This is an era of 'Internet of Things': PM Modi

Published By : Admin | April 1, 2017 | 22:02 IST
பகிர்ந்து
 
Comments
Technology lays foundation for the future: PM Modi
Technology gives us such solutions, which could not be thought about until a few years ago. This is an era of 'Internet of Things': PM
The youth of India wants to find solutions to the nation's problems. They want results that are quick and credible: PM
Everyone has power to dream. But dreams should be turned into resolutions. Never allow any idea to die: PM

मेरे प्‍यारे दोस्तों आप सुबह से बैठे हैं, थक गए होंगे? अभी 36 घंटे और निकालने हैं तो और थक जाओगे क्‍या? लेकिन आप लोगों ने सोचा होगा कि कोई 10 बजे प्रधानमंत्री थोड़े आते हैं, और आपको फिर याद आया होगा आज तो पहली अप्रैल है तो शायद मोदी जी April Fool कर रहे होंगे हमारा। दोस्‍तों आज मुझे आप सभी के साथ जुड़कर वाकई बहुत ही खुशी हो रही है।

Smart India Hackathon भारत में अपनी तरह सबसे बड़ा experiment है। जिस देश की जनसंख्‍या में 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम उम्र के हों, जो देश दुनिया का युवा देश हो, वहां की युवा शक्ति आज; इस वक्‍त अपने समाज, अपने देश की कुछ अहम समस्‍याओं का solution निकालने में जुटी हुई है। अपना innovation दिखाने के लिए, अपनी creativity दिखाने के लिए आप सब; सारे नौजवान, जिस जोश के साथ कार्यक्रम में हिस्‍सा ले रहे हैं, वो प्रशंसा के योग्‍य हैं। 15 घंटे लगातार काम करने के बाद भी इस वक्‍त आपके चेहरों पर शिकन नहीं है। आपके चेहरों पर मुस्‍कान मैं देख रहा हूं। जब ऐसी ऊर्जा, ऐसे जज्‍बे के साथ काम किया जाता है, तभी नतीजे मिलते हैं।

दोस्‍तों, ज्ञान के क्षेत्र में हमारे देश की अपनी एक पहचान रही है; आज से नहीं, हजारों वर्षों से। कहते हैं शून्य का अविष्‍कार भारत में ही हुआ। आज IT Knowledge के क्षेत्र में भारत विश्‍व का नेतृत्‍व कर रहा है। शून्‍य से मंगलयान की मंगल यात्रा का सफर हमें गौरवान्वित करता है। उपनिषद से उपग्रह तक हमारी यात्रा विस्‍तृत हुई है। लेकिन ये भी सच है कि आज भारत को अपन जरूरतों, अपनी समस्‍याओं को सुलझाने के लिए Information Technology के और ज्‍यादा इस्‍तेमाल की आवश्‍यकता है। एक प्रकार से आज का समाज Technology Driven है। Innovation, Technology, ये समाज जीवन को गति दे रहे हैं, ऊर्जा दे रहे हैं। और इसलिए इस Hackathon के लिए MyGov. की मदद से ऐसी लगभग 500 समस्‍याओं को चुना गया है, जिसका समाधान खोजा जाए, युवा मनों के द्वारा खोज जाए, आधुनिक Technology के द्वारा खोज जाए। इन समस्‍याओं को आपके सामने समाधान के लिए रखा गया है। आपके लिए चुनौती भी है, अवसर भी है। और इस काम से मुझे विश्‍वास है कि आप अपनी Exam के लिए कोई Job work करें, उससे जो आनंद मिलता है, उससे ज्‍यादा आनंद आपको आपके इस काम से मिलेगा। क्‍योंकि जब काम पूरा होगा, और आपको लगेगा कि किसी गरीब के काम आने आपकी मेहनत आने वाली है। आप जो solution खोज रहे हैं वो शायद हिन्‍दुस्‍तान की सरकार की नीति-रीति का हिस्‍सा बनने वाला है। तो आपका जीवन अपने-आप में धन्‍यता अनुभव करेगा।

लोकतंत्र की सफलता जन भागीदार से भागीदारी से ही है। लोकतंत्र का मतलब ये नहीं कि वोट डाल दिया और किसी को 5 साल का Contract दे दिया, लो जाओ भाई मेरी समस्‍या दूर कर दो। और 5 साल में न कर पायें तो कह दिया जाये चलो अब अगला Contractor को पकड़ेंगे; लोकतंत्र ये नहीं है, लोकतंत्र जन-भागीदारी का है। सवा सौ करोड़ देशवासियों ने देश को मिल करके आगे बढ़ाना है। सब कुछ सरकार को ही पता है, सारी समस्‍याओं को हल सरकार ही कर पाएगी, उसके पास सारे उपाय हैं; ये भ्रम है। सरकार में भी तो आप ही की तरह लोग आ करके बैठे हैं। सब समस्‍याओं का समाधान हम सब मिलकर ही कर सकते हैं। जो सरकार में नहीं हैं उनके पास भी अनेक अच्‍छे सुझाव होते हैं, बुद्धि-प्रतिभा होती है, काम करने के लिए एक मूड होता है। और इ‍सलिए मेरी हमेशा कोशिश है कि जन-भागीदारी से कैसे चीजों को आगे चलाया जाये। और आज का ये अवसर, देश के दस हजार नौजवान Engineering Profession होगा, IT Profession होगा, वे जुट करके हमारी रोजमर्रा की 500 समस्‍याओं का समाधान खोज रहे हैं। बिना खाये-पिए, बैठे, लगे हैं; ये एक अपने-आप में एक नई ताकत का परिचय करा देगा। और इसलिए सबसे पहले तो इसमें हिस्‍सा लेने वाले, मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, आप सबका अभिनंदन करता हूं।

आज जब आप अपनी ऊर्जा को Governance के Process में Channelize करेंगे तो निश्चित तौर पर बहुत सकारात्‍मक नतीजे मिलेंगे। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि Technology के माध्‍यम से, Information Technology के माध्‍यम से हम आज के समाज में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। Technology हमें ऐसे-ऐसे solution देती है, जिसके बारे में कुछ वर्षों पहले तक सोचा भी नहीं जा सकता था। किसने सोचा था कि कभी सड़कों पर driver-less कारें चलने लगेंगी? आने वाले समय में Artificial intelligence का फैलाव और भी बढ़ने जा रहा है। 3D Technology की मदद से 3 Dimension Object की Printing, और उसके ऊपर आने वाले भविष्‍य के निर्माण, 3D Technology उसका एक बहुत बड़ा आधार स्‍तम्‍भ बनने जा रही है।

Manufacturing Sector में, even मकानों के design में इसका बहुत बड़ा उपयोग होने वाला है। अब तो दौर “Internet of things” का है। एक ऐसी व्‍यवस्‍था बन रही है जहां काफी कुछ “Internet of things” से ही तय होगा। आज देश में जो शहर Smart City में परिवर्तन किए जा रहे हैं, वहां इस Technology का जमकर इस्‍तेमाल किया जा रहा है, चाहे Smart Parking हो, Smart Lighting हो, Air Quality की Monitoring हो; इनमें “Internet of things” को apply किया जा रहा है।

दोस्‍तों Technology आज की जिंदगी में बहुत बड़े बदलाव कर रही है। कुछ नई चीजें, नई परम्‍पराएं, पैदा हो रही हैं; कुछ पुरानी चीजें, पुराने तरीके खत्‍म हो रहे हैं। आप खुद देखिए, आपके सामने ही Floppy, Tape Recorder, Walkman, ये सारी चीजें आईं और चली गईं; खत्‍म हो गईं। लम्‍बा, लम्‍बे तक तो वो टिकी नहीं; नई Technology ने जगह ले ली। एक जमाना था जब रेडियो, आज के जो Microwave Oven होते हैं, उतनी size का हुआ करता था। और आज रेडियो, माचिस की डिब्‍बी में भी फिट हो सकता है। Technology ने दुनिया को छोटा करने के साथ ही सुविधाओं का विस्‍तार और बढ़ाने में मदद की है। आपने देखा होगा कि पिछले कुछ महीनों में कैसे हमारे देश में Cashless Transaction का प्रसार तेजी से बढ़ा है। और इस क्षेत्र में भी लगातार नए Innovative Solutions सामने आ रहे हैं।

दोस्‍तों Innovation ही बेहतर भविष्‍य का आधार है। इतिहास उन लोगों के द्वारा लिखा जाता है, जो चली आ रही परम्‍पराओं को चुनौती देते हैं, उनमें बदलाव लाते हैं। इसके लिए एक और बात बहुत जरूरी और वो है Perseverance, दृढ़ता, लगातार जुटे रहना। बचपन से हम लोगों को, कई कथाएं आप लोगों ने भी सुनी होंगी; कहते हैं कि वो चींटी अपने खाना ले जा रही थी, Sugar का दाना, और ले जाते, ले जाते कितनी बार उससे छूट गया, नहीं ले जा पा रही थी, ऊपर दीवार चढ़नी थी लेकिन आखिरकार ले जाकर ही वो रुकी। एक चींटी भी लगातार कोशिश करने की प्रेरणा का कारण बन जाती है और इसलिए हमें भी इस बात को याद रखना है कि Innovations के रास्‍ते में कई बार आपको असफलता मिल सकती है। लेकिन आपको हार नहीं माननी और इसलिए जो जीत का संकल्‍प ले करके चलता है वो जूझना भी जानता है और जो जूझना जानता है वो जीत कर को पाने का तक मादा भी रखता है। आप सफल होंगे, उस दिन इसी दुनिया के लोग कहेंगे कि आपका रास्‍ता सही था, आपके Method सही थे। लेकिन इस दौरान एक बात का अवश्‍य ध्‍यान रखिए कि आपके Innovation का End Product है Quality.

Quality से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए, नहीं किया जा सकता। Quality ऐसी चीज है जिसे लोग याद रखते हैं। आपके Innovation से, आपके Product से लोगों की जिंदगी, Quality of Life में जो बदलाव आता है वह महत्‍वपूर्ण है। दोस्‍तों आप सभी जितने Innovative हैं, जितने Energetic हैं; देश की, समाज की समस्‍याओं को सुलझाने के लिए आपकी जो Approach है वो New India को और मजबूत करने वाली है। जैसे तकनीक पहले की अपेक्षा कई गुना तेजी से बदल रही है, वैसे ही आज की Generation पहले की अपेक्षा कई गुना तेजी से सोचती है, काम कर रही है। कुछ लोग कहते हैं कि आज का नौजवान सवाल बहुत पूछता है, ये कोई खराब बात नहीं है, ये तो अच्‍छी बात है। आज का युवा, कोई Baggage लेकर चलता है और हर बात को शुरूआत से समझना चाहता है, अपने नजरिए से देखना चाहता है। कुछ लोग ये भी कहते हैं कि आज के युवा में धैर्य नहीं है। मैं कहता हूं कि यही बात तो आज की पीढ़ी के नौजवानों की और उनके अंदर Innovation के लिए प्रेरणा का कारण बन जाती है। जीवन में धैर्य होना चाहिए, अधीर जीवन नहीं चल सकता है, लेकिन ऐसा भी धैर्य न हो कि जो नया सोचने के लिए प्रेरित न करे; ठहराव ले आए। और इसी वजह से वो ज्‍यादा तेजी से काम कर रहे हैं, और मैंने देखा है ऐसे नौजवान नतीजे भी ला करके रहते हैं। कुछ लोग ये भी कहते हैं कि आज का युवा Monotonous work नहीं चाहता, उसे वो पसंद नहीं है; वो बदलाव चाहता है। मैं मानता हूं कि उसकी यही सोच है जो Automation में नये-नये आइडिया ला रही है। अगर वो भी पुराने ढर्रे में जीरा चाहता तो, तो नया कहां मिलता? जो पुराना तोड़़ करके निकलना चाहता है वो ही तो नया देता है। कुछ लोग ये भी कहते हैं कि आज का युवा एक ही समय पर कई काम एक साथ करना चाहता है। कुछ लोगों को लगता है कि ये कोई ऐसे अपना फालतु समय बर्बाद करता है। लेकिन मैं कभी-कभी जिन युवकों में ऐसी विधा होती है, एक, सात, पांच, दस चीजें अपने-आप एक साथ कर लेते हैं; मैं इसे बुरा नहीं मानता। अब Multitasking के लिए अपने-आप को तैयार करना चाहिए। हर किसी ने कोशिश, और जो करता है उसे प्रोत्‍साहन देना चाहिए। कुछ लोगों को नौजवानों की Ambition से भी Problem हो जाता है। वो कहता है आज का नौजवान बहुत तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। दोस्‍तों में आगे बढ़ने के पक्ष में हूं लेकिन कुछ लोग कम समय में धन इकट्ठा करने के लिए आगे दौड़ते हैं, वो शायद ही जीवन में सफल होते हैं। कुछ कर दिखाने के लिए जो आगे दौड़ते हैं, तेजी से दौड़ते हैं, समय से पहले कर लेते हैं, वो खुद को भी कुछ देते हैं, दुनिया को भी कुछ देते हैं। और यही तो New India की जब मैं बात करता हूं, तो इसी spirit को ले करके कर रहा हूं।

मेरे भारत का युवा समस्‍याओं के समाधान जल्‍दी खोजना चाहता है, उन्‍नति ये जल्‍दी चाहता है और मैं इसे अच्‍छा मानता हूं। आज का युवा किसी की नौकरी करने से ज्‍यादा खुद ऐसा बनना चाहता है, जो दूसरों को रोजगार दे सके। निश्‍चित तौर पर इसमें Capital की जरूरत तो होती है, लेकिन उससे भी अहम है Purpose of Life, Sense of Mission, जिसकी हमारे युवाओं में कोई कमी नहीं है। वो अपने Ideas को, अपने Innovative Solutions को इस तरह जमीन पर उतारना चाहते हैं कि चीजें और efficient और Economically Viable हों। आप जैसे लाखों-करोड़ों नौजवानों की इस अद्भुत क्षमता को ही ध्‍यान में रखते हुए सरकार “Start-up India” अभियान चला रही है। मुद्रा योजना के तहत आप जैसे करोड़ों युवाओं को Bank Guarantee की चिन्‍ता से मुक्‍त करते हुए करोड़ों रुपयों का कर्ज दिया जा रहा है।

दोस्‍तों, सपने देखने की क्षमता हर किसी में होती है। आप इतने लोग यहां बैठे हैं, हर दिन कोई नया सपना देखने वाले लोग होंगे। सपने देखने की क्षमता हर किसी में होती है। सपनों को संकल्‍प में बदलने की क्षमता होनी चाहिए। और संकल्‍प को सिद्ध करने के लिए सारी क्षमताओं को झोंक देना चाहिए। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके सपने, संकल्‍प और सिद्धि अनेक लोगों की प्रेरणा का कारण भी बनते हैं। आपने IT की दुनिया में ही देखा होगा कि कई बड़े-बड़े Innovations की शुरूआत किसी एक छोटे से कमरे में, किसी गैराज में बहुत छोटे स्‍तर पर हुई थी। लोगों ने शुरू में उन्‍हें खारिज कर दिया था, लेकिन ऐसे लोग अपने सपने को, अपने संकल्‍प को, पूरी ताकत से जुट करके सिद्ध करने में जुटे रहे, सफल भी रहे। कभी जिन Ideas को बहुत छोटा समझा गया वो आज Billion Dollar की कम्‍पनी चला रहा है। इसलिए आप सभी को मेरी सलाह है, आपके सामने लम्‍बा समय है, आपको बहुत कुछ करना है। अपनी Journey में किसी Idea को यूं ही खत्‍म मत होने दीजिए। हो सकता है आपको ऐसा ही कोई Idea कल Billion Dollar की कम्‍पनी में बदल जायें और Billion लोगों की जिंदगी में बदलाव का कारण भी बनें।

दोस्‍तों, आपको आज की तेजी से बदलती दुनिया में Knowledge और Skill के बीच का फर्क भी समझना होगा। दोनों में बहुत बड़ा फर्क है। Knowledge है किसी Concept को समझना, Basic चीजों को समझना; जैसे ये जानना कि Electric Circuit कैसे काम करता है, लेकिन Skill है इस Concept को Apply कैसे करना। बहुत से लोग होंगे जिन्‍होंने Electronics या Electrical Engineering पढ़ी होगी, लेकिन घर में अगर Fuse उड़ जाये तो उसे ठीक करने के लिए बाहर से किसी को बुलाता है। Knowledge को Sharpen करके उसे Apply करना ही Skill है। इसलिए आज जितनी तेजी से जानकारी बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से Skill का भी बढ़ना आवश्‍यक है और इसलिए मैं कहता हूं Skill Engagement Optimization (SEO), Internet की दुनिया Search Engine की धूरी पर घूमती है और इसलिए उसमें Search Engine Optimization की बड़ी भूमिका होती है।

आपकी हमारी दुनिया Public Welfare और Public Participation की धुरी पर घूमती है, इसलिए उसमें Skill Engagement Optimization की बड़ी भूमिका होती है। और दुनिया ऐसे लोगों को चाहती है जो Knowledge करे Apply करना जानते हैं, जो अपनी Skill के जरिए लोगों से, Client से Engage हो सके। जब आप लोग Skill Engagement Optimization पर ध्‍यान शुरू कर देंगे, देश को Demographic Dividend भी Development Dividend में बदलेगा। New India के लिए रास्‍ता और मजबूत करेगा।

दोस्‍तों, आपको जो Task दिया गया है, अगले कुछ घंटों में आप उसका कोई न कोई Solution सजाने जा रहे हैं, लेकिन हमें सिर्फ इतने पर ही नहीं रुकना है। इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार के 29 Ministries हिस्‍सा ले रहे हैं। और उन सभी को जिम्‍मेदारी है कि इस Hackathon से जो Solution निकलेंगे, उसे आखिरी Stage तक, Logical End तक पहुंचाया जाये। कुछ सुधार की गुंजाइश हो तो उसमें सुधार करके उसे system में उतारा जाये। आज के प्रयास में आप सफल हों, कुछ नया Solution दें, इसके लिए सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

'மன் கி பாத்' -ற்கான உங்கள் யோசனைகளையும் பரிந்துரைகளையும் உடன் பகிர்ந்து கொள்ளுங்கள்!
‘பரிக்ஷா பே சர்ச்சா 2022’ (தேர்வுகள் பற்றிய விவாதம்)-ல் பங்கேற்க பிரதமர் அழைப்பு விடுத்தார்.
Explore More
Kashi Vishwanath Dham is a symbol of the Sanatan culture of India: PM Modi

பிரபலமான பேச்சுகள்

Kashi Vishwanath Dham is a symbol of the Sanatan culture of India: PM Modi
Undoing efforts of past to obliterate many heroes: PM Modi

Media Coverage

Undoing efforts of past to obliterate many heroes: PM Modi
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Our youth has a key role in taking India to new heights in the next 25 years: PM Modi
January 24, 2022
பகிர்ந்து
 
Comments
“Sacrifice of Sahibzadas of Guru Gobind Singh Ji for India's civilization, culture, faith and religion is incomparable”
“Today we feel proud when we see the youth of India excelling in the world of startups. We feel proud when we see that the youth of India are innovating and taking the country forward”
“This is New India, which does not hold back from innovating. Courage and determination are the hallmark of India today”
“Children of India have shown their modern and scientific temperament in the vaccination program and since January 3, in just 20 days, more than 40 million children have taken the corona vaccine”

कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रीपरिषद के हमारे साथी स्मृति ईरानी जी, डॉक्टर महेंद्रभाई, सभी अधिकारीगण, सभी अभिभावक एवं शिक्षकगण, और भारत के भविष्य, ऐसे मेरे सभी युवा साथियों!

आप सबसे बातचीत करके बहुत अच्छा लगा। आपसे आपके अनुभवों के बारे में जानने को भी मिला। कला-संस्कृति से लेकर वीरता, शिक्षा से लेकर इनोवेशन, समाजसेवा और खेल, जैसे अनेकविध क्षेत्रों में आपकी असाधारण उपलब्धियों के लिए आपको अवार्ड मिले हैं। और ये अवार्ड एक बहुत बड़ी स्‍पर्धा के बाद आपको मिले हैं। देश के हर कोने से बच्‍चे आगे आए हैं। उसमें से आपका नंबर लगा है। मतलब कि अवार्ड पाने वालों की संख्‍या भले कम है, लेकिन इस प्रकार से होनहार बालकों की संख्‍या हमारे देश में अपरम्‍पार है। आप सबको एक बार फिर इन पुरस्कारों के लिए बहुत बहुत बधाई। आज National Girl Child Day भी है। मैं देश की सभी बेटियों को भी बधाई देता हूं, शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों

आपके साथ-साथ मैं आपके माता-पिता और टीचर्स को भी विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूँ। आज आप इस मुकाम पर पहुंचे हैं, इसके पीछे उनका भी बहुत बड़ा योगदान है। इसीलिए, आपकी हर सफलता आपके अपनों की भी सफलता है। उसमें आपके अपनों का प्रयास और उनकी भावनाएं शामिल हैं।

मेरे नौजवान साथियों,

आपको आज ये जो अवार्ड मिला है, ये एक और वजह से बहुत खास है। ये वजह है- इन पुरस्कारों का अवसर! देश इस समय अपनी आज़ादी के 75 साल का पर्व मना रहा है। आपको ये अवार्ड इस महत्वपूर्ण कालखंड में मिला है। आप जीवन भर, गर्व से कहेंगे कि जब मेरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, तब मुझे ये अवार्ड मिला था। इस अवार्ड के साथ आपको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी मिली है। अब दोस्तों की, परिवार की, समाज की, हर किसी की आपसे अपेक्षाएँ भी बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं का आपको दबाव नहीं लेना है, इनसे प्रेरणा लेनी है।

युवा साथियों, हमारे देश के छोटे छोटे बच्चों ने, बेटे-बेटियों ने हर युग में इतिहास लिखा है। हमारी आज़ादी की लड़ाई में वीरबाला कनकलता बरुआ, खुदीराम बोस, रानी गाइडिनिल्यू जैसे वीरों का ऐसा इतिहास है जो हमें गर्व से भर देता है। इन सेनानियों ने छोटी सी उम्र में ही देश की आज़ादी को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, उसके लिए खुद को समर्पित कर दिया था।

आपने टीवी देखा होगा, मैं पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गया था। वहां मेरी मुलाकात श्रीमान बलदेव सिंह और श्रीमान बसंत सिंह नाम के ऐसे वीरों से हुई जिन्होंने आज़ादी के तुरंत बाद जो युद्ध हुआ था कश्‍मीर की धरती पर, अभी तो इनकी उम्र बहुत बड़ी है, तब वो बहुत छोटी उम्र के थे और उन्‍होंने उस युद्ध में बाल सैनिक की भूमिका निभाई थी। और हमारी सेना में पहली बार बाल-सैनिक के रूप में उनकी पहचान की गई थी। उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए उतनी कम उम्र में अपनी सेना की मदद की थी।

इसी तरह, हमारे भारत का एक और उदाहरण है- गुरु गोविन्द सिंह जी के बेटों का शौर्य और बलिदान! साहिबज़ादों ने जब असीम वीरता के साथ, धैर्य के साथ, साहस के साथ पूर्ण समर्पण भाव से बलिदान दिया था तब उनकी उम्र बहुत कम थी। भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था और धर्म के लिए उनका बलिदान अतुलनीय है। साहिबज़ादों के बलिदान की स्मृति में देश ने 26 दिसम्बर को 'वीर बाल दिवस' की भी शुरुआत की है। मैं चाहूँगा कि आप सब, और देश के सभी युवा वीर साहिबज़ादों के बारे में जरूर पढ़ें।

आपने ये भी जरूर देखा होगा, कल दिल्ली में इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। नेताजी से हमें सबसे बड़ी प्रेरणा मिलती है- कर्तव्य की, राष्ट्रप्रथम की! नेताजी से प्रेरणा लेकर हम सबको, और युवा पीढ़ी को विशेष रूप से देश के लिए अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ना है।

साथियों,

हमारी आजादी के 75 साल इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि आज हमारे सामने अपने अतीत पर गर्व करने का, उससे ऊर्जा लेने का समय है। ये समय वर्तमान के संकल्पों को पूरा करने का है। ये समय भविष्य के लिए नए सपने देखने का है, नए लक्ष्य निर्धारित करके उन पर बढ़ने का है। ये लक्ष्य अगले 25 सालों के लिए हैं, जब देश अपनी आज़ादी के सौ साल पूरे करेगा।

अब आप कल्‍पना कीजिए, आज आप में से ज्‍यादातर लोग 10 और 20 के बीच की उम्र के हैं। जब आजादी के सौ साल होंगे तब आप जीवन के उस पड़ाव पर होंगे, तब ये देश कितना भव्‍य, दिव्‍य, प्रगतिशील, ऊंचाइयों पर पहुंचा हुआ, आपका जीवन कितना सुख-शांति से भरा हुआ होगा। यानी, ये लक्ष्य हमारे युवाओं के लिए हैं, आपकी पीढ़ी और आपके लिए हैं। अगले 25 सालों में देश जिस ऊंचाई पर होगा, देश का जो सामर्थ्य बढ़ेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका हमारी युवा पीढ़ी की है।

साथियों,

हमारे पूर्वजों ने जो बोया, उन्‍होंने जो तप किया, त्‍याग किया, उसके फल हम सबको नसीब हुए हैं। लेकिन आप वो लोग हैं, आप एक ऐसे कालखंड में पहुंचे हैं, देश आज उस जगह पर पहुंचा हुआ है कि आप जो बोऐंगे उसके फल आपको खाने को मिलेंगे, इतना जल्‍दी से बदलाव होने वाला है। इसीलिए, आप देखते होंगे, आज देश में जो नीतियाँ बन रही हैं, जो प्रयास हो रहे हैं, उन सबके केंद्र में हमारी युवा पीढ़ी है, आप लोग हैं।

आप किसी सेक्टर को सामने रखिए, आज देश के सामने स्टार्टअप इंडिया जैसे मिशन हैं, स्टैंडअप इंडिया जैसे प्रोग्राम चल रहे हैं, डिजिटल इंडिया का इतना बड़ा अभियान हमारे सामने है, मेक इन इंडिया को गति दी जा रही है, आत्मनिर्भर भारत का जनआंदोलन देश ने शुरू किया है, देश के हर कोने में तेजी से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर विस्तार ले रहा है, हाइवेज़ बन रहे हैं, हाइस्पीड एक्सप्रेसवेज़ बन रहे हैं, ये प्रगति, ये गति किसकी स्पीड से मैच करती है? आप लोग ही हैं जो इन सब बदलावों से खुद को जोड़कर देखते हैं, इन सबके लिए इतना excited रहते हैं। आपकी ही जेनेरेशन, भारत ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर भी इस नए दौर को लीड कर रही है।

आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों के CEO, हर कोई उसकी चर्चा कर रहा है, ये CEO कौन हैं, हमारे ही देश की संतान हैं। इसी देश की युवा पीढ़ी है जो आज विश्‍व में छाई हुई है। आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि भारत के युवा स्टार्ट अप की दुनिया में अपना परचम फहरा रहे हैं। आज हमें गर्व होता है, जब हम देखते हैं कि भारत के युवा नए-नए इनोवेशन कर रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं। अब से कुछ समय बाद, भारत अपने दमखम पर, पहली बार अंतरिक्ष में भारतीयों को भेजने वाला है। इस गगनयान मिशन का दारोमदार भी हमारे युवाओं के पर ही है। जो युवा इस मिशन के लिए चुने गए हैं, वो इस समय कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

साथियों,

आज आपको मिले ये अवार्ड भी हमारी युवा पीढ़ी के साहस और वीरता को भी celebrate करते हैं। ये साहस और वीरता ही आज नए भारत की पहचान है। कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई हमने देखी है, हमारे वैज्ञानिकों ने, हमारे वैक्सीन Manufacturers ने दुनिया में लीड लेते हुये देश को वैक्सीन्स दीं। हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी बिना डरे, बिना रुके देशवासियों की सेवा की, हमारी नर्सेस गाँव गाँव, मुश्किल से मुश्किल जगहों पर जाकर लोगों को वैक्सीन लगा रही हैं, ये एक देश के रूप में साहस और हिम्मत की बड़ी मिसाल है।

इसी तरह, सीमाओं पर डटे हमारे सैनिकों की वीरता को देखिए। देश की रक्षा के लिए उनकी जांबाजी हमारी पहचान बन गई है। हमारे खिलाड़ी भी आज वो मुकाम हासिल कर रहे हैं, जो भारत के लिए कभी संभव नहीं माने जाते थे। इसी तरह, जिन क्षेत्रों में बेटियों को पहले इजाजत भी नहीं होती थी, बेटियाँ आज उनमें कमाल कर रही हैं। यही तो वो नया भारत है, जो नया करने से पीछे नहीं रहता, हिम्मत और हौसला आज भारत की पहचान है।

साथियों,

आज भारत, अपनी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। इससे आपको पढ़ने में, सीखने में और आसानी होगी। आप अपनी पसंद के विषय पढ़ पाएं, इसके लिए भी शिक्षा नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। देश भर के हजारों स्कूलों में बन रही अटल टिंकरिंग लैब्स, पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही बच्चों में इनोवेशन का सामर्थ्य बढ़ा रही हैं।

साथियों,

भारत के बच्चों ने, युवा पीढ़ी ने हमेशा साबित किया है कि वो 21वीं सदी में भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कितने सामर्थ्य से भरे हुए हैं। मुझे याद है, चंद्रयान के समय, मैंने देशभर के बच्चों को बुलाया था। उनका उत्साह, उनका जोश मैं कभी भूल नहीं सकता। भारत के बच्चों ने, अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी अपनी आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है। 3 जनवरी के बाद से सिर्फ 20 दिनों में ही चार करोड़ से ज्यादा बच्चों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ये दिखाता है कि हमारे देश के बच्चे कितने जागरूक हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का कितना एहसास है।

साथियों,

स्वच्छ भारत अभियान की सफलता का बहुत बड़ा श्रेय भी मैं भारत के बच्चों को देता हूं। आप लोगों ने घर-घर में बाल सैनिक बनकर, स्‍वच्‍छाग्रही बनकर अपने परिवार को स्वच्छता अभियान के लिए प्रेरित किया। घर के लोग, स्वच्छता रखें, घर के भीतर और बाहर गंदगी ना हो, इसका बीड़ा बच्चों ने खुद उठा लिया था। आज मैं देश के बच्चों से एक और बात के लिए सहयोग मांग रहा हूं। और बच्‍चे मेरा साथ देंगे तो हर परिवार में परिवर्तन आएगा। और मुझे विश्‍वास है ये मेरे नन्‍हें-मुन्‍हें साथी, यही मेरी बाल सेना मुझे इस काम में बहुत मदद करेगी।

जैसे आप स्वच्छता अभियान के लिए आगे आए, वैसे ही आप वोकल फॉर लोकल अभियान के लिए भी आगे आइए। आप घर में बैठ करके, सब भाई-बहन बैठ करके एक लिस्‍ट बनाइए, गिनती करिए, कागज ले करके देखिए, सुबह से रात देर तक आप जो चीजों का उपयोग करते हैं, घर में जो सामान है, ऐसे कितने Products हैं, जो भारत में नहीं बने हैं, विदेशी हैं। इसके बाद घर के लोगों से आग्रह करें कि भविष्य में जब वैसा ही कोई Product खरीदा जाए तो वो भारत में बना हो। उसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो, जिसमें भारत के युवाओं के पसीने की सुगंध हो। जब आप भारत में बनी चीजें खरीदेंगे तो क्‍या होने वाला है। एकदम से हमारा उत्‍पादन बढ़ने लग जाएगा। हर चीज में उत्पादन बढ़ेगा। और जब उत्पादन बढ़ेगा, तो रोजगार के भी नए अवसर बनेंगे। जब रोजगार बढ़ेंगे तो आपका जीवन भी आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए आत्मनिर्भर भारत का अभियान, हमारी युवा पीढ़ी, आप सभी से भी जुड़ा हुआ है।

साथियों,

आज से दो दिन बाद देश अपना गणतन्त्र दिवस भी मनाएगा। हमें गणतन्त्र दिवस पर अपने देश के लिए कुछ नए संकल्प लेने हैं। हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए, और पूरे विश्व के भविष्य के लिए हो सकते हैं। जैसे कि पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है, और इसका लाभ पूरे विश्व को मिलेगा।

मैं चाहूँगा कि आप उन संकल्पों के बारे में सोचें जो भारत की पहचान से जुड़े हों, जो भारत को आधुनिक और विकसित बनाने में मदद करें। मुझे पूरा भरोसा है, आपके सपने देश के संकल्पों से जुड़ेंगे, और आप आने वाले समय में देश के लिए अनगिनत कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

इसी विश्वास के साथ आप सभी को एक बार फिर बहुत बहुत बधाई,

सभी मेरे बाल मित्रों को बहुत-बहुत प्‍यार, बहुत-बहुत बधाई, बहुत बहुत धन्यवाद !