BJP Government in MP symbolizes continuity in good governance & development: PM Modi: PM Modi
Unlike the Scam-laden Congress Governments, we have enabled Garib Kalyan in the true sense: PM Modi
Congress Party only believes in Nepotism, Political Favoritism and Family Rule: PM Modi
In reality, the Congress’ is contesting the election in MP to see which among the ‘two sons’ of the powerful families will get to run the Government: PM Modi
The Congress has no future roadmap for the country and the state as well as their future: PM Modi
It’s our transformative policies that have significantly reduced the prices of both smartphones and internet data: PM Modi
Congress Governments have only focused on the exploitation of the poor and looting them and filling up their coffers: PM Modi
BJP Government has enabled pioneering reforms for farmers that truly empower them, unlike Congress that ignored them for decades: PM Modi

भारत माता की...

भारत माता की...

इस तरफ जो लोग हैं वो मुझे देख तो नहीं पाते हैं, और मैं देख रहा हूं कि जितने लोग सभा में हैं उतने रास्ते में आते दिख रहे हैं... तो मैं समय से पहले आ गया क्या? दोनों तरफ देख रहा हूं आइए... यहां के नौजवान, आप मुझे देख नहीं पाएंगे.. आपसे मेरी प्रार्थना है कि आप सिर्फ सुन सकते हैं, क्योंकि मैं भी आपको देख नहीं पा रहा हूं, यहां पर्दा लगा पड़ा है। आपका ये प्यार मेरे सर-आंखों पर है दोस्तों...

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... संकटमोचन, हनुमान लला की... संकटमोचन, हनुमान लला की... संकटमोचन, हनुमान लला की...लखन कुंवर महाराज की... लखन कुंवर महाराज की... लखन कुंवर महाराज की...

महाकौशल ने भाजपा को बार-बार आशीर्वाद दिया है, इस बार भी महाकौशल ने भाजपा की महाविजय तय कर दी है। ये नजारा और बारह-एक बजे की धूप में, भाइयों-बहनों, ये जनता जनार्दन की गारंटी है भाजपा को जिताने की। गारंटी किसको कहते हैं वो यहां नजर आ रहा है। ये विजय की गारंटी है, जनता जनार्दन की गारंटी है। जनता जनार्दन के आशीर्वाद से निकली हुई गारंटी है। भाइयों-बहनों हमारे MP को सुशासन की निरंतरता चाहिए। हमारे MP को विकास की निरंतरता चाहिए। इसलिए, मध्य प्रदेश कह रहा है, मध्य प्रदेश एक स्वर से कह रहा है। भाजपा है, तो भरोसा है। भाजपा है, तो विकास है। भाजपा है, तो बेहतर भविष्य है। और मध्य प्रदेश से एक ही आवाज सुनाई दे रही है, मध्य प्रदेश का बच्चा-बच्चा कह रहा है एमपी के मन में... एमपी के मन में... एमपी के मन में...और मोदी के मन में... मोदी के मन में... मोदी के मन में...और इसलिए, फिर एक बार... फिर एक बार... फिर एक बार... भाइयों-बहनों ये नाता है। सात जन्म लेने के बाद भी ऐसा प्यार पाना बहुत मुश्किल होता है। जो प्यार आप दे रहे हैं, जो आशीर्वाद आप दे रहे हैं जीवन को धन्य बना देते हैं माता-पिता के ये आशीर्वाद... (आडियो बहुत कमजोर है)... धन्य हो जाता... और मैं आज इस मिट्टी पर आकर के आपके आशीर्वाद से एक नई ऊर्जा लेकर के जा रहा हूं। और मेरा तो आज का दिवस ही बडे पवित्र वातावरण में प्रारंभ हुआ। जिनके प्रति मेरा अपार श्रद्धा है ऐसे देवतुल्य परमपुज्य विद्यासागर जी महाराज के चरणों में बैठने का मुझे मौका मिला। उनके आशीर्वाद लिए और उनके विचारों को सुन करके मन बहुत प्रभावित हो गया। साधना में रत जीवन को पूर्णतया अपरिग्रह के सिद्धातों पर ईश्वरीय शक्ति से जोड़ने वाले पुज्य विद्यासागर जी महाराज के विचार उनके आशीर्वाद आज के दिन की मेरी शुरुआत नई प्राणशक्ति बन गई है। और आज यहां पर आपके आशीर्वाद, जनता जनार्दन के आशीर्वाद ये अपनेआप में बहुत बड़ी ताकत है। मैं साफ कहता हूं दोस्तों, ये जो राजनीति में गुणा-भाग करने वाली एक टोली रहती है, हिसाब-किताब करती रहती है, पांच दस लोगों को पूछकर मन बना लेती है, वो जरा यहां आकर नजर कर ले, विजय कहां होती है, ये दिखता है। हमारे सांसद महोदय मुझे कह रहे थे कि तीस साल के बाद कोई प्रधानमंत्री यहां आया है। देखिए ये सौभाग्य भी मुझे ही मिला। आपका आशीर्वाद पाना ये तो भी सौभाग्य होता है। और सौभाग्य के कारण आज मैं आपके बीच आ गया।

मेरे परिवारजनों,
एमपी के मन में मोदी क्यों है, इसका एक उदाहरण पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना है। कोरोना के काल में मेरे मन में एक ही विचार चलता था था। दुनिया भर में इतना बड़ा संकट आया है। परिवार का एक-एक व्यक्ति जान बचाने के लिए भय के बीच जी रहा है। बाहर जाना मुश्किल, काम करना मुश्किल, काम चलाना मुश्किल तब मेरे दिल में एक ही विचार आया था कि मैं इस कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जितना कर सकता हूं करूंगा। मैं हार नहीं मानूंगा, मैं पीछे नहीं हटूंगा। मैं जंग के मैदान में रहूंगा और कोरोना से लड़ाई लड़ता रहूंगा। मेरे देशवासियों को बचाने के लिए जो करना पड़े करूंगा। और उस वेदना में से, उस कोरोना में से, उस संवेदना में से मेरा पहला संकल्प बना था कि मैं इतने बड़े संकट में किसी भी गरीब के घर का चूल्हा बूझने नहीं दूंगा। गरीब से गरीब के घर का चूल्हा जलता रहे, बच्चे कभी भूखे सो न जाए इसके लिए मैं जागता रहता था। और भाइयों-बहनों कोरोना काल से लेकर अब तक 80 करोड़ लोगों को हमने गरीब कल्याण अन्न योजना की तरह मुफ्त राशन देने की योजना चलाई। हमारे मध्य प्रदेश में करीब 5 करोड़ हमारे परिवारजन हमारे 5 करोड़ साथी उनके घरों में ये मुफ्त राशन पहुंचा उनका चूल्हा कभी बूझा नहीं। मां को कभी रोते-बिलखते बच्चे देखने नहीं पड़े। और इसलिए भाइयों-बहनों वैसे तो ये योजना एक महीने के बाद दिसंबर महीने में पूरी हो रही है। लेकिन मैं तो गरीबी से निकला हूं, गरीबी क्या होती है, वो मुझे किताबों में नहीं पढ़ना पड़ता है। मैं गरीबी को जीकर के आया हूं। मैं गरीब के दर्द को महसूस करता हूं। और इसलिए आपके बेटे ने आपके भाई ने एक बहुत बड़ा निर्णय मन में पक्का कर लिया है। दिसंबर महीना में ये योजना पूरी होगी, मेरा निश्चय है कि आने वाले पांच वर्ष के लिए फिर से एक बार मुफ्त राशन की गारंटी देंगे हम पांच वर्ष के लिए। मैं आपका बहुत आभारी हूं कि ये सुनकर के आपको चेतना आई है। मेरा निर्णय सही होगा ये आपके आशीर्वाद से दिख रहा है। और इस पर केंद्र सरकार लाखों करोड़ रुपया खर्च करने वाली है। आप याद कीजिए, 2014 से पहले कांग्रेस का एक-एक घोटाला हर घोटाला लाखों करोड़ों का हुआ करता था। अब भाजपा सरकार में घोटाले नहीं होते। गरीब के हक का जो पैसा हमने बचाया है वो अब गरीब के राशन पर खर्च हो रहा है। घोटालेबाज कांग्रेस सरकार और गरीबों की भाजपा सरकार में यही सबसे बड़ा अंतर है।

मेरे परिवारजनों,
हमारे आदिवासी परिवारों में लखन कुंवर जी के मंदिर में। पूजा अर्चना से खेती शुरू करने की मान्यता है। सिवनी की ये पुण्यभूमि शहीद बिंदु कुमारी, रानी दुर्गावती और राजा शंकर शाह की धरती है। माँ भारती की रक्षा और हमारी संस्कृति की रक्षा में हमारे आदिवासी वीरांगनाओं का योगदान यहां के कण-कम में दिखता है। लेकिन कांग्रेस ने बीते दशकों में भारत की आजादी का सारा श्रेय सिर्फ एक ही परिवार के नाम कर दिया। कांग्रेस के लिए अपने एक परिवार से बड़ा कोई और है ही नहीं। जहां कांग्रेस सरकार में रहती है वहां सरकारी योजनाएं, वह के रास्ते और गलियां भी सबकुछ उसी परिवार के नाम कर दी जाती है। यहां तक की एमपी के घोषणापत्र में भी सिर्फ वही एक परिवार दिखता है।

साथियों ये भाजपा है, जिसके लिए हर गरीब हर पिछड़ा, हर दलित, हर आदिवासी भाजपा परिवार का सदस्य है, मेरा परिवारजन है। ये भाजपा ही है जिसने आदिवासी समाज के विकास के लिए अलग मंत्रालय, अलग बजट बनाया। आजकल एक कांग्रेस के नेता आदिवासियों में जा करके झूठ फैलाने की फैक्टरी खोल रहे हैं। भांति- भांति के भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेसवालों के तो मुंह में आदिवासी नाम शब्द शोभा नहीं देता। कोई मुझे बताए भाई, आप मेरे सवाल का जवाब देंगे। मेरे सवाल का जवाब देंगे। सब के सब देंगे? क्या ये आदिवासी समाज भाजपा सरकार बनने के बाद आया क्या? क्या ये हमारा आदिवासी समाज सैकड़ों सालों से है कि नहीं? क्या ये हमारा आदिवासी समाज भगवान राम के जमाने में था कि नहीं? क्या हमारी इस आदिवासी समाज ने राजकुमार राम को पुरुषोत्तम राम बनाया कि नहीं बनाया? क्या ये हमारे आदिवासी समाज ने भगवान राम को भी संभाला कि नहीं संभाला? आदिवासी समाज इतना पुराना है, लेकिन कांग्रेस वालों को पांच-पांच दशक तक राज करने के बाद आदिवासी शब्द नहीं सुना था उन्होंने। आदिवासी कहां रहता है उसका पता नहीं था। उनको कभी विचार नहीं आया कि जनजातीय समाज के कल्याण के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पहली बार जब आप सबने अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा के नेता को देश का प्रधानमंत्री बनाया। आजादी के पांच छह दशक के बाद ये अटल जी थे ये भाजपा सरकार थी, ये हमारे संस्कार थे, हमने आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बनाया। भारत सरकार में पहली बार जनजातीय लोगों के विकास और प्रगति के लिए मंत्रालय बना, मंत्री अलग बने, डिपार्टमेंट अलग बना, बजट अलग लगा और उस बजट का हिसाब किताब होने लगा कि मेरे जनजातीय बंधु भगिनी का विकास हो रहा है की नहीं हो रहा है। ये काम करने वाले हमलोग है। और आजकल गांव-गावं जाकर के झूठ बोला जा रहा है, आदिवासियों को भ्रमित किया जा रहा है आग फैलाने की कोशिश की जा रही है। मेरे आदिवासी भाई-बहन पहले आपको अंधेरे में रख करके लूटा है। अब आपको गुमराह करके लूटने के खेल खेले जा रहे हैं। मैं आपसे वादा करता हूँ, जिन्होंने राजकुमार राम को परमात्मा राम बना दिया, हम तो उन आदिवासियों के पुजारी हैं, भक्त हैं भक्त। ये भाजपा है जिसने भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन यानि 15 नवंबर को, अभी 10 दिन के बाद ही आने वाला है। 15 नवंबर को पूरे हिंदुस्तान में जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया है, पूरा देश मनाएगा। ये भाजपा है, जो जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर भव्य स्मारक बना रहा है। ये भाजपा है जिसने भोपाल में देश के आधुनिक रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति के नाम पर रखा। आज एमपी में पातालपानी स्टेशन जननायक टंट्या भील के नाम पर है। छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का नाम राजा शंकर शाह पर है। तो मंडला मेडिकल कॉलेज का नाम राजा हृदय शाह के नाम पर रखा गया है।


साथियों
ये भाजपा ही है जिसने पहली बार, बैगा, भारिया और सहारिया जैसी पिछड़ी जनजातियों की सुध ली है। इनके विकास के लिए भाजपा सरकार 15 हज़ार करोड़ रुपए का एक खास मिशन शुरू करने जा रही है। आपने पीएम विश्वकर्मा योजना के बारे में भी जरूर सुना होगा। ये पीएम विश्वकर्मा योजना उन लोगों के लिए है जिनको कोई पूछने के लिए तैयार नहीं था। ये विश्वकर्मा समाज कौन है भाई। हमारे कुम्हार जो मिट्टी का काम करते हैं, हमारे लोहार जो लोहे का काम करते हैं, हमारे राजमिस्त्री जो मकान चूनते हैं, हमारे बढ़ई, हमारे कपड़े धोने वाले भाई-बहन, कपड़े सिलने वाले भाई बहन ऐसे अनेक लोगों के लिए हमने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना बनाई है। और करीब-करीब 15,000 करोड़ रुपया उनको नए बाजार लेने के लिए बाजार, ट्रेनिंग लेने के लिए और आगे चल करके बैंक से पैसा, और उनके कारोबार को दुनिया में फैलाने के लिए। इन कामों से भी अधिकतर गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी परिवार ही जुड़े हैं। इस योजना पर भी केंद्र सरकार करीब-करीब 15,000 करोड़ रुपया खर्च करने जा रही।

मेरे परिवारजनों,
मध्य प्रदेश में यहाँ कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ रही। आपको आश्चर्य होगा, मैं कह रहा हूं, मध्य प्रदेश में कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ रही है। उसको चुनाव जीतना नहीं है, उसको मालूम है, वो तो चुनाव लड़ने का ढोंग कर रही है, ताकि कहीं डोनेशन वोनेशन करने के लिए मौका मिल जाए। असली लड़ाई क्या चल रही है? कांग्रेस मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए नहीं लड़ रही है। वो तो माना है कि यहां भाजपा का यह पक्का है। लेकिन क्यों लड़ रहे हो? वो इस बात के लिए मैदान में लड़ाई लड़ रहे हैं कि आगे चलकर के किसका बेटा कांग्रेस का मुखिया बनेगा? कपड़े फाड़ने में लगे हैं एक दूसरे के कपड़े फाड़। और लड़ाई यही है कि इसका बेटा कांग्रेस में कब्जा करेगा कि उसका बेटा कांग्रेस पर कब्जा करेगा। यहां के दो बड़े नेता अपन-अपने बेटों को आने वाले दिनों में सेट करने के लिए मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हुए हैं। जिनको अपने-अपने बेटों की चिंता है, आप मुझे बताइए जिनको अपने बेटे-बेटी की चिंता है वो कभी आपके बेटे-बेटी के लिए सोचेंगे क्या? आपके बेटे-बेटी का भाग्य उनको सुझेगा क्या? आपके बेटे-बेटी के लिए कुछ करेंगे क्या? तो ऐसे लोगों की कोई जरूरत है क्या? जरूरत है क्या? मध्य प्रदेश के युवा साथी जो इस चुनाव में पहली बार वोट डालेंगे। उन्हें यह बात खासतौर पर समझनी होगी। कांग्रेस का ना तो अपना कोई भविष्य है और न ही उसके पास एमपी के लिए एमपी के युवाओं के लिए कोई भविष्य की योजना है, कोई रोड मैप। कांग्रेस के लिए तो आज भी, उनकी बातें सुनिए, क्या कह रहे हैं? दादा-दादी ये किया, नाना नानी ये किया। और इसलिए हमे वोट दो क्योंकि वो हमारे दादा दादी थे, हमे वोट दो क्योंकि वो हमारे नाना-नानी थे। जबकि भाजपा आपके भविष्य के लिए यहां के नौजवानों के भविष्य के लिए काम कर रही। भाजपा मध्य प्रदेश को विकसित बनाना चाहिए। मध्य प्रदेश को विकास की नई ऊंचाई देना चाहती है। आज ये जो आधुनिक सड़कें बन रही है, ये किस के लिए बन रही है भाई? ये जो आधुनिक ट्रेनें चलनी शुरू हुई है ये किसके लिए है। ये हमारे एमपी के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए। कौशल क्षेत्र में जैसे जैसे आधुनिक रेलवे और चौड़े हाईवे का जाल फैलेगा वैसे-वैसे यहां नए औद्योगिक गलियारे बनेंगे। आज भारत पूरी दुनिया भर के पर्यटकों की पसंद बन रहा है। यहां तो नेशनल पार्क है, इसे मोगली का घर भी कहा जाता है। इसलिए सिवनी सहित इस पूरे जनजातीय क्षेत्र में पर्यटन आधारित रोजगारी को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

मेरे परिवारजनों,
भाजपा की बहुत बड़ी प्राथमिकता है गरीब का जीवन आसान बने। मध्यम वर्ग का जीवन आसान बने। एक समय था, जब आपको छोटी छोटी बातों के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन भाजपा ने सारी सुविधा अब आपके फ़ोन पर ही उपलब्ध करा दी है। अच्छा, आज आप जो रैली में आए हैं.. एक काम करेंगे? काम करेंगे? एक काम कीजिए आपका जो मोबाइल फ़ोन है ना वो ज़रा हाथ में लेकर के मुझे दिखाइए। सब अपना मोबाइल फोन दिखाइए। अब आप अपने हाथों में फ़ोन दिखाया है, आप जानते हैं? ये मोबाइल फ़ोन आपके पास है उसकी कीमत किसकी वजह से कम हुई है। ये भाजपा सरकार की वजह से कम हुआ है। अगर भाजपा सरकार नहीं होती तो आपके पास जो मोबाइल है उसकी कीमत आज भी कई गुणा ज्यादा रहती। भाजपा सरकार की नीतियों की वजह से आज देश में सस्ते स्मार्टफोन बन रहे हैं। मेरी गरीब भाई बहनों को भी अच्छे फॉर्म के हाथ की शोभा बढ़ा रहे हैं। जब कांग्रेस सरकार थी तब हमारे देश में मोबाइल फ़ोन बनाने वाली सिर्फ दो फैक्ट्रियां थी। कितनी? कितनी फैक्ट्रियां थीं? मोबाइल फ़ोन बनाने की कितनी फैक्ट्रियां थीं जरा जोर से बोलिए कितनी थी? आज भाजपा सरकार में दो से बढकर के दो सौ से ज्यादा फैक्ट्रियां मोबाइल फ़ोन बना रही है। और इसलिए ये फोन सस्ता हुआ है सभी को आसानी से मिल रहा है। आपको एक और बात बता दूं आपलोग ये मोबाइल में जो डेटा इस्तेमाल करते हैं। वो भी भाजपा सरकार ने ही सस्ता करवाया है। अगर कांग्रेस सरकार रहती तो आज जो आपका मोबाइल का बिल 400-500 रुपये तक आता है, वो 5000 रुपये से कम नहीं आता। अगर इतना बिल आता तो गरीब तो कभी मोबाइल को दूर से भी नहीं देखता। लेकिन भाजपा की सरकार की नीती की वजह से आपके हर मोबाइल बिल पर हर महीने तीन से चार हजार रुपये बच रहे हैं। हर महीने आप की जेब में तीन से चार हजार बचाने का काम या आपका बेटा मोदी कर रहा है।

साथियों,
कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। कांग्रेस का नारा रहा है कि गरीब की जेब साफ, काम हाफ और करना उससे भी हाफ। यानी कांग्रेस विकास का काम नहीं करती, लेकिन नागरिको की जेल जरूर साफ कर देती है। जबकि भाजपा सरकार की पूरी कोशिश आपका खर्च कम से कम करने की है। आज जो हर गरीब को आयुष्मान कार्ड की सुविधा मिली है, वो भी गरीब की बहुत बड़ी मदद है। जिसके पास आयुष्मान कार्ड है उसके पास पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की गारंटी है। और ये मोदी की गारंटी है। कांग्रेस के शासनकाल में तो गांव और गरीब के लिए इलाज संभव ही नहीं था। आज देखिये, सिवनी में भी मेडिकल कॉलेज बन गया। सिवनी जिले में आयुष्मान योजना के तहत 300 से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बन चूके हैं। और सरकार ने तो इसका नाम रखा था हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, लेकिन लोगों ने उसका उपयोग देखा, उसकी ताकत देखी। उससे लोगों का नाता जुड़ गया और आज कल मैं जहां जाता हूं वहां लोग हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर नहीं बोल रहे हैं। लोग कह रहे है ये तो हमारे गांव का आयुषमान आरोग्य मंदिर बन गया। आयुषमानी आरोग्य मंदिर नाम दे दिया है। ऐसी सुविधाओं का सबसे अधिक लाभ हमारी माताओं और बहनों को हो रहा है।

साथियो,
आपके दवाइयों पर ज्यादा खर्च न करना पड़े। आपकी जेब से ज्यादा पैसा न जाए। इसकी चिंता भी भाजपा सरकार ने की। भाजपा ने करीब दस हजार जनऔषधि केंद्र खुलवाए। इन जनऔषधि केंद्रों दवाइयों पर 80 परसेंट डिस्काउंट दिया जाता है। ये दिवाली के दिन है, आपने देखा होगा साड़ी की दुकान के बाहर बोर्ड लगाते हैं, 10% डिस्काउंट, 5% डिस्काउंट। लगाते हैं ना? ये डिस्काउंट चलता है ना? ये दिवाली आती है तो व्यापारी डिस्काउंट करते हैं। ये आपका बेटा आपकी जिंदगी बचाने के लिए दवाइयों की दुकानें ऐसी बना रहा है, जन औषधि केंद्र ऐसे बना रहा है जहां 80% तक डिस्काउंट दिया जाता है, ताकि गरीब को दवाई सस्ती मिले। आप सोचिए, इतना ज्यादा डिस्काउंट और किसी दुकान पर आपको नहीं मिलेगा। दवाइयों पर 80% डिस्काउंट देकर भाजपा ने गरीबों के 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा उनकी जेब के अंदर बचाए हैं। 25 हजार करोड़ रुपये।

साथियों,
भाजपा सरकार गरीब के पैसे, देश के मध्यम वर्ग के पैसे, देश के सामान्य नागरिक के पैसे, देश के किसानों के पैसे कैसे बचाल रही है, इसका मैं एक और उदाहरण दे रहा हूं। हमारे यहाँ खेतों में हमारा किसान यूरिया उसकी जिंदगी का हिस्सा है। यूरिया, उसके बिना किसान का तो जीवन सोच ही नहीं सकते। आज हमारे किसान को ज़रा मेरे साथ बोलेंगे भाई। मेरे सवाल का जवाब देंगे? जरा हाथ ऊपर करके बताइए.. देंगे? मेरे सवाल का जवाब देंगे? ज़रा मैं बताता हूँ आपको। आज यूरिया की एक बोरी, खेत में जो खाद डालते है ना, यूरिया की एक बोरी हमारे देश में किसानों को, हमारे इस इलाके में भी किसानों को, 300 रुपये से भी कम में मिलती हैं कितने? कितने से कम? 300 रुपये से कम, कितने, ज़रा बोलिये ना ज़ोर से? जरा जोर से बोलिए.. कितने? कितने? किसानों को यूरिया कितने में मिलता है? एक बोरी का कितना? 300 से भी काम, लेकिन आप जानकर के हैरान हो जाएंगे कि यूरिया की यही बोरी अमेरिका के किसान को तीन हजार रुपये में मिलती है। हमारे अगल-बगल के देशों में भी 2000, 2500 और 3000 कीमत है। ये भारत का किसान है जिनको मोदी की गारंटी है। दुनिया में भले यूरिया आसमान पर चढ़ जाए, मेरे देश के किसान को 300 रुपये से भी कम मे यूरिया दिया जाता है। और भाजपा सरकार है इसलिए आपको अमेरिका के किसान से दस गुना सस्ता यूरिया मिल रहा है। इस पर भी हमारी सरकार हर साल लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है। साथियों आजादी के बाद के इतने साल में, इतने साल कांग्रेस के शासन ने अगर किसी को सबसे ज्यादा नुकसान किया है, धोखा दिया है तो वो हमारे छोटे किसान हैं। कांग्रेस से कभी भी छोटे किसानों के लिए योजना ही नहीं बनाई। आपने अपने बेटे मोदी को जब से दिल्ली भेजा और हमारा सेवाकाल शुरू हुआ, हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना बनाई। इस योजना के तहत किसानों को दो लाख साठ हजार करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खाते में अकाउंट में जमा होते हैं। सिवनी के भी लगभग 2,50,000 किसानों को इसका फायदा मिला है। और साथियों भाजपा के इन प्रयासों के बीच कांग्रेस वाले क्या करते हैं? कांग्रेस वाले आपसे कर्ज माफी की झूठी घोषणाएं करते हैं। पांच साल पहले भी इसके नेता कहते थे 10 दिन में कर्जमाफी की घोषआम करेंगे। अरे 10 दिन तो छोड़िये डेढ़ साल का समय उनको मध्य प्रदेश में राज़ करने का मौका मिला था। लेकिन किसानों की एक पाई भी माफ नहीं की किसानों का कर्ज माफ नहीं किया। कांग्रेस की इस कूटनीति के कारण किसान बार-बार कर्ज में डूब जाता है।

मेरे परिवारजनों,
भाजपा सरकार किसान को सशक्त करना चाहती है। कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने गेहूं, चना, मूंगफली का समर्थन मूल्य बढ़ाया है। जब केंद्र में कांग्रेस सरकार थी तब धान का एमएसपी 1300 रुपये था। इस वर्ष लगभग मोदी सरकार ने 2200 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी धान किसानों को दिया जा रहा है। यानी 9 साल में हमने धान का एमएसपी 900 रुपया बढ़ाया है। इसी प्रकार बीते 9 वर्षों में मक्का का समर्थन मूल्य भी लगभग 800 रुपए बढ़ाया गया है। कांग्रेस सरकार, दलहन और तिलहन फसलों की MSP पर खरीद भी ना के बराबर करती थी। कुछ दिन पहले मूंगफली के MSP में भी 500 रुपए की वृद्धि की गई है। बीते 9 वर्षों में मूंगफली का MSP, लगभग 2400 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है। हमारे किसान भाई-बहनों की जेब में ज्यादा से ज्यादा पैसे जाए, इसके लिए भाजपा सरकार प्रतिबद्ध है।

मेरे परिवारजनों,
भाजपा की डबल इंजन सरकार माताओं-बहनों-बेटियों के लिए समर्पित सरकार है। हमने गरीबों के लिए पक्के घर भी दिए, तो उसमें घर की मालकिन के नाम रजिस्ट्री का प्रावधान किया। माताओं बहनों के नाम पर मिलकर बनाई, वरना पहले तो हर संपत्ति पुरुष के नाम ही होती थी। माँ, बहन, बेटी को तकलीफ ना सहनी पड़े, इसलिए हमने टॉयलेट बनाए, मुफ्त गैस कनेक्शन दिया, बिजली कनेक्शन दिया। अब हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। यहां भी भाजपा सरकार ने लाड़ली बहना योजना जैसी अनेक योजना बनाई। ये सुविधाएं जिन बहनों के घर तक पहुंची हैं, उनमें से अधिकतर दलित बहने हैं, पिछड़े परिवारों की बहनें है और आदिवासी परिवार की बहने ही हैं।

मेरे परिवारजनों,
भाजपा के सेवाकाल में अब मध्य प्रदेश एक सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहा है। मध्य प्रदेश की एक नई पीढ़ी है, जो यहां भाजपा के विकास कार्यों को देखते-देखते ही बड़ी हुई है। मैं, फर्स्ट टाइम वोटर्स, अपने युवा साथियों को कहुंगा कि इस बार हर बूथ पर आपको नेतृत्व देना है। एमपी को देश के टॉप राज्यों में लाने के लिए हमें मिलकर काम करना है और मिलकर के कमल खिलाना है। आप इतनी बड़ी संख्या में लखनादौन आए हैं। लेकिन जो यहां नहीं आए, घर-घर जाएंगे आप लोग? घर-घर जाएंगे? ज़रा हाथ ऊपर करके बताइए घर घर जाएंगे? मैं आपको पूछ रहा हूँ घर घर जाएंगे? मैंने जो बातें बताई वो बताएंगे? कमल खिलाएंगे? हर बूथ पर कमल खिलाएंगे। अच्छा भाजपा के लिए तो काम करेंगे। चुनाव के लिए भी काम करेंगे। मेरे लिए काम करेंगे क्या? ऐसे नहीं, पूरी ताकत से बताओ तो बोलो। करेंगे क्या? ऐसे नहीं पूरी ताकत से बताओ तो बोलू। करेंगे क्या? ये चुनाव का काम नहीं है। मेरा निजी काम है, करोगे? पक्का करोगे? वादा करते हो? गारंटी? अच्छा तो मेरा एक काम करना। यहां से जाने के बाद ज्यादा से ज्यादा परिवारों में जाकर के मिलना। और उनको कहना कि हमारे मोदी जी लखनादौन आए थे। और उन्होंने आपको प्रणाम कहा है। सिवनी आए हैं। सिवनी आए हैं और उन्होंने प्रणाम कहा है, इतना कह देंगे। मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे? पक्का पहुंचा देंगे? हर घर पहुंचा देंगे? ये गारंटी? पक्की गारंटी? आपका बहुत बहुत धन्यवाद। भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की ... बहुत-बहुत धन्यवाद।

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!