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PM Modi meets and interacts with over 360 Officer Trainees of the 92nd Foundation Course at the LBSNAA in Mussoorie
PM Modi discusses a variety of subjects such as administration, governance, technology and policy-making with Officer Trainees

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, today met and interacted with over 360 Officer Trainees of the 92nd Foundation Course at the Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA) in Mussoorie, Uttarakhand. He is at LBSNAA on a two-day visit.

He had a lively informal interaction with the officer trainees in four groups. During the wide-ranging interaction, which lasted nearly four hours, the Prime Minister urged the Officer Trainees to express their ideas and thoughts to him frankly and without fear. A variety of subjects such as administration, governance, technology and policy-making came up for discussion. The Prime Minister encouraged the Officer Trainees to study and research governance issues in depth, so that they could understand them well. He also stressed on the need for them to develop a national vision. The discussions were marked by a large degree of experience-sharing.

He interacted with faculty members of the Academy, who gave him an overview of the work being done there, to train India's civil servants.

The Prime Minister visited the state-of-the-art Gandhi Smriti Library at LBSNAA. He attended a short cultural programme by the Officer Trainees.

Earlier, on arrival at the Academy, the Prime Minister offered floral tributes on the statues of Sardar Vallabhbhai Patel and former Prime Minister Lal Bahadur Shastri.

 

Cabinet Secretary, Shri P.K. Sinha, and Director, LBSNAA, Smt. Upma Chawdhry were present during the interactions.

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December 07, 2021
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भारत माता की –  जय, भारत माता की –  जय, धर्म अध्यात्म अउर क्रांति क नगरी गोरखपुर क, देवतुल्य लोगन के हम प्रणाम करत बानी। परमहंस योगानंद, महायोगी गोरखनाथ जी, वंदनीय हनुमान प्रसाद पोद्दार जी, अउर महा बलीदानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल क,ई पावन धरती के कोटि-कोटि नमन। आप सब लोग जवने खाद कारखाना, अउर एम्स क बहुत दिन से इंतजार करत रहली ह, आज उ घड़ी आ गईल बा ! आप सबके बहुत-बहुत बधाई।

मेरे साथ मंच पर उपस्थित उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी, उत्तर प्रदेश के यशस्वी कर्मयोगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉक्टर दिनेश शर्मा, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्री स्वतंत्रदेव सिंह जी, अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्रिमंडल में हमारी साथी, बहन अनुप्रिया पटेल जी, निषाद पार्टी के अध्यक्ष भाई संजय निषाद जी, मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी श्री पंकज चौधरी जी, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री श्री जयप्रताप सिंह जी, श्री सूर्य प्रताप शाही जी, श्री दारा सिंह चौहान जी, स्वामी प्रसाद मौर्या जी, उपेंद्र तिवारी जी, सतीश द्विवेदी जी, जय प्रकाश निषाद जी, राम चौहान जी, आनंद स्वरूप शुक्ला जी, संसद में मेरे साथीगण, यूपी विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यगण, और विशाल संख्या में हमें आर्शीवाद देने के लिए आए हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

जब मैं मंच पर आया तो मैं सोच रहा था ये भीड़ है। यहां नजर भी नहीं पहुंच रही है। लेकिन जब उस तरफ देखा तो मैं हैरान हो गया, इतनी बड़ी तादाद में लोग और में नहीं मानता हूं शायद उनको दिखाई भी नहीं देता होगा, सुनाई भी नहीं देता होगा। इतने दूर-दूर लोग झंडे हिला रहे हैं। ये आपका प्यार, ये आपके आर्शीवाद हमें आपके लिए दिन-रात काम करने की प्रेरणा देते हैं, ऊर्जा देते हैं, ताकत देते हैं। 5 साल पहले मैं यहां एम्स और खाद कारखाने का शिलान्यास करने आया था। आज इन दोनों का एक साथ लोकार्पण करने का सौभाग्य भी आपने मुझे ही दिया है। ICMR के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर को भी आज अपनी नई बिल्डिंग मिली है। मैं यूपी के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

गोरखपुर में फर्टिलाइजर प्लांट का शुरू होना, गोरखपुर में एम्स का शुरू होना, अनेक संदेश दे रहा है। जब डबल इंजन की सरकार होती है, तो डबल तेजी से काम भी होता है। जब नेक नीयत से काम होता है, तो आपदाएं भी अवरोध नहीं बन पातीं। जब गरीब-शोषित-वंचित की चिंता करने वाली सरकार होती है, तो वो परिश्रम भी करती है, परिणाम भी लाकर दिखाती है। गोरखपुर में आज हो रहा आयोजन, इस बात का भी सबूत है कि नया भारत जब ठान लेता है, तो इसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है।

साथियों,

जब 2014 में आपने मुझे सेवा का अवसर दिया था, तो उस समय देश में फर्टिलाइजर सेक्टर बहुत बुरी स्थिति में था। देश के कई बड़े- बड़े खाद कारखाने बरसों से बंद पड़े थे, और विदेशों से आयात लगातार बढ़ता जा रहा था। एक बड़ी दिक्कत ये भी थी कि जो खाद उपलब्ध थी, उसका इस्तेमाल चोरी-छिपे खेती के अलावा और भी कामों में गुप-चुप चला जाता था। इसलिए देशभर में यूरिया की किल्लत तब सुर्खियों में रहा करती थी, किसानों को खाद के लिए लाठी-गोली तक खानी पड़ती थी। ऐसी स्थिति से देश को निकालने के लिए ही हम एक नए संकल्प के साथ आगे बढ़े। हमने तीन सूत्रों पर एक साथ काम करना शुरू किया। एक-    हमने यूरिया का गलत इस्तेमाल रोका, यूरिया की 100 प्रतिशत नीम कोटिंग की। दूसरा-   हमने करोड़ों किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके खेत को किस तरह की खाद की जरूरत है और तीसरा-  हमने यूरिया के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। बंद पड़े फर्टिलाइजर प्लांट्स को फिर से खोलने पर हमने ताकत लगाई। इसी अभियान के तहत गोरखपुर के इस फर्टिलाइजर प्लांट समेत देश के 4 और बड़े खाद कारखाने हमने चुने। आज एक की शुरुआत हो गई है, बाकी भी अगले वर्षों में शुरू हो जाएंगे।

साथियों,

गोरखपुर फर्जिलाइजर प्लांट को शुरू करवाने के लिए एक और भगीरथ कार्य हुआ है। जिस तरह से भगीरथ जी, गंगा जी को लेकर आए थे,वैसे ही इस फर्टिलाइजर प्लांट तक ईंधन पहुंचाने के लिए ऊर्जा गंगा को लाया गया है। पीएम ऊर्जा गंगा गैस पाइपलाइन परियोजना के तहत हल्दिया से जगदीशपुर पाइपलाइन बिछाई गई है। इस पाइपलाइन की वजह से गोरखपुर फर्टिलाइजर प्लांट तो शुरू हुआ ही है, पूर्वी भारत के दर्जनों जिलों में पाइप से सस्ती गैस भी मिलने लगी है।

भाइयों और बहनों,

फर्टिलाइजर प्लांट के शिलान्यास के समय मैंने कहा था कि इस कारखाने के कारण गोरखपुर इस पूरे क्षेत्र में विकास की धुरी बनकर उभरेगा। आज मैं इसे सच होते देख रहा हूं। ये खाद कारखाना राज्य के अनेक किसानों को पर्याप्त यूरिया तो देगा ही, इससे पूर्वांचल में रोज़गार और स्वरोज़गार के हजारों नए अवसर तैयार होंगे। अब यहां आर्थिक विकास की एक नई संभावना फिर से पैदा होगी, अनेक नए बिजनेस शुरू होंगे। खाद कारखाने से जुड़े सहायक उद्योगों के साथ ही ट्रांसपोर्टेशन और सर्विस सेक्टर को भी इससे बढ़ावा मिलेगा।

साथियों,

गोरखपुर खाद कारखाने की बहुत बड़ी भूमिका, देश को यूरिया के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में भी होगी। देश के अलग-अलग हिस्सों में बन रहे 5 फर्टिलाइजर प्लांट शुरू होने के बाद 60 लाख टन अतिरिक्त यूरिया देश को मिलेगा। यानि भारत को हजारों करोड़ रुपए विदेश नहीं भेजने होंगे, भारत का पैसा, भारत में ही लगेगा।

साथियों,

खाद के मामले में आत्मनिर्भरता क्यों जरूरी है, ये हमने कोरोना के इस संकट काल में भी देखा है। कोरोना से दुनिया भर में लॉकडाउन लगे, एक देश से दूसरे देश में आवाजाही रुक गई, सप्लाई चेन टूट गई। इससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खाद की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गईं। लेकिन किसानों के लिए समर्पित और संवेदनशील हमारी सरकार ने ये सुनिश्चित किया कि दुनिया में फर्टिलाइज़र के दाम भले बढ़ें, बहुत बढ़ गए लेकिन वे बोझ हम किसानों की तरफ नहीं जाने देंगे। किसानों को कम से कम परेशानी हो। इसकी हमने जिम्मेवारी ली है। आप हैरान हो जाएंगे सुनके भाईयो- बहनों,  इसी साल N.P.K. फर्टिलाइज़र के लिए दुनिया में दाम बढने के कारण 43 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा सब्सिडी हमें किसानों के लिए बढ़ाना आवश्यक हुआ और हमने किया। यूरिया के लिए भी सब्सिडी में हमारी सरकार ने 33 हज़ार करोड़ रुपए की वृद्धि की। क्यों, कि दुनिया में दाम बढ़े उसका बोझ हमारे किसानों पर न जाये। अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में जहां यूरिया 60-65 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, वहीं भारत में किसानों को यूरिया 10 से 12 गुना सस्ता देने का प्रयास है।

भाइयों और बहनों,

आज खाने के तेल को आयात करने के लिए भी भारत, हर साल हज़ारों करोड़ रुपए विदेश भेजता है। इस स्थिति को बदलने के लिए देश में ही पर्याप्त खाद्य तेल के उत्पादन के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरु किया गया है। पेट्रोल-डीजल के लिए कच्चे तेल पर भी भारत हर वर्ष 5-7 लाख करोड़ रुपए खर्च करता है। इस आयात को भी हम इथेनॉल और बायोफ्यूल पर बल देकर कम करने में जुटे हैं। पूर्वांचल का ये क्षेत्र तो गन्ना किसानों का गढ़ है। इथेनॉल, गन्ना किसानों के लिए चीनी के अतिरिक्त कमाई का एक बहुत बेहतर साधन बन रहा है। उत्तर प्रदेश में ही बायोफ्यूल बनाने के लिए अनेक फैक्ट्रियों पर काम चल रहा है। हमारी सरकार आने से पहले यूपी से सिर्फ 20 करोड़ लीटर इथेनॉल, तेल कंपनियों को भेजा जाता था। आज करीब-करीब 100 करोड़ लीटर इथेलॉन, अकेले उत्तर प्रदेश के किसान, भारत की तेल कंपनियों को भेज रहे हैं। पहले खाड़ी का तेल आता था। अब झाड़ी का भी तेल आने लगा है।  मैं आज योगी जी सरकार की इस बात के लिए सराहना करूंगा कि उन्होंने गन्ना किसानों के लिए बीते सालों में अभूतपूर्व काम किया है। गन्ना किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, हाल में साढ़े 3 सौ रुपए तक बढ़ाया है। पहले की 2 सरकारों ने 10 साल में जितना भुगतान गन्ना किसानों को किया था, लगभग उतना योगी जी की सरकार ने अपने साढ़े 4 साल में किया है।

भाइयों और बहनों,

सही विकास वही होता है, जिसका लाभ सब तक पहुंचे, जो विकास संतुलित हो, जो सबके लिए हितकारी हो। और ये बात वही समझ सकता है, जो संवेदनशील हो, जिसे गरीबों की चिंता हो। लंबे समय से गोरखपुर सहित ये बहुत बड़ा क्षेत्र सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज के भरोसे चल रहा था। यहां के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को इलाज के लिए बनारस या लखनऊ जाना पड़ता था। 5 साल पहले तक दिमागी बुखार की इस क्षेत्र में क्या स्थिति थी, ये मुझसे ज्यादा आप लोग जानते हैं। यहां मेडिकल कॉलेज में भी जो रिसर्च सेंटर चलता था, उसकी अपनी बिल्डिंग तक नहीं थी।

भाइयों और बहनों,

आपने जब हमें सेवा का अवसर दिया, तो यहां एम्स में भी, आपने देखा इतना बड़ा एम्स बन गया। इतना ही नहीं रिसर्च सेंटर की अपनी बिल्डिंग भी तैयार है। जब मैं एम्स का शिलान्यास करने आया था तब भी मैंने कहा था कि हम दिमागी बुखार से इस क्षेत्र को राहत दिलाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे। हमने दिमागी बुखार फैलने की वजहों को दूर करने पर भी काम किया और इसके उपचार पर भी। आज वो मेहनत ज़मीन पर दिख रही है। आज गोरखपुर और बस्ती डिविजन के 7 जिलों में दिमागी बुखार के मामले लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो चुके हैं। जो बच्चे बीमार होते भी हैं, उनमें से ज्यादा से ज्यादा का जीवन बचा पाने में हमें सफलता मिल रही है। योगी सरकार ने इस क्षेत्र में जो काम किया है, उसकी चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। एम्स और ICMR रिसर्च सेंटर बनने से अब इंन्सेफ्लाइटिस से मुक्ति के अभियान को और मजबूती मिलेगी। इससे दूसरी संक्रामक बीमारियों, महामारियों के बचाव में भी यूपी को बहुत मदद मिलेगी।

भाइयों और बहनों,

किसी भी देश को आगे बढ़ने के लिए, बहुत आवश्यक है कि उसकी स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती हों, सर्व सुलभ हों, सबकी पहुंच में हों। वर्ना मैंने भी इलाज के लिए लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक चक्कर लगाते, अपनी जमीन गिरवी रखते, दूसरों से पैसों की उधारी लेते, हमने भी बहुत देखा है। मैं देश के हर गरीब, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, चाहे वो किसी भी वर्ग का हो, किसी भी क्षेत्र में रहता हो, इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए जी-जान से जुटा हूं। पहले सोचा जाता था कि एम्स जैसे बड़े मेडिकल संस्थान, बड़े शहरों के लिए ही होते हैं। जबकि हमारी सरकार, अच्छे से अच्छे इलाज को, बड़े से बड़े अस्पताल को देश के दूर-सुदूर क्षेत्रों तक ले जा रही है। आप कल्पना कर सकते हैं, आज़ादी के बाद से इस सदी की शुरुआत तक देश में सिर्फ 1 एम्स था, एक। अटल जी ने 6 और एम्स स्वीकृत किए थे अपने कालखंड में। बीते 7 वर्षों में 16 नए एम्स बनाने पर देशभर में काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य ये है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो। मुझे खुशी है कि यहां यूपी में भी अनेक जिलों में मेडिकल कॉलेज का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। और अभी योगी जी पूरा वर्णन कर रहे थे, कहां मेडिकल कॉलेज का काम हुआ है। हाल में ही यूपी के 9 मेडिकल कॉलेज का एक साथ लोकार्पण करने का अवसर आपने मुझे भी दिया था। स्वास्थ्य को दी जा रही सर्वोच्च प्राथमिकता का ही नतीजा है कि यूपी लगभग 17 करोड़ टीके के पड़ाव पर पहुंच रहा है।

भाइयों और बहनों,

हमारे लिए 130 करोड़ से अधिक देशवासियों का स्वास्थ्य, सुविधा और समृद्धि सर्वोपरि है। विशेष रूप से हमारी माताओं-बहनों-बेटियों की सुविधा और स्वास्थ्य जिस पर बहुत ही कम ध्यान दिया गया। बीते सालों में पक्के घर, शौचालय, जिसको आप लोग इज्जत घर कहते हैं। बिजली, गैस, पानी, पोषण, टीकाकरण, ऐसी अनेक सुविधाएं जो गरीब बहनों को मिली हैं, उसके परिणाम अब दिख रहे हैं। हाल में जो फैमिली हेल्थ सर्वे आया है, वो भी कई सकारात्मक संकेत देता है। देश में पहली बार महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक हुई है। इसमें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की भी बड़ी भूमिका है। बीते 5-6 सालों में महिलाओं का ज़मीन और घर पर मालिकाना हक बढ़ा है। और इसमें उत्तर प्रदेश टॉप के राज्यों में है। इसी प्रकार बैंक खाते और मोबाइल फोन के उपयोग में भी महिलाओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

साथियों,

आज आपसे बात करते हुए मुझे पहले की सरकारों का दोहरा रवैया, जनता से उनकी बेरुखी भी बार-बार याद आ रही है। मैं इसका जिक्र भी आपसे जरूर करना चाहता हूं। सब जानते थे कि गोरखपुर का फर्टिलाइजर प्लांट, इस पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए, यहां रोजगार के लिए कितना जरूरी था। लेकिन पहले की सरकारों ने इसे शुरू करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। सब जानते थे कि गोरखपुर में एम्स की मांग बरसों से हो रही थी। लेकिन 2017 से पहले जो सरकार चला रहे थे, उन्होंने एम्स के लिए जमीन देने में हर तरह के बहाने बनाए। मुझे याद है, जब बात आर या पार की हो गई, तब बहुत बेमन से, बहुत मजबूरी में पहले की सरकार द्वारा गोरखपुर एम्स के लिए जमीन आवंटित की गई थी।

साथियों,

आज का ये कार्यक्रम, उन लोगों को भी करारा जवाब दे रहा है, जिन्हें टाइमिंग पर सवाल उठाने का बहुत शौक है। जब ऐसे प्रोजेक्ट पूरे होते हैं, तो उनके पीछे बरसों की मेहनत होती है, दिन रात का परिश्रम होता है। ये लोग कभी इस बात को नहीं समझेंगे कि कोराना के इस संकट काल में भी डबल इंजन की सरकार विकास में जुटी रही, उसने काम रुकने नहीं दिया।

मेरे प्यारे भाईयों - बहनों,

लोहिया जी, जय प्रकाश नारायण जी के आदर्शों को, इन महापुरुषों के अनुशासन को ये लोग कब से छोड़ चुके हैं। आज पूरा यूपी भलिभांति जानता है कि लाल टोपी वालों को लाल बत्ती से मतलब रहा है, उनको आपके दुख-तकलीफ से कोई लेना देना नहीं है। ये लाल टोपी वालों को सत्ता चाहिए, घोटालों के लिए, अपनी तिजोरी भरने के लिए, अवैध कब्जों के लिए, माफियाओं को खुली छूट देने के लिए। लाल टोपी वालों को सरकार बनानी है, आतंकवादियों पर मेहरबानी दिखाने के लिए, आतंकियों को जेल से छुड़ाने के लिए। और इसलिए, याद रखिए, लाल टोपी वाले यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं, रेल अलर्ट। यानि खतरे की घंटी है!

साथियों,

यूपी का गन्ना किसान नहीं भूल सकता है कि योगी जी के पहले की जो सरकार थी उसने कैसे गन्ना किसानों को पैसे के भुगतान में रुला दिया था। किश्तों में जो पैसा मिलता था उसमें भी महीनों का अंतर होता था। उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों को लेकर कैसे-कैस खेल होते थे, क्या-क्या घोटाले किए जाते थे इससे पूर्वांचल और पूरे यूपी के लोग अच्छी तरह परिचित है।

साथियों,

हमारी डबल इंजन की सरकार, आपकी सेवा करने में जुटी है, आपका जीवन आसान बनाने में जुटी है। भाईयों – बहनों आपको विरासत में जो मुसीबतें मिली हैं। हम नहीं चाहते हैं कि आपको ऐसी मुसीबतें विरासत में आपके संतानों को देने की नौबत आये। हम ये बदलाव लाना चाहते हैं। पहले की सरकारों के वो दिन भी देश ने देखे हैं जब अनाज होते हुए भी गरीबों को नहीं मिलता था। आज हमारी सरकार ने सरकारी गोदाम गरीबों के लिए खोल दिए हैं और योगी जी पूरी ताकत से हर घर अन्न पहुंचाने में जुटे हैं। इसका लाभ यूपी के लगभग 15 करोड़ लोगों को हो रहा है। हाल ही में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को, होली से आगे तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

साथियों,

पहले बिजली सप्लाई के मामले में यूपी के कुछ जिले VIP थे, VIP। योगी जी ने यूपी के हर जिले को आज VIP बनाकर बिजली पहुंचाने का काम किया है।आज योगी जी की सरकार में हर गांव को बराबर और भरपूर बिजली मिल रही है। पहले की सरकारों ने अपराधियों को संरक्षण देकर यूपी का नाम बदनाम कर दिया था। आज माफिया जेल में हैं और निवेशक दिल खोल कर यूपी में निवेश कर रहे हैं। यही डबल इंजन का डबल विकास है। इसलिए डबल इंजन की सरकार पर यूपी को विश्वास है। आपका ये आशीर्वाद हमें मिलता रहेगा, इसी अपेक्षा के साथ एक बार फिर से आप सबको बहुत-बहुत बधाई।मेरे साथ जोर से बोलिये, भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! बहुत – बहुत धन्यवाद।