PM pays tributes to Guru Basaveshwara, says he showed the path of social reform centuries ago
Indian society is unique because social reformers arose from it time and again, to reform society, and fight social evils: PM Modi
Rishis, Saints, Seers, Mutts...they have done great service for society: PM Modi
Saints, seers...they overcame so much opposition and ensured evils were removed from society: PM
The 21st century is the century of knowledge. The one with more knowledge and information will influence the world: PM
It is the saints who have understood what the 21st century is about & that is why this knowledge centre is starting: PM
Proud of our Jawans and security forces: PM Narendra Modi
Enemies of humanity who can't see India progress, attacked in Pathankot, but our security forces did not let them succeed: PM

मुझे पूछ रहे थे कि मैं हिन्‍दी में बोलू तो यहां translation करने की जरूरत है क्‍या? स्‍वामी जी स्‍वयं बताए कि कोई जरूरत नहीं, यहां सब हिन्‍दी समझते हैं। ये मेरा सौभाग्‍य है कि इस पवित्र उपक्रम में मुझे सरीक होने का अवसर मिला है। इतनी बड़ी संख्‍या में संतों की हाजिरी हो, इतने वरिष्‍ठ संत, इस उम्र में, इस समारोह में उपस्‍थित हो, ऐसा सौभाग्‍य कहां मिलता है।

कुछ दिन पहले मैं लंदन गया था। लोकतंत्र की बातें, मानवतावाद की बातें, women empowerment की चर्चाएं, दुनिया के देशों को लगता है ये सारे विचार वहीँ पर शुरू हुए, वही पर पैदा हुए और दुनिया को वही से मिले। जहां इस प्रकार की सोच है वहां पर मुझे उस महापुरुष के statue का अनावरण करने का सौभाग्‍य मिला। वे बसेश्‍वर जी, social reformers कैसे होते हैं, women empowerment क्‍या होता है, grass root level democracy की ताकत क्‍या होती है, सदियों पहले इसी धरती के महापुरुष बसेश्‍वर जी ने दुनिया को करके दिखाया। स्‍वीडन के पार्लियामेंट के स्‍पीकर उस अवसर पर मौजूद थे और जो मैंने समाज सुधार का महान काम करने वाले बसेश्‍वर जी की बातें सुनाई तो उनके लिए तो आश्‍चर्य था कि सदियों पहले भारत में महापुरुष का ऐसा चिंतन हुआ करता था और वो सिर्फ विचार नहीं व्‍यवहार भी था, आचरण भी था और करके दिखाया था। आज उसी परंपरा की एक कड़ी के साथ मुझे जुड़ने का सौभाग्‍य मिला है। मैं अपने आप को बहुत भाग्‍यशाली मानता हूं।

सारे विश्‍व में, इस बात के विषय में बहुत कम जानकारी है और कभी-कभी तो विश्‍व छोड़ो हमारे देश में भी एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो अपने आप को बहुत बड़ा बुद्धिमान मानता है, बड़ा elite class मानता है। उन्‍हें अंदाजा नहीं है कि भारत में ऋषियों ने, मुनियों ने, संतों ने, मंतों ने समाज हित के लिए कितने बड़े-बड़े काम किए हैं। उनका उस तरफ ध्‍यान ही नहीं है और इसलिए जहां-तहां हमारी इस महान परंपरा की आलोचना करते रहना यही कुछ लोगों की आदत बन गई है। इस देश की विशेषता है कि हजारों साल पुराने इस समाज जीवन में समय-समय पर किसी न किसी बुराई ने प्रवेश कर दिया है। समाज में विकृति आई, गलत चीजें घुस गई, गलत पंरपराएं घुस गई, जिसने इस समाज की आत्‍मा को भी तहस-तहस कर दिया लेकिन उसके बाद यही समाज की ताकत देखिए कि इसी समाज में से संत पैदा हुए, समाज सुधारक पैदा हुए, ऋषि-मुनि पैदा हुए और उन्‍होंने समाज के विरोधों के बावजूद भी समाज सुधार का बीड़ा उठाया और समाज की बुराइयों से समाज को मुक्‍त कराने का अविरत प्रयास किया।

हजारों साल से ये देश, ये परंपराएं, ये संस्‍कृति इसलिए बची है कि हर युग में जब-जब संकट आया, जब-जब हमारे भीतर बुराइयां आई, हमारे भीतर से ही एक नई ऊर्जा पैदा हुई, नया नेतृत्‍व पैदा हुआ, नई ताकत पैदा हुई, नई परंपरा पैदा हुई और समाज सुधार का काम चलता रहा और इसलिए मैं आज जब His Holiness जगतगुरु श्री डॉ. शिवराथरी राजेन्‍द्र महास्‍वामी जी के शताब्‍दी समारोह में आया हूं, उस महाने परंपरा को नमन करने के लिए आया हूं, जिस महान परंपरा ने समाज के हितों की, समाज के कल्‍याण की, चिंता करने में कभी कोई कमी नहीं की।

हम आजादी के आंदोलन को देखे, इस तरफ हमारे लोगों का ध्‍यान बहुत कम जाता है। लेकिन अगर हम आजादी के आंदोलन को देखे तो 19वीं शताब्‍दी में और 18वीं शताब्‍दी, ये दो शताब्‍दी पर हम नजर गड़े तो हमारे ध्‍यान में आएगा कि 20वीं शताब्‍दी में जो आजादी के आंदोलन की तीव्रता पैदा हुई, उसके पीछे 19वीं शताब्‍दी और 18वीं शताब्‍दी में हमारे संतों महंतों ने, जिसको हम भक्‍ति युग कहते है, उस भक्‍ति युग में जो चेतनाएं जगाई गई, भारत की आत्‍मा को जगाने का प्रयास हुआ और हिन्‍दुस्‍तान के हर क्षेत्र, इलाके में, पूर्व हो, पश्‍चिम हो, उत्‍तर हो, दक्षिण हो, हर भाषा-भाषी ने, कोई तो एक संत पैदा हुआ जो संत, मठ-मंदिरों से बहार निकला, एक सामूहिक जागरण का अभियान चलाया। पूरे देश में फिर से एक बार समाज की आत्‍मा को जगाने का काम दो शताब्‍दी तक हमारे संतों ने, हमारे महापुरुषों ने किया और वो चेतना जगी। जिस चेतना में से 1857 के स्‍वतंत्रता संग्राम की ज्‍योति जगी। वही एक तरह से 1947 में, देश आजादी को प्राप्‍त कर सका। आजादी के आंदोलन की पीठिका ऐसे महापुरुषों ने रची। जिसको आगे महात्‍मा गांधी का नेतृत्‍व मिला और देश ने महात्‍मा गांधी को भी कभी राजनेता के रूप में नहीं देखा था। उसी संत परंपरा की एक कड़ी के रूप में देखा था, तभी तो उनको महात्‍मा कहा था। जो बात संतों-महंतों के लिए कही जाती थी, वो बात महात्‍मा गांधी के लिए कही जाती थी। उसी परंपरा का नेतृत्‍व मिला और तब जाकर के देश को आजादी प्राप्‍त हुई और इसलिए भारत ने समाज जीवन के हर कबीला-कबिलाई, कबीलों से मुक्‍ति दिलाने का काम हमारे संतों के द्वारा हुआ है।

उसी प्रकार से, आज हम इस पीठ को देखते हैं। मुझे तो यहां पहले भी आने का सौभाग्‍य मिला है। शिक्षा के क्षेत्र में कितना बड़ा काम किया है। करीब एक लाख विद्यार्थियों की जिन्‍दगी, यहां बदल रही है। एक प्रकार से सरकार का काम संत कर रहे हैं। सरकार का बोझ भी हल्‍का कर रहे हैं और समाज की शक्‍ति बढ़ा रहे हैं।

आज यहां इस शताब्‍दी समारोह में knowledge Resource Centre का आरंभ हो रहा है। ये बात सत्‍य है कि पिछली शताब्‍दियों में राष्‍ट्र की शक्‍ति को नापने का आधार या तो धन शक्‍ति हुआ करता था या तो सैन्‍य बल शक्‍ति द्वारा। इस देश के पास कितना military power है और कितना money power है उसके आधार पर विश्‍व में उस देश की ताकत को नापा जाता था। उसी के आधार पर वो देश कितना शक्‍तिशाली है और उसके आधार पर विश्‍व में उसकी स्‍वीकृति बनती थी। लेकिन वक्‍त बदल चुका है, आज धन बल हो या सैन्‍य बल हो, इतने से गाड़़ी चलती नहीं है। 21वीं सदी ज्ञान की सदी है, knowledge की century है। जिसके पास ज्‍यादा information होगी, ज्‍यादा knowledge होगा, समय के अलग सोचने वाले innovations होंगे, दुनिया पर उसी देश की चलने वाली है। और इसलिए 21वीं सदी की ताकत को संतों ने पहचाना है और उस ताकत को वैज्ञानिक तरीके से रंग देने के लिए आज knowledge Resource Centre का आरंभ हो रहा है।

पिछली अनेक शताब्‍दियों में मानव जाति ने ज्ञान के आधार पर, विज्ञान के आधार पर, technology के आधार पर जो प्रगति की है, आज हर घंटे, हर दिन, हर महीने, हर साल विज्ञान के नए अविष्‍कार, ज्ञान का सर्वश्रेष्‍ठ प्रभाव, technology का प्रभुत्‍व, समाज जीवन को इतनी तेजी से बदल रहा है, जो पिछली शताब्‍दियों में कभी नहीं हुआ था। जिस गति से दुनिया बदल रही है, technology विज्ञान और ज्ञान के आधार पर उसको cope-up करने के लिए कभी-कभी मानव की कल्पना शक्‍ति भी कम पड़ जाती है। कही एक जगह पर लोग आगे बढ़े तो हम सोचते रह जाते हैं कि भई हम वहां कहां पहुंचेंगे। दुनिया इतनी तेजी से ज्ञान-विज्ञान और technology के सहारे बदल रही है। क्‍या भारत इंतजार करता रहेगा क्‍या? क्या भारत यही सोचता रहेगा क्या कि कोई महापुरुष, संत, महात्मा के आशीर्वाद मिल जाएंगे और देश महान हो जाएगा। संत भी ऐसा नहीं मानते हैं, संत भी मानते हैं कि knowledge Resource Centre बनाने चाहिए।

नए innovations होने चाहिए। पिछले दिनों आपको पता होगा पेरिस में दुनिया के सभी देशों के लोग इकट्ठे आए थे। एक बड़ा विश्व का कुंभ मेला लगा था और वे सब ब्रहमांड की चर्चा करने में लगे थे, Global warming के लिए, Global warming से कैसे मानव जात को बचाया जाए, विश्व को बचाया जाए, पृथ्वी को बचाया जाए, इसकी चिंता हो रही थी। लेकिन वहां पर दो बातें हुईं। एक भारत, अमेरिका, फ्रांस, इनके initiative थे, innovation पर बल देने के लिए योजना बने और इस संकट का सामना करना होगा, तो नए अनुसंधान करने पड़ेंगे, innovations करने पड़ेंगे और उसके लिए एक सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है और दूसरा वाला निर्णय हआ। जो देश जहां 300 दिवस से ज्यादा सूर्य प्रकाश उपलब्ध होता है, ऐसे देश इकट्ठे आएं। विश्व में करीब 122 countries ऐसे हैं कि जहां Solar Radiation काफी मात्रा में हैं और इससे भारत के प्रयासों से, भारत के नेतृत्व में दुनिया के 122 देश जहां 300 दिवस से ज्यादा सूर्य प्रकाश रहता है इकट्ठे आएं और सूर्य शक्ति का मानव जात में कैसे उपयोग हो, उस पर एक संगठन का निर्माण किया है।

इन चीजों का आने वाले युगों तक प्रभाव रहने वाला है। उसके मूल में ज्ञान है, विज्ञान है, technology है, innovation है और वही, वही बदलाव आया है और बदलाव को लाने की दिशा में एक उत्तम कदम है। और मैं मानता हूं कि शताब्दी समारोह तक पूज्य स्वामी जी को उत्तम से उत्तम श्रद्धांजलि, इस एक उत्तम कदम के द्वारा दी जा रही है और इसके लिए आप सब बधाई के पात्र हैं, अभिनंदन के पात्र हैं।

भारत सरकार की तरफ से इन उत्तम प्रयासों के लिए हमेशा-हमेशा के लिए कंधे से कन्धा मिलकर के देश, दिल्ली में बैठी हुई सरकार आपके साथ चलेगी और नए innovations समाज-जीवन के काम आएं, ज्ञान का भंडार, मानव जात के कल्याण का कारण बनें, उस दिशा में हम प्रयास करते रहें।

आज जब में इस पवित्र कार्यक्रम में आया हूं, मैं देश के जवानों का गर्व करना चाहता हूं, देश के सुरक्षा बलों का गर्व करना चाहता हूं, उनका अभिनंदन करना चाहता हूं। जब युद्ध होते हैं तो दुश्मन देश, अपने सामने वाले देश की सैन्य शक्ति पर घात करने के प्रयास करता है। आज मानवता के दुश्मनों ने जो भारतीय प्रगति को देखने की उनको परेशानी हो रही है, ऐसे तत्वों ने ऐसी ताकतों ने पठानकोट में हिंदुस्तान की सैन्य शक्ति का अंग Airbase देने का प्रयास किया है। मैं देश के सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं कि दुश्मनों के उन इरादों को उन्होंने खाक में मिला दिया। उनको सफल नहीं होने दिया और जिन जवानों ने शहादत दी है, उनकी शहादत को मैं नमन करता हूं और देशवासियों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हमारे सुरक्षा बलों में वो सामर्थ्य है कि दुश्मनों की कोई भी नापाक इरादों को उठते ही वो खत्म करने की ताकत रखते हैं और देश को सुरक्षा प्रदान करते हैं। उन जांबाज जवानों को बधाई देता हूं, उन सुरक्षा बलों को अभिनंदन करता हूं और ऐसे समय राष्ट्र का आत्मविश्वास, राष्ट्र का धैर्य और राष्ट्रीय एकता एक स्वर में राष्ट्र जब बोलता है तो दुश्मन के घर नष्ट हो जाते हैं। उस संकल्प लेकर के आगे बढ़ें। इसी एक अपेक्षा के साथ बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। पूज्य स्वामी जी के श्री चरणों में प्रणाम करता हूं और ये knowledge Resource Centre 21वीं सदी में हमें नई ताकत दें, इसी अपेक्षा के साथ बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Modi’s guarantee begins where hope from others ceases to exist: PM Modi
February 22, 2024
Dedicates to nation important sections of Vadodara Mumbai Expressway
Dedicates two new Pressurized Heavy Water Reactors at Kakrapar Atomic Power Station: KAPS-3 and KAPS-4
Initiates commencement of work for construction of PM MITRA Park in Navsari
Lays foundation stone for several development projects of Surat Municipal Corporation, Surat Urban Development Authority, and Dream City
Lays foundation stone for road, rail education and water supply projects
“It's always a great feeling to be in Navsari. The inauguration and launch of various projects will strengthen Gujarat's development journey”
“Modi’s guarantee begins where hope from others ceases to exist”
"Whether poor or middle-class, rural or urban, our government's effort is to improve the standard of living for every citizen"
“Today, excellent connectivity infrastructure is being built even in small cities of the country”
“Today, the world recognizes Digital India”

भारत माता की – जय !

भारत माता की – जय !

गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, राज्य सरकार के मंत्रीगण, संसद में मेरे साथी इसी क्षेत्र के प्रतिनिधि और गुजरात प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्‍यक्ष सी आर पाटिल, सांसद और विधायक गण, और मेरे प्‍यारे भाइयों और बहनों, कैसे हैं सभी।

गुजरात में आज का ये मेरा तीसरा कार्यक्रम है। आज सुबह ही मुझे अहमदाबाद में पूरे गुजरात के लाखों पशुपालक साथी, डेयरी उद्योग से जुड़े लोग, उनके दर्शन करने का अवसर मिला, उनसे बात करने का मौका मिला। उसके बाद मेहसाणा में वाड़ीनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन से जुड़ने का सौभाग्य मिला। और अब यहां नवसारी में आप सभी के बीच विकास के इस उत्सव में शामिल हो रहा हूं। आप एक काम करिए, जैसा भूपेंद्र भाई ने कहा कि शायद आजादी के बाद पहली एक ही बार में इतने सारे रुपये के विकास के काम हुए हों ऐसा पहली बार हुआ है। तो विकास के इतने बड़े उत्‍सव में एक काम करिए आप सब, करेंगे? आपका मोबाइल निकालकर उसकी फ्लैश लाइट चालू कीजिए, और विकास उत्‍सव में भागीदार बनिए। भारत माता की जय...ऐसा नहीं चलेगा ठंडा-ठंडा। भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय। शाबाश। नवसारी में जैसे हीरा चमकता हो ऐसा लग रहा है आज। थोड़ी देर पहले वडोदरा, नवसारी, भरूच, सूरत और दूसरे क्षेत्रों को हजारों करोड़ रुपए के नए प्रोजेक्ट्स मिले हैं। टेक्सटाइल, बिजली और शहरी विकास से जुड़ी 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की इन परियोजनाओं के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।

साथियो,

आजकल पूरे देश में एक चर्चा बड़ी जोरों पर चल रही है, पार्लियामेंट में भी चलती है और गली-मोहल्‍ले में भी चल रही है। और वो चर्चा है मोदी की गारंटी। देश का बच्‍चा-बच्‍चा कह रहा है मोदी ने जो कह दिया, वो करके दिखाता है। देश के बाकी लोगों के लिए तो शायद ये बात नई है, लेकिन गुजरात के लोग तो बरसों से जानते हैं कि मोदी की गारंटी...यानी...गारंटी पूरा होने की गारंटी। आपको याद होगा, जब मैं गुजरात में था, तो मैं एक फाइव एफ की बात करता था। पांच एफ क्‍या था...इसका मतलब था- फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन, फैशन टू फॉरेन। मैं तब फाइव एफ की बात करता था, यानी किसान कपास उगाएगा, कपास फैक्ट्री में जाएगी, फैक्ट्री में बने धागे से परिधान बनेंगे, यही परिधान विदेशों के लिए निर्यात होंगे।

मेरा लक्ष्य था कि टेक्सटाइल सेक्टर की एक पूरी सप्लाई और वैल्यू चेन हमारे पास होनी चाहिए। होना चाहिए ना...होना चाहिए ना? आज आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए हम ऐसी ही व्यवस्थाओं का निर्माण कर रहे हैं। पीएम मित्र पार्क, ये पीएम मित्र पार्क भी इसी अभियान का हिस्सा है। नवसारी में आज जिस पीएम मित्र पार्क का काम शुरू हो रहा है, वो टेक्सटाइल सेक्टर के लिए देश का ऐसा पहला पार्क है। इससे कपड़ा उद्योग को बल मिलेगा, कपड़ा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी। आप कल्पना कर सकते हैं...सूरत का डायमंड और नवसारी का परिधान, दुनिया के फैशन बाज़ार में गुजरात का कितना बड़ा, गुजरात की चारों तरफ जय-जयकार होगी कि नहीं ? गुजरात की गूंजें सुनाई देंगी कि नहीं ?

साथियों,

आज एक प्रकार से सूरत सिल्क सिटी का विस्तार नवसारी तक हो रहा है। आज इस सेक्टर में दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों और निर्यातकों को भारत टक्कर देने लगा है। और इसमें गुजरात की टेक्सटाइल इंडस्ट्री का बहुत बड़ा योगदान है। बीते वर्षों में सूरत के कपड़े की अपनी एक अच्छी पहचान बन गई है। यहां जब ये पीएम मित्र पार्क तैयार हो जाएगा तो, इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। इस पार्क के निर्माण में ही 3 हज़ार करोड़ रुपए का निवेश होगा। यहां पर कताई, बुनाई, जिनिंग, गारमेंट, टेक्निकल टेक्सटाइल और टेक्सटाइल मशीनरी, ऐसे हर काम के लिए वैल्यू चेन का इकोसिस्टम बनेगा। यानी ऐसे हज़ारों कारीगर, श्रमिक यहां पर काम कर पाएंगे। इसी पार्क में मजदूरों के लिए आवास, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, स्वास्थ्य सुविधाएं, ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा भी होगी। यानी ये पार्क यहां आसपास के गांवों में भी रोजगार-स्वरोजगार के अवसर लेकर आएगा।

साथियों,

आज सूरत के लोगो के लिए एक और अहम् प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो रहा है। 800 करोड़ रूपए से ज्यादा राशि से बनने वाले तापी रिवर बैराज का आज शिलान्यास हुआ है। तापी रिवर बैराज बनने से सूरत में आने वाले कई वर्षो तक सूरत में वाटर सप्लाई की चुनौती...उसका समाधान हो जायेगा। इससे बाढ़ जैसे खतरों से निपटने में भी मदद मिलेगी।

साथियो,

गुजरात, समाज जीवन में, औद्योगिक विकास में बिजली का महत्व बराबर जानता है। 20-25 साल पहले का एक समय ऐसा था जब गुजरात में घंटों-घंटों तक बिजली की कटौती हुआ करती थी। आज जो 25-30 साल के लोग हैं ना उनको पता भी नहीं होगा कि हम उस जमाने में अंधेरे में जिंदगी गुजारते थे। जब मैं सीएम बना तो लोग मेरे पास आकर गुहार लगाते थे कि किसी तरह शाम के भोजन के समय बिजली का इंतजाम हो जाए। आप विचार करो, पहले लोग कहते थे साहब कम से कम शाम में भोजन के वक्‍त तो जरा बिजली दीजिए, ऐसा स्थिति हुआ करती थी। ऐसे हाल थे। बिजली उत्पादन में तब यहां अनेक मुश्किलें थीं। कोयला चाहिए था, तो वो हमें दूर से लाना पड़ता था या फिर विदेश से मंगाना पड़ता था। गैस से बिजली बनाते तो वो भी इंपोर्ट करनी पड़ती थी। पानी से बिजली बनाने की संभावना बहुत कम थी। इन संकटों के साथ गुजरात का विकास असंभव था। लेकिन असंभव को संभव करने के लिए तो मोदी है। इसलिए हमने गुजरात को बिजली के संकट से निकालने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना शुरू किया। हमने सौर ऊर्जा पर बल दिया, हमने पवन ऊर्जा पर बल दिया। आज गुजरात में सौर और पवन ऊर्जा से बहुत बड़े पैमाने पर बिजली बनाई जा रही है।

साथियों,

21वीं सदी के भारत में बिजली पैदा करने में हमारे परमाणु घरों की भूमिका और बढ़ने जा रही है। आज ही तापी के काकरापार परमाणु ऊर्जा प्लांट में दो नए रिएक्टर, राष्ट्र को समर्पित किए गए हैं। ये दोनों रिएक्टर मेड इन इंडिया टेक्नॉलॉजी से तैयार किए गए हैं। एक बार भारत माता की जय बोल करके ये आत्मनिर्भर की स्थिति के लिए गर्व से हाथ ऊपर कीजिए, भारत माता की जय। ये दिखाता है कि आज भारत कैसे हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। अब इस प्लांट से गुजरात को अधिक बिजली मिल पाएगी, यहां के औद्योगिक विकास में और मदद मिलेगी।

सा‍थियो,

नवसारी हो, वलसाड हो, दक्षिण गुजरात का ये क्षेत्र आज अभूतपूर्व विकास के दौर से गुज़र रहा है। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार आधुनिक हो रहा है। और जब मैं सोलार एनर्जी की बात करता हूं- जब अपने गुजरात की बात करें तो अपने गुजराती तो पाई-पाई का हिसाब रखने वाले लोग, सही है कि नहीं। हिसाब-किताब में पक्के। अभी मोदी ने दूसरी गारंटी दी है, आपके लिए तो एकदम लाभदायी ही है, 300 यूनिट तक फ्री बिजली का कार्यक्रम और वह कार्यक्रम है पीएम सूर्यघर। पीएम सूर्यघर 300 यूनिट बिजली मुफ्त। लगभग मध्‍यमवर्गीय परिवार हो, एसी हो, पंखा हो, फ्रिज हो, वाशिंग मशीन हो, यह सभी उसमें आ जाएं। और जिस तरह, तो घर के ऊपर सोलार पैनल लगाने के लिए भी सरकार पैसा देगी, बैंक से लोन देगी। और तीसरा आप 300 यूनिट से ज्‍यादा बिजली पैदा करनी हो, और आपको जरूरत से ज्‍यादा बिजली बेचनी हो तो वह बिजली सरकार खरीद लेगी। आपको उसमें से भी पैसा मिलेगा, बोलो मुनाफा है कि नहीं। गुजरात में तो घर-घर, घर के ऊपर सोलार बिजली, सूर्य बिजली और बिजली मुफ्तवाले काम में जुड़ जाओ। यह मोदी की गारंटी है। इस क्षेत्र से देश की पहली बुलेट ट्रेन भी गुज़रने जा रही है। ये क्षेत्र देश के बड़े आर्थिक केंद्रों, मुंबई और सूरत को जोड़ने जा रहा है।

साथियों,

अब नवसारी की पहचान औद्योगिक विकास के लिए होने लगी है, लेकिन नवसारी सहित ये पूरा दक्षिण गुजरात, खेती में भी बहुत आगे है। भाजपा सरकार ने जब यहां किसानों को सुविधाएं देनी शुरू कीं, तो फलों की खेती का चलन बढ़ा। यहां का हाफुस आम, वलसाड़ी आम, नवसारी का चीकू, ये तो पूरी दुनिया में इतना मशहूर है, मैं जहां भी जाता हूं लोग ये सुनाते हैं मुझे। डबल इंजन सरकार आज हर कदम पर किसानों को मदद दे रही है। नवसारी के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि से भी 350 करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद मिली है।

साथियों,

मोदी ने देश के गरीब, किसान, युवा और महिला, सभी को सशक्त करने की गारंटी दी है। और ये गारंटी, सिर्फ योजनाएं बनाने की नहीं है, बल्कि जो हकदार हैं, उन तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने की भी गारंटी है। मोदी की गारंटी, इस बात के लिए है कि देश का कोई भी परिवार अभाव में न रहे, उसे गरीबी में जीना न पड़े। इसलिए सरकार अपनी तरफ से लाभार्थियों के पास आ रही है, लाभार्थियों को जा-जा करके खोज रही है, उन्हें योजनाओं से जोड़ रही है।

साथियों,

कांग्रेस ने लंबे समय तक देश में और गुजरात में सरकारें चलाई हैं। लेकिन कभी आदिवासी क्षेत्रों की, समंदर के तट पर बसे गांवों की सुध नहीं ली। यहां गुजरात में भाजपा सरकार ने उमरगाम से लेकर अंबाजी तक, पूरे आदिवासी पट्टे में हर मूल सुविधा पहुंचाने के लिए अविरत काम किया है। लेकिन देश के स्तर पर ऐसा नहीं हुआ। 2014 तक देश में 100 से अधिक जिले विकास में अंतिम छोर पर थे, कोई पूछने वाला नहीं था। इनमें से अधिकतर, आदिवासी बाहुल्य जिले थे। पिछले 10 वर्षों में हमने इन जिलों को तेज विकास के लिए आकांक्षी बनाया। आज आकांक्षी जिला अभियान उसकी वजह से देश के ये 100 जिले, विकास में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

भाइयों और बहनों,

मोदी की गारंटी वहां से शुरू होती है, जहां दूसरों से उम्मीद खत्म होती है। देश के गरीब को पहली बार ये भरोसा हुआ है कि उसे पक्का घर मिलेगा- क्योंकि मोदी की गारंटी है। गरीब से गरीब को पहली बार ये भरोसा हुआ है कि उसे भूखा नहीं सोना पड़ेगा, उसे दर्द नहीं सहना पड़ेगा- क्योंकि मोदी की गारंटी है। दूर-सुदूर के गांव में रहने वाली बहन को भी भरोसा है कि उसके घर बिजली आएगी, नल से जल आएगा- क्योंकि मोदी की गारंटी है। गरीब, किसान, दुकानदार, मजदूर, इन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि इनके लिए भी बीमा और पेंशन की योजनाएं बनेंगी। लेकिन आज ये हुआ है- क्योंकि मोदी की गारंटी है। दोनों हाथ उठाइए – क्‍योंकि मोदी की गारंटी है।

साथियों,

आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल अनीमिया एक बहुत बड़ी चुनौती रही है। गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए, हमने इसके लिए अनेक कदम उठाए। लेकिन इस बीमारी को दूर करने के लिए देश के स्तर पर प्रयास होना ज़रूरी था। अब हमने सिकल सेल अनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरू किया है। इसके तहत देशभऱ के आदिवासी क्षेत्रों में सिकल सेल अनीमिया की जांच की जा रही है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान भी लाखों लोगों की जांच हुई है। अब तो यहां मेडिकल कॉलेज भी बन रहा है। आदिवासी बाहुल जिलों में मेडिकल कॉलेज बनना पहले कितनी बड़ी बात होती थी। आज अनेक आदिवासी जिलों में मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं।

साथियों,

गरीब हो या मध्यम वर्ग, गांव हो या शहर, हमारी सरकार का प्रयास है कि हर देशवासी का जीवन स्तर और सुधरे। अपने दशकों के शासन में कांग्रेस, भारत को 11वें नंबर की इकोनॉमी ही बना पाई। इकोनॉमी में पीछे रहने का मतलब ये था कि देश के पास पैसे भी कम ही रहते थे। इसलिए तब न तो गांव का अच्छे से विकास हो पाया और न ही छोटे शहरों में विकास हो पाया। भाजपा सरकार ने अपने 10 साल के शासन में ही भारत को 10 नंबर से 5 नंबर की इकोनॉमी बना दिया है। इसका मतलब ये है कि आज भारत के पास देशवासियों के पास खर्च करने के लिए कहीं ज्यादा पैसा है और इसलिए भारत ये खर्च कर भी रहा है। इसलिए, आज देश के छोटे शहरों में भी कनेक्टिविटी का शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। कोई सोच भी नहीं सकता था कि छोटे शहरों से भी हवाई यात्रा इतनी सहज होगी। आज देश के अनेक छोटे शहरों में लोग हवाई यात्रा का लाभ ले पा रहे हैं। कांग्रेस के दशकों के शासन ने, शहरों को झुग्गियां दीं। हम झुग्गियों की जगह गरीबों को पक्के घर दे रहे हैं। बीते 10 साल में हमने गरीबों को 4 करोड़ से ज्यादा पक्के घर बनाकर दिए हैं...4 करोड़, आप सोचिए।

साथियों,

आज दुनिया डिजिटल इंडिया को पहचानती है। ये वही डिजिटल इंडिया अभियान है, जिसका कभी कांग्रेस के लोग मजाक उड़ाया करते थे। आज डिजिटल इंडिया ने छोटे शहरों को ट्रांसफॉर्म कर दिया है। इन छोटे शहरों में नए स्टार्ट अप्स बन रहे हैं, स्पोर्ट्स के क्षेत्र में नए युवा सामने आ रहे हैं। हम गुजरात में भी छोटे शहरों का विस्तार होते देख रहे हैं। इन छोटे शहरों में एक निओ मिडिल क्लास का उभार होते देख रहे हैं। यही निओ मिडिल क्लास भारत को तीसरे नंबर की आर्थिक ताकत बनाएगा।

भाइयों और बहनों,

भाजपा सरकार, जितना जोर विकास पर दे रही है, उतना ही ध्यान अपनी विरासत पर भी दे रही है। ये क्षेत्र तो हमारी आस्था और इतिहास का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। आज़ादी का आंदोलन हो या फिर राष्ट्र निर्माण का मिशन, इस क्षेत्र का योगदान बहुत अधिक है। लेकिन जब परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार ही राजनीति का एकमात्र लक्ष्य बन जाए, तो विरासत पर ध्यान नहीं जाता। दुर्भाग्य से कांग्रेस ने दशकों तक देश के साथ लगातार ये अन्याय किया है। आज पूरी दुनिया में भारत की समृद्ध विरासत की गूंज सुनाई दे रही है। आप दुनिया में कहीं भी जाएंगे, तो पाएंगे कि लोग भारत आना चाहते हैं, भारत के बारे में जानना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस ने दशकों तक दुनिया को भारत की असली विरासत से दूर रखा। आज़ादी की लड़ाई में पूज्य बापू ने नमक और खादी को आजादी का प्रतीक बनाया। कांग्रेस ने खादी को भी बर्बाद कर दिया और नमक सत्याग्रह की इस भूमि को भी भुला दिया। दांडी नमक सत्याग्रह के स्थल पर दांडी स्मारक बनाने का सौभाग्य हमारी सरकार को मिला है। हमने सरदार पटेल जी के योगदान को समर्पित, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाई। लेकिन कांग्रेस का कोई भी शीर्ष का नेता आज तक वहां उन्हें श्रद्धांजलि देने नहीं गया है। गुजरात के प्रति इसी नफरत को कोई गुजराती कभी भूल नहीं सकता।

साथियों,

आपने देखा है कि कैसे कांग्रेस के ये लोग मोदी की जाति को भी गाली देते हैं। लेकिन कांग्रेस वाले भूल जाते हैं कि ये जितनी गाली देंगे- 400 पार का संकल्प उतना ही मजबूत होगा। ये जितना कीचड़ फेंकेंगे- 370 कमल उतनी ही शान से खिलेंगे।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस के पास आज मोदी को गाली देने के अलावा, देश के भविष्य के लिए कोई एजेंडा नहीं है। ये दिखाता है कि जब कोई पार्टी, परिवारवाद के शिकंजे में आ जाती है, तब उसे परिवार से ऊपर कोई नहीं दिखता। परिवारवादी मानसिकता, नई सोच की दुश्मन होती है। परिवारवादी मानसिकता, नई प्रतिभा की दुश्मन होती है। परिवारवादी मानसिकता, युवाओं की दुश्मन होती है। अपने परिवार की रक्षा के लिए वो वही पुरानी स्थिति बनाए रखना चाहते हैं। कांग्रेस के साथ आज यही हो रहा है। जबकि भाजपा, आने वाले 25 वर्ष, उसका एक रोडमैप बनाकर देश के सामने विकास के लक्ष्य को ले करके निकली है। इन 25 वर्षों में हम विकसित गुजरात बनाएंगे, विकसित भारत बनाएंगे।

साथियो,

आप इतनी बड़ी तादाद में आए। माताएं-बहनें बहुत बड़ी मात्रा में आई हैं। आप सबने हमें आशीर्वाद दिया, इसके लिए मैं हृदय से आपका आभार व्‍यक्‍त करता हूं। एक बार फिर से आप सभी को विकास कार्यों की बहुत-बहुत बधाई। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय !

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की – जय !

भारत माता की – जय !

भारत माता की – जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद !