BJP’s Sankalp Patra is a resolution letter for the development of the country: PM Modi in Alathur
A prominent Congress leader, struggling to maintain his family stronghold in UP, has sought refuge in Kerala: PM Modi taking a jibe against opposition
In the last decade, the people of Kerala have experienced first-hand, the progress of our nation: PM Modi
This New Year marks the start of development, a shift in politics, and a bold voice in Parliament: PM Modi in Alathur

वड़क्कुम नाथन्टे मन्नील, ओरिक्कल कूड़ी, वरान साधिचतिल, एनिक्य,
अतियाया संतोषम उण्ड
वड़कुम नाथन, त्रिपायर रामास्वामी मंदिर और गुरुवायूर मंदिर की इस पावन भूमि को मैं प्रणाम करता हूं। कुछ ही समय पहले मुझे त्रिपायर रामास्वामी मंदिर और गुरुवायूर मंदिर में दर्शन के लिए आने का सौभाग्य मिला था। और आज मैं एक ऐसे अवसर पर आलत्तूर आया हूं, जब चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है। इस समय केरला में नए वर्ष का, विशू का उत्सव मनाया जा रहा है। कुछ सप्ताह पहले ही आप सभी ने यहां धूमधाम से मणापुल्लिकावू वेला भी मनाया था। लोकतंत्र के इस महापर्व के बीच त्रिशूर पूरम पर्व भी मनाया जाएगा। कुछ ही दिनों में रामनवमी का पर्व भी आने वाला है। यहां पड़ोस के त्रिशूर में स्थित त्रिपायर मंदिर को तो दक्षिण की अयोध्या कहा जाता है। इतने सारे संयोग बता रहे हैं, कि ये समय कुछ खास है। ये Positive वातावरण, विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा दे रहा है।

साथियों,
आप सबका ये जनसमर्थन और प्रेम देखकर मैं विश्वास से कह सकता हूं, केरला का ये नया वर्ष एक नया आरंभ लेकर आया है। ये नववर्ष केरला के विकास का वर्ष होगा। ये नववर्ष नई राजनीति के आरंभ का वर्ष होगा। अब केरला पार्लियामेंट में अपनी मजबूत आवाज भेजेगा। इसीलिए, आज केरला भी कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,
कल नववर्ष, विशू के पावन अवसर पर ही बीजेपी ने अपना संकल्प-पत्र जारी किया है। बीजेपी का संकल्प-पत्र, देश के विकास का संकल्प पत्र है। बीजेपी के संकल्प-पत्र में मोदियुडे गारंटी होती है। आयुष्मान भारत के तहत केरला के 73 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को आर्थिक मदद मिली है। अब बीजेपी ने घोषणा की है कि 70 साल से अधिक आयु के सभी सीनियर सिटिज़न्स को आयुष्मान योजना के तहत फ्री चिकित्सा मिलेगी। और यही है- मोदियुडे गारण्टी। मोदियुडे गारण्टी यानि- पीएम आवास योजना में गरीबों के लिए 3 करोड़ नए घर, नए आवास बनेंगे। यहां केरला में भी हजारों गरीबों को नए घर मिलेंगे।मोदियुडे गारण्टी यानि- केरला के हर जन-औषधि केंद्र पर लोगों को 80 परसेंट डिसकाउंट पर सस्ती दवाएं मिलती रहेंगी। मोदियुडे गारण्टी यानि- हमारे युवाओं को मुद्रा योजना में अब 10 लाख की जगह 20 लाख रुपये का सपोर्ट मिलेगा।

साथियों,
बीजेपी ने अगले 5 साल के लिए विकास और विरासत, दोनों का विज़न सामने रखा है। ये क्षेत्र केरला का इतना बड़ा सांस्कृतिक केंद्र है। पाल्लकाड़ को तो गेटवे टू केरला कहा जाता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, किसी का भी मन मोह लेती है। यहां केरला में कितने ही भव्य मंदिर हैं, चर्च हैं, आस्था के स्थल हैं। अगले पांच साल में हम केरला की इस हेरिटेज को ग्लोबल बनाने के लिए काम करेंगे। हम केरला को हाइवेज, एक्स्प्रेसवेज और हाइस्पीड वंदेभारत ट्रेनों के नेटवर्क से जोड़ेंगे। और हमारे सुरेश जी का जब एमपी थे तब भी वंदे भारत नेटवर्क के लिए बहुत ही आग्रह रहता, पूरी डिजाइन बनाकर लाते ते और आज मैं आपको वादा करता हूं, इन सारे कामों की दिशा में आगे बढ़ेंगे। यहां पर्यटन के अवसरों को, बहुत संभावना है केरल में, जितना लाभ लेना चाहिए अभी तक लिया नहीं है। और इसीलिए हम टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हर प्रकार के प्रयास करेंगे।

साथियों,
विकसित होते भारत की पहचान आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से भी होगी। आज देश में नए एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, नए एयरपोर्ट बन रहे हैं। अब बीजेपी ने कल अपने मेनिफेस्टो में घोषणा की है कि जैसे पश्चिम भारत में अहमदाबाद मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन का काम चल रहा है। आने वाले कुछ समय में ये काम पूरा होकर के बुलेट ट्रेन दौड़ना शुरू करेगी। देश की पहली बुलेट ट्रेन दौड़ेगी। इसका अनुभव देखते हुए कल हमने संकल्प पत्र में कहा है कि जैसे पश्चिम भारत में बुलेट का काम आगे चल रहा है, आगे चल करके नार्थ, साउथ, ईस्ट तीन क्षेत्रों में बुलेट ट्रेन के सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। और साउथ में भी बुलेट ट्रेन चले,साउथ में चलने वाले ये बुलेट ट्रेन, यहां के विकास को गति देगी और रोजगार के हजारों नए अवसर बनाएगी। एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल में इसके लिए बहुत जल्द सर्वे का काम शुरू किया जाएगा।

साथियों,
ये चुनाव देश के भविष्य के लिए फैसले लेने का चुनाव है। ये चुनाव आपके उज्ज्वल भविष्य की गारंटी के लिए चुनाव है। ये चुनाव आपके बच्चों के उज्ज्वल जीवन के लिए गारंटी देने का चुनाव है। केरल के लोगों ने पिछले 10 साल में देखा है कि कैसे एनडीए सरकार ने दुनिया भर में भारत की साख बढ़ाई है। कांग्रेस सरकार ने भारत की छवि कमजोर देश की बना दी थी। बीजेपी सरकार ने भारत को एक मजबूत देश बनाया है। आज जब कोई भारतीय विदेश जाता है, गल्फ जाता है, तो उसे सम्मान से देखा जाता है। आज का भारत युद्ध में फंसे अपने नागरिकों को rescue करने की ताकत रखता है। आज का भारत कोरोना जैसी महामारी में दूसरे देशों की ओर नहीं देखता। आज का भारत कोरोना जैसी महामारी में दूसरे देशों की ओर नहीं देखता। हम स्वदेशी वैक्सीन बनाते हैं, अपने देश के साथ-साथ विश्व के दूसरे देशों की भी सहायता करते हैं। मैं ये बताना चाहता हूं, पिछले 10 साल में जो हुआ है, आपको लगता है बहुत कुछ हुआ है, पूरे देश में बदल रहा है, लेकिन मोदी क्या कहता है, मोदी तो कहता है 10 साल में इतना सारा भले हुआ, लेकिन जो हुआ है न, वो तो ट्रेलर है ट्रेलर। अभी तो बहुत कुछ करना है, अभी तो हमें हमारे देश को, हमारे केरला को बहुत आगे लेकर जाना है।

साथियों,
NDA सरकार नारायण गुरु के उन विचारों पर काम करती है। हमारी प्राथमिकता है, गरीब कल्याण और लोक कल्याण! इसीलिए, पिछले 10 साल NDA सरकार में ‘जलजीवन मिशन के तहत केरला में 36 लाख से ज्यादा नल से जल कनेक्शन मिले हैं। लेकिन मुझे दुख के साथ कहना है कि पूरे देश में जिस गति से जलजीवन मिशन चला है, केरला में यहां की सरकार उतना चलने नहीं दे रही है। वो भ्रष्टाचार की तलाश में होते हैं, और इसीलिए आज भी केरल में घरों में पीने के पानी का संकट है। अगर हिंदुस्तान में कोई सुनेगा, राजस्थान में पानी का संकट है या गुजरात में पानी का संकट है, तो लोगों को लगता है हां, यार मुसीबत है, केरल में पानी का संकट ये यहां की सरकार की विफलता का जीत-जागता सबूत है। और मैं गारंटी देता हूं, मैं हर घर नल से जल पहुंचाना चाहता हूं, आप मुझे आशीर्वाद दीजिए। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना से करीब एक करोड़ पचास लाख लाभार्थियों तो मुफ्त राशन मिल रहा है। बीजेपी ने संकल्प-पत्र में ये गारंटी दी है कि ये योजना अगले 5 साल और बढ़ाई जाएगी। NDA सरकार केरला में फिशरीज क्लस्टर्स बनाकर यहां के मछुआरों का जीवन बदलने के लिए काम करेगी।

साथियों,
आज बीजेपी के शासन में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन, LDF-UDF केरला को पीछे धकेल रहे हैं। NDA सरकार केरला और इस क्षेत्र के विकास के लिए जो प्रयास कर रही है, राज्य सरकार उसमें भी बाधा डाल रही है। ये लोग नेशनल हाइवेज के प्रोजेक्ट्स भी रोकना चाहते हैं। क्योंकि, लेफ्ट सरकारों का एक ही कैरक्टर है। चाहे वो त्रिपुरा में हो, बंगाल में थे तब भी ऐसा ही करते थे और केरल में भी जब मौका मिलता है, ऐसा ही करते हैं। लेफ्ट सरकारों का कैरक्टर क्या है- Nothing Left and Nothing Right. यानी, जहां लेफ्ट का शासन हो जाता है, वहां कुछ भी बाकी नहीं रहता और कुछ भी सही नहीं होता। इन्होंने बंगाल को बदहाल बनाया। ये लोग त्रिपुरा में त्रासदी लाए थे। वही काम ये केरला में भी कर रहे हैं।

साथियों,
आज केरला जैसे शांतिप्रिय राज्य में हिंसा-अराजकता आम हो गई है। आज केरला में खुलेआम राजनैतिक हत्याएं कराई जाती हैं। कॉलेज के कैंपस तक असामाजिक तत्वों के अड्डे बन गए हैं। सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाले एलिमेंट्स को सरकारी संरक्षण मिलता है। हमारे बच्चे तक सुरक्षित नहीं हैं।

साथियों,
केरला में जनता के पैसे की खुलेआम लूट हो रही है। ये लोग भ्रष्टाचार के नए-नए मॉडल लेकर आते हैं, जनता का every single रुपया लूटना चाहते हैं। करूवन्नूर Co-Operative Bank Scam लेफ्ट की लूट का एक ऐसा उदाहरण है, हर कोई जिससे परेशान है। जिस बैंक में गरीबों ने, मध्यम वर्ग ने अपनी मेहनत के सैकड़ों करोड़ रुपए जमा किए थे, उस बैंक को CPM के लोगों ने पूरी तरह लूटकर कंगाल कर दिया। ये जो गरीबों ने, मध्यम वर्ग बैंक में पैसे रखे थे, क्योंकि घर में बेटी की उम्र बढ़ रही थी, उन्होंने सोचा कि बेटी की शादी करवानी है, बैंक में पैसे जमा कराएं, कुछ ब्याज मिलेगा, पैसे मिलेंगे, और जब शादी का समय आएगा, तो बेटी के काम आएगा। लेकिन इन सीपीएम वालों ने गरीब की बेटी की शादी को भी अनेक संकटों में डाल दिया। मध्यम वर्ग के बच्चों की शादी भी इन्होंने संकट में डाल दिया। गरीबों के खिलाफ ऐसी मिलीभगत का उदाहरण आपको बहुत कम मिलेगा। इस स्कैम की वजह से हजारों परिवारों का जीवन दांव पर लग गया है। अभी मुझे हमारी उम्मीदवार बहन डॉ. सरसू बता रही थी, कुछ दिन पहले टेलीफोन पर उन्होंने समस्या का जिक्र किया था। अब वो कह रही हैं, उनको इतने टेलीफोन आते हैं, और लोग टेलीफोन पर रोते हैं कि कितनी मेहनत के पैसे उनके चले गए। कौन ये पैसे वापस लाएगा। हर कोई शिकायत कर रहा है।

साथियों,
यहां CPM के मुख्यमंत्री तीन साल से झूठ बोल रहे हैं कि इस कॉपरेटिव स्कैम के पीड़ितों को उनका पैसा वापस मिलेगा। ये ये भी झूठ बोलते हैं कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। ये आपका सेवक मोदी है जिसने इस केस की जांच करवाई। अब तक स्कैम करने वालों की करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच हो चुकी है। मैं इस बारे में कानूनी सलाह ले रहा हूं कि कैसे जिनके पैसे डूब गए हैं, उन गरीबों को उनका पैसा वापस दिलाया जाए। ये 90 करोड़ रुपया उनको कैसे बांट दूं। बीजेपी सरकार पहले भी देश में 17 हजार करोड़ रुपये ऐसे स्कैम पीड़ितों को वापस दिलवा चुकी है। इसलिए, मैं इस कॉरपेटिव स्कैम के पीड़ितों को भरोसा देता हूं कि उनका पैसा वापस दिलाने में भाजपा और मेरी सरकार कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

साथियों,
कांग्रेस के एक बड़े नेता, जिनको यूपी में अपनी खानदानी सीट पर इज्जत बचाना मुश्किल हो गया है, उन्होंने केरला में अपना नया ठिकाना बना लिया है। चुनाव जीतने के लिए, यहां कांग्रेस ने उस संगठन के पोलिटिकल विंग से बैकडोर समझौता किया है, जिसको देश में देश विरोधी प्रवृत्ति के लिए बैन किया गया है। लेकिन, क्या आपने कभी सुना है, कांग्रेस के इन नेताओं के मुंह से, कभी भी Co-Operative Bank Scam के लिए, कैसे पैसे लूटे हैं। कांग्रेस के ये युवराज केरला के लोगों से वोट तो मांगेगे लेकिन, आपके हक, आपके मुद्दों पर एक शब्द भी नहीं बोलेंगे। केरला के लोगों को LDF-UDF, दोनों से सावधान रहना है। केरला में भले ही कांग्रेस पार्टी लेफ्ट के लोगों को आतंकवादी कहती है, लेकिन, दिल्ली में ये लोग एक साथ बैठकर चुनावी गठजोड़ करते हैं, एक ही थाली में खाते हैं। यहां केरला से बाहर निकलते ही, पड़ोस में तमिलनाडु में ही दोनों पार्टियां एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। यहां भाषण देते हैं कि आतंकवादी है, और वहां मिल करके चुनाव लड़ते हैं। और, जो लेफ्ट वाले लोग कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाते थे, अब वो खुद उनसे परिवारवाद के फायदे क्या हैं, इसके टिप्स ले रहे हैं। ये लोग इंडी अलायंस बनाकर साथ आए हैं, क्योंकि ये जानते हैं कि मोदी इनके लूट के सब ठिकानों को ठप्प कर रहा है। इसीलिए, चाहे लेफ्ट हो या कांग्रेस, सबके निशाने पर मोदी ही है। लेकिन, मैं आपको गारंटी देता हूं, बीजेपी और NDA को दिया गया आपका एक-एक वोट गरीब के एक एक पैसे का हिसाब करेगा।

साथियों,
26 अप्रैल, ये केरला के लिए विकास के संकल्प का दिन होगा। केरल के उज्ज्व भविष्य के लिए वोट करने का दिन होगा। मेरी अपील है कि वोटिंग के दिन आप, आलत्तूर से श्रीमती डॉ. टी.एन.सरसू, त्रिशूर से श्री सुरेश गोपी, पोन्नानी से श्रीमती निवेदिता सुब्रह्मणयम, मलप्पुरम से श्री वी.सी.अब्दुल सलाम और, चालाकुडी से एनडीए उम्मीदवार श्री के.ए.उन्नीकृष्णन इन सबको रिकॉर्ड वोटों से जीत दिलाकर मुझे दिल्ली में मदद करने के लिए भेजिए। आप मेरा ये अनुरोध हर घर तक पहुंचाएं, और हर घर ये भी बताएं कि मोदी जी ने हर परिवार को, हर बुजुर्ग को, हर माता को सबको प्रणाम कहा है। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की। दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत से बोलिए... भारत माता की... भारत माता की… भारत माता की…
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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PM Modi's interview to Prabhat Khabar
May 19, 2024

प्रश्न- भाजपा का नारा है-‘अबकी बार 400 पार’, चार चरणों का चुनाव हो चुका है, अब आप भाजपा को कहां पाते हैं?

उत्तर- चार चरणों के चुनाव में भाजपा और एनडीए की सरकार को लेकर लोगों ने जो उत्साह दिखाया है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि हम 270 सीटें जीत चुके हैं. अब बाकी के तीन चरणों में हम 400 का आंकड़ा पार करने वाले हैं. 400 पार का नारा, भारत के 140 करोड़ लोगों की भावना है, जो इस रूप में व्यक्त हो रही है. दशकों तक जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को देश ने सहन किया. लोगों के मन में यह स्वाभाविक प्रश्न था कि एक देश में दो विधान कैसे चल सकता है. जब हमें अवसर मिला, हमने आर्टिकल 370 को खत्म कर जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान लागू किया. इससे देश में एक अभूतपूर्व उत्साह का प्रवाह हुआ. लोगों ने तय किया कि जिस पार्टी ने आर्टिकल 370 को खत्म किया, उसे 370 सीटें देंगे. इस तरह भाजपा को 370 सीट और एनडीए को 400 सीट देने का लोगों का इरादा पक्का हुआ. मैं पूरे देश में जा रहा हूं. उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम मैंने लोगों में 400 पार नारे को सच कर दिखाने की प्रतिबद्धता देखी है. मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि इस बार जनता 400 से ज्यादा सीटों पर हमारी जीत सुनिश्चित करेगी.

प्रश्न- लोग कहते हैं कि हम मोदी को वोट कर रहे हैं, प्रत्याशी के नाम पर नहीं. लोगों का इतना भरोसा है, इस भरोसे को कैसे पूरा करेंगे?

उत्तर- देश की जनता का यह विश्वास मेरी पूंजी है. यह विश्वास मुझे शक्ति देता है. यही शक्ति मुझे दिन रात काम करने को प्रेरित करती है. मेरी सरकार लगातार एक ही मंत्र पर काम कर रही है, वंचितों को वरीयता. जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, मोदी उनको पूजता है. इसी भाव से मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों, दलित, पिछड़े, गरीब, युवा, महिला, किसान सभी की सेवा कर रहा हूं. जनता का भरोसा मेरे लिए एक ड्राइविंग फोर्स की तरह काम करता है.

देखिए, जो संसदीय व्यवस्था है, उसमें पीएम पद का एक चेहरा होता है, लेकिन जनता सरकार बनाने के लिए एमपी को चुनती है. इस चुनाव में चाहे भाजपा का पीएम उम्मीदवार हो या एमपी उम्मीदवार, दोनों एक ही संदेश लेकर जनता के पास जा रहे हैं. विकसित भारत का संदेश. पीएम उम्मीदवार नेशनल विजन की गारंटी है, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने की गारंटी है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक टीम की तरह काम करती है और इस टीम के लिए उम्मीदवारों के चयन में हमने बहुत ऊर्जा और समय खर्च किया है. हमने उम्मीदवारों के चयन का तरीका बदल दिया है. हमने किसी सीट पर उम्मीदवार के चयन में कोई समझौता नहीं किया, न ही किसी तरह के दबाव को महत्व दिया. जिसमें योग्यता है, जिसमें जनता की उम्मीदों को पूरा करने का जज्बा है, उसका चयन किया गया है. हमें मिल कर हर सीट पर कमल खिलाना है. भाजपा और एनडीए की यह टीम 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमेशा समर्पित रहेगी.

प्रश्न- आपने 370 को हटाया, राम मंदिर बनवा दिया. अब तीसरी बार आपकी सरकार अगर लौटती है, तो कौन से वे बड़े काम हैं, जिन्हें आप पहले पूरा करना चाहेंगे?

उत्तर- जब आप चुनाव जीत कर आते हैं, तो आपके साथ जनता-जनार्दन का आशीर्वाद होता है. देश के करोड़ों लोगों की ऊर्जा होती है. जनता में उत्साह होता है. इससे आपके काम करने की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. 2024 के चुनाव में जिस तरीके से भाजपा को समर्थन मिल रहा है, ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद क्या बड़े काम होने वाले हैं.

यह चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि 2014 और 2019 में चुनाव जीतने के बाद ही सरकार एक्शन मोड में आ गयी थी. 2019 में हमने पहले 100 दिन में ही आर्टिकल 370 और तीन तलाक से जुड़े फैसले लिये थे. बैंकों के विलय जैसा महत्वपूर्ण फैसला भी सरकार बनने के कुछ ही समय बाद ले लिया गया था. हालांकि इन फैसलों के लिए आधार बहुत पहले से तैयार कर लिया गया था.

इस बार भी हमारे पास अगले 100 दिनों का एक्शन प्लान है, अगले पांच वर्षों का रोडमैप है और अगले 25 वर्षों का विजन है. मुझे देशभर के युवाओं ने बहुत अच्छे सुझाव भेजे हैं. युवाओं के उत्साह को ध्यान में रखते हुए हमने 100 दिनों के एक्शन प्लान में 25 दिन और जोड़ दिये हैं. 125 में से 25 दिन भारत के युवाओं से जुड़े निर्णय के होंगे. हम आज जो भी कदम उठा रहे हैं, उसमें इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इससे विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में कैसे मदद मिल सकती है.

प्रश्न- दक्षिण पर आपने काफी ध्यान दिया है. लोकप्रियता भी बढ़ी है. वोट प्रतिशत भी बढ़ेगा, लेकिन क्या सीट जीतने लायक स्थिति साउथ में बनी है?

उत्तर- देखिए, दक्षिण भारत में बीजेपी अब भी सबसे बड़ी पार्टी है. पुद्दुचेरी में हमारी सरकार है. कर्नाटक में हम सरकार में रह चुके हैं. 2024 के चुनाव में मैंने दक्षिण के कई जिलों में रैलियां और रोड शो किये हैं. मैंने लोगों की आंखों में बीजेपी के लिए जो स्नेह और विश्वास देखा है, वह अभूतपूर्व है. इस बार दक्षिण भारत के नतीजे चौंकाने वाले होंगे.

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हम सबसे ज्यादा सीटें जीतेंगे. लोगों ने आंध्र विधानसभा में एनडीए की सरकार बनाने के लिए वोट किया है. कर्नाटक में भाजपा एक बार फिर सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी. मैं आपको पूरे विश्वास से कह रहा हूं कि तमिलनाडु में इस बार के परिणाम बहुत ही अप्रत्याशित होंगे और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में होंगे.

प्रश्न- ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भाजपा को बहुत उम्मीदें हैं. भाजपा कितनी सीटें जीतने की उम्मीद करती है?

उत्तर- मैं ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जहां भी जा रहा हूं, मुझे दो बातें हर जगह देखने को मिल रही हैं. एक तो भाजपा पर लोगों का भरोसा और दूसरा दोनों ही राज्यों में वहां की सरकार से भारी नाराजगी. लोगों की आकांक्षाओं को मार कर राज करने को सरकार चलाना नहीं कह सकते. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लोगों की आकांक्षाओं, भविष्य और सम्मान को कुचला गया है. पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी का दूसरा नाम बन गयी है. लोग देख रहे हैं कि कैसे वहां की सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है.

संदेशखाली की पीड़ितों की आवाज दबाने की कोशिश की गयी. लोगों को अपने त्योहार मनाने से रोका जा रहा है. टीएमसी सरकार लोगों तक केंद्र की योजनाओं का फायदा नहीं पहुंचने दे रही. इसका जवाब वहां के लोग अपने वोट से देंगे. पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा को एक उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं. बंगाल में इस बार हम बड़ी संख्या में सीटें हासिल करेंगे. मैं ओडिशा के लोगों से कहना चाहता हूं कि उनकी तकलीफें जल्द खत्म होने वाली हैं. चुनाव नतीजों में हम ना सिर्फ लोकसभा की ज्यादा सीटें जीतेंगे, बल्कि विधानसभा में भी भाजपा की सरकार बनेगी.

पहली बार ओडिशा के लोगों को डबल इंजन की सरकार के फायदे मिलेंगे. बीजेडी की सरकार हमारी जिन योजनाओं को ओडिशा में लागू नहीं होने दे रही, हमारी सरकार बनते ही उनका फायदा लोगों तक पहुंचने लगेगा. बीजेडी ने अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा नुकसान उड़िया संस्कृति और भाषा का किया है. मैंने ओडिशा को भरोसा दिया है कि राज्य का अगला सीएम भाजपा का होगा, और वह व्यक्ति होगा, जो ओडिशा की मिट्टी से निकला हो, जो ओडिशा की संस्कृति, परंपरा और उड़िया लोगों की भावनाओं को समझता हो.

ये मेरी गारंटी है कि 10 जून को ओडिशा का बेटा सीएम पद की शपथ लेगा. राज्य के लोग अब एक ऐसी सरकार चाहते हैं, जो उनकी उड़िया पहचान को विश्व पटल पर ले जाए, इसलिए उनका भरोसा सिर्फ भाजपा पर है.

प्रश्न- बिहार और झारखंड में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, आप क्या उम्मीद करते हैं?

उत्तर- मेरा विश्वास है कि इस बार बिहार और झारखंड में भाजपा को सभी सीटों पर जीत हासिल होगी. दोनों राज्यों के लोग एक बात स्पष्ट रूप से समझ गये हैं कि इंडी गठबंधन में शामिल पार्टियों को जब भी मौका मिलेगा, तो वे भ्रष्टाचार ही करेंगे. इंडी ब्लॉक में शामिल पार्टियां परिवारवाद से आगे निकल कर देश और राज्य के विकास के बारे में सोच ही नहीं सकतीं.

झारखंड में नेताओं और उनके संबंधियों के घर से नोटों के बंडल बाहर निकल रहे हैं. यह किसका पैसा है? ये गरीब के हक का पैसा है. ये पैसा किसी गरीब का अधिकार छीन कर इकट्ठा किया गया है. अगर वहां भ्रष्टाचार पर रोक रहती, तो यह पैसा कई लोगों तक पहुंचता. उस पैसे से हजारों-लाखों लोगों का जीवन बदल सकता था, लेकिन जनता का वोट लेकर ये नेता गरीबों का ही पैसा लूटने लगे. दूसरी तरफ जनता के सामने केंद्र की भाजपा सरकार है, जिस पर 10 साल में भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा.

आज झारखंड में जिहादी मानसिकता वाले घुसपैठिये झुंड बना कर हमला करते हैं और झारखंड सरकार उन्हें समर्थन देती है. इन घुसपैठियों ने राज्य में हमारी बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. वहीं अगर बिहार की बात करें, तो जो पुराने लोग हैं, उन्हें जंगलराज याद है. जो युवा हैं, उन्होंने इसका ट्रेलर कुछ दिन पहले देखा है.

आज राजद और इंडी गठबंधन बिहार में अपने नहीं, नीतीश जी के काम पर वोट मांग रहा है. इंडी गठबंधन के नेता तुष्टीकरण में इतने डूब चुके हैं एससी-एसटी-ओबीसी का पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिम समाज को देना चाहते हैं. जनता इस साजिश को समझ रही है. इसलिए, भाजपा को वोट देकर इसका जवाब देगी.

प्रश्न- संपत्ति का पुनर्वितरण इन दिनों बहस का मुद्दा बना हुआ है. इस पर आपकी क्या राय है?

उत्तर- शहजादे और उनके सलाहकारों को पता है कि वे सत्ता में नहीं आने वाले. इसीलिए ऐसी बात कर रहे हैं. यह माओवादी सोच है, जो सिर्फ अराजकता को जन्म देगी. इंडी गठबंधन की परेशानी यह है कि वे तुष्टीकरण से आगे कुछ भी सोच नहीं पा रहे. वे किसी तरह एक समुदाय का वोट पाना चाहते हैं, इसलिए अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं. लूट-खसोट की यह सोच कभी भी भारत की संस्कृति का हिस्सा नहीं रही. वे एक्सरे कराने की बात कर रहे हैं, उनका प्लान है कि एक-एक घर में जाकर लोगों की बचत, उनकी जमीन, संपत्ति और गहनों का हिसाब लिया जायेगा. कोई भी इस तरह की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा. पिछले 10 वर्षों में हमारा विकास मॉडल लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने का है. इसके लिए हम लोगों तक वे मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, जो दशकों पहले उन्हें मिल जाना चाहिए था. हम रोजगार के नये अवसर तैयार कर रहे हैं, ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें.

प्रश्न- भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. आम आदमी को इसका लाभ कैसे मिलेगा?

उत्तर- यह बहुत ही अच्छा सवाल है आपका. तीसरे कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी. जब मैं यह कहता हूं कि तो इसका मतलब सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सम्मान के साथ देशवासियों के लिए समृद्धि भी लाने वाला है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मतलब है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी का विस्तार, ज्यादा निवेश और ज्यादा अवसर. आज सरकार की योजनाओं का लाभ जितने लोगों तक पहुंच रहा है, उसका दायरा और बढ़ जायेगा.

भाजपा ने तीसरे टर्म में आयुष्मान भारत योजना का लाभ 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को देने की गारंटी दी है. हमने गरीबों के लिए तीन करोड़ और पक्के मकान बनाने का संकल्प लिया है. तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने की बात कही है. जब अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो हमारी योजनाओं का और विस्तार होगा और ज्यादा लोग लाभार्थी बनेंगे.

प्रश्न- आप लोकतंत्र में विपक्ष को कितना जरूरी मानते हैं और उसकी क्या भूमिका होनी चाहिए?

उत्तर- लोकतंत्र में सकारात्मक विपक्ष बहुत महत्वपूर्ण है. विपक्ष का मजबूत होना लोकतंत्र के मजबूत होने की निशानी है. इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि पिछले 10 वर्षों में विपक्ष व्यक्तिगत विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगा. विपक्ष या सत्ता पक्ष लोकतंत्र के दो पहलू हैं, आज कोई पार्टी सत्ता में है, कभी कोई और रही होगी, लेकिन आज विपक्ष सरकार के विरोध के नाम पर कभी देश की सेना को बदनाम कर रहा है, कभी सेना के प्रमुख को अपशब्द कह रहा है. कभी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाता है, तो कभी एयरस्ट्राइक पर संदेह जताता है. सेना के सामर्थ्य पर उंगली उठा कर वे देश को कमजोर करना चाहते हैं.

आप देखिए, विपक्ष कैसे पाकिस्तान की भाषा बोलने लगा है. जिस भाषा में वहां के नेता भारत को धमकी देते थे, वही आज कांग्रेस के नेता बोलने लगे हैं. मैं इतना कह सकता हूं कि विपक्ष अपनी इस भूमिका में भी नाकाम हो गया है. वे देश के लोगों का विश्वास नहीं जीत पा रहे, इसलिए देश के खिलाफ बोल रहे हैं.

प्रश्न- झारखंड में बड़े पैमाने पर नोट पकड़े गये, भ्रष्टाचार से इस देश को कैसे मुक्ति मिलेगी?

उत्तर- देखिए, जब कोई सरकार तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दलदल में फंस जाती है तो इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं. 2014 से पहले, कांग्रेस के 10 साल के शासन में ईडी ने छापे मार कर सिर्फ 35 लाख रुपये बरामद किये थे. पिछले 10 वर्ष में इडी के छापे में 2200 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं. यह अंतर बताता है कि जांच एजेंसियां अब ज्यादा सक्रियता से काम कर रही हैं.

आज देश के करोड़ों लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं. कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से भेजे गये 100 पैसे में से लाभार्थी को सिर्फ 15 पैसे मिलते हैं. बीच में 85 पैसे कांग्रेस के भ्रष्टाचार तंत्र की भेंट चढ़ जाते थे. हमने जनधन खाते खोले, उन्हें आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया, इसके द्वारा भ्रष्टाचार पर चोट की. डीबीटी के माध्यम से हमने लाभार्थियों तक 36 लाख करोड़ रुपये पहुंचाये हैं. अगर यह व्यवस्था नहीं होती, तो 30 लाख करोड़ रुपये बिचौलियों की जेब में चले जाते. मैंने संकल्प लिया है कि मैं देश से भ्रष्टाचार को खत्म करके रहूंगा. जो भी भ्रष्टाचारी होगा, उस पर कार्रवाई जरूर होगी. मेरे तीसरे टर्म ये कार्रवाई और तेज होगी.

प्रश्न- विपक्ष सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों- इडी और सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है. इस पर आपका क्या कहना है?

उत्तर- आपको यूपीए का कार्यकाल याद होगा, तब भ्रष्टाचार और घोटाले की खबरें आती रहती थीं. उस स्थिति से बाहर निकलने के लिए लोगों ने भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया, लेकिन आज इंडी गठबंधन में शामिल दलों की जहां सरकार है, वहां यही सिलसिला जारी है. फिर जब जांच एजेंसियां इन पर कार्रवाई करती हैं तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर शोर मचाने लगता है. एक घर से अगर करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं, तो स्पष्ट है कि वो पैसा भ्रष्टाचार करके जमा किया गया है. इस पर कार्रवाई होने से विपक्ष को दर्द क्यों हो रहा है? क्या विपक्ष अपने लिए छूट चाहता है कि वे चाहे जनता का पैसा लूटते रहें, लेकिन एजेंसियां उन पर कार्रवाई न करें.

मैं विपक्ष और उन लोगों को चुनौती देना चाहता हूं, जो कहते हैं कि सरकार किसी भी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है. एक भी ऐसा केस नहीं हैं जहां पर कोर्ट ने एजेंसियों की कार्रवाई को गलत ठहराया हो. भ्रष्टाचार में फंसे लोगों के लिए जमानत पाना मुश्किल हो रहा है. जो जमानत पर बाहर हैं, उन्हें फिर वापस जाना है. मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि एजेंसियों ने सिर्फ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है.

प्रश्न- विपक्ष हमेशा इवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, आपकी क्या राय है?

उत्तर- विपक्ष को अब यह स्पष्ट हो चुका है कि उसकी हार तय है. यह भी तय हो चुका है कि जनता ने उन्हें तीसरी बार भी बुरी तरह नकार दिया है. ये लोग इवीएम के मुद्दे पर अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से हार कर आये हैं. ये हारी हुई मानसिकता से चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए पहले से बहाने ढूंढ कर रखा है. इनकी मजबूरी है कि ये हार के लिए शहजादे को दोष नहीं दे सकते. आप इनका पैटर्न देखिए, चुनाव शुरू होने से पहले ये इवीएम पर आरोप लगाते हैं. उससे बात नहीं तो इन्होंने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का मुद्दा उठाना शुरू किया है. जब मतगणना होगी तो गड़बड़ी का आरोप लगायेंगे और जब शपथ ग्रहण होगा, तो कहेंगे कि लोकतंत्र खतरे में है. चुनाव आयोग ने पत्र लिख कर खड़गे जी को जवाब दिया है, उससे इनकी बौखलाहट और बढ़ गयी है. ये लोग चाहे कितना भी शोर मचा लें, चाहे संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा लें, जनता इनकी बहानेबाजी को समझती है. जनता को पता है कि इसी इवीएम से जीत मिलने पर कैसे उनके नरेटिव बदल जाते हैं. इवीएम पर आरोप को जनता गंभीरता से नहीं लेती.

प्रश्न- आपने आदिवासियों के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं. आप पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातू भी गये. आदिवासी समाज के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?

उत्तर- इस देश का दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के बाद छह दशक तक जिन्हें सत्ता मिली, उन लोगों ने सिर्फ एक परिवार को ही देश की हर बात का श्रेय दिया. उनकी चले, तो वे यह भी कह दें कि आजादी की लड़ाई भी अकेले एक परिवार ने ही लड़ी थी. हमारे आदिवासी भाई-बहनों का इस देश की आजादी में, इस देश के समाज निर्माण में जो योगदान रहा, उसे भुला दिया गया. भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को ना याद करना कितना बड़ा पाप है. देश भर में ऐसे कितने ही क्रांतिकारी हैं जिन्हें इस परिवार ने भुला दिया.

जिन आदिवासी इलाकों तक कोई देखने तक नहीं जाता था, हमने वहां तक विकास पहुंचाया है. हम आदिवासी समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं. जनजातियों में भी जो सबसे पिछड़े हैं, उनके लिए विशेष अभियान चला कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है. इसके लिए सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये की योजना बनायी है.

भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को भाजपा सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया. एकलव्य विद्यालय से लेकर वन उपज तक, सिकेल सेल एनीमिया उन्मूलन से लेकर जनजातीय गौरव संग्रहालय तक, हर स्तर पर विकास कर रहे हैं. एनडीए के सहयोग से पहली बार एक आदिवासी बेटी देश की राष्ट्रपति बनी है.अगले वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती है. भाजपा ने संकल्प लिया है कि 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जायेगा.

प्रश्न- देश के मुसलमानों और ईसाइयों के मन में भाजपा को लेकर एक अविश्वास का भाव है. इसे कैसे दूर करेंगे?

उत्तर- हमारी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में एक काम भी ऐसा नहीं किया है, जिसमें कोई भेदभाव हुआ हो. पीएम आवास का घर मिला है, तो सबको बिना भेदभाव के मिला है. उज्ज्वला का गैस कनेक्शन मिला है, तो सबको मिला है. बिजली पहुंची है, तो सबके घर पहुंची है. नल से जल का कनेक्शन देने की बात आयी, तो बिना जाति, धर्म पूछे हर किसी को दी गयी. हम 100 प्रतिशत सैचुरेशन की बात करते हैं. इसका मतलब है कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, हर परिवार तक पहुंचे. यही तो सच्चा सामाजिक न्याय है.

इसके अलावा मुद्रा लोन, जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, स्टार्ट अप- ये सारे काम सबके लिए हो रहे हैं. हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के विजन पर काम करती है. दूसरी तरफ, जब कांग्रेस को मौका मिला, तो उसने समाज में विभाजन की नीति अपनायी. दशकों तक वोटबैंक की राजनीति करके सत्ता पाती रही, लेकिन अब जनता इनकी सच्चाई समझ चुकी है.

भाजपा को लेकर अल्पसंख्यकों में अविश्वास की बातें कांग्रेसी इकोसिस्टम का गढ़ा हुआ है. कभी कहा गया कि बीजेपी शहरों की पार्टी है. फिर कहा गया कि बीजेपी ऐसी जगहों में नहीं जीत सकती, जहां पर अल्पसंख्यक अधिक हैं. आज नागालैंड सहित नॉर्थ ईस्ट के दूसरे राज्यों में हमारी सरकार है, जहां क्रिश्चियन समुदाय बहुत बड़ा है. गोवा में बार-बार भाजपा को चुना जाता है. ऐसे में अविश्वास की बात कहीं टिकती नहीं.

प्रश्न- झारखंड और बिहार के कई इलाकों में घुसपैठ बढ़ी है, यहां तक कि डेमोग्रेफी भी बदल गयी है. इस पर कैसे अंकुश लगेगा?

उत्तर- झारखंड को एक नयी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. जेएमएम सरकार की तुष्टीकरण की नीति से वहां घुसपैठ को जम कर बढ़ावा मिल रहा है. बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से वहां की आदिवासी संस्कृति को खतरा पैदा हो गया है, कई इलाकों की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. बिहार के बॉर्डर इलाकों में भी यही समस्या है. झारखंड में आदिवासी समाज की महिलाओं और बेटियों को टारगेट करके लैंड जिहाद किया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन पर कब्जे की एक खतरनाक साजिश चल रही है.

ऐसी खबरें मेरे संज्ञान में आयी हैं कि कई आदिवासी बहनें इन घुसपैठियों का शिकार बनी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है. बच्चियों को जिंदा जलाया जा रहा है. उनकी जघन्य हत्या हो रही है. पीएफआइ सदस्यों ने संताल परगना में आदिवासी बच्चियों से शादी कर हजारों एकड़ जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है. आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के लिए, आदिवासी बेटी की रक्षा के लिए, आदिवासी संस्कृति को बनाये रखने के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है.

Following is the clipping of the interview:

 

 Source: Prabhat Khabar