं उनको कठिनाइयों का पता नहीं होता है, लेकिन जो नौजवान अपनी विधवा माँ के सपनों को पूरा करने के लिए रात-रात भर फुटपाथ की लाइट के नीचे बैठ कर के पढ़ाई करता है, उस बच्चे को अपनी माँ के सपनों को पूरा करने के लिए रोजगार चाहिए, और ये रोजगार की चिंता करना सरकार का काम है। इन मूलभूत विषयों पर देश के शासकों को आने के लिए हमने मजबूर किया है और इसके कारण भारत सरकार को हर पल अपने किये हुए कामों का हिसाब देना पड़ता है। मित्रों, क्या कारण है कि इतने कम समय में दिल्ली में बैठी हुई सरकार के प्रति इतनी नफरत पैदा हो गई..! मीडिया के मित्रों ने दिल्ली की सरकार को कोई कम मदद नहीं की है। जितना बचा सकते हैं बचाया, जितनी मदद कर सकते हैं कर रहे हैं..! इस देश के अंदर हमेशा शासन के साथ जुड़ जाने वाला एक वेस्टेड इन्ट्रेस्ट ग्रुप है। उन्होंने क्या कुछ नहीं किया इस सरकार की इज्जत बचाने के लिए। ढेर सारी कोशिशें की, लेकिन उसके बावजूद भी हिन्दुस्तान के चप्पे-चप्पे में, हिन्दुस्तान के जन-जन के मन में ये दिल्ली में बैठी हुई सरकार के प्रति नफरत क्यों हैं, इतना आक्रोश क्यों है..? मित्रों, मैं राजनीति में तो बड़ी देर से आया, लेकिन सालों तक जिंदगी सांस्कृतिक और सामाजिक कामों में लगाई थी। राजनीति में नहीं था, लेकिन अभ्यास करने का स्वभाव था, देखता था। मित्रों, मैं अनुभव के आधार पर कहता हूँ और एक राजनीति शास्त्र के विद्यार्थी के रूप में कहता हूँ कि इस दिल्ली के तख्त पर आजादी के बाद शायद ये पहली सरकार ऐसी है जिसके प्रति इतनी भयंकर घृणा और नफरत का माहौल है। मित्रों, कभी शासन के प्रति राजी-नाराजी होना एक बात है। कभी किसी एक छोटी सी घटना पर गुस्सा होना स्वाभाविक है। लेकिन नफरत, घृणा, अविश्वास की स्थिति इस देश में पहले कभी नहीं आई थी, जो आज आई है। और इसके लिए संपूर्ण रूप से कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। कांग्रेस पार्टी इस हद तक अपने स्वार्थ को लेकर के आगे बढ़ रही है कि कुछ भी बुरा हो जाए, और मान लीजिए वो बुरा नॉन यू.पी.ए. स्टेट में होता है तो उछल-उछल कर के उस राज्य को बदनाम करने में पूरी शक्ति लगा देते हैं और अगर यू.पी.ए. स्टेट में कहीं होता है या सेंट्रल गवर्नमेंट में होता है तो बेशर्मी के साथ सारे पाप अपने साथी पक्षों के सिर पर डाल देते हैं। बड़ी चतुराई है उनकी, जैसे उनका तो कोई गुनाह ही नहीं है, उनकी तो कोई जिम्मेवारी ही नहीं है, उनका तो कोई दायित्व ही नहीं है..! भाइयों-बहनों, क्या हम लोगों के रहते हुए ऐसी कांग्रेस पार्टी इस देश में रहनी चाहिए..? सत्ता के गलियारों में उसको प्रवेश मिलना चाहिए..? देश का शासन करने का अवसर मिलना चाहिए..? क्या उसको धरती पर से उखाड़ फैंकना हमारा कर्तव्य नहीं है..? भाइयों-बहनों, पूरे देश के अंदर कौन सत्ता में आए कौन ना आए इसके लिए नहीं, लेकिन देश को बर्बादी से बचाने के लिए कांग्रेस मुक्त हिन्दुस्तान बनाने का हमारा सपना होना चाहिए..!

भाइयों-बहनों, क्या कारण है कि जब भी विकास की चर्चा होती है, तो गुजरात का जिक्र होता है..! क्या कारण है? जो लोग गुजरात को प्रेम करते हैं, जिनके दिल में गुजरात के प्रति नाराजगी नहीं है, वे क्या कहते हैं? देखो, गुजरात में ऐसा हुआ..! देखो, गुजरात ने क्या किया..! और जिनको गुजरात पंसद नहीं है, वे क्या कहते हैं..? वे कहतें हैं कि देखिए, इसमें हम गुजरात से भी आगे हैं..! यानि पंसद हो तो भी और पसंद ना हो तो भी, पैरामीटर गुजरात है। अच्छा किया तो कहना पड़ता है गुजरात से अच्छा किया, बुरा किया तो हिसाब लगता है कि भाई, गुजरात तक हम क्यों पहुंच नहीं पाए हैं..! ये स्थिति क्यों पैदा हुई..? मैं देश के पॉलिटिकल पंडितों को निमंत्रण देता हूँ। बंगाल की धरती तो विद्घान लोगों की धरती है, सच्चाई और ईमानदारी के साथ रहने का साहस रखने वाले लोग आज भी बंगाल की धरती पर हैं। क्या समय की मांग नहीं है, स्थितियों का तकाजा नहीं है कि हम इस देश की राजनैतिक गतिविधियों के मॉडल का अध्ययन करें? अब कोई चीज छिपी हुई नहीं है। इस देश ने करीब-करीब 50 साल तक कांग्रेस पार्टी का शासन देख लिया है। इस देश ने केरल, बंगाल और त्रिपुरा में कम्युनिस्टों का शासन देख लिया है। इस देश ने परिवारवाद वाली पार्टीओं का शासन देख लिया है। इस देश ने प्रादेशिक पक्षों के द्वारा चल रही सरकारें देख लीं है। इस देश ने भारतीय जनता पार्टी की सरकारें भी देख लीं है। एक प्रकार से पिछले साठ वर्षों में पाँच अलग-अलग प्रकार की सरकारों के मॉडल इस देश में कार्यरत रहे हैं। उन सभी सरकारों का उत्तम से उत्तम समय उठा लिया जाए, पचास-सौ पैरामीटर तय किये जाएं और किस सरकार ने अपने पाँच साल के कार्यकाल में क्या काम किया, जनता की भलाई के लिए क्या काम किया, विकास के लिए क्या काम किया, शुचिता की दृष्टि से क्या काम किया, समाज का विश्वास पाने की दिशा में क्या काम किया..! अलग-अलग मापदंड लेकर के इसको तय किया जाए और फिर लेखा-जोखा लिया जाए, तो सच्चे अर्थ में देश की भलाई के लिए काम करने वाली कौन सी सरकारें हैं, सामान्य मानवी की भलाई के लिए काम करने वाली कौन सी सरकारें हैं इसका लेखा-जोखा हो जाएगा..! और मित्रों, मैं बिल्कुल विश्वास से कहता हूँ कि जिस दिन इन पाँच प्रकार की सरकारों के मॉडल का इवेल्यूशन होगा, भारतीय जनता पार्टी उत्तम से उत्तम पर्फॉर्मर के रूप में देश के सामने आएगी..!

आप मुझे बताईए मित्रों, इतने सालों तक कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में राज किया। पंचायत से पार्लियामेंट तक एक ही दल का शासन था। विरोध पक्ष तो था ही नहीं। पाँच-पन्द्रह लोग आपस में मिलकर मुश्किल से जीतकर आते थे। वो दिन थे जब मीडिया इतना वाइब्रेंट नहीं था, वो दिन थे जब ज्यूडिशियल एक्टिविज्म नहीं था, वो दिन थे जब एन.जी.ओ. की भरमार नहीं थी, वो दिन थे जब कोर्ट में पी.आई.एल. करके तुफान खड़ा करने की परंपरा नहीं थी। तीन दशक पूरी तरह ऐसे गए हैं कि जिसमें कांग्रेस को कोई पूछने वाला नहीं था। वो जो करें वो आखिरी, ऐसा माहौल था। इतना अच्छा अवसर मिलने के बाद भी, इतनी सुविधा रहने के बाद भी, रूकावटों का नामोंनिशान ना होने के बादजूद भी, क्या कारण था कि कांग्रेस पार्टी इस देश को कुछ नहीं दे पाई..! आज हम लोग अगर सत्ता में हैं तो कभी सी.बी.आई. आकर के धमकती है, कोई हफ्ता ऐसा नहीं गया कि कोई पी.आई.एल. सुप्रीम कोर्ट में ना की गई हो, मीडिया के मित्रों के माध्यम से कोई हमला ना हुआ हो, एन.जी.ओं. ने कोई तूफान ना खड़ा किया हो, विपक्ष काम को रोकने के लिए पूरी ताकत से लगा हुआ हो... इतने विरोध-अवरोध के बीच चाहे डॉ. रमन सिंह जी की छत्तीसगढ़ की सरकार हो, चाहे शिवराज सिंह जी की मध्य प्रदेश की सरकार हो, चाहे हिमाचल में प्रेम कुमार धूमल जी की सरकार हो, चाहे राजस्थान में वसुंधरा राजे जी की सरकार हो, चाहे कर्नाटक में शेट्टर की सरकार हो, चाहे गोवा में मनोहर पारिकर जी की सरकार हो... जहाँ-जहाँ भारतीय जनता पार्टी को सरकारें चलाने का अवसर मिला है, एक भी सरकार पर भ्रष्टाचार के कोई गंभीर आरोप नहीं लगे हैं। उन सरकारों के कार्यकाल को देखा जाए। जनता की भलाई के उत्तम से उत्तम निर्णय किये हैं और उत्तम से उत्तम प्रकार से उन्होंने डिलीवरी देकर के दिखाया है।

कम्युनिस्टों ने बंगाल में सरकार चलाई, बताने की जरूरत नहीं है, क्या हालत कर दी है..? तबाह कर दिया इस प्रदेश को, बर्बाद कर दिया..! केरल को क्या दिया उन्होंने..? चुनाव जीतने के नए-नए तौर तरीके खोजने में ही वो पाँच साल लगे रहते हैं। पूरी शक्ति, सरकारी अधिकारियों की अपॉइंटमेंट तक, चुनाव जीतने के लिए काम कौन आएगा, उसी को लेकर के चलते रहे हैं। अपने विरोधियों को प्रताड़ित करना, उनको परेशान करना, उनको जिंदगी से हाथ धोने पड़े, सार्वजनिक जीवन छोड़ना पड़े... यहाँ तक उन पर जुल्म करना, यही काम इन लोगों ने किए हैं..! और उसके बावजूद भी जनता की आशा-आकांक्षा को पूर्ण करने वाले कोई परिणाम नजर नहीं आते हैं। मित्रों, मजदूरों की भलाई का नाम लेकर सरकार चलाने वाले ये लोग हैं, मैं उनको पूछना चाहता हूँ। अभी-अभी भारत सरकार का एक रिपोर्ट आया है। वो रिपोर्ट ये कह रहा है कि पूरे हिन्दुस्तान में कम से कम नौजवान बेरोजगार कहीं हैं, तो वो राज्य का नाम गुजरात है। और जहाँ ये यू.पी.ए. वाली सरकारें हैं, जहाँ ये कम्यूनिस्टों की सरकारें हैं वहाँ सबसे अधिक नौजवान बेरोजगार हैं। क्या दिया आपने..? और इसलिए भाइयो-बहनों, अध्ययन करके, बारिकियों की जानकारियों के साथ, देश की युवा पीढ़ी को, देश के नागरिकों को प्रशिक्षित करना हमारा दायित्व है कि भले ही हम छोटे होंगे, भले आज कगार में हमारी उपस्थिति कम होगी, लेकिन हमने जो रास्ता चुना है उस रास्ते ने कई राज्यों का भला किया है और बंगाल का भी भला हम कर सकते हैं, जनता में इस बात का विश्वास हम पैदा कर सकते हैं।

मित्रों, कांग्रेस पार्टी में एक विवाद चल रहा है कि एक ‘पावर सेंटर’ हो कि दो ‘पावर सेंटर’ हो..! मुझे समझ नहीं आता है कि इस विवाद से हम क्या समझें..! आप मुझे बताइए मित्रों, कि ये पावर सेंटर बाद की बात है, कहीं पावर नजर आ रहा है..? पावर हो तो फिर कितने पावर सेंटर हो ये बाद में चर्चा करें, अभी तो पावर ही नजर नहीं आ रहा है..! और सिर्फ बैटरी बदलने से गाड़ी चलने वाली नहीं है। मित्रों, आप यहीं बंगाल में कांग्रेस के सौ कार्यकर्ताओं को मिलिए। मैं ये पत्रकार मित्रों से एक छोटी सी प्रार्थना करके जाना चाहता हूँ। और मुझे विश्वास है कि बंगाल के पत्रकार मेरे प्रति बहुत ही प्रेम रखते हैं, वो जरूर ये मेरा काम करेंगे..! आप कांग्रेस के सौ कार्यकर्ताओं का सहज रूप में एक इंटरव्यू लीजिए। छोटा-मोटा कोई भी हो, एक सवाल पूछिए। उसको पूछिए, देश का नेता कौन है..? मैं कांग्रेस के लोगों का इन्टरव्यू करने के लिए कह रहा हूँ। मित्रों, आप देखना सौ में से एक भी व्यक्ति डॉ. मनमोहन सिंह जी का नाम नहीं बोलेगा..! जो पार्टी अपने प्रधानमंत्री को नेता मानने को तैयार ना हो, जो पार्टी अपने प्रधानमंत्री को देश का नेता मानने को तैयार ना हो, पार्टी का नेता मानने को तैयार ना हो, वो प्रधानमंत्री देश का नेतृत्व कैसे कर सकते हैं..? उनकी अपनी पार्टी उनको स्वीकार नहीं कर रही है..! आप पूछ लीजिए, मुझे बंगाल के पत्रकारों की ईमानदारी पर विश्वास है कि वो जरूर जाएंगे, पूछ कर के आएंगे और कल अखबार में छापेंगे भी..! क्या हालत करके रखी है, दोस्तों..! कोई भी ऐसा क्षेत्र है, जहाँ पर कांग्रेस के मित्र विश्वास से कह सके कि हमने ये काम किया..? एक नेता तो जहाँ भी जाते हैं तो ये कहते हैं कि हमने मोबाइल दिया..! आपमें से सबके पास मोबाइल है ना... आपको किसी ने गिफ्ट में दिया है..? सीधा बैंक में ट्रान्सफर हो करके आया था..? अपनी जेब के पैसों से लाए हो ना..? फिर भी बताइए, ये कितना बड़ा झूठ बोलते हैं कि मोबाइल फोन हमने दिया..! आप इनकी हिम्मत देखिए और ये देश देखिए कि उनको सवाल नहीं पूछ रहा है कि भाई, तुम ये कैसे कह रहे हो कि ये मोबाइल फोन हमने दिया है..? एक बार मेरे यहाँ चुनाव में उनके एक नेता आए थे और उन्होंने एक भाषण दिया कि देखिए, आपकी जेब में जो मोबाइल फोन है वो हमने दिया है..! तो उसके बाद मेरा भी एक जगह पर भाषण था। मैंने कहा, मोबाइल दिया या ना दिया ये तो भगवान जाने, लेकिन चार्जर का क्या? बिजली तो है नहीं, वो चार्ज कहाँ करवाएगा? पहले बिजली तो दो..!

मित्रों, ये कैसे देश चला रहे हैं..? उनको लगता है कि तिजोरी लुटा देने का मतलब है आर्थिक प्रगति की ओर जाना..! यहाँ बैठा हुआ कोई भी व्यक्ति, आपके पास अगर पाँच हजार रूपया है तो पाँच हजार रूपये में तीन दिन में बढ़िया -बढ़िया मिष्टी दही ले आए, रसगुल्ले ले आए, संदेश ले आए, और पाँच हजार रूपया उड़ा दिया..! आप मुझे बताइए कि आपके पाँच हजार रूपये का ये सही मैनेजमेंट है क्या..? पेट भरा, मीठा लगा, अच्छा भी लगा लेकिन ये सही मैनेजमेंट है क्या? लेकिन कोई और व्यक्ति अगर पाँच हजार में से सात हजार कैसे हो, दस हजार कैसे हो, फिर दस हजार में से दो हजार किसी अच्छे काम में खर्च करें, फिर पाँच हजार के आठ हजार हो, फिर उसमें से तीन हजार खर्च करें... इसको आयोजन कहते हैं की नहीं कहते? मित्रों, दिल्ली की सरकार उड़ाने में लगी हुई है और रूपये आपके जा रहे हैं..! ये लोग जनता जर्नादन के पैसे को उड़ा रहे हैं और जनता कब तक चुप रहेगी..? अपने राजनैतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए हिन्दुस्तान की जनता ने दिन-रात मेहनत करके जो टैक्स चुकाए हैं, उन टैक्स के पैसों को राष्ट्र के विकास में उपयोग करने के बजाए अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए खर्च किया जा रहा है, और ये देश के साथ सबसे बड़ा धोखा है। कभी-कभी क्या कहते हैं कि हमने आर.टी.आई. का कानून दिया। अभी चार दिन पहले मैंने पढ़ा कि भारत के प्रधानमंत्री के कार्यालय में किसी नागरिक ने चिट्ठी लिख कर कुछ जानकारी माँगी और देश के प्रधानमंत्री के कार्यालय से उस जानकारी देने से मना कर दिया गया..! अगर आप मना करते हो तो आर.टी.आई. के नाम पर गीत गाने का अधिकार आपको किसने दिया..? आप जानकारी तो देते नहीं हैं और अगर आप जानकारी देते नहीं हो तो जानकारी देने के कानून के नाम पर आप रोजी-रोटी कमाने निकले हो..? भाइयों-बहनों, आज देश की हालत ऐसी है, मैं कल दिल्ली में एक सेमिनार में था, ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’। तो मैंने काफी देर तक अपना भाषण सुनाया और बोलते-बोलते मुझे विचार आया कि दिल्ली में ये सब बोलने से क्या मतलब है..? मैंने कहा भाई, विषय तो है ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’, लेकिन आज तो देश में ‘नो गवर्नमेंट, नो गवर्नेंस’, तो उसका क्या करें..? सरकार की अनुभूति ही नहीं हो रही है, मित्रों। ना कोई अच्छी खबर आती है, ना कोई सुनवाई की व्यवस्था है। मैं कभी-कभी कांग्रेस के मित्रों को पूछता हूँ कि हटाओ यार, बाकी सब छोड़ो, पिछले एक साल में देश के लिए दस अच्छे काम किये हों तो जरा बता दो मुझे..! अच्छे से कांग्रेसी मित्र बता नहीं पाते हैं..! ज्यादा से ज्यादा तिजोरी हमने कैसे लुटाई इसकी गिनती करते हैं..! भाइयों-बहनों, अगर ये ही स्थिति रही तो क्या होगा..!

मित्रों, आप देखिए, कॉमनवैल्थ गेम्स का कौभांड हुआ। दुनिया की सबसे ताकतवर सरकार कोई थी तो दिल्ली में थी। सबसे बड़ी सरकार थी तो दिल्ली में थी। ऊपर-नीचे जितनी सरकारों के लेयर हैं, सारी की सारी उनकी सरकारें थी। सब कुछ उनका होने के बाद भी सारी दुनिया में हमारी नाक कट गई और कॉमनवेल्थ गेम्स के अंदर अरबों-खरबों रूपये का भ्रष्टाचार हो गया। और उसके बावजूद भी उनका तो कोई दायित्व ही नहीं..! जैसे रेनकोट पहन कर के बाथरूम में नहा रहे हो..! मैं हैरान हूँ, मित्रों..! और देश से पहली दफा मैं पूछ रहा हूँ कि इनको कैसे माफ किया जा सकता है..! कैसे इनके पापों को स्वीकार किया जा सकता है..!

मित्रों, इस देश के अंदर इन दिनों एक चर्चा चल रही है कि ग्रोथ रेट डाउन हो गया है, ग्रोथ रेट डाउन हो गया है..! क्यों हो गया, भाई..? आपको यदि विकास दर चाहिए तो आपको आर्थिक गतिविधि चाहिए। कृषि में काम होना चाहिएम, मैन्यूफैक्चरिंग में काम होना चाहिए, सर्विस सेक्टर में काम होना चाहिए..! लेकिन कारखाने कैसे चलेंगे यहाँ..? अगर बिजली नहीं है तो कारखाने कैसे चलेंगे? कारखाने नहीं चलेंगे तो नौजवानों को रोजगार कहाँ से मिलेगा..? कारखाने नहीं चलेंगे तो इकोनॉमी कैसे मोबालाइज होगी..? मोमेंटम कहाँ से आएगा..? और कारखाने चल क्यों नहीं रहे हैं, तो कहेंगे कि बिजली नहीं है। बिजली क्यों नहीं है..? क्या बिजली के कारखाने नहीं है..? बिजली के कारखाने हैं, अरबों-खरबों रूपए लग चुके हैं। कारखाने खड़े पड़े हैं, लेकिन बिजली पैदा नहीं करते। बिजली पैदा क्यों नहीं करते..? क्योंकि कोयल नहीं है..! कोयला क्यों नहीं है, क्योंकि कोयला खदान में है। कोयला खदान में क्यों है..? क्योंकि अभी हमने पॉलिसी तैयार नहीं की है..! कितने साल हो गए? तीन साल हो गए..! कब करोगे, 2014 तक तो रहने वाले नहीं हो..! आप मुझे ये बताईए मित्रों, ये सारी जिम्मेवारियाँ उनकी है कि नहीं..? आज देश में एक तरफ अंधेरा है, लोगों को बिजली नहीं मिल रही, बिजली नहीं मिलने के कारण कारखाने बंद हो रहे हैं और दूसरी तरफ 30,000 मेगावॉट बिजली पैदा करने की क्षमता वाले कारखाने फ्यूल के अभाव में बंद पड़े हुए हैं। कौन जिम्मेदार..? जितना पैसा लगना था लग गए, कारखाने खड़े हो गए... कोयला नहीं है। ये कोयला नहीं होने के कारण ये हालत हो गई है। और मित्रों, हिन्दुस्तान की सरकार की हालत देखिए..! हमारे अड़ौस-पड़ौस के छोटे-छोटे देश जहाँ पर कोयले की खदान है, जब हिन्दुस्तान में कोयला आना बंद हो गया और कोयले की कोई परमिशन नहीं मिल रही है, तो व्यापारियों ने तय किया कि भाई, चलो इंडोनेशिया से या ऑस्ट्रेलिया से, अलग छोटे-मोटे देशों से कोयला लाएंगे, अफ्रिकन कंट्री से कोयला लाएंगे..! भारत सरकार की इस पॉलिसी पैरालिसिस के कारण उन देशों को पता चल गया कि हिन्दुस्तान में बिजली के कारखाने बंद पड़े हैं, उन्हें कोयले की जरूरत है और हिन्दुस्तान की सरकार कोयला दे नहीं पाएगी, तो रातोंरात उन्होंने दाम बढ़ा दिए। और ये दिल्ली में बैठी हुई सरकार छोटे-छोटे देशों पर भी दबाव नहीं पैदा कर सकती कि आपने जो दाम पर सौदा किया था उस दाम से आपको कोयला देना पड़ेगा और हिन्दुस्तान को कोयला देने से आप मुकर नहीं सकते, इतना कहने की ताकत ये दिल्ली की सरकार में नहीं है। हर छोटा मोटा देश दबा देता है, मैं हैरान हूँ..! और ऐसा होता क्यों है..? क्या उनके जो साथी दल है उनके कारण हो रहा है..? कांग्रेस जिम्मेवारी लेने को तैयार नहीं है। ये इसलिए हो रहा है, दुनिया आपको इसलिए सुनती नहीं है क्योंकि खुद कांग्रेस का विदेश मंत्री यू.एन.ओ. के अंदर जब भाषण करने के लिए खड़ा होता है और किसी दूसरे देश का कागज पढ़ने लग जाता है, तो पूरे विश्व को लगता है कि यार, सच में ये तो गए बीते लोग हैं, ये सब गॉन केस है, फ़ाइल कर दो..! मित्रों, विश्व के नक्शे पर हिन्दुस्तान की ऐसी बेइज्जती कभी नहीं हुई, जितनी बेइज्जती इस सरकार के कारण हुई है..! सारी दुनिया में अपना नाम खराब होता चला जा रहा है। विश्व में कोई हम पर विश्वास नहीं करता। आपका अच्छा व्यापार हो, अच्छी प्रोडक्ट हो तो भी विदेशों के बायर आपके साथ व्यापार करने से डर रहे हैं। आप स्वतंत्र होने के बावजूद डर रहे हैं, क्यों..? क्योंकि उनको भरोसा नहीं है कि भारत सरकार की नीति कब बदल जाएगी और बायर ने जो सौदा किया है वो फुलफिल नहीं होगा, तो हमारे पैसे डूब जाएंगे..! भाइयो-बहनों, ये स्थिति है..!

मित्रों, बिच में हमने देखा, गरीबों को अन्न नहीं मिल रहा है। राशन कार्ड है, गेहूँ नहीं मिल रहे हैं, चावल नहीं मिल रहे हैं, केरोसीन नहीं मिल रहा है और दूसरी तरफ अखबारों में और टी.वी. पर खबरें आ रही हैं कि बोरियाँ की बोरियाँ पानी में भीग रही हैं, सड़ रही हैं..! देश के किसान ने परिश्रम से पैदा किया हुआ अन्न सड़ रहा है। किसी ने पी.आई.एल. कर दी, तो सुप्रीम कोर्ट ने डंडा चलाया कि सारे अनाज के जो भंडार भरे पड़े हैं, अगर उसको संभाल नहीं सकते हो तो गरीबों को बाँट दो। ये दिल्ली की सरकार ने गरीबों को नहीं बाँटा। दिन-रात कहते हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट जो कहती है वो करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पचासों बार कहा लेकिन उन्होंने नहीं किया। और किया तो क्या किया..? भाइयों-बहनों, सुप्रीम कोर्ट संवेदना के साथ ये कहती है कि ये अन्न गरीबों को बाँटो, मगर दिल्ली में बैठी ये सरकार कहती है कि हम गरीबों में नहीं बाँटेंगे..! और किया तो क्या किया..? शराब बनाने वाले जो ठेकेदार थे, उन शराब के ठेकेदारों को 65 पैसे के दाम से ये अन्न दे दिया गया..! आप कहो, क्या इन पर भरोसा कर सकते हैं..? और इसलिए भाइयो-बहनों, समय का तकाजा है, समय की माँग है कि हम सभी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता देश के सामान्य मानवी के आशा-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए, आजादी के लिए शहीद होने वाले महापुरूषों ने जो सपने संजोए थे उन सपनों को पूरा करने के लिए, स्वामी विवेकानंद जी की 150 वीं जयंती जब देश मना रहा है तब विवेकानंद जी के उन सपनों को पूरा करने के लिए, भारतीय जनता पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता को इस देश में से कांग्रेस पार्टी का उखाड़ फैंकने का संकल्प करके आगे बढ़ना चाहिए..! इस देश को तोड़ने वाली, इस देश को कठिनाइयों में डालने वाली सारी शक्तियों को परास्त करने का संकल्प करना होगा। और मित्रों, मैं विश्वास से कहता हूँ, वक्त बहुत तेजी से बदल रहा है। कांग्रेस पार्टी के मित्रों को पता तक नहीं है, हमेशा कांग्रेस पार्टी का झंडा ले कर घूमने वालों को पता नहीं है, वेस्टेड इंटरेस्ट ग्रुप को पता नहीं है कि कितनी तेजी से कांग्रेस पार्टी का डिटीरीओरेशन हो रहा है..! राजी-नाराजी के तराजू से हिन्दुस्तान की राजनीति का विश्लेषण करने का वक्त चला गया है। अब तक हिन्दुस्तान में जो पॉलिटिकल एनालिसिस हुए हैं वो सरकार या पक्ष या नेता के सामने राजी-नाराजी का माहौल कैसा है उसके आधार पर हुए हैं, पहली बार हिन्दुस्तान की राजनीति में नफरत और घृणा के मापदंड पर ये कांग्रेस पार्टी को तोला जाएगा..! ऐसी नफरत, ऐसी घृणा, ऐसा गुस्सा आज देश के कोने-कोने में है। कोई समस्या ऐसी नहीं है जिसको सुलझाने कि दिशा में उन्होंने कोई प्रमाणिक प्रयास किया हो, दो कदम भी चले हो..!

और इसलिए भाइयो-बहनों, माँ भारती की सेवा करने में लगे हुए भारतीय जनता पार्टी के लक्षावधी कार्यकर्ता अपने सामर्थ्य से, अपनी शक्ति से आने वाली हर चुनौती का सामना करते हुए, विजय का विश्वास लेकर के, गाँव-गाँव, गली-गली कमल खिलाने का सपना ले कर के, जिस धरती पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ, जिन्होंने सपने संजोए हैं ऐसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को पूरा करने के लिए आओ, हम अपनी पूरी ताकत से काम करें, हम कोई कमी ना रखें..! और जो लोग अपने आपको बड़े शहंशाह मानते हैं, उन सभी से मेरा आग्रह पूर्वक निवेदन है, ये मान कर चलिए कि ‘यावत चंद्र दिवाकरो’ आपका राज चलने वाला नहीं है..! जो बंगाल में मेरे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे हैं उस सरकार के मुलाजिमों से भी मैं कहना चाहता हूँ कि लोकतंत्र में हर एक नागरिक का अधिकार होता है, उसको दबाने की कोशिश करने से कभी कोई सफलता किसीको दिला नहीं सकते..! भारतीय जनता पार्टी, बंगाल का कार्यकर्ता खूंखार से खूंखार ताकतों के खिलाफ लड़ कर के आज भी आगे बढ़ सकता है। रुकना, थकना, झुकना ये हमारा चरित्र नहीं है, ये हमारे संस्कार नहीं हैं। हम भाजपा के कार्यकर्ता मौत को मुट्ठी में लेकर निकले हुए लोग हैं। माँ भारती के कल्याण के लिए निकले हुए लोग हैं। हमें कोई चुनौती ना दें..! और अगर ये कोशिशें होती रहेंगी तो भारतीय जनता पार्टी और अधिक ताकत से आगे बढ़ेगी..!

आज कल मैं देख रहा हूँ कि मेरा कहीं पर भी कोई भाषण होता है, तो यहाँ मेरा भाषण पूरा हो जाए उससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय से ट्वीट करके उसके जवाब दिए जाते हैं..! ये प्रधानमंत्री कार्यालय से होता है और तुरंत, यानि अभी तो मेरा भाषण पूरा हुआ नहीं और मैं मंच से वहाँ बैठने जाऊँगा तब तक तो दो-तीन चीजें छोड़ देते हैं वहाँ..! और सरासर झूठ, सरासर झूठ... कौन पूछने वाला है? ये ही चल रहा है..! मेरे कांग्रेस के मित्रों, देश की जनता की समझदारी पर शक मत किया करो। ये देश की जनता को पूरी समझ है कि सच क्या है..? दूध का दूध और पानी का पानी कैसे होता है, ये देश की जनता भली-भांति जानती है। कांग्रेस की कोशिशों से कुछ निकलने वाला नहीं है और सत्य सीना तान कर के प्रकट हो कर के रहेगा इसी विश्वास के साथ हम आगे बढ़ें..! मित्रों, आपने मेरा सम्मान किया, प्यार दिया, इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूँ..!

धन्यवाद..!

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డామన్‌లో వివిధ అభివృద్ధి పనులకు శంకుస్థాపన...జాతికి అంకితం చేసిన సందర్భంగా ప్రధానమంత్రి ప్రసంగం
June 05, 2026
The launch of projects across healthcare, aviation, tourism and infrastructure marks a new development push for Daman that will transform lives across the UT: PM
The data released today reflects the strength of India's economy, with growth of 7.7% in FY 2025–26 and 7.8% in the quarter ending March 31: PM
Even amid severe global challenges, the collective efforts of 1.4 billion Indians have ensured that India is not only sustaining itself but also staying ahead of the curve: PM
The National Family Health Survey clearly reflects the government's focus on healthcare. While most deliveries in India earlier took place outside hospitals, today over 90% of all deliveries occur in hospitals: PM
Thanks to Mission Indradhanush, child immunization coverage in India has risen from 60% before 2014 to nearly 90% today: PM

భారత్ మాతా కీ జై! 

భారత్ మాతా కీ జై!

దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూ అడ్మినిస్ట్రేటర్ ప్రఫుల్ భాయ్ పటేల్, పార్లమెంటులో నా సహచరులు కళాబెన్ డెల్కర్, డామన్ మున్సిపల్ కౌన్సిల్ ప్రెసిడెంట్ దీపికా తాండేల్ , డామన్ జిల్లా పంచాయతీ చైర్మన్ ధర్మ్ బాబు పటేల్, సిల్వస్సా మున్సిపల్ కౌన్సిల్ చైర్మన్ సోమనాథ్ దేవ్ రే , దాద్రా, నగర్ హవేలీ జిల్లా పంచాయతీ చైర్‌పర్సన్ నిషా భవ్‌సార్, డయ్యూ  మున్సిపల్ కౌన్సిల్ చైర్మన్ హరీష్ కపాడియా , డయ్యూ జిల్లా పంచాయతీ చైర్‌పర్సన్ కోటియా రంజితాబెన్, పెద్ద సంఖ్యలో తరలివచ్చిన నా ప్రియమైన సోదరీ సోదరులారా,

మీరంతా ఇక్కడకు ఎలాగైతే వచ్చారో అలాగే లక్షద్వీప్‌లో కూడా పెద్ద సంఖ్యలో ప్రజలు వీడియో కాన్ఫరెన్స్ ద్వారా మనతో అనుసంధానమయ్యారు. ఈరోజు లక్షద్వీప్‌లో అభివృద్ధికి ఒక కొత్త ఆరంభం జరిగింది. లక్షద్వీప్ ప్రజల జీవితాల్లో విప్లవాత్మక మార్పులు తీసుకువచ్చే ఒక కొత్త ప్రాజెక్టును ఈరోజు ప్రారంభించడంతో పాటు కొన్ని పథకాలకు శంకుస్థాపనలు కూడా చేశాం. 

 

మిత్రులారా, 

కొన్నేళ్ల క్రితం నేను మీ మధ్యకు  వచ్చినప్పుడు, మన డామన్ వేగంతో మినీ ఇండియాగా మారుతోందని చెప్పాను. ఈరోజు చూస్తుంటే, ఎడమ వైపు మొత్తం బెంగాల్,  కుడి వైపున మొత్తం అస్సాం కనిపిస్తోంది. డామన్ నిజంగానే మినీ ఇండియాకు  సజీవ ఉదాహరణగా మారింది. ఇక్కడి వైవిధ్యం, వివిధ ప్రాంతాల నుంచి వచ్చి ఇక్కడ కలసి నివసిస్తున్న మీరంతా మొత్తం భారత్ అందమైన రూపాన్ని ఆవిష్కరిస్తున్నారు. మాకు ఆశీస్సులు అందించడానికి ఇంత పెద్ద సంఖ్యలో ఇక్కడికి తరలివచ్చినందుకు మీ అందరికీ నా హృదయపూర్వక ధన్యవాదాలు.

సోదరీ,సోదరులారా,

డామన్, డయ్యూకు అనేకసార్లు వచ్చే అవకాశం నాకు లభించింది.  దాద్రా, నగర్ హవేలీలను కూడా నేను సందర్షిస్తూనే ఉంటాను. నేను ముఖ్యమంత్రిగా లేదా ప్రధాన మంత్రిగా లేని రోజుల్లో కూడా ఇక్కడికి ఎన్నోసార్లు వచ్చేవాడిని. కానీ ఇప్పుడు నేను ఇక్కడికి వచ్చి ఇక్కడి సుపరిపాలనను, పాలనా నమూనాను చూస్తుంటే చాలా సంతోషంగా అనిపిస్తోంది. ప్రతిసారీ నేను గతంతో పోల్చి చూసుకున్నప్పుడు ఈ ప్రాంతం అభివృద్ధి పథంలో ఎన్నో మైళ్ల దూరం ముందుకు సాగిందని నాకు అనిపిస్తుంది.

మిత్రులారా, 

దశాబ్దాలుగా దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్,  డయ్యూ ప్రజలు అభివృద్ధి గురించి కలలు కన్నారు. ఆ కలలు కన్న పూర్వ తరాల వారు వెళ్లిపోయారు. కానీ, తమ తల్లిదండ్రులు, తాతముత్తాతలు కన్న కలలు ఈరోజు తమ కళ్ల ముందే సాకారం కావడం ప్రస్తుత తరం వారు స్వయంగా చూస్తున్నారు. ఈరోజు కూడా ఇక్కడ అనుసంధానం, ఆరోగ్యం, విద్య, పర్యాటకం, పట్టణ మౌలిక సదుపాయాలకు సంబంధించిన అనేక ప్రాజెక్టులను ప్రారంభించడంతో పాటు, కొన్నింటికి శంకుస్థాపనలు కూడా చేశాం. ఈ అభివృద్ధి పనులు డామన్ ప్రజలకే కాకుండా ఈ కేంద్రపాలిత ప్రాంతం మొత్తానికి జీవనాన్ని మరింత సులభతరం చేస్తాయి. యువతకు సరికొత్త అవకాశాలను సృష్టిస్తాయి. ఈ పనుల వెనుక ప్రఫుల్ భాయ్ పటేల్  దూరదృష్టి, ఆయన, ఆయన బృందం పడిన కష్టం స్పష్టంగా కనిపిస్తోంది. ఇందుకు గాను నేను ప్రఫుల్ భాయ్‌ని, ఆయన బృందాన్ని కూడా అభినందిస్తున్నాను. లక్షద్వీప్, దాద్రా, నగర్ హవేలీ ప్రజలకు ఈ సందర్భంగా నా హృదయపూర్వక అభినందనలు, శుభాకాంక్షలు.

 

మిత్రులారా, 

నేను ఈరోజు మీ మధ్యకు వచ్చిన తరుణంలో, ఒక సంతోషకరమైన వార్త అందింది. నేను ఈ ఉదయం ఢిల్లీ నుంచి బయలుదేరినప్పటికీ, ఇప్పుడే అందిన గణాంకాలు, అందిన వార్త నిజంగా ఎంతో సంతోషాన్ని కలిగిస్తున్నాయి. ఈ ఆనందాన్ని నేను మీతో కూడా పంచుకోవాలని అనుకుంటున్నాను. ఈరోజు వచ్చిన గణాంకాలు భారత ఆర్థిక వ్యవస్థ పునాది ఎంత బలంగా ఉందో స్పష్టంగా తెలియజేస్తున్నాయి. ఇప్పుడే ముగిసిన 2025-26 ఆర్థిక సంవత్సరంలో భారత్ 7.7 శాతం వృద్ధి రేటును సాధించింది. మార్చి 31తో ముగిసిన చివరి త్రైమాసికంలో  కూడా భారత వృద్ధి రేటు 7.8 శాతంగా నమోదైంది. ప్రపంచంలోనే అత్యంత వేగంగా వృద్ధి చెందుతున్న పెద్ద ఆర్థిక వ్యవస్థ మనదే. ఇది ప్రతి భారతీయుడు గర్వించదగ్గ విషయం. ఇదే మన దేశ ప్రగతి వేగం. ఈరోజు దేశం సంస్కరణల  ఎక్స్ప్రెస్ లా  దూసుకుపోతోంది. ఇంతటి భారీ మౌలిక సదుపాయాల అభివృద్ధిని దేశం నేడు కళ్లారా చూస్తోంది. పేదల సంక్షేమం కోసం ఇంత పెద్ద ఎత్తున పనులు జరుగుతున్నాయి. ఈ అన్ని ప్రయత్నాల ఫలితంగానే, ఈరోజు మన దేశం ప్రపంచంలోనే అత్యంత వేగంగా వృద్ధి చెందుతున్న పెద్ద ఆర్థిక వ్యవస్థగా ముందుకు సాగుతోంది. ప్రపంచమంతా సంక్షోభాల్లో కొట్టుమిట్టాడుతోందని, ప్రపంచ దేశాల ఆర్థిక వ్యవస్థలన్నీ ప్రశ్నార్థకంలో మునిగిపోయాయని మనందరికీ తెలుసు. అయితే, అంతర్జాతీయంగా ఇంతటి గడ్డు కాలం నడుస్తున్నప్పటికీ, 140 కోట్ల మంది దేశప్రజల సామూహిక ప్రయత్నాలతో భారత్ తనను తాను నిలబెట్టుకోవడమే కాకుండా, అందరికంటే ముందుండటంలోనూ విజయం సాధిస్తోంది. ఆర్థిక రంగంలో ఈ సరికొత్త శిఖరాన్ని అధిరోహించినందుకు దేశప్రజలందరికీ నేను ఎన్నో అభినందనలు తెలియజేస్తున్నాను. ప్రపంచవ్యాప్తంగా నెలకొన్న ఈ సంక్షోభాలను ఎదుర్కొంటూనే, మన దేశం దృఢ సంకల్పంతో, సంస్కరణ, పనితీరు, మార్పు పథంలో అత్యంత వేగంగా ముందుకు సాగుతుందని నేను దేశానికి మరోసారి హామీ ఇస్తున్నా. ఇది దేశప్రజలకు నా హామీ.

మిత్రులారా, 

ఈరోజు మనకు అభివృద్ధి ఎంత ముఖ్యమో, మన అభివృద్ధి నమూనా సుస్థిరంగా ఉండేలా చూసుకోవడం కూడా అంతే ముఖ్యం. ఈరోజు ప్రపంచ పర్యావరణ దినోత్సవం రోజున మన కేంద్రపాలిత ప్రాంతం ఈ సంకల్పాన్ని నిజం చేస్తోంది. ఈరోజు ఒకవైపు వేల కోట్ల రూపాయల విలువైన అభివృద్ధి ప్రాజెక్టులకు ఇక్కడ శంకుస్థాపనలు, ప్రారంభోత్సవాలు జరిగాయి. అదే సమయంలో, అమ్మ పేరిట ఒక మొక్క (ఏక్ పేడ్ మా కే నామ్) కార్యక్రమం కింద ఇక్కడ దాదాపు లక్షా ఒక్క చెట్లను, లక్ష మొక్కలను నాటడం జరుగుతోంది. ఇది ప్రభుత్వ భవనాలలో 100 శాతం సౌరశక్తిని వినియోగించే అద్భుతమైన ఘనతను సాధించిన కేంద్రపాలిత ప్రాంతమని చెప్పడానికి నేను ఎంతో గర్విస్తున్నాను. ఈరోజు డయ్యూలో పగటిపూట విద్యుత్ అవసరాలన్నీ కేవలం సౌరశక్తి ద్వారానే తీరుతున్నాయి, ఈ ప్రక్రియను మనం మరింత ముందుకు తీసుకెళ్లాల్సి ఉంది. ఇళ్లలో కూడా సౌరశక్తి ద్వారానే విద్యుత్ అందుబాటులోకి రావాలి. అంతేకాదు, మిగిలిన అదనపు విద్యుత్ ద్వారా కుటుంబాలు ఆదాయాన్ని కూడా గడించాలి. ఇందుకోసం రూఫ్‌టాప్ సోలార్ ప్లాంట్ల ఏర్పాటుకు శ్రీకారం చుట్టాం. ఈ విజయాలను సాధించినందుకు మీ అందరికీ అభినందనలు. 

 

మిత్రులారా, 

దీనితో పాటు, ప్రస్తుతం డామన్ ప్రజలు పరిశుభ్రత ప్రచారం నిర్వహిస్తున్నారని కూడా నాకు సమాచారం అందింది. డామన్ ప్రజా జీవిత సంస్కృతిలో పరిశుభ్రత ఎలా ఒక భాగమైపోయిందో ఇది తెలియజేస్తోంది. ఈ సంస్కృతి ఇక్కడి పరిశుభ్రత ప్రయత్నాలలో స్పష్టంగా కనిపిస్తోంది. ప్రజల భాగస్వామ్యంతో కూడిన ఈ ప్రయత్నాలకు గాను డామన్ ప్రజలను నేను అభినందిస్తున్నాను.

మిత్రులారా, 

కేంద్రపాలిత ప్రాంతాలుగా  దాద్రా,నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూ భారతదేశ అస్తిత్వానికి, వారసత్వానికి ప్రతీకలు. అందుకే, వీటి అభివృద్ధి కోసం మనం నిర్దేశించుకున్న లక్ష్యాలు సాధరణమైనవి  కావు. గత సంవత్సరం నేను సిల్వస్సాకు వచ్చినప్పుడు మీకు సింగపూర్ ఉదాహరణ చెప్పడం నాకు గుర్తుంది. ఒకప్పుడు సింగపూర్ కేవలం ఒక చిన్న మత్స్యకార గ్రామం అని నేను చెప్పాను. కానీ సింగపూర్ ప్రజలు కలలు కన్నారు. పెద్ద పెద్ద లక్ష్యాలను నిర్దేశించుకున్నారు. ఈరోజు అదే సింగపూర్ ప్రపంచంలోనే అతిపెద్ద వ్యాపార కేంద్రంగా అవతరించింది. ఈరోజు దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూ కూడా సరిగ్గా అలాంటి కలనే కంటున్నాయి. నమో ఎయిర్‌పోర్ట్, దమన్‌గంగా నదిపై నిర్మించనున్న ఐకానిక్ బ్రిడ్జి, బీచ్ ఫ్రంట్ లో నిర్మించబోయే కన్వెన్షన్ సెంటర్ వంటి ప్రాజెక్టులు -  ఇలాంటి మౌలిక సదుపాయాల ద్వారా మనం భవిష్యత్తు కోసం పెద్ద పెద్ద సంకల్పాలకు పునాది వేస్తున్నాం. ఈ ప్రాజెక్టుల వల్ల మీ ప్రయాణాలు మరింత సులభతరం అవుతాయి. ఇక్కడ వ్యాపార రంగంలో సరికొత్త అవకాశాలు వస్తాయి. డామన్‌కు ఇరువైపులా అభివృద్ధి వేగం మరింత పుంజుకుంటుంది.

మిత్రులారా, 

ఇక్కడ ఆతిథ్య రంగ ఆర్థిక వ్యవస్థకి సంబంధించిన అవకాశాలు పెరుగుతాయి, దీనితో పాటు ట్రాన్స్‌పోర్ట్ నగర్ వంటి సౌకర్యాలు కూడా ఇక్కడి వాణిజ్యానికి, రవాణా రంగానికి సరికొత్త వేగాన్ని అందిస్తాయి.

మిత్రులారా, 

ఈ ప్రాంతంలో సముద్ర ఆధారిత ఆర్థిక వ్యవస్థ కోసం మనం సిద్ధం చేసిన లక్ష్యం అత్యాధునిక మౌలిక సదుపాయాల బలం ద్వారానే సాకారం అవుతుంది. అందువల్లనే, ఈరోజే లక్షద్వీప్‌లోని కల్పేని,  కద్మత్ దీవులలో ఆధునిక నౌకాశ్రయాలకు శంకుస్థాపన జరుగుతోంది. ఈ ప్రయత్నాలన్నీ బ్లూ ఎకానమీ రంగంలో దేశ బలాన్ని మరింత పెంచుతాయి. నేను ముందు చెప్పినట్లుగా, ఇవి లక్షద్వీప్ రూపురేఖలను, భవితవ్యాన్ని మార్చివేసే సరికొత్త కార్యక్రమాలు.

మిత్రులారా, 

పేదలు, వెనుకబడినవారు, గిరిజనులు, మధ్యతరగతి ప్రజల జీవితాలలో మార్పు రావడం బీజేపీ ప్రభుత్వంలో, మా ఎన్డీయే ప్రభుత్వంల, మాకు అభివృద్ధికి సంబంధించిన మొదటి ప్రామాణికం.  ఇందుకోసం ఆరోగ్య రంగం మాకు అత్యంత ప్రాధాన్యత కలిగిన రంగం. గత కొన్నేళ్లుగా, దేశం ఆరోగ్య సంరక్షణ దిశగా ఒక సమగ్రమైన దృక్పథంతో ముందుకు సాగింది. చికిత్సకు సంబంధించిన ప్రతి సమస్యనూ మేం పరిష్కరించాం. ఈరోజు అత్యంత పేదవాడికి కూడా ఆయుష్మాన్ కార్డ్ అందుబాటులో ఉంది. వారికి 5 లక్షల రూపాయల వరకు ఉచిత వైద్య చికిత్స భరోసా లభిస్తోంది. వ్యాధులను సకాలంలో గుర్తించడానికి  ప్రధానమంత్రి ఆయుష్మాన్ ఆరోగ్య కేంద్రాలు ఏర్పాటయ్యాయి. జన ఔషధి కేంద్రాల ద్వారా తక్కువ ధరలకే మందులు కూడా లభిస్తున్నాయి. ఈ సౌకర్యాలను మరింత మెరుగ్గా, ఆధునికంగా మార్చేందుకు ఈరోజు  ఆయుష్మాన్ భారత్ డిజిటల్ మిషన్ ద్వారా ఆరోగ్య సేవలను సాంకేతికతతో అనుసంధానించడం జరుగుతోంది.

 

మిత్రులారా, 

ఆయుష్మాన్ కార్డులు, జన ఔషధి కేంద్రాల వల్ల పేద మధ్యతరగతి ప్రజలకు దాదాపు 2.25 లక్షల కోట్ల రూపాయలు వృథాగా ఖర్చు కాకుండా ఆదా అయ్యాయి.

సోదరీ,సోదరులారా

కేంద్ర ప్రభుత్వ విధానాల వల్ల ఈ ప్రాంత ప్రజలకు కూడా ఎంతో మేలు చేకూరింది. ఒకప్పుడు ఇక్కడ మెరుగైన చికిత్సా సౌకర్యాల కొరత ఉండేది. కనీసం ఒక మెడికల్ కాలేజీ కూడా ఇక్కడ ఉండేది కాదు. కానీ ఇప్పుడు ఇక్కడ ఒక మెడికల్ కాలేజీ ఏర్పాటయింది. అందులో పోస్ట్-గ్రాడ్యుయేషన్ చదువులు కూడా ప్రారంభమయ్యాయి. సిల్వస్సాలోని నమో హాస్పిటల్ గత ఏడాది కాలంగా వేలాది మంది ప్రజలకు సేవలందిస్తోంది. ఈరోజు డామన్‌లో కూడా నమో హాస్పిటల్ ప్రారంభోత్సవం జరిగింది. ఈ ప్రాంత ప్రజలకు ఇప్పుడు మరింత మెరుగైన ఆరోగ్య సంరక్షణ సౌకర్యాలు అందుబాటులోకి వస్తాయి.

మిత్రులారా, 

జాతీయ కుటుంబ ఆరోగ్య సర్వే ఫలితాలను చూస్తే మా ప్రభుత్వం ఆరోగ్య రంగానికి ఎంతటి ప్రాధాన్యత ఇస్తుందో స్పష్టంగా అర్థమవుతుంది. ఒకానొక సమయంలో భారతదేశంలో అత్యధిక శాతం ప్రసవాలు ఆసుపత్రులలో జరిగేవి కావు. కానీ ఈరోజు దేశంలో 90 శాతానికి పైగా ప్రసవాలు ఆసుపత్రులలోనే జరుగుతున్నాయి. దీనివల్ల మాతృ మరణాల రేటు, శిశు మరణాల రేటు గణనీయంగా తగ్గాయి. మిషన్ ఇంద్రధనుష్ కారణంగా, బాలల వ్యాక్సినేషన్ రంగంలో కూడా భారత్ అద్భుతమైన పురోగతిని సాధించింది. 2014 కంటే ముందు, దేశంలో కేవలం 60 శాతం మంది పిల్లలకు మాత్రమే పూర్తి స్థాయిలో వ్యాక్సినేషన్  అందేది. కానీ ఈరోజు ఆ సంఖ్య దాదాపు 90 శాతానికి పెరిగింది. ఆరోగ్య భద్రత రంగంలో కూడా ఒక పెద్ద మార్పు వచ్చింది. 2014 కంటే ముందు, 30 శాతం కంటే తక్కువ కుటుంబాలు మాత్రమే ఆరోగ్య బీమా పథకాలతో అనుసంధానమై ఉండేవి. ఈరోజు ఆయుష్మాన్ భారత్ ఆ గణాంకాలను కూడా పూర్తిగా మార్చేసింది. ఇప్పుడు 60 శాతానికి పైగా కుటుంబాలు ఈ ఆరోగ్య భద్రతా రక్షణను పొందుతున్నాయి.

 

మిత్రులారా, 

ఆరోగ్య రంగంలో ప్రభుత్వం చేపట్టిన ఈ ప్రయత్నాల వల్ల ఎవరైనా అత్యధికంగా లబ్ధి పొంది ఉంటే, అది నా దేశంలోని మహిళా శక్తి మాత్రమే.

మిత్రులారా, 

ఇంతకుముందు ఈ ప్రాంతానికి చెందిన యువత ఉన్నత చదువుల కోసం వెలుపలి ప్రాంతాలకు వెళ్లాల్సి వచ్చేది. కానీ ఈరోజు ఇక్కడ ఒకటి కాదు, అనేక జాతీయ స్థాయి విద్యాసంస్థలు ఏర్పాటయ్యాయి. ఇటీవలి సంవత్సరాలలో ఇక్కడ సరికొత్త పాఠశాల భవనాలను నిర్మించారు. పాఠశాలల్లో స్మార్ట్ తరగతి గదులు  కూడా అందుబాటులోకి వచ్చాయి. వీటి ద్వారా 40 వేల మందికి పైగా విద్యార్థులు లబ్ధి పొందుతున్నారు. ఈ కేంద్రపాలిత ప్రాంతం విద్యారంగంలో క్రమక్రమంగా ముందుకు సాగుతుండటం నాకు ఎంతో సంతోషాన్ని కలిగిస్తోంది. ఇక్కడ స్వామి వివేకానంద ఎడ్యుకేషన్ హబ్ వంటి అనేక నిర్మాణ పనులు జరుగుతున్నాయి.

సొదరీ,సోదరులారా, 

ఈ విద్యా విప్లవంలో మన కుమార్తెలు వెనుకబడిపోకూడదన్నది కూడా మా సంకల్పం. ఇందుకోసం ఎన్నో పెద్ద పెద్ద ప్రయత్నాలు జరుగుతున్నాయి. ఇక్కడి కుమార్తెలకు సరస్వతి సైకిల్ యోజన, సరస్వతి విద్యా యోజన'వంటి పథకాలు ఎంతగానో సహాయపడుతున్నాయి.

మిత్రులారా, 

ఈరోజు దేశంలోని యువతకు డిగ్రీలతో పాటు సరైన దిశా నిర్దేశం కూడా లభించాలన్నదే భారతదేశ ప్రయత్నం. స్థానిక ప్రతిభను ప్రపంచవ్యాప్త అవకాశాలతో అనుసంధానించేలా వారికి తగిన అవకాశాలు, పరిజ్ఞానం లభించాలి. డిజైన్, న్యాయశాస్త్రం, ఇంజనీరింగ్, వైద్య విద్య, ఐటీ, డ్రోన్, పునరుత్పాదక ఇంధనం వంటి రంగాలలో మన ప్రస్తుత సన్నద్ధత భారతదేశ మానవ వనరులను మరింత బలోపేతం చేస్తుంది. అందువల్లనే, వృత్తివిద్యా సంస్థల విస్తరణ అత్యంత ప్రాధాన్యత సంతరించుకుంది.

 

మిత్రులారా, 

ఈరోజు  నేషనల్ ఇన్‌స్టిట్యూట్ ఆఫ్ ఫ్యాషన్ టెక్నాలజీ 18వ క్యాంపస్‌కు శంకుస్థాపన జరిగింది. ఈ సంస్థ ఇక్కడి యువతకు అంతర్జాతీయ స్థాయి పరిజ్ఞానాన్ని, అవకాశాలను అందిస్తుంది. ఐటీఐ, డామన్‌లో డ్రోన్ టెక్నీషియన్ వంటి సరికొత్త కోర్సులు కూడా ప్రారంభమయ్యాయి. పీఎం విశ్వకర్మ, పీఎం సూర్య ఘర్ ఉచిత విద్యుత్ పథకానికి  సంబంధించిన శిక్షణా కార్యక్రమాలు కూడా ఇక్కడి యువతకు ఎంతో ప్రయోజనంచేకూరుస్తున్నాయి.

మిత్రులారా, 

దేశంలో క్రీడలను కూడా ఒక సరికొత్త ఆలోచనతో ముందుకు తీసుకువెడుతున్నాం. మన క్రీడలు ఇకపై కేవలం పెద్ద నగరాలకో లేదా పెద్ద పెద్ద స్టేడియాలకో మాత్రమే పరిమితం కాదు. ఖేలో ఇండియా వంటి ప్రయత్నాలు యువత తమ ప్రతిభను చాటుకోవడానికి ఒక సరికొత్త వేదికను అందించాయి. దీనివల్ల, క్రీడల రంగంలో చిన్న చిన్న ప్రాంతాల నుంచి కూడా పిల్లలు జాతీయ స్థాయికి దూసుకువస్తున్నారు. ఈ ప్రాంతం కూడా దానివల్ల ఎంతో లబ్ధి పొందింది. ఈరోజు డయ్యూ సముద్ర తీర క్రీడలకు ఒక పెద్ద కేంద్రంగా ఆవిర్భవించింది. ఘోఘ్లా బీచ్‌లో నిర్వహించిన బీచ్ గేమ్స్ ఈ ప్రాంతం వైపు దేశం దృష్టిని ఆకర్షించేలా చేశాయి. ఈరోజు ఇక్కడ ఆధునిక క్రీడా మౌలిక సదుపాయాలు నిరంతరం అభివృద్ధి చెందుతున్నాయి. ఖాన్వేల్‌లోని ఫుట్‌బాల్ సెంటర్,  డామన్‌లోని వాలీబాల్ ట్రైనింగ్ సెంటర్ ఇక్కడి క్రీడా సంస్కృతిని మరింత బలోపేతం చేస్తున్నాయి.

మిత్రులారా, 

ఈరోజు దేశం ప్రధాన దృష్టి పర్యాటక రంగం పైనే ఉంది. పర్యాటక రంగం ద్వారా స్థానిక కళలు, సంస్కృతిని ప్రోత్సహించాలన్నదే మా ప్రయత్నం. చిన్న చిన్న ప్రాంతాలను కూడా పెద్ద పెద్ద అవకాశాలతో అనుసంధానించాలి. దేఖో అప్నా దేశ్ వంటి ప్రయత్నాలు దేశంలోని వైవిధ్యాన్ని తెలుసుకోవడానికి ప్రజలను ఎంతగానో ప్రేరేపించాయి. ఈరోజు భారతదేశంలో వారసత్వ పర్యాటకం, సముద్ర తీర పర్యాటకం, పర్యావరణ హిత పర్యాటకం, సాహస పర్యాటకం వంటివి సరికొత్త శక్తిని పుంజుకుంటున్నాయి.

మిత్రులారా, 

దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్,డయ్యూలలో పర్యాటక రంగం  కూడా అపారమైన అవకాశాలు ఉన్న రంగం. ఈ ప్రాంతంలో సహజసిద్ధమైన అందాలున్నాయి. అందుకే పర్యాటక రంగానికి సంబంధించి దేశం అమలు చేసిన విధానాల వల్ల దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూలకు ఎంతో మేలు జరిగింది. 2021లో దాదాపు 6 లక్షల మంది పర్యాటకులు ఇక్కడికి వచ్చారు. 2025 నాటికి ఈ సంఖ్య దాదాపు 50 లక్షలకు పెరిగింది. అంటే కేవలం కొద్ది సంవత్సరాల వ్యవధిలోనే పర్యాటకుల రాక దాదాపు పది రెట్లు పెరిగింది. మెరుగైన మౌలిక సదుపాయాలు, మెరుగైన వసతులు, పరిశుభ్రమైన సముద్ర తీరాల వల్లే ఇది సాధ్యమైంది. డామన్ నైట్ మార్కెట్, రామ్‌సేతు సీ-ఫ్రంట్, నమోపథ్ సీ-ఫ్రంట్, నానీ డామన్ కోట, గంగేశ్వర్ ఆలయ సముదాయం వంటి అనేక ప్రదేశాలు ఈరోజు ఈ మొత్తం ప్రాంతానికి ఒక సరికొత్త గుర్తింపుగా మారుతున్నాయి.

మిత్రులారా, 

దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్,డయ్యూల కలలను సాకారం చేయడానికి మనం ఇక్కడి పారిశ్రామిక బలాన్ని కూడా మరింత పెంచాల్సి ఉంది. ఈ కేంద్రపాలిత ప్రాంతం మనిషి తయారీ నూలు రంగంలో తనకంటూ ఒక ప్రత్యేక గుర్తింపును సంపాదించుకోవడం ఎంతో గర్వకారణం. దాద్రా,నగర్ హవేలీలను జాతీయ మ్యాన్-మేడ్ ఫైబర్ క్యాపిటల్ గా గుర్తిస్తారు. ప్లాస్టిక్ ఎగుమతుల్లో కూడా ఈ ప్రాంతం నిరంతరం పురోగమిస్తోంది. ఇక్కడి పరిశ్రమలకు, ఎంఎస్ఎంఈలకు మద్దతుగా నిలిచేందుకు ప్రభుత్వం కూడా నిరంతర ప్రయత్నాలు చేస్తోంది. ఇక్కడి ఎంఎస్ఎంఈలు, ఇతర పరిశ్రమలకు కోట్ల రూపాయల పైగా ఆర్థిక సహాయం అందించాం. ఈ కేంద్రపాలిత ప్రాంతంలోని చిన్న, కుటీర పరిశ్రమలకు సరికొత్త అవకాశాలు లభిస్తున్నాయి. రాబోయే కాలంలో ఈ ప్రాంతం తయారీ రంగానికి ఒక పెద్ద కేంద్రంగా మారుతుందని నా గట్టి విశ్వాసం. 

మిత్రులారా, 

సున్నితమైన పాలన, అభివృద్ధి దృక్పథం  తోడైనప్పుడు క్షేత్రస్థాయిలో మార్పు అనేది అత్యంత వేగంగా రూపుదిద్దుకుంటుంది. దాద్రా, నగర్ హవేలీ, డామన్, డయ్యూలలో మా ప్రయత్నాల ఫలితాలను చూడటం ఎంతో సంతృప్తిని కలిగిస్తోంది. ఈ గడ్డపై ఉన్న ప్రజలపై నాకు పూర్తి నమ్మకం ఉంది. ఇక్కడి యువత, ఇక్కడి తల్లులు,  అక్కాచెల్లెళ్ళు, ఇక్కడి రైతులు, కళాకారులు, కార్మికులు,  పారిశ్రామికవేత్తలు రాబోయే సంవత్సరాల్లో ఈ అభివృద్ధి ప్రయాణాన్ని మరింత ముందుకు తీసుకువెళతారు. మీ కలలను సాకారం చేసుకోవడానికి కేంద్ర ప్రభుత్వం మీకు ఎల్లప్పుడూ అండగా, భుజం భుజం కలిపి నిలుస్తుందని నేను మీకు హామీ ఇస్తున్నాను. ఈ నమ్మకంతో, ఈ అభివృద్ధి ప్రాజెక్టుల సందర్భంగా మీ అందరికీ మరొక్కసారి నా హృదయపూర్వక అభినందనలు.  నాతో కలిసి పలకండి.. భారత్ మాతా కీ జై! భారత్ మాతా కీ జై! భారత్ మాతా కీ జై!

మీ అందరికీ ధన్యవాదాలు.