Published By : Admin |
February 19, 2024 | 20:42 IST
Share
“Games Mascot ‘Ashtalakshmi’ symbolizes how the aspirations of the North East are getting new wings”
“Khelo India sports events are being organized across every corner of India, from the North to the South and from the West to the East”
"Just as academic achievements are celebrated, we must develop a tradition of honouring those who excel in sports. We must learn from Northeast to do so"
"Whether it's Khelo India, Tops, or other initiatives, a new ecosystem of possibilities is being created for our young generation"
“Our athletes can achieve anything if they are helped with a scientific approach”
அசாம் முதலமைச்சர் திரு ஹிமந்தா பிஸ்வா சர்மா அவர்களே, எனது அமைச்சரவை சகா திரு அனுராக் தாக்கூர் அவர்களே, அசாம் அரசின் அமைச்சர்களே, சிறப்பு விருந்தினர்களே, நாடு முழுவதிலுமிருந்து வந்துள்ள திறமையான இளம் விளையாட்டு வீரர்களே,
கேலோ இந்தியா பல்கலைக்கழக விளையாட்டுப் போட்டிகளில் உங்கள் அனைவருடனும் இணைவதில் நான் மகிழ்ச்சி அடைகிறேன். இந்த விளையாட்டுப் போட்டிகள் வடகிழக்கின் ஏழு மாநிலங்களில் உள்ள பல்வேறு நகரங்களில் நடைபெறுகின்றன. வண்ணத்துப்பூச்சியாக சித்தரிக்கப்படும் அஷ்டலட்சுமி இந்த விளையாட்டுகளின் சின்னம், வடகிழக்கு மாநிலங்களின் துடிப்பான உணர்வின் அடையாளமாகத் திகழ்கிறது. கடினமாக விளையாடுங்கள், வெற்றிக்காக பாடுபடுங்கள், தோல்வியில் கூட, கற்றுக்கொள்ள மதிப்புமிக்க பாடங்கள் உள்ளன என்பதை நினைவில் கொள்ளுங்கள்.
நண்பர்களே,
வடக்கு முதல் தெற்கு வரையிலும், கிழக்கு முதல் மேற்கு வரையிலும் நாடு முழுவதிலும் விளையாட்டு தொடர்பான நிகழ்வுகள் அதிகரித்து வருவதைக் கண்டு நான் மகிழ்ச்சி அடைகிறேன். இன்று, இங்கே வடகிழக்கில் கேலோ இந்தியா பல்கலைக்கழக விளையாட்டுப் போட்டிகளை நாம் காண்கிறோம். இந்த நிகழ்ச்சியை ஏற்பாடு செய்வதில் அசாம் அரசு மற்றும் பிற மாநில அரசுகள் மேற்கொண்ட முயற்சிகளுக்கு எனது வாழ்த்துக்களைத் தெரிவித்துக் கொள்கிறேன்.
நண்பர்களே,
இன்று விளையாட்டு குறித்த சமூக அணுகுமுறைகளில் குறிப்பிடத்தக்க மாற்றம் ஏற்பட்டுள்ளது. முன்பு, பெற்றோர்கள் தங்கள் குழந்தைகளை ஒருவருக்கு அறிமுகப்படுத்தும்போது விளையாட்டில் அவர்களின் சாதனைகளை முன்னிலைப்படுத்த பெரும்பாலும் தயங்கினர். விளையாட்டுச் சாதனைகளை வலியுறுத்துவது கல்வியில் கவனம் செலுத்தாததைக் குறிக்கும் என்ற கவலை இருந்தது. இருப்பினும், இந்த முன்னோக்கு சாதகமாக மாறி வருகிறது. இப்போதெல்லாம், பெற்றோர்கள் தங்கள் குழந்தை மாநில அல்லது தேசிய அளவிலான போட்டிகளில் பங்கேற்றபோது அல்லது சர்வதேச அளவில் பதக்கம் வென்றபோது பெருமையுடன் குறிப்பிடுகிறார்கள்.
நண்பர்களே,
விளையாட்டை ஊக்குவிப்பதோடு மட்டுமல்லாமல், அதைக் கொண்டாடவும் வேண்டியது அவசியம். இந்தப் பொறுப்பு விளையாட்டு வீரர்களுக்கு மட்டுமல்ல, ஒட்டுமொத்த சமூகத்துக்கும் உள்ளது. கல்வியில் சாதனை படைத்தவர்கள் மதிக்கப்படுவது போல, விளையாட்டில் சிறந்து விளங்குபவர்களும் மதிக்கப்பட வேண்டும்.
நண்பர்களே,
பயிற்சி முதல் கல்வி உதவித்தொகை வரை, நமது நாட்டில் விளையாட்டு வீரர்களுக்கு உகந்த சூழல் உருவாக்கப்பட்டு வருகிறது. இந்த ஆண்டு விளையாட்டுக்கு ரூ.3500 கோடி பட்ஜெட்டில் ஒதுக்கப்பட்டுள்ளது. உலக பல்கலைக்கழக விளையாட்டுப் போட்டிகளிலும் இந்தியா குறிப்பிடத்தக்க வெற்றியைப் பெற்றுள்ளது. 2019-ம் ஆண்டில், நாம் 4 பதக்கங்களை வென்றோம். இருப்பினும், 2023-ல், நமது இளைஞர்கள் பெருமையுடன் 26 பதக்கங்களை வென்றனர்.
நண்பர்களே,
கல்வி நம்மை இந்த உலகிற்கு தயார்படுத்தும் அதே வேளையில், விளையாட்டு அதன் சவால்களை எதிர்கொள்ளும் தைரியத்தை ஏற்படுத்துகிறது என்பதும் உண்மை.
நண்பர்களே,
இந்த நிகழ்வில் நீங்கள் பெறும் அனுபவம் வாழ்நாள் முழுவதும் மறக்கமுடியாததாக இருக்கும் என்று நான் நம்புகிறேன். இந்த நம்பிக்கையுடன், உங்கள் அனைவருக்கும் மீண்டும் ஒரு முறை எனது நல்வாழ்த்துக்களைத் தெரிவித்துக் கொள்கிறேன்.
You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026
Share
प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।
प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?
खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।
प्रधानमंत्री – पक्का।
खिलाड़ी – हाँ जी।
खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।
प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।
खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।
प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया
प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।
खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।
प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।
खिलाड़ी – हाँ सर।
प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?
खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।
प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।
खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।
प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?
खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।
प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।
खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।
प्रधानमंत्री – हाँ
खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।
प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।
खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।
प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।
खिलाड़ी – पर..
प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।
खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?
प्रधानमंत्री – हाँ
खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।
खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।
प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।
प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?
खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।
प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?
खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।
प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।
खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।
प्रधानमंत्री – ठीक है।
खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।
प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।
खिलाड़ी – थैंक यू सर।
प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।
खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…