BJP’s Sankalp Patra is a resolution letter for the development of the country: PM Modi in Alathur
A prominent Congress leader, struggling to maintain his family stronghold in UP, has sought refuge in Kerala: PM Modi taking a jibe against opposition
In the last decade, the people of Kerala have experienced first-hand, the progress of our nation: PM Modi
This New Year marks the start of development, a shift in politics, and a bold voice in Parliament: PM Modi in Alathur

वड़क्कुम नाथन्टे मन्नील, ओरिक्कल कूड़ी, वरान साधिचतिल, एनिक्य,
अतियाया संतोषम उण्ड
वड़कुम नाथन, त्रिपायर रामास्वामी मंदिर और गुरुवायूर मंदिर की इस पावन भूमि को मैं प्रणाम करता हूं। कुछ ही समय पहले मुझे त्रिपायर रामास्वामी मंदिर और गुरुवायूर मंदिर में दर्शन के लिए आने का सौभाग्य मिला था। और आज मैं एक ऐसे अवसर पर आलत्तूर आया हूं, जब चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। इस समय केरला में नए वर्ष का, विशू का उत्सव मनाया जा रहा है। कुछ सप्ताह पहले ही आप सभी ने यहां धूमधाम से मणापुल्लिकावू वेला भी मनाया था। लोकतंत्र के इस महापर्व के बीच त्रिशूर पूरम पर्व भी मनाया जाएगा। कुछ ही दिनों में रामनवमी का पर्व भी आने वाला है। यहां पड़ोस के त्रिशूर में स्थित त्रिपायर मंदिर को तो दक्षिण की अयोध्या कहा जाता है। इतने सारे संयोग बता रहे हैं, कि ये समय कुछ खास है। ये Positive वातावरण, विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा दे रहा है।

साथियों,
आप सबका ये जनसमर्थन और प्रेम देखकर मैं विश्वास से कह सकता हूं, केरला का ये नया वर्ष एक नया आरंभ लेकर आया है। ये नववर्ष केरला के विकास का वर्ष होगा। ये नववर्ष नई राजनीति के आरंभ का वर्ष होगा। अब केरला पार्लियामेंट में अपनी मजबूत आवाज भेजेगा। इसीलिए, आज केरला भी कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,
कल नववर्ष, विशू के पावन अवसर पर ही बीजेपी ने अपना संकल्प-पत्र जारी किया है। बीजेपी का संकल्प-पत्र, देश के विकास का संकल्प पत्र है। बीजेपी के संकल्प-पत्र में मोदियुडे गारंटी होती है। आयुष्मान भारत के तहत केरला के 73 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को आर्थिक मदद मिली है। अब बीजेपी ने घोषणा की है कि 70 साल से अधिक आयु के सभी सीनियर सिटिज़न्स को आयुष्मान योजना के तहत फ्री चिकित्सा मिलेगी। और यही है- मोदियुडे गारण्टी। मोदियुडे गारण्टी यानि- पीएम आवास योजना में गरीबों के लिए 3 करोड़ नए घर, नए आवास बनेंगे। यहां केरला में भी हजारों गरीबों को नए घर मिलेंगे।मोदियुडे गारण्टी यानि- केरला के हर जन-औषधि केंद्र पर लोगों को 80 परसेंट डिसकाउंट पर सस्ती दवाएं मिलती रहेंगी। मोदियुडे गारण्टी यानि- हमारे युवाओं को मुद्रा योजना में अब 10 लाख की जगह 20 लाख रुपये का सपोर्ट मिलेगा।

साथियों,
बीजेपी ने अगले 5 साल के लिए विकास और विरासत, दोनों का विज़न सामने रखा है। ये क्षेत्र केरला का इतना बड़ा सांस्कृतिक केंद्र है। पाल्लकाड़ को तो गेटवे टू केरला कहा जाता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, किसी का भी मन मोह लेती है। यहां केरला में कितने ही भव्य मंदिर हैं, चर्च हैं, आस्था के स्थल हैं। अगले पांच साल में हम केरला की इस हेरिटेज को ग्लोबल बनाने के लिए काम करेंगे। हम केरला को हाइवेज, एक्स्प्रेसवेज और हाइस्पीड वंदेभारत ट्रेनों के नेटवर्क से जोड़ेंगे। और हमारे सुरेश जी का जब एमपी थे तब भी वंदे भारत नेटवर्क के लिए बहुत ही आग्रह रहता, पूरी डिजाइन बनाकर लाते ते और आज मैं आपको वादा करता हूं, इन सारे कामों की दिशा में आगे बढ़ेंगे। यहां पर्यटन के अवसरों को, बहुत संभावना है केरल में, जितना लाभ लेना चाहिए अभी तक लिया नहीं है। और इसीलिए हम टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हर प्रकार के प्रयास करेंगे।

साथियों,
विकसित होते भारत की पहचान आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से भी होगी। आज देश में नए एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, नए एयरपोर्ट बन रहे हैं। अब बीजेपी ने कल अपने मेनिफेस्टो में घोषणा की है कि जैसे पश्चिम भारत में अहमदाबाद मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का काम चल रहा है। आने वाले कुछ समय में ये काम पूरा होकर के बुलेट ट्रेन दौड़ना शुरू करेगी। देश की पहली बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। इसका अनुभव देखते हुए कल हमने संकल्प पत्र में कहा है कि जैसे पश्चिम भारत में बुलेट का काम आगे चल रहा है, आगे चल करके नार्थ, साउथ, ईस्ट तीन क्षेत्रों में बुलेट ट्रेन के सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। और साउथ में भी बुलेट ट्रेन चले,साउथ में चलने वाले ये बुलेट ट्रेन, यहां के विकास को गति देगी और रोजगार के हजारों नए अवसर बनाएगी। एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में इसके लिए बहुत जल्द सर्वे का काम शुरू किया जाएगा।

साथियों,
ये चुनाव देश के भविष्य के लिए फैसले लेने का चुनाव है। ये चुनाव आपके उज्ज्वल भविष्य की गारंटी के लिए चुनाव है। ये चुनाव आपके बच्चों के उज्ज्वल जीवन के लिए गारंटी देने का चुनाव है। केरल के लोगों ने पिछले 10 साल में देखा है कि कैसे एनडीए सरकार ने दुनिया भर में भारत की साख बढ़ाई है। कांग्रेस सरकार ने भारत की छवि कमजोर देश की बना दी थी। बीजेपी सरकार ने भारत को एक मजबूत देश बनाया है। आज जब कोई भारतीय विदेश जाता है, गल्फ जाता है, तो उसे सम्मान से देखा जाता है। आज का भारत युद्ध में फंसे अपने नागरिकों को rescue करने की ताकत रखता है। आज का भारत कोरोना जैसी महामारी में दूसरे देशों की ओर नहीं देखता। आज का भारत कोरोना जैसी महामारी में दूसरे देशों की ओर नहीं देखता। हम स्वदेशी वैक्सीन बनाते हैं, अपने देश के साथ-साथ विश्व के दूसरे देशों की भी सहायता करते हैं। मैं ये बताना चाहता हूं, पिछले 10 साल में जो हुआ है, आपको लगता है बहुत कुछ हुआ है, पूरे देश में बदल रहा है, लेकिन मोदी क्या कहता है, मोदी तो कहता है 10 साल में इतना सारा भले हुआ, लेकिन जो हुआ है न, वो तो ट्रेलर है ट्रेलर। अभी तो बहुत कुछ करना है, अभी तो हमें हमारे देश को, हमारे केरला को बहुत आगे लेकर जाना है।

साथियों,
NDA सरकार नारायण गुरु के उन विचारों पर काम करती है। हमारी प्राथमिकता है, गरीब कल्याण और लोक कल्याण! इसीलिए, पिछले 10 साल NDA सरकार में ‘जलजीवन मिशन के तहत केरला में 36 लाख से ज्यादा नल से जल कनेक्शन मिले हैं। लेकिन मुझे दुख के साथ कहना है कि पूरे देश में जिस गति से जलजीवन मिशन चला है, केरला में यहां की सरकार उतना चलने नहीं दे रही है। वो भ्रष्टाचार की तलाश में होते हैं, और इसीलिए आज भी केरल में घरों में पीने के पानी का संकट है। अगर हिंदुस्तान में कोई सुनेगा, राजस्थान में पानी का संकट है या गुजरात में पानी का संकट है, तो लोगों को लगता है हां, यार मुसीबत है, केरल में पानी का संकट ये यहां की सरकार की विफलता का जीत-जागता सबूत है। और मैं गारंटी देता हूं, मैं हर घर नल से जल पहुंचाना चाहता हूं, आप मुझे आशीर्वाद दीजिए। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना से करीब एक करोड़ पचास लाख लाभार्थियों तो मुफ्त राशन मिल रहा है। बीजेपी ने संकल्प-पत्र में ये गारंटी दी है कि ये योजना अगले 5 साल और बढ़ाई जाएगी। NDA सरकार केरला में फिशरीज क्लस्टर्स बनाकर यहां के मछुआरों का जीवन बदलने के लिए काम करेगी।

साथियों,
आज बीजेपी के शासन में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन, LDF-UDF केरला को पीछे धकेल रहे हैं। NDA सरकार केरला और इस क्षेत्र के विकास के लिए जो प्रयास कर रही है, राज्य सरकार उसमें भी बाधा डाल रही है। ये लोग नेशनल हाइवेज के प्रोजेक्ट्स भी रोकना चाहते हैं। क्योंकि, लेफ्ट सरकारों का एक ही कैरक्टर है। चाहे वो त्रिपुरा में हो, बंगाल में थे तब भी ऐसा ही करते थे और केरल में भी जब मौका मिलता है, ऐसा ही करते हैं। लेफ्ट सरकारों का कैरक्टर क्या है- Nothing Left and Nothing Right. यानी, जहां लेफ्ट का शासन हो जाता है, वहां कुछ भी बाकी नहीं रहता और कुछ भी सही नहीं होता। इन्होंने बंगाल को बदहाल बनाया। ये लोग त्रिपुरा में त्रासदी लाए थे। वही काम ये केरला में भी कर रहे हैं।

साथियों,
आज केरला जैसे शांतिप्रिय राज्य में हिंसा-अराजकता आम हो गई है। आज केरला में खुलेआम राजनैतिक हत्याएं कराई जाती हैं। कॉलेज के कैंपस तक असामाजिक तत्वों के अड्डे बन गए हैं। सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले एलिमेंट्स को सरकारी संरक्षण मिलता है। हमारे बच्चे तक सुरक्षित नहीं हैं।

साथियों,
केरला में जनता के पैसे की खुलेआम लूट हो रही है। ये लोग भ्रष्टाचार के नए-नए मॉडल लेकर आते हैं, जनता का every single रुपया लूटना चाहते हैं। करूवन्नूर Co-Operative Bank Scam लेफ्ट की लूट का एक ऐसा उदाहरण है, हर कोई जिससे परेशान है। जिस बैंक में गरीबों ने, मध्यम वर्ग ने अपनी मेहनत के सैकड़ों करोड़ रुपए जमा किए थे, उस बैंक को CPM के लोगों ने पूरी तरह लूटकर कंगाल कर दिया। ये जो गरीबों ने, मध्यम वर्ग बैंक में पैसे रखे थे, क्योंकि घर में बेटी की उम्र बढ़ रही थी, उन्होंने सोचा कि बेटी की शादी करवानी है, बैंक में पैसे जमा कराएं, कुछ ब्याज मिलेगा, पैसे मिलेंगे, और जब शादी का समय आएगा, तो बेटी के काम आएगा। लेकिन इन सीपीएम वालों ने गरीब की बेटी की शादी को भी अनेक संकटों में डाल दिया। मध्यम वर्ग के बच्चों की शादी भी इन्होंने संकट में डाल दिया। गरीबों के खिलाफ ऐसी मिलीभगत का उदाहरण आपको बहुत कम मिलेगा। इस स्कैम की वजह से हजारों परिवारों का जीवन दांव पर लग गया है। अभी मुझे हमारी उम्मीदवार बहन डॉ. सरसू बता रही थी, कुछ दिन पहले टेलीफोन पर उन्होंने समस्या का जिक्र किया था। अब वो कह रही हैं, उनको इतने टेलीफोन आते हैं, और लोग टेलीफोन पर रोते हैं कि कितनी मेहनत के पैसे उनके चले गए। कौन ये पैसे वापस लाएगा। हर कोई शिकायत कर रहा है।

साथियों,
यहां CPM के मुख्यमंत्री तीन साल से झूठ बोल रहे हैं कि इस कॉपरेटिव स्कैम के पीड़ितों को उनका पैसा वापस मिलेगा। ये ये भी झूठ बोलते हैं कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। ये आपका सेवक मोदी है जिसने इस केस की जांच करवाई। अब तक स्कैम करने वालों की करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच हो चुकी है। मैं इस बारे में कानूनी सलाह ले रहा हूं कि कैसे जिनके पैसे डूब गए हैं, उन गरीबों को उनका पैसा वापस दिलाया जाए। ये 90 करोड़ रुपया उनको कैसे बांट दूं। बीजेपी सरकार पहले भी देश में 17 हजार करोड़ रुपये ऐसे स्कैम पीड़ितों को वापस दिलवा चुकी है। इसलिए, मैं इस कॉरपेटिव स्कैम के पीड़ितों को भरोसा देता हूं कि उनका पैसा वापस दिलाने में भाजपा और मेरी सरकार कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

साथियों,
कांग्रेस के एक बड़े नेता, जिनको यूपी में अपनी खानदानी सीट पर इज्जत बचाना मुश्किल हो गया है, उन्होंने केरला में अपना नया ठिकाना बना लिया है। चुनाव जीतने के लिए, यहां कांग्रेस ने उस संगठन के पोलिटिकल विंग से बैकडोर समझौता किया है, जिसको देश में देश विरोधी प्रवृत्ति के लिए बैन किया गया है। लेकिन, क्या आपने कभी सुना है, कांग्रेस के इन नेताओं के मुंह से, कभी भी Co-Operative Bank Scam के लिए, कैसे पैसे लूटे हैं। कांग्रेस के ये युवराज केरला के लोगों से वोट तो मांगेगे लेकिन, आपके हक, आपके मुद्दों पर एक शब्द भी नहीं बोलेंगे। केरला के लोगों को LDF-UDF, दोनों से सावधान रहना है। केरला में भले ही कांग्रेस पार्टी लेफ्ट के लोगों को आतंकवादी कहती है, लेकिन, दिल्ली में ये लोग एक साथ बैठकर चुनावी गठजोड़ करते हैं, एक ही थाली में खाते हैं। यहां केरला से बाहर निकलते ही, पड़ोस में तमिलनाडु में ही दोनों पार्टियां एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां भाषण देते हैं कि आतंकवादी है, और वहां मिल करके चुनाव लड़ते हैं। और, जो लेफ्ट वाले लोग कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाते थे, अब वो खुद उनसे परिवारवाद के फायदे क्या हैं, इसके टिप्स ले रहे हैं। ये लोग इंडी अलायंस बनाकर साथ आए हैं, क्योंकि ये जानते हैं कि मोदी इनके लूट के सब ठिकानों को ठप्प कर रहा है। इसीलिए, चाहे लेफ्ट हो या कांग्रेस, सबके निशाने पर मोदी ही है। लेकिन, मैं आपको गारंटी देता हूं, बीजेपी और NDA को दिया गया आपका एक-एक वोट गरीब के एक एक पैसे का हिसाब करेगा।

साथियों,
26 अप्रैल, ये केरला के लिए विकास के संकल्प का दिन होगा। केरल के उज्ज्व भविष्य के लिए वोट करने का दिन होगा। मेरी अपील है कि वोटिंग के दिन आप, आलत्तूर से श्रीमती डॉ. टी.एन.सरसू, त्रिशूर से श्री सुरेश गोपी, पोन्नानी से श्रीमती निवेदिता सुब्रह्मणयम, मलप्पुरम से श्री वी.सी.अब्दुल सलाम और, चालाकुडी से एनडीए उम्मीदवार श्री के.ए.उन्नीकृष्णन इन सबको रिकॉर्ड वोटों से जीत दिलाकर मुझे दिल्ली में मदद करने के लिए भेजिए। आप मेरा ये अनुरोध हर घर तक पहुंचाएं, और हर घर ये भी बताएं कि मोदी जी ने हर परिवार को, हर बुजुर्ग को, हर माता को सबको प्रणाम कहा है। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की। दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिए... भारत माता की... भारत माता की… भारत माता की…
बहुत-बहुत धन्यवाद!

Explore More
Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya

பிரபலமான பேச்சுகள்

Today, the entire country and entire world is filled with the spirit of Bhagwan Shri Ram: PM Modi at Dhwajarohan Utsav in Ayodhya
Indonesia To Dubai, IITs And IIMs Are Going Global: The Strategy Behind India's Overseas Campuses

Media Coverage

Indonesia To Dubai, IITs And IIMs Are Going Global: The Strategy Behind India's Overseas Campuses
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of Prime Minister's address at a community event in Australia
July 09, 2026

I would like to begin by acknowledging the traditional owners of the land on which we meet and I pay my respects to their elders past, present and emerging.

वणक्कम मेलबन
नमस्कार माइट्स !
कैसे हैं आप?
केम छो?

ये शो हाउसफुल है, ब्लॉक-बस्टर है।

मैं अपना भाषण शुरू करूँ इससे पहले विक्टोरिया के प्रीमियर और मेरे मित्र प्रधानमंत्रीजी के सम्मान में आप सब अपने मोबाइल फ़ोन का फ्लैशलाइट जलाके इनको सम्मानित कीजिये।

साथियों,

इससे पहले मैं दो बार सिडनी में आपसे मिला था, मेलबन वालों से मिलने का मुझे भी इंतजार था, इसलिए सोचा इस बार मेलबन वालों के साथ फ्लैट व्हाइट कॉफी पीता हूं।

साथियों,

जिस एनर्जी से आप सभी ने हमारे ऑसी फ्रेंड्स ने हम सभी को वेलकम किया है वो और भी Amazing है। मेलबन ने एक तरह से मैदान मार लिया है।

साथियों,

मैं, मेरे मित्र, भारत के मित्र, प्राइम मिनिस्टर एंथनी अल्बनीसी का भी आभारी हूं। आप सिडनी में भी साथ थे, और आज यहां मेलबन में भी, भारतीय कम्यूनिटी के बीच आए हैं। और ये एक प्रकार से फुल सर्कल हो गया है।

अमदाबाद जहां दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट ग्राउंड है, और मेलबन, जहां iconic स्टेडियम है हम दोनों साथ रहे हैं। और साथियों हम सभी ने देखा है प्राइम मिनिस्टर अल्बनीसी जब बोलते हैं तो भारतीयों के दिल और दिमाग में छा जाते हैं। सिडनी में भी आपने धूम मचाई थी और यहां भी आप छा गए।

मैं विक्टोरिया के प्रीमियर का भी उनके ऊर्जा भरे शब्दों केलिए, भारत के प्रति इतने स्नेह से उन्होंने जो कहा उसके लिये उनका भी आभार व्यक्त करता हूँ।

साथियों,

मैं जब साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया आया था तो 28 साल के बाद, भारत का कोई पीएम यहां पहुंचा था। और आप याद कीजिए तब मैंने कहा था कि अब आपको 28 साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

पिछले 12 वर्षों में मैं तीसरी बार यहां आया हूं यानि इस बार हैट्रिक लगी है। ये दिखाता है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते किस उंचाईं पर हैं। और जानते हैं इसमें सबसे बड़ी भूमिका किसकी है? मोदी की नहीं, इसमें आप सभी साथियों की भूमिका है, इंडियन डायस्पोरा की भूमिका है।

साथियों,

कहते हैं कि मेलबन शहर एक दिन में ही चार सीज़न के दर्शन करा देता है। लेकिन भारतीय समुदाय ने अपने कल्चरल कलर्स से इसको और वाइब्रेंट बना दिया है।

यहां मेलबन में और आसपास काफी ऐसे स्थान हैं, ऐसे मार्केट्स हैं, जो भारतीयता के रंगों से भरे हैं। कोई उन्हें लिटिल इंडिया कहता है, कोई मिनी इंडिया कहता है, नाम जो भी हों, लेकिन रंग भारतीयता से भरे हैं।

ऐसे ही एक मार्केट का वीडियो किसी ने मुझे दिखाया। वीडियो में बता रहे थे, कि वहां खूब सेल चलती रहती है। इस सेल के चक्कर में, लोग घनचक्कर बन जाते हैं। शॉपिंग का मूड न भी हो, तो भी खरीदारी करनी ही पड़ती है। मैं सही कह रहा हूं?

साथियों,

आप में से कई साथी, फर्स्ट टाइम ऑस्ट्रेलिया आए, और कइयों का जन्म भी यहीं हुआ, पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन भीतर की भारतीयता हमेशा ज़िंदा रहती है। यहां कई सारे साथी ऐसे होंगे जिनके घर में कम से कम दो Time Zone चलते हैं? यहाँ बच्चे स्कूल से घर, ऑस्ट्रेलियन टाइम के हिसाब से आते हैं, लेकिन भारत में दादा-दादी, नाना-नानी, Video Call पर इंतज़ार कर रहे होते हैं। यहाँ Weekend होता है, तो भारत में किसी शादी की Live Streaming चल रही होती है। यानी, दूरी हज़ारों किलोमीटर की है, लेकिन Daily Routine, आज भी भारत से जुड़ा हुआ है। और इस रुटीन के साथ आप सभी ऑस्ट्रेलिया के विकास में पूरी शक्ति से जुटे हुए हैं। मुझे आप सब पर गर्व है।

साथियों,

हम भारतीय ऐसे ही हैं, जैसे दूध में चीनी मिल जाती है, उसे और मीठा कर देती है, वैसे ही हम भारतीय दुनिया में अपने प्रेम का रंग घोलते रहते हैं।

घर में दूध, ऑस्ट्रेलिया वाला आता है, लेकिन चाय भारत वाली बनती है। दाल-सब्ज़ियाँ ऑस्ट्रेलिया की हैं लेकिन उनमें तड़का देसी मसालों का लगता है।

साथियों,

आपने सुना होगा भारत में आजकल भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड चल रहा है। इसको हमारी gen-ज़ी ड्राइव कर रही है। और यहां ऑस्ट्रेलिया में भी मैंने सुना है कि आपका वीकेंड आस्था, और आध्यात्म से भरा रहता है।

कहीं किसी के घर भगवान सत्यनारायण की कथा, कहीं गुरुद्वारे में अरदास, कहीं बच्चों द्वारा भांगड़ा या भरतनाट्यम की प्रस्तुति, कहीं कोई क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा होता है।

और अब तो, Indian Film Festival भी यहां आ गया है। कुछ दिन बाद ही मेलबन में इंडियन फिल्म फेस्टिवल शुरु होने वाला है। मैं इसके सफल आयोजन की आपको अभी से शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आप सभी, ऑस्ट्रेलिया की ग्रोथ को अपने परिश्रम से सींच रहे हैं। लेकिन मैं जानता हूं कि आपकी एक नज़र भारत पर लगातार रहती है। भारत क्या कर रहा है, भारत की प्रगति, भारत की गति, इसकी खोज खबर आप लेते रहते हैं।

साथियों,

21वीं सदी का भारत आज विकसित होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। एक सपना पूरा होता है, तो नया सपना जन्म ले लेता है।

पहले कहते थे, एक दीप से जले दूसरा, जलते दीप हज़ार। आज में कहता हूँ, एक सपने से जन्मे दूसरा, सपने जन्मे हज़ार। एक लक्ष्य पूरा होता है तो उससे भी बड़ा संकल्प सामने आता है।

ये वो भारत है, जो कहता है- Grow More Achieve More.

हम 140 करोड़ Aspirations से भरे राष्ट्र हैं, हम अधीर हैं, बेसब्र हैं, हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकॉनॉमी हैं, लेकिन हम जल्द से जल्द दुनिया की टॉप थ्री इकॉनॉमी बनना चाहते हैं। क्योंकि हमारी प्रेरणा है- Grow More Achieve More.

साथियों,

आपने भी देखा है, भारत ने मून के साउथ पोल पर चंद्रयान लैंड कराया। दुनिया में कोई और देश ऐसा नहीं कर सका। लेकिन भारत इतने भर से संतुष्ट नहीं हुआ क्योंकि भारत कहता है Grow More Achieve More.

इसलिए साथियों, भारत अब स्पेस में अपना गगनयान भेजने की तैयारी कर रहा है, भारत अब अपना स्पेस स्टेशन बनाने के लक्ष्य पर चल रहा है।

साथियों,

कुछ साल पहले तक, 5G टेक्नॉलॉजी को लेकर बड़े सवाल देश के सामने थे? कब लॉन्च होगी, कैसे रोलआउट होगी, कितना समय लग जाएगा? हमने 2022 के अंत में 5G रोलआउट करना शुरु किया, और आज भारत के Ninety nine percent district इससे कवर्ड हो चुके हैं। और आपको खुशी होगी दोस्तों, भारत 5G का Fastest rollout करने वाले देशों में से एक है।

आज भारत, दुनिया का दूसरा बड़ा 5G मार्केट बन चुका है। औऱ इतना ही नहीं, भारत आज मेड इन इंडिया 6G टेक्नॉलॉजी पर भी तेज़ी से काम कर रहा है। वो इसलिए, क्योंकि भारतीय कहते हैं, Grow More Achieve More.

साथियों,

पिछले 12 वर्षों में, भारत के दो दर्जन से अधिक शहरों में मेट्रो नेटवर्क पहुंच चुका है। आज भारत में हर दिन सवा करोड़ से अधिक लोग मेट्रो में सफर करते हैं। भारत, दुनिया का तीसरा बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश है। लेकिन हम भारतीय इससे भी संतुष्ट नहीं है, हम कहते हैं- Grow More Achieve More.

इसलिए हम भारत में नमो भारत रैपिड रेल, और वंदे भारत जैसे सेमी हाईस्पीड नेटवर्क को तेज़ी से बढ़ा रहे हैं।

एक और उदाहरण मेक इन इंडिया का है। बीते 12 वर्ष में, मेक इन इंडिया ग्लोबल ब्रांड बना। हमारे मोबाइल फोन, हमारे इलेक्ट्रॉनिक्स, दुनियाभर में पहुंचे। हमारे ऑटोमोबील, हमारे फार्मा प्रोडक्ट्स का ग्लोबली और विस्तार हुआ। भारत के डिफेंस प्लेटफॉर्म की कैपेबिलिटी और क्रेडबिलिटी, दुनिया देख रही है।

आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, डेमो तो देख ही लिया होगा। धमाके, आतंकियों के अड्डों पर हो रहे थे, और गूंज, पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी। टैरर कैंप्स पर इस करारे प्रहार से आपको गर्व हुआ या नहीं?

साथियों,

भारत इतने पर ही रुकना नहीं चाहता, भारत कह रहा है Grow More Achieve More. इसलिए, आज चिप से लेकर शिप तक, मैन्युफेक्चरिंग का भारत में एक नया इकोसिस्टम डवलप किया जा रहा है।

साथियों,

भारत के बड़े सपनों, बड़ी एस्पिरेशन्स की नींव है। भारत का नागरिक, We the people और इन सपनों को एनर्जी दे रहा है। People first, यानि नागरिक देवो भव का मंत्र। ये आज के भारत की गवर्नेंस का मूल मंत्र बन गया है।

मैं आपको अटेस्टेशन का उदाहरण देता हूं। अटेस्टेशन की मजबूरी, कुछ साल पहले तक बहुत कॉमन हुआ करती था। यानि कुछ भी करना हो, कहीं भी अप्लाई करना हो, अपने डॉक्यूमेंट किसी अधिकारी से अटेस्ट कराने पड़ते थे।

कतार में खड़ा रहना पड़ता था सुबह सुबह। ये बताने के लिए कि, हां तुम वही हो। हमारे लिए तो नागरिक देवो भव। अब ये स्थिति नहीं है। अब ज्यादातर काम सेल्फ अटेस्टेशन से ही चल जाता है।

वहां से जो यात्रा शुरू हुई, वो भारत में डिजी-लॉकर तक पहुंच गई है। एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था, जिसमें भारतीय, अपने डॉक्यूमेंट्स Digi फॉर्मेट में रख सकते हैं। इसमें एक क्लिक में डॉक्यूमेंट Share होता है। Verify होता है। Accept होता है।

साथियों,

व्यवस्था बनाना एक चीज है, उसे स्केल और सिक्योर फीचर के साथ बनाना, बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। आप जानते हैं कि आज भारत में डिजीलॉकर के कितने यूज़र हैं? मैं जानता हूँ, यह आंकड़ा याद रखना थोड़ा कठिन है।

इस वक्त तक, 70 करोड़ यानि 700 मिलियन से ज्यादा डिजिलॉकर यूज़र हैं। और इनमें, 850 करोड़ से अधिक डॉक्युमेंट्स स्टोर हैं। 850 करोड़ से अधिक।

साथियों,

नागरिक देवो भव का एक उदाहरण, हमारा हेल्थकेयर सिस्टम है। आज करोड़ों भारतीयों के पास, एक सिक्योर डिजिटल हेल्थ आईडी है। इसमें हेल्थ रिकॉर्ड्स की पूरी हिस्ट्री डिजिटली स्टोर होती है। इससे भारत में, डाइअग्नोसिस और बेहतर हो रहा है। और इससे इलाज की व्यवस्था और सुधर रही है।

यही नहीं टेलिकंसल्टेशन का चलन भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का एक ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म है, इससे अभी तक 48 करोड़ यानि 480 मिलियन टेली-कंसलटेशन्स हो चुकी हैं। इस प्लेटफॉर्म से सवा दो लाख से अधिक हेल्थकेयर प्रोवाइडर जुड़े हैं।

साथियों,

एक जमाने में आप सभी ने पासपोर्ट से जुड़ी परेशानियां भी सही होंगी। आप याद कीजिए, कितने हफ्ते लगते थे पासपोर्ट बनने में? लेकिन आज पासपोर्ट औसतन कुछ ही दिनों में मिल जाता है। यही सिटिजन फर्स्ट गवर्नेंस है। यही नागरिक देवो भव के मंत्र की सफलता है।

साथियों,

मैं अक्सर एक बात कहता हूं, भारत का सामर्थ्य जितना बढ़ता है, उसका फायदा, पूरी मानवता को होता है। हमारे संस्कार हैं- सर्वे भवन्तु सुखिन: यानि सब सुखी रहें। यही शाश्वत संस्कार आज भी भारत की पॉलिसीज़ और एक्शन्स को प्रेरित करते हैं।

साथियों,

अभी पिछले महीने ही वेनज़ुएला में भूकंप की इतनी बड़ी त्रासदी आई। कितना बड़ा विनाश हुआ। सैकड़ों लोगों की जान गई। हमने दूरी कितनी है देखा नहीं। हमने वेनज़ुएला की उस पीड़ा को अपनी पीड़ा समझा। भारत ने रिलीफ़ और rescue के लिए ऑपरेशन चलाया।

हमने जितनी तेज़ी से संभव हो सकता था, मदद भेजी, अपने एक्सपर्ट्स भेजे, हमारी मेडिकल टीम्स ने तेज़ी से काम शुरु किया। मुझे बहुत संतोष है, कि इससे अनेक ज़िंदगियां बच पाईं।

साथियों,

ऐसे ही तुर्किए और सीरिया में जब भूकंप आया, तब भी भारत ने बहुत तेज़ी से राहत और बचाव के लिए मदद भेजी। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, पिछले साल हमने म्यांमार में ऑपरेशन ब्रह्मा चलाया। श्रीलंका में साइक्लोन की तबाही हुई, तो वहां ऑपरेशन सागर बंधु चलाया।

साथियों,

कोरोनाकाल की यादें भी आज तक हमारे मन में ताजा हैं। हमने दुनियाभर से भारत के ही नहीं, अन्य देशों के नागरिकों को भी अपने-अपने घर पहुंचाया। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। ज़रूरतमंदों तक दवाएं पहुंचाईं, 100 से अधिक देशों को वैक्सीन्स भेजीं। युद्धक्षेत्रों में भी भारत ने, संकट में फंसे व्यक्तों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

साथियों,

भारत जब मदद करता है, तो पासपोर्ट नहीं देखता, भारत जब मदद भेजता है, पासपोर्ट का रंग नहीं देखता। इसलिए, दुनिया भी भारत पर इतना विश्वास करती है।

साथियों,

मैं जानता हूं कि मानवता के हित में काम करने में ऑस्ट्रेलिया की भी बहुत बड़ी भूमिका है। ये हम दोनों देशों की पार्टनरशिप का एक अहम पिलर है।

और हम दोनों देशों की साझेदारी को, एक और सेक्टर मजबूती देता है। ये सेक्टर है—स्पोर्ट्स। स्पोर्ट्स की दुनिया में, ऑस्ट्रेलिया अपने आप में एक ब्रैंड है। लेकिन भारत में भी स्पोर्ट्स इकोसिस्टम ट्रांसफॉर्म हो रहा है।

साथियों,

आपने खेलो इंडिया मिशन का नाम सुना होगा। ये सिर्फ एक स्पोर्ट्स पॉलिसी नहीं है, ये अभियान स्कूल लेवल से ही हज़ारों खिलाड़ियों का एक पूल तैयार कर रहा है। भारत में स्कूल, यूनिवर्सिटी और नेशनल लेवल पर खेलो इंडिया गेम्स होते हैं, इनमें लाखों एथलीट्स पार्टिसिपेट करते हैं।

इस मिशन के तहत, भारत के रिमोट एरियाज़ में भी स्पोर्ट्स इंफ्रा तैयार किया जा रहा है। इससे ज्यादा से ज्यादा एथलीट्स को खासतौर पर हमारी बेटियों को ज्यादा अवसर मिल रहे हैं। और ये सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है सांसद खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से गांव-गांव में स्पोर्ट्स को, फिटनेस से जोड़ा जा रहा है, करियर ऑपॉर्चुनिटीज़ से कनेक्ट किया जा रहा है।

और ये जो कुछ भी हो रहा है, इसका इंपैक्ट फील्ड में दिख रहा है। भारत के एथलीट्स, भारत की टीम्स, Better से बेस्ट होती जा रही हैं।

साथियों,

यही कॉन्फिडेंस, भारत को स्पोर्टिंग लीग के नेक्स्ट लेवल पर ले जा रहा है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स, भारत होस्ट कर रहा है। भारत 2036 ओलंपिक्स को होस्ट करने का भी दावेदार है। मुझे पूरा विश्वास है, स्पोर्ट्स के क्षेत्र में भी ऑस्ट्रेलिया और भारत की पार्टनरर्शिप का और विस्तार होगा।

साथियों,

भारत और ऑस्ट्रेलिया, जो कुछ भी करते हैं, वो हम दोनों देशों के लिए भी शुभ होता है। इसका एक बड़ा उदाहरण, भारत-ऑस्ट्रेलिया ट्रेड एग्रीमेंट है। आपने वो शेर सुना होगा, आपको याद होगा:

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया

ऐसे ही, भारत और ऑस्ट्रेलिया का एग्रीमेंट एक शुरुआत थी, और आज ये कारवां दुनिया के लगभग 40 देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स तक पहुंच चुका है।

साथियों,

हम केवल, ट्रेडिंग नेशन नहीं हैं, हम इनोवेशन को, साइंस एंड टेक्नॉलॉजी को महत्व देते हैं। ऑस्ट्रेलिया की अनेक उपलब्धियां हैं, Hearing implant, Wi-Fi, Cervical cancer vaccine, Flight Black Box, Secret Ballot Voting, ऐसे कितने ही innovations हैं जिनमें ऑस्ट्रेलिया का एक बड़ा रोल रहा है, और आज ये पूरी दुनिया को बेहतर बनाने के काम आ रहे हैं।

साथियों,

ऐसे ही भारत भी, अपने साइंस, टेक और इनोवेशन इकोसिस्टम को ट्रांसफॉर्म कर रहा है। आपको ये जानकर खुशी होगी, आज भारत के 10 हज़ार स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स चल रही हैं। ये स्कूल लेवल पर ही, इनोवेशन का माइंटसेट तैयार कर रही हैं।

बीते 12 वर्षों में भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टम बन गया है। लेकिन मैं नंबर बताउंगा, तो आप भी हैरान रह जाएंगे। आप डेटा सुनना चाहेंगे, तो मैं बताऊं ?

आज भारत में 2 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्ट अप्स हैं। भारत में हर महीने 4 हज़ार से ज्यादा नए स्टार्ट अप रजिस्टर हो रहे हैं। और डिफेंस और स्पेस जैसे सेक्टर्स में भी सैकड़ों स्टार्ट अप्स काम कर रहे हैं। इनके उदाहरण मैं इसलिए दे रहा हूं, क्योंकि ये सारे सेक्टर पहले भारत में बंद थे। कुछ साल पहले ही इनको प्राइवेट आंत्रप्रन्योरशिप के लिए खोला गया है। और आप देखिए भारत का एक स्पेस स्टार्ट-अप बहुत जल्द, अपने रॉकेट में, पहली बार सैटेलाइट्स लॉन्च करने जा रहा है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि एजुकेशन, स्किल, इनोवेशन में भारत और ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता और गहरा हो रहा है, और मजबूत हो रहा है। आज ऑस्ट्रेलिया में हज़ारों भारतीय स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। और अब ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटीज़, भारत में भी अपने कैंपस खोल रही हैं।

डीकिन और वुलोन्गोंग University के कैंपस शुरु हो चुके हैं। और भी ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटीज इस तरफ आगे बढ़ रही हैं। और ये केवल नए कैंपस खोलने तक की बात नहीं है, ये दुनिया को स्किल्ड, इनोवेटिव टैलेंट देने का ग्लोबल लीडरशिप तैयार करने का भी अभियान है।

साथियों,

भारत की इतनी सारी बातें मैंने आपके बीच की हैं। अब मैं आपसे एक आग्रह भी करूंगा। कुछ समय पहले हमने हमारी प्रवासी कम्युनिटी के बच्चों के लिए, भारत को जानो क्विज की शुरुआत की है। ये क्विज दुनिया को भारत की डायवर्सिटी से परिचित कराती है, और साथ ही, भारतीय कम्यूनिटी के परिवारों को अपनी विरासत से जोड़ती है। मुझे ये जानकर अच्छा लगा, कि इस साल ऑस्ट्रेलिया में बहुत सारे युवा साथियों ने इस कार्यक्रम के कर्टेन रेजर में पार्टिसिपेट किया है। अब इस कंप्टीशन के सिक्स्थ एडिशन की शुरुआत होने जा रही है। इस बार गेमीफ़ाइड मोड में बहुत से कंप्टीशन होने जा रहे हैं, मैं ऑस्ट्रेलिया में भारतीय कम्यूनिटी के सभी परिवारों से आग्रह करूंगा, कि इसमें जरूर हिस्सा लें। लेकिन साथ साथ आप ऑस्ट्रेलिया के दोस्तों को भी, आपके स्कूल में पढ़ने वाले साथियों को, कॉलेज में पढ़ने वाले साथियों को इस कंपटीशन में जरुर जोड़ें।

साथियों,

आप सभी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को मजबूत बनाने में बहुत मेहनत की है, बहुत योगदान दिया है। लेकिन आपका काम यहां खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यहां से आपकी ज़िम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। अब भारत और ऑस्ट्रेलिया की पार्टनरशिप का एक अलग ही फेज़ शुरु हो रहा है।

इसलिए आप, ऐसे ही भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को जोश से भरते रहिए, चौके-छक्के मारते रहिए, आपकी सफलता में ही, भारत और ऑस्ट्रेलिया की सफलता है।

साथियों,

आज के इस कार्यक्रम के लिए प्राइम मिनिस्टर अल्बनीसी और आप सभी साथियों को मेरा एक बार फिर बहुत बहुत धन्यवाद।

भारत माता की जय!

वंदे मातरम!